Wednesday, June 24, 2026
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रजिस्टर्ड ब्रोकर ही कर सकेंगे प्रॉपर्टी खरीदी-बिक्री का काम, अब लाइसेंस लेना जरूरी

कोटा । अब कोई भी पान की दुकान पर खड़े होकर प्रॉपर्टी ब्रोकिंग या डीलिंग का धंधा नहीं कर पाएगा। इसके लिए अब बाकायदा लाइसेंस लेना होगा। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरटी (रेरा) के एक मई से लागू हो जाने के बाद प्रॉपर्टी ब्रोकर्स पर शिकंजा कसेगा। ब्रोकर्स को रेरा में रजिस्ट्रेशन कराना होगा

। इससे पहले प्रॉपर्टी ब्रोकरों की भूमिका प्रॉपर्टी के खरीदार और बेचने वाले के बीच मीटिंग की व्यवस्था करने और सौदे को अंतिम रूप देकर अपनी सेवा के बदले कमीशन लेने तक रहती थी।

रेरा के तहत प्रॉपर्टी ब्रोकर्स के लिए रजिस्ट्रेशन की फीस तय कर दी गई है। ये फीस देकर रजिस्ट्रेशन के बाद ही ब्रोकर प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री का बिजनेस कर पाएंगे।

अभी मंदा है धंधा

रियल एस्टेट में प्रॉपर्टी ब्रोकर के तौर पर काम करने वाले प्रॉपर्टी ब्रोकर्स का कहना है कि पांच साल पहले तक प्रॉपर्टी ब्रोकिंग का कारोबार अच्छा था लेकिन अब इसमें मंदी आ गई है। बड़े बिल्डर्स और बड़े ब्रोकर्स के आ जाने से छोटे प्रॉपर्टी ब्रोकर्स का काम लगभग खत्म सा हो चला है।

हालत यह है कि पिछले पांच वर्षों में ब्रोकर्स के धंधे में 50 फीसदी कमी आ गई है। बड़ी प्रॉपर्टी के खरीदार कम हो गए हैं, इसलिए रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट नहीं मिल पा रहा है।

इनसे बचें

  • उन ब्रोकर्स से बचकर रहें, जिनमें प्रोफेशनलिज्म और ट्रांसपेरेंसी की कमी हो।
  • इनमें किसी दुकान या अन्य काम के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाले लोग हो सकते हैं।
  •  ऐसा ब्रोकर जो जगह की क्लीयर पिक्चर न बताए और उसके बारे में बढ़-चढ़ कर बोले।
  •  जो किसी एक ही बिल्डर की प्रॉपर्टी खरीदने पर जोर दे, तो सोच समझकर कदम रखें ।
  • खासकर तब, जब आपको कहीं और से पता चले कि उस बिल्डर का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं है।
  • जो रियल एस्टेट के फील्ड में हो रही नई बातों, मार्केट में कीमतों के उतार-चढ़ाव आदि से परिचित न हो।

टोल-टैक्स प्रति किलोमीटर के हिसाब से लगेगा, नई पाॅलिसी जल्द

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नई दिल्ली। रोड एंव ट्रांसपोर्ट मिनिस्‍टर नितिन गडकरी ने len-den news को बताया कि टोल टैक्‍स को लेकर मिनिस्‍ट्री नए सिरे से काम कर रही है। जल्‍द ही नई पॉलिसी लाई जाएगी। हमारे पास सुझाव आया है कि टोल टैक्‍स प्रति किलोमीटर के हिसाब से वसूला जाए।

इस पर विचार किया जा रहा है’। मिनिस्टरी आॅफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट के मुताबिक, नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर अक्सर विवाद और झगड़े की शिकायतें मिलती रहती हैं। वाहन चालकों और टोल-प्लाजा के अधिकारियों में झगड़े काफी बढ़ भी जाते हैं। इसके अलावा पाॅलिटिक्ल प्रेशर भी देखने को मिलते हैं।

