Wednesday, July 8, 2026
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WhatsApp पर अब मैसेज कर सकेंगे Save, जानिए कैसे

नई दिल्ली । WhatsApp पर अब तक अगर आपको किसी मैसेज को सेव करना होता था तो उसका स्क्रीनशॉट लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। लेकिन, अब ऐसा नहीं करना पड़ेगा। फेसबुक के मालिकानी हक वाली मोबाइल मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स के लिए एक नया अपडेट जारी किया है। इस अपडेट के बाद अब यूजर्स को मैसेज सेव करने के लिए स्क्रीनशॉट नहीं लेना होगा।

इसका एक तरीका और है जिसके जरिए आप बिना स्क्रीनशॉट लिए किसी के मैसेज को सेव कर सकते हैं। इस फीचर के जरिए यूजर्स ग्रुप चैट या प्राइवेट चैट से मेसेज को बुकमार्क कर सकते हैं। इस फीचर को एंड्रॉइड, iOS और विंडोज यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है।

एंड्रॉइड यूजर्स इस तरह कर सकते हैं मैसेज सेव:

  • सबसे पहले आपको WhatsApp ओपन करना होगा।
  • इसके बाद जिस चैट को आप सेव करना चाहते हैं उस पर जाएं।
  • अब उस मैसेज को सेलेक्ट करे जिसे आप बुकमार्क करना चाहते हैं। इसके लिए आपको मैसेज को टैप कर होल्ड करना होगा।
  • आपकी स्क्रीन पर ऊपर की तरफ के स्टार आइकन दिखाई देगा। इस पर टैप कर दें।
  • इससे आपका मैसेज स्टार मार्क यानी बुकमार्क हो जाएगा।

iOS यूजर्स इस तरह कर सकते हैं मैसेज सेव:

  • सबसे पहले WhatsApp पर जाएं। इसके बाद जिस चैट को आप सेव करना चाहते हैं उसे ओपन करें।
  • अब मैसेज को टैप कर होल्ड करें और स्टार आइकन पर क्लिक करें।
  • इससे आपका मैसेज सेव हो जाएगा।

राजस्थान सरकार आर्थिक संकट में : बाजार से 27 हजार करोड़ ले सकेगी उधार

जयपुर। चौतराफा आर्थिक परेशानियों से घिरी सरकार को बजट से पहले केंद्र सरकार ने कुछ राहत दे दी है। सरकार अब 7.5 हजार करोड़ रुपए की बजाय 27 हजार करोड़ रुपए उधार ले सकेगी। अब 3 माह की सीमा को केंद्र ने बढ़ाकर एक साथ 9 माह का उधार एक साथ लेने की राहत दे दी है। के लिए उधार सीमा में ले सकेगी। राज्य सरकार अब बाजार से पहले से ज्यादा उधार ले सकेगी।

राज्य सरकार अपने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए विश्व बैंक, एडीबी, आरबीआई सहित कई एजेंसियों से लोन लेती है। इसकी गारंटर केंद्र सरकार होती है। इसलिए एक साल में राज्य सरकार कितना लोन ले सकती है इसका निर्धारण भी केंद्र सरकार करती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार यह भी तय करती है कि उधार लेने की सालाना सीमा में राज्य सरकार एक बार में अधिकतम कितनी रकम उधार ले सकती है।

साल 2016 में वित्त मंत्रालय ने यह व्यवस्था दी थी कि राज्य सरकार अपनी उधार लेने की सालाना सीमा में से 9 माह जितनी राशि एक मुश्त उधार ले सकती है। लेकिन हाल में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान 5 अप्रैल को वित्त मंत्रालय ने एक नया परिपत्र जारी कर इस व्यवस्था को बदल दिया। इसमें राज्य सरकार को अपनी उधार लेने की सालाना सीमा में से 3 माह जितनी राशि एक मुश्त उधार लेने की ही मंजूरी दी गई।

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा ये है कि अब 3 माह की सीमा को केंद्र ने बढ़ाकर एक साथ 9 माह का उधार एक साथ लेने की राहत दे दी है। उधार लेने की सीमा घटाने का सबसे पहला असर पिछले दिनों मणिपुर पर आया। ओवर ड्राफ्ट लिमिट पूरी होने के बार रिजर्व बैंक ने मणिपुर वेतन बिलों और चेक भुगतान पर रोक लगा दी।

