Thursday, May 7, 2026
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Mustard: व्यापारिक मांग कमजोर रहने से बीते सप्ताह सरसों की कीमतें गिरी

नई दिल्ली। Mustard Price: रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहनी फसल- सरसों की आवक का अभी पीक सीजन चल रहा है। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में सरसों की जोरदार आपूर्ति होने तथा व्यापारिक मांग कुछ कमजोर रहने से 11-17 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान इसकी कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ गई।

42% कंडीशन सरसों: 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली एवं जयपुर में 50 रुपए गिरकर क्रमशः 6750 रुपए प्रति क्विटल एवं 7150 रुपए प्रति क्विटल रह गया। इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमतों में भी नरमी दर्ज की गई। कोटा में भाव 200 रुपए घटकर 6000/6600 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की मंडियां भी कमजोर रहीं।

सरसों तेल: सरसों तेल एक्सपेतर तथा कच्ची घानी की कीमतों में 1 से 4 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ गई। बल्क खरीदारों ने लिवाली में कम दिलचस्पी दिखाई। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 15 रुपए गिरकर 1435 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुरैना में कच्ची घानी का दाम 40 रुपए घटकर 1430 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। अन्य केन्द्रों में सरसों तेल के मूल्य में प्रति 10 किलो पर 10 से 20 रुपए तक की नरमी देखी गई।

आवक: राष्ट्रीय स्तर पर मंडियों में सरसों की दैनिक आवक 11 अप्रैल को 11 लाख बोरी, 13 अप्रैल को भी 11 लाख बोरी, 14 अप्रैल को 9 लाख बोरी, 15 अप्रैल को 11 लाख बोरी, 16 अप्रैल को 10 लाख बोरी तथा 17 अप्रैल को 9.50 लाख बोरी दर्ज की गई जबकि प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है।

सरसों खल (डीओसी): सरसों खल एवं डीओसी का हाल भी सरसों सीड एवं सरसों तेल जैसा ही रहा। कमजोर कारोबार के पास इसके दाम में 100-200 रुपए की गिरावट देखी गई। निर्यातकों की लिवाली कम हुई।

मंडी भाव: कीमतों में थोड़ी नरमी आने के बावजूद सरसों का थोक मंडी भाव अभी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचा चल रहा है इसलिए नैफेड एवं हैफेड जैसी सरकारी एजेंसियों को इसकी खरीद में ज्यादा सफलता नहीं मिल रही है।

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर बंद किया, आने-जाने वाले जहाजों पर फायरिंग

नई दिल्ली। US-Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच टकराव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को ईरान ने अहम जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद करने का ऐलान कर दिया और वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर फायरिंग भी की।

ईरान का कहना है कि यह कदम उसने अमेरिका द्वारा उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखने के जवाब में उठाया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक इस रास्ते को बंद रखा जाएगा।

गार्ड की ओर से यह भी कहा गया है कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में खड़े किसी भी जहाज को अपनी जगह से हिलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर कोई जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब जाता है, तो उसे दुश्मन का साथ देने जैसा माना जाएगा और उस पर कार्रवाई की जाएगी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुजदुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20 फीसदी वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में इसके बंद होने से पहले से चल रहे वैश्विक ऊर्जा संकट के और गहराने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के आठवें हफ्ते में हालात और बिगड़ने की आशंका भी बढ़ गई है।

मध्य पूर्व में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा नाजुक युद्धविराम बुधवार तक खत्म होने वाला है। इस बीच ईरान ने कहा है कि उसे अमेरिका की ओर से नए प्रस्ताव मिले हैं और पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच एक और दौर की सीधी बातचीत कराने की कोशिश की जा रही है।

ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अब फिर से उसका नियंत्रण पहले जैसा हो गया है और वहां सेना की कड़ी निगरानी में संचालन किया जा रहा है।

उधर, समुद्र में तनाव की स्थिति भी बनी हुई है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की गनबोट्स ने एक तेल टैंकर पर फायरिंग की, जबकि एक कंटेनर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे उसके कुछ कंटेनर क्षतिग्रस्त हो गए।

