Wednesday, July 8, 2026
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फाइव स्टार होटल में एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा के खाने में निकले कीड़े

नई दिल्लीl फिल्म अभिनेता राहुल बोस के केला कांड के बाद फाइव स्टार होटल के खाने को लेकर एक नया विवाद सामने आया हैl फिल्म आर्टिकल 375 में नजर आनेवाली फिल्म अभिनेत्री मीरा चोपड़ा के खाने में कीड़े नजर आए हैंl खास बात यह है कि मीरा चोपड़ा इस समय जिस फाइव स्टार होटल में रुकी हुई हैl वहां की यह घटना हैंl

मीरा चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया हैl इसमें मीरा चोपड़ा यह कह रही है कि वह अहमदाबाद के डबलट्री अहमदाबाद नामक होटल में रुकी हुई है और उन्हें उनके खाने में कीड़े मिले हैंl उन्होंने साथ में यह भी लिखा है कि इस होटल के लिए उन्होंने अच्छी खासी कीमत चुकाई हैं लेकिन उनके खाने में इस प्रकार की लापरवाही बरती गई हैl
इसके कारण उनकी तबीयत भी खराब हो रही है और वह सदमे में हैl

उन्होंने FSSAI को भी इसकी शिकायत की हैंl उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘कृपया कर इसके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करें अब स्वास्थ्य सुरक्षा के नियम कहां है?’ गौरतलब है कि हाल ही में राहुल बोस ने भी एक होटल के बारे में बताया था कि उन्होंने दो केले के बदले उनसे साढ़े चार सौ से अधिक रुपए वसूले थेl

अब मीरा चोपड़ा के साथ भी ऐसा हो रहा हैl मीरा चोपड़ा जल्द आर्टिकल 375 फिल्म में नज़र आएंगीl इस फिल्म में उनके अलावा रिचा चड्ढा और अक्षय खन्ना की अहम भूमिका हैl हाल ही में इस फिल्म के पोस्टर जारी किए जा चुके हैंl

दया ही व्यक्ति को बनाती है धर्मात्मा: आर्यिका सौम्यनन्दिनी

कोटा। महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी संघ के पावन वर्षायोग के अवसर पर माताजी ने प्रवचन करते हुए कहा कि इस संसार में सभी जीव चाहते हैं कि हमारे जीवन में सुख शांति हो। यदि आप भी जीव में सुख की चाहना करते हैं, तो हमेशा दीन, दुखियों के कष्ट को दूर करने का प्रयास करो। तुम्हारे जीवन से दुख अपने आप दूर हो जाएंगे।

इस दुनिया में इस मनुष्य पर्याय में आपने महान पुण्ययोग से जन्म पाया है। इस छोटे से जीवन में अपने शत्रु नहीं मित्र पैदा करो। यदि आप किसी से शत्रुत्व का व्यवहार करते हैं तोे आप इस भव और पर भव में अपने लिए शत्रु ही पैदा करते हैं। आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी ने कहा कि दया वो शक्ति है, जो मनुष्यों को ही नहीं बल्कि कर तिर्यचों को, पशुओं को भी मित्र बना देती है।

सब धर्मों का सार है दया। दया ही व्यक्ति को धर्मात्मा बनाती है, आप यदि किसी जीव पर दया कर रहें हैं तो अंजान व्यक्ति भी आपके उस व्यवहार को देखकर कह देगा कि आप बड़े धर्मात्मा हैं। जगत में ये बात अच्छी तरह से प्रसिद्धि को प्राप्त है कि दुनिया में मारने वाले से बचाने वाला श्रेष्ठ माना जाता है। जिसके अंदर दया होती है वो ही दूसरों को जीवन दान दे सकता है।

बैंकिंग सेक्टर को बदहाली से बाहर निकालने की चुनौती स्वीकारी थी जेटली ने

नई दिल्ली। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तब बैंकिंग सेक्टर फंसे कर्ज और पूंजी की भारी कमी जैसे संकट से गुजर रहा था। वित्त मंत्री बनते ही अरुण जेटली ने इस सेक्टर पर प्रमुखता से ध्यान दिया। मोदी की पहली सरकार में वित्त मंत्री रहते उन्होंने इस सेक्टर को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया। जेटली का शनिवार दोपहर एम्स में निधन हो गया। भारतीय बैंकिंग सेक्टर उनके योगदान को आसानी से नहीं भूल पाएगा।

