Tuesday, June 23, 2026
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समर कैंप में बच्चों के साथ अभिभावकों ने भी दिखाया उत्साह

कोटा। एसआर पब्लिक सी.सै. स्कूल में सोमवार को आयोजित लक्ष्य समर कैम्प 2017 के पाँचवें दिन मुख्य अतिथि मॉय एफ.एम. की ओर आरजे कशिश थी । इस दौरान वह समर कैम्प में भाग लेने वाले बच्चों से रुबरु हुई।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक अंकित राठी भी उपस्थित थे । उन्होंने बताया कि 11से 21 मई तक कैम्प आयोजित किया जा रहा है। इस कैम्प में बच्चों के साथ अभिभावकों के लिए भी अनेक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।

इस कैम्प में पचास से अधिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं । इन गतिविधियों का बालक-बालिकाओं के साथ अभिभावक भी आनंद उठा रहे हैं। अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा शर्मा ने सभी उपस्थित अतिथि व अभिभावकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

RBSE ने घोषित किया 12वीं साइंस व कॉमर्स का परिणाम

अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को बारहवीं साइंस और कॉमर्स के नतीजे घोषित कर दिए। शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री वासुदेव देवनानी ने वेबसाइट पर परिणाम जारी किया।  इस बार बोर्ड मैरिट लिस्ट जारी नहीं की गई हैं। साइंस का रिजल्ट 89.21 प्रतिशत और कॉमर्स का 88.07 प्रतिशत रिजल्ट रहा। देवनानी ने कहा कि सरकारी स्कूलों का रिजल्ट लगातार बेहतर हो रहा है। इसका अर्थ है कि सरकारी स्कूलों में लगातार शिक्षा का स्तर सुधर रहा है।

साइंस का  परिणाम जानने के लिए यहाँ पर क्लिक करें

कॉमर्स का परिणाम जानने के लिए यहां क्लिक करें

साइंस

  • पिछले साल 12वीं साइंस का रिजल्ट 87.20 प्रतिशत था जो इस बार बढ़कर 89.21 प्रतिशत हो गया है। यानी करीब 2 फीसदी रिजल्ट बढ़ा है।
  • इसी संकाय में लड़कियों का प्रतिशत पिछले साल 92.35 प्रतिशत था जो बढ़कर 93.33 प्रतिशत हो गया है। यानी पिछले साल से 1 फीसदी बढ़ोतरी हुई।
  • लड़कों का रिजल्ट पिछले साल 88.53 प्रतिशत था जो इस बार बढ़कर 90.36 प्रतिशत हो गया। यानी इस बार करीब 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
  •  पिछले साल सरकारी स्कूलों के 7.25 प्रतिशत बच्चों के 75 प्रतिशत अंक थे, जबकि इस बार 16.76 प्रतिशत छात्रों के 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक आए हैं।
  • ओवरऑल सरकारी स्कूलों का रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी बढ़ा है।
  • सरकारी स्कूलों का 83.18 प्रतिशत रिजल्ट था जो इस बार बढ़कर 93.09 प्रतिशत हो गया है।
  • इसके अलावा सरकारी स्कूलों 47.39 प्रतिशत बच्चों की फर्स्ट्स डिविजन आई थी, इसबार ऐसे बच्चों की संख्या बढ़कर 58.49 प्रतिशत हो गई है।

कॉमर्स

  •  12वीं कॉमर्स का पिछले साल रिजल्ट 83.32 प्रतिशत था, जो बढ़कर 88.07 प्रतिशत हो गया। यानी करीब 5 फीसदी बढ़ गया।
  • इसमें लड़कों का रिजल्ट पिछले साल 86.22 प्रतिशत था, इस बार बढ़कर 88.56 प्रतिशत हो गया। यानी करीब 2.34 प्रतिशत बढ़ गया।
  • लड़कियों का रिजल्ट पिछले बार 93.58 प्रतिशत था जो बढ़कर 95.27 प्रतिशत हो गया। यानी करीब 1.75 प्रतिशत बढ़ा।
  • पिछले साल सरकारी स्कूलों के 3.75 प्रतिशत बच्चों के 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक थे, जबकि इस बार 6.96 प्रतिशत छात्रों के 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक आए हैं।
  • सरकारी स्कूलों का रिजल्ट पांच फीसदी बढ़ गया है।