भारत ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब किया और भारत के झंडे वाले दो व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग को गंभीर मामला बताया। खास बात यह है कि इससे पहले ईरान ने भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया था।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करना ईरान के लिए एक बड़ा रणनीतिक हथियार है। यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ा सकता है। वहीं अमेरिका के लिए यह नाकेबंदी ईरान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर और दबाव बनाने का जरिया है।

इस बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने सख्त रुख दिखाते हुए कहा है कि देश की नौसेना अपने दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। गौरतलब है कि अपने पिता की मौत के बाद पद संभालने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।

ईरान ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल रहा है। यह फैसला इजरायल और लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन के युद्धविराम के बाद लिया गया। जलडमरूमध्य खुलने की खबर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

हालांकि, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक तेहरान अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचता। पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच हुई आमने-सामने की अहम बातचीत बिना नतीजे के खत्म होने के बाद ट्रंप ने यह सख्त कदम उठाया था।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, नाकेबंदी शुरू होने के बाद से अब तक 23 जहाजों को ईरान की ओर वापस भेजा जा चुका है। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतिबजादेह ने कहा कि अमेरिका के ये कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे युद्धविराम की पूरी प्रक्रिया भी कमजोर पड़ सकती है।

वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अमेरिकी नाकेबंदी को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। परिषद ने कहा है कि वह जलडमरूमध्य को किसी भी तरह के आंशिक या शर्तों के साथ खोलने की कोशिशों को रोकने के लिए तैयार है। हाल के समय में यह परिषद देश के प्रमुख फैसले लेने वाली संस्था के रूप में उभरी है।

खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपना रुख और सख्त कर लिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने साफ कहा है कि जब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर उसकी नजर और नियंत्रण बना रहेगा। इसके तहत ईरान ने अपने तय किए गए समुद्री मार्गों का पालन, शुल्क भुगतान और ट्रांजिट सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य करने का संकेत दिया है।

वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना के बयान ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसमें कहा गया है कि फिलहाल किसी भी जहाज को इस जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

यह तनातनी ऐसे समय बढ़ी है जब पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश में जुटा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद कम करने की कोशिश कर रहा है। अगले हफ्ते पाकिस्तान में बातचीत का दूसरा दौर हो सकता है।

ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख की हालिया यात्रा के दौरान अमेरिका की तरफ से कुछ नए प्रस्ताव दिए गए हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, ईरान फिलहाल सीधे बातचीत के लिए तैयार नहीं है। उसका कहना है कि अमेरिका अपने सख्त रुख से पीछे नहीं हटा है।

हॉर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों पर फायरिंग, भारत ने ईरानी राजदूत को किया तलब

नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को ईरान के राजदूत मोहम्मद फतेह अली को तलब किया। आज दोपहर दो भारतीय जहाजों को हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स की फायरिंग के बाद रास्ता बदलना पड़ा था।

इनमें एक सुपरटैंकर भी शामिल था, जो इराकी तेल ले जा रहा था। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, टैंकरट्रैकर्स.कॉम ने यह जानकारी दी। ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन जहाजों पर फायरिंग की, जिसके बाद वे मुड़ गए।

सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर राजदूत के सामने जोरदार विरोध दर्ज कराया। हालांकि, विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि ईरान ने आज होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया था। ईरान का आरोप था कि अमेरिका सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है इसलिए 24 घंटे के भीतर उसने अपने फैसले को बदला है।

ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट को कुछ देर के लिए खोलने के फैसले को पलट दिया। अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए ब्लॉकेड को जारी रखने के बीच ईरान ने जहाजों पर फायरिंग शुरू कर दी।

ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड ने शनिवार को कहा कि स्ट्रेट अब पहले जैसी स्थिति में लौट आया है और उस पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने साफ किया कि जब तक अमेरिका का ब्लॉकेड जारी रहेगा, तब तक यहां आवाजाही सीमित रहेगी।