ऐसे में अगर प्रति किलोमीटर के हिसाब से टैक्स वसूला जाता है तो झगड़ों में ना सिर्फ कमी आएगी बल्कि कम दूरी तय करने वालों को कम पैसे देने होंगे और लंबी दूरी वालों को कुछ ज्यादा पैसे देने होंगे। इससे ना सिर्फ झगडों में कमी आएगी बल्कि टोल कंपनी को नुकसान भी नहीं होगा। मिनिस्ट्री अगस्त में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से इस नई पाॅलिसी की शुरुआत हो सकती है। 

कोटा व्यापार महासंघ ने गोदारा को दी विदाई, नए एसपी का किया स्वागत

कोटा । व्यापार महासंघ ने बूंदी रोड स्थित माहेश्वरी रिसोर्ट में एक समारोह में कोटा के निवर्तमान पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा को विदाई दी। इस दौरान नए पुलिस अधीक्षक अंशुमन भौमिया का स्वागत और अभिनंदन किया गया।

कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन और महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि समारोह में महासंघ के 150 पदाधिकारी शामिल हुए। समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गौदारा ने कहा कि पिछले दो वर्ष का मेरा कार्यकाल बहुत ही अच्छा रहा। उन्होंने कहा की व्यापार महासंघ के सभी मुद्दों पर पुलिस प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है।

 समारोह को संबोधित करते हुए नए पुलिस अधीक्षक अंशुमन भौमिया ने पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गौदारा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि गौदारा साहब के समय कोटा, शहर में अपराधों की कमी देखते हुए राज्य में कोटा अव्वल रहा है। समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनन्त कुमार, उमेश ओझा, एलन के निदेशक नवीन माहेश्वरी मौजुद रहे। 

 

पीटीईटी : 602 केंद्रों पर बैठेंगे 2.5 लाख छात्र, एम्स यूजी के एडमिट कार्ड जारी

कोटा/अजमेर। पीटीईटी 14 मई को राज्यभर के जिला मुख्यालयों के 602 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। इसमें करीब 2.30 लाख अभ्यर्थी बैठेंगे। जबकि बीएबीएड बीएससीबीएड प्रवेश परीक्षा इसी दिन राज्य के 62 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

शुक्रवार को महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी ने सभी जिला केंद्रों पर सुरक्षा के घेरे में परीक्षा सामाग्री भेज दी गई है। साथ ही सभी जिलों में ऑब्जर्वर लगाए गए हैं। पीटीईटी समन्वयक प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया कि परीक्षा दोपहर 2 से सांय 5 बजे तक दूसरी पारी में होगी, जबकि बीएबीएड आैर बीएससी-बीएड प्रवेश परीक्षा पहली पारी में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक राज्य के 62 परीक्षा केंद्रों पर  होगी।

प्रो. सारस्वत ने बताया कि अभ्यर्थी को किसी तरह के कोई परेशानी है तो वे पीटीईटी कार्यालय के फोन नंबर 0145-2787083 आैर 7340610702 पर संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है। अभ्यर्थी examptet2017gmail.com ई-मेल पर भी समस्या बता सकते हैं।

एम्स यूजी के एडमिट कार्ड जारी किए गए

 एम्स यूजी एंट्रेंस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी हो चुके हैं। छात्र एम्स की वेबसाइट पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा 28 मई को होगी। परिणाम 14 जून को जाएगा। 3 जुलाई से लेकर 5 सितंबर तक काउंसलिंग चलेगी। इस एग्जाम के आधार पर दिल्ली के साथ एलाइंड एम्स भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर, ऋषिकेश और पटना के कॉलेजों की करीब 672 सीटों पर दाखिला मिलेगा।

एम्स यूजी के एडमिट कार्ड  यहाँ से डाउनलोड करें 

हाड़ौती के लहसुन का जायका अब दुनिया चखेगी

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कोटा। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि कोटा में लहसुन एक्सपोर्ट जोन बनाया जाएगा। इसके माध्यम से हाड़ौती के लहसुन का जायका अब दुनिया भर में फैलेगा। वे केंद्रीय मसाला बोर्ड की ओर से यूआईटी सभागार में शुक्रवार को आयोजित गार्लिक सेलर-बायर मीट में सम्बोधित कर रहे थे।