 

 

6,000 वस्तुओं पर जीएसटी की दरों के बारे में केंद्र व राज्यों के बीच सहमति

  • साबुन, कॉस्मेटिक्स, नारियल तेल जैसे उत्पादों पर अभी नहीं बन पाई है सहमति, कर की दरों को लेकर है विवाद
  • अधिकारियों ने कहा, बैठक से पहले कुछ अन्य वस्तुओं की भी तय हो सकती हैं दर
  • उद्योग जीएसटी दरों में जल्द चाहता है स्पष्टता
  • जीएसटी परिषद में नहीं बनी बात तो 1 जुलाई की राह होगी कठिन

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की श्रीनगर में गुरुवार को होने वाली दो दिवसीय बैठक से पहले ही करीब 6,000 वस्तुओं पर जीएसटी की दरों के बारे में केंद्र तथा राज्यों के बीच सहमति बन गई है। विवादास्पद वस्तुओं जैसे साबुन और कॉस्मेटिक्स, नारियल तेल और कार आदि पर लगने वाली दरों पर भी बैठक से पहले सहमति बनने के आसार हैं।

सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि समिति प्रत्येक उत्पाद और देश भर में उनके उत्पाद एवं वैट दरों को देखा है। इसके बाद करीब 70 से 75 फीसदी वस्तुओं की दरें तय कर ली गई हैं। शेष पर अभी विचार किया जा रहा है और जीएसटी को अंतिम रूप देने से पहले उस पर भी निर्णय हो जाएगा। दरों का निर्धारण उत्पादों पर मौजूदा प्रभावी कर की दर के आधार पर एचएसएन कोड के तहत किया गया है।

सोने पर चार फीसदी 

दरों पर उप-समिति की रिपोर्ट केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के अध्यक्ष वाले परिषद के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इस समिति में राज्यों के वित्त मंत्री भी बतौर सदस्य शामिल हैं।  उदाहरण के तौर पर सोने की दर को परिषद की बैठक में 4 फीसदी पर रखे जाने पर जोर दिया जा सकता है। फिलहाल इस पर 1 फीसदी मूल्य वर्धित कर लगता है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने भी जीएसटी पर अपनी रिपोर्ट में सोने पर 4 फीसदी कर लगाने की बात कही थी। जीएसटी में व्यापक तौर पर कर की चार दरें होंगी- 5, 12, 18 और 18 फीसदी। इसके अलावा शून्य कर वाली वस्तुएं तथा छूट वाली वस्तुएं भी शामिल होंगी और सिगरेट, लक्जरी कारों तथा वातित शीतलपेय जैसे अहितकर उत्पादों पर अधिभार भी लगाया जाएगा।

कारों के मामले में मौजूदा वर्गीकरण उसमें इस्तेमाल होने वाले ईंधन के आधार पर किया गया। इलेक्ट्रिक कारों पर कर दर है, वहीं डीजल कारों पर कर की दर ज्यादा है। इसके अलावा, इंजन क्षमता के आधार पर भी कर में अंतर होता है। ऐसे में एक अधिकारी का कहना है कि सभी कारों को 28 फीसदी के दायरे में लाना कठिन होगा।

कॉस्मेटिक्स पर 28 फीसदी

साबुन, कॉस्मेटिक्स आदि पर अभी 24-25 फीसदी कर लगता है लेकिन जीएसटी के तहत करीब कर स्लैब 28 फीसदी के दायरे में ऐसी वस्तुएं आ सकती हैं। नारियल तेल भी ऐसा ही उत्पाद है जिस पर चर्चा चल रही है, क्योंकि इसे हेयर ऑयल और खाद्य तेल दोनों माना जाता है। हेयर ऑयल को कॉस्मैटिक्स के तहत माना जाता है और उस पर 28 फीसदी कर लगेगा जबकि खाद्य तेल पर 5 या 12 फीसदी कर लग सकता है।

एक अधिकारी ने कहा कि नारियल तेल पर 6 फीसदी वैट लगता है और कुछ राज्यों ने वैट में छूट भी दी है। एक अधिकारी ने कहा कि साबुन को भी 28 फीसदी के दायरे में रखा जा सकता है। पीडब्ल्यूसी इंडिया के प्रतीक जैन ने कहा, ‘कुछ लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कॉस्मेटिक तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स आदि को 18 फीसदी के दायरे में रखा जाना चाहिए।’

