Thursday, July 9, 2026
Home Blog Page 4751

102 पाठकों को नेशनल डिजिटल लाईब्रेरी की निःशुल्क सदस्यता

कोटा। राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय कोटा मे नेशनल रीडिंग मिशन 2022 के तहत पंजीकृत एवं गैर पंजीक़ृत पाठकों को नेशनल डिजिटल लाईब्रेरी से जोडने का कार्य प्रारंभ किया। उदघाटन दिवस पर 102 पाठकों को नेशनल डिजिटल लाईब्रेरी की निःशुल्क सदस्यता दी गयी। बच्चों को कनेक्ट करने के लिये स्टोरी टेलिंग सेशन की शुरुआत की ।

डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव मण्डल पुस्तकालयाध्यक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर देश के गरीब एवं आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग समेत सभी प्रकार के पाठको मे प्रिंट तथा डिजिटलअध्ययन प्रवृतियों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये 19 जून 2017 को प्रतिवर्ष 19 जून से 18 जुलाई तक राष्ट्रीय अध्ययन मास (नेशनल रीडिंग मंथ ) मिशन चलाने की घोषणा की थी । उसी परिपेश्य में बुधवार को यह आयोजन किया गया।

उन्होंने बच्चो को स्टोरी व्युअर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों में कहानियों के जरिये सीखने की ललक होती है। स्टोरी व्युअर पर 190 भाषाओं मे 14,478 कहानियां है, जो पढने का रोमांच पैदा करती हैं। इस अवसर पर बुक डोनेशन ड्राईव के तहत के .के शर्मा अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कोटा ने लगभग 20 मेडीकल की कीमते उपहार स्वरूप प्रदान की गयी ।

कार्यक्रम संयोजिका शशि जैन ने कहा कि इस माह मे पुस्तकालय का ध्येय नेशनल डिजिटल लाईब्रेरी से निःशुल्क जोडना है, ताकि घर बैठे 2 करोड पुस्तक का लाभ उठा सके । यदि कोई व्यक्ति इसका निःशुल्क सदस्यता ग्रहण करना चाहता है तो अपना इमेल आईडी तथा जन्म प्रमाण पत्र साथ लेकर आवेगा तो उसे डिजीटल लाईब्रेरी के निःशुल्क सद्स्यता दी जायेगी।

गौरतलब है कि नेशनल रीडिंग मिशन 2022 की शुरुआत एम. पाणीकर की याद मे तैयार किया गया एक मिशन है, जो केरल के सरकारी विद्यालय के शिक्षक थे, जिन्होने केरल को भारत का प्रथम साक्षर राज्य बनाने मे अहम भूमिका निभाई ।

कोटा मंडी : लिवाली के अभाव में धनिया 100 रुपये ढीला रहा

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार कोआवक घटने से चना 50 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा। कमजोर उठाव से सोयाबीन 25 रुपये और सरसों 50 मंदी बिकी। लिवाली के अभाव में धनिया 100 रुपये प्रति क्विंटल ढीला रहा। मंडी में सभी जिंसों का मिलाकर करीब 30.000 बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 8000 कट्टे की हुई।

गेहूं लस्टर 1700 से 1775 गेहूं मिल 1775 से 1800 एवरेज 1850 से 1900 लोकवान 1905 से 1900 पीडी 1750 से 1900 गेहूं टुकडी 1875 से 1920 मक्का 1900 से 2000 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 3000 पूसा 1 2500 से 3001 पूसा 4 (1121) 3600 से 4000 धान लाजवाब (1509) 3000 से 3405 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3400 से 3800 सरसों 3400 से 3701अलसी 4000 से 4501तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4250 कलौजी 8500 से 10500 धनिया बादामी 5500 से 6000 ईगल 6000 से 6401 रंगदार नया 6500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 1800 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 5100 से 6000 उड़द 2000 से 4100 चना 3600 से 4065 चना कांटिया 3850 चना काबुली 3500 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल। चना पेप्सी 3800 से 4100 चना मौसमी 3000 से 4100 मसूर 3800 से 4350 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

