Thursday, July 9, 2026
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‘Tik Tok’ ने यूजर्स के लिए जारी किए सुरक्षा टिप्स, जानिए क्या हैं

भारत में टिक टॉक ने बहुत ही कम समय में 20 करोड़ डाउनलोड्स की संख्या पार कर ली है, लेकिन इसी बीच टिक टॉक को कई विवादों का सामना भी करना पड़ा है। कुछ दिन पहले टिक टॉक पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगा दिया गया था। वहीं पिछले कुछ दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनकी वजह से टिक टॉक एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। हाल ही में टिक टॉक के दो यूजर्स ने अपनी जान दे दी है। हाल ही घटनाओं को देखते हुए कंपनी ने कुछ सुरक्षा टिप्स भी जारी किए हैं। आइए जानें

ऐज गेट– कम उम्र के उपयोगकर्ताओं को टिक टॉक से बाहर रखने के लिए ऐज गेट की सुविधा है। ऐसे में टिक टॉक पर13 वर्ष और उससे अधिक उम्र के यूजर्स ही अपना अकाउंट बना सकते हैं।

पैरेंटल कंट्रोल- पैरेंटल कंट्रोल की सुविधा में स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट तथा रिस्ट्रिक्टेड मोड दोनों शामिल हैं। एप्लिकेशन में इस सुविधा को डिजिटल वेलबीइंग कहा जाता है। इस सुविधा के जरिए जब माता- पिता अपने बच्चे के फोन पर स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट तथा रिस्ट्रिक्टेड मोड को चालू करते हैं, तब उन्हें एक पासवर्ड सेट करने का अवसर मिलता है। पासवर्ड को जाने बगैर बच्चा प्रतिदिन केवल सीमित समय के लिए वीडियो देख सकता है या फिर केवल फिल्टर की गई सामग्री को देख सकता है।

रिस्ट्रिक्टेड मोड- रिस्ट्रिक्टेड मोड दरअसल अकाउंट की सेटिंग के लिए दिया जाने वाला एक विकल्प है जो कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए अनुपयुक्त वीडियो या सामग्रियों को प्रतिबंधित कर देता है। इस सुविधा को एक पासवर्ड के माध्यम से सक्रिय किया जाता है जिसकी वैधता अवधि 30 दिनों की होती है।

स्क्रीन टाइम मैनेजमेंटर- स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट के माध्यम से माता-पिता के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं को 40, 60, 90 या 120 मिनट की समय सीमा निर्धारित करने की सुविधा मिलती है। निर्धारित समय सीमा तक पहुंचने के बाद उपयोगकर्ता को टिक टॉक का उपयोग जारी रखने के लिए पासवर्ड दर्ज करना होगा।

रिस्क वॉर्निंग टैग- खतरनाक वीडियो पर कंपनी रिस्क वॉर्निंग टैग लगाती है। ताकि यूजर्स को उस वीडियो के बारे में जानकारी मिले। इस टैग के साथ उस वीडियो की नकल ना करने की सलाह दी जाती है।

IGST: फर्जी रिफंड क्लेम्स के मामले में सरकार अलर्ट

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नई दिल्ली। फर्जी रिफंड क्लेम्स के मामले सामने आने के बाद सरकार अलर्ट है। इसके मद्देनजर सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) ने मंगलवार को कस्टम और जीएसटी (GST) अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारीकी से सत्यापन के बाद ही आईजीएसटी (IGST) रिफंड क्लेम्स को मंजूरी दी जाए।

सीबीआईसी (CBIC) ने महानिदेशक (सिस्टम्स) से ‘रिस्की एक्सपोर्टर्स’ की पहचान करने और इससे जुड़ी जानकारी कस्टम और जीएसटी अधिकारियों से साझा करने के लिए भी कहा है, जिससे एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट्स की 100 फीसदी जांच के बाद ही अलर्ट जारी किया जा सके।

वर्तमान में सेंट्रल टैक्स अथॉरिटीज में कस्टम, गुड्स और सर्विस टैक्स रिटर्न फाइल होने के साथ ही शिपिंग बिल्स फाइलिंग के आधार पर निर्यातकों को ऑटोमैटिकली इंटिग्रेटेड जीएसटी (IGST) रिफंड जारी हो जाते हैं। किसी तरह के मैनुअल दखल के बिना रिटर्न फाइलिंग के 15 दिनों के भीतर रिफंड जारी कर दिए जाते हैं।

टैक्स एक्सपर्ट्स ने कहा रिफंड क्लेम्स के सत्यापन की पहल से निर्यातकों को रिफंड जारी करने की प्रक्रिया में देरी होगी। सीबीआईसी ने क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजे पत्र में कहा गया कि कुछ निर्यातकों द्वारा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के इस्तेमाल से आईजीएसटी रिफंड के मामले सामने आए हैं।

