Monday, July 6, 2026
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Kota Mandi: मिलर्स की लिवाली से कोटा मंडी में गेहूं, सरसों और मूंग तेज बिकी

कोटा। Kota Mandi Pirce Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को मिलर्स की लिवाली से गेहूं लस्टर 25 रुपये सरसों और मूंग 100 रुपये तेज रही। देसावरी मांग से लहसुन 200 रुपये ऊंचा बिका। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 50 हजार कट्टे और लहसुन की 10000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2300 से 2375, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2375 से 2525, बेस्ट टुकड़ी 2525 से 2611, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3400 से 4200, धान (1847) 3200 से 4001, धान (1718-1885) 3800 से 4550, धान (पूसा-1) 3000 से 4100, धान (1401-1886) 3600 से 4150, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6750, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6750 से 6801, सरसो 7200 से 7700, अलसी 8000 से 8550, तिल्ली 7000 से 9500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 5000 से 7500, उड़द 4500 से 7000, चना 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5550, चना पेप्सी 5100 से 5701, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 5000 से 18500, ऊटी लहसुन 16000 से 21500, मैथी नयी 5800 से 6400, धनिया बादामी 11500 से 12000, धनिया ईगल 12500से 12800, धनिया रंगदार 13000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल।

कोटा पहुंचते ही छात्रों के मुद्दे पर गरजे राहुल गांधी, जानिए क्या बोले

कोटा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार दोपहर छात्रों से संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कोटा पहुंचे। करीब 3:30 बजे चार्टर विमान से कोटा एयरपोर्ट पहुंचने पर उनका कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।

राहुल गांधी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एयरपोर्ट पहुंचे थे। एयरपोर्ट लाउंज से बाहर निकलकर जैसे ही राहुल गांधी अपने काफिले की ओर बढ़े, कार्यकर्ता उनसे मिलने और स्वागत करने के लिए आगे आने लगे।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और कार्यकर्ताओं को पीछे हटाया गया। इस दौरान राहुल गांधी के काफिले को एयरपोर्ट से बाहर निकालने में पुलिस और प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

एयरपोर्ट से राहुल गांधी सीधे स्टेशन रोड स्थित एक निजी होटल पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ चयनित छात्रों से मुलाकात और चर्चा की। इसके बाद शाम 5:30 बजे उनका मुख्य कार्यक्रम दशहरा मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम है।

कांग्रेस के अनुसार इस कार्यक्रम में केवल छात्रों को ही प्रवेश दिया गया है, जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं को एंट्री नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।

कोटा पहुंचने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि कोटा के लिए रवाना होते समय उनके मन में दो नाम लगातार गूंज रहे हैं—सीकर के उमेश और देहरादून की रिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि दोनों छात्रों ने री-नीट (Re-NEET) के दबाव में अपनी जान दे दी।

उन्होंने लिखा कि 22 और 23 साल के ये युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन अन्यायपूर्ण व्यवस्था के कारण जिंदगी से हार गए। राहुल गांधी ने इन मौतों को “टूटी और भ्रष्ट व्यवस्था” का परिणाम बताते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की सुरक्षा और भविष्य सुनिश्चित करने के बजाय सरकार ने पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को बढ़ावा देने वालों को संरक्षण दिया।

किसी बच्चे का सपना अब नहीं टूटने देंगे
राहुल गांधी ने कहा कि कोटा से शुरू होने वाली यह लड़ाई छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने लिखा कि किसी भी बच्चे के सपने इस तरह टूटने नहीं चाहिए और किसी भी परिवार को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द दोबारा नहीं झेलना पड़े। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों की पीड़ा अब ‘छात्रों की गूंज’ बनकर पूरे देश में सुनाई देगी।

रानपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी खुलेगा ईएसआई हॉस्पिटल, 24 घंटे मिलेगी आपात सेवा

कोटा। रानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल्द ही ईएसआई हॉस्पिटल खुलेगा। 24 घंटे इमरजेंसी सर्विसेज भी शुरू होंगी। यह जानकारी बुधवार को मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रवि शर्मा ने एसएसआई एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल को दी।

इससे पहले एसएसआई एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने ईएसआई हॉस्पिटल का दौरा कर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. कपिल शर्मा एवं उनकी टीम के साथ विस्तृत चर्चा की।