बाजार से उधार लेने की उसकी क्षमता वित्त मंत्रालय के फैसले के बाद काफी घट गई थी। इसके चलते उसे आरबीआई से ओवर ड्राफ्ट लेना पड़ा। ओवर ड्राफ्ट के बाद भी खर्च पूरे नहीं हो पाए। इसके बाद आरबीआई ने भुगतान पर रोक लगा दी।

ऐसे तय होती है सीमा
राज्य सरकार की उधार लेने की सीमा दो तरह से निर्धारित होती है। एक तो वह अपनी जीडीपी के 3 प्रतिशत के बराबर बाजार से नया उधार ले सकती है। दूसरा उसके सालाना रिपेमेंट्स जो उसे चुकाने हैं उस रकम को भी इसमें जोड़ा जाता है।

रिपेमेंट्स को हटाकर राज्य सरकार साल में कुल 36 हजार करोड़ रुपए बाजार से उधार ले सकती है। इन 36 हजार करोड़ में से भी 30 हजार करोड़ रुपए नेट बोरोइंग होती है। वित्त मंत्रालय के फैसले के बाद राज्य सरकार अपनी नेट बोरोइंग पर ही तीन महीने तक का उधार ले सकती थी जो की करीब 7 हजार 495 करोड़ रुपए होती है । अब वह 36 हजार करोड़ रुपए की मार्केट बोराइंग लिमिट में से एक मुश्त 27 हजार करोड़ रुपए उधार ले सकेगी।

6 कंपनियों का मार्केट कैप 53 हजार करोड़ गिरा, रिलायंस को सबसे ज्यादा नुकसान

नई दिल्ली। ताजा मार्केट वैल्युएशन में देश की टॉप 10 कंपनियों में से 6 के मार्केट कैप में 53 हजार 458 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। उसके साथ टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, एचडीएफसी और आईटीसी का मार्केट कैप भी नीचे आया। हालांकि, इसके बाद भी टीसीएस देश की सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट में पहले पायदान पर कायम है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का एमकैप 23 हजार करोड़ रुपए घटा
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र्केट वैल्युएशन में रिलायंस इंडस्ट्रीज का एमकैप (पूंजीकरण) 23 हजार 929 करोड़ घटकर 8 लाख 10 हजार 889 करोड़ रुपए रह गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर लि. (एचयूएल) का एमकैप 12 हजार 177 करोड़ रुपए कम हुआ। कंपनी की कुल पूंजी 3 लाख 82 हजार 888 करोड़ रुपए आंकी गई है।

एचडीएफसी का एमकैप 7 हजार 148 करोड़ रुपए तक गिर गया। अब उसकी मार्केट वैल्यू 3 लाख 68 हजार 796 करोड़ रुपए है। वैल्युएशन में एचडीएफसी बैंक का एमकैप 4 हजार 785 करोड़ रुपए घटकर 6 लाख, 60 हजार 69 करोड़ रुपए रह गया है।

आईटीसी का वैल्युएशन 4 हजार 535 करोड़ रुपए कम होकर 3 लाख 36 हजार 192 करोड़ रुपए रह गया है। टाटा कंसलटेंसी सर्विस की बात की जाए तो उसका मार्केट कैप 881 करोड़ घटकर 8 लाख 44 हजार 267 करोड़ रुपए रह गया।

एलन AIIMS & NEET विक्ट्री सेलीब्रेशन: सच हुए सपने तो झूम उठे अपने

कोटा। सफलता की चमक क्या होती है, अपनों के चेहरे पर गर्व कैसा दिखता है, जब सपने सच होते हैं तो अपने कैसे झूम उठते हैं, यह सब रविवार को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के विक्ट्री सेलीब्रेशन में देखने को मिला। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा एम्स एवं सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-2019 में सफल रहे विद्यार्थियों के लिए सम्मान समारोह रविवार को लैंडमार्क कुन्हाड़ी स्थित एलन सम्यक कैम्पस के सद्गुण सभागार में हुआ।

