Saturday, May 2, 2026
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क्लीन मनी पोर्टल लगाएगा टैक्स चोरी पर लगाम

नई दिल्ली।  सरकार ने काले धन और टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए एक क्लीन मनी पोर्टल लांच किया है, जिससे की उन लोगों के बारे में आसानी से पता चल जाएगा कि जो कि बिना बताए काले धन को छुपा रहे हैं या फिर उससे कोई बड़ी खरीददारी कर रहे हैं।  

इस पोर्टल को लांच करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार की उन लोगों पर नजर हैं जिनको अभी भी लगता है कि वो टैक्स की चोरी कर लेंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा। 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के द्वारा लांच की गई इस वेबसाइट के जरिए सरकार को उन लोगों के बारे में भी पता चल जाएगा जो कि अभी तक टैक्स चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं और अपने काले धन को बड़ी खरीददारी या फिर उसको जमा कर रहे हैं। अभी तक सरकार ने 18 लाख लोगों को इस पोर्टल के जरिए पकड़ लिया है, जिनके ट्रांजेक्शन उनकी प्रोफाइल से काफी ज्यादा हो रहे हैं। 

सरकार करेगी हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन का वेरिफिकेशन

सरकार ने कहा है कि वो इस पोर्टल के माध्यम से हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन का वेरिफिकेशन करेगी। जैसे ही व्यक्ति अपना पैन नंबर सबमिट करेगा वैसे ही ‘2016 के कैश ट्रांजेक्शन’ नाम से एक लिंक वेबसाइट पर दिखेगा।

वहां पर टैक्सपेयर को अपने ट्रांजेक्शन वैरिफाई करवाने के लिए डिटेल भरनी होगी। इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट एसएमएस और ई-मेल के जरिए उनको ट्रांजेक्शन वैरिफाई करने के बारे मे सूचित करेगी। 

आधार के बिना नहीं मिलेगा सिम कार्ड, टेलिकॉम रेग्युलेटरी ने कहा

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नई दिल्ली।   टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने आधार कार्ड के बगैर सिम कार्ड देने पर रोक लगा दी है। ट्राई की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि मोबाइल सिम कार्ड, ब्रॉडबैंड और फिक्स लाइन फोन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा।

 फरवरी में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था लगभग एक साल में देश के सभी सिम कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने कहा था कि ऐसा मैकेनिज्म लाया जा रहा है, जिससे इन मोबाइल सिम को भी आधार से जोड़ा जा सके।

देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की बात पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया खेहर ने कहा था कि मोबाइल सिम कार्ड रखने वालों की पहचान बेहद जरूरी है, ऐसा न होने पर यह धोखाधड़ी से रुपये निकालने के काम में इस्तेमाल हो सकता है।

सरकार को जल्द ही पहचान करने की प्रक्रिया करनी चाहिए, वहीं केंद्र की ओर से कहा गया था कि इस मामले में उसे हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते का वक्त दिया।

ट्राई के नियम के मुताबिक अब हर सिमकार्ड के लिए ई-केवाईसी जरूरी होगा। ट्राई की ओर से प्रस्तावित नियमों के तहत न सिर्फ नई मोबाइल सिम बल्कि मौजूदा सभी मोबाइल सब्सक्राइबर्स का ई-केवाईसी वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

किसी दूसरे सर्कल में जाकर मोबाइल फोन कनेक्शन को लेकर काफी दिक्कते आती हैं। लोगों को एड्रेस प्रूफ देने में परेशानी होती है, लेकिन ईकेवाईसी के बाद ये समस्या खत्म हो जाएगी। अब ईकेवाई से एक ही अड्रेस पर पूरे देश में सिम हासिल किया जा सकेगा। 

फिल्म “दोबारा” : हुमा का नया गाना ‘कारी कारी’ रिलीज

मुंबई। हुमा कुरैशी की फिल्म “दोबारा” का एक गाना रिलीज हुआ। गाने के बोल हैं ‘कारी कारी सौंधी अखियां’। हुमा अपने भाई साकिब सलीम के साथ थ्रिलर फिल्म ‘दोबारा’ में नजर आएंगी। यह साल 2013 में आई फिल्म ‘ओकुलस’ का रीमेक है। पिछले हफ्ते इस फिल्म का बेहद डरावना ट्रेलर जारी हुआ था।