इस दौरान अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया गया तथा ऑर्थोपेडिक, गाइनेकोलॉजी एवं जनरल सर्जरी विभागों में उपचार प्राप्त कर रहे मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल की सेवाओं के संबंध में फीडबैक लिया गया।

एसएसआई एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक मेहता ने कहा कि वर्तमान नेतृत्व के अंतर्गत ईएसआई हॉस्पिटल का जिस प्रकार कायाकल्प हुआ है। वह अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व तक ईएसआई हॉस्पिटल को केवल रेफरल सेंटर के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और बड़ी संख्या में मरीजों को यहीं उपचार मिल रहा है। मरीजों से प्राप्त फीडबैक भी अस्पताल की बेहतर होती सेवाओं का प्रमाण है।

एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य समीर सूद ने कहा कि पहले ईएसआई अंशदान देने वाला कर्मचारी स्वयं को ठगा हुआ महसूस करता था, क्योंकि उसे अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं।

लेकिन आज जब ईएसआई हॉस्पिटल में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं और सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। तब ईएसआई कार्डधारकों में विश्वास और गर्व की भावना दिखाई देती है।

एसएसआई एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने कहा कि पिछले आठ महीनों में अस्पताल में हुए बदलाव समय की आवश्यकता थे। पहले अस्पताल मुख्य रूप से मरीजों को अन्य संस्थानों में रेफर करने का कार्य करता था।

जबकि अब यहां चिकित्सा सुविधाओं एवं विशेषज्ञ सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में अस्पताल में प्रतिदिन 400 से अधिक ओपीडी मरीजों को सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

बैठक एवं निरीक्षण के दौरान श्रम सलाहकार रविन्द्र गुप्ता सहित विभिन्न प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के एचआर मैनेजर्स एवं लेबर मैनेजर्स भी उपस्थित रहे। सभी ने अस्पताल में हुए सकारात्मक बदलावों की सराहना की तथा इसे कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि इस अवसर पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रवि शर्मा ने एसएसआई एसोसिएशन को आश्वस्त किया कि रानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल्द ही ईएसआई हॉस्पिटल प्रारंभ किया जाएगा। जिससे औद्योगिक क्षेत्र के हजारों कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल के निकट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ईएसआई हॉस्पिटल में शीघ्र ही 24 घंटे इमरजेंसी डिपार्टमेंट की शुरुआत की जाएगी। जिससे गंभीर एवं आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी रूप से उपलब्ध हो सकेंगी।

एसएसआई एसोसिएशन ने ईएसआई हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ईएसआई से जुड़े कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को और अधिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। संगठन ने उद्योगों एवं कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर निरंतर संवाद एवं सहयोग बनाए रखने का भी आश्वासन दिया।

भारतीय आमों की मिठास अब दुनिया भर में, अमेरिका सबसे बड़ा आयातक देश

नई दिल्ली। भारत के आम की मिठास अब दुनिया भर में लोगों को पसंद आ रही है। देश के आम निर्यात में इस सीजन शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है और भारतीय आम अब 45 से अधिक देशों तक पहुंच चुके हैं।

खास बात यह है कि अमेरिका को होने वाला आम का निर्यात सीजन खत्म होने से पहले ही पिछले पूरे साल के स्तर को पार कर गया है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के अध्यक्ष अभिषेक देव ने बताया कि अमेरिकी बाजार में भारतीय आमों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा रुझानों के आधार पर इस सीजन अमेरिका को आम का निर्यात 30% से अधिक बढ़ सकता है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा आम आयातक देश माना जाता है।

अमेरिका समेत कई देशों में प्रचार अभियान
विदेशों में भारतीय आमों की मांग बढ़ाने के लिए एपीईडीए ने अमेरिका के प्रमुख शहरों जैसे सिएटल, लॉस एंजिल्स, वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क और अटलांटा में विशेष प्रचार अभियान चलाए हैं। इसके अलावा इस वर्ष लगभग 20 देशों में भारतीय आमों को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें चेक गणराज्य, मलेशिया, स्पेन, यूएई और ओमान शामिल हैं। APEDA का मानना है कि इन प्रयासों के चलते अगले एक से दो वर्षों में भारत का आम निर्यात दोगुना तक हो सकता है।

लगातार चौथे दिन तेजी के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 347 अंक उछला

