Thursday, July 2, 2026
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स्कोडा ऑक्टाविया आरएस और रैपिड मोंटे कार्लो की बुकिंग शुरू

नई दिल्ली। स्कोडा ने ऑक्टाविया आरएस और रैपिड मोंटे कार्लो की बुकिंग शुरू कर दी है। इन दोनों कारों को आने वाले कुछ दिनों में लॉन्च किया जाएगा। सबसे पहले बात करते हैं रैपिड मोंटे कार्लो की, यह स्कोडा रैपिड का ही स्पोर्टी वर्जन है, इसे टॉप वेरिएंट स्टाइल पर तैयार किया जा सकता है।

इसके डिजायन और फीचर में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। इसकी कीमत रैपिड स्टाइल से करीब 40-50 हजार रुपये ज्यादा होगी।इसे अगस्त के बीच में लॉन्च किया जाएगा।  रैपिड मोंटे कार्लो की, यह स्कोडा रैपिड का ही स्पोर्टी वर्जन है, इसे टॉप वेरिएंट स्टाइल पर तैयार किया जा सकता है।

इसके डिजायन और फीचर में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। इसकी कीमत रैपिड स्टाइल से करीब 40-50 हजार रुपये ज्यादा होगी। संभावना है कि इसे अगस्त के बीच में लॉन्च किया जाएगा।

दो दर्जन सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश को मंजूरी संभव

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नई दिल्ली। विनिवेश के अगले दौर में करीब दो दर्जन पीएसयू यानी उपक्रमों के नामों को अगले सप्ताह मंजूरी मिल सकती है। विनिवेश पर नीति आयोग की दूसरी रिपोर्ट पर विचार के लिए अंतर मंत्रालयी समिति की बैठक स्वतंत्रता दिवस के बाद होने की संभावना है। बैठक में इस सूची को मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में तैयार हुई इस रिपोर्ट में कुछ बड़े सार्वजनिक उपक्रमों के नाम शामिल होने की संभावना है। सूत्र बताते हैं कि आयोग इस सूची के जरिये कुछ उपक्रमों को पूरी तरह बंद करने की सिफारिश भी कर सकता है।

अंतर मंत्रालयी समिति की अध्यक्षता अरविंद पनगढ़िया के पास है जबकि नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, सदस्य विवेक देबरॉय, विनिवेश सचिव नीरज गुप्ता इसके सदस्य हैं। बताया जा रहा है कि बैठक अगले सप्ताह स्वतंत्रता दिवस के बाद किसी दिन हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक दरअसल पनगढ़िया चाहते हैं कि नीति आयोग से उनके जाने से पहले इस रिपोर्ट पर अंतिम मुहर लग जाए। इससे पहले भी अरविंद पनगढ़िया ने विनिवेश को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की थी। इसके तहत 20 पीएसयू के विनिवेश की सिफारिश की गई थी।

इनमें कुछ कंपनियों की रणनीति बिक्री की सिफारिश भी शामिल हैं। एयर इंडिया भी इन्हीं कंपनियों में से एक है।
इसके अतिरिक्त अरविंद पनगढ़िया बुरी तरह से घाटे में चल रहे कई सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की सिफारिश भी कर चुके हैं।

दरअसल नीति आयोग के गठन के बाद प्रधानमंत्री ने पनगढ़िया को सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। इसके तहत ही पनगढ़िया ने सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश की सूची तैयार करने का काम शुरू किया।

गौरतलब है कि अरविंद पनगढ़िया ने पहली अगस्त को नीति आयोग के वाइस चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया है। वह 31 अगस्त तक इस पद पर रहेंगे। इसलिए आजकल वे अपने लंबित काम को निपटाने पर जोर दे रहे हैं। उनकी कोशिश है कि जाने के पूर्व वह विनिवेश को लेकर अपनी ताजा रिपोर्ट को भी फाइनल कर प्रधानमंत्री को सौंप दें।

फ़िल्मी हस्तियां, बिल्डर्स और ब्रोकर्स के खिलाफ सेबी की जांच शुरू

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सेबी ने काला धन मामले में संदिग्ध मुखौटा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की

मुंबई। बाजार नियामक सेबी ने काला धन मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में बिल्डर, ब्रोकर और फिल्म क्षेत्र से जुड़ी इकाइयां भी जांच के घेरे में आयी हैं।

