Monday, July 6, 2026
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महेश नवमी महोत्सव: वॉलीबॉल फाइनल में ‘पलटन’ टीम विजेता रही

कोटा। Mahesh Navami Mahotsav: माहेश्वरी समाज के तत्वावधान में महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य संयोजक महेश अजमेरा ने बताया कि महोत्सव के तहत बधुवार को वॉलीबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला तथा बॉक्स क्रिकेट के लीग मैच आयोजित किए गए, जिनमें खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

खेल संयोजक घनश्याम मूंदड़ा एवं अविनाश अजमेरा ने बताया कि वॉलीबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में ‘पलटन’ टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए माहेश्वरी राइडर को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। वहीं बॉक्स क्रिकेट प्रतियोगिता के तहत छह लीग मैच खेले गए, जिनमें खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा (पश्चिमांचल) के उपसभापति राजेश कृष्ण बिरला ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मसंयम, नेतृत्व क्षमता, संघर्षशीलता और टीम भावना विकसित करने का सशक्त साधन हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए खेलों का नियमित अभ्यास आवश्यक है।

कार्यक्रम में समाज के मंत्री बिट्ठलदास मूंदड़ा, उपाध्यक्ष नंदकिशोर काल्या, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार शारदा, जिला अध्यक्ष सुरेशचंद्र काबरा सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

मुख्य समन्वयक अजमेरा ने बताया कि महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत 21 जून को विश्व योग दिवस कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या, 22 जून को नवसृजन कार्यक्रम तथा 23 जून को महाअभिषेक एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा।

छात्रों को निराश नहीं, प्रेरित करने की आवश्यकता: राजेश बिरला

कोटा। वरिष्ठ सहकार नेता एवं रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट प्रेसीडेंट राजेश कृष्ण बिरला ने कोटा में आयोजित राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि पेपर लीक और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का रुख अवसरवादी रहा है।

जारी बयान में बिरला ने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में पेपर लीक की 19 घटनाएं हुईं, लेकिन उन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ा एंटी-पेपर लीक कानून लागू किया है। सरकार ने पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द करने और दोषियों को पकड़ने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।

बिरला ने कहा कि आगामी दिनों में नीट परीक्षा आयोजित होने वाली है और ऐसे समय में विद्यार्थियों को पूरी एकाग्रता के साथ अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए।

बिरला ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों के मन में भय, चिंता और असमंजस का वातावरण बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और विद्यार्थियों की आत्महत्या जैसे विषय अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर हैं, जिन पर राजनीति करने के बजाय स्थायी समाधान खोजने की आवश्यकता है।

उन्होंने दावा किया कि कोटा में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सका और राहुल गांधी विद्यार्थियों से प्रभावी संवाद स्थापित करने में सफल नहीं रहे।

बिरला के अनुसार संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करने के बजाय चुनौतियों और समस्याओं पर अधिक जोर दिया गया, जिससे युवाओं को प्रोत्साहित करने के बजाय निराशा का संदेश गया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, तंत्र और नीतियों पर उठाए गए कुछ प्रश्न देश की उपलब्धियों और संस्थाओं को कमजोर करने वाले प्रतीत हुए। अपने बयान में बिरला ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप भी लगाया।

परिवर्तन से ही होगा सशक्त एवं संस्कारित समाज का निर्माण: झा

कोटा। विद्या भारती शिक्षा संस्थान, कोटा द्वारा आयोजित आठ दिवसीय पूर्ण आवासीय नवीन आचार्य एवं आधारभूत विषय प्रशिक्षण वर्ग के पांचवें दिन मुख्य वक्ता प्रांत निरीक्षक, चित्तौड़ प्रांत विद्या भारती नवीन कुमार झा ने “पंच परिवर्तन” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को सकारात्मक दिशा देने के लिए पंच परिवर्तन की अवधारणा अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली तथा नागरिक कर्तव्यों के पालन को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि प्रत्येक आचार्य को इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात कर विद्यार्थियों एवं समाज तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कारवान एवं राष्ट्रभक्त नागरिकों के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