नई दिल्ली। Stock Market Closed: शेयर बाजार में आज लगातार चौथे दिन तेजी आई। पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से शेयर बाजार में उछाल रही। बीएसई सेंसेक्स 347.14 अंक यानी 0.45% तेजी के साथ 77,155.62 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स भी 96.55 अंक यानी 0.4% ऊपर 24,085.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। ट्रेंट में 7 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसके अलावा बीईएल, इटरनल, टाटा स्टील, टाइटन, सन फार्मा, भारती एयरटेल, इन्फोसिस और टीसीएस में भी उल्लेखनीय तेजी रही।

दूसरी ओर, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एशियन पेंट्स में गिरावट रही। रुपया लगभग सपाट बंद हुआ। आज यह डॉलर के मुकाबले 94.5250 पर बंद हुआ जबकि पिछले सत्र में 94.56 पर क्लोज हुआ था।

ब्रॉडर माकेट में निफ्टी मिडकैप में 0.52 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.79 फीसदी तेजी आई। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

निफ्टी बैंक, निफ्टी आईटी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा तेजी रही। ब्रेंट क्रूड अभी फ्लैट ट्रेड कर रहा है। इंडियन बास्केट 5.05 फीसदी गिरावट के साथ 78.66 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

अमेरिका-ईरान समझौते का 14 सूत्रीय ड्राफ्ट तैयार, जानिए एमओयू की शर्तें

नई दिल्ली। US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। यह समझौता दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए प्रतिबंधों को लेकर 60 दिनों की वार्ता का रास्ता खोल सकता है।

US Iran Deal का 14-सूत्रीय ड्रॉफ्ट

  1. इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते ही ईरान और अमेरिका, तथा उनके सहयोगी देशों के बीच जारी युद्ध को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त माना जाएगा। इसमें लेबनान समेत सभी मोर्चे शामिल होंगे। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी प्रकार की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई, बल प्रयोग या बल प्रयोग की धमकी से दूर रहने का वचन देते हैं। अंतिम समझौते में इस अनुच्छेद और अन्य सभी अनुच्छेदों की पुष्टि की जाएगी।
  2. ईरान और अमेरिका एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे तथा एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  3. दोनों देश अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत कर उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे। आपसी सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है।
  4. समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करेगा, ईरान के खिलाफ किसी भी तरह के हस्तक्षेप या बाधा को रोकेगा और अधिकतम 30 दिनों के भीतर समुद्री यातायात को पूरी क्षमता के साथ बहाल करेगा। जहाजों की आवाजाही युद्ध के पहले की तरह सुचारू हो जाएगी। अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर अमेरिका आसपास के क्षेत्रों से अपनी सैन्य मौजूदगी भी हटाएगा।
  5. ईरान समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद यह सुनिश्चित करेगा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच व्यापरिक जहाजों की आवाजाही 30 दिनों के भीतर युद्ध-पूर्व स्तर तक बहाल हो जाए। इसके लिए तकनीकी बाधाओं को दूर करने और समुद्री बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने की आवश्यकता को ध्यान में रखा जाएगा।
  6. अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता वाली व्यापक योजना तैयार करेगा। इसकी कार्यान्वयन व्यवस्था 60 दिनों के भीतर तय की जाएगी।
  7. अमेरिका अंतिम समझौते के तहत तय समयसीमा के अनुसार ईरान पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंध समाप्त करेगा। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और अमेरिका के प्राथमिक व द्वितीयक प्रतिबंध शामिल होंगे।
  8. ईरान दोहराता है कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। समृद्ध यूरेनियम और अन्य परमाणु मुद्दों, साथ ही ईरान की परमाणु जरूरतों का समाधान अंतिम समझौते में किया जाएगा।
  9. अंतिम समझौता होने तक दोनों देश मौजूदा स्थिति बनाए रखेंगे। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं करेगा और अमेरिका ईरान पर नए प्रतिबंध नहीं लगाएगा तथा क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत नहीं बढ़ाएगा।
  10. समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद और प्रतिबंध हटने तक अमेरिका का वित्त मंत्रालय ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनसे जुड़े बैंकिंग, बीमा, परिवहन जैसी सेवाओं के निर्यात के लिए आवश्यक छूट जारी करेगा।
  11. अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि वार्ता में प्रगति के साथ ईरान की फ्रिज या अटैच संपत्तियां और धनराशि जारी कर दी जाए। इन फंड्स का उपयोग ईरान का केंद्रीय बैंक अपनी जरूरत के अनुसार कर सकेगा। इसके लिए अमेरिका आवश्यक अनुमति और लाइसेंस जारी करेगा।
  12. ईरान और अमेरिका अंतिम समझौते के सफल क्रियान्वयन और भविष्य में उसके पालन की निगरानी के लिए एक मैकेनिज्म स्थापित करेंगे।
  13. इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और अनुच्छेद 4, 5, 10 और 11 के लागू होने की गारंटी मिलने के बाद, दोनों देश केवल शेष बचे प्रावधानों पर अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू करेंगे।
  14. अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के बाध्यकारी प्रस्ताव के जरिए मंजूरी दी जाएगी।

