Thursday, July 9, 2026
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Samsung Galaxy A30 नए अवतार में लॉन्च, जानिए कीमत

नई दिल्ली। साउथ कोरिया की कंपनी सैमसंग ने भारत में अपने गैलेक्सी A30 फोन का एक नया वेरियंट लॉन्च किया है। अब तक यह फोन ब्लू, ब्लैक, रेड कलर में उपलब्ध था, लेकिन अब इसे वाइट कलर में भी खरीदा जा सकेगा। भारत में नए वेरियंट की कीमत 15,490 रुपये रखी गई है। इसकी बिक्री कंपनी के ऑनलाइन स्टोर के जरिए होगी। जानें फोन की सारी खूबियां…

सैमसंग गैलेक्सी ए30 की खासियत
सैमसंग गैलेक्सी ए30 में इनफिनिटी-यू टाइप नॉच के साथ 6.4 इंच का फुल एचडी+ ऐमोलेड डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रेजॉलूशन 1080×2340 पिक्सल है। फोन का आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है।

फोन में 4जीबी रैम और 64जीबी की स्टोरेज दी गई है जिसे माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 512GB तक बढ़ाया जा सकता है। सैमसंग के इस फोन में ऑक्टा-कोर एक्सीनॉस चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है। ऐंड्रॉयड 9 पाई पर काम करने वाले इस फोन में 4,000mAh की बैटरी दी गई है।

फोटोग्राफी के लिए फोन के रियर में 16 मेगापिक्सल के प्राइमरी शूटर के साथ 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर दिया गया है। वहीं, सेल्फी के लिए इसमें आपको 16 मेगापिक्सल का कैमरा मिलेगा।

भारत ने अमेरिका के 28 उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाया, अधिसूचना जारी

नई दिल्ली। भारत ने बादाम, दालों और अखरोट सहित लगभग 28 अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क रविवार से बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार की एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। सरकार के इस कदम से अमेरिका द्वारा इन 28 उत्पादों के निर्यात को झटका लगेगा, क्योंकि इनपर उसे ज्यादा शुल्क चुकाना पड़ेगा, जिससे भारतीय बाजार में इनकी कीमतें बढ़ जाएंगी।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने 30 जून, 2017 की अपनी अधिसूचना को संशोधित करते हुए कहा, ‘शनिवार की अधिसूचना से अमेरिका से निर्यात होने वाली 28 विशिष्ट वस्तुओं पर जवाबी आयात शुल्क लागू होगा और अमेरिका को छोड़कर बाकी देशों से इन वस्तुओं पर व्यापार में तरजही देश (एमएफएन) की व्यवस्था के तहत पहले से लागू दरें पूर्ववत बनी रहेंगी।’

इससे पहले, इस सूची में 29 वस्तुओं को शामिल किया गया था, लेकिन भारत ने आर्टेमिया को इस सूची से निकाल दिया था। इन वस्तुओं के आयात से भारत को लगभग 21.7 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त आमदनी होगी। अमेरिका द्वारा इस्पात तथा अल्युमिनियम के कुछ खास उत्पादों पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी कै फैसले के बाद जवाबी कार्रवाई के तौर पर भारत ने 21 जून, 2018 को इन वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया था।

राजस्‍थान की सुमन राव बनीं फेमिना मिस इंडिया

राजस्‍थान की सुमन राव ने फेमिना मिस इंडिया का खिताब जीत लिया है। सुमन इसी साल 7 दिसंबर को थाइलैंड में आयोजित होने वाले मिस वर्ल्ड 2019 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इवेंट की शुरुआत रात 8 बजे से हुई। रात 12 बजे यानी मिस इंडिया 2019 के विजेता की घोषणा हुई। फेमिना मिस इंडिया ग्रैंड फिनाले का आयोजन शनिवार को मुबंई के सरदार वल्लभभाई पटेल इंडोर स्टेडियम में किया गया।