श्री झा ने भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति एवं जीवन मूल्यों की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को भारतीयता से जोड़ना समय की आवश्यकता है। प्रशिक्षण वर्ग में शिक्षकों को भारतीय शिक्षा पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षण तथा संगठनात्मक कार्यों के विभिन्न आयामों की जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य नवीन आचार्यों को विद्या भारती की कार्यपद्धति, शैक्षिक दर्शन एवं राष्ट्रीय दृष्टिकोण से परिचित कराना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भारती शिक्षा संस्थान, कोटा के जिला अध्यक्ष महावीर प्रसाद गौतम ने की।

जिला सचिव सतीश कुमार गौतम ने बताया कि इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित व्यवसायी अरविंद भाई पटेल एवं हंसमुख भाई पटेल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश शर्मा, जिला विद्या भारती मंत्री देवेंद्र कुमार जैन, चित्तौड़ प्रांत सहमंत्री विमल कुमार जैन सहित वर्ग के आचार्य एवं प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।

भाजपा के राष्ट्रीय महामन्त्री ने विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ताओं से किया संवाद

कोटा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ताओं द्वारा माहेश्वरी भवन झालावाड़ रोड़ पर अयोजित कार्यक्रम संवाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री व वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय महामन्त्री सुनील बंसल ने कोटा विभाग, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ से आए 200 कार्यकर्ताओं के साथ अनौपचारिक संवाद किया।

सुनील बंसल ने राजस्थान में विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री रहते हुए हाड़ौती के कार्यकर्ताओं के साथ 1990 से 2002 तक काम किया।उन्होंने कोटा बूंदी, बाराँ एवं झालावाड़ के चयनित कार्यकर्ताओं के साथ आज के परिपेक्ष्य में राष्ट्र के प्रति भूमिका एवं दायित्व पर परिचर्चा एवं भोजन करते हुए 3 घंटे साथ बिताए।

कार्यक्रम में सुनील बंसल ने सभी कार्यकर्ताओं से अनौपचारिक बातचीत की। कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे। सुनील बंसल ने भी कोटा में विद्यार्थी परिषद के दौरन अपने अनुभव व पुरानी यादें साझा की।

बंसल बंगाल विधान सभा चुनाव के बीजेपी के प्रभारी भी रहे है। उन्हें बंगाल में बीजेपी की जीत और बंगाल की राजनीति पर भी कार्यकर्ताओं से अपने अनुभव साझा किए।

संवाद कार्यक्रम में आयोजन समिति की ओर से रितेश चित्तौड़ा, ललित शर्मा ने माल्यार्पण किया। पूर्व महानगर मंत्री सुरेश अग्रवाल, पंकज चतुर्वेदी ने दुपट्टा पहनाया व पूर्व जिला प्रमुख संजय वर्मा, पूर्व प्रदेश मंत्री गिरिराज गुप्ता ने श्रीफल देकर व पूर्व महानगर मंत्री विभोर मूंदड़ा ने साफा पहनाकर कर स्वागत किया।

इस अवसर पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रौनक आनंद, पूर्व विभाग संगठन मंत्री निर्मल शर्मा, अमित शर्मा ने सुनील बंसल को बुके भेंट किया। कार्यक्रम में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं महानगर मंत्री पंकज चतुर्वेदी ने सुनील बंसल का जीवन परिचय दिया।

Kota Mandi: मिलर्स की लिवाली से कोटा मंडी में गेहूं, सरसों और मूंग तेज बिकी

कोटा। Kota Mandi Pirce Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को मिलर्स की लिवाली से गेहूं लस्टर 25 रुपये सरसों और मूंग 100 रुपये तेज रही। देसावरी मांग से लहसुन 200 रुपये ऊंचा बिका। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 50 हजार कट्टे और लहसुन की 10000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2300 से 2375, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2375 से 2525, बेस्ट टुकड़ी 2525 से 2611, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3400 से 4200, धान (1847) 3200 से 4001, धान (1718-1885) 3800 से 4550, धान (पूसा-1) 3000 से 4100, धान (1401-1886) 3600 से 4150, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6750, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6750 से 6801, सरसो 7200 से 7700, अलसी 8000 से 8550, तिल्ली 7000 से 9500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 5000 से 7500, उड़द 4500 से 7000, चना 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5550, चना पेप्सी 5100 से 5701, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 5000 से 18500, ऊटी लहसुन 16000 से 21500, मैथी नयी 5800 से 6400, धनिया बादामी 11500 से 12000, धनिया ईगल 12500से 12800, धनिया रंगदार 13000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल।

