भारत वैश्विक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है: डॉ. दीपक वोहरा

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‘द जामवंत सीरीज़’ संगोष्ठी में बोले राजदूत, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम

कोटा। विश्वविद्यालय कोटा एवं दिवाथर्व विकास फाउंडेशन (DVF) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “द जामवंत सीरीज़” राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ राजनयिक डॉ. दीपक वोहरा ने कहा कि वर्तमान समय में भारत की कूटनीति और विदेश नीति विश्व स्तर पर नई पहचान बना रही है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को वैश्विक समर्थन मिल रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण है। इनमें नौ इस्लामिक देशों का शामिल होना विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तीव्र गति से आगे बढ़ रही है और देश आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भारत प्रतिदिन 12 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछा रहा है, वहीं 100 घंटों में 100 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे निर्माण जैसे कार्य विश्व स्तर पर भारत की कार्यक्षमता को प्रदर्शित करते हैं।

उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे पुल सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब केवल विकासशील राष्ट्र नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अग्रसर शक्ति बन चुका है।

डॉ. वोहरा ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि देश की आबादी में प्रत्येक चौथा व्यक्ति विद्यार्थी है। यह भारत की जनशक्ति और भविष्य की संभावनाओं का सबसे बड़ा आधार है।

उन्होंने कहा कि आज 100 से अधिक देश भारत से रक्षा उपकरण और आयुध खरीद रहे हैं, जो आत्मनिर्भर भारत और रक्षा क्षेत्र में बढ़ती क्षमता का प्रतीक है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत ने आभार व्यक्त करते हुए भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत केवल भूभाग का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि वंदन और अभिनंदन की भूमि है। यहां की हर नदी और हर कण में गंगा की पवित्रता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का भाव समाहित है।

उन्होंने कहा कि भारत के लिए जीने और भारत माता के लिए समर्पित रहने की भावना ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है।आरटीयू के कुलगुरू निमित चौधरी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

फाउंडेशन की निदेशक अनिता चौहान एवं कोटा विवि में डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो.डॉ. नीलू चौहान ने बताया कि DVF सलाहकार के. बी. नंदवाना ने संगठनात्मक विकास और सामाजिक सहभागिता पर विचार रखे।

जबकि विश्वविद्यालय की डीन छात्र कल्याण डॉ. नीलू चौहान ने छात्र नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

ISTD कोटा के अध्यक्ष डॉ. अमित एस. राठौड़ एवं ISTD देहरादून के अध्यक्ष अनुप कुमार ने कौशल विकास एवं प्रशिक्षण आधारित शिक्षा की उपयोगिता को रेखांकित किया।

संगोष्ठी में शिक्षाविदों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम में भारत की सभ्यतागत चेतना, वैश्विक भूमिका और युवा नेतृत्व जैसे विषयों पर गंभीर एवं व्यापक विमर्श हुआ।