कारोबारी साल 2014-15 के बजट भाषण में जेटली ने कहा था कि वित्तीय स्थिरता तेज आर्थिक विकास की बुनियादी जरूरत है। हमारी बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि 2018 तक बैंकों को 2.4 लाख करोड़ रुपये की शेयर पूंजी की जरूरत है, ताकि वे बासेल-तीन मानक पर खरे उतर सकें। उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि सरकार बिना नियंत्रण खोए बैंकों में हिस्सेदारी घटाएगी।

उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में विलय के भी संकेत दे दिए थे। उन्होंने वित्तीय समावेशीकरण की नीति की जरूरत बताई थी। इसके कारण बाद में जनधन योजना को बढ़ावा दिया गया और यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशीकरण योजना बन गई। इसी बजट में अर्थव्यस्था के खास क्षेत्र की जरूरत पूरी करने के लिए आरबीआई द्वारा एक फ्रेमवर्क बनाने पर भी चर्चा की गई थी। यह बाद में लधु बैंकों और भुगतान बैंकों की स्थापना की बुनियाद बनी।

फंसे कर्ज से निकालने की प्रक्रिया तेज की
लंबे समय से कई कंपनियां बैंकों के अरबों-खरबों रुपये का कर्ज दबाए बैठी थी। इसके कारण बैंकों के फंसे कर्ज (एनपीए) का स्तर काफी बढ़ गया था। इसका असर बैंकों के बैलेंस शीट पर पड़ रहा था और वे कर्ज दे पाने में कठिनाई का सामना कर रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए जेटली ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कानून बनाया। इसके कारण बैंक कर्जदार कंपनियों से अपने कर्ज की वसूली कर पाने में अधिक सक्षम हो गए। इस कानून के बल पर बैंक कर्ज न चुकाने वाली कंपनियों से करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये की वसूली कर चुके हैं।

बैंकों की पूंजी बढ़ाई
नोटबंदी और जनधन योजना के कारण बैंकों की जमा पूंजी का स्तर काफी बढ़ गया। इसके कारण बैंक अधिक कर्ज देने में सक्षम हो गए। कम लागत पर बड़े पैमाने पर पूंजी मिलने के कारण बैंक कम दरों पर कर्ज देने में भी सक्षम हुए। इसके साथ ही सरकार ने बड़े पैमाने पर बैंकों में शेयर पूंजी का निवेश किया। इससे बैंकों की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई।

विलय के जरिये बढ़ाई ताकत
जेटली ने शुरू से ही विलय के जरिये बैंकों को शक्तशाली बनाने का इरादा स्पष्ट कर दिया था। उन्होंने इस नीति को स्पष्ट कर दिया था कि देश को कम संख्या में लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े बैंकों की जरूरत है। इसके तहत पहली अप्रैल 2017 को भारतीय स्टेट बैंक में उसके पांच सहयोगी बैंकों का विलय कर दिया गया। इसके बाद जेटली ने विजया बैंक और देना बैंक को बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय करने की प्रक्रिया तेज की। इन तीनों बैंकों का इसी साल पहली अप्रैल को विलय हो गया। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा एसबीआई के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन गया।

बैंक बोर्ड ब्यूरो का गठन
बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बैंक बोर्ड ब्यूरो का गठन किया। ब्यूरो ने पहली अप्रैल 2016 से काम करना शुरू कर दिया। इससे बैंकों के शीर्ष पदों पर बेहतरीन प्रतिभाओं के चयन की प्रक्रिया मजबूत हुई। ब्यूरो सरकारी बैंकों में गवर्नेंस सुधार के लिए भी काम करता है। यह बैंकों को रणनीति बनाने और पूंजी जुटाने में भी मदद करता है।

सुविधा से वंचित लोगों तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाई
जेटली ने एक ओर जनधन खातों के सहारे सुविधा से वंचित करोड़ों लोगों तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाई। जनधन योजना के तहत खुले खातों में आधे से अधिक महिलाओं के खाते हैं। वहीं, दूसरी ओर पोस्टल बैंक के सहारे डाक घर के विशाल नेटवर्क का उपयोग भी बैंकिंग सुविधा को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने में किया।