फिल्म को डायरेक्ट किया है प्रवाल रमन ने। प्रवाल रमन एक जमाने में राम गोपाल वर्मा कैम्प से जुड़े थे। उन्होंने ‘गायब’ बनाई थी और ‘डरना मना है’ का भी हिस्सा रहे थे। उन्हें हाॅरर की खासी समझ है। और यह ट्रेलर में साफ नजर आता है।इंडस्ट्री से काफी समय गायब रहने के बाद वे ‘दोबारा’ लेकर आ रहे हैं।

ट्रेलर से पता लगता है कि साकिब और हुमा इस फिल्म में भी भाई-बहन का किरदार ही निभा रहे हैं। दोनों अपने घर में मौजूद एक आइने का राज जानने की कोशिश कर रहे हैं।हुमा का इस ट्रेलर में अंदाज वैसा ही है जैसा ‘एक थी डायन’ में नजर आया था। वे खौफ के भाव चेहरे पर कमाल तरीके से लाती हैं।

दूसरों को डराने में भी उनका कोई सानी नहीं है।साकिब की आखिरी चर्चित फिल्म ‘हवा हवाई’ थी। अमोल गुप्ते की यह फिल्म कुछ खास नहीं कर पाई थी। यह फिल्म दो जून को रिलीज हो रही है। बहुत दिनों बाद विक्रम भट्ट के अलावा कोई हाॅरर फिल्म रिलीज कर रहा है

दालों पर स्टाॅक लिमिट हटाने के निर्देश : पासवान

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नई दिल्ली।  लंबी अवधि से स्टाॅक लिमिट हटाने की मांग कर रही दाल इंडस्ट्री की मांग बुधवार को  उस समय पूरी हो गई जब खाद्य वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने इसकी जानकारी ट्वीट कर के दी। ट्वीट में लिखा है कि दाल उत्पादक किसानों के हितों को देखते हुए राज्यों को सभी दालों पर से स्टाॅक लिमिट हटाने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि केन्द्र सरकार लगातार कहती आई थी कि ये राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हैं और राज्य सरकारें अगर चाहें तो लिमिट हटा सकती है। लेकिन दालों की कीमतों पर नियन्त्रण के लिए राज्य सरकारें स्टाॅक लिमिट नहीं हटा रही थीं।

चूंकि साल 2016-17 में आए कृषि उत्पादन के आंकड़े रिकाॅर्ड हैं और आगे माॅनसून को लेकर भी जो खबरें आ रही हैं वो सकारात्मक संकेत दे रही हैं। जिसको देखते हुए सरकार ने ये कदम उठाया है।

“लक्ष्य” समर कैम्प : नॉन फायर कुकिंग में व्यंजन बनाना सीखा

कोटा। एसआर पब्लिक सी. सै. स्कूल में बुधवार को आयोजित “लक्ष्य” समर कैम्प 2017 के सातवें दिन भी बच्चों व अभिभावकों में भारी उत्साह देखने को मिला ।कैम्प में बच्चों को नॉन फायर कुकिंग में अनेक व्यंजन बनाना सिखाया जा रहा है ।

कैम्प में यह देखा गया कि एक बच्चे की माताजी बीमार होने पर सभी परिवार के सदस्यों को नॉन फायर कुकिंग के माध्यम से अनेक व्यंजन बनाकर घर वालों को आश्चर्यचकित कर दिया ।इस प्रकार की कुकिंग से बच्चों कों तैलिय बाजारी चीजों से निजात मिल सकेगी।

साथ ही उनका शरीर भी स्वस्थ और निरोगी रह सकेगा।अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा शर्मा ने बताया कि इन गतिविधियों को सीखकर बच्चे किसी पर आश्रित न रहकर अपना कार्य स्वयं कर सकते हैं और अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रख सकते हैं।

 

आईसीआईसीआई बैंक ने 10 लाख रुपए मूल्य के सिक्के और नकदी बदली

अन्ता और बारां में 3 कॉइन एक्सचेंज मेले में करीब 200 लोगों ने फायदा उठाया

कोटा। आईसीआईसीआई बैंक ने राजस्थान प्रदेश के अंता और बारां में तीन कॉइन मेलों का आयोजन किया। इनमें से दो कॉइन मेले बारां स्थित बैंक की मुख्य बाजार और राजभवन रोड शाखा में तथा तीसरा कॉइन मेला समीपवर्ती कस्बे अन्ता में आयोजित किया गया।