सीबीआईसी ने कहा, ‘निर्यातकों ने फर्जी दस्तावेजों पर आटीसी का फायदा लिया है और भारत के बाहर सामान के निर्यात पर मिले आईजीएसटी का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया है। यह भी देखने में आया है कि कई मामलों में शिपिंग बिल में घोषित एफओबी (फ्रेट ऑन बोर्ड) वैल्यू में खासा अंतर पाया गया।’

जीएसटी अधिकारियों के तय होंगे स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर
सीबीआईसी ने कहा, ‘ऐसे मामलों के कारण संबंधित जीएसटी कार्यालयों के माध्यम से आईजीएसटी पेमेंट के सत्यापन का फैसला लिया गया है।’ इसके साथ ही जीएसटी पॉलिसी विंग आईजीएसटी रिफंड क्लेम्स के सत्यापन के वास्ते जीएसटी अधिकारियों के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) भी तय करेगी।

कोटा मंडी : ऊँचे भाव पर समर्थन नहीं मिलने से धनिया 100 रुपये ढीला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार कोकमजोर उठाव से सोयाबीन 50 रुपये मंदी रही, जबकि चना 100 रुपये प्रति क्विंटल लुढ़क गया। ऊँचे भाव पर समर्थन नहीं मिलने से धनिया 100 रुपये प्रति क्विंटल ढीला रहा। मंडी में सभी जिंसों का मिलाकर करीब 40,000बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 10,000 कट्टे की हुई।

गेहूं लस्टर 1700 से 1775 गेहु मील 1775 से 1800 एवरेज 1850 से 1900 लोकवान 1905 से 1900 पीडी 1750 से 1900 गेहूं टुकडी 1875 से 1920 मक्का 1900 से 2000 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 3000 पूसा 1 2500 से 3001 पूसा 4 (1121) 3600 से 4000 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3405 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3400 से 3800 सरसों 3400 से 3701अलसी 4000 से 4501 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4250 कलौजी 8500 से 10500 धनिया बादामी 5500 से 6100 ईगल 6000 से 6401 रंगदार नया 7000 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 1800 से 8200 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 5100 से 6150 उड़द 2000 से 4100 चना 3600 से 4005 चना कांटिया 3900 चना काबुली 3500 से 4500 चना पेप्सी 3800 से 4000 चना मौसमी 3000 से 4100 मसूर 3800 से 4350 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

15 भ्रष्ट अफसरों की छुट्टी, मोदी सरकार की भ्रष्टाचार पर नकेल

नई दिल्ली। मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में भ्रष्ट अधिकारियों को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है। आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों पर ऐक्शन के बाद अब सरकार ने मंगलवार को सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के 15 वरिष्ठ अधिकारियों की जबरन रिटायर कर दिया। इनमें प्रिंसिपल कमिश्नर रैंक के एक अधिकारी भी हैं। इन सभी को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों में बर्खास्त किया गया है।

वित्त मंत्रालय के एक आदेश के मुताबिक नियम 56 (जे) के तहत सरकार ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के इन अधिकारियों को बर्खास्त किया है, जिनमें प्रिंसिपल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर की रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इनमें से कुछ पहले से ही निलंबित चल रहे थे।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि इन अधिकारियों के खिलाफ CBI के द्वारा भ्रष्टाचार के केस दर्ज किए गए थे या रिश्वतखोरी, वसूली और आय से अधिक संपत्ति के मामले इन पर चल रहे थे। आदेश में कहा गया है कि बर्खास्त किए गए अफसरों में प्रिंसिपल कमिश्नर अनूप श्रीवास्तव भी शामिल हैं, जो दिल्ली में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड में प्रिंसिपल ADG (ऑडिट) के पद पर कार्यरत थे। जॉइंट कमिश्नर नलिन कुमार को भी छुट्टी दे दी गई है।

सूत्रों ने बताया कि 1996 में CBI ने अनूप के खिलाफ एक आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था और आरोप लगाया था कि उन्होंने एक हाउस बिल्डिंग सोसायटी को फायदा पहुंचाया था जो कानून के खिलाफ जाकर जमीन खरीद के लिए NOC पाने की कोशिश कर रही थी।

सीबीआई ने 2012 में भी अनूप श्रीवास्तव के खिलाफ कर चोरी मामले को ढंकने के लिए एक इम्पोर्टर से कथित तौर पर घूस मांगने और लेने का मामला दर्ज किया था। उनके खिलाफ उत्पीड़न और जबरन वसूली की शिकायत भी की गई थी। जॉइंट कमिश्नर पहले से निलंबित थे और उनके खिलाफ सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति समेत कई केस दर्ज किए थे। इन्हें भी मंगलवार को सरकार ने सेवा से हटा दिया।

वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ‘फंडामेंटल रूल्स के रूल 56 क्लॉज (J) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए भारत के राष्ट्रपति ने भारतीय राजस्व सेवा (C&CE) के 15 अफसरों को 50 साल की उम्र पूरी करने के बाद जनहित में तत्काल प्रभाव से रिटायर कर दिया है।’

एक हफ्ते पहले 12 अफसरों पर गिरी थी गाज
आपको बता दें कि एक हफ्ते पहले ही मोदी सरकार ने आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया था। जिन अधिकारियों पर ऐक्शन हुआ था, उनमें एक जॉइंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी भी शामिल थे। इन अफसरों पर रिश्वत, वसूली, एक पर महिला अफसरों का यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगे थे।

सांसद बिरला के लोकसभा अध्यक्ष बनने पर सर्राफा बोर्ड ने लड्डू बांट कर ख़ुशी जताई

कोटा। सांसद ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष बनाने की घोषणा के बाद कोटा के सर्राफा व्यापारियों ने मंगलवार को लड्डू बांट कर ख़ुशी जताई। श्री सर्राफा बोर्ड की ओर से न्यू सर्राफा मार्केट में सर्राफा व्यापारियों को लड्डू के डिब्बे वितरित किए गए।

संस्था अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल विचित्र ने इस अवसर पर कहा कि यह कोटा के लिए गौरवशाली पल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सांसद ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष बनाकर हाड़ौती क्षेत्र के लोगों को एक अमूल्य तोहफा दिया है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अब कोटा के विकास को नये पंख लगेंगे। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष आनंद राठी, रामस्वरुप गोयल, पुरुषोत्तम पुरोहित, सचिव विवेक कुमार जैन और उपाध्यक्ष सुशील लोहिया भी उपस्थित थे।

मजबूत वैश्विक संकेतों से सोना 100 रुपये महंगा, चांदी भी चमकी

नई दिल्ली/ कोटा। विदेशों में सकारात्मक रुख और स्थानीय ज्वैलर्स की लिवाली से राष्ट्रीय राजधानी में आज मंगलवार को सोने के भाव में बढ़ोतरी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत में आज 100 रुपये की बढ़ोतरी हुई और इसके भाव 33,720 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए।

वहीं चांदी की कीमतों में भी आज तेजी देखी गई है। चांदी आज 130 रुपये की तेजी के साथ 38,220 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कारोबारियों के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का कारोबारियों द्वारा लिवाली बढ़ने के कारण चांदी के भाव में यह बढ़ोतरी हुई है।

वैश्विक स्तर की बात करें तो न्यूयॉर्क में सोने के भाव तेजी के साथ 1,344.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। वहीं चांदी के भाव भी बढ़कर 14.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार की अनिश्चितता के बीच वैश्विक स्तर पर यह तेजी देखने को मिली है।

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में आज 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 100 रुपये की तेजी के साथ 33,720 रुपये और 99.5 फीसदी शुद्धता वाला सोना भी 100 रुपये की तेजी के साथ 33,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

वहीं गिन्नी सोने की कीमत 26,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर बनी रहीं। कारोबारियों के अनुसार वैश्विक बाजार में सकारात्मक रुख और स्थानीय ज्वैलर्स की मांग में तेजी आने से सोने की कीमतों में यह बढ़ोतरी देखी गई।

उधर चांदी में आज 130 रुपये की तेजी देखी गई। इसके भाव आज 38,220 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए। वहीं साप्ताहिक डिलीवरी वाली चांदी में भी 140 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई और इसका भाव आज 37,256 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इसके अलावा चांदी के सिक्कों की लिवाली कीमत 80,000 रुपये प्रति सैकड़ा और बिकवाली कीमत 81,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिर रही।

कोटा सर्राफा
चांदी 37800 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39070 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33670 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39270 रुपये प्रति तोला।

बढ़ती मांग के कारण ग्वारगम वायदा कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली।हाजिर बाजार में मजबूत निर्यात मांग के बीच मंगलवार को वायदा कारोबार में ग्वारगम की कीमत 26 रुपये की तेजी के साथ 8,527 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के जून महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 26 रुपये अथवा 0.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,527 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसमें 58,150 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

ग्वारगम के जुलाई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत भी 13 रुपये अथवा 0.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,655 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसमें 47,975 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

हाजिर मांग के कारण ग्वारसीड वायदा कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली।हाजिर बाजार में मजबूती के रुख की वजह से कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे मंगलवार को वायदा कारोबार में ग्वारसीड की कीमत 24 रुपये की तेजी साथ 4,230 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारसीड के जुलाई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 24 रुपये अथवा 0.57 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,230 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई जिसमें 1,09,280 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि उत्पादक क्षेत्रों से मामूली आपूर्ति के कारण हाजिर बाजार में मजबूती के रुख को देखते हुए सटोरियों द्वारा अपने सौदों का आकार बढ़ाने से यहां ग्वारसीड वायदा कीमतों में तेजी आई।