अब UAE में भी चलेगा भारत का RuPay कार्ड, पीएम मोदी ने किया लॉन्च

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय फ्रांस दौरा पूरा करने के बाद शुक्रवार देर रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचे। उन्होंने यहां अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यं से मुलाकात की। इसी के साथ शनिवार को मोदी ने रुपे कार्ड जारी कर दिया। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) रुपे कार्ड पेश करने वाला पश्चिम एशिया का सबसे पहला देश बन गया है।

पीएम मोदी यहां व्यापारी वर्ग से भी मुलाकात की और उनसे भारत में निवेश करने का आग्रह किया। इस दौरान मोदी ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता, अनुमानित नीतिगत ढांचा भारत को निवेश के लिए आकर्षक बाजार बनाता है।

पीएम मोदी को यहां यूएई के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से भी नवाजा जाएगा। इस अवॉर्ड की घोषणा इस साल अप्रैल में हुई थी। इसका मकसद भारत और दुबई के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देना है। यह सम्मान दुबई के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाह्यां के नाम पर रखा गया है।

इससे टूरिज्म, व्यापार और भारतीय प्रवासी लाभान्वित होंगे
यूएई में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने सरकारी समाचार एजेंसी को बताया, ‘नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया तथा यूएई की मरकरी पेमेंट्स सर्विसेज के बीच दोनों देशों में भुगतान प्लेटफार्म के लिए प्रौद्योगिकी ‘इंटरफेस’ स्थापित करने संबंधी सहमति ज्ञापन (एमओयू) का आदान प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यूएई सबसे बड़े भारतीय समुदाय की मेजबानी करता है, भारतीय पर्यटक बड़ी सबसे संख्या में यहां आते हैं और भारत के साथ इसका सबसे बड़ा व्यापार है। सूरी ने कहा, “RuPay कार्ड पेश करने वाला क्षेत्र का पहला देश बनने से हमें उम्मीद है कि इससे टूरिज्म, व्यापार और भारतीय प्रवासी लाभान्वित होंगे।” बता दें कि पिछले सप्ताह भूटान में पीएम मोदी ने रुपे कार्ड को लॉन्च किया था।

क्‍या होता है RuPay कार्ड
एटीएम या डेबिड कार्ड की तरह RuPay कार्ड होता है। यह भी ठीक वैसे ही काम करता है, जैसे वीजा और मास्‍टर कार्ड काम करता है। इस कार्ड की मदद से आप एटीमएम से पैसे भी निकाल सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग और पेमेंट करने जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि अन्‍य कार्डों की तुलना में इसकी प्रोसेसिंग फीस काफी कम होता है। पहले यह कार्ड मुख्‍य तौर पर भारत में ही होने वाले ट्रांजेक्शन में मदद करता था लेकिन अब यूएई, भूटान और सिंगापुर जैसे देशों में भी कार्ड काम करेगा।

सभी को समान वेतन का नियम लागू, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

नई दिल्ली। देश के सभी लोगों को एकसमान वेतन देने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने वेतन संहिता 2019 को अधिसूचित कर दिया है। इसके राष्ट्रीय स्तर पर लागू होने के बाद देश के करीब 50 करोड़ लोगों को फायदा होगा।

श्रम कानूनों में सुधार के उद्देश्य से लाई गई वेतन संहिता 2019 को लोकसभा ने 30 जुलाई और राज्यसभा ने 2 अगस्त को पारित कर दिया था। इसके बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था। राष्ट्रपति ने इसे 8 अगस्त 2019 को अपनी मंजूरी दे दी थी। इसके बाद ही इसके लागू होने के लिए सरकारी नोटिफिकेशन का इंतजार किया जा रहा था। अब सरकार ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

इस वेतन संहिता को सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा एवं कल्याण और औद्योगिक संबंध पर आधारित चार संहिताओं से तैयार किया गया है। यह चारों संहिताएं 44 पुराने श्रम कानूनों की जगह लेंगी। यह विधेयक मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम मजदूरी कानून 1948 , बोनस भुगतान कानून 1965 और समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 की जगह लेगा।

