Wednesday, June 24, 2026
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पुस्तकालय एआई से प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे, बल्कि समाज को नई दिशा देंगे: डॉ दीपक

कोटा। राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा के संभागीय पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अब पुस्तकालयों के लिए भविष्य की अवधारणा नहीं, बल्कि वर्तमान में ज्ञान सेवाओं को परिवर्तित करने वाली वास्तविक शक्ति बन चुकी है।

वे नई दिल्ली में आयोजित प्रेक्टीकल इंप्लीकेशन ऑफ आर्टीफ़ीसियल इंटेलीजेन्स इन मॉडर्न पब्लिक लाईब्रेरीज : ट्रांसफोर्मिंग सर्विसेज , एम्पावरींग कम्युनिटीज़विषय पर अपने विचार प्रस्तुत कर रहे थे।

डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सार्वजनिक पुस्तकालयों को केवल सूचना भंडार से आगे बढ़ाकर बुद्धिमान, समावेशी एवं समुदाय-केंद्रित ज्ञान तंत्र में परिवर्तित कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुस्तकालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रश्न केवल तकनीक का नहीं, बल्कि सामाजिक, नैतिक, शैक्षिक एवं मानवीय मूल्यों का भी है।

अपने व्याख्यान में उन्होंने पुस्तकालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यावहारिक उपयोगों जैसे बुद्धिमान खोज प्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कैटलॉगिंग, उपयोगकर्ता सहायता हेतु चैटबॉट, संग्रह प्रबंधन में प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, अभिलेखों का डिजिटलीकरण तथा दृष्टिबाधित पाठकों के लिए सुलभता तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) बहुभाषीय सेवाओं, व्यक्तिगत सूचना खोज तथा वंचित समुदायों के डिजिटल समावेशन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि आने वाले समय में पुस्तकालयों की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) साक्षरता के प्रमुख केंद्र बनेंगे, जहाँ नागरिकों को नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपयोग, फेक न्यूज, डीपफेक, एल्गोरिदमिक पक्षपात तथा डिजिटल सत्यापन के बारे में जागरूक किया जाएगा।

उनके अनुसार भविष्य के पुस्तकालय AI से प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे, बल्कि समाज को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को समझने और जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की दिशा देंगे।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पुस्तकालयाध्यक्षों का स्थान नहीं लेगा, लेकिन जो पेशेवर तकनीकी परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को विकसित नहीं करेंगे, वे प्रासंगिकता खो सकते हैं। उन्होंने पुस्तकालय पेशेवरों के लिए निरंतर प्रशिक्षण, अंतर्विषयी अध्ययन तथा तकनीकी दक्षता को आवश्यक बताया।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों (यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका , श्रीलंका) के विद्वानों, शोधकर्ताओं, पुस्तकालय विज्ञान विशेषज्ञों एवं तकनीकी पेशेवरों ने भाग लिया।

गीता भवन में लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने रखी राधा-कृष्ण मंदिर के निर्माण की आधारशिला

समारोह में निर्माण कार्य में सहयोग देने वाले भामाशाहों का किया विशेष सम्मान

कोटा। आध्यात्मिक सेवा केंद्र ‘गीता भवन’ के 60 साल पुराने श्री राधा-कृष्ण मंदिर के कायाकल्प की ऐतिहासिक शुरुआत शनिवार को हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वैदिक रीति से भूमि पूजन कर नवीन मंदिर का शिलान्यास किया।

समारोह में क्षेत्रीय विधायक संदीप शर्मा, भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन और नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मंदिर निर्माण के पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले उन भामाशाहों का विशेष सम्मान किया गया। जिन्होंने लगभग 45 लाख रुपए की प्रारंभिक राशि दान स्वरूप भेंट की है।

शिलान्यास के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गीता भवन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह स्थान आध्यात्मिक चेतना और ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का जीवंत केंद्र बन चुका है।

बिरला ने इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का युग बताते हुए कहा कि अयोध्या के श्री राम मंदिर से लेकर काशी, महाकाल और राजस्थान के खाटू श्याम व सालासर धाम जैसे आस्था के केंद्रों का पुनर्निर्माण आज दुनिया को शांति का संदेश दे रहा है।