सेंसेक्स 85 अंक सुधरकर 39,046 पर बंद, 41 फीसदी टूटा जेट एयरवेज

नई दिल्ली। कई दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक 85 अंकों की तेजी के साथ 39,046 अंकों पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 11,691 अंकों पर जाकर बंद हुआ।

कोई खरीदार नहीं मिलने के कारण कर्जदाता बैंकों के एनसीएलटी जाने की खबरों के बीच मंगलवार के कारोबार में सेंसेक्स को जेट एयरवेज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। जेट एयरवेज के शेयर 40.78 फीसदी टूटकर 40.45 रुपए प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुए। जेट एयरवेज का यह अब तक का सबसे निचला स्तर है।

ये हैं टॉप गेनर
सेंसेक्स में वरुएण बेवरेजेस लिमिटेड 4.74 फीसदी, एसआरएफ लिमिटेड 4.38 फीसदी, एवेन्यू सुपरमार्ट लिमिटेड 3.33 फीसदी, रेडिंग्टन इंडिया लिमिटेड 3.35 फीसदी, आशी इंडिया ग्लास लिमिटेड 3.44 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे। निफ्टी में भारती एयरटेल 0.55 फीसदी, एक्सिस बैंक 0.41 फीसदी, आईटीसी 0.33 फीसदी, जेएसडब्ल्यू स्टील 0.31 फीसदी, इंड्सइंड बैंक 0.24 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे।

ये हैं टॉप लूजर
सेंसेक्स में जेट एयरवेज 40.78 फीसदी, जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड 21.15 फीसदी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 20.71 फीसदी, डीएचएफएल 14.97 फीसदी, रिलायंस पावर 13.61 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे।

निफ्टी में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस 0.87 फीसदी, भारती इंफ्राटेल 0.42 फीसदी, सनफार्मा 0.39 फीसदी, ओएनजीसी 0.36 फीसदी, टेक महिंद्रा 0.31 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे।

रेपो रेट में कटौती के बाद भी बैंकों ने सस्ता नहीं किया कर्ज, जमा पर घटाया ब्याज

नई दिल्ली। होम लोन, ऑटो लोन आदि सस्ते करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो रेट में बीते छह महीने में तीसरी बार कटौती की। इसके उलट बैंकों ने कर्ज सस्ता करने की बजाय अब जमा रकम पर मिलने वाले ब्याज में जरूर कटौती शुरू कर दी है। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों ने जमा पर ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की है। हालांकि, आमतौर पर जमा ब्याज दर में कटौती को कर्ज पर देय ब्याज में कटौती से पहले के कदम के रूप में देखा जाता है।

आईसीआईसीआई बैंक ने मियादी यानी रैकरिंग खातों पर जमा पर ब्याज दर में 0.10 से 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। यह कटौती सोमवार से लागू हुई। बैंक की वेबसाइट पर दी गयी जानकारी के अनुसार इसके तहत 290 दिनों से लेकर एक साल से कम समय तक के लिये 2 करोड़ रुपए की घरेलू जमा पर आईसीआईसीआई बैंक 6.75 प्रतिशत ब्याज देगा। पहले यह ब्याज दर 6.85 प्रतिशत थी। वहीं दो साल से लेकर तीन साल से कम अवधि के लिये जमा पर ब्याज दर 7.30 प्रतिशत होगी। पहले यह ब्याज दर 7.55 प्रतिशत थी।

एक्सिस बैंक ने 0.15 प्रतिशत की कटौती की
एक्सिस बैंक ने भी जमा ब्याज दर में 0.15 प्रतिशत की कटौती की है। बैंक प्रवक्ता ने कहा, ‘बैंक ने एक साल के लिये जमा पर ब्याज दर में कटौती की गयी है।’ वहीं, निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी ने भी जमा दरों की समीक्षा की है और संशोधित दरें पिछले बुधवार से लागू होंगी। फिलहाल इसके बारे में जानकारी नहीं मिली है।

आरबीआई चाहता है कटौती का लाभ ग्राहक को मिले :नकदी की स्थिति बेहतर होने तथा रिजर्व बैंक के इस महीने की शुरूआत में रेपो दर में कटौती के बाद आईसीआईसीआई बैंक तथ एक्सिस बैंक समेत अन्य बैंकों ने यह कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दर में कटौती के बाद बैंकों से उसका लाभ ग्राहकों को देने को कहा गया है ताकि धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था में तेजी लायी जा सके। लेकिन अभी तक कर्ज की दरों में कटौती का ऐलान नहीं हुआ है।