इस वेतन संहिता के लागू होने के बाद नियोक्ता, श्रमिक संगठनों एवं राज्य सरकारों की त्रिपक्षीय समिति का गठन किया जाएगा जो श्रमिकों के लिए वेतन की नई दरें तय करेगी। त्रिपक्षीय व्यवस्था में जो भी वेतन तय होगा, उसको अधिसूचित कर दिया जाएगा। वेतन संहिता लागू होने से देश के करीब 50 करोड़ श्रमिकों को इसका फायदा मिलेगा। यह संहिता सभी कर्मचारियों और कामगारों के लिए वेतन के समयबद्ध भुगतान के साथ ही न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करती है।

कृषि मजदूर, पेंटर, रेस्टोरेंट और ढाबों पर काम करने वाले लोग, चौकीदार आदि असंगठित क्षेत्र के कामगार जो अभी तक न्यूनतम वेतन की सीमा से बाहर थे, उन्हें न्यूनतम वेतन कानून बनने के बाद कानूनी सुरक्षा हासिल होगी। विधेयक में सुनिश्चित किया गया है कि मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को अगले महीने की 7 तारीख तक वेतन मिलेगा, वहीं जो लोग साप्ताहिक आधार पर काम कर रहे हैं उन्हें हफ्ते के आखिरी दिन और दैनिक कामगारों को उसी दिन पारिश्रमिक मिलना सुनिश्चित होगा।

नियोक्ताओं पर लगेगा जुर्माना
इस विधेयक में न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन देने पर नियोक्ताओं पर जुर्माने का भी प्रावधान है। यदि कोई नियोक्ता तय मजदूरी से कम का भुगतान करता है तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। यदि वह पांच साल के दौरान दोबारा ऐसा करता है तो उसे 3 माह तक का कारावास और 1 लाख रुपए तक जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।

जिनके लिए हमेशा याद किए जाएंगे अरुण जेटली

नई दिल्ली। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी अरुण जेटली की पहचान एक विद्वान, वाकपटु और आर्थिक, कानूनी व राजनीतिक मुद्दों की गहराई तक समझ रखने वाले नेता की रही। छात्र राजनीति से सियासत में कदम रखने वाले जेटली ने अडिशनल सॉलिसिटर जनरल से लेकर देश के वित्त मंत्री तक की जिम्मेदारी संभाली।

यूपीए शासन के दौरान बतौर नेता प्रतिपक्ष उन्होंने राज्यसभा में सत्ता पक्ष को अपने दमदार और तर्कपूर्ण भाषणों से अक्सर बैकफुट पर जाने को मजबूर किया। आर्थिक क्षेत्र में भी उन्होंने जीएसटी और दिवालिया कानून जैसे अहम मसलों को मजबूती से आगे बढ़ाया। आइए जानते हैं, आर्थिक क्षेत्र में उनकी ओर से लिए गए महत्वपूर्ण फैसले…

