Thursday, July 9, 2026
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विजयवर्गीय वीडीजी प्रथम निर्वाचित, चतुर ने जीता इंटरनेशनल डायरेक्टर इंडोर्स चुनाव

लायंस क्लब इंटरनेशनल के प्रांतिय अधिवेशन में 142 क्लबों के लायंस हुए शामिल

कोटा। लायंस क्लब इंटरनेशनल प्रांत 3233 ई-2 का 9वाँ प्रांतीय अधिवेशन ‘खुशियों की गूंज’ रविवार को झालावाड़ रोड स्थित आरटीओ के समीप एक निजी होटल में आयोजित हुआ। लायंस क्लब कोटा एवं लायंस क्लब कोटा साउथ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अधिवेशन में प्रांत के 142 क्लबों से 1200 से अधिक प्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।

अधिवेशन सलाहकार पीडीजी पूर्णिमा खंडेलवाल एवं राजेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में पास्ट इंटरनेशनल डायरेक्टर जितेन्द्र एस. चौहान मुख्य अतिथि, पीआईडी वी.के. लाडिया मुख्य वक्ता तथा जीएस होरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रांतपाल राम किशोर गर्ग व पीडीजी अनिल नाहर ने भी अपना प्रेरक उद्बोधन प्रस्तुत किया। सभी वक्ताओं ने लायनवाद की मूल भावना निस्वार्थ सेवा, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व पर बल देते हुए युवाओं से अधिकाधिक संख्या में सेवाकार्यों से जुड़ने का आह्वान किया।

साथ ही सरकार से माँग की गई कि लायंस क्लब को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए, ताकि सेवा गतिविधियों का विस्तार और प्रभाव और अधिक बढ़ सके। पीडीजी अनिल नाहर में भी मंच से अपने विचार रखे।

अधिवेशन में इस वर्ष दिवंगत हुए सदस्यों एवं पदाधिकारियों को मोमबत्ती प्रज्वलित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के दौरान 12 जोन के क्लबों द्वारा प्रस्तुत बैनर प्रेजेंटेशन में ‘बेटी बचाओ’, ‘गो ग्रीन’ और ‘बड़ों का सम्मान’ जैसे सामाजिक सरोकारों को हर्षोल्लास के साथ प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।

आयोजक क्लब के अध्यक्ष सोनल नंदवाना एवं राजकमल ऐरन ने बताया कि अधिवेशन के दौरान प्रांतीय पदों के चुनाव भी सम्पन्न हुए। वीडीजी प्रथम पद पर कोटा के सी.पी. विजयवर्गीय ध्वनिमत से निर्वाचित हुए।

वीडीजी द्वितीय पद के लिए हुए मतदान में 423 मत डाले गए, जिसमें जितेन्द्र मित्तल ने कविता मिण्डा (जैन) को पराजित कर विजय प्राप्त की। इंटरनेशनल डायरेक्टर इंडोर्स पद के लिए अरविंद चतुर एवं सुधीर सौगानी के बीच हुए कड़े मुकाबले में अरविंद चतुर विजयी रहे।

ऊर्जा मंत्री नागर ने विकास कार्यों में लापरवाही पर जताई कड़ी नाराजगी

कोटा/सांगोद/कनवास/ बपावर। राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने रविवार को कोटा जिले के सांगोद, कनवास और बपावर क्षेत्रों के ग्रामीण अंचलों का व्यापक दौरा किया।

एकदिवसीय प्रवास के दौरान मंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं, सड़क निर्माण और जनसुविधाओं का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यों में गुणवत्ता की कमी और लापरवाही पाए जाने पर मंत्री ने अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई।

इस दौरान सांगोद प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं, उप प्रधान ओम नागर अडूसा, क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष ओम मेहता, मंडल अध्यक्ष विजय शंकर सैनी, सत्यवान नागर भी साथ में मौजूद रहे।

​निरीक्षण के दौरान मंत्री नागर ने खजूरी और उमरहेड़ी तालाब के पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उमरहेड़ी तालाब की स्थिति देख मंत्री ने गहरा रोष व्यक्त किया।

उन्होंने पाया कि तालाब में पिचिंग और ड्रेसिंग का कार्य नियमानुसार नहीं किया गया था और पत्थर बाहर निकल रहे थे। जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता अनिल मीणा से जवाब-तलब करते हुए मंत्री ने पूछा, “क्या यह 40 लाख का काम है? अधूरा काम होने के बावजूद भुगतान कैसे किया गया?”