कोटा पहुंचते ही छात्रों के मुद्दे पर गरजे राहुल गांधी, जानिए क्या बोले

कोटा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार दोपहर छात्रों से संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कोटा पहुंचे। करीब 3:30 बजे चार्टर विमान से कोटा एयरपोर्ट पहुंचने पर उनका कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।

राहुल गांधी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एयरपोर्ट पहुंचे थे। एयरपोर्ट लाउंज से बाहर निकलकर जैसे ही राहुल गांधी अपने काफिले की ओर बढ़े, कार्यकर्ता उनसे मिलने और स्वागत करने के लिए आगे आने लगे।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और कार्यकर्ताओं को पीछे हटाया गया। इस दौरान राहुल गांधी के काफिले को एयरपोर्ट से बाहर निकालने में पुलिस और प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

एयरपोर्ट से राहुल गांधी सीधे स्टेशन रोड स्थित एक निजी होटल पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ चयनित छात्रों से मुलाकात और चर्चा की। इसके बाद शाम 5:30 बजे उनका मुख्य कार्यक्रम दशहरा मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम है।

कांग्रेस के अनुसार इस कार्यक्रम में केवल छात्रों को ही प्रवेश दिया गया है, जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं को एंट्री नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।

कोटा पहुंचने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि कोटा के लिए रवाना होते समय उनके मन में दो नाम लगातार गूंज रहे हैं—सीकर के उमेश और देहरादून की रिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि दोनों छात्रों ने री-नीट (Re-NEET) के दबाव में अपनी जान दे दी।

उन्होंने लिखा कि 22 और 23 साल के ये युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन अन्यायपूर्ण व्यवस्था के कारण जिंदगी से हार गए। राहुल गांधी ने इन मौतों को “टूटी और भ्रष्ट व्यवस्था” का परिणाम बताते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की सुरक्षा और भविष्य सुनिश्चित करने के बजाय सरकार ने पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को बढ़ावा देने वालों को संरक्षण दिया।

किसी बच्चे का सपना अब नहीं टूटने देंगे
राहुल गांधी ने कहा कि कोटा से शुरू होने वाली यह लड़ाई छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने लिखा कि किसी भी बच्चे के सपने इस तरह टूटने नहीं चाहिए और किसी भी परिवार को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द दोबारा नहीं झेलना पड़े। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों की पीड़ा अब ‘छात्रों की गूंज’ बनकर पूरे देश में सुनाई देगी।

रानपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी खुलेगा ईएसआई हॉस्पिटल, 24 घंटे मिलेगी आपात सेवा

कोटा। रानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल्द ही ईएसआई हॉस्पिटल खुलेगा। 24 घंटे इमरजेंसी सर्विसेज भी शुरू होंगी। यह जानकारी बुधवार को मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रवि शर्मा ने एसएसआई एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल को दी।

इससे पहले एसएसआई एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने ईएसआई हॉस्पिटल का दौरा कर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. कपिल शर्मा एवं उनकी टीम के साथ विस्तृत चर्चा की।

इस दौरान अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया गया तथा ऑर्थोपेडिक, गाइनेकोलॉजी एवं जनरल सर्जरी विभागों में उपचार प्राप्त कर रहे मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल की सेवाओं के संबंध में फीडबैक लिया गया।

एसएसआई एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक मेहता ने कहा कि वर्तमान नेतृत्व के अंतर्गत ईएसआई हॉस्पिटल का जिस प्रकार कायाकल्प हुआ है। वह अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व तक ईएसआई हॉस्पिटल को केवल रेफरल सेंटर के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और बड़ी संख्या में मरीजों को यहीं उपचार मिल रहा है। मरीजों से प्राप्त फीडबैक भी अस्पताल की बेहतर होती सेवाओं का प्रमाण है।

एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य समीर सूद ने कहा कि पहले ईएसआई अंशदान देने वाला कर्मचारी स्वयं को ठगा हुआ महसूस करता था, क्योंकि उसे अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं।