इस इवेंट में बॉलीवुड की कई हस्तियां मौजूद थीं। फिल्म मेकर करन जौहर, एक्टर मनीष पॉल और पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर इस फिनाले को होस्ट कर रही थीं। कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा, एक्ट्रेस दिया मिर्जा और नेहा धूपिया शो को जज कर रही थीं।

कौन किस पायदान पर
राजस्थान की सुमन राव पहले, महाराष्ट्र की वैष्णवी अंधाले दूसरे और मध्य प्रदेश की गरिमा तीसरे नंबर पर आगे चल रही थी। फेमिना मिस इंडिया 2019 फिनाले की टॉप 6 फाइनलिस्ट- यूपी की शिनांता चौहान, धत्तीसगढ़ की शिवानी जाधव, असम की ज्योतिश्मिता बरुआ, बिहार की श्रेया शंकर, तेलंगाना की संजना विज और राजस्थान की सुमन राव थीं।

किस राज्‍य से कौन हसीना
महाराष्ट्र की वैष्णवी अंधाले, गोवा की शास्त्रा शेट्टी, जम्मू कश्मीर की मेघा कौल, हरियाणा की सोनल शर्मा, तेलंगाना की संजना विज, दिल्ली की मानसी सहगल, असम की ज्योतिश्मिता बरुआ, अरुणाचल प्रदेश की रोशनी डाडा, बिहार की श्रेया शंकर, झारखंड की चित्रप्रिया सिंह, केरल की लक्ष्मी मेनन, मध्य प्रदेश की गरिमा यादव, मणिपुर की उर्मिला शागोलसेम, ओडिशा की शीतल साहू, त्रिपुरा की जयंती रियांग और तमिलनाडू से रुबैया एसके हिस्सा ले रही थीं।

फिनाले में 29 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेशों की खूबसूरत हसीनाएं अपना जलवा बिखेर रहीं थीं। Femina Miss India Grand Finale 2019 मुंबई में चल रहे फेमिना मिस इंडिया ग्रैंड फ‍िनाले में मध्‍यप्रदेश की गरिमा यादव भी खिताबी दौड़ में शामिल रहीं।दिल्ली में हुए इस राउंड में इंदौर की गरिमा को मिस मध्यप्रदेश के रूप में चुना गया।

देश के चारों जोन के हर राज्य से चुनी गई मिस स्टेट को मुंबई में ग्रैंड फिनाले में भाग लेने का मौका मिला। इस फिनाले के आधार पर ही मिस इंडिया का खिताब किसी एक प्रतिभागी को दिया गया। शेष दो को फर्स्ट रनरअप और सेकेंड रनरअप घोषित किया गया।

कोचिंग नगरी अब देश की सुरक्षा के लिए जवान भी तैयार करेगी

कोटा। देशभर में सर्वाधिक डॉक्टर्स व इंजीनियर देने वाली कोचिंग नगरी अब देश सेवा के साथ देश की सुरक्षा के लिए भी जवान तैयार करेगी । डकनिया रोड स्थित एस.आर.पब्लिक स्कूल में प्राइवेट मिलिट्री पैटर्न विंग शुरू हो गई है। विंग का शुभारंभ चेयरमैन आनंद राठी द्वारा किया गया । यह विंग छत्तीसगढ़ के मेजर प्रवीण सिंह के दिशा-निर्देशन में चलाई जाएगी।