दोनों परीक्षाओं में सफल रहे 156 विद्यार्थियों को डेढ़ करोड़ से अधिक के पुरस्कार किए गए। नीट टॉपर नलिन खंडेलवाल को 21 लाख का पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी गुदड़ी के लाल स्कीम के तहत पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद विक्ट्री सैलीब्रेशन का दिन आता है। इस दिन का एलन को भी सालभर इंतजार रहता है। हम गर्व होता है कि हर वर्ष एलन के रिजल्ट्स लगातार बेहतर हो रहे हैं। एम्स हो या नीट हर परीक्षा में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट खुद का रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

इस वर्ष भी नीट के साथ जेईई-एडवांस्ड में रैंक 1 देकर इतिहास दोहराया है, यह एलन में ही मुमकिन है। उन्होंने एम्स और नीट के परिणामों की विस्तृत जानकारी दी तथा कहा कि हम हर वर्ष लक्ष्य हासिल करते हैं और नए लक्ष्य तय करते हैं। अब नए लक्ष्य के लिए जुट जाएं।

न कदम थके न आंसू रूके
समारोह में जैसे ही विद्यार्थियों के सम्मान का सिलसिला शुरू हुआ तो हर तरफ खुशियों की बरसात हो गई। मंच से विद्यार्थियों के नाम पुकारे गए तो दर्शक दीर्घा में बैठे अभिभावकों व फेकल्टीज ने जमकर तालियां बजाई। विद्यार्थियों को उनके परिवार के साथ नाचते हुए मंच पर आमंत्रित किया गया। जब फिल्मी गीतों पर थिरकते हुए अभिभावक मंच पर पहुंचे तो खुशी इतनी थी कि अभिभावकों की आंखों से आंसु बह निकले, यही नहीं थिरकते हुए उनके कदम थके भी नहीं। इस खुशी में एलन के निदेशकों ने भी पूरा साथ दिया और विद्यार्थियों व उनके परिवार से मिलकर बधाइयां दी।

गुदड़ी के लालों का सम्मान
कार्यक्रम में निर्धन व ग्रामीण परिवारों की ऐसी प्रतिभाएं जो विषम परिस्थितियों से निकलकर चयनित हुए, उन्हें भी गुदड़ी के लाल स्कॉलरशिप के तहत पुरस्कृत किया गया। इसमें छात्रा नितिशा विजय ने नीट में 506 रैंक प्राप्त की। नितिशा के पिता को दो वर्ष पूर्व लकवा हो गया था, भाई विमंदित है। एलन के सहयोग से पढ़ाई की। इसी तरह एलन आशा स्कीम के तहत चयनित बाड़मेर के छात्र मनोहरलाल को भी पुरस्कृत किया गया।

मनोहरलाल को आशा स्कीम के तहत कोटा में दो साल तक एलन द्वारा निशुल्क कोचिंग के साथ भोजन व आवास भी उपलब्ध करवाए गए। मनोहर ने नीट में कैटेगिरी रैंक 1095 प्राप्त की है। माता-पिता बुनकर हैं और नरेगा में मजदूरी करते हैं। इन दोनों विद्यार्थियों को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट गुदड़ी के लाल स्कीम के तहत एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी होने तक प्रतिमाह स्कॉलरशिप देगा।

नलिन को मिले 21 लाख
विक्ट्री सैलीब्रेशन में एम्स व नीट में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों चेक, मेडल, बैग, वॉटर बॉटल देकर पुरस्कृत किया गया। समारोह में 156 विद्यार्थियों को 1 करोड़ 50 लाख 13 हजार रूपए के पुरस्कार वितरित किए गए। नीट में अखिल भारतीय स्तर पर रैंक-1 लाने वाले एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम कोचिंग के छात्र नलिन खंडेलवाल को 21 लाख का चेक भेंट किया गया। इसी के साथ एम्स में आल इंडिया रैंक 2 प्राप्त करने वाले विश्वहितेन्द्र वडोदरिया को 11 लाख का चेक, मेडल व अन्य पुरस्कार दिए गए।