हाजिर बाजार के कमजोर संकेतों से ग्वारगम वायदा कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली। कमजोर निर्यात मांग के बीच हाजिर बाजार की सुस्त धारणा के कारण व्यापारियों द्वारा अपने सौदों की कटान करने से बुधवार को वायदा कारोबार में ग्वारगम की कीमत 43 रुपये की हानि के साथ 8,558 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के जुलाई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 43 रुपये अथवा 0.5 प्रतिशत की हानि के साथ 8,558 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई जिसमें 58,005 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार ग्वारगम के अगस्त महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत भी 42 रुपये अथवा 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,677 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई जिसमें 7,050 लॉट के लिए कारोबार हुआ। बाजार सूत्रों ने कहा कि तेल खनन उद्योगों की कमजोर निर्यात मांग और निवेशकों के सौदों की कटान से मुख्यत: वायदा कारोबार में ग्वारगम कीमतों में गिरावट आई।

सेंसेक्स 66 अंक मजबूत होकर 39,113 पर बंद

मुंबई। बुधवार को शेयर बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ। बीएसई के 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 66.40 अंकों (0.17%) की तेजी के साथ 39,112.74 पर बंद हुआ। वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी महज 0.05 अंकों (0.00%) की गिरावट के साथ 11,691.45 पर बंद हुआ।

दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 39,435.80 का ऊपरी स्तर और 38,881.05 का निचला स्तर छुआ, जबकि निफ्टी ने 11,802.50 का उच्च स्तर और 11,625.10 का निम्न स्तर छुआ। बीएसई पर 15 कंपनियों के शेयर हरे निशान पर, जबकि 15 कंपनियो के शेयर लाल निशान पर बंद हुए। एनएसई पर 21 कंपनियों के शेयरों में लिवाली और 29 कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दर्ज की गई।

इन शेयरों में रही तेजी
बीएसई पर टाटा स्टील के शेयर में सर्वाधिक 4.60 फीसदी, कोटक महिंद्रा बैंक में 2.44 फीसदी, एनटीपीसी में 1.58 फीसदी, एचडीएफसी में 1.11 फीसदी और पावरग्रिड के शेयर में 1.06 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। वहीं, एनएसई पर भी टाटा स्टील के शेयर में 5.40 फीसदी, जी लिमिटेड में 5.14 फीसदी, कोटक महिंद्रा बैंक में 2.75 फीसदी, एनटीपीसी में 1.85 फीसदी और टाइटन के शेयर में 1.34 फीसदी की तेजी देखी गई।

इन शेयरों में रही गिरावट
बीएसई पर यस बैंक के शेयर में 5.54 फीसदी, टाटा मोटर्स में 2.31 फीसदी, टाटा मोटर्स डीवीआर में 2.28 फीसदी, हीरो मोटोकॉर्प में 1.99 फीसदी और इंडसइंड बैंक के शेयर में 1.82 फीसदी की गिरावट देखी गई। एनएसई पर इंडियाबुल हाउजिंग फाइनैंस के शेयर में 8.49 फीसदी, यस बैंक में 4.89 फीसदी, यूपीएल में 4.67 फीसदी, अडानी पोर्ट्स में 3.32 फीसदी और इंडसइंड बैंक के शेयर में 2.70 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

