Thursday, July 9, 2026
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यूट्यूब पर लीक हुआ रियलमी 4 के रिटेल बॉक्स का विडियो

नई दिल्ली।चीन की स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी रियलमी ने इस साल मार्च में रियलमी 3 को लॉन्च किया था। रियलमी 3 को लॉन्च हुए अभी कुछ ही महीने हुए हैं, लेकिन ऐसा लग रहा है कि कंपनी ने इस फोन के सक्सेसर यानी की रियलमी 4 को लॉन्च करने की तैयारी शुरू कर दी है।

हाल में रियलमी 4 का एक विडियो यूट्यूब पर लीक हुआ है। इस विडियो में फोन के रिटेल बॉक्स को देखा जा सकता है। 10 सेकंड के इस विडियो को देखकर कहा जा रहा है कि रियलमी 4 काले रंग के बॉक्स में आएगा जिसके ऊपर गोल्डन कलर में लिखा होगा ‘4’। आप इस विडियो को यहां दिए गए लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं।

लीक हुए इस विडियो में फोन के स्पेसिफिकेशन्स के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसके साथ ही ट्विटर पर भी एक रेंडर लीक किया गया है। इस रेंडर में फोन के बैक पैनल को दिखाया गया है जो काफी हद तक रियलमी 2 जैसा है। हालांकि इसे इतना विश्वसनीय नहीं माना जा रहा।

गौरतलब है कि रियलमी ने हाल ही में भारत में रियलमी 3 को लॉन्च किया है। रियलमी का बजट स्मार्टफोन 3जीबी+32जीबी, 3जीबी+64जीबी और 4जीबी+64जीबी वेरियंट में आता है। फोन की शुरुआती कीमत 8,999 रुपये है। स्पेसिफिकेशन की बात करें तो फोन में 6.22 इंच का वॉटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले दिया गया है। फटॉग्रफी के लिए फोन में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन को पावर देने के लिए इसमें 4,230mAh की बैटरी दी गई है।

जुर्माना भरने के बाद भी कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे टैक्स डिफॉल्टर, नए नियम लागू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कई श्रेणियों के टैक्स डिफॉल्टर्स पर शिकंजा कसने के लिए नए नियम जारी कर दिए हैं। इन नियमों के लागू होने के बाद कुछ टैक्स डिफॉल्टर जुर्माना भरने के बाद भी कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे। इन श्रेणी में ऐसे टैक्स डिफॉल्टर्स को शामिल किया गया है, जिन पर कालेधन को ठिकाने लगाने जैसे आरोप हैं।

टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने बीते शुक्रवार को प्रत्यक्ष कर कानूनों के तहत अपराधों की गणना संबंधी 30 पेज से ज्यादा की रिवाइज गाइडलाइन जारी की थी। यह नए नियम 17 जून से लागू हो गए हैं और यह उन सभी के लिए लागू होंगे जो इस तारीख के बाद जुर्माना राशि भरने के लिए मामला दायर करेंगे। यह रिवाइज गाइडलाइन्स दिसंबर 2014 में जारी की गई गाइडलाइंस के स्थान पर लागू होंगी।

ऐसे लोगों पर लागू होंगे नए नियम
रिपोर्ट के अनुसार, यह नए नियम ऐसे लोगों पर लागू होंगे जिन्होंने अपने विदेशी बैंक खाते और संपत्ति की जानकारी छुपाई है। इसके अलावा बेनामी लेनदेन और गलत इनवॉइस के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की है। नए नियमों के लागू होने के बाद यह लोग जुर्माना योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। अभी तक ऐसे लोग 30 फीसदी टैक्स और जुर्माना भरकर अपने कालेधन को सफेद धन में बदल लेते थे।

‘परदादा के बैंक’ में डिफॉल्टर हुए यश बिड़ला

नई दिल्ली। कोलकाता के यूको बैंक ने यशोवर्धन बिड़ला को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। यश बिड़ला के ग्रुप की एक कंपनी बिड़ला सूर्या लिमिटेड द्वारा 67 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने के चलते उन्हें डिफॉल्टर घोषित किया गया है।