एम्स में आल इंडिया रैंक 8 तथा नीट में आल इंडिया रैंक 10 पर रहे राघव दूबे, नीट में एआईआर 5 पर रहने वाले अनन्त जैन, एम्स में एआईआर 6 तथा नीट में एआईआर 19 पर रहने वाले अरूणांग्शु, एम्स में एआईआर 5 तथा नीट में एआईआर 30 पर रहने वाले हर्ष अग्रवाल, एम्स में एआईआर 10 तथा नीट में एआईआर 71 पर रहने वाली स्तुति शीतल खांडवाला, एम्स में एआईआर 4 व नीट में एआईआर 261 पर रहने वाले चैतन्य मित्तल, एम्स में एआईआर 7 पर रहने वाले गगन दलाल को 5-5 लाख रूपए के चेक तथा पुरस्कार भेंट किए गए।

इसके साथ ही एम्स में एआईआर टॉप 20 में रहने वाले विद्यार्थियों 3-3 लाख रूपए के चेक तथा टॉप एम्स व नीट में टॉप 50 में रहने वाले स्टूडेंट्स को 2-2 लाख रूपए के चेक व पुरस्कार प्रदान किए गए। टॉप 100 में शामिल विद्यार्थियों को 1-1 लाख रूपए के चेक, मेडल एवं उपहार प्रदान किए गए। समारोह में नीट में श्रेष्ठ 500 में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को समारोह में पुरस्कृत किया गया।

वैश्विक रुख से तय होगी इस सप्ताह बाजार की चाल

नई दिल्ली।घरेलू संकेतकों की कमी के बीच इस हफ्ते वैश्विक शेयर बाजारों की दिशा वैश्विक रुख से तय होगी। निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और वैश्विक व्यापार परिदृश्य पर करीब से नजर रखेंगे। विश्लेषकों ने यह बात कही। अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने और दो तेल टैंकर्स पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से पिछले सप्ताह शेयर बाजार प्रभावित हुआ।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले के आदेश और बाद में इसे वापस लेने की खबरें आने के बाद शुक्रवार को कच्चे तेल के दाम में तेजी रही। सैमको सिक्यॉरिटीज और स्टॉकनोट के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिमीत मोदी ने कहा, ‘इस हफ्ते बाजार में बजट नीतियों के नतीजों पर अटकलें शुरू हो जाएंगी। वैश्विक कारक घरेलू शेयर बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं और पश्चिमी एशिया में किसी भी तरह की टकराव की स्थिति शेयर बाजारों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।’

विशेषज्ञों ने कहा कि निवेशकों की नजर रुपये की चाल और कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव पर रहेगी। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के खुदरा वितरण के अध्यक्ष जयंत मांगलिक ने कहा, ‘व्यापार युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव को देखकर निवेशक अपना रुख तय करेंगे। इन कारकों के जल्द समाप्त होने की संभावना नहीं है।’ पिछले सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 257.58 अंक यानी 0.65 प्रतिशत गिरा। सेंसेक्स शुक्रवार को 407.14 अंक यानी 1.03 प्रतिशत गिरकर 39,194.49 अंक पर बंद हुआ।

हैरी पॉटर गेम भारत समेत 25 देशों में लांच, ऐसे करें डाउनलोड

नई दिल्ली। जादुई दुनिया पर लिखी गई विश्व प्रसिद्ध नोवेल हैरी पॉटर दुनियाभर में धूम मचा चुकी है। जेके रोलिंग द्वारा रचित इस उपन्यास पर हॉलीवुड ने 8 फिल्में भी इसी नाम से बनाई हैं। आज भी दुनिया के हर देश मे हैरी पॉटर का जुनून देखा जा सकता है। इसका गेमिंग वर्शन भी खूब पॉपुलर हो रहा है।

इसी क्रम में niantic लैब्स ने इसका लेटेस्ट गेमिंग वर्शन हैरी पॉटर: विज़ार्ड्स यूनिट को भारत समेत 25 देशों में लांच कर दिया है। हालांकि, यह एक हफ्ते पहले ही अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में लांच किया जा चुका है। यूजर्स के लिए यह ios और android दोनों प्लेटफार्म पर उपलब्ध है।

क्या होगा इस गेम में
यह मल्टीप्लेयर गेम होगा, जो बिल्कुल हैरी पॉटर और उनके साथी किरदार की तरह ही है। हैरी पॉटर इस गेम वर्शन में बिल्कुल अपने उसी किरदार में रहेगा। वह गेम वर्शन में भी रोज की तरह जादुई दानवों से दो चार हाथ करता दिखेगा। तो आप भी उसे जल्द डाउनलोड करें और गेम के माध्यम से इस जादुई दुनिया के अनसुलझे पहलू को सुलझाएं।