सिनेमा के टिकट पर लगने वाले कर को भी सुलझाने की जरूरत है। अभी ऐसी टिकट पर सेवा कर नहीं लगता है और राज्य मनोरंजन कर लगाते हैं जो 12 से 40 फीसदी के बीच है। मोबाइल फोन पर भी वैट की दर 5 फीसदी से 15.5 फीसदी के बीच है।

इसी तरह न्यूजप्रिंट पर शून्य उत्पाद शुल्क है लेकिन कुछ राज्य इस पर वैट लगाते हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि दूरसंचार को बुनियायदी ढांचा क्षेत्र के तहत वर्गीकृत किया गया है और इस पर 15 फीसदी कर लगता है। ऐसे में इसे 18 फीसदी के दायरे में रखा जाए या 12 फीसदी के दायरे में।

वित्त मंत्री को मीडिया, शिक्षा एवं स्वास्थ क्षेत्र से शून्य कर दायरे में रखे के लिए कई प्रस्तुतीकरण दिए गए हैं। ईवाई के लीडर, अप्रत्यक्ष कर विपिन सप्रा ने कहा कि 1 जुलाई से जीएसटी को लागू करना है ऐसे में उद्योग चाहते हैं कि जीएसटी दरों की घोषणा जल्द से जल्द की जाए, ताकि उन्हें इसके हिसाब से चीजों को दुरुस्त करने का समय मिल सके। 

GST अच्छा लेकिन, छोटे और मझोले उद्योगों पर पड़ेगा भारी

कोटा। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अर्थव्यवस्था के लिए भारी उलटफेर करने वाला है। नई कर व्यवस्था में सरल टैक्स अनुपालन, टैक्स पर टैक्स की समाप्ति, अंतर्राज्यीय कारोबार में सहजता, कीमतों में कटौती और कर आधार में भारी वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। इसके टेक्नोलॉजी संचालित होने के कारण ज्यादा पारदर्शिता आएगी।

इन्वॉयस मैचिंग से जीएसटी न केवल कर प्रणाली में एक बड़ा बदलाव साबित होगा, बल्कि इससे कारोबार करने के तरीके भी बेहतर होंगे। इसमें संभावनाओं के बावजूद नियम- कानूनों के मौजूदा प्रारूप में परेशानी खड़ी करने वाली बातें भी हैं। खासकर छोटे और मझोले उद्यम (एसएमई) इनके शिकार होंगे।

छोटे व्यवसायों पर कारोबार से बाहर कर दिए जाने का खतरा रहेगा। अभी इसमें सुधार की गुंजाइश है। वैसे, नियम-कानून समय के साथ बेहतर होंगे, फिर भी मूल कमियों को जल्द दूर करना होगा।इनमें सबसे बड़ी खामी आपूर्तिकर्ता द्वारा कर भुगतान को खरीदार को उपलब्ध इनपुट क्रेडिट के साथ न कि ‘वास्तविक इन्वॉयस मिलान’ (मैच्ड जेन्यूइन इन्वॉयस) के साथ लिंक करना है।

इस प्रावधान की जड़ें कारोबारियों द्वारा जाली बिलों के जरिये कर चोरी के इतिहास में और इस तथ्य में हैं कि सरकार के लिए इसका पता करके अंकुश लगाना संभव नहीं था।सरकार को लगता है जीएसटी लागू होने से गलत लोग बाजार से स्वतः बाहर हो जाएंगे। इसमें गलती यह है कि जीएसटी अमल में लाने के चरणबद्ध नतीजों और पैदा होने वाली दिक्कतों की अनदेखी की जा रही है।

हालांकि, अनुपालन बढ़ाने की जद्दोजहद कम होगी, लेकिन इसके कारण कारोबार बंद होने और ऐसी वसूली कम होने को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया गया है। सरकार का तर्क यह भी है कि आजकल कुछ लोग गलत तरीके से इनपुट क्रेडिट लेने के लिए साठगांठ कर रहे हैं।इसलिए जोखिम को वापस नागरिकों पर डालना उचित ही है।