बिड़ला को विलफुल डिफॉल्टर बताते हुए, बैंक ने कहा कि कंपनी के पास 100 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट थी, जिसका 67 करोड़ रुपये से ज्यादा ब्याजा बाकी था। इस लोन को 2013 में एक नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेट के तौर पर क्लासिफाई किया गया था। अगर किसी प्रमोटर को किसी कर्जदाता द्वारा विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया जाता है तो न केवल उसके मौजूदा बिजनस बल्कि किसी भी कंपनी जिसमें वह डायरेक्टर है, उसे फंडिंग नहीं मिल सकती।

यश बिड़ला के परदादा ने शुरू किया था यूको बैंक
बिड़ला सूर्या कंपनी ने मल्टी-क्रिस्टैलिन सोलर फोटोवॉल्टाइक सेल्स के निर्माण के उद्देश्य से बैंक से लोन लिया था। ग्रुप के पास एक दर्जन से ज्यादा कंपनियां हैं जिनमें जेनिथ स्टील, बिड़ला पावर, बिड़ला लाइफस्टाइल और श्लोका इन्फोटेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। अधिकतर कंपनियां घाटे में चल रही हैं और कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं हैं।

कंपनी को पिछले साल भी परेशानी का सामना करना पड़ा था जब ग्रुप की तीन कंपनियों- बिड़ला कोटसिन, बिड़ला श्लोका एजुटेक और जेनिथ बिड़ला पैसे के लेनदेन को लेकर जांच के घेरे में आ गईं थीं। यह जांच जब फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशकों द्वारा अपने पैसे वापस न मिलने की शिकायत के बाद शुरू हु ईथी।

खास बात है कि कोलकाता के इस बैंक की स्थापना यश बिड़ला के परदादा, घनश्याम दास बिड़ला ने की थी। जी डी बिड़ला के भाई रामेश्वर दास बिड़ला यश बिड़ला के पिता अशोक बिड़ला के दादा थे। यश बिड़ला ने 23 साल की उम्र में उस समय पारिवार का कारोबार संभाला जब बेंगलुरू में एक एयर क्रैश में उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई। कई सालों की ग्रुप का संचालन अडवाइजर्स ने किया। बिड़ला श्लोका एजुटेक के तहत यह ग्रुप कई चैरिटेबल संस्थान और स्कूल का संचालन भी करता है।

बैंकर्स के मुताबिक, किसी कर्जदार को विलफुल डिफॉल्टर घोषित करना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें उन्हें अपनी स्थिति को पेश करने का पर्याप्त मौका मिलता है। किसी कर्जदार को ‘विलफुल डिफॉल्टर’ तब बताया जाता है जब वह जानबूझ कर कर्ज चुकाने में असफल रहता है। यानी संसाधन होने के बावजूद कर्ज न चुकाना इसमें शामिल है। इसके अलावा कर्जदाता को बिना बताए ऐसेट्स की बिक्री और पैसे को दूसरे कामों में लगाने के चलते भी किसी व्यक्ति को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया जाता है।

चार साल में एक भी शहर नहीं बना स्मार्ट, 21 फीसदी फंड ही हो सका खर्च

नई दिल्ली/कोटा। स्मार्ट सिटी, बुलेट ट्रेन, स्किल डेवलपमेंट और ऐसी कई योजनाओं के जरिए न्यू इंडिया बनाने की सरकारी कोशिशें लक्ष्य से भटकने लगी हैं। जिस स्मार्ट सिटी मिशन की वर्ष 2014 के चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा हुई उसकी हालात देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है। 25 जून 2015 को लांच हुए स्मार्ट सिटी मिशन के चार साल पूरे होने को हैं लेकिन एक भी शहर में काम पूरा नहीं हुआ है।

आलम यह है कि महज 21 फीसदी फंड ही खर्च हुआ है। जिन 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाना है, उनमें से केवल 22 शहरों में ही स्मार्ट सड़कें और 15 शहरों में ही स्मार्ट सौर ऊर्जा की व्यवस्था हो पाई।

