Wednesday, July 8, 2026
Home Blog Page 4745

Google Maps का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, जानिए क्यों

नई दिल्ली।गूगल मैप्स का इस्तेमाल जिस रफ्तार से बढ़ा है उसी रफ्तार से इसके जरिए होने वाले स्कैम में भी बढ़ोतरी हुई है। गूगल मैप्स पर हर महीने जुड़ने वाले हजारों फेक अकाउंट के कारण इस वक्त ऐप पर 1 करोड़ 10 लाख के आसपास गलत फोन नंबर और अड्रेस लिस्ट हैं। गूगल मैप्स पर गलत अड्रेस और फोन नंबर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल बिजनस कॉम्पिटिशन में आगे बढ़ने के लिए किया जा रहा है।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से द वर्ज ने बताया कि ज्यादातर अड्रेस गूगल मैप्स पर रजिस्टर्ड बिजनस लिस्टेड लोकेशन्स पर मौजूद नहीं हैं। गलत अड्रेस के कारण सबसे ज्यादा स्कैम होने के खतरा कॉन्ट्रैक्टर्स, रिपेयरमैन और कार टोइंग सर्विसेज का इस्तेमाल करने पर हो सकता है।

गूगल में इंटरनली इसे ‘duress verticals’ कहा जाता है क्योंकि ये सर्विसेज ऐसी हैं जिनके पास यूजर्स इमर्जेंसी की स्थिति में जाते हैं और उनके पास बिजनस की विश्वसनीयता जांचने का समय नहीं होता।

हालांकि गूगल ने साल 2017 में खुद से एक रिसर्च कराया था जिसमें दावा किया गया था कि गलत लिस्टिंग में केवल 0.5 प्रतिशत लोकल सर्च ही शामिल हैं। वहीं द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट इससे अलग है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिसर्च में पाया कि टॉप के 20 गूगल सर्च रिजल्ट्स में से 13 गलत अड्रेस लिस्ट हैं। इनमें केवल दो बिजनस ही पूरी तरह से सुरक्षित पाए गए जो गूगल की गाइडलाइन का पालन करते हैं।

बता दें गूगल पोस्टकार्ड भेजकर, कॉल के जरिए या किसी न्यूमैरिकल कोड को गूगल की वेबसाइट पर एंटर करने को कह कर लिस्टेड बिजनस को वेरिफाइ करता है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है गूगल के इस वेरिफाइंग सिस्टम को गलत अड्रेस और फोन नंबर के साथ ठग आसानी से बाइपास कर सकते हैं। इसका सीधा नुकसान रियल बिजनस और ग्राहकों को होता है।

यह रिपोर्ट गूगल के उस ऐलान के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया था कि गूगल अब My Business Feature के जरिए बिजनेस को कंपनी प्रोफाइल को सर्च और मैप्स पर कस्टमाइज करने के लिए और ऑप्शन्स दे रहा है।

गूगल ने यह भी कहा कि वह संग्दिग्ध बिजनस प्रोफाइल को रिपोर्ट करने के लिए बिजनस रिड्रेसल कंप्लेंट फॉर्म तैयार करने की दिशा में भी काम कर रहा है जिससे कि यूजर्स इस प्रकार के फ्रॉड के बारे में सीधे गूगल को रिपोर्ट कर सकेंगे।

मुकेश अंबानी की सुरक्षा में सड़कों पर कितनी कारें

नई दिल्ली। मुकेश अंबानी के काफिले को क्या पास से देखा है? अगर नहीं, तो चलिए आज हम आपको उनकी कुछ चुनिंदा कारों के साथ उनके काफिलों के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके साथ यह भी बताएंगे कि वो कौन-कौन से मौके, लग्जरी कारें और जगह हैं, जहां दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में से एक मुकेश अंबानी अपने परिवार के साथ नजर आए। तो डालते हैं एक नजर-

BMW 760 Li
BMW 760 Li अपनी शानदार परफॉर्मेंस के साथ बेहतरीन सेफ्टी फीचर्स के लिए भी पहचानी जाती है। BMW की यह दमदार कार बुलेटप्रुफ कोटिंग के साथ आती है। अंबानी के पास जो BMW 760 Li है उसकी कीमत 8.5 करोड़ रुपये है। इसके हर दरवाजे का भार 150 किलोग्राम है। इस कार में सेल्फ-स्पोर्टिंग रन फ्लेट टायर्स दिए गए हैं।