ओम बिरला सर्वसम्मति से चुने गये लोकसभा के नये अध्यक्ष

नयी दिल्ली। कोटा-बूंदी क्षेत्र से भाजपा सांसद और राजग उम्मीदवार ओम बिरला को बुधवार को सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष चुन लिया गया। पद संभालने के बाद उन्होंने कहा कि वह निष्पक्षता के साथ सदन चलाएंगे और कम संख्या वाले दलों को भी पर्याप्त समय दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विपक्ष ने सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए नवनिर्वाचित अध्यक्ष को तहे दिल से सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, द्रमुक के टी आर बालू एवं तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने बिरला की उम्मीदवारी का समर्थन किया और उनसे पीठासीन अधिकारी के रूप में निचले सदन को चलाने के समय निष्पक्ष रहने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखे गये और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव को सदन द्वारा ध्वनिमत से स्वीकार किये जाने के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने बिरला के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन की घोषणा की।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी समेत अन्य दलों के नेता बिरला को अध्यक्ष के आसन तक लेकर गये। इस दौरान पूरे सदन ने लंबे समय तक ताली बजाकर और मेजें थपथपाकर नये अध्यक्ष का अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बिरला को लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वह वर्षों के अपनी सामाजिक संवेदना भरे जीवन के कारण सदन का सुगमता से संचालन कर पाएंगे।

उन्होंने गुजरात में आए 2011 के भूकंप और 2013 में उत्तराखंड में भीषण बाढ़ सहित देश के विभिन्न भागों में बिरला द्वारा किये गये समाजिक कार्यों को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिरला को अध्यक्ष के नाते सभी को अनुशासित और अनुप्रेरित करने तथा सत्तापक्ष को भी नियमों की अवहेलना पर टोकने का अधिकार होगा। प्रधानमंत्री ने उन्हें विश्वास दिलाया कि सरकार उनके कामकाज को सरल बनाने में शत-प्रतिशत योगदान देगी।

सदन में बुधवार को ध्वनिमत से राजस्थान के कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र से दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए बिरला के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन के बाद मोदी ने कहा कि बिरला छात्र राजनीति से यहां तक पहुंचे हैं और उन्होंने जन आंदोलन से ज्यादा ध्यान जनसेवा पर केंद्रित रखा है। उन्होंने राजस्थान विधानसभा में सक्रिय भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बिरला सार्वजनिक जीवन में विद्यार्थी काल में छात्र संगठनों से जुड़ते हुए जीवन के सर्वाधिक उत्तम समय में किसी भी विराम के बिना समाज की किसी न किसी गतिविधि से जुड़े रहे।

’’बिरला ने पदभार संभालने के बाद कहा कि वह निष्पक्षता के साथ सदन चलाएंगे और कम संख्या वाले दलों को भी पर्याप्त समय दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार से ज्यादा जवाबदेही और पारदर्शिता की अपेक्षा है। पदभार ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और सभी राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त करते हुए बिरला ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी निष्पक्ष होनी चाहिए और निष्पक्ष दिखनी भी चाहिए।

बिरला ने सदस्यों से कहा कि वे केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दे विशेषकर बुनियादी मुद्दे उठाएं क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि सदस्य ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिनका केंद्र सरकार से कोई संबंध नहीं होता है। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने बिरला को तहे दिल से सहयोग देने का आश्वासन देते हुए उनसे निष्पक्ष रहने और जनहित के मुद्दे उठाने के लिए विपक्ष को पर्याप्त समय देने का अनुरोध किया।

कांग्रेस नेता ने लोकसभा द्वारा बहुत कम विधेयकों को स्थायी समिति को भेजने पर चिंता जतायी और उम्मीद जतायी कि इस चलन में परिवर्तन होगा। बीजद के पिनाकी मिश्रा ने भी यही चिंता जतायी। बिरला को अध्यक्ष के आसन तक ले जाने में द्रमुक के टी आर बालू, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, बीजद के पिनाकी मिश्रा और लोजपा के चिराग पासवान आदि भी शामिल थे।

बिरला के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन के लिए प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, शिवसेना के अरविंद सावंत, बीजद के पिनाकी मिश्रा, अकाली दल के सुखबीर बादल, जदयू के राजीव रंजन, केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, प्रहलाद जोशी, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, द्रमुक के टी आर बालू और तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने प्रस्ताव रखे। उनके पक्ष में कुल 13 प्रस्ताव पेश रखे गये।