16 हजार करोड़ रुपए में से 3500 करोड़ रुपए ही खर्च
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट द्वारा जारी “स्टेट ऑफ एनवायरमेंट इन फिगर्स 2019” रिपोर्ट के अनुसार स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 2015-16 में 1,496.2 करोड़ रुपए, 2016-17 में 4,598.5 करोड़ रुपए, 2017-18 में 4,509.5 करोड़ रुपए और 2018-19 में 6,000 करोड़ रुपए का आवंटन हुआ।

यानी स्मार्ट सिटी मिशन के लिए 2015-16 से 2018-19 तक कुल 16,604.2 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया। इनमें से केवल 3,560.22 करोड़ रुपए ही खर्च किए जा सके। जिन 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाना है, उनमें से केवल 22 शहरों में ही स्मार्ट सड़कें और 15 शहरों में ही स्मार्ट सौर ऊर्जा की व्यवस्था हो पाई है।

मिशन की कुल लागत से महज 6 फीसदी ही काम
भारत सरकार ने इस मिशन के लिए कुल 48000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। यही नहीं, मिशन के लिए इतनी ही राशि राज्य सरकारों को और बाकी रकम विभिन्न स्रोतों से जुटानी थी। 100 स्मार्ट सिटी की कुल लागत दो लाख करोड़ रुपए आंकी गई थी लेकिन अब तक सिर्फ 12 हजार करोड़ रुपए के काम ही हुए हैं। यानी कि महज छह फीसदी काम हुआ है।

इसलिए थी जरूरत
भारत के शहरों में आबादी का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। 2050 तक शहरी आबादी में 4.16 करोड़ लोग और जुड़ जाएंगे। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान में करीब 31 प्रतिशत जनसंख्या शहरों में बसती है।

अनुमान है कि 2030 तक कुल जनसंख्या में शहरी आबादी की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत हो जाएगी। इस आबादी के लिए भौतिक, संस्थागत, सामाजिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे के विकास की जरूरत है। स्मार्ट सिटी का विकास इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

मिशन की कछुआ चाल
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कई अहम परियोजनाओं का काम होना है। इसके तहत स्मार्ट रोड, स्मार्ट सौर ऊर्जा, वाइब्रेंट अर्बन स्पेस, स्मार्ट वाटर, निजी सार्वजनिक साझेदारी और स्मार्ट सिटी सेंटर स्थापित किए जाने हैं। इन तमाम परियोजनाओं पर काम बेहद धीमी गति से चल रहा है।

स्मार्ट रोड: सुरक्षित और सुविधाजनक कनेक्टिविटी के लिए स्मार्ट रोड बनाए जाने हैं। इसका मकसद सभी लोगों को फायदा पहुंचाना, हादसों में कमी लाना, ट्रांजिट ओरिएंटेड विकास को बढ़ावा देना और लोगों को खुली जगह उपलब्ध कराना है। 58 शहरों में स्मार्ट रोड का काम शुरू हुआ लेकिन केवल 22 शहरों में ही यह पूरा हो पाया।

स्मार्ट सौर ऊर्जा : स्मार्ट सिटी में यह सुनिश्चित किया जाना है कि कम से कम 10 प्रतिशत ऊर्जा की जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हों। साथ ही कम से कम 80 प्रतिशत इमारतें एनर्जी एफिशिएंट और ग्रीन होनी चाहिए। 36 शहरों में यह काम शुरू हुआ लेकिन केवल 15 में ही यह पूरा हो सका।

वाइब्रेंट अर्बन स्पेस : स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सार्वजनिक स्थल जैसे स्क्वायर, वाटरफ्रंट, पार्क, धरोहर और परंपरागत बाजार विकसित किए जाने हैं। 35 शहरों में इन पर काम शुरू हुआ पर 19 शहरों में ही पूरा हो सका।

स्मार्ट वाटर: स्मार्ट सिटी में पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें आईसीटी (सूचना एवं संचार तकनीक) का इस्तेमाल करके सप्लाई किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता सुधारनी है, लीकेज नियंत्रित करनी है ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके और चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करनी है। 54 शहरों में इस पर काम शुरू किया लेकिन 23 शहरों में ही यह व्यवस्था अब तक हो पाई है।