  1. गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स : GST यानी गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स को अबतक का सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म माना जा सकता है। इसे लागू कराने के शिल्पकार अरुण जेटली ही रहे। राज्यों को इसके लिए मनाना निश्चित तौर पर टेढ़ी खीर थी। उन्हें मनाने का श्रेय जेटली को ही जाता है। जुलाई 2017 में जब GST लागू हुई तो शुरुआत में तमाम समस्याएं आईं और व्यापारियों ने इस कदम का स्वागत नहीं किया। लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री जेटली ने धैर्य के साथ काम लिया और जीएसटी फाइलिंग प्रक्रिया को आसान और बिजनस फ्रेंडली बनाने के साथ-साथ टैक्स दरों को संशोधित कर आम उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाने वाला बनाया।
  2. इंसॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड: जीएसटी के अलावा इंसॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की भी गिनती बेहद महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों में होती है। इसका श्रेय भी जेटली को जाता है। बैंकिंग व्यवस्था में ढांचागत सुधार के तहत यह कानून बनाया गया। बैंक से बड़े-बड़े कर्ज लेकर उन्हें गटक जाने वाली कंपनियों और पूंजीपतियों में खौफ के लिए इस तरह के कानून की शिद्दत से जरूरत थी। इस कानून का सकारात्मक असर भी दिख रहा है। बीते 2 सालों में इंसॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड के तहत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक कीमत की फंसी हुई संपत्तियों का निस्तारण किया गया है।
  3. मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी का गठन: मौद्रिक नीति बनाने में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के उद्देश्य से 2016 में मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) का गठन भी जेटली के महत्वपूर्ण आर्थिक फैसलों में शामिल है। आरबीआई गवर्नर की अगुआई वाली यह कमिटी ही अब ब्याज दरों को तय करती है। कमिटी में 6 सदस्य होते हैं जिनमें RBI से 3 और इतने ही सरकार की तरफ से नामित सदस्य होते हैं। साल में MPC की कम से कम 4 बैठकें जरूरी हैं।
  4. NPA की सफाई: मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में बतौर वित्त मंत्री जेटली ने नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) की बढ़ती समस्या से निपटने में बहुत हद तक कामयाबी हासिल की। उन्हीं की देखरेख में बैंकिंग सेक्टर में NPA की सफाई शुरू हुई। इसका फायदा यह हुआ कि सार्वजनिक क्षेत्र के वे बैंक जो घाटे में चल रहे थे, वे भी धीरे-धीरे प्रॉफिट में आने लगे।
  5. बैंकों का एकीकरण: वैसे तो तमाम सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत बनाने की जरूरत बताई लेकिन यह काम जेटली के नेतृत्व में ही शुरू हुआ। बैंकों का एकीकरण बेशक जेटली के महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल है। स्टेट बैंक में उसके 5 असोसिएट बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हो चाहे देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय, इन फैसलों से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेहत में सुधार हुआ।
  6. राजकोषीय घाटे और महंगाई पर नियंत्रण: मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में बतौर वित्त मंत्री जेटली के नाम यह भी एक बड़ी उपलब्धि है। 2014 में भारत का राजकोषीय घाटा 4.5 प्रतिशत था, जो अप्रैल 2019 में घटकर 3.4 प्रतिशत पर आ गया। इसी तरह 2014 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 9.5 था जो अप्रैल 2019 में 2.92 दर्ज किया गया। यह एक शानदार कामयाबी है।
  7. एफडीआई का उदारीकरण: FDI नियमों में ढील के पक्षधर जेटली के प्रयासों से डिफेंस, इंश्योरेंस और एविएशन जैसे सेक्टर भी FDI के लिए खोले गए। FIPB (फॉरन इन्वेंस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड) को भंग किया गया। इन कदमों से FDI में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिला। 2014 में जहां भारत में 24.3 अरब डॉलर की FDI आई थी वहीं आने वाले वर्षों में यह लगातार बढ़ते हुए 2019 में 44.4 अरब डॉलर तक पहुंच गई। इसका श्रेय बहुत हद तक जेटली को जाता है।
  8. बजट सुधार: अरुण जेटली के ही नेतृत्व में अहम बजट सुधार हुए। आम बजट में ही रेल बजट के मिलाने, बजट पेश करने की टाइमिंग में बदलाव करते हुए उसे पहले पेश करने (1 फरवरी) जैसे कदम बजट सुधार के लिहाज से काफी अहम हैं।
  9. विनिवेश पर फैसला: आर्थिक मसलों पर उनकी गहरी समझ को देखते हुए ही 1999 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विनिवेश विभाग का गठन किया तो इसकी जिम्मेदारी जेटली को दी। जेटली के कामों का ही नतीजा था कि वाजपेयी ने 2001 में अलग से विनिवेश मंत्रालय का गठन किया। तत्कालीन विनिवेश मंत्री अरुण शौरी के नेतृत्व में सरकार ने घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम की। विनिवेश मंत्री के तौर पर शौरी अगर कामयाब हुए तो उसके पीछे जेटली द्वारा खड़ी की गई बुनियाद थी।
  10. जनधन योजना:वित्तीय समावेशन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी जनधन योजना की कामयाबी का श्रेय अरुण जेटली को ही जाता है। बतौर वित्त मंत्री जेटली ने यह सुनिश्चित करने में सफलता पाई कि बैंक आम लोगों के लिए अपने दरवाजे न बंद करें। वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़े के मुताबिक 3 जुलाई 2019 तक कुल 36.06 करोड़ जनधन खाते खुल चुके थे। न्यूनतम राशि रखने की बाध्यता नहीं होने के बावजूद इन खातों के जरिए बैंकों के पास 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा है। योजना की सफलता से उत्साहित सरकार ने 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गए खातों के लिए दुर्घटना बीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है। इसके साथ ओवरड्राफ्ट की सीमा भी दोगुनी कर 10,000 रुपये कर दी गई है।