लेकिन आज जब ईएसआई हॉस्पिटल में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं और सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। तब ईएसआई कार्डधारकों में विश्वास और गर्व की भावना दिखाई देती है।

एसएसआई एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने कहा कि पिछले आठ महीनों में अस्पताल में हुए बदलाव समय की आवश्यकता थे। पहले अस्पताल मुख्य रूप से मरीजों को अन्य संस्थानों में रेफर करने का कार्य करता था।

जबकि अब यहां चिकित्सा सुविधाओं एवं विशेषज्ञ सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में अस्पताल में प्रतिदिन 400 से अधिक ओपीडी मरीजों को सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

बैठक एवं निरीक्षण के दौरान श्रम सलाहकार रविन्द्र गुप्ता सहित विभिन्न प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के एचआर मैनेजर्स एवं लेबर मैनेजर्स भी उपस्थित रहे। सभी ने अस्पताल में हुए सकारात्मक बदलावों की सराहना की तथा इसे कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि इस अवसर पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रवि शर्मा ने एसएसआई एसोसिएशन को आश्वस्त किया कि रानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल्द ही ईएसआई हॉस्पिटल प्रारंभ किया जाएगा। जिससे औद्योगिक क्षेत्र के हजारों कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल के निकट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ईएसआई हॉस्पिटल में शीघ्र ही 24 घंटे इमरजेंसी डिपार्टमेंट की शुरुआत की जाएगी। जिससे गंभीर एवं आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी रूप से उपलब्ध हो सकेंगी।

एसएसआई एसोसिएशन ने ईएसआई हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ईएसआई से जुड़े कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को और अधिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। संगठन ने उद्योगों एवं कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर निरंतर संवाद एवं सहयोग बनाए रखने का भी आश्वासन दिया।

भारतीय आमों की मिठास अब दुनिया भर में, अमेरिका सबसे बड़ा आयातक देश

नई दिल्ली। भारत के आम की मिठास अब दुनिया भर में लोगों को पसंद आ रही है। देश के आम निर्यात में इस सीजन शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है और भारतीय आम अब 45 से अधिक देशों तक पहुंच चुके हैं।

खास बात यह है कि अमेरिका को होने वाला आम का निर्यात सीजन खत्म होने से पहले ही पिछले पूरे साल के स्तर को पार कर गया है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के अध्यक्ष अभिषेक देव ने बताया कि अमेरिकी बाजार में भारतीय आमों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा रुझानों के आधार पर इस सीजन अमेरिका को आम का निर्यात 30% से अधिक बढ़ सकता है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा आम आयातक देश माना जाता है।

अमेरिका समेत कई देशों में प्रचार अभियान
विदेशों में भारतीय आमों की मांग बढ़ाने के लिए एपीईडीए ने अमेरिका के प्रमुख शहरों जैसे सिएटल, लॉस एंजिल्स, वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क और अटलांटा में विशेष प्रचार अभियान चलाए हैं। इसके अलावा इस वर्ष लगभग 20 देशों में भारतीय आमों को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें चेक गणराज्य, मलेशिया, स्पेन, यूएई और ओमान शामिल हैं। APEDA का मानना है कि इन प्रयासों के चलते अगले एक से दो वर्षों में भारत का आम निर्यात दोगुना तक हो सकता है।

लगातार चौथे दिन तेजी के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 347 अंक उछला

नई दिल्ली। Stock Market Closed: शेयर बाजार में आज लगातार चौथे दिन तेजी आई। पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से शेयर बाजार में उछाल रही। बीएसई सेंसेक्स 347.14 अंक यानी 0.45% तेजी के साथ 77,155.62 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स भी 96.55 अंक यानी 0.4% ऊपर 24,085.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। ट्रेंट में 7 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसके अलावा बीईएल, इटरनल, टाटा स्टील, टाइटन, सन फार्मा, भारती एयरटेल, इन्फोसिस और टीसीएस में भी उल्लेखनीय तेजी रही।

दूसरी ओर, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एशियन पेंट्स में गिरावट रही। रुपया लगभग सपाट बंद हुआ। आज यह डॉलर के मुकाबले 94.5250 पर बंद हुआ जबकि पिछले सत्र में 94.56 पर क्लोज हुआ था।