इन प्रस्तावों का क्रमश: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रमेश पोखरियाल निशंक, शिवसेना के विनायक राउत, बीजद के अच्युतानंद सामंत, लोजपा के चिराग पासवान, अपना दल की अनुप्रिया पटेल, वाईएसआर कांग्रेस के पी वी मिथुन रेड्डी, अन्नाद्रमुक के पी रवींद्रनाथ कुमार, द्रमुक के बालू, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और तेलंगाना राष्ट्र समिति के नामा नागेश्वर राव ने समर्थन किया।

संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने 17वीं लोकसभा के पहले दो दिन का कामकाज सुगमता से चलाने के लिए कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार और उनके पैनल में शामिल कांग्रेस के के.सुरेश, बीजद के बी महताब तथा भाजपा के ब्रजभूषण शरण सिंह का आभार जताया। उन्होंने लोकसभा महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव का भी धन्यवाद जताया।

गौरतलब है कि ओम बिरला राजस्थान के कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं। विपक्ष की ओर से लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए कोई उम्मीदवार नहीं खड़ा किया गया। बिरला (56 वर्ष) प्रधानमंत्री मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के काफी करीबी माने जाते हैं।

इनकी नम्रता से डरता हूं, लोकसभा स्पीकर बिरला की तारीफ में बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली। ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर बनने पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सौम्य व्यक्तित्व की सराहना की। पीएम ने यह भी कहा कि इनकी नम्रता को देखकर तो कभी-कभी मुझे डर लगता है। बिरला के साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने सीखनेवाला बताया और कहा कि इस सदन की गरिमा को वह नए स्तर तक ले जाने में सक्षम हैं। विपक्षी सांसदों ने भी नए स्पीकर को बधाई दी और सदन चलाने में सहयोग का आश्वासन भी दिया।

स्पीकर को बताया कोटा की छवि बदलने वाला चेहरा
पीएम मोदी ने कोटा से दूसरी बार सांसद चुने गए ओम बिरला को सक्रिय और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहनेवाला शख्स बताया। पीएम मोदी ने कहा, ‘हम सबके लिए गर्व का विषय है कि स्पीकर पद पर आज हम ऐसे व्यक्ति का अनुमोदन कर रहे हैं, जिन्होंने छात्र राजनीति से ही जीवन का सर्वाधिक उत्तम समय, बिना किसी ब्रेक के समाज की किसी न किसी गतिविधि में व्यतीत किया है। शिक्षा का काशी कहे जाने वाला राजस्थान के कोटा का परिवर्तन, जिसके योगदान से हुआ है वह नाम है श्री ओम बिरला जी।’

‘डर है कि इनकी नम्रता का कोई दुरुपयोग न करे’
पीएम मोदी ने ओम बिरला के संवेदनशील व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा, ‘इनके जैसे संवेदनशील व्यक्तित्व को यह पद मिला है। हमें अनुशासन की दिशा दिखाने के साथ मुझे विश्वास है कि उत्तम तरीके से सदन को चलाएंगे। मुस्कुराते हैं तो हल्के से, कभी-कभी डर लगता है कि उनकी नम्रता, विवेक का कोई दुरुपयोग न कर ले। पहले लोकसभा के स्पीकर को अधिक कठिनाइयां रहती थीं, लेकिन अब उल्टा हो रहा है। राज्यसभा के स्पीकर को अधिक कठिनाई होती है।’

स्पीकर के सामाजिक कार्यों का पीएम ने किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आम तौर पर राजनीतिक जीवन में ये छवि बनी रहती है कि राजनेता 24 घंटे राजनीतिक उठापटक करते हैं। लेकिन वर्तमान में देश ने अनुभव किया है कि राजनीतिक जीवन में जितनी अधिक सामाजिक सेवा रहती है, उतनी अधिक मान्यता मिलती है। ओम बिरला जी की पूरी कार्यशैली समाज सेवा से जुड़ी रही है।