मेजर प्रवीण सिंह ने बताया कि वीरगति को प्राप्त होने वाले सैनिक परिजनों के बच्चों को इस स्कूल में निशुल्क शिक्षा, रहने के लिए निशुल्क आवास की भी व्यवस्था करवाई जाएगी। साथ ही आर्मी फोर्स में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों को फीस में आकर्षक छूट का ऑफर दिया जाएगा। स्कूल में स्विमिंग पूल, घुड़सवारी, पिस्टल शूटिंग एवं पहाड़ों पर ट्रेकिंग आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इससे पूर्व मेजर प्रवीण सिंह गोंदिया, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के प्राइवेट मिलिटी पैटर्न स्कूल के कमांडेंट रह चुके है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट मिलिट्री पैटर्न स्कूल का मूल उद्देश्य छात्रों को बचपन से ही खेलकूद और पढ़ाई को बराबर प्राथमिकता देने के साथ देशसेवा के लिए तैयार करना है। मेजर के अनुसार सैनिक स्कूल प्रदेश में एक होता है और प्राइवेट मिलिट्री पैटर्न स्कूल ऐसे विद्यार्थियों के लिए है जो सैनिक स्कूल परीक्षा में कम सीट होने के कारण उस सपने से वंचित रह जाते है।

स्कूल के चैयरमेन आनंद राठी ने बताया कि बच्चों को सैनिक स्कूल की तर्ज पर पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें शारीरिक विकास, मानसिक विकास, अनुशासन और कल्चरल एक्टीविटी में भी निपुण बनाया जाएगा। स्कूल में कक्षा 1 से 12वीं तक बालक-बालिकाओं के लिए प्रवेश प्रारंभ है। कक्षा एक से पांच डे बोर्डिंग एवं कक्षा 6 से 12वीं तक रेजिडेंशियल होगा, जिसमें पूरा हॉस्टल एयर कंडीशनर है।

प्रोग्राम प्रशासनिक अधिकारी गणेश गौड ने बताया की सैनिक स्कूल खोले जाना इस क्षेत्र के लिए अभिनव प्रयोग है। यह विद्यालय सशक्त शिक्षित समाज के निर्माण में महती भूमिका निभा सकता है । उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस संस्थान के प्रबंधन करियर निर्माण के साथ बच्चों में अनुशासन व सुसंस्कार भरने में कामयाबी पाये।

वैश्विक मंदी से सोना 150, चांदी 300 रुपए सस्ती, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली/ कोटा वैश्विक स्तर पर कीमतों धातुओं में सप्ताहांत में रही नरमी से दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवार को सोना 150 रुपए टूटकर 33,720 रुपए प्रति दस ग्राम पर तथा चांदी 300 रुपए उतरकर 38,100 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई।

विदेशों से मिली जानकारी के अनुसार, सोना हाजिर शुक्रवार को 0.90 प्रतिशत चढ़कर 1,340.10 डॉलर प्रति औंस पर रहा। हांलाकि, इससे पहले दिन में कारोबार के दौरान इस वर्ष यह पहली बार 1,350 डॉलर के पार निकल गया। अगस्त का अमेरिकी सोना वायदा भी 1,341.35 डॉलर प्रति औंस बोला गया।

बाजार विश्लेषकों ने बताया कि चीन और अमेरिका से कमजोर आर्थिक आंकड़े आने और पश्चिम एशिया में राजनीतिक तनाव बढ़ने से सुरक्षित धातु की मांग बढ़ी है। अमेरिका ने गुरुवार को ईरान पर आरोप लगाया कि उसने ओमान की खाड़ी में कच्चे तेल के दो टैंकरों पर हमला किया है। इससे अमेरिका-ईरान के संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ गई है।

चीन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मई में चीन के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 17 साल के निचले स्तर पांच प्रतिशत पर आ गई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी हाजिर 0.04 प्रतिशत गिरकर 14.85 डॉलर प्रति औंस पर रही।

स्थानीय बाजार में सोना स्टैंडर्ड 150 रुपए गिरकर 33,720 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। सोना बिटुर भी इतनी ही गिरावट लेकर 33,550 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। हालांकि, आठ ग्राम वाली गिन्नी 100 रुपए चमककर 26,800 रुपए पर पहुंच गई।

चांदी में भी नरमी देखी गई। चांदी हाजिर 300 रुपए उतरकर 38,100 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। चांदी वायदा 640 रुपए उतरकर 36,800 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली गत दिवस के क्रमश: 80 हजार और 81 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर टिका रहा।