उन्होंने कोटा के मथुराधीश जी मंदिर और गोदावरी धाम जैसे स्थानीय तीर्थों के विकास का भी जिक्र किया और घोषणा की कि इंदरगढ़ माताजी मंदिर में जल्द ही रोपवे का निर्माण होगा। जिससे पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि गीता भवन चिकित्सा और भोजन के क्षेत्र में भी अनुकरणीय कार्य कर रहा है और जल्द ही मथुराधीश जी कॉरिडोर का निर्माण भी शुरू होगा। समारोह में निर्माण संयोजक कृष्ण कुमार खंडेलवाल, सह-संयोजक कुंती मूंदड़ा, मंत्री रामेश्वर प्रसाद विजय, कोषाध्यक्ष गिरिराज गुप्ता, सहसंयोजक कुंती मूंदड़ा, महेंद्र मित्तल सहित प्रबंधन समिति के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विस्तार और आधुनिक सुविधाओं का होगा संगम
गीता भवन के अध्यक्ष गोवर्धन खंडेलवाल ने मंदिर के तकनीकी पक्षों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान ढांचा 60 वर्ष पुराना और चूने से बना था। जो वर्तमान की बढ़ती भीड़ के लिए छोटा पड़ रहा था। पहले का हॉल मात्र 1350 वर्ग फीट (30 गुणा 45) का था। जिसे अब विस्तारित कर लगभग 7038 वर्ग फीट (102 गुणा 69) का भव्य रूप दिया जा रहा है। कुल 12 हजार वर्ग फीट के निर्मित क्षेत्रफल वाला यह नया मंदिर दो मंजिला होगा। इसमें पहली बार परिक्रमा मार्ग की व्यवस्था की गई है। साथ ही मुख्य हॉल के साथ-साथ फ्रंट व साइड बरामदे, आधुनिक प्याऊ, कार्यालय और स्टोर का निर्माण भी किया जाएगा।

कलात्मक चित्रण और जन्माष्टमी तक निर्माण का लक्ष्य
प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि मंदिर के प्रथम तल को विशेष रूप से कलात्मक और दर्शनीय बनाया जाएगा। यहाँ भगवान श्री कृष्ण की विविध लीलाओं और श्रीमद्भगवद्गीता के अनमोल उपदेशों का जीवंत चित्रण किया जाएगा। जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

लगभग 2 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाले इस मंदिर के निर्माण में विशेषज्ञ वास्तुकारों और सोमपुरा शिल्पकारों की मदद ली जा रही है। निर्माण समिति ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि आगामी श्री कृष्ण जन्माष्टमी तक इस भव्य ढांचे को पूर्ण कर लिया जाए ताकि श्रद्धालु नए स्वरूप के दर्शन कर सकें।

दो प्रसूताओं की मौत के बाद ड्रग कंट्रोल विभाग ने 24 दवाओं पर लगाया प्रतिबंध

कोटा। राजस्थान के कोटा मेडिकल कॉलेज में सीजेरियन डिलीवरी के बाद दो प्रसूताओं की मौत और कई मरीजों की हालत बिगड़ने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बड़ा कदम उठाते हुए गायनी वार्ड में उपयोग होने वाली 24 प्रकार की दवाइयों और मेडिकल उपकरणों के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी है। यह रोक जांच रिपोर्ट आने तक प्रभावी रहेगी।

सूत्रों के अनुसार, कोटा मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में हाल ही में सीजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद दो महिलाओं की मौत हो गई, जिससे अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती आशंका के आधार पर दवाओं और मेडिकल सप्लाई की गुणवत्ता पर सवाल उठे, जिसके बाद जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।

ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने जांच के मद्देनजर कोटा मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में ऑपरेशन के बाद उपयोग होने वाली 24 प्रकार की दवाइयों और उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इनमें कई महत्वपूर्ण मेडिकल सामग्री शामिल हैं, जिनका उपयोग सीजेरियन ऑपरेशन के बाद मरीजों के उपचार में किया जाता है।

ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने इस मामले में अलग-अलग पत्र जारी कर राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) और प्रदेश के सभी दवा विक्रेताओं—रिटेलर और होलसेलर—को निर्देश दिए हैं कि वे इन दवाइयों की सप्लाई तत्काल प्रभाव से रोक दें।

निशुल्क दवा योजना की सप्लाई भी जांच के घेरे में
इन 24 दवाइयों में से 15 दवाइयां ऐसी हैं, जो राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत RMSCL द्वारा कोटा मेडिकल कॉलेज को सप्लाई की गई थीं। इनमें आईवी सेट, सिरिंज, ग्लूकोस की बोतलें और विभिन्न प्रकार के इंजेक्शन शामिल हैं, जिनका उपयोग ऑपरेशन के बाद मरीजों के उपचार में किया जाता है। इन दवाइयों की गुणवत्ता और उपयोग को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसके चलते इनकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

9 दवाइयों की भी जांच
इसके अलावा 9 अन्य दवाइयां और मेडिकल उपकरण भी जांच के दायरे में हैं, जिन्हें कोटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर खरीद कर मरीजों में उपयोग किया था। इनमें भी इंजेक्शन, ग्लूकोस बोतल, आईवी सेट और कैथेटर जैसी सामग्री शामिल है।

ड्रग कंट्रोल विभाग ने इन सभी स्थानीय स्तर पर खरीदी गई दवाइयों के सैंपल जांच के लिए ले लिए हैं और रिपोर्ट आने तक इनके उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है।

सप्लाई और बिक्री पर भी सख्ती, पूरे प्रदेश में अलर्ट
ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन 15 लिस्टेड दवाइयों की सप्लाई किसी भी अन्य सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में नहीं की जाएगी। साथ ही, इन दवाओं की सप्लाई चेन को पूरी तरह रोकने के आदेश दिए गए हैं।

इसके अलावा जिन 9 दवाइयों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, उनकी बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। इसके लिए प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोर, रिटेलर्स और होलसेलर्स को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगा आगे का कदम
ड्रग कंट्रोल विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए यह अस्थायी रोक लगाई गई है।

इस घटना के बाद कोटा मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि क्या दवाइयों की गुणवत्ता में कमी थी या फिर किसी अन्य कारण से यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और स्वास्थ्य विभाग इसे गंभीरता से लेकर आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है।

तमिलनाडु की सियासत में भारी उथल-पुथल, 118 के आंकड़े से दूर विजय की पार्टी

चेन्नई। तमिलनाडु की सियासत में इस समय भारी उथल-पुथल मची हुई है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) बहुमत के बेहद करीब पहुंचकर भी जादुई आंकड़े से दूर खड़ी नजर आ रही है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर और विजय के बीच मुलाकातों का दौर जारी है, लेकिन सरकार गठन की तस्वीर अब तक साफ नहीं हो सकी है।

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। हालिया चुनाव में विजय की पार्टी TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।

हालांकि, विजय ने खुद दो सीटों से चुनाव जीता है। नियमानुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे उनकी प्रभावी सदस्य संख्या 107 रह गई है। बहुमत के लिए विजय को अब भी 11 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

टीवीके के पास फिलहाल 107 विधायक हैं। कांग्रेस के पांच, बाहरी समर्थन के साथ सीपीआई के दो, सीपीआईएम के दो विधायकों का बिना शर्त बाहर से समर्थन है। इसके बाद भी कुल विधायकों की संख्या 116 है। जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए विजय को अब भी 2 और विधायकों की दरकार है।

सरकार गठन की प्रक्रिया उस समय विवादों में घिर गई जब TTV दिनाकरण की पार्टी अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) ने TVK के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दिनाकरण ने आरोप लगाया कि विजय की पार्टी ने उनके एकमात्र विधायक एस. कामराज का एक ‘फर्जी समर्थन पत्र’ राज्यपाल को सौंपा है। उन्होंने इसे ‘लोकतंत्र का मजाक’ और ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ करार दिया।