समाज में कहीं भी पीड़ा नजर आई तो इन्होंने उस क्षेत्र में काम किया। मुझे याद है कि लंबे समय तक भूकंप के बाद कच्छ में सेवा का काम किया। केदारनाथ में अपने स्तर पर समाज सेवा किया। कोटा में किसी के पास ठंड के सीजन में कंबल नहीं है तो रात भर कोटा की गलियों में निकलना और उनको पहुंचाना। सार्वजनिक जीवन में हम सभी सांसदों के लिए यह प्रेरणा है कि इन्होंने कोटा में कोई भूखा न सोए इसके लिए प्रसादम योजना शुरू की।’

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कचौड़ी के बहाने स्पीकर की तारीफ की
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने नवनिर्वाचित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के लिए कहा,’कोटा एक कोचिंग इंस्टिट्यूट जैसा है। कोटा की कचौड़ी भी बहुत मशहूर है। यह हाउस खिचड़ी न बने, इसलिए कचौड़ी की तरह स्वादिष्ट आप हमें हर वक्त उपहार देंगे, यह हमारी आपसे उम्मीद हैं।’

तेजी के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 306 अंक उछल कर 39,346 पर

नई दिल्ली। देश के शेयर बाजार बुधवार को मजबूती के साथ खुले। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 306 अंकों की मजबूती के साथ 39,345.63 पर जबकि निफ्टी 90 अंकों की बढ़त के साथ 11,781.50 पर खुला।

ये हैं टॉप गेनर्स
बीएसई में टाटा स्टील लिमिटेड 3.15 फीसदी, जिंदल स्टील 7.05 फीसदी, नवकार कॉर्पोरेशन लिमिटेड 1.20 फीसदी, टाटा स्टील 17.40 फीसदी, कैन फिन होम्स लिमिटेड 13.30 फीसदी। वहीं एनएसई में टाटा स्टील 3.51 फीसदी, इंडियाबुल्स हाऊसिंग फाइनेंस लिमिटेड 2.68 फीसदी, टाटा मोटर्स 2.18 फीसदी,हिंदाल्को इंडस्ट्रीज 1.90 फीसदी, टाइटन 1.71 फीसदी के साथ टॉप गेनर्स रहे।

ये हैं टॉप लूजर्स
बीएसई में जेट एयरवेज 7.45 फीसदी, जैन ईरीगेशन सिस्टम 2.85 फीसदी, IRB इंफ्रास्ट्रक्चर 10.50 फीसदी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 3.95 फीसदी, IFCI 0.73 फीसदी। वहीं एनएसई में येस बैंक 0.73 फीसदी, विप्रो 0.65 फीसदी, इंफ्राटेल 0.52 फीसदी, डॉ रेड्डी 0.42 फीसदी, बीपीसीएल 0.40 फीसदी के साथ टॉप लूजर्स रहे।

यूट्यूब पर अब लंबे और उबाऊ वीडियो से मिलेगी निजात

नई दिल्ली।ऐसा लगता है कि गूगल का विडियो शेयरिंग प्लैटफॉर्म यूट्यूब अपने यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर करने जा रहा है। सामने आया है कि यूट्यूब अपने प्लैटफॉर्म पर टाइमस्टैम्प्स या बुकमार्क्स फीचर टेस्ट कर रहा है। अक्सर ऐसा होता है कि किसी यूट्यूब विडियो में आप कोई एक खास हिस्सा ही देखना चाहते हैं और यह फीचर यूजर्स को पूरा विडियो देखने के बजाय किसी खास पॉइंट से विडियो शुरू करने का विकल्प देता है।

इस फीचर को ऐंड्रॉयड पुलिस ने स्पॉट किया है और फिलहाल यह सभी क्षेत्रों में ग्लोबली नहीं मिल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह फीचर गूगल ऐप के 10.7.4.21 में देखने को मिला है। यह फीचर सभी के लिए कब उपलब्ध होगा, इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