सैनी के कहा कि अभी तक लहसुन के भण्डारण का भी उचित बंदोबस्त नहीं हो पाया है। जिसके चलते सीजन में लहसुन के दाम गिर जाते हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। सांसद बिरला इस मसले को संसद में भी उठा चुके हैं। इसलिए राज्य सरकार कोटा में गार्लिक एक्सपोर्ट जोन बनाने की तैयारी में जुटी है।

इसके लिए राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव तैयार कराकर एपीडा और सेंट्रल स्पाइस बोर्ड  को भेजा जाएगा। उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि इससे पहले उन्हें अपनी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए और उन्नत बीजों का इस्तेमाल कर अच्छी किस्म की पैदावार को बढ़ावा देना चाहिए। क्योंकि उत्पाद जितना ज्यादा गुणवत्तापूर्ण होगा उसकी मांग उतनी ही ज्यादा होगी। 

सीड क्लस्टर बनेंगे
अध्यक्षीय भाषण में सांसद ओम बिरला ने कहा कि मुम्बई के व्यवसायी 1000 बीघा में लहसुन का उन्नत किस्म का बीज उत्पादित करने को तैयार हैं। सारे खर्च और नुकसान की भरपाई वह करेंगे।

एेसे में हाड़ौती में दो-दो, चार-चार बीघा के कलस्टर बनाकर एक हजार बीघा में उन्नत किस्म का लहसुन का बीज तैयार किया जाएगा। जो भी किसान बीज तैयार करने के लिए अपनी जमीन किराए पर देना चाहता है। वह उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक से सम्पर्क कर सकते हैं।

आईआईपी की नई शृंखला से गुटखा, कैलकुलेटर, टीवी पिक्चर ट्यूब को हटाया गया

नयी दिल्ली। औद्योगिक उत्पादन के सूचकांक की नई शृंखला में गुटखा, कैलकुलेटर और रंगीन टीवी पिक्चर ट्यूब जैसी वस्तुओं को हटा दिया गया है जबकि स्टेरायॅड और रिफाइंड पॉम तेल जैसे जिंसों को इसमें जगह मिली है। नई श्रृंखला में 2011-12 को आधार वर्ष बनाया गया है।

सूचकांक में अब वस्तुओं की संख्या बढ़कर 809 हो गयी है जो पहले 620 थी। सरकार के उत्पादों में इस बदलाव का मकसद आर्थिक आंकड़ा को अधिक व्यापक तरीके से प्राप्त करना है। कुल 149 नये जिंसों में स्टेरायॅड, सीमेंट क्लिंगर, चिकित्सा : सर्जिकल सामान, पहले से तैयार कंक्रीट के ब्लाक और रिफाइंड पॉम तेल शामिल हैं।  वहीं कैलकुलेटर, कलर टीवी पिक्चर ट्यूब, गुटखा जैसे 124 जिंसों को 2004-5 की श्रृंखला से हटा दिया गया है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्यन मंत्रालय के अधीन आने वाला केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने वृहत आर्थिक संकेतकों का आधार वर्ष संशोधित किया है। इसका कारण अर्थव्यवस्था में आये संरचनात्मक बदलावों को परिलक्षित करने और सूचकांकों की गुणवत्ता में सुधार तथा उसे अधिक प्रतिनिधिमूलक बनाना है।

मंत्रालय ने बयान में कहा गया कि अक्षय उर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन के बढ़ते महत्व को प्रतिबिंबित करने के लिये संबंधित आंकड़े को नई श्रृंखला में शामिल करने का फैसला किया गया है। आईआईपी के संग्रह के लिये आंकड़ों की रिपोर्ट को लेकर स्रोत एजेंसियां नई श्रृंखला में 14 होंगी जो पहले 15 थी।