मोटोरोला वन ऐक्शन भारत में पेश, 30 अगस्त से शुरू होगी बिक्री

नई दिल्ली। मोटोरोला ने भारत में एक बार फिर से मोटोरोला की उपलब्धता की घोषणा की है। मोटोरोला वन ऐक्शन द्वारा यूजर्स को एक स्मार्ट एवं सेक्योर्ड एंड्रॉयड वन सॉफ्टवेयर एक्संपीरिएंस की पेशकश की जाती है। मोटोरोला वन ऐक्शन का शानदार डेनिम ब्लू वैरिएंट फ्लिपकार्ट पर 30 अगस्त से बिक्री के लिये उपलब्ध होगा।

मोटोरोला वन ऐक्शन का इंडस्ट्री का पहला अल्ट्रा-वाइड ऐक्शन कैमरा आपके फोन को वर्टिकली पकड़ने पर लैंडस्केप फॉर्मेट में वीडियो शूट करता है। मोटोरोला वन ऐक्शन के ट्रिपल कैमरा सिस्टम की बदौलत आपके वीडियोज को खूबसूरत तस्वीरों का साथ मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस द्वारा पावर्ड इस स्मार्टफोन में अपनी कहानी को 21ः9 सिनेमा विजन डिस्प्ले में देख सकते हैं। इसे एक खूबसूरत डिजाइन में पेश किया गया है, जिसे पकड़ना और एक हाथ से इस्तेमाल करना आसान है।

मोटोरोला वन ऐक्शन के ट्रिपल कैमरा सेटअप में इंडस्ट्री का पहला 117 डिग्री अल्ट्रा-वाइड ऐक्शन वीडियो कैमरा है, ताकि आप उन रोमांचक वीडियोज को रिकॉर्ड कर सकते हैं, जो फ्रेम में चार गुणा तक फिट बैठते हैं। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर नवाचार के एक अनूठे संयोजन के जरिये, मोटोरोला ने आखिरकार फिल्म अमेजिंग अल्ट्रा-वाइड वीडियो को संभव बना दिया है।

वर्टिकल पोजीशन में फोन को अधिक स्व भाविक रूप से पकड़ सकते हैं। जब इसे हॉरिजोंटली प्ले करते हैं, तो आप फुल स्क्रीन में ऐक्शन से भरपूर अपनी यादों को दोबारा जी सकते हैं। इसका पहले से बेहतर वीडियो स्टैबिलाइजेशन चीजों को स्मू्द रखता है, ताकि अस्थिर क्लिप्स पुराने दिनों की बात रह जायें।

UAE में बोले पीएम मोदी, ‘आर्टिकल 370 पर फैसला संवैधानिक दायरे में’

दुबई। पीएम नरेंद्र मोदी ने यूएई दौरे के दौरान भारत के खाड़ी देशों के साथ संबंधों पर कहा कि इस दिशा में लगातार प्रगति हो रही है। पीएम मोदी ने खलीज टाइम्स को दिए इंटरव्यू में आर्टिकल 370 पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सभी संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए लोकतांत्रिक तरीके से फैसला लिया गया। पीएम मोदी ने अपनी सरकार की प्रमुख योजना जल संरक्षण पर भी चर्चा की। पीएम ने बेयर ग्रिल्स के संयत रहने के बयान पर कहा कि नियमित योगाभ्यास से उन्हें संयत रहने में मदद मिली।

आर्टिकल 370 हटाने पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत के संविधान के तहत ही यह फैसला लिया गया। आर्टिकल 370 के कारण भारत के खाड़ी देशों के साथ संबंध प्रभावित होने की आशंका को पीएम ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘पिछले 4 दशक से भारत सीमापार से होनेवाले आतंक से प्रभावित है। यूएई की ओर से हमें हमेशा आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में पूरा सहयोग मिला है।