टीवीके ने पलटवार करते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें विधायक कामराज कथित तौर पर खुद समर्थन पत्र लिखते हुए और विजय को समर्थन देने की बात कहते नजर आ रहे हैं। टीवीके का दावा है कि कामराज ने दिनाकरण की सहमति से ही यह कदम उठाया था।

दिनाकरण का कहना है कि उनके विधायक से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उन्हें ‘पोच’ (अवैध रूप से अपने पाले में करना) किया गया है। AMMK ने स्पष्ट किया है कि वे AIADMK के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन के साथ हैं।

विजय को समर्थन देने वाले दलों ने अपनी-अपनी शर्तें और दावे पेश किए हैं। कांग्रेस ने TVK को समर्थन तो दिया है, लेकिन शर्त रखी है कि गठबंधन में किसी भी सांप्रदायिक ताकत को जगह नहीं दी जाएगी। बदले में टीवीके ने कांग्रेस को दो मंत्री पद और एक राज्यसभा सीट का प्रस्ताव दिया है।

वामपंथी दल 4 सीटों के साथ CPI और CPI(M) ने राज्य में राष्ट्रपति शासन से बचने और बीजेपी को रोकने के लिए टीवीके को बाहरी समर्थन दिया है। वे सरकार में शामिल नहीं होंगे। वीसीके के समर्थन को लेकर भारी असमंजस है।

शुक्रवार शाम पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल से समर्थन का ट्वीट किया गया, लेकिन उसे तुरंत डिलीट कर दिया गया। खबर है कि वीसीके एक उप मुख्यमंत्री पद और कैबिनेट बर्थ के लिए हार्ड बार्गेनिंग कर रही है। मुस्लिम लीग ने पहले समर्थन के संकेत दिए थे, लेकिन बाद में यू-टर्न लेते हुए साफ कर दिया कि वे डीएमके गठबंधन के साथ ही बने रहेंगे।

राज्यपाल का फैसला बाकी
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय की सरकार बनाने की दावेदारी को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है। राज्यपाल का रुख स्पष्ट है कि बिना 118 विधायकों के लिखित और सत्यापित समर्थन के वे किसी को आमंत्रित नहीं करेंगे।

पश्चिम बंगाल: नए सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों ने भी ली शपथ

समारोह के बाद पीएम मोदी ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को दंडवत प्रमाण किया

कोलकाता। Bengal CM Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई और शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी पीएम मोदी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष समेत चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के बाद पीएम मोदी ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को दंडवत प्रमाण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्यों को बधाई दी। शुभेंदु अधिकारी के साथ इन पांच विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली हैं।

इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु, निशिथ प्रमाणिक शामिल हैं। नए सीएम बने शुभेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर लिया आशीर्वा

प्लग एंड प्ले एवं स्पोर्ट्स फैसिलिटी में इच्छुक निवेशकों के लिए सुनहरा मौका

कोटा। अगर आप उद्योग लगाना चाहते हैं और भूखण्ड के साथ-साथ तैयार बुनियादी ढाँचा भी चाहते हैं तो राजस्थान सरकार का उपक्रम रीको आपके लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है।

रीको ने प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले सुविधाओं तथा स्पोर्ट्स फैसिलिटी के विकास हेतु कुल 24 भूखण्ड किराये पर आवंटित करने की घोषणा की है। इसके अंतर्गत राज्यभर के विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में ‘प्लग एंड प्ले’ तथा स्पोर्ट्स फैसिलिटी के लिए भूखण्डों का आवंटन रेंटल बेसिस पर ई-बिडिंग के माध्यम से किया जाएगा।

रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक, कोटा वी.के. विजय ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ अभियान की कड़ी में उठाया गया यह कदम राज्य में औद्योगिक निवेश को नई गति देने और औद्योगिक क्षेत्रों में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। कोटा शहर में स्पोर्ट्स फैसिलिटी विकसित करने के लिए REIZ- इन्द्रप्रस्थ, कोटा में 2018 वर्गमीटर का 1 भूखण्ड एवं REIZ-एग्रो फूड पार्क, रानपुर-कोटा में 3758 वर्गमीटर का 1 भूखण्ड उपलब्ध हैं।