निजी सार्वजनिक साझेदारी : स्मार्ट सिटी में चल रही तमाम परियोजनाओं में से 21 प्रतिशत निजी सार्वजनिक साझेदारी (पीपीपी) मॉडल से पूरी होनी हैं। ऐसी परियोजनाएं 46 शहरों में शुरू हुईं लेकिन काम 25 शहरों में ही पूरा हुआ।

स्मार्ट सिटी सेंटर : ये सेंटर ऐसे प्लेटफॉर्म हैं जहां से शहर की सभी एजेंसियों की जानकारी एकत्रित की जा सकती है, उनका विश्लेषण किया जा सकता है और योजनाकार नीति निर्माण में उसका उपयोग कर सकते हैं। 44 शहरों में स्मार्ट सिटी सेंटर बनाने का काम शुरू हुआ लेकिन काम 16 का पूरा हुआ।

बाजारों में गिरावट जारी, सेंसेक्स 191 अंक लुढ़का, निफ्टी 11,800 से नीचे

नई दिल्ली। अधिकांश वैश्विक बाजारों में मंदी के कारण छाई बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार 17 जून 2019 को एक बार फिर गिरावट के साथ लाल निशान में खुले। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 47 अंकों की गिरावट के साथ 39,404 अंकों पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 22 अंकों की गिरावट के साथ 11,800 अंकों पर खुला। सुबह 9.32 बजे सेंसेक्स 191 अंकों की गिरावट के साथ 39,260 अंकों पर और निफ्टी 50 अंकों की गिरावट के साथ 11,773 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं।

इन शेयरों में तेजी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में डीएचएफएल, एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, पीरामल इंटरप्राइजेज लिमिटेड, फ्यूचर रिटेल लिमिटेड, सीसीएल प्रोडक्ट्स लिमिटेड में तेजी का माहौल है। निफ्टी में भारती इंफ्राटेल, भारती एयरटेल, पावरग्रिड, एनटीपीसी, विप्रो में तेजी है।

इन शेयरों में मंदी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में जेट एयरवेज, पीसी ज्वैलर्स, रिलायंस इंफ्रा, रिलायंस कैपिटल, वक्रांगी में मंदी का माहौल है। निफ्टी में जेएसडब्ल्यू स्टील, वीईडीएल, ग्रॉसिम, इंड्सइंड बैंक, टाटा स्टील में मंदी का माहौल है।

टाइगर श्रॉफ ने दिशा पाटनी को फैंस की भीड़ से बचाया, देखिए विडियो

चर्चा में रहने वाले टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी अपने बिजी शेड्यूल से समय निकालकर अपने पसंदीदा रेस्ट्रॉन्ट पहुंच ही जाते हैं। रविवार को टाइगर और दिशा को लंच डेट के बाद रेस्ट्रॉन्ट से बाहर निकलते देखा गया।

दोनों स्टार्स जैसे ही रेस्ट्रॉन्ट से बाहर निकले कि दिशा पाटनी को फैंस और शटरबग्स ने तस्वीर लेने के लिए घेर लिया। इसके बाद टाइगर श्रॉफ ने दिशा पाटनी को उन लोगों से बचाकर कार तक पहुंचाया।

दिशा पाटनी के वर्कफ्रंट की बात करे तो वह आदित्य रॉय कपूर के साथ फिल्म ‘मलंग’ में दिखाई देंगी। आखिरी बार वह सलमान खान की फिल्म ‘भारत’ में नजर आई थीं। वहीं, टाइगर श्रॉफ के काम के बारे में बात करें तो उनको आखिरी बार ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ में देखा गया था।

बिना स्क्रीन शॉट लिए वॉट्सऐप पर सेव करें मेसेज, जानिए कैसे

नई दिल्ली। इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप दुनिया का सबसे पॉप्युलर कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म है। भारत समेत दुनिया भर में इस ऐप को काफी पसंद किया जाता है। पिछले साल F8 डेवलपर कॉन्फ्रेंस में फेसबुक ने बताया था कि वॉट्सऐप यूजर रोजाना 65 बिलियन मेसेज भेजते हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। वॉट्सऐप यूजर्स कई बार कोई खास मेसेज सेव करना चाहते हैं। ऐसे में यूजर स्क्रीन शॉट लेकर उस मेसेज को सेव करते हैं।