मंत्री ने खजूरी तालाब के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि तालाब से सीपेज रोकने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और गंदे पानी की निकासी के लिए अलग नाला बनाया जाए ताकि तालाब का पानी दूषित न हो।

दौरे के दौरान मंत्री ने सांगोद-बपावर-कवाई सड़क (SH-51) के नवीनीकरण, बपावरकलां में अटल प्रगति पथ और अरु नदी पर नवनिर्मित पुलिया की प्रगति जांची। शाम के समय उन्होंने चतरपुरा, राजगढ़ और मण्डीता में सड़क चौड़ीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया।

​जांच कमेटी के गठन और रिकवरी के निर्देश
​उमरहेड़ी तालाब के घटिया निर्माण को देखते हुए मंत्री नागर ने तत्काल जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि संबंधित ठेकेदार के पिछले 10 कार्यों की सूची बनाकर उनकी भी जांच की जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि
​अगर गुणवत्ताहीन कार्यों में सुधार नहीं हुआ, तो ठेकेदार से रिकवरी की जाएगी। यदि ठेकेदार भुगतान नहीं करता है, तो संबंधित अधिकारियों के वेतन से इसकी वसूली होगी।

शिक्षा और बुनियादी ढांचे की समीक्षा
​मंत्री ने गरमौडी, खेड़ली काकुनिया और बालूहेड़ा के राजकीय विद्यालयों का भी दौरा किया। एसडीआरएफ मद से निर्मित स्कूल की छतों के निर्माण कार्य को संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने अधिकारियों की क्लास लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के मंदिरों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

​जनसुनवाई और रात्रि चौपाल में दिए निस्तारण के निर्देश
​अपने दौरे के अंतिम चरण में मंत्री हीरालाल नागर ने रात्रि चौपाल का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मंत्री ने मौके पर ही मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के आदेश दिए। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है। ​इस दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

आवासन मंडल स्कूल में सामुदायिक सेवा सप्ताह का शुभारंभ

कोटा। श्री गिरधर गोपाल राजमल सर्राफ चैरिटेबल ट्रस्ट एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट एंड गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आवासन मंडल केशवपुरा में “सामुदायिक सेवा सप्ताह” का शुभारंभ उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सेवा, संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेसीआई कोटा स्टार के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल थे, जबकि अध्यक्षता स्काउट गाइड के जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सीओ रेलवे प्रवीण शर्मा, लीडर ट्रेनर देवी सिंह राजपूत एवं योगिता महावर उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत स्काउट-गाइड के सदस्यों एवं विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक तरीके से किया गया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि संजय गोयल ने कहा कि सामुदायिक सेवा सप्ताह जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने स्काउट-गाइड के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास युवाओं में सेवा भावना, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने कहा कि स्काउट-गाइड का मूल उद्देश्य ही सेवा है और इस प्रकार के अभियान समाज के हर वर्ग को जोड़ने का कार्य करते हैं।

विशिष्ट अतिथि प्रवीण शर्मा ने अपने उद्बोधन में पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए पानी और दाना उपलब्ध कराना मानवता का महत्वपूर्ण कर्तव्य है। लीडर ट्रेनर देवी सिंह राजपूत एवं योगिता महावर ने भी विद्यार्थियों को सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर स्काउट-गाइड के सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं को परिंदों के लिए परिंडे वितरित किए गए। साथ ही विद्यालय परिसर में पेड़ों पर परिंडे बांधकर पक्षियों के लिए दाना-पानी की समुचित व्यवस्था की गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लेते हुए पर्यावरण और जीव संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक सेवा सप्ताह के अंतर्गत आगामी दिनों में होने वाली विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई, जिनमें स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण जागरूकता, वृक्षारोपण तथा जनसेवा से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और सेवा सप्ताह को सफल बनाने का संकल्प लिया।

मॉडरेट रहा नीट: बायोलॉजी स्कोरिंग रही, फिजिक्स ने फंसाया: एजुकेटर नितिन विजय

कोटा। NEET UG 2026: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 रविवार को संपन्न हुई। इस बार का पेपर पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा आसान रहा। पेपर ओवरऑल कठिन नहीं था, लेकिन सवालों की शैली और लंबाई ने अभ्यर्थियों की टाइम मैनेजमेंट स्किल की कड़ी परीक्षा ली।