ऐसे करें डाउनलोड
यह गेम ios और androiad दोनों प्लेटफार्म के स्मार्ट फोन यूज़र्स के लिए उपलब्ध है। इसे डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आप अपने ऐप स्टोर में जाएं। गेम सर्च करें और उसे इनस्टॉल या गेट बटन पर क्लिक करें। डाउनलोड के बाद आप अपने कुछ डिटेल्स देकर गेम खेलना शुरू कर सकते हैं।

पूरे देश में लागू होगा समान वेतन का नियम, उल्लंघन पर 50 हजार का जुर्माना

नई दिल्ली। श्रम सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए श्रम मंत्रालय अगले सप्ताह वेतन संहिता विधेयक को मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रख सकता है। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को चालू सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है। पिछले माह 16वीं लोकसभा के भंग होने के कारण यह विधेयक समाप्त हो गया था। अब मंत्रालय फिर से इस विधेयक को संसद में पेश करने से पहले कैबिनेट की मंजूरी दिलाना चाहता है।

2017 में पेश किया गया था विधेयक
वेतन संहिता विधेयक को 10 अगस्त 2017 को लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद 21 अगस्त 2017 को यह बिल संसद की स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया गया था। कमेटी ने 18 दिसंबर 2018 को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। 16वीं विधानसभा के भंग होने के कारण यह विधेयक पास नहीं हो पाया था।

अगले सप्ताह इस विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। इस विधेयक को वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा एवं कल्याण और औद्योगिक संबंध पर आधारित चार संहिताओं से तैयार किया गया है। यह चारों संहिताएं 44 पुराने श्रम कानूनों की जगह लेंगी। यह विधेयक मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम मजदूरी कानून 1948 , बोनस भुगतान कानून 1965 और समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 की जगह लेगा।

सभी लोगों को मिलेगा समान वेतन
इस विधेयक के पास होने के बाद केंद्र सरकार को कुछ विशेष सेक्टर के लिए सभी लोगों को न्यूनतम समान वेतन देने का अधिकार मिल जाएगा। इसमें रेलवे और खनन सेक्टर प्रमुख है। अन्य प्रकार की श्रेणी के लिए वेतनमान तय करने के लिए राज्य स्वतंत्र होंगे। इस विधेयक के जरिए एक राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी तय की जाएगी। इसके अलावा केंद्र सरकार विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करेगी। इस विधेयक में प्रावधान है कि हर पांच साल बाद न्यूनतम वेतन में बदलाव किया जाएगा।

नियोक्ताओं पर लगेगा जुर्माना
इस विधेयक में न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन देने पर नियोक्ताओं पर जुर्माने का भी प्रावधान है। यदि कोई नियोक्ता तय मजदूरी से कम का भुगतान करता है तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। यदि वह पांच साल के दौरान दोबारा ऐसा करता है तो उसे 3 माह तक का कारावास और 1 लाख रुपए तक जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।

Google Maps का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, जानिए क्यों

नई दिल्ली।गूगल मैप्स का इस्तेमाल जिस रफ्तार से बढ़ा है उसी रफ्तार से इसके जरिए होने वाले स्कैम में भी बढ़ोतरी हुई है। गूगल मैप्स पर हर महीने जुड़ने वाले हजारों फेक अकाउंट के कारण इस वक्त ऐप पर 1 करोड़ 10 लाख के आसपास गलत फोन नंबर और अड्रेस लिस्ट हैं। गूगल मैप्स पर गलत अड्रेस और फोन नंबर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल बिजनस कॉम्पिटिशन में आगे बढ़ने के लिए किया जा रहा है।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से द वर्ज ने बताया कि ज्यादातर अड्रेस गूगल मैप्स पर रजिस्टर्ड बिजनस लिस्टेड लोकेशन्स पर मौजूद नहीं हैं। गलत अड्रेस के कारण सबसे ज्यादा स्कैम होने के खतरा कॉन्ट्रैक्टर्स, रिपेयरमैन और कार टोइंग सर्विसेज का इस्तेमाल करने पर हो सकता है।