वॉट्सऐप मेसेंजर में ऐसा फीचर मौजूद है कि जिससे आप किसी भी मेसेज को बिना स्क्रीन शॉट लिए सेव कर सकते हैं और बाद में उस मेसेज को आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। इस फीचर के जरिए आप ग्रुप चैट या प्राइवेट चैट से मेसेज को बुकमार्क कर सकते हैं। यह फीचर ऐंड्रॉयड, iOS और विंडोज यूजर्स के लिए अवेलेबल है।

ऐंड्रॉयड यूजर्स ऐसे सेव करें मेसेज

  • सबसे पहले अपना वॉट्सऐप मेसेंजर खोलें
  • जिस चैट को ऐप सेव करना चाहते हैं उसमें जाएं
  • जिस मेसेज को आप बुकमार्क करना चाहते हैं उसे टैप करें और होल्ड करें
  • अब आपको स्क्रीन के टॉप पर स्टार आइकन दिखाई देगा
  • स्टार आइकन पर टैप करके मेसेज सेव करें।

iOS यूजर्स ऐसे सेव करें मेसेज

  • वॉट्सऐप मेसेंजर खोलें
  • जिस चैट को ऐप सेव करना चाहते हैं उसमें जाएं
  • जिस मेसेज को आप बुकमार्क करना चाहते हैं उसे टैप करें और होल्ड करें
  • स्टार आइकन पर टैप करके मेसेज सेव करें।

CBSE: कॉपी जांच में मिली गड़बड़ी, दोबारा चेकिंग में 100 में से 100 नंबर

फरीदाबाद। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिका जांचने में चूक का मामला सामने आया है। दोबारा कॉपी जंचवाने के बाद जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाली बल्लभगढ़ की अज्जी कॉलोनी निवासी तनीषा बंसल के गणित में 2 नंबर बढ़ गए, जिसके बाद उनके 100 नंबर हो गए। वह ऑल इंडिया लेवल पर तीसरे पर और हरियाणा में दूसरे स्थान पर आ गई हैं। इसी तरह स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी निवासी यशिता मलिक को इकोनॉमिक्स में 79 अंक मिले थे, जो दोबारा कॉपी जंचवाने के बाद बढ़कर 95 हो गए हैं।

ऋषि मलिक ने बताया कि उनकी बेटी यशिता मलिक के पास कॉमर्स है और उसके 12वीं कक्षा के सभी पेपर अच्छे हुए थे। दो मई को परीक्षा परिणाम आया। सभी विषयों में अच्छे अंक आए थे, लेकिन इकोनॉमिक्स में 79 नंबर ही मिले, जबकि यशिता को विश्वास था कि उनका पेपर बहुत अच्छा हुआ है और कम नंबर नहीं आ सकते।

यशिता के कहने पर चार मई को फीस जमा करा कर उत्तर पुस्तिका जांच की कार्रवाई शुरू कर दी। ऑनलाइन उत्तर पुस्तिका मंगाई, जिसमें कई उत्तर ऐसे थे, जो सही थे, लेकिन उनमें नंबर कम थे। इसके चलते सभी 10 उत्तरों की जांच कराई। जिसके बाद अंक 79 से बढ़कर 95 हो गए।

जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाली बल्लभगढ़ की अज्जी कॉलोनी निवासी तनीषा बंसल के साथ भी ऐसा हुआ है। उत्तर पुस्तिका निरीक्षक ने गणित में दो अंक कम दिए थे। गणित में 98 अंक होने की वजह से वह ऑल इंडिया टॉपर सूची में शामिल होने से वंचित रह गई थीं।

उन्होंने उत्तर पुस्तिका की जांच कराई, तो दो अंक बढ़ गए और वह ऑल इंडिया लेवल पर तीसरे स्थान पर पहुंच गईं, जबकि हरियाणा में दूसरे स्थान पर काबिज हुईं। दो सवालों में तनीषा के 1-1 नंबर बढ़े हैं। पहले उन्हें कुल 497 नंबर मिले थे, जो अब बढ़कर 499 हो गए हैं।