फलों से बाल बनते है खूबसूरत और काले : श्रद्धा

बालो को नए-नए हेयरस्टाइल से सजाना, खिंचना, हीटिंग और स्टाइलिंग उनको कमजोर और बेजान बना देता है। रसायनों के कारण यह सब बालों को रूखा बनाने के साथ ही आकर्षण विहीन बना देता है। बालों पर हो रहे इस तनाव के कारण बालों के रख रखाव पर ध्यान देना काफी महत्वपूर्ण है।
बाल के रख रखाव के लिये एक हेयर स्पा ट्रीटमेंट या पारम्परिक तरीके से अच्छी तरह से तेल लगाने की विधि अपना सकते है । प्रसिद्ध हेयर एक्सपर्ट अपर्णा संथानम का कहना है कि ‘‘बालों में तेल लगाने से आपके सिर की त्वचा (स्केल्प) पर रक्त संचार बना रहता है  आपके सिर की त्वचा को अच्छी तरह से देखभाल करने से ही आपके बाल खूबसूरत काले दिखाई दे सकते हैं।‘‘ 
बालों में तेल लगाना बालों को चिपचिपा बनाने के कारण एक बेहद ही मुशकिल कार्य बन जाता हैं। तेल की सुगन्ध मनमोहक न होना भी काफी परेशानी भरा हो सकता। इस बारे में श्रद्धा कपूर कहती है कि ‘‘लगातार बालों के स्टाइलिंग के कारण यह काफी रूखे और बेजान हो जाते हैं, इसलिए मैं ज्यादातर अपने ग्लूमी लटों पर फ्रूट पैक का इस्तेमाल करती हूँ ताकि ये सुन्दर और लहराते रहे। कुछ सुगन्धों के साथ बालों की परम्परागत देखभाल में वह विश्वास करती हैं।
इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि बालों में तेल के साथ कुछ फ्रूट न्यूट्रीशन और सुगन्ध का समयोजन हो तो वह पहली व्यक्ति होगी जो उसे चुनेगी क्योंकि यह उनके फ्रुटी हेसर केयर को अत्यधिक परेशानी मुक्त बना देगी। फल एक अति आवश्यक तत्व है जो हमारी सेहत के साथ जुड़ा है।
केवल सादा भोजन हमारी समस्त आहार सम्बधित जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता इसलिए फलों का उपयोग हमारी सेहत के लिए अति आवश्यक है। शरीर का सम्पूर्ण विकास के साथ हमारे बालों के लिए भी फल पोषक तत्व है, विशेषकर सिर के लिए।
हेयर एक्सपर्ट अपर्णा संथानम के कुछ फ्रुटफुल रहस्य  जिसमें फलों के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिनसे हमारे बालों को खूबसूरत ग्लैमरस और चमकदार बनाया जा सकता है। इससे बाल न केवल मजबूत होते है अपितु इन्हें प्राकृतिक चमक भी मिलती हैं।‘‘ 
ग्रीन एपल
रूसी (डैंड्रफ ):- ग्रीन एपल रूसी अर्थात डैंड्रफ  की प्रभावी चिकित्सा है। इसके पत्तों का पेस्ट बनाएं और इसे रूसी वाली त्वचा पर लगाएं। सामान्य शैम्पू की बजाय इसका उपयोग करें। यह रूसी के विरुद्ध  काफी प्रभावशाली तरीके से काम करता है। ग्रीन एपल जूस से अपने सिर (स्कल्प) की नियमित तौर पर मसाज करें यह भी रूसी के से निजात पाने की एक प्रभावशाली चिकित्सा है।
बालों का बढऩा:– बालों को बेहतर तरीके से बढ़ाने के लिए ग्रीन एपल काफी प्रभावी है, और इससे बाल और भी मजबूत होते हैं। इससे बालों का टूटना ओर  झडऩा कम होता है।
जैतून:-
प्रबन्ध क्षमता: सूखे, कुपोषित बालों को अक्सर स्टाइल देना काफी मुश्किल काम हैं। इससे बालों को घुंघराला या सीधा नहीं किया जा सकता वे और भी सूखे हो जाते हैं और इन्हें बेजान बना देते हैं। इसके लिए हॉट ऑयल ट्रीटमेंट जरूरी है और आलिव ऑयल यानी जैतून का तेल इन्हें सुव्यवस्थित करने में काफी सहायता प्रदान करता है और आप आसानी से अपने बालों को स्टाइल प्रदान कर सकती हैं।
इसके लिए आधा कप ऑलिव ऑयल लें और इन्हें अपने बालों पर गहराई तक लगाएं तथा इन्हें 30 मिनट तक ऐसा ही रहने दे इससे आपके बालों को आवश्यक मॉस्चर यानी नमी मिल सकेगी और इन्हें संवारना और भी आसान हो जाएगा।
अतिरिक्त कोमलता: यदि आपके बाल नाजुक या फिर घुंघराले है जो ‘स्टील वूल‘ जैसे लगते हैं तो ऑलिव ऑयल इन्हें अधिक कोमलता तथा लचीला बनाने में मददगार हो सकता है। प्रत्येक सप्ताह ऑलिव ऑयल से डीप कंडीशनिंग करने से अतिरिक्त सिलीकॉन सामग्री युक्तकंडीशनर्स का प्रयोग से आप बच सकते हैं जो आपके बालों को कुछ घंटो के लिए ही एक बनावटी कोमलता प्रदान कर सकते हैं।
स्वीट लाइम:- (मौसमी)
बालों की शक्ति में सुधार: मौसमी का रस का उपयोग आप सीधे ही अपने बालों पर कर सकती हैं। इस जूस में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है जो आपके बालों की शक्ति को सुधारने में मदद करता हैं यह उन लोगों के लिए, जिनके बाल झड़ते हों उनके लिए बालों की देखभाल के लिये सबसे अच्छीं युक्तियां मे से एक है।
मौसमी के जूस का सत्व (एक्सटे्रक्ट) बालों को प्राकृतिक रूप से सुदृढ़ता प्रदान करता है। बालों में सीधे मौसमी का रस लगाने से पूर्व इसको अच्छी तरह से छान लें। अच्छे परिणामों के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार मौसमी के रस का उपयोग करें।
सीधे उपयोग – मौसमी के जूस का सेवन भी बालों के लिए काफी अच्छा होता है। इसमें विटामिन सी होने के कारण यह आपके बालों की सेहत के लिए बहुत अच्छा है।