रीको के इकाई प्रभारी वी.के.विजय ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में खेल गतिविधियों को विस्तार देने के लिए यह प्रयास किया गया है जिसमें निर्धारित नियमों पर 15 वर्ष के लिए इच्छुक निवेशकों को रेंटल बेसिस पर खेल गतिविधियो का परिसर एवं उद्योग लगाने हेतु ‘प्लग एण्ड प्ले’ का परिसर विकसित करने के लिए मिल सकेगा, जिसमें एक वर्ष का मोरेटोरियम दिया जायेगा।

आवश्यकता अनुसार इसे आगे 10 वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा। आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। इच्छुक निवेशकSSO Portal या रीको की आधिकारिक वेबसाइट riico.rajasthan.gov.in के माध्यम से ‘Rental Property’ लिंक पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया 6 मई 2026 प्रातः 10 बजे से प्रारंभ कर दी गई है और 20 मई 2026 सायं 6 बजे तक चलेगी, जबकि ऑनलाइन बिडिंग 21 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी।

Forex Reserve: विदेशी मुद्रा भंडार में 7.79 अरब डॉलर की भारी गिरावट

मुंबई। Forex Reserve: ईरान-इजरायल युद्ध (Iran-Israel War) की वजह से बीते सप्ताह अपने विदेशी मुद्रा भंडार में $7.79 billion की गिरावट की आई। इससे एक सप्ताह पहले भी भंडार में $4.82 billion की कमी हुई थी। इससे पहले, अप्रैल के शुरुआती तीन सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $14 billion से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक एक मई 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $7.794 billion की कमी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले भी इसमें $4.82 billion की कमी हुई थी। अब अपना विदेशी मुद्रा भंडार घट कर $690.693 billion तक गिर गया है। इससे पहले 27 फरवरी 2026 को अपना भंडार बढ़ कर $728.494 billion के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था।

FCA भंडार में हुई कमी
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 01 मई 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Asset) में $2.797 billion की कमी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले भी इसमें $2.841 billion की कमी हुई थी। अब अपना एफसीए भंडार घट कर $551.825 billion का रह गया है। उल्लेखनीय है कि देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (FCA) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।

गोल्ड रिजर्व भी घटा
आलोच्य सप्ताह के दौरान रिजर्व बैंक के सोने के भंडार (Gold Reserve) की वैल्यू में $5.021 billion की कमी हुई। एक सप्ताह पहले भी इसमें $1.897 billion की कमी हुई थी। अब अपने सोने के भंडार का वैल्यू घट कर $115.216 billion का रह गया है। उल्लेखनीय है कि मार्च 2026 के अंत में आरबीआई के पास सोने का भंडार 880.52 टन का हो गया है। यह देश के कुल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का करीब 16.7% बैठता है। इसके मूल्य में कमी होती है यह कुल विदेशी मुद्रा भंडार को प्रभावित करता है।

एसडीआर में मामूली बढ़ोतरी
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (SDR) में मामूली बढ़ोतरी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर में $15 million की बढ़ोतरी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले इसमें $67 million की कमी हुई थी। अब यह बढ़ कर $18.789 billion का हो गया है। इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे हुए देश के रिजर्व मुद्रा भंडार में भी $8 million की वृद्धि हुई है। इस समय अपना आईएमएफ रिजर्व $4.863 billion का है।

Turmeric: हाजिर में उठाव कम होने के कारण हल्दी की कीमतों में गिरावट रही

नई दिल्ली। Turmeric prices: चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के भाव नरमी के साथ बोले गए। हालांकि उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर नई हल्दी की आवक आशानुरूप नहीं हुई। लेकिन हाजिर में उठाव कम होने के कारण कीमतों में नरमी रही। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान भावों में अधिक मन्दा संभव नहीं है क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्य इरोड, निजामाबाद एवं सांगली लाइन पर अधिकांश माल की आवक शुरू हो चुकी है।