Rolls Royce Cullinan
अंबानी परिवार की तरफ से Rolls Royce Cullinan का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाता है। हालांकि, यह कई मौकों पर अंबानी परिवार के काफिले में नजर आई है। Rolls Royce Cullinan, Land Rover Discovery और BMW X5 अंबानी के काफिले में बतौर सुरक्षा वाहन कई बार नजर आई हैं।

Rolls Royce Cullinan की शुरुआती कीमत 6.95 करोड़ रुपये है। भारतीय बाजार में बिकने वाली यह सबसे महंगी SUV है। इसमें कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं। अगर अंबानी ने इस कार में दूसरे फीचर्स को शामिल किया होगा तो इसकी कीमत 10 करोड़ रुपये के आसपास भी हो सकती है।

Mercedes Benz S Guard
यह एक तरह से Maybach S600 का मॉडिफाइड वर्जन है। यह एक आर्मर्ड कार है। अंबानी ने इस कार को साल 2015 में खरीदा था। इस कार को खरीदने वाली मुकेश अंबानी पहले भारतीय है। इसकी कीमत करीब 10.50 करोड़ रुपये है।

भारत से लेकर अमेरिका तक स्‍तुति खंडवाला की प्रतिभा का बजा डंका

कोटा। सूरत की मेधावी छात्रा स्तुति खंडवाला ने भारत से लेकर अमेरिका तक अपनी प्रतिभा का डंका बजा दिया है। उन्‍होंने बीते छह माह के अंतराल में देश की सभी मेडिकल व इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं में कामयाबी हासिल की है। अब वे अमेरिका के MIT परीक्षा में भी टॉप पर आईं हैं।

इसी अमेरिकी संस्थान में अब उन्होंने मनोरोग पर अनुसंधान करने का फैसला लिया है। महज 18 साल की उम्र में स्‍तुति ने देश एवं विदेश की करीब आधा दर्जन प्रवेश परीक्षाओं में अपने पहले ही प्रयास में सफलता पाई और एक कीर्तिमान कायम किया है।

कोटा के एलन कोचिंग संस्थान में पढ़ाई करने वाली स्‍तुति को राजस्थान बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में विज्ञान में 98.8 फीसद अंक मिले हैं। वह बताती हैं कि उसने बीते दो साल में सभी पुस्तकों को ठीक से पढ़ा। प्रतिदिन 12 से 13 घंटे तक पढ़ाई की। इस दौरान टीवी व सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। खाली समय में भी वह प्रश्न-पत्रों को हल करने का अभ्यास करती थीं। पूरे समय पढ़ाई पर फोकस रहती थीं।

इन परीक्षाओं में मारी बाजी
महज छह माह में स्‍तुति नीट, जेईई मेन, एम्स, जेआइपीएमईआर और MIT की परीक्षाओं में सफल रही। स्तुति ने अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में मनोरोग पर अनुसंधान करने का फैसला लिया है।

JOSAA Counseling : प्रथम मोक सीट अलॉटमेंट का परिणाम जारी

कोटा। 1 लाख 60 हजार विद्यार्थियों द्वारा भरी गई 1 करोड़ 40 लाख चोईसिस पर कार्य करते हुए जोसा ने प्रथम मॉक राउंड सीट अलॉटमेंट का परिणाम जारी कर दिया है। विद्यार्थी जोसा की वेबसाइट पर लॉगइन कर सीट अलॉटमेंट की जानकारी प्राप्त कर सकते है।

केरियर प्वाइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि मॉक सीट अलॉटमेंट के परिणाम के साथ ही जोसा ने विद्यार्थियों को हिदायत जारी की है कि यह वास्तविक सीट अलॉटमेंट नहीं है। विद्यार्थी को अलॉट की गई सीट मे फेरबदल संभव है।मोक सीटअलॉटमेंट के दूसरे राउंड का परिणाम कल 24 जून को जारी किया जाएगा। जोसा द्वारा काउंसलिंग की प्रक्रिया में दो मॉक सीट अलॉटमेंट के साथ वास्तविक अलॉटमेंट के 7 राउंड होंगे।