इन कॉइन मेलों का करीब 200 लोगों ने लाभ लिया और इन लोगों ने 10, 5, 2 और 1 रुपए के सिक्के के साथ ही 10, 20 और 50 के नोट बदलवाए जिसके बदले में नई मुद्राए उन्हें दी गईं। आईसीआईसीआई बैंक समय-समय पर इस प्रकार के कॉइन मेलों का आयोजन करता है जिसमें आम जनता को पुराने नोट एवं सिक्के मुफ्त में बदलने की सुविधा दी जाती है।

यह बहु प्रतीक्षित आयोजन है जिन्हें जिन्दगी के हर वर्ग के लोगों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त होती है। इन मेलों में कोई भी व्यक्ति इस सुविधा का निःशुल्क लाभ उठा सकता है। आईसीआईसीआई बैंक की 31 मार्च 2017 तक पूरे देश में 4,850 शाखाएं, 13,882 एटीम्स कार्यरत थे। बैंक की राजस्थान में 400 से अधिक शाखाएं है जिस कारण यह प्रदेश के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा कार्यरत बैंक है।

फोर्ब्‍स की ‘ग्लोबल गेम चेंजर्स’ सूची में मुकेश अंबानी सबसे ऊपर

न्यूयॉर्क।  रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी को फोर्ब्‍स पत्रिका की दुनियाभर में पासा पलटने वाला काम करने वाले लोगों की सूची में पहला स्थान मिला है। पत्रिका की इस सूची में उन लोगों को शामिल किया गया है जिन्होंने अपने उद्यमों के जरिये दुनियाभर में करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।

फोर्ब्‍स की इस दूसरी वार्षिक वैश्विक पासा पलटने वालों की सूची में 25 ‘साहसी व्यावसायियों’  को शामिल किया गया है जो चुप नहीं बैठे रह सकते और यथास्थिति से संतुष्ट नहीं रहते हैं। वह अपने उद्योग धंधों में कुछ नया करते रहते हैं जिससे कि दुनियाभर में करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आता है।

अंबानी (60 वर्ष) इस सूची में सबसे ऊपर हैं। भारत में आम लोगों तक इंटरनेट को पहुंचाने के पासा पलटने वाले उनके प्रयास के लिए उन्हें सूची में यह स्थान मिला है। फोर्ब्‍स ने मुकेश अंबानी की कंपनी के मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर रिलायंस जियो के बारे में जानकारी देते हुए लिखा है, ‘तेल एवं गैस क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति ने देश के दूरसंचार बाजार में जोरदार ढंग से प्रवेश किया।

उसने काफी सस्ते दाम पर लोगों को तीव्र इंटरनेट उपलब्ध कराया और छह महीने में ही 10 करोड़ ग्राहकों को अपने साथ जोड़ा। इससे दूरसंचार बाजार में सुदृढ़ीकरण की लहर सी चल पड़ी।’ फोर्ब्‍स ने अंबानी द्वारा कही बात को दोहराते हुए कहा, ‘सब कुछ और हर वह चीज जो डिजिटल हो सकती है, वह डिजिटल हो रही है। भारत इसमें पीछे नहीं रह सकता।’

विभिन्न क्षेत्रों में खेल का पासा पलटने वालों की इस सूची में जो  घरेलू सामान बनाने वाली कंपनी डायसन के जेम्स डायसन, अमेरिका के ग्लोबल इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कॉरपोरेशन ब्लैक रॉक के सह- संस्थापक लैरी फिंक, सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान, सोशल मीडिया कंपनी स्नैप के सह-संस्थापक एवान स्पीजेल, चीन की कंपनी दीदी चुक्सिंग के संस्थापक चेंग वेई और अफ्रीका की खुदरा कारोबार कंपनी क्रीस्टो वीएसे शामिल हैं।

खेलने की उम्र में बाइक पर फर्राटा भरते ये जनाब

नई दिल्ली। चार साल की उम्र में जहां बच्चे ठीक से बाय-बाय करना भी नहीं सीख पाते, एक जनाब ऐसे भी हैं जो मिनी मोटरबाइक पर रफ्तार से बात कर उम्र को ठेंगा दिखाते हैं। आपको शायद याद भी न हो कि इस उम्र में आपने क्या किया था, लेकिन इन्हें अच्छे से याद है कि बाइक पर बैलेंस कैसे बनाना है।