समस्या प्रत्यक्ष जोखिम के प्रबंधन की नहीं, कैश फ्लो के दुष्प्रभावों, गलत अकाउंटिंग और नए सप्लायरों व ग्राहकों के साथ लोगों की व्यापार क्षमता में गिरावट की है। वजह यह है कि कारोबारी रिटर्न को लेकर अनिश्चितता है।सामान्य व्यावसायिक स्थितियों में कोई लेनदेन तब पूरा होता है जब वस्तु/सेवा की सुपुर्दगी, इन्वॉयस की प्राप्ति व उनके बदले में भुगतान हो चुका होता है।

अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सप्लायर इन्वॉयस पर कर लगाने, संग्रह करने और प्रेषित करने के लिए सरकार के एजेंट की भूमिका निभाता है। वैट व्यवस्था में क्रेता को इन्वॉयस पर चुकता टैक्स की इनपुट क्रेडिट का लाभ मिलता है, जो आपूर्तिकर्ता को अदा किया गया है।गैर-मौजूद इन्वॉयस या मूल इन्वॉयस से मेल नहीं खाने वाली राशि से जुड़े जाली दावों को रोकने के लिए जीएसटी कानून में इन्वॉयस मैचिंग का प्रावधान है।

इससे जालसाजी खत्म हो जाएगी। ज्यादा से ज्यादा करदाताओं को टैक्स के दायरे में लाया जा सकेगा। हालांकि, भुगतान के अतिरिक्त लिंकेज ने इस व्यवस्था पर धब्बा लगाया है।कोई कारोबारी यह कैसे मान लेगा कि लेनदेन पूरा हो गया जैसा कि उसे रिटर्न साइकल (अगले माह की 30 तारीख) के बाद 10 दिनों तक इंतजार करना होगा।

तभी जाकर उसे पता चल पाएगा कि वह अपने चुकता टैक्स के लिए इनपुट क्रेडिट का हकदार है या नहीं। बाजार में कई तरह के व्यवहार होने लगेंगे।कुछ लोग अगले माह की 30 तारीख तक सप्लायर को भुगतान करने से मना कर देंगे। इससे कार्यशील पूंजी की आवश्यकता में असामान्य बढ़ोतरी होगी। कुछ लोग कर भुगतान करने से इन्कार करेंगे।

व्यापार लागत में वृद्धि होगी

नतीजतन बहुस्तरीय लेनदेन की स्थिति पैदा होगी। व्यापार लागत में वृद्धि होगी। ऐसे में कुछ लोगों से जोखिम से बचने के लिए बैंक गारंटी मांगी जाएगी। अधिकतर एसएमई के पास ऐसी मांग पूरी करने का आसान उपाय नहीं होगा।छोटे कारोबारियों के लिए इसके मायने छोटे व्यवसायों को आमतौर पर नगदी प्रवाह बराबर न रहने की वजह से दिक्कतों से जूझना पड़ता है।

बेचे गए माल के बदले पैसे मिलने में एक हफ्ते के विलंब से भी उनकी सारी योजना ध्वस्त हो जाती है। हालांकि व्यवसायी का कर के मामले में छल करने का इरादा नहीं होगा, तो भी इसके साथ समय पर अनुपालन पूरा करने की कठिनाई हमेशा बनी रहेगी।इस तरह की हर कठिनाई से इसके समक्ष खरीदारों को लेकर संकट पैदा होगा, जो अपना जोखिम कम करने के लिए सप्लायर बदल सकते हैं।

एक संबंधित प्रावधान यह है कि सरकार ‘अनुपालन मूल्यांकन’ सार्वजनिक करना चाहती है। इस तरह आपको खरीदारी के पहले पता रहेगा कि आपके सप्लायरों का मूल्यांकन ‘अच्छा या खराब’ है। उद्देश्य यह है कि चूंकि आपका इनपुट टैक्स आपूर्तिकर्ता की इस ‘गुणवत्ता’ पर निभर करता है। इसलिए आप खराब मूल्यांकन वालों से खरीदारी करने से बचेंगे।

यानी लोग खराब मूल्यांकन से बचने के लिए भी हरसंभव कोशिश करेंगे। मूल्यांकन सिर्फ आपके डाटा फीड करने में देरी से ही खराब नहीं होता है, बल्कि आपके अपने भुगतान में विलंब से भी होता है।संक्षेप में, इन प्रावधानों को एक साथ देखने पर पता चलता है कि एक छोटे व्यवसाय को जो कठिनाई झेलनी पड़ेगी, वह अब सार्वजनिक होगी।