आईएमए का देशव्यापी बंद आज, शाम को निकालेंगे कैंडल मार्च

कोटा। बंगाल में डाॅक्टर्स पर हो रहे सुनियोजित हमलों के विरोध में आईएमए के देशव्यापी सांकेतिक बन्द के आह्वान पर कोटा एवं आसपास के क्षेत्र में सोमवार को प्रातः 6 बजे से मंगलवार प्रातः 6 बजे तक सभी प्राइवेट एवं सरकारी आउटडोर सेवाएं स्थगित रहेंगी। आईएमए के अध्यक्ष डाॅ. एस सान्याल तथा सचिव केके डंग ने बताया कि इस दौरान इमरजेन्सी सेवाएं यथावत् रहेंगी, इन्हें बंद से अलग रखा गया है।

शहर के सभी चिकित्सक सुबह 10 बजे आईएमए हाॅल नयापुरा पर एकत्र होंगे। जहां टीमें गठित करके क्लोजर सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों का दौरा करेंगे। इसी दिन शाम को 6.30 बजे मैत्री अस्पताल झालावाड़ रोड के सामने कैंडल मार्च का आर्याजन भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांग है, चिकित्सक व चिकित्सा कर्मियों को अपने कार्य स्थान पर समुचित सुरक्षा मुहैया कराने के लिए केन्द्रीय सरकार पूरे देश में एक समान चिकित्सक सुरक्षा कानून लाए और सम्पूर्ण देश के सभी प्रान्तों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू करने के लिए आदेश जारी करे।

अन्यथा कतिपय असामाजिक तत्वों के कारण बने इस भय के वातावरण में एक सामान्य चिकित्सक के मानस में गम्भीर रोगी को अपने कार्य स्थान पर सुविधा न देकर आगे और आगे रैफर करने की प्रवृत्ति घर करती जा रही है। जो आम जनता के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन
चिकित्सकों के आन्दोलन को सामाजिक संगठनों की ओर से भी समर्थन मिलने लगा है। कोटा में सिख समाज की तरफ से बाबा लक्खा सिंह ने ऑस्ट्रेलिया से डॉ केवल डंग सचिव आईएमए को फोन पर बताया कि सिख समाज कोलकाता में डॉक्टर के खिलाफ हुईं हिंसात्मक कार्यवाही की घोर निंदा करता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक मरीज को बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास करता है।

डाॅक्टर कभी भी नहीं चाहता की उसके इलाज के दौरान रोगी का बुरा हो। सिख समाज हमेशा सच्चाई का पक्षधर रहा है और सच्चाई के हक में हमेशा सहयोग देता रहेगा। रोटरी क्लब कोटा सेन्ट्रज के अध्यक्ष कपिल टूटेजा, सचिव अंकित तिलानी, जैन सोशल ग्रुप कोटा के अध्यक्ष पंकज सेठी, सचिव अनुराग जैन, सिंधु सोशल सर्किल की ओर से किशन रतनानी ने भी आन्दोलन को सर्तन दिया है।

इसके अलावा आईएमए की महिला विंग, सेवारत चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, कोटा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी, कोटा ऑप्थल्मोलॉजी सोसाइटी, इण्डियन डेंटल एसोसिएशन काॅग्स, मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन, इन्टर्न एसोसिएशन, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी समर्थन किया है।

जैविक खेती: कम खर्च में मुनाफे का सौदा

कोटा। भारतीय किसान संघ कोटा संभाग की ओर से रविवार को सरस्वती विद्या मंदिर सुल्तानपुर में जैविक खेती पर अभ्यास वर्ग का आयोजन किया गया। जिसमें पद्मश्री से सम्मानित हाॅर्टिकल्चर बोर्ड नई दिल्ली के सदस्य हुकुम पाटीदार के द्वारा जैविक खेती का लाइव प्रशिक्षण दिया गया।

भारतीय किसान संघ के प्रान्त जैविक प्रमुख तथा भारत सरकार के द्वारा सम्मानित मोतीसिंह रावत ने पोली हाऊस में जैविक खेती के बारे में विचार रखे। इस दौरान कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