Gold Price: एमसीएक्स पर सोना 800 रुपये सस्ता, चांदी भी फिसली, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमत में शुरुआती कारोबार में आज गिरावट आई है। एमसीएक्स पर सोने की कीमत में करीब 800 रुपये की गिरावट आई है जबकि चांदी की कीमत 1,328 रुपये फिसली है। पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद में कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है।

इससे महंगाई कम होने की उम्मीद है। इसका असर सोने और चांदी की कीमत पर दिख रहा है। सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में गिरावट आई है जबकि चांदी फ्लैट ट्रेड कर कर रही है।

एमसीएक्स पर 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,53,091 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। आज यह 1,52,800 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में 1,52,301 रुपये तक लुढ़का।

10.45 बजे यह 541 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,550 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। चांदी भी शुरुआती कारोबार में 1,328 रुपये तक गिरकर 2,48,777 रुपये तक फिसली। अभी यह 202 रुपये नीचे 2,49,903 रुपये पर ट्रेड कर रही है।

सर्राफा बाजार में कीमत
सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में गिरावट आई है। गुड रिटर्न्स के मुताबिक 24 कैरेट वाला सोना 270 रुपये की गिरावट के साथ 1,51,100 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट वाले सोने में 250 रुपये की गिरावट आई है और यह 1,38,500 रुपये पर आ गया है। 18 कैरेट वाला सोना भी 210 रुपये नीचे 1,13,320 रुपये पर है। चांदी 2,65,000 रुपये पर फ्लैट ट्रेड कर रही है।

Stock Market: सेंसेक्स 259 अंक चढ़कर 77 हजार के पार, निफ्टी 24050 के करीब

नई दिल्ली। Stock Market Update : अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के फैसले से पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

दोपहर 12 बजे तक, सेंसेक्स 259.58 अंक यानी 0.34 फीसदी की बढ़त के साथ 77,068.06 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी50 65.60 अंक यानी 0.27 फीसदी चढ़कर 24,054.75 पर पहुंच गया।

दुनियाभर के निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के नतीजों पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और उन्हें 3.5 से 3.75 फीसदी के दायरे में बरकरार रख सकता है।

बाजार की नजर फेड अधिकारियों की महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी रहेगी। हाल के भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशक अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर संकेत तलाश रहे हैं।

निफ्टी50 में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल रहे।

वहीं, व्यापक बाजार में खरीदारी का रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.47 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.68 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मेटल और रियल्टी शेयरों में दबाव देखने को मिला। दूसरी ओर आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मजबूती दर्ज की गई।

ट्रंप ने फिर बढ़ाई भारत की टेंशन, रूस से तेल खरीद पर लगाएगा प्रतिबंध

नई दिल्‍ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की टेंशन फिर बढ़ा दी है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान के साथ मिडिल ईस्‍ट संघर्ष खत्म करने के समझौते के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू हो गई है।

ऐसे में वॉशिंगटन जल्द ही रूसी तेल शिपमेंट पर फिर से प्रतिबंध लगाने की स्थिति में होगा। भारत अपनी जरूरत का आधे से ज्‍यादा क्रूड रूस से इंपोर्ट कर रहा है। ऐसे में अगर रूस पर प्रतिबंध लगते हैं तो उसका भारत पर असर पड़ना लाजिमी है।

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘जल्द ही हम ऐसा (रूस पर सैंक्‍शन) कर पाएंगे क्योंकि ईरान के साथ समझौते के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल का प्रवाह हो रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब G7 नेता यूक्रेन पर हमले को लेकर मॉस्को पर दबाव बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने जैसे उपायों पर भी विचार किया जा रहा था।