छोटे कारोबारियों पर खतरा 

इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। इसलिए आपके सामने जब कभी दिक्कत आएगी तो वह अगले महीने और बड़ी हो जाएगी है। वजह यह है कि आपका ग्राहक सावधानी बरतेगा और माल दूसरे से खरीदेगा।इससे समस्या बढ़ेगी। नतीजतन भुगतान में और देरी होगी। फिर मूल्यांकन और नीचे जाएगा। नतीजतन ज्यादा ग्राहक पल्ला झाड़ेंगे। इसके कारण धीरे-धीरे, लेकिन निश्चित रूप से छोटे व्यवसाय अंततः बंद हो जाएंगे।

नकली बिल गायब हो जाएंगे

जीएसटी सुराग लगाने की असाधारण क्षमता प्रदान करती है। इन्वॉयस मैचिंग के चलते सारे नकली बिल गायब हो जाएंगे और गलत दावे भी।अलबत्ता, फर्जी कंपनियों की समस्या बनी रहेगी, लेकिन पैन, बैंक खाते से जुड़ने के कारण सुराग लगाने की क्षमता इतनी ज्यादा होगी कि लोगों के लिए जालसाजी करके बच पाना लगभग असंभव होगा।भुगतान को इनपुट टैक्स क्रेडिट से अलग करने और इसे इन्वॉयस अपलोड व मैचिंग से संबद्ध करने के संदर्भ में प्रस्तावित कानून में संशोधन होने से कानून में जान आएगी। 

हर्षद मेहता घोटाले में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की 25 साल बाद भी वसूली 

नई दिल्ली। हर्षद मेहता घोटाले से हुए नुकसान की वसूली मेहता फैमिली से 25 साल बाद भी चल रही है। कोर्ट की ओर से नियुक्त किए कस्टोडियन ने अब तक दिवंगत मेहता की संपत्तियों को बेचकर 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बैंकों और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नाम जारी कराई है।

मेहता के पारिवारिक सदस्यों और सहयोगियों ने बीते सप्ताह भी 614 करोड़ रुपये की रकम बैंक को दी। कस्टोडियन ने मेहता परिवार से इस घोटाले की राशि को वसूलने के लिए 2,000 करोड़ रुपये तक की एक और संपत्ति के बारे में पता लगाया है, जिसकी नीलामी का जाएगी। इस केस में अब तक मेहता परिवार से कुल 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकवरी की जा चुकी है।

इसमें मेहता परिवार की प्रॉपर्टी और शेयर्स भी शामिल हैं। इस मामले पर सुनवाई के लिए सरकार ने जून, 1992 में एक ऑर्डिनेंस पास कर स्पेशल कोर्ट का गठन किया था। इस कोर्ट ने ही कस्टोडियन की नियुक्ति की थी, जिसे मेहता की संपत्तियों की जानकारी जुटाने, उन्हें जब्त कराने और नीलामी के जरिए रकम की वसूली करने का काम सौंपा गया था।

कस्टोडियन का हालिया फैसला 2 मई को सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए उस आदेश के बाद आया है, जिसमें 614 करोड़ रुपये डिस्बर्स किए जाने का आदेश दिया गया था। इसमें से 507 करोड़ रुपये स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के खाते में जाने हैं, जबकि 107 करोड़ रुपये एसबीआई ग्रुप को मिलेंगे।

अब औद्योगिक क्षेत्रों को हरा-भरा बनायेंगे : माहेश्वरी

कोटा। हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के तत्वावधान में रविवार को इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में रोड नंबर चार पर वाटर कूलर का लोकार्पण रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक वीके विजय ने किया।

एसोसिएशन के अध्यक्ष छुट्टन लाल शर्मा व महासचिव मुकेश त्यागी ने बताया कि वाटर कूलर स्थापित करने का काम उद्यमियों के सहयोग से किया जा रहा है। आने वाले 15 दिनों में जिस क्षेत्र में वाटर कूलर की जरूरत होगी वहां लगवा दिया जायेगा। अवसर पर कोटा व्यापर महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि बारिश में औद्योगिक क्षेत्र को हरा -भरा बनाने का अभियान चलाया जायेगा।

