Tuesday, May 5, 2026
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बैंकों में जमा 14,578 करोड़ रुपये का कोई दावेदार नहीं

नई दिल्ली। देशों के बैंकों में हजारों करोड़ रुपए की ऐसी राशि जमा है, जिसका कोई दावेदार नहीं है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इस तरह की राशि लगातार बढ़ रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2018 में ऐसी दावारहित जमा राशि 26.8 फीसद बढ़कर 14,578 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। जबकि 2017 में ऐसी दावारहित जमा राशि 11,494 करोड़ रुपए थी। 2016 में यह आंकड़ा 8,928 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में 2018 के अंत में 2,156.33 करोड़ रुपये की जमा राशि का कोई दावेदार नहीं था। बीमा सेक्टर के मामले में मंत्री ने कहा कि जीवन बीमा सेक्टर ने सितंबर 2018 के अंत में 16,887.66 करोड़ रुपये की राशि दर्ज की थी, जिसका कोई दावेदार नहीं था। वहीं, गैर-जीवन बीमा सेक्टर में 989.62 करोड़ रुपये की राशि का कोई दावेदार नहीं था।

सीतारमण ने कहा कि डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) योजना 2014 के मुताबिक जिन खातों का 10 साल से परिचालन नहीं हुआ है, उनमें जमा समस्त राशि और उस पर मिले ब्याज की गणना कर बैंक उसे DEAF में हस्तांतरित कर देते हैं। हालांकि यदि कोई ग्राहक इस तरह की अपनी जमा राशि पर दावा करता है, जिसे DEAF में हस्तांतरित कर दिया गया है, तो बैंकों को ब्याज समेत उसे वह राशि देनी पड़ती है। उसके बाद बैंक DEAF से उतनी राशि के रिफंड के लिए दावा करता है।

मां की बीमारी से दुखी कुणाल बनेगा डॉक्टर

कोटा। बचपन में बच्चे से सबसे ज्यादा पूछे जाने वाला सवाल होता है बड़े होकर क्या बनोगे, लेकिन इस सवाल का जवाब कई बार बच्चे की इच्छा या विवेक नहीं बल्कि परिस्थितियां तय कर देती हैं। ऐसे हालात हो जाते हैं कि जीवन की दिशा बदल जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ है एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के छात्र कुणाल कुमावत के साथ।

डॉक्टर बनने या नहीं बनना कभी सोचा नहीं था, लेकिन घर में मां की बीमारी और उन्हें दुखी होते देख डॉक्टर बनने का संकल्प लिया और अब यह संकल्प पूरा भी होने जा रहा है। कुणाल ने नीट आल इंडिया रैंक 2157, ओबीसी कैटेगिरी रैंक 603 प्राप्त की है तथा एम्स में 2536 रैंक प्राप्त की है।

हर तीसरे दिन होता है डायलिसिस
कुणाल ने बताया कि करीब 11 साल से मां को सरोज देवी को किडनी की बीमारी है। कभी-कभी तबियत बहुत अधिक बिगड़ जाती है। लगातार इलाज चल रहा है। शुरूआत के चार साल तक तो गोली दवाइयां चली, इसके बाद हर तीसरे दिन डायलिसिस होता है। अब तक 700 से ज्यादा बार डायलिसिस हो चुके हैं और हर डायलिसिस में करीब 2500 रूपए का खर्च आता है, क्योंकि यहां सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा नहीं है, इसलिए प्राइवेट डायलिसिस करवाना पड़ता है।

पिता राधेश्याम कुमावत झुंझुनूं में ही टीवी, डीवीडी व अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण ठीक करने का काम करते हैं। एलईडी और आधुनिक उपकरण आने के बाद अब रिपेयरिंग का काम कम हो रहा है। ऐसे में आमदनी घट रही है। मां की बीमारी में हालत देखी नहीं जाती, इसीलिए मैंने डॉक्टर बनने की सोची ताकि लोगों के दुख दर्द दूर कर सकूं।

कुणाल ने बताया कि 12वीं तक की पढ़ाई झुंझुनूं में ही हुई। यहां कक्षा छह तक पढ़ने के बाद पारिवारिक स्थिति देखते हुए स्कूल ने फीस माफ की। दसवीं कक्षा में मैंने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद शिक्षकों ने मुझे सांइस लेने को कहा और मैंने भी उन्हें डॉक्टर बनने की इच्छा जताई। इसके बाद 12वीं में प्रदेश स्तर पर तीसरी मेरिट में रहा और 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