अगर आप 10.7.4.21 वर्जन वाले गूगल के बीटा ऐप यूट्यूब विडियो सर्च करते हैं तो आपको कुछ विडियो उनकी टाइमलाइन और बुकमार्क्स के साथ दिखाई देते हैं। विडियो टाइमलाइन के नीचे स्क्रॉल करने वाले टाइमस्टैम्प और उनसे जुड़ी जानकारी दी गई है। इसकी मदद से आप सीधे विडियो के उस हिस्से पर जा सकते हैं, जो आप देखना चाहते हैं।

फीचर से जुड़ी अच्छी बात यह है कि कई बुकमार्क्स के साथ उनके थंबनेल भी दिख रहे हैं, जो विडियो देखने वालों के लिए विडियो के हिस्सों पर स्विच करना आसान कर देते हैं। थंबनेल पर क्लिक करके विडियो को किसी एक पॉइंट से प्ले किया जा सकता है।

इन्हें नीले रंग से हाइलाइट किया गया है और कुछ यूजर्स ने ऐंड्रॉयड पुलिस के साथ इसके स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए हैं। फिलहाल यह फीचर पूरी तरह तैयार नहीं है क्योंकि टाइमलाइन से जुड़ी कुछ कमियां भी अभी देखने को मिल रही हैं, जिन्हें फिक्स किया जा सकता है।

कोई दो राय नहीं है कि यह फीचर यूजर्स का वक्त बचाएगा और उन्हें पूरा विडियो नहीं देखना पड़ेगा। इस फीचर के अलावा गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने सोमवार को कहा कि यूट्यूह ने पिछली तिमाही में अपने प्लैटफॉर्म से 90 लाख से ज्यादा विडियो हटाए हैं। ऐसे विडियोज को खतरनाक और आपत्तिजनक कंटेंट के चलते हटाया गया है।

जुड़वां: एक बनेगा डॉक्टर ऑर दूसरा आईआईटीयन

-कोटा के मोहनलाल गोयल के जुड़वा बेटे सौरभ व सागर का जेईई एडवांस एवं नीट में चयन
कोटा। जेईई एडवांस व नीट रिजल्ट में कॅरिअर पॉइंट में अध्ययनरत विज्ञान नगर निवासी दो जुड़वा भाईयों का चयन हुआ है। गत वर्ष भी जेईई एडवांस में बिहार व उड़ीसा के दो परिवारों के जुड़वा बच्चों का चयन हुआ था। वहीं, इस वर्ष भी कोटा के विज्ञान नगर निवासी मोहनलाल गोयल के जुड़वा बेटे सौरभ व सागर ने जेईई एडवांस 2019 एवं नीट 2019 के परीक्षा परिणाम में ऑल इंडिया स्तर पर इडब्ल्यूएस जनरल वर्ग में शानदार प्रदर्शन कर सफलता अर्जित की हैं।

सौरभ ने जेईई एडवांस में 498 वीं रेंक हासिल की है, वही, सागर को नीट में र्इ्डब्ल्यूएस सामान्य वर्ग में करीब 4 हजार की रेंक मिलने के साथ ही श्रेष्ठ कॉलेज भी मिलने की पूरी उम्मीद है। स्टूडेंट सागर किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में स्कॉलरशिप भी प्राप्त कर चुका है। यह दोनों जुड़वा भाई बेहतर कॅरिअर की उम्मीद के साथ कक्षा 9 से ही कॅरिअर पॉइंट ग्रुप से जुड़े और स्कूली शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी की।

विज्ञान नगर निवासी मोहनलाल गोयल ने बताया कि वो मूलतः सांगोद के रहने वाले है और वर्तमान में कोटा के एक निजी अस्पताल में मेडिकल शॉप पर जॉब करते है। गोयल ने बताया कि वो अपने बच्चों को बेहतर एजुकेशन दिलाना चाहते है और इसके लिए उन्होंने गहन पड़ताल के बाद कॅरिअर पॉइंट को चुना और दोनों बच्चों का यहीं पर एडमिशन करवाया। पूरा परिवार कॅरिअर पॉइंट के सिस्टम से पूर्ण संतुष्ट है, इसकी वजह साफ है दोनों बच्चों का प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन होना।