प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत सवाल एनसीईआरटी आधारित रहे, हालांकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री में 2-3 प्रश्न ऐसे रहे जिन्हें छात्रों ने अस्पष्ट अथवा बॉर्डरलाइन आउट-ऑफ-एनसीईआरटी माना जा सकता है।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि एनटीए ने इस बार भी स्पष्ट संकेत दिया है कि अब केवल एनसीईआरटी पढ़ लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कॉन्सेप्ट क्लैरिटी, स्पीड और एग्ज़ाम टेम्परामेंट ही रैंक तय करेंगे। उनके अनुसार पेपर बैलेंस्ड था, लेकिन जिसने स्पीड और एक्यूरेसी का संतुलन खोया, वह रेस में पीछे रह सकता है।

इस वर्ष भी फिजिक्स ने रैंक डिफरेंशिएटर की भूमिका निभाई। मैकेनिक्स, इलेक्ट्रोडायनामिक्स और मॉडर्न फिजिक्स से मजबूत व कॉन्सेप्चुअल सवाल पूछे गए। फिजिक्स में न्यूमेरिकल और थ्योरी आधारित सवालों का अनुपात लगभग 60:40 रहा। केमिस्ट्री में फिजिकल केमिस्ट्री के कैलकुलेशन-आधारित प्रश्नों ने समय लिया, जबकि इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री लगभग पूरी तरह एनसीईआरटी आधारित रही।

बायोलॉजी स्कोरिंग रही, लेकिन इसमें भी असर्शन-रीज़न और स्टेटमेंट-बेस्ड प्रश्नों की भरमार दिखी। ऐसे प्रश्नों की संख्या 30 से अधिक रही, जिसके कारण विशेषकर बॉटनी सेक्शन में छात्रों को अतिरिक्त समय देना पड़ा। डायग्राम, मैच-द-कॉलम और मल्टी-कॉन्सेप्ट प्रश्नों ने भी पेपर को अधिक एनालिटिकल बनाया।

नितिन विजय के अनुसार यह पेपर उन ड्रॉपर्स के लिए अधिक फेवरबल रहा, जिन्होंने पिछले प्रयास की गलतियों से सीखकर कॉन्सेप्ट क्लैरिटी और टेस्ट प्रैक्टिस पर फोकस किया था। वहीं फ्रेशर्स के लिए लेंदी पेपर एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। उन्होंने कहा, “एनसीईआरटी को सिर्फ पढ़ो मत, उसे जियो।”

अगले वर्ष के अभ्यर्थियों के लिए उन्होंने सलाह दी कि टाइम मैनेजमेंट और असर्शन-रीज़न आधारित प्रश्नों की प्रैक्टिस सफलता की कुंजी होगी। आदर्श अटेम्प्ट स्ट्रैटेजी वही रही जिसमें बायोलॉजी को लगभग 45 मिनट में समाप्त कर फिजिक्स को 70-80 मिनट दिए जाएं।

रैंक प्रेडिक्शन पर नितिन विजय ने बताया कि 650+ स्कोर पर टॉप 5,000 से 8,000 रैंक, 600+ स्कोर पर 25,000 से 30,000 रैंक तक की संभावना है। वहीं 550+ स्कोर पर स्टेट कोटा के माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेज की उम्मीद रखी जा सकती है।
कुल मिलाकर, नीट 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में केवल सिलेबस कवर करना पर्याप्त नहीं होगा; सफल वही होगा जो कॉन्सेप्ट, स्पीड और परीक्षा-रणनीति, तीनों में संतुलन बनाएगा।

मोशन ने जारी की आंसर-की
मोशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि एनटीए द्वारा आधिकारिक आंसर की बाद में उपलब्ध कराई जाएगी लेकिन मोशन एजुकेशन की ओर से परीक्षा के दो घंटे बाद ही अनौपचारिक आंसर-की जारी कर दी गई। इसके आधार पर छात्र अपने अंकों की गणना कर सकते हैं। मोशन की ओर से जारी आंसर की देख सकते हैं।

कितने नंबर पर आएगी कौन सी रैंक
अभ्यर्थियों को अपने लिए उपयुक्त मेडिकल कॉलेज के चयन में निर्णय लेने में मदद के लिए मोशन की वेबसाइट पर नीट रैंक और कॉलेज प्रिडिक्टर उपलब्ध करवाया गया है। इससे एग्जाम देने वालों को उनकी रैंक का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी। कॉलेज प्रिडिक्टर उन्हें उन संभावित कॉलेजों का अंदाजा देगा, जिनमें वे अपनी रैंक के आधार पर प्रवेश पा सकते हैं।