अवैध धन को वैध बनाने में विभिन्न इकाइयों की भूमिका का पता लगाने के लिये कई जांच एजेंसियां सैकड़ों संदिग्ध मुखौटा कंपनियों की जांच में जुटी हैं।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने उन 331 सूचीबद्ध इकाइयों को कारण बताओ नोटिस दिया है जिन पर मुखौटा कंपनियों के रूप में धन के लेन देन का काम करने का संदेह है। इसके अलावा 100 गैर-सूचीबद्ध इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गयी है जिन पर अवैध धन को सफेद बनाने के लिये शेयरों में काम करने का संदेह है।

लेकिन कुछ कंपनियों ने इस मामले को प्रतिभूति एवं अपीलीय न्यायाधिकण (सैट) में चुनौती दी। न्यायाधिकरण ने इन कंपनियों के पक्ष में फैसला सुनाया और मामले में जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने प्रतिभूति नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि कई छोटे ब्रोकर संदिग्ध मुखौटा कंपनियों की सूची में है। उनके बड़े ब्रोकरेज समूह से जुड़ाव की जांच सेबी कर रहा है। उसने कहा कि कुछ ब्रोकरों की भूमिका जांच के घेरे में आने से शेयर बाजार में अफरा-तफरी जैसी स्थिति है।

सेबी की 331 कंपनियों के शेयरों के कारोबार पर प्रतिबंध के निर्णय से बाजार में घबराहट बनी हुई है। सेबी के इस कदम से अल्पांश शेयरधारकों के हितों की रक्षा होगी। सेबी के अलावा इन कंपनियों की जांच आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय तथा गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय भी कर रहे हैं।

इनमें से कई कंपनियों पर नोटबंदी के बाद नकदी लेन-देन में शामिल होने का भी संदेह है। अधिकारियों ने आधिकारिक दस्तावेज तथा शुरूआती जांच में प्राप्त तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि करीब 500 इकाइयों (सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध) की जांच की जा रही है लेकिन उनमें से कुछ के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किये गये हैं।

बड़ी संख्या में जिन कंपनियों ने मुखौटा कंपनियों के रूप में काम किया, वे जमीन-जायदाद, जिंस और शेयर ब्रोकिंग, फिल्म और टेलीविजन, प्लांटेंशन और गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवाओं से संबद्ध इकाइयों से जुड़ी हैं। संदिग्ध कंपनियों से इन संपर्कों और सभी संदिग्ध लेन-देन के बारे में बताने को कहा गया है।

अभी तक 30% पैन को आधार से जोड़ा गया

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नयी दिल्ली। देश में अबतक 9.3 करोड़ से अधिक स्थायी खाता संख्या पैन को आधार से जोड़ा गया है। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज यह जानकारी दी। देश में पैनधारकों की संख्या 30 करोड़ है और इस हिसाब से अबतक 30 प्रतिशत पैन को आधार से जोड़ा गया है। करीब तीन करोड़ पैन और आधार को जून और जुलाई में जोड़ा गया।

उसने कहा, आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख पांच अगस्त तक आयकर विभाग ने 9.3 करोड़ से अधिक पैन को आधार से जोड़ा। अधिकारी के अनुसार यह संख्या आने वाले समय में बढ़ने की संभावना है क्योंकि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड सीबीडीटी दोनों को जोड़ने की अंतिम समयसीमा बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है।

सरकार ने एक जुलाई से आयकर रिटर्न भरने के लिये पैन-आधार जोड़ने को अनिवार्य कर दिया है। साथ ही नया स्थायी खाता संख्या यानी पैन हासिल करने के लिये आधार होना अनिवार्य कर दिया गया है।देश में करीब 30 करोड़ पैन आबंटित किय गये हैं जबकि 115 करोड़ लोगों को आधार आबंटित किये जा चुके हैं।

 

 

 

 

 

ड्यूटी फ्री चीनी का आयात अब और नहीं होगा

अनुमान है देश में चीनी का घरेलू उत्पादन अगले महीने समाप्त होने वाले चीनी सत्र में 2.04 करोड़ टन रह सकता है।

नई दिल्ली । देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए अभी शुल्क मुक्त चीनी के और आयात की सरकार की कोई योजना नहीं है। केंद्रीय खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने शनिवार को यह बात कही।

अक्टूबर से शुरू होने जा रहे अगले सीजन में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति और कीमत में स्थिरता सुनिश्चित करने के क्रम में सरकार ने गन्ना मिलों को पेराई जल्द शुरू करने को कहा है।