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड के गनबोट्स ने एक टैंकर पर फायरिंग की। एक अलग कंटेनर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसमें माल को नुकसान पहुंचा।

बता दें कि हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के करीब एक-पांचवें तेल के परिवहन का रास्ता है। यहां की अनिश्चितता से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान दोनों पक्ष अब अगले हफ्ते के बीच में खत्म होने वाले सीजफायर को बढ़ाने के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

सांगोद एवं सुल्तानपुर मंडियों में 7.28 करोड़ के विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति

कोटा/ सुल्तानपुर/सांगोद। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के प्रयासों से क्षेत्र के किसानों की सुविधाओं और कृषि विपणन ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।

राजस्थान सरकार के कृषि विपणन निदेशालय, जयपुर ने कोटा (अनाज) मंडी के अंतर्गत आने वाले सांगोद और सुल्तानपुर सब-यार्ड में विभिन्न नवीन निर्माण कार्यों के लिए 728.34 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस स्वीकृति से क्षेत्र के किसानों को फसल बेचने और उनके भंडारण के लिए आधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। जिससे लंबे समय से चली आ रही आधारभूत ढाँचे की मांग पूरी होगी।

जारी आदेश के अनुसार, सांगोद सब-यार्ड में किसानों की सुविधा के लिए 705.73 लाख रुपए की लागत से 400’×100′ आकार के विशाल ‘सेल्फ सपोर्टिंग मेटल डोम रूफिंग’ ऑक्शन प्लेटफार्म का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही वहां आवागमन को सुगम बनाने के लिए सर्कुलेटिंग और एप्रोच रोड का निर्माण भी किया जाएगा। इस आधुनिक डोम शेड के बनने से किसानों की फसलें मौसम की मार और बारिश से सुरक्षित रह सकेंगी।

​निर्माण कार्यों के साथ-साथ मंडियों के आधुनिकीकरण और सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विभाग द्वारा सांगोद और सुल्तानपुर सब-यार्ड में विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 22.61 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

इसके तहत सांगोद मंडी यार्ड में सर्विस कनेक्शन और स्ट्रीट लाइट स्थापना के लिए 7.12 लाख रुपए तथा सुल्तानपुर सब-यार्ड में 15.49 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से मंडी परिसर रात्रि के समय भी दूधिया रोशनी से सराबोर रहेंगे। जिससे किसानों और व्यापारियों को कार्य करने में सुगमता होगी।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि इन सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और सार्वजनिक निर्माण विभाग के मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। ऊर्जा मंत्री ने इस बड़ी सौगात के लिए मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास और उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने हेतु बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए संकल्पबद्ध है। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से सांगोद विधानसभा क्षेत्र के हजारों किसानों को सीधा लाभ पहुँचेगा।

कृषि क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है
“सांगोद और सुल्तानपुर की मंडियों का कायाकल्प होना क्षेत्र के किसानों की पुरानी मांग थी। इस बड़ी सौगात के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री, प्रदेश के कृषि मंत्री और विशेष रूप से कोटा-बूंदी सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का हृदय से आभार है। ओम बिरला जी के मार्गदर्शन और केंद्र व राज्य सरकार के समन्वय से ही हाड़ौती के किसानों को निरंतर नई सुविधाएं मिल रही हैं। उनके प्रयासों से ही कृषि क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ‘अन्नदाता’ के कल्याण के लिए समर्पित है। कृषि उपज मंडी समिति कोटा अनाज के माध्यम से होने वाले इन कार्यों से स्थानीय व्यापार को भी नई ऊंचाइयां मिलेंगी।” हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री

एलन करियर इंस्टीट्यूट के 38 वर्ष पूर्ण होने पर निदेशक राजेश माहेश्वरी का सम्मान

कोटा। सुवि नेत्र चिकित्सालय एवं लेसिक लेजर सेंटर, तलवंडी, कोटा में शनिवार को एलन करियर इंस्टीट्यूट के गौरवमयी 38 वर्ष पूर्ण होने पर संस्थान के निदेशक राजेश माहेश्वरी का अभिनंदन किया गया।