शिक्षकों के कहने पर ही कोटा आकर पढ़ाई करने का निर्णय लिया। यहां भी एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा मेरी प्रतिभा को देखते हुए फीस आधी कर दी गई। एलन टीचर्स का सपोर्ट अच्छा रहा और यहां मेरी तैयारी पर पूरी तरह से ध्यान दिया गया। कोटा में पढ़ाई के दौरान भी मैं कई बार मां से मिलने के लिए झुंझुनूं आता था।

मां से मिलने के लिए शनिवार का इंतजार करता
कई बार तबियत खराब होती तो मां मुझे याद करती और मैं शनिवार का इंतजार करता। क्लास खत्म होते ही झुंझुनूं रवाना हो जाता, रविवार को मिलकर फिर कोटा आ जाता और यहां पढ़ाई करता। इस दौड़भाग के बावजूद मैंने कभी कोई टेस्ट मिस नहीं किया। कक्षाओं में भी पूरी तरह उपस्थित रहने की कोशिश रही।

कोटा मंडी : NCDEX पर वायदा तेज रहने से धनिया 150 रुपए उछला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को एनसीडेक्स पर वायदा तेज रहने से धनिया 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल उछल गया। आवक 1200 बोरी की हुई। आवक की कमी से गेहूं और सरसों 25 रुपये तेज बोली गई। बीज वालों की मांग से ज्वार 200 रुपये प्रति क्विंटल ऊँची बोली गई। कमजोर उठाव से उड़द 100 रुपये प्रति क्विंटल लुढ़क गया।

व्यापारिक सूत्रों के अनुसार एनसीडेक्स पर धनिया का जुलाई वायदा 145 रुपये की तेजी पर 7029 और अगस्त वायदा 144 सुधर कर 7114 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में सभी जिंसों का मिलाकर करीब 25000 बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 5000 की कट्टे की रही। मंडी में जिंसों के भाव इस प्रकार रहे –

गेहूं लस्टर 1700 से 1811गेहूं मिल क्वालिटी 1775 से 1841एवरेज 1850से 1875 लोकवान 1820 से 1900 पी डी 1750 से 1900 गेहूं टुकडी 1850 से 1925 मक्का 1900 से 2350 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 3000पूसा 1 2500 से 3001 पूसा 4 (1121) 3600 से 3800 धान लाजवाब ( 1509 ) 3000 से 3205 रुपये प्रति क्विंटल।सोयाबीन 3400 से 3721सोयाबीन बीज क्वालिटी 3800 सरसों 3400 से 3701अलसी 4000 से 4501 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4200 कलौजी 8500 से 10000धनिया बादामी 5500 से6200 ईगल 6000 से 6501 रंगदार नया 6500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 1800 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 5000 से 5750 उड़द 2000 से 4000 चना 3600 से 3950 चना कांटिया 3850 चना काबुली 3500से 4500 चना पेप्सी 3800 से 4000 चना मौसमी 3000 से 4000 मसूर 3800 से 4550 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3800 रुपये प्रति क्विंटल। ।

अब तक 6.8 लाख से ज्यादा भारतीय कंपनियों पर लगा ताला: सरकार

नई दिल्ली।देश में अब तक कुल 6.8 लाख से ज्यादा कंपनियां बंद हो चुकी हैं। लोकसभा में सोमवार को यह जानकारी दी गई। बता दें कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के तहत रजिस्टर्ड कुल 18,94,146 कंपनियों में से बंद हो चुकी कंपनियों का प्रतिशत 36.07 है।

आंकड़ों से पता चलता है कि कुल बंद हुईं 6,83,317 कंपनियों में से 1.42 लाख से ज्यादा महाराष्ट्र में थीं। जबकि 1.25 लाख से ज्यादा कंपनियां दिल्ली और 67,000 से ज्यादा पश्चिम बंगाल की थीं। वहीं सिक्किम में कोई भी कंपनी बंद नहीं हुई।

लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने ऐसी रजिस्टर्ड कंपनियों की पहचान करने और उन्हें बंद करने के लिए स्पेशल ड्राइव शुरू की है जिन्होंने पिछले दो वित्त वर्षों से अपने फाइनैंशल स्टेटमेंट्स या सालाना रिटर्न फाइल नहीं किए हैं।