आइये मिलाते हैं आपको यूक्रेन के इस बेबी-बाइकर से…यूक्रेन के रहने वाला टीमा कुलेशोव महज ढाई साल की उम्र से मिनी मोटरबाइक चला रहा है। अच्छी बात यह है कि उसके पैरेंट्स भी उसे पूरा सपोर्ट कर रहे हैं।

उसके माता-पिता अलेक्जेंडर और विक्टोरिया ने उसे टायर बैलेंस वाली स्ट्राइडर मिनी मोटरबाइक लेकर दी है। उन्हें टीमा की सेफ्टी की चिंता जरूर है लेकिन उन्होंने कभी इसे टीमा की बाइकिंग के आड़े नहीं आने दिया। टीमा के पिता कहते हैं कि उसे रफ्तार पसंद है, मगर वह कभी शो-आफ नहीं करता।

कई बार तो वह मिलने वालों को बताता तक नहीं कि वह बाइकर है।टीमा ने चार साल से कम उम्र में मोटरसाइकिल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। उसने यूक्रेन और रूस दोनों में आयोजित होने वाली चिल्ड्रेंस मोटो प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया है।

बच्चों की मिनी मोटरसाइकिल का मतलब धीमी रफ्तार जरा भी नहीं, ये बाइक्स 72 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती हैं। टीमा ने इन प्रतियोगिताओं में सबसे कम उम्र के सवार होने का रिकॉर्ड बनाया है, और अपने आयु वर्ग में प्रतिस्पर्धा खोजने में भी परेशानी हो रही है।

चाइना के सेब और नाशपाती में कीड़े, इंपोर्ट रोका

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नई दिल्ली। चीन से आने वाले कृषि उत्पादों पर रोक लगाने के पहले मामले के तहत सरकार ने वहां के सेब और नाशपाती के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है। इंडिया ने आने वाले शिपमेंट्स में कीड़े होने का हवाला देते हुए चीन के सेब, नाशपाती और मेरीगोल्ड फ्लॉवर सीड्स पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है।

चीन से होने वाले फल और सब्जी आयात में इन दो फलों की हिस्सेदारी करीब 90 पर्सेंट है। मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया, ‘हमें लगातार चीन से आ रहे सेब, नाशपाती और मेरीगोल्ड फ्लॉवर सीड्स में पेस्ट्स मिल रहे थे। ऐसे में हमने इनके इंपोर्ट्स को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।’

अप्रैल से फरवरी के बीच में इंडिया ने चीन से 13.2 करोड़ डॉलर के सेब और नाशपाती इंपोर्ट किए। पिछले साल इसी अवधि में 4.42 करोड़ डॉलर के सेब और नाशपाती आयात हुए थे। इस तरह से इसमें 200 पर्सेंट का उछाल दर्ज किया गया। चीन को भेजे गए कई पत्रों में भारतीय अधिकारियों ने नियमों के पालन न होने और फायटोसैनिटरी नॉर्म्स का उल्लंघन का जिक्र किया, जिनसे इंडियन ऐग्रिकल्चर को गंभीर बायोसिक्यॉरिटी रिस्क हो सकता है।

1 मई को भेजे गए अपने हालिया पत्र में इंडिया ने कहा, ‘सेब, नाशपाती और मेरीगोल्ड फ्लॉवर सीड्स से जुड़े हुए पेस्ट्स लगातार पाए गए हैं। इससे चीन में फायटोसैनिटरी कंट्रोल सिस्टम की नाकामी का पता चलता है।’ चीन ने इसके जवाब में कहा कि ये पकड़े गए क्वारंटाइन पेस्ट्स शायद पैकेजिंग और सर्कुलेशन की प्रक्रिया के दौरान आए होंगे।

इंपोर्टेड कमोडिटीज के मामले में नियमों का पालन न होने के बारे में चीन को लगातार बताए जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं है। भारत ने अब इन तीनों कमोडिटीज को लेकर अतिरिक्त जानकारी मांगी है। इंडिया जानना चाहता है कि फायटोसैनिटरी रिस्क से बचने का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर क्या है। साथ ही, पैकेजिंग और वेयरहाउसिंग के लिए अप्रूवल की लिस्ट भी इंडिया ने मांगी है।

 