25 जून अंतिम तिथि है रजिस्ट्रेशन तथा चॉइस फिलिंग की
शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से आग्रह है कि मोक् सीट अलॉटमेंट के आधार पर सीट अलॉटमेंट की संभावनाओं पर गहराई से विचार करें। तत्पश्चात चॉइस फिलिंग के क्रम में आवश्यक बदलाव एवं फेरबदल जरूर कर लें। रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग, चॉइस फिलिंग में परिवर्तन इत्यादि के लिए जोसा द्वारा 25 जून तक का समय दिया गया है। 25 जून उपरोक्त कार्यो के लिए अंतिम तिथि है। 27 जून 2019 को जोसा द्वारा काउंसलिंग के प्रथम राउंड का परिणाम जारी कर दिया जाएगा जो कि वास्तविक होगा।

मजदूर का बेटा लेखराज लिखेगा अब अपना भाग्य, जानिए कैसे

कोटा। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में कोटा को ‘शिक्षा की काशी‘ का अलंकरण दिया है। इस काशी में अनेक छात्रों का भविष्य संवरता आया है। इस बार एक ऐसे विद्यार्थी का जीवन संवारा है, जिसका परिवार मूलभूत जरूरतों के लिए ही संघर्ष कर रहा है। बदलाव की यह कहानी है झालावाड़ जिले के मनोहरथाना में पिंडोला पंचायत समिति के मोग्याबेह भीलान गांव के परिवार के लेखराज भील की। 150 घरों के इस गांव से लेखराज पहला इंजीनियर बनने जा रहा है।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के छात्र लेखराज के पिता मांगीलाल भील एवं मां सरदारी बाई निरक्षर हैं। उन्हें यह तक नहीं पता कि इंजीनियर क्या होता है। दोनों नरेगा में मजदूरी करते हैं। नरेगा मजदूरी के अलावा अन्य दिनों मांगीलाल मजदूरी करते हैं।

लेखराज ने जेईई-मेंस में कैटेगिरी रैंक 10740 प्राप्त की है और एनआईटी से इंजीनियरिंग करने की इच्छा रखता है। एलन ने लेखराज का चयन गुदड़ी के लाल स्कीम के तहत किया है, जिसे आगामी चार वर्ष बीटेक करने तक प्रतिमाह स्कॉलरशिप दी जाएगी।

स्कूल के शिक्षक लेकर आए एलन
लेखराज पढ़ाई में होशियार था लेकिन उसे अपने कॅरियर को लेकर कुछ पता नहीं था, जेईई भी नहीं जानता था। 8वीं बोर्ड में जिला मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया, वर्ष 2017 में राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय खाताखेड़ी में पढ़ते हुए 93.83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। शिक्षकों ने परिजनों से बात की तो उन्होंने पैसे नहीं होने की बात कही।

ऐसे में कुछ टीचर्स मिलकर लेखराज को कोटा लाए और यहां एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में मिले। यहां निदेशक नवीन माहेश्वरी से बातचीत के बाद लेखराज को निशुल्क प्रवेश दिया गया। साथ-साथ आवास व भोजन की व्यवस्था भी निशुल्क की गई।

इस बात पर शिक्षकों ने कहा कि लेखराज की प्रतिभा को देखते हुए यह प्रयास किया था, जिसका सम्मान एलन द्वारा रखा गया। लेखराज ने दो साल तक कोटा में रहकर पढ़ाई की। यहां चार महीने पढ़ने के बाद उसे जानकारी हुई कि वो जेईई की तैयारी कर रहा है और इससे इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन मिलेगा।

12 किलोमीटर पैदल आता-जाता था
लेखराज की पढ़ाई में रूचि थी। 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई गांव से 6 किलोमीटर दूर स्थित सरकारी स्कूल में जाकर की। रोजाना 12 किलोमीटर आना-जाना पड़ता था। स्कूल में गणित व विज्ञान विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। फिर भी लेखराज ने खुद पढ़ाई की और 93.83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। गांव में मात्र 150 घरों की आदिवासी भीलों की बस्ती है। बिजली भी बहुत कम आती है। कच्चा मकान है।