जहां तक आर्टिकल 370 का सवाल है तो आतंरिक तौर पर उठाए हमारे कदम में संवैधानिक मूल्य, कानून और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किया गया है। हम जम्मू-कश्मीर को विकास की प्रक्रिया से बाहर रखकर अकेले नहीं छोड़ सकते थे। यूएई की सरकार और प्रशासन ने जिस तरह से हमारे कदम का समर्थन किया है, मैं उसकी सराहना करता हूं।’

‘घबराना समस्या का हल नहीं’
प्रधानमंत्री मोदी ने बेयर ग्रिल्स के लोकप्रिय मैन वर्सेज वाइल्ड शो पर भी चर्चा की। पीएम मोदी के बारे में शो के होस्ट ने कहा था कि मुश्किल परिस्थिति में भी पीएम पूरी तरह से संयत नजर आ रहे थे। पीएम मोदी ने इस पर कहा, ‘संयमित रहने का जहां तक सवाल है तो मैं नियमित योग करता हूं। योग ने मुझे अदंर से काफी शक्ति दी है।

नेतृत्व के दौरान भी कई बार हमें मुश्किल स्थितियों का सामना करना पड़ता है। मैं आपको कह सकता हूं कि घबराने से कभी चीजें ठीक नहीं होती। मुझे व्यक्तिगत तौर पर भी कभी इसका लाभ होते नहीं दिखा। किसी भी समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान मन के शांत रहने की स्थिति में ही मिल सकता है।’

भारत को बताया नए सपनों की उड़ान वाला देश
भारत के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में शामिल किए जाने पर पीएम मोदी ने कहा कि जनता की सेवा का मौका मिलना उनके लिए सौभाग्य है। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह सौभाग्य है कि मुझे देश की सेवा करने का मौका मिला। पिछले 5 वर्षों में देश का माहौल बदला है और लोगों की उम्मीद भी हमसे बढ़ी है।

आनेवाले 5 वर्षों में हमारी कोशिश है कि वैश्विक स्तर पर भी विश्व की जो उम्मीदें हमसे हैं हम उसको पूरा करें। भारत इस वक्त इंटरनैशनल सोल अलायंस का प्रमुख सहयोगी है। इस तेज रफ्तार जिंदगी में योग अब विश्व भर में लोगों के लिए शांति और सुकून का माध्यम बना है।’

PM ने यूएई और भारत की साझेदारी और मजबूत होगी
यूएई और भारत की दोस्ती का मूल यूएई का सहिष्णु समाज और भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी भविष्य में और मजबूत होगी। पीएम मोदी ने कहा कि शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान ने यूएई को संसार के सभी वर्ग के लोगों के लिए रहने की जगह बनाया है। मौजूदा यूएई नेतृत्व की प्रगतिशील नीतियों ने देश को नए क्षेत्रों में भी महाशक्ति के तौर पर तैयार किया। आज यूएई में ही लाखों भारतीय रह रहे हैं। यह दोनों देशों की एकता और साझी विरासत का उदाहरण है।

UAE में पीएम नरेंद्र मोदी को मिला ऑर्डर ऑफ जायद सम्मान

अबु धाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूएई का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद से नवाजा गया। पीएम मोदी ने आज सम्मान लेने से पहले यूएई के शासक के साथ उच्चस्तरीय वार्ता भी की। पीएम मोदी ने यूएई दौरे के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। पीएम ने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ यूएई हमेशा मजबूती से खड़ा रहा।

पीएम मोदी आज यूएई से बहरीन भी रवाना होंगे। बहरीन में पीएम एक प्राचीन मंदिर का उद्घाटन भी करेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। पीएम ने यूएई के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से भी मुलाकात की। पीएम मोदी ने एक मीडिया समूह से बातचीत में कहा था कि भारत और यूएई के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। उन्होंने दुबई का उदाहरण देते हुए कहा कि लाखों भारतीयों ने इस शहर को बनाने में अपना योगदान दिया और आज यहां सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं।