ग्राहक अब खुद जनरेट करेंगे अपना एटीएम का पिन

नए बैंक खाते व कार्ड जारी कराने पर नई व्यवस्था, ई-मेल आईडी की तरह तैयार करना होगा पासवर्ड

कोटा। ग्राहकों की गोपनीय जानकारी को और भी सुरक्षित करने की दिशा में बैंकों ने व्यवस्था में एक और बदलाव किया है। कैश के लिए अपने एटीएम का इस्तेमाल कर रहे ग्राहकों को भी अब बैंक केवल एटीएम कार्ड जारी करेंगे, जबकि उनका कोड या पासवर्ड ग्राहकों को खुद ही जनरेट करना होगा।

अपने ईमेल अकाउंट की तरह एटीएम से खाते में रकम लेन-देन की कार्रवाई करने पिन का तैयार करने ग्राहकों को एक आसान प्रक्रिया से गुजरना होगा। एसबीआई में एटीएम का पिन जनरेट करने की प्रक्रिया खाता धारक द्वारा ही पूरी किए जाने की व्यवस्था लागू कर दी गई है।

बैंकों में केवल एटीएम कार्ड ही जारी जा रहे हैं और पिछले कुछ माह से किसी भी शाखा में मुख्यालय से एटीएम के पिन नहीं भेजे जा रहे। मशीन के जरिए प्रदान की जा रही सेवाओं में एटीएम का पिन नंबर और बैंक खाते ऑपरेट करने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर कॉमन कड़ी है।

अब तक निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैंक में आवेदन देने के कुछ दिन बाद एटीएम कार्ड जारी किए जाते थे। ग्राहक या तो बैंक जाकर या उनके दिए पते पर एटीएम कार्ड और उसका पिन नंबर घर पहुंच जाया करता था।

कुछ बैंक एटीएम कार्ड या पिन प्रदान करने के लिए ग्राहक को बैंक बुलाकर ही प्रक्रिया पूरी करते हैं। पर अब ऐसा नहीं होगा और ग्राहकों को अपने पिन खुद ही तैयार करने होंगे। बैंक प्रबंधन अपने ग्राहकों को केवल एटीएम कार्ड उपलब्ध कराएंगे, जबकि उसका पिन उन्हें अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की मदद से ही जनरेट करना होगा।

जानकारी नहीं, परेशान हो रहे ग्राहक

इस संबंध में जानकारी नहीं होने के कारण कई ग्राहक एटीएम कार्ड लेकर भटकने मजबूर हैं। एटीएम मशीन पर अपना कार्ड स्वाइप पर वे सभी सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं, जो बैंक उन्हें प्रदान करते हैं।

इनमें कैश निकालना या जमा करना, कार्ड टू कार्ड कैश ट्रांसफर, पासबुक एंट्री, खाते का बैलेंस, अकाउंट टू अकाउंट पैसे ट्रांसफर करने से लेकर अन्य कई अहम सेवा एटीम सेंटर से ही ऑपरेट की जा सकती है।

पुरानी व्यवस्था के तहत अब तक जारी किए जा चुके एटीएम कार्ड और उनके लिए पिन की जानकारी बैंक मुख्यालय के सर्वर में मौजूद रहती थी, जहां से पिन जनरेट करने पर मौजूद डाटा हैक होने का खतरा अब नहीं रहेगा, ऐसी उम्मीद की जा रही।
बाक्स पिन बनाने प्रक्रिया

  • एसबीआई से जारी 567676 नंबर पर पीआईएन स्पेस एटीएम के लास्ट 4 डिजिट स्पेस अकाउंट नंबर लास्ट चार डिजिट लिखकर एसएमएस करना होगा।
  • इसके बाद मोबाइल पर एक पिन नंबर आएगा।
  •  इस पिन का एटीएम सेंटर जाकर मशीन में बताए गए दिशा-निर्देश के अनुसार पिन नंबर चेंज करना होगा।
  •  इस नंबर जिस दिन एसएमएस भेजा जाएगा, उसी दिन रात 12 बजे से पहले प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
  • उसी दिन प्रक्रिया पूरी न हुई, तो अगले दिन वही प्रक्रिया शुरू से दोहरानी होगी।
  •  एक बैंक में एक ही मोबाइल नंबर करेगा काम । 
  • कुछ बैंकों के एटीएम में पिन होम ब्रांच के एटीएम पर जाकर ही बनाना होता है।