2.65 लाख सीटों के लिए हुआ एग्जाम
इस परीक्षा के माध्यम से मेडिकल, डेंटल, आयुष, वेटरनरी और चयनित नर्सिंग कॉलेजों में करीब 2.65 लाख सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। भारत में अब 820+ मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की लगभग 1 लाख 29+ सीटें उपलब्ध हैं। इनमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करीब 63,000+ तथा निजी/डीम्ड/अन्य मेडिकल कॉलेजों में लगभग 65,000+ सीटें शामिल हैं। इसके अलावा बीडीएस की लगभग 27 ,926 सीटें हैं। आयुष पाठ्यक्रम—बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस , बीवीएससी एवं एएच, तथा चयनित बीएससी नर्सिंग के लिए लगभग 67303 सीटें उपलब्ध हैं। इस प्रकार नीट के माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 2.65 लाख सीटों पर प्रवेश मिलना है।

होटल फेडरेशन की राज्य स्तरीय बैठक में हाड़ोती ट्रैवल मार्ट 2 की कार्ययोजना पेश

हाडोती ने पर्यटन मानचित्र पर अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया: हुसैन खान प्रदेश अध्यक्ष

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान की प्रदेश के पदाधिकारीयों एवं राजस्थान पर्यटन विभाग के अधिकारियों की एक बैठक रविवार कोजयपुर के एक निजी होटल में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान ने की।

बैठक में राजस्थान पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी संयुक्त निदेशक दिलीप सिंह राठौड़, लेखा अधिकारी ताराचंद मण्डीवाल, देवी सहाय जाट, सहायक लेखा अधिकारी बुदराम यादव एवं कनिष्ठ लेखाकार अविनाश नागर मौजूद थे।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के सचिव रणविजय सिंह ने बताया कि बैठक में होटल फेडरेशन के सह सचिव कृष्ण अवतार कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं प्रदेश पदाधिकारी सुभाष शर्मा, अंशुल सरावगी, भंवर यादव एवं जयपुर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप तिवारी सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक में राज्य के पर्यटन विकास को लेकर चर्चा हुई।

इस अवसर पर होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान ने कहा कि होटल फेडरेशन एवं पर्यटन विभाग के प्रयासों से राज्य के पर्यटन विकास को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊँचाइया प्रदान की जा रही है।

होटल फेडरेशन की सभी इकाइयां कोटा ,जोधपुर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, बीकानेर अपने-अपने क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हुसैन खान ने कहा कि हमने एक नए अध्याय के तहत पर्यटन विभाग के साथ मिलकर नई शुरुआत की है, जिसके तहत ट्रेवल मार्ट जैसा बड़ा आयोजन कोटा में सफलतापूर्वक आयोजित कर एक नए अध्याय की शुरुआत की है।

इस प्रयोग में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान और पर्यटन विभाग पूरी तरह से सफल रहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए कोटा डिवीजन के संभागीय के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी और उनकी टीम द्वारा किए गए अथक प्रयासों से इस आयोजन ने हाड़ोती के पर्यटन विकास का एक नया अध्याय शुरू किया है।

माहेश्वरी के प्रयासों से पिछले एक वर्ष में पर्यटन को दृष्टिगत रखते हुए इस तरह के आयोजन किये जाते रहे हैं। इससे हाड़ोती में पर्यटकों की आवाजाही में भारी बढ़ोतरी हुई है और फेडरेशन द्वारा राज्य के सभी पर्यटन स्थलों को हाड़ोती को जोड़े जाने के प्रयास चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य के पर्यटन विकास को देखते हुए हाड़ोती मुख्य सूत्रधार होगा, जो राज्य के पर्यटन विकास को गतिशीलता प्रदान करने के लिए अति आवश्यक साबित होगा।

कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट को ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व बनाने के लिए पर्यटन विभाग और होटल फेडरेशन और उनकी सभी संभागीय इकाइयों का हार्दिक आभार प्रकट किया। माहेश्वरी ने होटल फेडरेशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में 7 से 10 जनवरी 2027 को होने वाले कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट 2 की कार्य योजना का प्रस्ताव भी रखा।

इसके लिए पूरे प्रदेश के पदाधिकारियो से सहयोग मांगा एवं पर्यटन विभाग के समक्ष भी इस आयोजन का प्रस्ताव रखा। माहेश्वरी ने होटल फेडरेशन की सभी संभागीय ईकाइयों से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को हाड़ोती में भेजें एवं हाडोती के सुंदर पर्यटन स्थलों का अपने अपने स्तर पर प्रचार प्रसार करें।