कार्यक्रम में दी एसएसआई एसोशियेशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल, पूर्व अध्यक्ष पवन लालपुरिया, देवेंद्र जैन, राजेंद्र जैन और अचल पोद्दार आदि मौजूद थे।

अब ट्रेनों में भी देख सकेंगे फिल्म और टीवी सीरियल

राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेन से शुरू होगी सुविधा 

नई दिल्ली। जल्द ही आप प्रमुख ट्रेनों में फिल्में और टीवी सीरियल देख सकेंगे। रेलवे यात्रियों के लिए लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिवाइस पर यह सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है। इसके लिए यात्रियों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

रेलवे गैर टैरिफ राजस्व में वृद्धि के प्रयास के तहत कंटेंट ऑन डिमांड परियोजना लागू करने जा रहा है। इसे राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेन से शुरू की जाएगी और बाद में और ट्रेनों और स्टेशनों में इसका विस्तार किया जाएगा।रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्रा को आनंददायक बनाने के लिए ट्रेन में लोकप्रिय टीवी सीरियल, फिल्म और संगीत उपलब्ध कराए जाएंगे।

साथ ही इससे रेलवे की कमाई भी होगी।हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मों के अलावा क्षेत्रीय फिल्में भी दिखाई जाएंगी। कई विदेशी सीरियल और कॉमेडी शो के अच्छे खासे दर्शकों के ध्यान में रखते हुए इन्हें भी कंटेंट ऑन डिमांड में शामिल किया जाएगा।अधिकारी ने कहा कि पहले चरण में सभी राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और हमसफर ट्रेन में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

एक ट्रेन में यह सेवा उपलब्ध कराने में करीब 25 लाख रुपये का खर्च आएगा।कंटेंट ऑन डिमांड में ऑडियो पैकेज के तहत रेडियो सेवा भी ट्रेनों और स्टेशनों में होगी। यह सेवा मुफ्त में मिलेगी। रेलवे की शाखा रेलटेल इस परियोजना को लागू करेगी। –

आईआईटी की 11,100 सीटों के लिए 1.74 लाख विद्यार्थियों का घमासान 21 को

  • जेईई-एडवांस्ड 2017: राज्य के 10 शहरों में होगी परीक्षा
  • इस वर्ष भी कोटा में परीक्षा केंद्र नहीं
  • भीषण गर्मी में 39,00ं0 कोचिंग विद्यार्थी दूसरे शहरों में देंगे पेप

अरविंद, कोटा।

21 मई को देश के 120 शहरों में 1 लाख 74 हजार परीक्षार्थी जेईई-एडवांस्ड,2017 परीक्षा देंगे। सभी केंद्रों पर पहला पेपर सुबह 9 से 12 बजे तथा दूसरा पेपर दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगा। इस फाइनल मुकाबले में जेईई-मेन से 2.20 लाख विद्यार्थियों को क्वालिफाई घोषित किया गया था लेकिन जेईई-एडवांस्ड के लिए 1.74 लाख परीक्षार्थियों ने ही आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन  कराया। इसमें 33,050 (19 प्रतिशत) गल्र्स होंगी। इसके आॅनलाइन प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए।

आईआईटी, मद्रास की देखरेख हो रही आॅफलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए राजस्थान के 10 शहरों में परीक्षा केंद्र घोषित किए गए।आईआईटी,मुबई जोन के अधीन जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर, भीलवाड़ा, पाली, टोंक तथा आईआईटी,दिल्ली जोन के अधीन सीकर, उदयपुर व अलवर शहरों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर दोनों पेपर होंगे।

कोटा के सभी कोचिंग संस्थानों से इस वर्ष जेईई-मेन में लगभग 39,000 विद्यार्थी जेईई-एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई हुए। लेकिन आईआईटी बोर्ड ने इस वर्ष भी एजुकेशन हब कोटा में सेंटर घोषित नहीं किया, जिससे विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में आक्रोश है।

उन्होंने बताया कि 45 से 46 डिग्री तापमान मे विद्यार्थियों को एक दिन पहले बस, ट्रैन  या टैक्सी से दूसरे शहरों में जाना पडे़गा। गर्मी के कारण उन्हें मानसिक, शारीरिक व आर्थिक परेशानी का सामना करना पडे़गा।