जबकि आगामी दिनों में केवल मराठवाड़ा लाइन पर हल्दी की आवक अच्छी रहेगी। अन्य क्षेत्रों में आवक घटने लगी है। प्रतिकूल मौसम के चलते चालू सीजन के दौरान हल्दी का उत्पादन आशानुरूप नहीं हो पाएगा।

उल्लेखनीय है कि उत्पादक केन्द्रों पर हल्दी की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 30/35 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की गई थी लेकिन बिजाई पश्चात मौसम प्रतिकूल होने से ईरोड लाइन को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में फसल को नुकसान हुआ है। जिस कारण इस वर्ष देश में हल्दी का उत्पादन 80/82 लाख बोरी तक ही सिमट जाने की संभावना है जबकि गत वर्ष उत्पादन 70/75 लाख बोरी का रहा था।

जानकार सूत्रों का कहना है कि निजामाबाद लाइन पर अधिकांश माल की आवक मंडियों में हो जाने के कारण दैनिक आवक घटकर 4/5 हजार बोरी की रह गई है। सूत्रों का मानना है कि निजामाबाद लाइन पर अभी तक 9/10 लाख बोरी हल्दी की आवक हो चुकी है जबकि कुल उत्पादन 12/13 लाख बोरी का माना गया है।

इरोड लाइन पर भी लगभग 8/9 लाख बोरी हल्दी की आवक हो चुकी है जबकि उत्पादन 13/14 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे है। सांगली लाइन पर भी लगभग 70/75 प्रतिशत माल आने के समाचार रहे जबकि सांगली लाइन पर इस वर्ष पैदावार 10/12 लाख बोरी मानी जा रही है।

मराठवाड़ा लाइन पर नए मालों की आवक आशानुरूप नहीं बढ़ रही है क्योंकि भाव कम मिलने के कारण किसानों ने माल रोकना शुरू कर दिया है। नान्देड मंडी में 4/5 हजार बोरी की आवक हो रही जबकि बसमत में 8/10 हजार बोरी की आवक चल रही है।

हिंगोली में भी आवक सीमित चल रही। मराठवाड़ा लाइन पर इस वर्ष हल्दी का उत्पादन 30/32 लाख बोरी होने के अनुमान है। इसके अलावा वारंगल एवं दुगीराला लाइन पर आवक अनुमानों की तुलना में कम है। वारंगल में आवक 2500/3000 बोरी एवं दुगीराला 1500/2000 बोरी की हो रही है।

चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के भाव मंदे के साथ बोले गए। कमजोर मांग एवं वायदा में भी भाव दबे रहने के कारण उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर हल्दी के भाव 200/300 रुपए प्रति क्विंटल मंदे के साथ बोले गए।

दिल्ली बाजार में भी हल्दी सिंगल पोलिश गट्ठा के भाव घटकर 150/152 रुपए पर आ गए है जोकि गत दिनों 155/156 रुपए बोले जा रहे थे। सूत्रों का मानना है कि वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे के आसार नहीं है। क्योंकि पैदावार में कमी एवं स्टॉक भी कम रह जाने के कारण आगामी दिनों में भाव तेज रहने की संभावना है।

मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह अप्रैल-जनवरी- 2026 के दौरान हल्दी का निर्यात 151933 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 2445.51 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जनवरी – 2025 में हल्दी का निर्यात 148691 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 2425.87 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 176325 टन का रहा था।

रेड क्रॉस दिवस: TB मरीजों को पोषण किट भेंट, रक्तदान जागरूकता अभियान आयोजित

कोटा। World Red Cross Day: विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी कोटा द्वारा शुक्रवार को सेवा, समर्पण और मानवता को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा कोटा के अध्यक्ष पीयूष समारिया मुख्य अतिथि तथा सोसायटी के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

स्टेट सेक्रेटरी जगदीश जिंदल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने जिला कलेक्टर पीयूष समारिया को विश्व रेडक्रॉस दिवस की थीम “मानवता में एकता” का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर टीबी मुक्त भारत-निक्षय योजना शिविर के अंतर्गत 100 टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की गईं। साथ ही रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया जिसमें 21 यूनिट रक्तदान एकत्रित हुआ।