प्रतिबंधों में छूट से दबाव हुआ था कम
अमेरिका ने पहले रूसी तेल के कुछ ऐसे शिपमेंट के लिए अस्थायी रूप से प्रतिबंधों में छूट दी थी। उसे बढ़ाया भी था। यह छूट उन खेपों के लिए थी जो पहले से ही समंदर में थे। साथ ही जिनकी आवाजाही जारी रहनी थी। इस कदम ने रूस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे कुछ यूरोपीय सहयोगियों के बीच चिंता पैदा कर दी थी। मार्च में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बाद अमेरिका ने रूसी तेल शिपमेंट पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी थी। बाद में यूक्रेन युद्ध जारी रहने के कारण इस छूट को बढ़ा दिया गया था।

यह छूट तब दी गई थी जब ग्‍लोबल क्रूड ऑयल के बाजारों को पश्चिम एशिया में संघर्ष और ऊर्जा के लिए अहम रास्ते ‘होर्मुज स्‍ट्रेट’ के आसपास रुकावटों के कारण सप्लाई से जुड़ी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा था।

रूस पर जेलेंस्की ने लगाया यह आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि G7 नेता यूक्रेन का समर्थन करने में एकजुट हैं। उनका मानना है कि कीव युद्धविराम के लिए बातचीत को तैयार है। साथ ही, उन्होंने रूस पर शांति के प्रति गंभीर इरादा न दिखाने का आरोप लगाया। जेलेंस्की ने कहा, ‘आज पूरा ‘सेवन’ (G7 समूह) सर्वसम्मति से यूक्रेन का समर्थन करता है।’ G7 की ये चर्चाएं ऊर्जा सुरक्षा और प्रतिबंधों को लागू करने को लेकर व्यापक चिंताओं के बीच भी हुईं। यूरोपीय नेता रूस के तेल और गैस से होने वाली कमाई के खिलाफ सख्त उपायों की मांग कर रहे हैं। कारण कि यह मॉस्को के युद्ध प्रयासों के लिए फंडिंग का एक बड़ा स्रोत बना हुआ है।

भारत के लिए इसलिए बढ़ी टेंशन
भारत के नजरिए से यह चिंता का विषय है। कारण है कि रूस अभी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्‍लायर है। भारत अपनी जरूरत का 53% कच्चा तेल अकेले रूस से आयात कर रहा है।

अगर अमेरिका रूसी तेल पर दोबारा कड़े प्रतिबंध लागू करता है तो भारत के लिए रूस से सस्ता तेल खरीदना मुश्किल हो जाएगा। यही नहीं, भारतीय रिफाइनरियों को ‘सेकेंडरी सैंक्‍शंस’ का खतरा झेलना पड़ सकता है।

इसके चलते भारत को अन्य महंगे विकल्पों की ओर रुख करना पड़ सकता है। इससे देश का आयात बिल बढ़ेगा। घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हो जाएगा।

कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे, क्या भारत में घट गए पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) फिर से खोलने के अमेरिका और ईरान के बीच सुलह (U.S.-Iran agreement) का फायदा दिखा। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही शुरू होने का असर यह दिखा कि बीते एक मार्च के बाद पहली बार कच्चे तेल का दाम 80 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे आ गया।

हालांकि, भारत में पेट्रोल-डीजल बेचने वाली सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार, 17 जून 2026 को भी दाम में कोई बदलाव नहीं किया। यहां इस साल 25 मई के बाद दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

पिछले महीने 4 बार बढ़े हैं दाम
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव बीतने के बाद ही पेट्रोलियम कंपनियों ने बीते मई महीने में चार बार दाम बढ़ा चुकी है। ऐसा महज 11 दिनों में हुआ है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने सबसे पहले 15 मई 2026 को पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.29 पैसे महंगा किया था।

इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे, 23 मई 2026 को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे और 25 मई 2026 को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा किया था। उसके बाद दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

4 महानगरों में पेट्रोल का दाम
तेल कंपनियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। कोलकाता में इसकी कीमत 113.51 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये और चेन्नई में 107.77 रुपये है।

डीजल की कीमत
सरकारी ऑयल कंपनियों के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में डीजल का प्रति लीटर दाम 95.20 रुपये है। कोलकाता में यह 99.02 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर है।