दो साल पहले सरकारी योजना के तहत घर में शौचालय बनवाया है। गांव के अधिकांश युवा मजदूरी एवं अन्य काम करते हैं। लेखराज के पिता को अभी तक यह नहीं पता कि इंजीनियर क्या होता है और उनके बेटे को किस परीक्षा में सफलता मिली है। इंजीनियर बनकर आने के बाद लेखराज परिवार की स्थिति में सुधार लाना चाहता है। लेखराज सहित चार भाई-बहिन है। दो की शादी हो चुकी है।

प्रतिमाह स्कॉलरशिप दी जाएगी
निर्धन व प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे लाने के लिए एलन द्वारा हर स्तर पर समर्थन किया जाता है। लेखराज की प्रतिभा को देखते हुए शिक्षकों ने जो प्रयास किया, वो भी सराहनीय है। एलन द्वारा गुदड़ी के लाल स्कीम के तहत लेखराज को आगामी चार वर्ष बीटेक की पढ़ाई करने तक प्रतिमाह स्कॉलरशिप दी जाएगी। – नवीन माहेश्वरी, निदेशक, एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट

इंदौर किराना : ग्राहकी में सुधार से शक्कर महंगी

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शनिवार को शक्कर में ग्राहकी सुधार लिए रही। इससे मोटी शक्कर में सौदे 10 से 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर हुए। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शनिवार को सात गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर-गोला :शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल।शक्कर एम (मोटी) 3440 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 165 से 185 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2100 से 3800 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी:हल्दी खड़ी सांगली 130 से 133, निजामाबाद 90 से 105, पिसी 130 से 165 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना:साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा:गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1140 से 1150, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2950 से 3000 तथा बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर बाजार: सोयाबीन रिफाइंड तेल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शनिवार को सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव तीन रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी लिए रहे। तिलहन में सोयाबीन में 50 रुपये प्रति क्विंटल की भाव कमी हुई। तिलहन:सरसों 3600 से 3650रायडा 3450 से 3500 सोयाबीन 3600 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल।

तेल:मूंगफली तेल इंदौर 1080 से 1100, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 752 से 755, सोयाबीन साल्वेंट 720 से 725, पाम तेल 630 से 634 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार:कपास्या खली इंदौर 1900, देवास 1900, उज्जैन 1900, खंडवा 1875, बुरहानपुर 1875, अकोला 2825 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल:कपास्या तेल इंदौर 720 से 722, महाराष्ट्र 710 से 715, तथा गुजरात 725 से 730 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

इंदौर मंडी: ग्राहकी के अभाव में चना दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शनिवार को चना कांटा 50 रुपये और मसूर के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल की कमी हुईं। उपलब्धता कमी से मूंग 50 रुपये और तुअर (अरहर) के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। आज चना दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकी।

दलहन:चना (कांटा) 4225 से 4250, चना (देसी) 4100 से 4150, डबल डॉलर 4500 से 4800, मसूर 4125 से 4150, हल्की 3700 से 3800, बटला (मटर) 4100 से 4150, मूंग 5600 से 5750, हल्की 5000 से 5200, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5300, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5850 से 5900, उड़द 5100 से 5200, हल्की 3800 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल:तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7000 से 7200, तुअर दाल फूल 7400 से 7600, तुअर दाल बोल्ड 7800 से 8000, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5400 से 5600, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5350 से 5450, मूंग दाल 7300 से 7500, मूंग मोगर 8100 से 8300, उड़द दाल 7200 से 7400, उड़द मोगर 7500 से 7700 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज:गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल:बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

कोटा मंडी : डीओसी मंदी रहने से सोयाबीन 25 रुपये प्रति क्विंटल टूटी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को डीओसी मंदी रहने से सोयाबीन 25 रुपये प्रति क्विंटल टूट गई। रही। लहसुन 400 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। मंडी में सभी जिंसों का मिलाकर करीब 30,000 बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 10000 कट्टे की हुई।