संपूर्ण इम्युनिटी के लिये बेहतर प्रोबायोटिक ड्रिंक याकूल्ट

कोटा । फंक्शनल फूड के क्षेत्र की याकूल्ट डैनोन इंडिया ने अपने विश्व स्तरीय प्रोबायोटिक ड्रिंक याकूल्ट पर एक जानकारी पूर्ण सत्र का आयोजन किया। आज के समय में स्वास्थ्य समस्याएं गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

वैश्विक रूप से बेहतर रूप में स्थापित, फंक्शनल फूड्स की अवधारणा स्वास्थ्य लाभ पहुंचाती है, इसके अलावा भारत में बुनियादी पोषण का महत्व बढ़ता जा रहा है।’’ इस अवसर पर याकूल्ट डैनोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मिनोरु शिमाडा ने कहा, आज इस बात में कोई शक नहीं कि इंसान अनिश्चित और असक्रिय जीवनशैली, खराब पोषण और नींद की कमी के कारण जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसलिये, इस बढ़ते खतरे से लडऩे के लिये तत्काल ही उपाय तलाशने की जरूरत है।

यह एक चौंकाने वाला तथ्य है कि हमारा सबसे बड़ा प्रतिरक्षा या इम्युन अंग आंत है। यह हमारी सेहत की स्थिति को तय करने में अहम मानी जाती है क्योंकि इसमें इंसानी शरीर की 70 प्रतिशत प्रतिरक्षा कोशिकायें मौजूद होती हैं। यह हमारी संपूर्ण इम्युनिटी को बेहतर बनाती है और हमें सुरक्षित रखती है।

याकूल्ट की साइंस एवं रेग्युलेटरी अफेयर्स की महाप्रबंधक डॉ. नीरजा हजेला के अनुसार, ‘‘हालांकि, इंसान अपने अंगों का ध्यान रखते हैं, लेकिन हम आंतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो कि हमारी इम्युनिटी को बेहतर बनाये रखने के लिये सबसे महत्वपूर्ण अंग माना गया है। साथ ही यह हमें संक्रमणों से सुरक्षित रखती है।