उल्लेखनीय है कि कोटा में अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं जेईई-मेन, नीट, कैट, क्लेट, सीपीटी, नेट, सीएस, बैंक काॅमन एग्जाम आदि के लिए सेंटर हैं।

आईआईटी में इस वर्ष 528 सीटें बढ़ी

2 अप्रैल को जेईई-मेन आॅफलाइन तथा 9 व 10 अप्रैल को आॅनलाइन परीक्षा में देश के 10 लाख 20 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। जिसमें से 4 मई तक पंजीकृत हूए 1.74 लाख विद्यार्थी 23 आईआईटी की 11,100 सीटों पर एडमिशन के लिए जेईई-एडवांस्ड परी़क्षा देंगे।

गत वर्ष आईआईटी में 10,575 सीटें थीं, जिसमें 528 सीटें इस वर्ष बढ़ाई गई। खास बात यह कि जेईई-मेन में सामान्य वर्ग में न्यूनतम 81, ओबीसी में 49, एससी में 32, एसटी में 27 तथा दिव्यांग वर्ग में 1 अंक लाने वाले विद्यार्थी जेईई-एडवांस्ड देंगे । जेईई-मेन में 360 में से 360 अंक पाने वाले रेजोनेंस के क्लासरूम छात्र आॅल इंडिया टाॅपर कल्पित वीरवाल भी एडवांस्ड में टाॅप रैंक के लिए मुकाबला करेंगे।

फाइनल टिप्स –

  1. अंतिम 7 दिन में ऐसे तय करें जीत की मिस्ट्रीे
  2. दो राउंड में करें जेईई-एडवांस्ड का पेपर

आईआईटी में दाखिले के लिए सबसे कठिन परीक्षा जेईई-एडवांस्ड परीक्षा सामने है, इसलिए सभी परीक्षार्थियों के लिए अंतिम 7 दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों ने जिस जोश व उत्साह के साथ पूरे वर्ष तैयारी की है, उस आत्मविश्वास को पेपर देने तक बनाए रखें। 21 मई को पेपर देने जाते समय ध्यान रहे कि हम जेईई-एडवांस्ड का पेपर देने जा रहे हैं, किसी ओर बात पर ध्यान न जाए।  

आपका हर कदम सफलता की ओर बढाएं-

  • अंतिम 6-7 दिनों में तनावमुक्त होकर 8 घंटे नींद अवश्य लें। रिलेक्स रहने का प्रयास करें।
  •  तेज गर्मी होने से इस समय ताजा फल, जूस, छाछ, लस्सी या ठंडे तरल पेय पदार्थ लें।
  •  अपने बायोलाॅजिकल सिस्टम को नहीं बदलें। रात में सोने का समय अंतिम दिनों में नहीं बदलें। देर रात तक पढने की आदत हो या सुबह जल्दी उठकर पढ़ते हों, उसे फोलो करें।
  •  बचे हुए दिनों में तीनों सब्जेक्ट में कोई नया चेप्टर नहीं देखें। एक्स्ट्रा नहीं पढें़। केवल जेईई-एडवांस्ड के पुराने पेपर साॅल्व करते रहें, जिससे किसी भी चेप्टर के वैटेज का पता चल जाए। आत्मविश्वास के साथ पेपर देने का फ्लेवर मन में बना रहे।
  •  दिमाग को हमेशा कंसेप्चुअल रखें, प्रतिवर्ष आईआईटी द्वारा पेपर पैटर्न में मामूली बदलाव किए जाते हैं। अपनी तैयारी पर 100 प्रतिशत भरोसा रखें।
  • पेपर हल करते समय उसे 2 राउंड में साॅल्व करें। पहले राउंड में ऐसे आसान क्वेश्चन चुनें, जिनमें समय बच सकता है। दूसरे राउंड में थोडे़ कठिन सवालों को लें, पहले राउंड के बचे हुए समय को इनमें लगाए। इससे टाइम मैनेजमेंट सही रहेगा।
  •  पेपर-1 तथा पेपर-2 दोनों समान महत्व रखते हैं। पेपर-1 देने के बाद क्वेश्चन या माक्र्स की तुलना न करें। 12 से 2 बजे के बीच कूल माइंड से केवल पेपर-2 के बारे में सोचें। दोनों पेपर में आसान, एवरेज व कठिन प्रश्नों का मिश्रण होता है, इसलिए इसमें समय न गवाएं।
  •  पुराने जेईई-एडवांस्ड पेपर की प्रेक्टिस करते समय फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स तीनों में जिस सीक्वेंस से प्रश्न हल किए, मेन पेपर को अटैम्प्ट करते समय सीक्वेंस को बदले नहीं।
  •  पेपर में स्कोर के लिए निगेटिव मार्किंग महत्व रखती है, इसलिए किसी ंकठिन प्रश्न में 2 अंक माइनस होने का संशय हो तो उसे छोड़ना बेहतर है।
  • याद रहे, आपने जेईई-एडवांस्ड के पेपर में 60 से 70 प्रतिशत प्रश्न आत्मविश्वास के साथ हल किए हैं, तो आप सुरक्षित जोन में रहेंगे।