हुकुमचन्द पाटीदार ने अभ्यास वर्ग में जैविक खेती का प्रशिक्षण देते हुए कहा कि 2030 तक कृषि में व्यापक परिवर्तन नहीं किए तो देश की 45 प्रतिशत आबादी कैंसर की शिकार होगी। किसानों के लिए वैज्ञानिक शोध होने चाहिए, लेकिन अब हमें उपज को बढाने की आवश्यकता नहीं है।

हमारी उपज विश्व मानकों के अनुसार हो
उन्होंने कहा कि किसानों को रिसर्च और अनुसंधान किसानों को स्वयं करने होंगे। जिससे किसानों की उपज की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। जब तक हमारी उपज विश्व मानकों के अनुसार नहीं होगी, तब तक उपज के बेहतर दाम मिलना मुश्किल है। देश के वैज्ञानिक शोध भी अब इसी दिशा में होने चाहिए।

हुकुमचन्द पाटीदार ने अभ्यास वर्ग में जैविक खेती का प्रशिक्षण देते हुए कहा कि 2030 तक कृषि में व्यापक परिवर्तन नहीं किए तो देश की 45 प्रतिशत आबादी कैंसर की शिकार होगी। किसानों के लिए वैज्ञानिक शोध होने चाहिए, लेकिन अब हमें उपज को बढाने की आवश्यकता नहीं है।

कहा कि किसानों को रिसर्च और अनुसंधान किसानों को स्वयं करने होंगे। जिससे किसानों की उपज की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। जब तक हमारी उपज विश्व मानकों के अनुसार नहीं होगी, तब तक उपज के बेहतर दाम मिलना मुश्किल है। देश के वैज्ञानिक शोध भी अब इसी दिशा में होने चाहिए।

पाटीदार ने कहा कि हमारे पशुधन को निरुपयोगी बनाकर आर्थिक रूप से कमर तोड़ने का कुचक्र रचा गया है। आज 1 किलो गेहूं पर 32 रुपए का खर्च आ रहा है। 25 फीसदी मुनाफे समेत 40 रुपए किलो बिकने पर ही किसानों को फायदा हो सकता है। ऐसे में, खेती को मुनाफे में लाने के लिए हमें खर्च में कटौती करनी होगी। जो केवल जैविक खेती के द्वारा ही संभव है।

बीज से बाजार तक किसानों का अधिकार हो
खेती से 1 किलो गेहूं पर केवल 10 रुपए का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि बीज से बाजार तक किसानों का अधिकार होना चाहिए। आज देश में गरीबों को दो रुपए किलो के गेहूं के नाम पर जहर का स्प्रे किया गया और सल्फास में सुरक्षित रखा गया गेहूं बांटा जा रहा है।

मोतीलाल रावत ने कहा कि जहरीली खेती ने पर्यावरण, हवा, पानी और धरती को प्रदूषित करने का काम किया है। अब आवश्यकता प्रदूषण मुक्त कृषि को बढावा देने की है। हमें पर्यावरण फ्रेंडली कृषि करके देश के स्वास्थ्य के साथ अपना मुनाफा भी बढाना होगा।

कृषि वैज्ञानिक पवन कुमार टांक ने कहा कि कृषि को बाजार पर आधारित नहीं होना चाहिए। कृषि जितनी अधिक खेत पर आधारित होगी, उतना ही मुनाफा अधिक होगा। खेती की सारी आवश्यकताएं बीज से लेकर बाजार तक खेत पर ही पूरी होनी चाहिए। प्रान्त संगठन मंत्री हेमराज ने कहा कि जैविक खेती को बिना गाय के कर पाना संभव नहीं है। संभागीय उपाध्यक्ष जगदीश खाती ने आभार प्रकट किया।

इस दौरान कोटा जिलाध्यक्ष गिर्राज चौधरी, प्रान्त संगठन मंत्री हेमराज, जिला संघचालक डालचंद नागर, कोटा संभाग के उपाध्यक्ष जगदीश खाती, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोहनलाल नागर, पा्रन्त महामंत्री जगदीश कलमंडा, प्रान्त मंत्री शंकरलाल धाकड़, संभाग मंत्री प्रहलाद नागर, संभाग मीडिया प्रभारी आशीष मेहता, संभाग के युवा सदस्य हरिसिंह समेत कईं लोग उपस्थित रहे।