लस्टर 1700 से 1791 गेहूं मिल क्वालिटी 1775 से 1831एवरेज 1850से 1900 लोकवान 1905 से 1900 पीडी 1750 से 1900 गेहूं टुकडी 1875 से 1950 मक्का 1900 से 2050 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 3000 पूसा 1 2500 से 3001 पूसा 4 (1121) 3600 से 4000 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3405 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3400 से 3751 सोयाबीन बीज क्वालिटी 3800 सरसों 3400 से 3601अलसी 4000 से 4501 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4250 कलौजी 8500 से 10000 धनिया बादामी 5500 से 6100 ईगल 6000 से 6401 रंगदार नया 6500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 1800 से 7200रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 5100 से 5800 उड़द 2000 से 4150 चना 3600 से 4150 चना कांटिया 3920 चना काबुली 3500से 4500 चना पेप्सी 3800 से 4150 चना मौसमी 3000 से 4150 मसूर 3800 से 4250रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

रनिंग फेस्टिवल-2019 : 538 धावकों ने 70 किमी. से अधिक दौड़ पूरी की

कोटा। शहर में चल रहे रनिंग फेस्टिवल-2019 की चौथी सामूहिक दौड़ में 100 से अधिक नागरिकों ने नियमित दौड़ते हुये 70 किमी. से अधिक तक की दूरी तय कर ली। एफएसआरसी के कॉर्डिनेटर अमित चतुर्वेदी ने बताया कि देश-विदेश के 538 प्रतिभागी 1 जून से नियमित 3.2 किमी दौड़ रहे हें। इन्होंने 22 दिन में 70 किमी. से अधिक की दूरी तय की।

चौथे शनिवार को जेके पैवेलियन स्टेडियम के आसपास 100 से अधिक धावकों ने भाग लिया। जिसमें 6 वर्ष की राजवी दाधीच के साथ 70 वर्षीय प्रो. एमएल साहू ने भी फिटनेस के लिये शहरवासियों को रोज सुबह दौड़ने का संदेश दिया। उनका लक्ष्य माह के अंत में 100 किमी. की दौड़ पूरी करना है।

रनिंग एम्बेसेडर डॉ. विक्रांत माथुर ने बताया कि प्रायः एक दिन दौड़कर हम रूक जाते हैं लेकिन रनिंग फेस्टिवल के जरिये एक माह तक नियमित दौडकर अच्छी सेहत के लिये हम इसे आदत बना रहे हैं। सभी आयुवर्ग के प्रतिभागी होने से एक-दूसरे का मनोबल उंचा रहा।

देश-विदेश में हो रही वर्चुअल रनिंग
रनिंग फेस्टिवल-2019 में देश-विदेश के 538 प्रतिभागी 1 जून से नियमित वर्चुअल रनिंग कर रहे हैं। जिसमें यूएसए से 3, म्यांमार व दुबई से 1-1, मुंबई, दिल्ली, पुणे, गोवा, वाराणसी, गादरवाडा, गुना सहित हाडौती में कोटा, बारां व सीएफसीएल से प्रतिभागी रोजाना 3.2 किमी से अधिक दौड़ पूरी कर रहे हैं। डॉक्टर्स के अनुसार, औसत 5 किमी. रोज दौडने वाले नागरिक 300 कैलोरी बर्न करते हुये स्वास्थ्य लाभ लेंगे।

इस दौड़ स्पर्धा में आस्टिन, यूएसए के इंजीनियर हर्ष मूंदड़ा व प्रेरणा मूंंदड़ा, फ्लोरिडा से अंकित राठी व राधिका राठी, फिलिपीन्स व आबूधाबी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर मनधार मंत्री, एलन निदेशक राजेश माहेश्वरी, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.राकेश जिंदल व डॉ.नीता जिंदल, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ.विक्रांत माथुर, डेंटिस्ट डॉ. अंशुल माथुर, प्रो. एमएल साहू, अविनाश बेदी सहित हैदराबाद से इंजीनियर शालीन रोजाना 3.2 से 5 किमी दौड रहे हैं।

ये प्रतिभागी जून में 100 से 150 किमी दौडने का लक्ष्य पूरा करेंगे। 17 मैराथन पूरी कर चुकी अर्चना मूंदडा के साथ सीए दीपांशी जैन, डॉ रूचि साहू, राखी शर्मा, गुंजन गांधी, मीनाक्षी जैन, दिव्यानी धीरिया सहित कई महिला धावक 150 किमी. से अधिक दौड़ पूरी करेंगी। काडरवाडा से अमरदीप व पूर्णिमा यादव, उद्यमी उत्कर्ष व अंकिता कालानी 30 जून तक 100 किमी दौड़ेंगे।