माहेश्वरी ने कहा कि एक नई डेस्टिनेशन के रूप में हाड़ोती विकसित हो रही है. जिससे राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों से जोड़ने पर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आने वाले पर्यटकों की भारी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं हाड़ोती पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा निरंतर दिए जा रहे सहयोग पर उनका भी हार्दिक आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी संयुक्त निदेशक दिलीप सिंह राठौड़ ने कहा कि हाडोती में सभी तरह के पर्यटन स्थल का समावेश है। उन्होंने कहा कि कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट और इस दौरान किए गए रोड शो से हाड़ोती में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। आने वाले समय में होटल फेडरेशन के साथ मिलकर हाड़ोती का निरंतर प्रचार प्रसार एवं प्रमोशन करने के लिए हम पूर्ण तरह कटिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि अगर इस दिशा में निरन्तर प्रयास जारी रहे तो आने वाले समय में हाड़ोती राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र पर पहचान बनाएगा। इस अवसर पर कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए पर्यटन विभाग के सभी अधिकारियों का स्मृति चिन्ह प्रशस्ति पत्र देकर उनका हार्दिक अभिनंदन किया।

जिन्होंने कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की उनको भी स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अंत होटल फेडरेशन के प्रदेश सचिव रणविजय सिंह ने कहा कि होटल फेडरेशन आफ राजस्थान राज्य के पर्यटन विकास के लिए शीघ्र ही एक नई कार्य योजना बनाकर राज्य के सभी संभागों में बैठकें आयोजित करेगा।

नदी पार क्षेत्र में रोड कनेक्टिविटी सहित बुनियादी सुविधाओं का होगा विस्तार

लोकसभा अध्यक्ष ने कुन्हाड़ी-नान्ता क्षेत्र में किया विकास कार्यों का निरीक्षण

कोटा। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को शहर के नदी पार क्षेत्र में कुन्हाड़ी और नान्ता का दौरा कर प्रगतिरत और प्रस्तावित विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान केडीए, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा कर कार्यों की प्रगति पर चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शहर में बेहतर कनेक्टिविटी, सुव्यवस्थित यातायात और आधुनिक सुविधाओं के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए। साथ ही बूंदी रोड सहित सभी एंट्री पॉइंट्स पर भव्य प्रवेश द्वार बनाने की योजना के तहत चिन्हित स्थलों का निरीक्षण कर आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यकरण करने को कहा।

लोक सभा अध्यक्ष ने निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनभावनाओं के अनुरूप हों, ताकि शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित रूप दिया जा सके।

कोटा बैराज पुलिया के आसपास मरम्मत, लाइटिंग और सुरक्षा कार्य जल्द पूरे करने, विभिन्न सड़को के चौड़ाईकरण और चौराहों के पुनर्विकास की योजना बनाने के निर्देश भी दिए।

बिरला ने थर्मल चौराहे से रेलवे अंडरपास तक नहर किनारे सड़कों को मजबूत करने और सौंदर्यकरण पर भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा। आगे इस मार्ग को विकसित कर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की योजना बनाने को कहा।

कुन्हाड़ी क्षेत्र में नहर को कवर कर उसके ऊपर सड़क अथवा फुटपाथ विकसित करने तथा हरियाली बढ़ाने के निर्देश भी दिए, ताकि गंदगी और दुर्घटनाओं की समस्या कम हो सके।

उन्होंने विजयवीर स्टेडियम और वीर दुर्गादास राठौड़ स्टेडियम में सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। जिम उपकरण, फेंसिंग, प्रकाश व्यवस्था और ओपन जिम के उन्नयन सहित खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

नान्ता में स्थानीय जरूरतों के अनुसार विभिन्न विकास कार्य, ट्यूबवेल की मरम्मत, सामुदायिक सुविधाओं का विकास सहित अन्य कार्य कराने के निर्देश भी दिए।

तकनीकी कार्य के कारण कोटा मंडल से गुजरने वाली 11 गाड़ियाँ प्रभावित

4 गाड़ियाँ पूर्णतः निरस्त, 7 गाड़ियाँ आंशिक रूप से निरस्त रहेंगी

कोटा। उत्तर पश्चिम रेलवे के कनकपुरा यार्ड में लाइन विस्तार से संबंधित तकनीकी कार्य के चलते कोटा मंडल से होकर गुजरने वाली कुल 11 यात्री गाड़ियाँ निर्धारित तिथियों पर प्रभावित रहेंगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इनमें 4 गाड़ियाँ पूर्णतः निरस्त की गई हैं, जबकि 7 गाड़ियाँ आंशिक रूप से निरस्त रहेंगी।

पूर्णतः निरस्त गाड़ियाँ :

