Wednesday, April 29, 2026
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इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश 4 माह के उच्चस्तर पर

मुंबई। इक्विटी म्युचुअल फंडों में निवेश अप्रैल में चार महीने के उच्चस्तर 9,429 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। खुदरा निवेशकों की भागीदारी तथा म्युचुअल फंड कंपनियों द्वारा जागरूकता के प्रसार से इसमें निवेश का प्रवाह बढ़ा है। यह लगातार 13वां महीना रहा जबकि इक्विटी योजनाओं में निवेश का प्रवाह हुआ।

इससे पहले मार्च, 2016 में इस तरह के कोषों से 1,370 करोड़ रुपये निकाले गए थे।  इस मजबूत प्रवाह से इक्विटी म्युचुअल फंडों की परिसंपत्तियां अप्रैल में इससे पिछले महीने की तुलना में पांच प्रतिशत बढ़ गईं। 

बजाज कैपिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल पारेख ने कहा, ‘भारतीय निवेशकों ने अंतत: म्युचुअल फंडों ने स्वीकार कर लिया है और इसका श्रेय नियामकों और म्युचुअल फंड उद्योग की एएमसी को जाता है।’

पारेख ने कहा, ‘सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) और सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) जैसे निवेश के तरीकों ने निवेशकों को चयन का विकल्प दिया है। इसके अलावा निवेशकों को एकमुश्त या एक निश्चित समय के हिसाब से निवेश का भी विकल्प मिला है।’ 

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार इक्विटी कोषों में अप्रैल में शुद्ध प्रवाह 9,429 करोड़ रुपये का रहा जो इससे पिछले महीने के 8,216 करोड़ रुपये से अधिक है।

सपाट बंद हुआ बाजार, निफ्टी 9422 के स्तर पर बंद

मुंबई। सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद गुरुवार को शेयर बाजार सपाट बंद हुए है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 3 अंक की मामूली बढ़त के साथ 30,250 के स्तर पर और निफ्टी 15 अंक की बढ़त के साथ 9422 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुए है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स 0.02 फीसद की बढ़त और स्मॉलकैप 0.52 फीसद की कमजोरी के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं।

ऑटो सेक्टर में तेजी

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो बैंक और फाइनेंशियल सर्विस को छोड़ सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा खरीदारी ऑटो सेक्टर में देखने को मिली है। एफएमसीजी (0.30 फीसद), आईटी (0.36 फीसद), मेटल (0.56 फीसद), फार्मा (0.72 फीसद) और रियल्टी (0.26 फीसद) की बढ़त देखने को मिली है।

आईशर मोटर्स के शेयर्स टॉप गेनर

दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 29 हरे ऩिसान में और 22 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा तेजी आईशर मोटर्स, जील, हीरोमोटोकॉर्प, हिंडाल्को और बजाज ऑटो के शेयर्स में देखने को मिली है। वहीं, गिरावट एक्सिस बैंक, ओएनजीसी, भारती एयरटेल, आईओसी और गेल के शेयर्स में देखने को मिली है।

भारती एयरटेल में 8 फीसद तक की तेजी
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 39 हरे निशान में, 11 शेयर गिरावट के साथ और एक बिना किसी परिवर्तन के कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी भारतीएयरटेल, जील, हिंदुस्तान यूनिलिवर, ऑरोफार्मा औऱ एचडीएफसी के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट विप्रो, टाटापावर, अल्ट्रासीमेंट, एशियन पेंट औऱ एचसीएलटेक के शेयर्स में देखने को मिल रही है।

एस. आर. पब्लिक सी. से. स्कूल में “लक्ष्य” समर कैम्प 2017 का शुभारम्भ

कोटा। एस.आर.पब्लिक सी. से. स्कूल  में गुरुवार को विद्यालय के छोटे बच्चों के साथ चेयरमैन आनंद राठी ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर “लक्ष्य” समर कैम्प 2017 का शुभारम्भ किया। वहीं प्रधानाचार्या सीमा शर्मा ने इस  मौके पर सभी छोटे बच्चों को रंग-बिरंगे गैस के गुब्बारे दिए।