ब्रॉडर माकेट में निफ्टी मिडकैप में 0.52 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.79 फीसदी तेजी आई। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

निफ्टी बैंक, निफ्टी आईटी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा तेजी रही। ब्रेंट क्रूड अभी फ्लैट ट्रेड कर रहा है। इंडियन बास्केट 5.05 फीसदी गिरावट के साथ 78.66 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

अमेरिका-ईरान समझौते का 14 सूत्रीय ड्राफ्ट तैयार, जानिए एमओयू की शर्तें

नई दिल्ली। US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। यह समझौता दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए प्रतिबंधों को लेकर 60 दिनों की वार्ता का रास्ता खोल सकता है।

US Iran Deal का 14-सूत्रीय ड्रॉफ्ट

  1. इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते ही ईरान और अमेरिका, तथा उनके सहयोगी देशों के बीच जारी युद्ध को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त माना जाएगा। इसमें लेबनान समेत सभी मोर्चे शामिल होंगे। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी प्रकार की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई, बल प्रयोग या बल प्रयोग की धमकी से दूर रहने का वचन देते हैं। अंतिम समझौते में इस अनुच्छेद और अन्य सभी अनुच्छेदों की पुष्टि की जाएगी।
  2. ईरान और अमेरिका एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे तथा एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  3. दोनों देश अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत कर उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे। आपसी सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है।
  4. समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करेगा, ईरान के खिलाफ किसी भी तरह के हस्तक्षेप या बाधा को रोकेगा और अधिकतम 30 दिनों के भीतर समुद्री यातायात को पूरी क्षमता के साथ बहाल करेगा। जहाजों की आवाजाही युद्ध के पहले की तरह सुचारू हो जाएगी। अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर अमेरिका आसपास के क्षेत्रों से अपनी सैन्य मौजूदगी भी हटाएगा।
  5. ईरान समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद यह सुनिश्चित करेगा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच व्यापरिक जहाजों की आवाजाही 30 दिनों के भीतर युद्ध-पूर्व स्तर तक बहाल हो जाए। इसके लिए तकनीकी बाधाओं को दूर करने और समुद्री बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने की आवश्यकता को ध्यान में रखा जाएगा।
  6. अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता वाली व्यापक योजना तैयार करेगा। इसकी कार्यान्वयन व्यवस्था 60 दिनों के भीतर तय की जाएगी।
  7. अमेरिका अंतिम समझौते के तहत तय समयसीमा के अनुसार ईरान पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंध समाप्त करेगा। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और अमेरिका के प्राथमिक व द्वितीयक प्रतिबंध शामिल होंगे।
  8. ईरान दोहराता है कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। समृद्ध यूरेनियम और अन्य परमाणु मुद्दों, साथ ही ईरान की परमाणु जरूरतों का समाधान अंतिम समझौते में किया जाएगा।
  9. अंतिम समझौता होने तक दोनों देश मौजूदा स्थिति बनाए रखेंगे। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं करेगा और अमेरिका ईरान पर नए प्रतिबंध नहीं लगाएगा तथा क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत नहीं बढ़ाएगा।
  10. समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद और प्रतिबंध हटने तक अमेरिका का वित्त मंत्रालय ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनसे जुड़े बैंकिंग, बीमा, परिवहन जैसी सेवाओं के निर्यात के लिए आवश्यक छूट जारी करेगा।
  11. अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि वार्ता में प्रगति के साथ ईरान की फ्रिज या अटैच संपत्तियां और धनराशि जारी कर दी जाए। इन फंड्स का उपयोग ईरान का केंद्रीय बैंक अपनी जरूरत के अनुसार कर सकेगा। इसके लिए अमेरिका आवश्यक अनुमति और लाइसेंस जारी करेगा।
  12. ईरान और अमेरिका अंतिम समझौते के सफल क्रियान्वयन और भविष्य में उसके पालन की निगरानी के लिए एक मैकेनिज्म स्थापित करेंगे।
  13. इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और अनुच्छेद 4, 5, 10 और 11 के लागू होने की गारंटी मिलने के बाद, दोनों देश केवल शेष बचे प्रावधानों पर अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू करेंगे।
  14. अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के बाध्यकारी प्रस्ताव के जरिए मंजूरी दी जाएगी।