मंत्री ने कहा कि कीमतें स्थिर हैं और आने वाले त्योहारी मौसम में भी इनके स्थिर बने रहने का अनुमान है। पिछले महीने सरकार ने सस्ते आयात पर लगाम लगाने के लिए चीनी पर आयात शुल्क को 50 फीसद बढ़ा दिया था।

भारत में चालू चीनी वर्ष 2016- 17 (अक्टूबर से सितंबर) के दौरान चीनी की कुल आपूर्ति 2.79 करोड़ टन रही है। इसमें पिछला बकाया स्टॉक 70 लाख टन और सालभर के दौरान 2.04 करोड़ टन का चीनी उत्पादन और 5 लाख टन का आयात शामिल है।

मांग के अनुरूप घरेलू स्तर पर पर्याप्त चीनी 
राम विलास पासवान ने कहा, ‘यह मात्रा देश में चीनी की नई आवक होने तक घरेलू मांग की पूर्ति के लिए पर्याप्त है। अक्टूबर महीने के बाद से नई चीनी का उत्पादन शुरू होगा।’

अनुमान लगाया जा रहा है कि देश में चीनी का घरेलू उत्पादन अगले महीने समाप्त होने वाले चीनी सत्र में 2.04 करोड़ टन रह सकता है। यह आंकड़ा बीते वर्ष के 2.51 करोड़ टन की तुलना में कम रहेगा।
 

बड़े विलफुल डिफॉल्टर कैलाश अग्रवाल अरेस्ट

मुंबई। बैंकों और दूसरी संस्थाओं से 2,500 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर विलफुल डिफॉल्टर बने वरुण इंडस्ट्रीज के को-प्रमोटर कैलाश अग्रवाल को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। देश के सबसे बड़े विलफुल डिफॉल्टर्स में से एक कैलाश को पिछले सप्ताह एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया।

कैलाश अग्रवाल

अग्रवाल देश के टॉप 10 विलफुल डिफॉल्टर्स में से एक हैं। वह अपने बिजनस पार्टनर किरण मेहता के साथ देश से बाहर चले गए थे। 5 अगस्त को जब कैलाश अग्रवाल दुबई से लौटे तो सीबीआई ने उन्हें दबोच लिया। स्थानीय कोर्ट ने उन्हें रिमांड पर भेज दिया है।

अग्रवाल और मेहता ने कथित तौर पर चेन्नई स्थित इंडियन बैंक को 330 करोड़ का चूना लगया। इसके अलावा कई अन्य बैंकों से 1,593 करोड़ रुपये लिए। सीबीआई प्रवक्ता आरके गौड़ ने बताया, ‘वह भागे हुए थे और जांच से बच रहे थे।’

अधिकारियों ने बताया कि अग्रवाल और मेहता ने 2007 से 2012 के बीच इंडियन बैंक और दूसरे पब्लिक सेक्टर बैंकों से लोन लिए। सीबीआई के मुताबिक, 2013 में ये डिफॉल्टर होने लगे और शेयर्स के बदले मार्केट से काफी पैसा उठा लिया।

पिछले साल इंडियन बैंक की शिकायत पर सीबीआई ने वरुण इंडस्ट्रीज, अग्रवाल और मेहता के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का केस रजिस्टर किया।

मार्च 2013 में ऑल इंडिया बैंक एंप्लायीज असोसिएशन द्वारा तैयार विलफुल डिफॉल्टर्स की सूची के मुताबिक वरुण इंडस्ट्रीज और इसकी सहयोगी कंपनी वरुण जूल्स पर 10 सरकारी बैंकों का 1,242 करोड़ रुपये बकाया था।

इसके अलावा कंपनी ने प्राइवेट बैंक्स और फाइनैंस कंपनियों से भी लोन ले रखा था। इस सूची में सूरत बेस्ड डायमंड कारोबारी सबसे ऊपर हैं, जिनपर 7,000 करोड़ रुपये का कर्ज है।

इसके बाद विजय माल्या का नाम है, जिनपर 5,600 करोड़ रुपये का कर्ज है और विलफुल डिफॉल्टर होने के बाद भागकर लंदन चले गए।

इंटरकनेक्ट फीस कम हुई तो फ़ोन कॉल्स होंगी सस्ती

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नई दिल्ली। मोबाइल कॉल और डेटा सस्ता होने की दौड़ शुरू हुए करीब एक साल का वक्त गुजर चुका है। इसके और कम होने की संभावना जताई जा रही है। टेलिकॉम रेग्युलेरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) मोबाइल ऑपरेटर्स की उस फीस में कटौती कर सकता है जो वह कनेक्टिंग कॉल्स के लिए एक दूसरे को भुगतान करते हैं।