एसआर पब्लिक स्कूल के चेयरमैन आनंद राठी “लक्ष्य” समर कैम्प का शुभारम्भ करते हुए।

यह कैम्प 11 से 21 मई तक आयोजित किया जा रहा है । इस कैम्प के लिए विद्यालय में आकर रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है. विद्यालय की ओर से बच्चों को संपूर्ण कोटा से लाने एवं ले जाने की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा रही है ।

इस कैम्प में पचास से अधिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं । इन गतिविधियों का सभी उम्र के बालक-बालिकाएं आनंद उठाते हुए ज्ञान व गुणों के माध्यम से कैम्प को यादगार बना रहे हैं । सभी बच्चों ने पहले दिन कैम्प में खूब बढ़-चढ़कर भाग लिया।

अभिभावक रजिस्ट्रेशन काउन्टरों पर अपने बच्चों का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे थे । बच्चों व अभिभावकों में कैम्प को लेकर काफी उत्साह नजर आ रहा था ।

इसुजु की mu-X, फॉर्चुनर हुई लॉन्च, कीमत 23.99 लाख रुपये से शुरू

मुंबई। इसुजु ने एमयू-एक्स एसयूवी को लॉन्च कर दिया है। यह केवल एक वेरियंट में उपलब्ध है। इसकी कीमत 23.99 लाख रुपये से शुरू होकर 25.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) तक है। सेगमेंट में इसका मुकाबला टोयोटा फॉर्चूनर, फॉर्ड इन्डेवर और शेवरले ट्रेलब्लेजर से होगा। इसे इसुजु के लाइफस्टाइल पिकअप ट्रक डी-मैक्स वी-क्रॉस पर तैयार गया है।

फीचर्स : इसुजु एमयू-एक्स में कई अच्छे फीचर मिलेंगे। इस में एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइटें, प्रॉजेक्टर हैडलैंप्स, 17 इंच के डायमंड-कट अलॉय वील, टू-टोन फ्रंट और रियर बंपर, ड्यूल-टोन आइवरी-ग्रे कॉम्बिनेशन, सॉफ्ट लैदर सीटें और सेंटर कंसोल पर पियानो ब्लैक फिनिशिंग मिलेगी।

कंफर्ट के लिए इस में इलेक्ट्रिक अजस्टेबल ड्राइवर सीट, वन-टच फोल्ड और टंबल फंक्शन वाली सेकंड रो सीट, थर्ड रो में पावर आउटलेट, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, सभी रो में एसी वेंट्स, रूफ माउंटेड 10 इंच का डीवीडी मॉनिटर और क्रूज कंट्रोल मिलेगा। इस में 7.0 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेंमंट सिस्टम भी दिया गया है, यह 8 स्पीकर्स वाले साउंड सिस्टम से जुड़ा होगा, इस में आईपॉड और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी भी दी गई है।

पैन से आधार जोड़ने के लिए आयकर विभाग ने शुरू की नई सुविधा

नयी दिल्ली। आयकर विभाग ने व्यक्यिों की स्थायी खाता संख्या पैन को उनके आधार कार्ड से जोड़ने की एक नयी ई-सुविधा शुरू की है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए पैन संख्या के साथ साथ आधार संख्या भी अनिवार्य कर दिया है।

आयकर विभाग की ई-फाइलिंग website www.incometaxindia.gov.in पर एक नया लिंक शुरू किया है। इससे व्यक्तियों को अपने दोनों विशिष्ट पहचान पत्रों को जोड़ने में आसानी होगी। इस लिंक पर जाने के बाद किसी व्यक्ति को अपनी पैन संख्या और आधार संख्या देने के बाद आधार कार्ड में उल्लेखित नाम को दर्ज करना होगा।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से पुष्टि होने के बाद यह जुड़ जाएंगे। यदि कोई गड़बड़ होती है तो आधार द्वारा भेजे जाने वाले एकबारगी पासवर्ड की जरूरत होगी जो आधार पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। इस सुविधा का प्रयोग करने के लिए आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।