विश्व रेड क्रॉस दिवस की थीम “मानवता में एकता” पर आधारित सामाजिक जागरूकता पोस्टर का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि रेड क्रॉस ने आपदा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सहायता के क्षेत्र में सदैव मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कोटा शाखा द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं वॉलंटियर्स की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए समाजहित में इसी प्रकार सक्रिय बने रहने का आह्वान किया।

चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने सभी को विश्व रेड क्रॉस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए जिला शाखा की विभिन्न गतिविधियों एवं सेवा परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सोसाइटी भविष्य में भी जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा के वाइस चेयरमैन मोहनलाल राव, सचिव रिछपाल पारीक, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण नैनानी, डायरेक्टर महेंद्र कुमार शर्मा, जगदीश जिंदल, अशोक मीणा, सुभाष जैन, कपूरचंद सिंघल, महेशचंद अजमेरा एवं सुरेश काबरा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सीएमएचओ कार्यालय से जगदीश नागर तथा एमबीएस हॉस्पिटल के अधीक्षक धर्मराज मीणा ने भी सहभागिता निभाई।

भारत वैश्विक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है: डॉ. दीपक वोहरा

‘द जामवंत सीरीज़’ संगोष्ठी में बोले राजदूत, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम

कोटा। विश्वविद्यालय कोटा एवं दिवाथर्व विकास फाउंडेशन (DVF) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “द जामवंत सीरीज़” राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ राजनयिक डॉ. दीपक वोहरा ने कहा कि वर्तमान समय में भारत की कूटनीति और विदेश नीति विश्व स्तर पर नई पहचान बना रही है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को वैश्विक समर्थन मिल रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण है। इनमें नौ इस्लामिक देशों का शामिल होना विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तीव्र गति से आगे बढ़ रही है और देश आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भारत प्रतिदिन 12 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछा रहा है, वहीं 100 घंटों में 100 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे निर्माण जैसे कार्य विश्व स्तर पर भारत की कार्यक्षमता को प्रदर्शित करते हैं।

उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे पुल सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब केवल विकासशील राष्ट्र नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अग्रसर शक्ति बन चुका है।

डॉ. वोहरा ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि देश की आबादी में प्रत्येक चौथा व्यक्ति विद्यार्थी है। यह भारत की जनशक्ति और भविष्य की संभावनाओं का सबसे बड़ा आधार है।

उन्होंने कहा कि आज 100 से अधिक देश भारत से रक्षा उपकरण और आयुध खरीद रहे हैं, जो आत्मनिर्भर भारत और रक्षा क्षेत्र में बढ़ती क्षमता का प्रतीक है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत ने आभार व्यक्त करते हुए भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत केवल भूभाग का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि वंदन और अभिनंदन की भूमि है। यहां की हर नदी और हर कण में गंगा की पवित्रता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का भाव समाहित है।

उन्होंने कहा कि भारत के लिए जीने और भारत माता के लिए समर्पित रहने की भावना ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है।आरटीयू के कुलगुरू निमित चौधरी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

फाउंडेशन की निदेशक अनिता चौहान एवं कोटा विवि में डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो.डॉ. नीलू चौहान ने बताया कि DVF सलाहकार के. बी. नंदवाना ने संगठनात्मक विकास और सामाजिक सहभागिता पर विचार रखे।

जबकि विश्वविद्यालय की डीन छात्र कल्याण डॉ. नीलू चौहान ने छात्र नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

ISTD कोटा के अध्यक्ष डॉ. अमित एस. राठौड़ एवं ISTD देहरादून के अध्यक्ष अनुप कुमार ने कौशल विकास एवं प्रशिक्षण आधारित शिक्षा की उपयोगिता को रेखांकित किया।

संगोष्ठी में शिक्षाविदों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम में भारत की सभ्यतागत चेतना, वैश्विक भूमिका और युवा नेतृत्व जैसे विषयों पर गंभीर एवं व्यापक विमर्श हुआ।