गूगल में इंटरनली इसे ‘duress verticals’ कहा जाता है क्योंकि ये सर्विसेज ऐसी हैं जिनके पास यूजर्स इमर्जेंसी की स्थिति में जाते हैं और उनके पास बिजनस की विश्वसनीयता जांचने का समय नहीं होता।

हालांकि गूगल ने साल 2017 में खुद से एक रिसर्च कराया था जिसमें दावा किया गया था कि गलत लिस्टिंग में केवल 0.5 प्रतिशत लोकल सर्च ही शामिल हैं। वहीं द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट इससे अलग है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिसर्च में पाया कि टॉप के 20 गूगल सर्च रिजल्ट्स में से 13 गलत अड्रेस लिस्ट हैं। इनमें केवल दो बिजनस ही पूरी तरह से सुरक्षित पाए गए जो गूगल की गाइडलाइन का पालन करते हैं।

बता दें गूगल पोस्टकार्ड भेजकर, कॉल के जरिए या किसी न्यूमैरिकल कोड को गूगल की वेबसाइट पर एंटर करने को कह कर लिस्टेड बिजनस को वेरिफाइ करता है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है गूगल के इस वेरिफाइंग सिस्टम को गलत अड्रेस और फोन नंबर के साथ ठग आसानी से बाइपास कर सकते हैं। इसका सीधा नुकसान रियल बिजनस और ग्राहकों को होता है।

यह रिपोर्ट गूगल के उस ऐलान के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया था कि गूगल अब My Business Feature के जरिए बिजनेस को कंपनी प्रोफाइल को सर्च और मैप्स पर कस्टमाइज करने के लिए और ऑप्शन्स दे रहा है।

गूगल ने यह भी कहा कि वह संग्दिग्ध बिजनस प्रोफाइल को रिपोर्ट करने के लिए बिजनस रिड्रेसल कंप्लेंट फॉर्म तैयार करने की दिशा में भी काम कर रहा है जिससे कि यूजर्स इस प्रकार के फ्रॉड के बारे में सीधे गूगल को रिपोर्ट कर सकेंगे।

मुकेश अंबानी की सुरक्षा में सड़कों पर कितनी कारें

नई दिल्ली। मुकेश अंबानी के काफिले को क्या पास से देखा है? अगर नहीं, तो चलिए आज हम आपको उनकी कुछ चुनिंदा कारों के साथ उनके काफिलों के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके साथ यह भी बताएंगे कि वो कौन-कौन से मौके, लग्जरी कारें और जगह हैं, जहां दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में से एक मुकेश अंबानी अपने परिवार के साथ नजर आए। तो डालते हैं एक नजर-

BMW 760 Li
BMW 760 Li अपनी शानदार परफॉर्मेंस के साथ बेहतरीन सेफ्टी फीचर्स के लिए भी पहचानी जाती है। BMW की यह दमदार कार बुलेटप्रुफ कोटिंग के साथ आती है। अंबानी के पास जो BMW 760 Li है उसकी कीमत 8.5 करोड़ रुपये है। इसके हर दरवाजे का भार 150 किलोग्राम है। इस कार में सेल्फ-स्पोर्टिंग रन फ्लेट टायर्स दिए गए हैं।

Rolls Royce Cullinan
अंबानी परिवार की तरफ से Rolls Royce Cullinan का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाता है। हालांकि, यह कई मौकों पर अंबानी परिवार के काफिले में नजर आई है। Rolls Royce Cullinan, Land Rover Discovery और BMW X5 अंबानी के काफिले में बतौर सुरक्षा वाहन कई बार नजर आई हैं।

Rolls Royce Cullinan की शुरुआती कीमत 6.95 करोड़ रुपये है। भारतीय बाजार में बिकने वाली यह सबसे महंगी SUV है। इसमें कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं। अगर अंबानी ने इस कार में दूसरे फीचर्स को शामिल किया होगा तो इसकी कीमत 10 करोड़ रुपये के आसपास भी हो सकती है।

Mercedes Benz S Guard
यह एक तरह से Maybach S600 का मॉडिफाइड वर्जन है। यह एक आर्मर्ड कार है। अंबानी ने इस कार को साल 2015 में खरीदा था। इस कार को खरीदने वाली मुकेश अंबानी पहले भारतीय है। इसकी कीमत करीब 10.50 करोड़ रुपये है।