इसे कोई भी उपयोग कर सकता है। किसी प्रकार की विफलता से बचने के लिए दोनों पहचान कार्डों पर उल्लेखित जन्मतिथि एक समान होना जरूरी है। गौरतलब है कि सरकार ने वित्त अधिनियम 2017 के तहत पैन और आधार को आपस में जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। यह एक जुलाई 2017 से प्रभापी होगा।

जस्टिन बीबर के मुंबई में शो पर 100 करोड़ खर्च , अब तक का सबसे बड़ा और महंगा कंसर्ट

मुंबई। ग्रैमी अवॉर्ड विजेता कनाडाई सिंगर 23 वर्षीय जस्टिन बीबर का जादू भारत में बाहुबली के बाद दूसरा फीवर साबित हुआ। बुधवार रात मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में  उनका पहला गीत था ‘द फीलिंग’। हुई लाइव परफॉर्मेंस में उनके प्रशंसक झूम उठे। जस्टिन के 90 मिनट के शो पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हुए।

सेटअप पर ही करीब 26 करोड़ खर्च किए गए हैं, जबकि बीबर की फीस, ट्रैवलिंग, होटल और डिमांड पर 25 से 30 करोड़ रुपये खर्च हुए ।फोर्ब्स मैग्जीन के मुताबिक, 2016 में बीबर की सालाना कमाई 5.6 करोड़ डॉलर (करीब 358 करोड़ रुपये) थी।  मुंबई में हुआ जस्टिन का यह कंसर्ट अब तक का सबसे बड़ा और महंगा कंसर्ट माना जा रहा है। इसमें करीब 45 हजार दर्शक जुटे।

सबसे महंगा टिकट 76 हजार का

इसका सबसे महंगा टिकट 76 हजार रुपये में बिका। 29 राज्यों का भोजन परोसा भारतीय खाने के शौकीन जस्टिन को भारत के 29 राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यंजन परोसे गए।  व्यंजन राजस्थान से आए शाही खानसामों ने बनाए।

सोने-चांदी की प्लेटों में खाना

खाना परोसने के लिए खासतौर से सोने-चांदी की प्लेटें बनाई गई थीं, जिस पर जस्टिन और उनकी टीम के नाम हिंदी में उकेरे गए हैं।
फैशन वर्ल्ड के जाने-माने डिजाइनरों ने बीबर को देने के लिए खास गिफ्ट तैयार किए हैं। डिजाइनर रोहित बल ने कॉटन और वेलवेट की बाइकर जैकेट डिजाइन की है।

बच्चों संग पहुंचे सितारे

बीबर के कंसर्ट में बालीवुड के सितारे अपने परिवार के साथ दिखाई दिए। अरबाज खान जहां पत्नी मलाइका व बेटे के साथ दिखे तो श्रीदेवी भी पति बोनी कपूर व बेटी के साथ पहुंची। सोनाली बेंद्रे ने कहा कि उनका बेटा बीबर का बहुत बड़ा फैन है।  सिने सितारों में आलिया भट्ट, जैकलीन फर्नांडीज, रेमो डिसूजा, रोहित रॉय, अनु मलिक व अरमान मलिक भी डीवाई पाटिल स्टेडियम पहुंचे।

इंसानों जैसा सटीकअनुवाद करेगी फेसबुक

नई दिल्ली।  सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक भाषा की बंदिश तोड़ने के लिए इंसानों जैसा सटीक अनुवाद की सुविधा देने की तैयारी में जुट गई है। फिलहाल कंपनी ने अभी एक प्रोटोटाइप तैयार किया है, लेकिन उसका दावा है कि यह दूसरे ट्रांसलेटर सॉफ्टवेयर की तुलना में नौ गुना तक तेज गति से अनुवाद करने में सक्षम है।