बच्चों को पढ़ाने के लिए पिता ने लिया लोन
मोहनलाल ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति शुरू से ही कमजोर रही। यही वजह है कि वो खुद भी उच्च शिक्षा से वंचित रह गए। लेकिन उनके मन में बच्चों को पढ़ाने की जिद हमेशा जिंदा रही। दो जुड़वा बेटे सौरभ, सागर है। एक बड़ी बेटी भी है जिसकी बी.टेक पूरी हो चुकी है। बच्चों को बेहतर एजुकेशन मिले इसके उन्होंने बैंक से एजुकेशन लोन भी लिया है।

गोयल बताते है कि मैं तो आर्थिक हालातों के चलते उच्च शिक्षा से वंचित रहा, लेकिन बच्चों को हर हाल में बेहतर एजुकेशन देना ही जीवन का लक्ष्य है और वो इस काम में जुटे हुए है। कॅरिअर पॉइंट के सीपी स्टार से सौरभ को 90 प्रतिशत एवं सागर को 70 प्रतिशित स्कॉलरशिप मिली थी। इन्हें केवीपीवाई में भी स्कॉलरशिप मिली है। इससे भी उन्हें काफी राहत मिली। दोनों बच्चें कक्षा 9 वीं प्री-फाउंडेशन से ही कॅरिअर पॉइंट से जुड़े है।

मानसून में देरी से सोयाबीन, कपास एवं दलहनी फसलों की बुवाई अटकी

0

मुंबई। मानसून आने में एक सप्ताह की देर से कपास, सोयाबीन, मूंगफली और दलहनों की बुवाई में देरी हुई है। माना जा रहा है कि इससे आगे फसल की आवक भी धीमी रह सकती है। उद्योग संगठनों ने यह राय व्यक्त किये हैं। भारतीय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स संघ (एसईए) के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता ने बताया, “इस साल मानसून के आगमन में देरी हुई है, जिससे फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है, लेकिन अभी से किसी परिणाम की भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी।”

मेहता ने कहा, “सोयाबीन, दलहन और मूंगफली जैसी फसलों की बुआई में 8-10 दिनों की देर हुई है। अभी भी समय है। हालांकि, अगर बारिश में एक सप्ताह से अधिक समय की देर होती है तो यह थोड़ा चिंताजनक होगा क्योंकि किसान अन्य फसलों की ओर रुख कर लेंगे। मानसून ने दक्षिणी राज्य, केरल में सात जून को प्रवेश किया था।

भारत में साल भर की बरसात में मानसून की बारिश का हिस्सा 70 प्रतिशत से भी अधिक का है जो इस देश के फसल उत्पादन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मेहता ने कहा, समग्र फसल उत्पादन के लिए अंतराल के साथ वर्षा भी बहुत महत्वपूर्ण है। गुजरात में, कुछ जिलों में चक्रवात वायू के बाद वर्षा हुई, लेकिन बाकी राज्य अभी भी शुष्क हैं।

भारतीय कपास संघ के अध्यक्ष अतुल गनात्रा ने कहा कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे मध्य भारत का भूभाग और महाराष्ट्र जैसे कपास उत्पादक राज्यों में कपास की बुवाई में दो सप्ताह की देर हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल जून के पहले सप्ताह के दौरान बारिश हुई थी, जबकि इस साल इन राज्यों में अब तक बारिश नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, “बुवाई में देरी के परिणामस्वरूप फसल की आवक में देरी होगी। आमतौर पर, फसल की आवक अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होती है, अब यह तीसरे या चौथे सप्ताह में आना शुरु होगी। चूंकि मिलों को कपास की आवश्यकता होगी, इसलिए आवक में देर होने से इसकी कीमत प्रभावित हो सकती है।”