  1. गाड़ी संख्या 14814 भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस दिनांक 03.05.2026, 04.05.2026, 05.05.2026, 08.05.2026, 12.05.2026, 13.05.2026 एवं 14.05.2026 को भोपाल से जोधपुर के मध्य पूर्णतः निरस्त रहेगी।
  2. इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 14813 जोधपुर–भोपाल एक्सप्रेस दिनांक 02.05.2026, 03.05.2026, 04.05.2026, 05.05.2026, 07.05.2026, 11.05.2026, 12.05.2026 एवं 13.05.2026 को जोधपुर से भोपाल के मध्य पूर्णतः निरस्त रहेगी।
  3. गाड़ी संख्या 79601 अजमेर–गांगापुर सिटी डेमू एवं 79602 गांगापुर सिटी–अजमेर डेमू दिनांक 12.05.2026 को अपने-अपने मार्गों पर पूर्णतः निरस्त रहेंगी।

आंशिक रूप से निरस्त गाड़ियाँ

  1. गाड़ी संख्या 12195 आगरा फोर्ट–अजमेर इंटरसिटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस दिनांक 04.05.2026 से 06.05.2026, 09.05.2026 तथा 12.05.2026 से 15.05.2026 तक खातीपुरा–अजमेर के मध्य आंशिक रूप से निरस्त रहेगी।
  2. इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 12196 अजमेर–आगरा फोर्ट इंटरसिटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस उक्त तिथियों में अजमेर–खातीपुरा के मध्य आंशिक रूप से निरस्त रहेगी।
  3. गाड़ी संख्या 12181 जबलपुर–अजमेर दयोदय सुपरफास्ट एक्सप्रेस दिनांक 03.05.2026 से 05.05.2026, 08.05.2026 तथा 11.05.2026 से 14.05.2026 तक जयपुर–अजमेर के मध्य आंशिक रूप से निरस्त रहेगी।
  4. इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 12182 अजमेर–जबलपुर दयोदय सुपरफास्ट एक्सप्रेस दिनांक 04.05.2026 से 06.05.2026, 09.05.2026 तथा 12.05.2026 से 15.05.2026 तक अजमेर–जयपुर के मध्य आंशिक रूप से निरस्त रहेगी।
  5. गाड़ी संख्या 19624 दरभंगा–मदार अमृत भारत एक्सप्रेस दिनांक 03.05.2026 को खातीपुरा–मदार के मध्य आंशिक रूप से निरस्त रहेगी।
  6. गाड़ी संख्या 22175 नागपुर–जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस दिनांक 14.05.2026 को अजमेर–जयपुर के मध्य आंशिक रूप से निरस्त रहेगी।
  7. इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 22176 जयपुर–नागपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस दिनांक 15.05.2026 को जयपुर–अजमेर के मध्य आंशिक रूप से निरस्त रहेगी।

सेंसेक्स की चार शीर्ष कंपनियों की मार्केट कैप 2.20 लाख करोड़ रुपये बढ़ी, रिलायंस आगे

नई दिल्ली। Market Cap: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते हल्की बढ़त देखने को मिली, लेकिन उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा। छुट्टियों की वजह से छोटा रहा यह कारोबारी हफ्ता निवेशकों के लिए मिला-जुला रहा।

इस दौरान देश की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब 2.20 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इनमें सबसे ज्यादा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ।

अगर बाजार के प्रमुख सूचकांक की बात करें, तो बीएसई का सेंसेक्स पिछले हफ्ते 249.29 अंक यानी करीब 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह बढ़त भले ही बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन बाजार ने गिरावट से बचते हुए हफ्ते का अंत सकारात्मक नोट पर किया।

विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे हफ्ते बाजार में अस्थिरता बनी रही। कभी ग्लोबल संकेतों का असर दिखा तो कभी घरेलू फैक्टर्स ने दिशा तय की। इसी वजह से बाजार एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली, जिससे कंपनी के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ और यह इस हफ्ते की सबसे बड़ी गेनर बनकर उभरी।

रिलायंस के अलावा अन्य तीन कंपनियों के मार्केट वैल्यू में भी बढ़त दर्ज की गई, जिससे कुल मिलाकर इन चार कंपनियों का मूल्यांकन काफी मजबूत हुआ। हालांकि बाकी कंपनियों में उतार-चढ़ाव का असर देखा गया।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा के मुताबिक, बाजार ने हफ्ते का अंत मामूली बढ़त के साथ किया, लेकिन पूरे समय ट्रेडिंग काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। उनका कहना है कि वैश्विक और घरेलू दोनों तरह के संकेत साफ नहीं थे, जिसके चलते निवेशक भी सतर्क नजर आए।

सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे आगे रही। कंपनी के बाजार पूंजीकरण में करीब 1.39 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जिसके बाद इसकी कुल वैल्यू 19.36 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। इसके साथ ही रिलायंस देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही।

टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज भारती एयरटेल ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी की वैल्यूएशन में 43,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और इसका कुल बाजार पूंजीकरण 11.49 लाख करोड़ रुपये हो गया।

आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस के मार्केट कैप में भी लगभग 27,500 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इसके बाद कंपनी की कुल वैल्यू 8.94 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वहीं फाइनेंशियल सेक्टर की Bajaj Finance ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए करीब 9,400 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज की और इसकी वैल्यू 5.83 लाख करोड़ रुपये हो गई।

दूसरी ओर, कई बड़ी कंपनियों को इस दौरान नुकसान झेलना पड़ा। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक HDFC Bank के बाजार पूंजीकरण में लगभग 20,950 करोड़ रुपये की गिरावट आई, जिससे इसकी वैल्यू घटकर 11.87 लाख करोड़ रुपये रह गई।

इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक को भी बड़ा झटका लगा। एसबीआई की वैल्यू करीब 30,900 करोड़ रुपये कम होकर 9.85 लाख करोड़ रुपये पर आ गई। वहीं आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप सबसे ज्यादा घटा और इसमें करीब 45,300 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद बैंक की वैल्यू 9.04 लाख करोड़ रुपये रह गई।

एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर की वैल्यू में भी करीब 18,400 करोड़ रुपये की कमी आई। वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी का बाजार पूंजीकरण करीब 8,200 करोड़ रुपये घट गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनी लार्सन एंड टूब्रो में भी हल्की गिरावट देखने को मिली और इसकी वैल्यू करीब 178 करोड़ रुपये कम हो गई।

अगर कुल मिलाकर देखा जाए तो गिरावट झेलने वाली छह बड़ी कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण करीब 1.24 लाख करोड़ रुपये घट गया। इससे साफ है कि बाजार में एक तरफ जहां कुछ सेक्टर में मजबूती बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर बैंकिंग और कुछ अन्य सेक्टर दबाव में नजर आ रहे हैं।

रैंकिंग की बात करें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।

क्रशिंग मिलों की खरीदारी से सोयाबीन प्लांट डिलीवरी भाव 6000 रुपये ऊपर पहुंचे

नई दिल्ली। क्रशिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स से ज़बरदस्त खरीदारी के कारण, सोयाबीन प्लांट डिलीवरी की कीमतों में 25 अप्रैल से 1 मई के हफ़्ते के दौरान टॉप तीन उत्पादक राज्यों: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में काफ़ी उछाल देखा गया।

मध्य प्रदेश में यह कीमत 125 से 275 रुपये प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 200 से 400 रुपये प्रति क्विंटल और राजस्थान में 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी है। इस सीज़न में सोयाबीन के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) 5,328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि प्लांट डिलीवरी प्राइस बढ़कर 6,000 रुपये प्रति क्विंटल से काफ़ी ऊपर पहुँच गया है। इस डेवलपमेंट से किसानों को काफ़ी राहत मिली है और सरकारी एजेंसियों को भी अपना स्टॉक फ़ायदेमंद रेट पर बेचने का मौका मिला है।

प्लांट डिलेवरी भाव
हालांकि, सोयाबीन प्लांट डिलीवरी की कीमतों में देखी गई मज़बूत बढ़त के साथ रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमतें बढ़ने में नाकाम रहीं। रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमतों में 5 से 10 रुपये प्रति किलोग्राम का उतार-चढ़ाव देखा गया, जबकि महाराष्ट्र में कुछ यूनिट्स में कीमतें 20 रुपये प्रति 10 किलोग्राम तक कम हो गईं।

सोया रिफाइंड तेल
इस हफ़्ते, मुंबई में रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमतें अपने पिछले लेवल 1,450 रुपये प्रति 10 किलोग्राम और हल्दिया में 1,470 रुपये प्रति 10 किलोग्राम पर स्थिर रहीं। इस बीच, कोटा में कीमतें 10 रुपये बढ़कर 1,510 प्रति 10 किलोग्राम हो गईं, जबकि कांडला में कीमतें 5 रुपये घटकर 1,480 रुपये प्रति 10 किलोग्राम पर आ गईं। ग्लोबल मार्केट में, सोयाबीन तेल की कीमतें या तो स्थिर रहीं या थोड़ी नरम रहीं; हालांकि, टैरिफ वैल्यू में बढ़ोतरी और रुपये की कीमत में गिरावट के कारण इम्पोर्ट कॉस्ट थोड़ी बढ़ गई।