कोटा सर्राफा
चांदी 37700 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39070 रुपये प्रति तोला।
शुद्ध 33670 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39270 रुपये प्रति तोला।

चलती ट्रेनों में यात्रियों की मसाज का प्रस्ताव पश्चिम रेलवे ने वापस लिया

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नई दिल्ली। पश्चिम रेलवे ने मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से चलने वाली 39 रेलगाड़ियों में सफर के दौरान यात्रियों को मालिश की सुविधा देकर अतिरिक्त राजस्व कमाने के प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया है। रेलवे के इस प्रस्ताव को समाज के विभिन्न तबकों के लोगों ने आपत्तिजनक बताते हुए इसपर सवाल उठाए थे।

पश्चिम रेलवे ने फैसले की घोषणा करते हुए कहा, ‘रतलाम मंडल ने इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेनों में यात्रियों को मालिश की सुविधा देने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन जैसे ही यह उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा, इसे वापस लेने का फैसला किया गया। पश्चिम रेलवे अपने उपभोक्ताओं के सुझावों का आदर करता है और उनपर कदम उठाते हुए समय-समय पर उन्हें लागू भी किया गया है।’

दरअसल, पश्चिम रेलवे की इस योजना पर क्षेत्रीय भाजपा सांसद शंकर लालवानी के बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी सवाल उठाए थे। लोकसभा अध्यक्ष ने इस सिलसिले में रेल मंत्री पीयूष गोयल को शुक्रवार को पत्र लिखा था। महाजन ने पत्र में पूछा, ‘इस प्रकार की (मालिश) सुविधा के लिए चलती रेलगाड़ी में किस तरह की व्यवस्था की जाएगी, क्योंकि इससे यात्रियों विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा एवं सहजता के संबंध में कुछ प्रश्न हो सकते हैं।’

महाजन से पहले, इंदौर क्षेत्र के नवनिर्वाचित भाजपा सांसद शंकर लालवानी भी मसाज योजना पर रेल मंत्री को पत्र लिख चुके हैं। लालवानी ने गोयल को 10 जून को लिखे पत्र में ‘भारतीय संस्कृति के मानकों’ का हवाला देते हुए रेलवे की प्रस्तावित मालिश सेवा को ‘स्तरहीन’ बताया था। इसके साथ ही, उनसे अनुरोध किया था कि वह इस योजना को लेकर जनमानस की भावनाओं के मुताबिक पुनर्विचार करें।

चलती ट्रेनों में सुबह छह से रात 10 बजे के बीच यात्रियों के पूरे शरीर की नहीं, बल्कि सिर और पैर जैसे अंगों की मालिश करने की योजना बनाई गई थी। इस सेवा के बदले यात्रियों से 100 रुपये, 200 रुपये और 300 रुपये की तीन अलग-अलग पैकेज श्रेणियों में शुल्क लेने का प्रस्ताव था। इस सेवा से पश्चिम रेलवे ने सालाना 20 लाख रुपये आमदनी की उम्मीद जताई थी।

सरसों की खरीद को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार को आड़े हाथों लिया

कोटा। समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष गिरिराज चौधरी ने कहा कि जिले में सरकार की अकर्मण्यता के कारण से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर लम्बी प्रक्रिया कराई गई, लेकिन उनकी उपज को खरीदने के लिए कोई तत्परता नहीं दिखाई गई।

भारतीय किसान संघ की ओर से बार बार सरकार को ज्ञापन के माध्यम से चेताया गया, लेकिन सरकार और राजफेड के अधिकारी अकर्मण्य बने रहे। भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता जयपुर पहुंचकर अधिकारियोें से मिले थे, तो खरीद की गति कुछ दिन के लिए बढाई गई थी, लेकिन फिर से सरकार की ओर से गति को कम कर दिया गया। जिससे किसानों की सरसों खरीद केन्द्रों पर विक्रय होने से रह गई।