सुवि नेत्र चिकित्सालय, कोटा के निदेशक डाॅ. सुरेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि एलन करियर इंस्टीट्यूट देश के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को संस्कारित शिक्षा देकर ‘संस्कार से सफलता तक’ के अपने मूल मंत्र के साथ निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहा है। बीते 38 वर्षों में एलन ने न केवल कोटा, बल्कि पूरे भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित की है।

कार्यक्रम में सुवि नेत्र चिकित्सालय की निदेशिका डाॅ. विदुषी शर्मा, नेत्र विशेषज्ञ डाॅ. सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, रेटिना विशेषज्ञ डाॅ. निपुण बागरेचा तथा, महाराष्ट्र के डाॅ. राहुल पँवार, सूरत के डाॅ. योगेश मांगुकिया , आंध्र प्रदेश की डाॅ. सुवर्णा येलगुरी तथा एलन कोचिंग के डाॅ. संजय सोनी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

एलन के संस्थापक राजेश माहेश्वरी ने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, सतत अभ्यास और दृृढ़ इच्छाशक्ति से प्राप्त होती है। एलन जैसे संस्थान विद्यार्थियों को यह सिखाते हैं कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में बाधा नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर होती हैं।

कोटा विश्वविद्यालय में 160 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण

कोटा। कोटा विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में शनिवार को 160 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया गया। विश्वविद्यालय के सम्पदा अधिकारी संजीव कुमार दुबे के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना आवास फाउण्डेशन द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) योजना के तहत की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत द्वारा की गयी। कार्यक्रम में विधायक संदीप शर्मा मुख्य अतिथि रहे। आवास फाउण्डेशन के सत्यजीत तिवारी (सी.एस.आर. हैड) एवं भुवनेश गौड़ (स्टेट हैड) विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित रहे।

रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष एवं फार्मेसी विभाग के समन्वयक प्रो. भवानी सिंह ने सत्यजीत तिवारी ने आवास फाउण्डेशन के सामाजिक-दायित्वों पर प्रकाश डाला।

उन्होने बताया कि आवास फाउण्डेशन द्वारा पर्यावरण, सौलर, महिला सशक्तिकरण एवं गरीबी उन्मूलन के अनेक कार्यक्रमों का सी.एस.आर. योजना के तहत् क्रियान्वयन किया जाता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संदीप शर्मा ने कहा कि कुलगुरु के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अन्य स्त्रोतों के दोहन से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है परन्तु सौर ऊर्जा प्राकृतिक एवं जीरो कार्बन उत्सर्जन करने वाला ऊर्जा स्त्रोत है।

कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने आवास फाउण्डेशन द्वारा पूर्व में विश्वविद्यालय की छात्राओं हेतु हेलमेट वितरण कार्यक्रम को रेखांकित करते हुए फाउण्डेशन के पदाधिकारियों की सराहना की।

प्रो. सारस्वत जी ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कार्मिकों और विद्यार्थियों को यह सलाह दी कि आप जिस संस्था में कार्य करते हो अथवा शिक्षा ग्रहण करते हो उस संस्था के प्रति सदैव आत्मीय लगाव रखें।

एलन दिवस पर हुए सेवा कार्य, भजन संध्या के साथ मनाया फागोत्सव

कोटा। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का स्थापना दिवस शनिवार को कोटा के साथ देशभर के केन्द्रों पर भक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। एलन दिवस पर देशभर के केन्द्रों पर कई सेवा कार्यों के साथ कई आध्यात्मिक कार्यक्रम हुए।

कोटा में स्थापना दिवस का मुख्य समारोह इन्द्रविहार स्थित एलन समर्थ कैम्पस में भजन संध्या के रूप में हुआ। यहां फागोत्सव के गीतों के बीच एलन परिवार के हजारों सदस्य भजनों पर झूमे, डांडिया खेले और एक दूसरे को एलन दिवस की बधाई दी।