एक सूत्र ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘फिलहाल इंटरकनेक्ट यूसेज चार्जेस (आईयूसी) की दर 14 पैसे प्रति मिनट है लेकिन यह आसानी से 10 पैसे प्रति मिनट से कम हो सकता है।’

पिछले साल सितंबर में जब मुकेश अंबानी ने अपने रिलायंस जियो के जरिये लाइफटाइम मुफ्त कॉल का प्लान लॉन्च किया, तब से लगातार आईयूसी एक मुद्दा बना हुआ था। जियो, जो उपभोक्ताओं को फ्री कॉल की सुविधा देता है पर आईयूसी का भार बढ़ता जा रहा था।

कंपनी आईयूसी की दरों में कमी चाहती थी। जियो की नजर में आईयूसी वर्तमान ऑपरेटरों द्वारा बनाई गई कृत्रिम बाधा है। दूसरी ओर एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया जैसी कंपनियां इससे हजारों करोड़ रुपये कमाती हैं। ये पुरानी कंपनियां इस दर में और इजाफा चाहती हैं।

उदाहरण के लिए देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल की पिछले साल की आईयूसी डीलिंग करीब 10279 करोड़ रुपये थी। कंपनी इस कॉस्ट को 30 पैसे प्रति मिनट के ‘वास्तविक मूल्य’ तक ले जाना चाहती है।

ट्राई के अध्यक्ष आर एस शर्मा को एक लिखे एक हालिया खत में भारती इंटरप्राइसेज के चेयरमैन सुनील मित्तल ने लिखा, ‘आईयूसी की मौजूदा दर पहले ही लागत से कम है।’ उन्होंने ट्राई को इसकी दर एक ‘निष्पक्ष और पारदर्शी तंत्र द्वारा तय’ करने की बात कही।

जियो हालांकि एक ‘बिल ऐंड कीप’ (BAK) तरीका अपनाने की पक्षधर है। इसमें कंपनियां एक-दूसरे के बजाय ग्राहकों से वसूली कर सकती है। जियो वाइस कॉल के लिए 4जी आधारित (VoLTE) तकनीक का इस्तेमाल करती है।

कंपनी का कहना है कि आईयूसी की कोई प्रासंगिकता नहीं है चूंकि सारी इंडस्ट्री आईपी-आधारित (इंटरनेट प्रोटोकॉल) मॉडल्स की ओर बढ़ रही है। एयरटेल का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष के अंत होने तक पूरे देश में VoLTE सर्विस मुहैया करा देगी वहीं आइडिया भी इसकी तैयारी कर रही है।

ट्राइ ने आईयूसी की समीक्षा के लिए पिछले साल 5 अगस्त को एक परामर्श जारी किया था जिसके सिफारिशें एक महीने में आ सकती हैं। आईयूसी को लेकर ट्राई की योजनाओं पर एक सूत्र ने कहा कि आईयूसी की दरों में कटौती किए जाने की संभावनाएं काफी अधिक हैं।

इसके पीछे बड़ी वजह यह है कि इंटरनेट के जरिए कॉल करने पर महज 3 पैसे प्रति मिनट का ही खर्च आता है। सूत्र ने कहा, ‘रेट जरूर कम होंगे। आज के दौर में जब डेटा रेट काफी कम हुए हैं और नेटवर्क VoLTE अथवा 4G की ओर बढ़ रहे हैं ऐसे में 14 पैसे प्रति मिनट काफी ज्यादा रेट है।’

बैंकर्स हड़ताल टालने के प्रयास, बैठक बुलाई

नई दिल्ली । 22 अगस्त को राष्ट्रव्यापी बैंकरों की हड़ताल को रोकने के प्रयास में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और मुख्य श्रम आयुक्त ने वार्ता के लिए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) को बुलाया है। यह जानकारी अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के एक शीर्ष नेता ने दी है।

एआईबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने बताया, “आईबीए ने 16 अगस्त को मुंबई में एक बैठक के लिए यूएफबीयू को बुलाया भेजा है और मुख्य श्रम आयुक्त ने हमें 18 अगस्त को नई दिल्ली में एक बैठक के लिए बुलाया है।”