पैन कार्ड में संशोधन या बदलाव अब खुद ही ऑनलाइन कर सकेंगे

कोटा। आपके पैन कार्ड में कोई गलती है या उसमें कुछ बदलाव की जरूरत है। ऐसे में अब आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं, बल्कि आप स्वयं ही अपने पैन कार्ड में बदलाव कर सकते हैं। आयकर विभाग ने पैन और आधार में बदलाव के लिए ऑनलाइन सुविधा की शुरूआत कर दी है। इसके लिए आयकर विभाग की वेबसाइट पर दो अलग अलग लिंक डाले गए हैं।

आयकर विभाग ने अपनी वेबसाइट पर आधार लिंक करने की सुविधा के साथ ही इस सुविधा की शुरुआत कर दी है। इसके लिए आयकर विभाग की वेबसाइट पर एक हाइपरलिंक भी डाला गया है, जिसपर जाकर आप अपने पैन कार्ड में संशोधन कर सकेंगे। यहां से नया पैन कार्ड भी अप्लाई किया जा सकेगा।

 पिछले सप्ताह ही गत सप्ताह आयकर विभाग ने करदाताओं के लिए एक सुविधा लांच की थी, जिसके जरिए वे अपने आधार और पैन को लिंक कर सकते हैं। इसके तहत करदाताओं को पैन और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक अपना नाम और आधार संख्या दर्ज करना होता है। 

यूआईडीएआई द्वारा सत्यापन के बाद पैन और आधार के लिंक होने की पुष्टि कर दी जाती है। दिए गए आधार नाम में यदि कोई मामूली विसंगति दिखती है, तो यूआईडीएआई में व्यक्ति के दर्ज मोबाइल नंबर पर आधार ओटीपी भेजा जाता है। अब आयकर विभाग ने पैन और आधार दस्तावेज की गड़बड़ियों को ठीक करने की भी सुविधा लांच कर दी है।

​आधार में बदलाव के लिए आप ‘आधार सेल्फ सर्विस अपडेट पोर्टल’ पर लॉग इन कर अपने विवरणों को बदल सकते हैं। इसके लिए प्रमाण के तौर पर दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करना होगा। गौरतलब है कि आम बजट में संशोधन के बाद आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार की जानकारी देना जरुरी हो गया है। इसीलिए पैन को आधार के साथ लिंक करने की व्यवस्था की गई है।

बेवॉच : मियामी के बीच पर देसी गर्ल प्रियंका चौपड़ा

मुंबई। बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा जल्‍द ही मूवी बेवॉच में नज़र आने वाली हैं।थियेटर में इस फिल्‍म के आने से पहले प्रियंका ने मियामी के बीच पर बेवॉच के रूप में उतरकर सबका ध्‍यान खींच लिया।

ब्‍लैक बिकिनी में प्रियंका ने हॉट फोटो शूट करवाया जो कि इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।इसमें प्रियंका ब्राज़ील की सुंदरी एड्रियना लिमा के साथ नज़र आ रही हैं।

दोनों सुंदरियों ने लहरों के बीच मस्‍ती की और वे अब बेस्‍ट फ्रेंड भी कही जा रही हैं।प्रियंका की इस फिल्‍म का उनके प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार है। प्रियंका इन दिनों हॉलीवुड प्रोजेक्‍ट में अधिक व्‍यस्‍त हैं।