फर्जी कंपनियों के रजिस्ट्रेशन कैंसल करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, ‘कंपनीज ऐक्ट के तहत फर्जी कंपनी टर्म को परिभाषित नहीं किया गया है।’एक दूसरे सवाल के लिखित जवाब में सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2016-19 के बीच उत्तर पूर्वी राज्यों में कुल 2,448 कंपनियां रजिस्टर्ड हुईं।

इंदौर किराना : खोपरा गोला एवं बूरा के भाव में गिरावट

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में सोमवार को खोपरा गोला के भाव में पांच रुपये प्रति किलोग्राम (शनिवार की तुलना में) की कमी हुई। खोपरा बूरा में 100 रुपये प्रति 15 किलोग्राम भाव कम हुए। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में सोमवार को 17 गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल।शक्कर एम (मोटी) 3400 से 3420 रुपये प्रति क्विंटल। खोपरा गोला 165 से 182 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2050 से 3500 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 133, निजामाबाद 95 से 105, पिसी 135 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल।आटा-मैदा गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1140 से 1150, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2950 से 2975 तथा बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर तेल बाजार: कपास्या तेल तेज, कपास्या खली में गिरावट

इंदौर। खाद्य तेल बाजार में सोमवार को मूंगफली तेल के भाव में 10 रुपये(शनिवार की तुलना में) प्रति 10 किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। सोयाबीन रिफाइंड तेल एक रुपये एवं कपास्या तेल 20 रुपये प्रति 10 किलोग्राम बढ़कर बिका। तिलहन में सरसों के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। पशु आहार कपास्या खली में 10 रुपये प्रति 60 किलोग्राम कम हुए।

तिलहन सरसों 3600 से 3650रायडा 3400 से 3450सोयाबीन 3600 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूूंगफली तेल इंदौर 1150 से 1170, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 754 से 756, सोयाबीन साल्वेंट 718 से 722, पाम तेल 630 से 635 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1840, देवास 1840, उज्जैन 1840, खंडवा 1825, बुरहानपुर 1825, अकोला 2825 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 745 से 750, महाराष्ट्र 735 से 740, तथा गुजरात 755 से 757 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

GST कलेक्शन जून में घटकर 1 लाख करोड़ के नीचे आया

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नई दिल्ली। टैक्स कलेक्शन की धीमी रफ्तार को देखते हुए जून, 2019 में गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (GST) संग्रह भी पिछले महीने के 1 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 99,939 करोड़ रुपये रहा। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।

जून में जीएसटी कलेक्शन मई की तुलना में कम रहा लेकिन इसी अवधि में पिछले साल यह कलेक्शन 95,610 करोड़ रुपये ज्यादा है। मई 2019 में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 289 करोड़ रुपये रहा था। जीएसटी कलेक्शन में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों का ही संग्रह शामिल रहता है। बता दें कि 2 साल पहले 17 अप्रत्यक्ष टैक्सों को हटाकर एक टैक्स जीएसटी लाया गया था।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘जून महीने में कुल जीएसटी संग्रह 99,939 करोड़ रुपये रहा है जिसमें सेंट्रल-जीएसटी 18,366 करोड़ रुपये, स्टेट-जीएसटी 25,343 करोड़ रुपये, इंटीग्रेटेड जीएसटी 47,772 करोड़ रुपये (इसमें 21,980 करोड़ इंपोर्ट्स से इकट्ठे हुए) और सेस 8,457 करोड़ रुपये (876 करोड़ रुपये इंपोर्ट से इकट्ठे हुए) शामिल हैं। ‘

इंदौर अनाज मंडी: दाल मूंग मोगर में गिरावट, तुअर 100 रुपए तेज

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में सोमवार को चना कांटा 50 रुपये, मसूर 25 रुपये, मूंग 150 रुपये, तुअर 100 रुपये और उड़द के भाव में 100 रुपये (शुक्रवार की तुलना में) प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। मूंग मोगर के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए। आज पीली मक्का इन्दौर पहुंच 2200 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में सोमवार को 4000 बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन चना (कांटा) 4100 से 4150, चना (देसी) 4000 से 4050, डबल डॉलर 4500 से 4700, मसूर 4125 से 4150, हल्की 3700 से 3800, बटला (मटर) 4100 से 4150, मूंग 5300 से 5400, हल्की 4800 से 5000, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5200, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5750 से 5800, उड़द 5000 से 5100, हल्की 3500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6900 से 7200, तुअर दाल फूल 7300 से 7500, तुअर दाल बोल्ड 7700 से 7900, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5350 से 5550, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5350 से 5450मूंग दाल 7200 से 7400, मूंग मोगर 7900 से 8100 उड़द दाल 7200 से 7400, उड़द मोगर 7400 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