फेसबुक में आर्टिफिशल इंटेलीजेंस पर काम करने वाले इंजीनियर डेविड ग्रेंगियर ने कहा, ‘हम एक ऐसा ट्रांसलेटर सॉफ्टवेयर बनाने पर काम कर रहे हैं, जो फेसबुक पर कारगर हो। आमतौर पर किताबी बातों का अनुवाद और सामान्य बोलचाल की बातों का अनुवाद अलग होता है।’

फेसबुक में अनुवाद की नई तकनीक अभी शोध के स्तर पर ही है। हालांकि इससे जुड़े शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि यह जल्द ही सबके लिए उपलब्ध होगा।  इसे इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि किसी वाक्य का अनुवाद करने से पहले यह उसको उसी तरह समझे, जैसे मनुष्य का दिमाग समझता है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फेसबुक का यह सॉफ्टवेयर किन भाषाओं में अनुवाद की सुविधा देगा। गौरतलब है कि अभी गूगल और दूसरे प्लेटफार्म पर एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद करने की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन यह अनुवाद कई बार उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता है।

आयकर की नजर अब बेनामी संपत्ति पर, 300 से अधिक मामलों में होगी कार्रवाई  

मुंबई। आयकर विभाग ने कई शहरों में बेनामी संपत्ति मालिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इन लोगों ने अवैध तरीके से हासिल कमाई किसी और के नाम पर रखी है। विभाग ऐसे 300 से अधिक मामलों में बेनामी लेनदेन (रोकथाम) कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है। कानून के तहत अवैध संपत्ति रखने वाले व्यक्ति और उसके असली मालिक की संपत्ति जब्त की जा सकती है और मुकदमा चलाया जा सकता है।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक बैठक में आयकर विभाग को ‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ के दौरान पकड़ में आए बेनामी संपत्ति मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद ही विभाग ने यह कदम उठाया है।

प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने दिल्ली, अहमदाबाद, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई सहित 16 क्षेत्रों में 30 विशेष दलों का गठन किया है। प्रत्येक दल में 4 आयकर अधिकारी होंगे, जिनकी अगुआई संबंधित क्षेत्र के अतिरिक्त आयुक्त करेंगे।
 
‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ के दूसरे चरण में ऐसे 1,300 लोग पहचाने गए हैं, जिनका जमीन-जायदाद में भारी निवेश उनके आयकर रिटर्न और वैध कमाई से मेल नहीं खाता। उनकी संपत्ति की कुल कीमत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

सीबीडीटी के एक वरिष्ठï अधिकारी के मुताबिक इनमें से 35-40 फीसदी लोग बेनामी लेनदेन में शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘ऐसे सैकड़ों मामले हैं, जहां कर्मचारी ट्रस्ट के नाम पर खाते खोले गए हैं, चपरासी और ड्राइवर के नाम पर जमीन या फ्लैट खरीदे गए हैं।’ 

नोटबंदी के निर्णय पर जानकारी से RBI का इंकार

नई दिल्ली। नोटबंदी की घोषणा होने के छह महीने बाद भी भारतीय रिजर्व बैंक ने इस फैसले की प्रक्रिया की जानकारी देने से इन्कार कर दिया है।उसका कहना है कि यह जानकारी देना देश की अर्थव्यवस्था के लिए घातक हो सकती है।

सूचना के अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगे जाने पर आरबीआई  ने कहा कि यह जानकारी देने से सरकार की भावी आर्थिक व वित्तीय नीतियां प्रभावित हो सकती है। आरबीआई  से 500 और 1000 रुपये के पुराने बंद करने का फैसला लेने के लिए हुई बैठकों के विवरण की प्रतियां मांगी गई थीं। 

समाचार एजेंसी द्वारा दायर आरटीआइ प्रार्थना पत्र के जवाब में आरबीआई  ने कहा कि नोटबंदी पर मांगी गई जानकारी के आंकड़े, स्टडी व सर्वे रिपोर्ट और विचार समेत समूची सामग्री  संवेदनशील है। ये जानकारी नोटबंदी की प्रक्रिया से जुड़ी है और इन पर ही विचार करके फैसला किया गया।

