छात्रों को निराश नहीं, प्रेरित करने की आवश्यकता: राजेश बिरला

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कोटा। वरिष्ठ सहकार नेता एवं रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट प्रेसीडेंट राजेश कृष्ण बिरला ने कोटा में आयोजित राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि पेपर लीक और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का रुख अवसरवादी रहा है।

जारी बयान में बिरला ने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में पेपर लीक की 19 घटनाएं हुईं, लेकिन उन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ा एंटी-पेपर लीक कानून लागू किया है। सरकार ने पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द करने और दोषियों को पकड़ने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।

बिरला ने कहा कि आगामी दिनों में नीट परीक्षा आयोजित होने वाली है और ऐसे समय में विद्यार्थियों को पूरी एकाग्रता के साथ अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए।

बिरला ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों के मन में भय, चिंता और असमंजस का वातावरण बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और विद्यार्थियों की आत्महत्या जैसे विषय अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर हैं, जिन पर राजनीति करने के बजाय स्थायी समाधान खोजने की आवश्यकता है।

उन्होंने दावा किया कि कोटा में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सका और राहुल गांधी विद्यार्थियों से प्रभावी संवाद स्थापित करने में सफल नहीं रहे।

बिरला के अनुसार संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करने के बजाय चुनौतियों और समस्याओं पर अधिक जोर दिया गया, जिससे युवाओं को प्रोत्साहित करने के बजाय निराशा का संदेश गया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, तंत्र और नीतियों पर उठाए गए कुछ प्रश्न देश की उपलब्धियों और संस्थाओं को कमजोर करने वाले प्रतीत हुए। अपने बयान में बिरला ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप भी लगाया।