आवक
बड़े उत्पादक राज्यों के बाज़ारों में सोयाबीन के औसतन 130,000 से 135,000 बैग (हर एक 100 kg) रोज़ आ रहे हैं, और लगभग पूरी क्वांटिटी का ट्रेड हो रहा है। हालांकि सोयाबीन तेल की कीमतें स्थिर या नरम रही हैं, लेकिन महाराष्ट्र में सोया DOC (डी-ऑइल केक) की कीमतों में ₹3,000 से 5,000 प्रति टन की तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

विधानसभा चुनाव के नतीजे और कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी इस सप्ताह बाजार की चाल

नई दिल्ली। Stock Market This Week : इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की चाल कई अहम घरेलू और वैश्विक कारकों से तय होने वाली है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि खास तौर पर पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें निवेशकों की दिशा तय करेंगी।

सोमवार, 4 मई से पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना शुरू होगी। ऐसे में बाजार की नजर सबसे पहले इन चुनाव परिणामों पर रहेगी। निवेशक यह देखने की कोशिश करेंगे कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी भारतीय जनता पार्टी क्या पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को चुनौती दे पाती है या नहीं। साथ ही केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर खास दिलचस्पी बनी हुई है, जहां उसकी मौजूदगी फिलहाल सीमित है।

इस मुद्दे पर Hariprasad K, जो Livelong Wealth के संस्थापक और रिसर्च एनालिस्ट हैं, का कहना है कि इस समय बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर चुनाव नतीजे ही होंगे। उनके मुताबिक निवेशक खासतौर पर इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या केंद्र की सत्ताधारी पार्टी विपक्ष शासित राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत कर पाती है या नहीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव नतीजों का असर बाजार की धारणा पर पड़ सकता है। अगर परिणाम उम्मीद के अनुरूप रहते हैं तो बाजार में स्थिरता देखने को मिल सकती है, लेकिन अप्रत्याशित नतीजे आने पर उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर रहेगी। यह इलाका दुनिया में तेल आपूर्ति का एक बड़ा मार्ग है। यहां किसी भी तरह की बाधा आने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और कंपनियों की लागत भी बढ़ती है। इससे बाजार पर नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि इस हफ्ते निवेशक वैश्विक घटनाक्रम पर भी उतनी ही नजर रखेंगे जितनी घरेलू खबरों पर।

रिलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के एसवीपी रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ गया है। भारत जैसे देश, जो तेल आयात पर काफी निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति चिंता की बात है। महंगा कच्चा तेल न सिर्फ रुपये पर दबाव डालता है बल्कि कंपनियों के मुनाफे और सरकार के वित्तीय संतुलन को भी प्रभावित करता है।

इस हफ्ते बाजार की दिशा कई अहम घरेलू और वैश्विक संकेतों से तय होगी। निवेशकों की नजर मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों पर रहेगी, जिनमें 4 मई को मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई, 6 मई को सर्विसेज और कंपोजिट पीएमआई और 8 मई को विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े शामिल हैं। ये डेटा देश की आर्थिक स्थिति और मजबूती का संकेत देंगे।

कॉर्पोरेट जगत की बात करें तो कई बड़ी कंपनियां अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें अंबुजा सीमेंट्स, बीएचईएल, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज ऑटो जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों का असर उनके शेयरों के साथ पूरे बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, इस हफ्ते बाजार पूरी तरह खबरों के आधार पर चलेगा। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव, सीजफायर की स्थिति और कूटनीतिक बातचीत में क्या प्रगति होती है, इस पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी स्थिति और बिगड़ती है तो बाजार में और अधिक अस्थिरता आ सकती है।

वहीं स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च हेड संतोष मीणा का कहना है कि हफ्ते की शुरुआत में बाजार पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया दे सकता है, जिससे एक से दो दिन तक उतार-चढ़ाव रह सकता है। हालांकि उनका मानना है कि सबसे बड़ा फोकस कच्चे तेल की कीमतों पर ही रहेगा।

उन्होंने कहा कि हाल ही में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने के बाद थोड़ी नरम हुई हैं, लेकिन अगर इनमें फिर से तेजी आती है तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं कीमतों में गिरावट निवेशकों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और रुपये की चाल भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। पिछले हफ्ते की बात करें तो छुट्टियों के कारण कारोबार कम दिनों का रहा, लेकिन इसके बावजूद बाजार में हल्की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स करीब 249 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी में लगभग 100 अंकों की बढ़त देखने को मिली।