आरबीआई  के अनुसार यह जानकारी सार्वजनिक करना देश के आर्थिक हित में नहीं है।आरबीआई  के अनुसार इसके आधार पर मांगी गई जानकारी आरटीआई  कानून के सेक्शन 8 (1) (ए) के तहत सार्वजनिक करने से मुक्त रखने योग्य है।

घरेलू निवेशक दे रहे विदेशियों को टक्कर , हिस्सेदारी घटकर 23.7 फीसदी

मुंबई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की शीर्ष 500 कंपनियों में हिस्सेदारी के मामले में अब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का वर्चस्व खत्म होने केे कगार पर पहुंच गया है। पिछले दो वर्षों में भारत के घरेलू निवेशकों ने बीएसई 500 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 22.2 फीसदी तक पहुंचा दी है जबकि इस अवधि में एफपीआई की हिस्सेदारी घटकर 23.7 फीसदी पर आ गई है। 
 
इन कंपनियों में अपना अंशदान बढ़ाने वाले घरेलू निवेशकों में संस्थागत निवेशकों के साथ खुदरा निवेशक भी शामिल हैं। इक्विटी निवेश के प्रति खुदरा निवेशकों में बढ़ते आकर्षण का ही असर है कि बीते दो वर्षों में उनकी हिस्सेदारी करीब 300 आधार अंक तक बढ़ गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू खुदरा निवेशक अब इक्विटी खरीदने के लिए पहले से कहीं अधिक इच्छुक हैं और इसी वजह से बीएसई 500 कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी बढ़ रही है। 

 ‘घरेलू खुदरा निवेशकों के लिए अब इक्विटी काफी पसंदीदा निवेश विकल्प बन गए हैं। ये निवेशक लंबे समय तक निवेश का नजरिया भी दिखा रहे हैं। एफपीआई भी भारतीय बाजार में पैसे कमानेे के लिए इसी तरह का रवैया अपनाते आए हैं।’वर्ष 2015 के पहले घरेलू निवेशक मूलत: शेयर विक्रेताओं की तरह ही बर्ताव करते थे जिससे इन कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को वे विदेशी निवेशकों के हवाले कर देते थे। मार्च 2017 के अंत में एफपीआई ने बीएसई500 कंपनियों में करीब 25 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रखा था जो मार्च 2015 के 23.7 लाख करोड़ रुपये के स्तर से 5.6 फीसदी अधिक है।

जबकि इस अवधि में इन कंपनियों का सम्मिलित बाजार पूंजीकरण 16 फीसदी बढ़ गया। शीर्ष 500 कंपनियों में घरेलू निवेशकों का कुल निवेश करीब 23.3 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह मार्च 2015 की तुलना में 34.4 फीसदी की उछाल दर्शाता है। इसमें से करीब 45 फीसदी निवेश यानी 10.4 लाख करोड़ रुपये मूल्य की परिसंपत्ति सार्वजनिक एवं व्यक्तिगत अंशधारकों के पास है। अगर प्रवर्तकों से इतर कॉर्पोरेट होल्डिंग को भी शामिल कर लिया जाए तो इक्विटी में कुल घरेलू निवेश बढ़कर 28 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। 
 
विदेशी निवेशकों को एचडीएफसी बैंक, एचडीएफ सी और इन्फोसिस के शेयर सबसे ज्यादा पसंद हैं और बीएसई के कुल एफपीआई में इसकी हिस्सेदारी करीब 20 फ सदी है। घरेलू निवेशक रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन ऐंड टुब्रो और एचडीएफसी बैंक को तरजीह देते रहे हैं। यही वजह है कि बीएसई 500 कंपनियों में घरेलू निवेशकों के कुल निवेश का 15 फीसदी हिस्सा इन तीन कंपनियों के ही नाम है। यह विश्लेषण बीएसई 500 सूचकांक में शामिल 452 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण और शेयरधारिता प्रारूप के तिमाही आकलन पर आधारित है।