भारतीय किसान संघ के संभागीय सह प्रचार प्रमुख और मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने कहा कि संभाग के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में कमोबेश किसानों के साथ छलावा किया गया। किसानों की 8 लाख मीट्रिक टन सरसों को खरीदने का लक्ष्य रखा गया था। जिसकी ऐवज में केवल 4 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद ही कर पाए।

मेहता ने कहा कि आधा समय तो सरकारी सिस्टम के कारण ही खराब हो गया। पहले तो काफी मशक्कत करने के बाद रजिस्ट्रेशन हुए और फिर खरीद भी काफी देरी से शुरू की गई। भारतीय किसान संघ ने गति बढाने की चेतावनी दी थी, लेकिन शुरू से ही काफी कम संख्या में मैसेज जारी किए गए। अब किसानों की सरसों और चना रजिस्ट्रेशन के बावजूद भी नहीं बिक सका है। ऐसे में भारतीय किसान संघ ने सरकार से रजिस्ट्रेशन करा चुके किसानों की उपज की खरीद करने की मांग की है।

जैविक खेती पर अभ्यास वर्ग
भारतीय किसान संघ कोटा संभाग की ओर से 16 जून को प्रातः 8 बजे से सरस्वती विद्या मंदिर सुल्तानपुर में जैविक खेती पर अभ्यास वर्ग का आयोजन किया जाएगा। सह प्रचार प्रमुख तथा मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने बताया कि जिसमें पद्मश्री से सम्मानित हुकुम पाटीदार द्वारा जैविक खेती का लाइव प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं भारतीय किसान संघ के प्रान्त जैविक प्रमुख तथा भारत सरकार के द्वारा सम्मानित मोतीसिंह रावत भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के किसान अभ्यास वर्ग में पहुचेंगे।

सकारात्मक सोच से ही जीवन में खुशियां संभव -टंडन

कोटा। इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डवलपमेंट के स्वर्ण जयन्ती वर्ष के उपलक्ष्य में कोटा चैप्टर और इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियर्स के सयुंक्त तत्वावधान में टेक्नोलॉजी ऑफ़ हैप्पीनेस विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया।

मुख्य वक्ता कोटा चैप्टर के पूर्व चेयरमैन के एम टंडन ने कहा कि ख़ुशी सब लोगों के जीवन का लक्ष्य है। किन्तु ख़ुशी लक्ष्य नहीं है एक जीवनभर की यात्रा है। सुख दुःख इस जीवन की फ्रीक्वेंसी या आवृति में आने वाले सिग्नल हैं, जो क्षणिक हैं ।

हर व्यक्ति उतना खुश रह सकता है, जितना वो चाहता है । खुद को खुश रहने का दायित्व हम पर है। इसके लिए कुछ न कुछ करने योग्य होना चाहिए । लोगों से रिश्ते प्रगाढ़ होने चाहिए और सोच सकारात्मक होनी चाहिए । कोई सामाजिक सरोकार हो तो प्रसन्नता कई गुना बढ सकती है।

टंडन ने बताया की खुश व्यक्ति स्वयं को भूल जाता है और दूसरों के लिए समर्पित हो जाता है। दुखी व्यक्ति इसके विपरीत आत्मकेंद्रित हो करअवसाद में चला जाता है । जीवन भर की ख़ुशी की यात्रा हँसते -गाते बिताते रहें । आर्ट ऑफ़ लिविंग की ट्रेनर उषा बर्धवा ने विभिन्न प्राणायाम और मेडिटेशन के माध्यम से खुश रहने का आसान तरीका है।

सुदर्शन क्रिया को अपनी दिनचर्या में शामिल कर हम खुश रहने के साथ साथ उर्जावान भी रह सकते है। सचिव डॉ अमित राठौर ने धन्यवाद दिया और डॉ अनपूर्णभार्गव ने संचालन किया । अशोक सक्सेना नरेन्द्र शुकला और सीकेएस परमार ने अपने विचार रखे | चैप्टर की चेयरपरसन अनिता चौहान ने बताया कि चैप्टर द्वारा फ्राइडे शेयरिंग सेशन का निशुल्क आयोजन होगा, जो समाज के सभी वर्गों के प्रशिक्षण एवं विकास में सहयोगी होगा।