सांसद हसन ने फिल्म अभिनेत्रियों को तवायफ कहा

नई दिल्ली। नैशनल अवॉर्ड विजेता ऐक्ट्रेस जायरा वसीम के धर्म को आधार बनाकर ऐक्टिंग छोड़ने पर हंगामा मचा है। बॉलिवुड के साथ ही राजनीतिक दलों के नेताओं के भी जायरा के पक्ष और विपक्ष में लगातार बयान आ रहे हैं। दंगल मूवी से चर्चित हुईं जायरा वसीम पर अब समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन का बयान आया है।

उन्होंने जायरा का समर्थन किया। जयाप्रदा पर दिए अपने विवादित बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में हसन ने फिल्म में काम करने वाली ऐक्ट्रेसेज की तुलना तवायफ से कर डाली। इससे पहले भी कई नामचीन अभिनेत्रियों के इंडस्ट्री में काम करने के सवाल पर हसन ने कहा कि यदि किसी अभिनेत्री ने सेक्स अपील के साथ अंग दिखाए हों तो यह गुनाह है।

हसन ने इसके साथ ही फिल्म अभिनेत्रियों की तुलना तवायफ से की। एक चैनल से बातचीत में हसन ने कहा, ‘जब लोगों के यहां मुजरे होते थे, तो उसमें तवायफ आती थी। वे मनोरंजन किया करती थीं। पहले जो सामने होता था, अब स्क्रीन पर होता है। पहले तवायफ का लफ्ज था, अब कलाकार का लफ्ज है।’ बता दें कि हसन ने एक कार्यक्रम में अभिनेत्री जया प्रदा के खिलाफ विवादित बयान दिया।

हसन ने जया प्रदा की तुलना तवायफों से करते हुए कहा था कि रामपुर से आजम खान बड़े अंतर से जीते हैं। हालांकि जया प्रदा को भी 4,49,180 वोट मिले थे। एसपी सांसद हसन ने इसी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें दुख है कि आज के दौर में भी तवायफों को 4 लाख से ज्यादा वोट मिल जाते हैं।

कमजोर मांग से सोना 130 रुपये सस्ता, चांदी में भी गिरावट

नयी दिल्ली/ कोटा। आभूषण विनिर्माताओं की मांग घटने तथा अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर तनाव घटने के बीच कमजोर वैश्विक रुख से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 130 रुपये टूटकर 34,140 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी।

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना गिरावट के साथ 1,387.09 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी भी नुकसान के साथ 15.17 डॉलर प्रति औंस पर थी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के जिंस शोध प्रमुख हरीश वी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोना टूटकर 1,388.09 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह इसका एक सप्ताह का निचला स्तर है।

अमेरिका और चीन में व्यापार वार्ता को फिर शुरू करने की सहमति बनी है इससे निवेशक जोखिम वाले संपत्तियों पर दांव लगाने को तैयार है। इससे निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने का आकर्षण कम हुआ है।

औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं का उठाव घटने से चांदी भी 260 रुपये के नुकसान से 38,570 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 130-130 रुपये टूटकर क्रमश: 34,140 रुपये प्रति दस ग्राम और 33,970 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया।

आठ ग्राम वाली गिन्नी भी 50 रुपये टूटकर 26,800 रुपये प्रति इकाई रह गई। शनिवार को सोना 15 रुपये टूटकर 34,270 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 230 रुपये की बढ़त के साथ 38,830 रुपये प्रति किलोग्राम रही थी।

इस बीच, चांदी हाजिर 260 रुपये के नुकसान से 38,570 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक डिलिवरी 295 रुपये टूटकर 37,157 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। चांदी सिक्का लिवाल 80,000 रुपये और बिकवाल 81,000 रुप़ये प्रति सैकड़ा पर कायम रहा।

कोटा सर्राफा
चांदी 37800 रुपए प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33750 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39370 रुपए प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33920 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39560 रुपए प्रति तोला।