इस आंत में 100 खरब जीव होते हैं, जिनका वजन लगभग 1.5 किग्रा. होता है और यह आभासी अंग की तरह कार्य करते हैं। ये जीव भोजन पचाने, पोषक तत्वों के अवशोषण, प्रतिरक्षा निर्माण और आवश्यक खनिजों जैसे विटामिन बी और के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राजस्थान में उपभोक्ता स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए, डॉ. हजेला ने कहा, ‘‘हालिया अध्ययन यह दर्शाते हैं कि राजस्थान के शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग पाचन से जुड़ी परेशानियों से ग्रस्त रहते हैं और उनमें गंभीर बीमारियां जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज के अलावा स्वास्थ्य की अन्य समस्याएं होती हैं। आंतों की बेहतर सेहत बीमारियों को दूर करने में अहम होती है और खराब बैक्टीरिया को नियंत्रित करती है।’’

राधा मोहन सिंह ने किया ई-कृषि मंच का लोकार्पण

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नई दिल्ली। कृषि भवन, नई दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह द्वारा ई-कृषि मंच का लोकार्पण किया गया। इंटरनेट आधारित यह ई-कृषि संवाद, किसानों को एक विशिष्ट ऑनलाइन मंच प्रदान करेगा जिससे हितकारी सीधे, प्रभावी एवं सुगम संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते है।

विभिन्न वर्गों के हितकारकों जैसे किसानों, विद्यार्थियों, उद्यमियों, अनुसंधानकर्ताओं एवं कृषि क्षेत्र में अभिरूच रखने वाले तथा संबंधित क्षेत्रों को अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। हितधारक अपनी समस्याओं का समाधान, संस्थानों के विषय-वस्तु विशेषज्ञों से सीधे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् की वेबसाइट जाकर इंटरनेट एवं एसएमएस के द्वारा प्राप्त कर सकते हैं।

ई-कृषि संवाद पर फसलों, पशुपालन एवं मछली इत्यादी के बीमारियां से संबंधित फोटो को अपलोड कर, संबंधित विषय विशेषज्ञों से निदान एवं उपचार की जानकारी तुरन्त प्राप्तं कर सकते हैं। इंटरनेट युक्त मोबाइल पर भी अत्यन्त आसानी से इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों की उन्नति के लिए हितधारकों की समस्याओं उनकी उत्सुकता एवं नई जानकारियों के लिए एक उपयोगी इलेक्ट्रोनिक इंटरफेस है।

इस मंच के लोकार्पण के समय भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा, सचिव छबीलेन्द्र राउल, उप महानिदेशक विस्तार डॉ. अशोक कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीकेएमए डॉ. एसके सिंह एवं अन्य अधिकारी गण मौजूद थे।

नीट प्रश्न पत्र लीक होने की जांच कराई जाए

-सिंगल परीक्षा का प्रारूप पूरे देश में एक जैसा हो

कोटा। नेशनल इलिजिबिलीटी कम ऐंट्रेंस टेस्ट- 2017 की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने और बाजार में बेचे जाने के मामले की जांच सीबीआई से कराने की छात्रों ने मांग की है।

शुक्रवार को कोटा में कोचिंग कर परीक्षा देने वाले मेडिकल के छात्र सुभाष कुमार, शुभम और आलोक आदि ने जिला कलेक्टर को मानव संसाधन विकास मंत्री  प्रकाश जावडेकर के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने बताया कि प्रश्न पत्र लीक होन की खबरें और प्रश्न पत्र की अलग अलग भाषाओं के प्रश्नों में गड़बड़ियों को लकर छात्र  वर्ग में काफी भ्रामक स्थिति बन रही है।

इसके लिए संपूर्ण प्रकरण  की जांच सीबीआई से कराई जाए या परीक्षा निरस्त घोषित की जाए तथा सिंगल एक्जाम पूरे देश में एक पैटर्न पर हो। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए। सुभाष कुमार ने बताया कि इस परीक्षा में अनियमितताओं से छात्रों में घोर निराशा है उसे दूर करने की आवश्यकता है।