आर्टिकल 370 पर भी पीएम मोदी ने इंटरव्यू में की चर्चा
पीएम मोदी ने यूएई के स्थानीय मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि भारत और यूएई का संबंध लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने स्थानीय मीडिया में दिए इंटरव्यू में कहा कि आर्टिकल 370 हटाने के फैसले का असर भारत और यूएई के संबंध पर नहीं पड़ेगा। पीएम ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का साथ यूएई ने हमेशा दिया।

टेक्स्ट टाइप करने से सर्च होगी इमेज, Google Photos का नया फीचर

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नई दिल्ली। Google अपने यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए अक्सर नए फीचर रोलआउट करता रहता है। इसी कड़ी में अब उसने अपने Photos ऐप के लिए एक नया फीचर इंट्रोड्यूस किया है। इस फीचर की मदद से क्लिक की गई फोटो में टेक्स्ट को डिटेक्ट करना और टेक्स्ट टाइप कर फोटो को सर्च करना आसान हो जाएगा।

बेहतर कैमरा वाले स्मार्टफोन्स के इस दौर में हम अपने फोन की गैलरी को हजारों इमेज के भर देते हैं। ऐसे में अचानक किसी खास इमेज की जरूरत पड़ जाए तो उसे ढूंढना काफी मुश्किल हो जाता है। हालांकि, अब यूजर्स की यह समस्या गूगल फोटोज के इस नए फीचर से दूर होने वाली है। आइए डीटेल में जानते हैं क्या है यह फीचर और कैसे यह काम करता है।

खास टेक्स्ट वाले वाले फोटो को खोजना हुआ आसान
गूगल फोटो ने कुछ महीनों पहले ऐप में गूगल लेंस फीचर उपलब्ध कराया था। लेंस की मदद से यूजर्स को किसी खास ऑब्जेक्ट वाले फोटोज को सर्च करने में आसानी होती है। फोटोज के लिए रिलीज किए गए इस फीचर की मदद से यूजर अब फोटो में मौजूद टेक्स्ट को सर्च ऑप्शन में टाइप कर उसे सर्च कर सकेंगे।

डॉक्यूमेंट्स सर्च करना होगा आसान
फोटोज ऐप में मौजूद हजारों फोटो के बीच किसी डॉक्यूमेंट को सर्च करना काफी मुश्किल तो होता ही है साथ ही इसमें काफी समय भी खराब हो जाता है। गूगल के इस नए फीचर के आने से अब ऐप में डॉक्यूमेंट्स को खोजने में आसानी होगी। यूजर अब जरूरी डॉक्यूमेंट जैसे कॉलेज नोट्स, बुक पेज, पोस्टर ऐड को फोटो में मौजूद टेक्स्ट को टाइप कर फोटोज ऐप में सर्च कर सकेंगे।

टेक्स्ट को करना होगा कॉपी
दूसरे देश में यात्रा करते समय हमें कई बार भाषा ना समझ आने के कारण काफी परेशानी होती है। दूसरी भाषा में लिखी जानकारी, साइन बोर्ड इत्यादि को आमतौर पर समझना आसान नहीं होता। ऐसे में यूजर उसकी फोटो को क्लिक कर गूगल के इस नए फीचर की बदौलत उसका मतलब समझ सकेंगे। इसके लिए आपको क्लिक की गई फोटो में मौजूद टेक्स्ट को सिलेक्ट करना होगा। नया फीचर फोटो में मौजूद पूरे टेक्स्ट को कॉपी करने का ऑप्शन देता है। यूजर को केवल फोटो को ओपन करने के बाद लेंस बटन पर क्लिक करना है और टेक्स्ट सिलेक्ट करना है।

गूगल ने रोलआउट शुरू किया
गूगल के मुताबिक फोटोज ऐप के लिए लाया गया यह नया फीचर अगस्त की शुरुआत में ही डिवाइसेज तक पहुंचना शुरू हो गया है। गूगल का यह फीचर ऐंड्रॉयड के साथ ही आईओएस पर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। कंपनी इसे बैचेज में रोलआउट कर रही है। भारत में भी यह यूजर्स तक पहुंचना शुरू हो गया है और आने वाले कुछ दिनों में यह सभी यूजर्स को मिल जाएगा।