5 लाख करोड़ की इकॉनमी का लक्ष्य चुनौती, मिलकर पूरा करेंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली। भारत को साल 2024 तक 5 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य बड़ी चुनौती है, लेकिन इसे हासिल किया जा सकता है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की बैठक में कही है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की पांचवीं बैठक दिल्ली में हो रही है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे।

इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ पर भी जोर दिया। पीएम ने हाल के लोकसभा चुनाव को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास बताते हुए कहा कि अब यह सही समय है कि देश का हर नागरिक भारत के विकास के लिए काम करे।

पीएम ने कहा कि अब हम ऐसे सिस्टम की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसमें परफॉर्मेंस, पारदर्शिता और डिलीवरी पर ज्यादा जोर है। नीतियों को जमीन पर उतारना बेहद जरूरी है। पीएम ने कहा, ‘मैं गवर्निंग काउंसिल से अपील करता हूं कि वे ऐसा तंत्र बनाने में मदद करें, जिसमें लोगों का भरोसा भी हो।’

पीएम ने गरीबी, बेरोजगारी, सूखा, बाढ़, प्रदूषण, भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ मिलकर लड़ने को कहा है। पीएम मोदी ने कहा कि 2024 तक भारत को 5 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसे निश्चित तौर पर हासिल किया जा सकता है। पीएम ने इस संबंध में राज्यों से जिला स्तर से जीडीपी बढ़ाने के लिए टारगेट सेट करने को कहा है।

देश के कई हिस्सों में सूखे की समस्या पर भी गवर्निंग काउंसिल में पीएम मोदी ने मिलकर काम करने को कहा है। पीएम ने कहा कि हाल ही में बनाया गया जल शक्ति मंत्रालय इसके लिए एक खाका तैयार करेगा। राज्य भी अपने स्तर पर जल संरक्षण और प्रबंधन को लेकर योजना बनाएं।

प्रधानमंत्री ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया
प्रधानमंत्री ने 6 जून को ही नीति आयोग का पुनर्गठन किया था। राजीव कुमार आयोग के दोबारा उपाध्यक्ष बनाए गए। इसके अलावा वीके सारस्वत, वीके पॉल और रमेश चंद को फिर से सदस्य चुना गया। गृह मंत्री अमित शाह पदेन सदस्य हैं। शाह के अलावा राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पदेन सदस्य के तौर पर शामिल हैं। योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग का गठन किया गया था।

इंदौर मंडी : उपलब्धता की कमी से उड़द महंगी

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शनिवार को चना कांटा 50 रुपये, चना देसी 50 रुपये, मसूर 25 रुपये और मूंग के भाव में 200 रुपये (शुक्रवार की तुलना में) प्रति क्विंटल की कमी दर्ज की गई। उपलब्धता की कमी से उड़द 100 रुपये प्रति क्विंटल महंगी बिकी।कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में शनिवार को तीन हजार बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन चना (कांटा) 4200 से 4225, चना (देसी) 4100 से 4125, डबल डॉलर 4500 से 4800, मसूर 4075 से 4100, हल्की 3650 से 3700, बटला (मटर) 4100 से 4150, मूंग 5600 से 5700, हल्की 5000 से 5300, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5300, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5800 से 5850, उड़द 5100 से 5300, हल्की 4000 से 4100 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7000 से 7200, तुअर दाल फूल 7400 से 7600, तुअर दाल बोल्ड 7800 से 8000, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5450 से 5650, आयातित चना दाल 5500 से 5200 मसूर दाल 5300 से 5400 मूंग दाल 7400 से 7600, मूंग मोगर 8200 से 8400 उड़द दाल 7200 से 7400, उड़द मोगर 7600 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।
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