यूएफबीयू नौ बैंक यूनियन का एक संघ है। यूएफबीयू सरकारी बैंकों के निजीकरण, विलय एवं बैंकों के समेकन और कॉर्पोरेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) के लिए सरकार के फैसले की आलोचना कर रहा है।

साथ ही उसने मांग की है कि लोन को जानबूझ कर डिफॉल्ट करना क्रिमिनल अफेंस माना जाए। साथ ही एनपीए की वसूली पर संसदीय समिति की सिफारिशों को लागू किया जाए।

यूएफबीयू ने 22 अगस्त को बैंकिंग क्षेत्र और अन्य मुद्दों में सुधार के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नोटिस दिया है। वेंकटचलम ने कहा, “मुद्दों को हल करने के लिए हमने सभी विकल्प खुले रखे हैं, आईबीए और केंद्र सरकार को भी इसी दिशा में सोचना चाहिए।”

 

गोल्ड पर जीएसटी दर बढ़ाएं : इकोनॉमिक सर्वे

नई दिल्ली । सोने पर तीन फीसद की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दर काफी कम है और इसे बढ़ाए जाने की जरूरत है, क्योंकि इसका ज्यादातर इस्तेमाल देश के अमीर लोग करते हैं। इकोनॉमिक सर्वे के लेखक और भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन का कुछ ऐसा ही मानना है।

वित्त वर्ष 2016-17 के आर्थिक सर्वे वॉल्यूम II को बीते शुक्रवार संसद में पेश किया गया था। इसमें कहा गया, “सोने और आभूषण उत्पाद जो कि बहुत अधिक अमीर लोगों की ओर से बेहिसाब खपत वाली वस्तुएं हैं और उन पर 3 फीसद की जीएसटी दर बहुत कम है।”

दस्तावेज़ में यह भी कहा गया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कर की आवश्यकता थी। इसमें कहा गया, “स्वास्थ्य और शिक्षा को पूरी तरह से बाहर रखना इक्विटी के साथ असंगत है, क्योंकि ये अमीर लोगों की ओर से बेहिसाब रूप से उपभोग की जाने वाली सेवाएं हैं।”

 स्वास्थ्य और शिक्षा पूरी तरह से टैक्स नेट से बाहर हैं और जीएसटी के तहत इसे छूट दी गई है। इसके अलावा अल्कोहल, पेट्रोलियम, एनर्जी प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिसिटी और कुछ लैंड और रियल एस्टेट से जुड़े लेनदेन जीएसटी के दायरे से बाहर हैं।

लेकिन जीएसटी के इतर केंद्र और राज्य इस पर कुछ कर लगाते हैं। इलेक्ट्रिसिटी को जीएसटी के फ्रेमवर्क में लाने से इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा में इजाफा होगा क्योंकि बिजली पर लगाने वाले कर में मैन्युफैक्चरर की कॉस्ट भी शामिल होती है जिसे इनपुट टैक्स क्रेडिट के माध्यम से क्लेम किया जा सकता है।

नोट – इस खबर पर अपना कमेंट अवश्य लिखें। क्या जनता पर टैक्स का इतना ज्यादा भर डालना उचित है। जितनी टैक्स की दरें भारत में हैं, उतनी दुनिया के किसी देश में नहीं है। जीएसटी में एक देश एक रेट का नारा भी झूठा है। 

आधार को PAN से जोड़ने की कोई समय सीमा नहीं: जेटली

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोक सभा में बताया है कि सरकार ने आधार को पैन जोड़ने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की है।

जेटली से जब सवाल किया गया कि क्या सरकार ने 12 अंक वाले आधार कार्ड को पर्मानेंट एकाउंट नंबर से जोड़ने की कोई आखिरी तारीख तय की है या नहीं तो इस पर उन्होंने जवाब दिया है कि सरकार की ओर से फिलहाल कोई आखिरी तारीख तय नहीं की गई है। 28 जून, 2017 तक देशभर में कुल 25 करोड़ पैन कार्डधारक है, जबकि 111 करोड़ लोगों को आधार कार्ड जारी कर दिया गया है।

देशभर में 11.44 लाख PAN कार्ड बंद 
देशभर में करीब 11.44 लाख से अधिक पैन कार्ड या तो बंद कर दिये गये हैं या फिर निष्क्रिय कर दिये गये हैं। ऐसा अधिकांश उन मामलों में किया गया है जहां पर किसी के पास एक से अधिक पैन कार्ड था। यह जानकारी वित्त राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार ने दी है।