कार्यक्रम में एलन के निदेशक डॉ. गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी एवं डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने एलन परिवार के सभी सदस्यों को एलन के गौरवशाली 38 वर्ष पूर्ण करने पर उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि संस्कार से सफलता तक की इस यात्रा में अब तक एलन 40 लाख परिवारों का भरोसा जीत चुका है। यह यात्रा और बेहतर तरीके से जारी रहेगी।

कार्यक्रम में श्री बृज गुरुकुलम् के धु्रव शर्मा एवं स्वर्णाश्री द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों ने उपस्थित सभी लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। इसके साथ ही फागोत्सव और डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को आनंदमय बना दिया।

इससे पूर्व ऑल स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी की ओर से दिनभर एलन दिवस के तहत कई सेवाकार्य भी किए गए। शहर और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के चयनित सरकारी स्कूलों व सड़क किनारे बालआंगन में पढ़ने वाले खानाबदोश परिवारों के बच्चों को स्कूल बैग व छाते वितरित किए गए। इसके साथ ही वृद्धाश्रमों व अनाथालयों में भी सेवाकार्य किए गए। गौवंश के लिए चारा, कबूतरों को ज्वार और अन्य परोपकारी कार्य भी किए गए।

कोटा के पहले निजी औद्योगिक क्षेत्र अर्बना टेक्नोपार्क का शुभारंभ

यह प्रोजेक्ट उद्योगों के समग्र विकास के लिए आवश्यक इकोसिस्टम प्रदान करेगा: मूंदड़ा

कोटा। शहर के पहले निजी औद्योगिक पार्क अर्बना टेक्नोपार्क का शुभारंभ शनिवार को समारोहपूर्वक हुआ, जिसमे विभित्र औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों, उद्योगपतियों, युवा उद्यमियों जनप्रतिनिधियों एवं समाज सेवियों ने भाग लिया।

कंपनी के निदेशक अनिल मूंदड़ा ने बताया कि उपस्थित उद्यमियों ने परियोजना की संरचना, सुविधाओं को देखते हुए निवेश और युवा उद्यमियों के लिए ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ बताया। कम्पनी निदेशक बी.डी. मूंदड़ा ने बताया कि अर्बना टेक्नो पार्क केवल औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। बल्कि यह उद्योगों के समग्र विकास के लिए आवश्यक इकोसिस्टम प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विशेष रूप से कोटा को पुनः औद्योगिक पहचान दिलाने में सहायक बनेगी।

इस अवसर पर अखिल भारतीय माहेश्वरी संगठन (पश्चिमांचल) के उपसभापति राजेश बिरला ने कहा की कोटा शैक्षणिक, पर्यटक नगरी के साथ-साथ पुनः औद्योगिक नगरी की ओर अपने कदम बढ़ा रहा है। इस अर्बना टेक्नो पार्क में उद्यमियों एवं व्यवसाईयों को अपने उद्योग लगाने में सरल प्रक्रिया के तहत भूखण्ड के साथ समस्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने कहा कि एक प्राइवेट औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से उद्यमियों को बिना किसी सरकारी झंझटों के अपने उद्योगों के लिए फ्री लैंड के तहत भुखण्ड मिलेंगे, जिसमें किसी भी प्रकार का सरकारी दखल नहीं होगा।

आने वाले समय में हाडोती धीरे-धीरे पर्यटन नगरी की ओर अग्रसर हो रहा है और मुकुंदरा अभ्यारण्य के बिल्कुल नजदीक होने से यहां पर सभी तरह के उद्योग एवं होटल के लिए एक सुनहरा मौका है। इससे कोटा के औद्योगिक विकास के साथ-साथ यहां पर रोजगार के नए क्षेत्र भी विकसित होंगे।

दी एस एस आई एसोसियेशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल ने कहा के इस प्रोजेक्ट की यहां पर अत्यंत आवश्यकता थी। लंबे समय से इस क्षेत्र के उद्योगों के लिए तैयार भूमि का अभाव था, जिसे इस परियोजना ने दूर किया है। यह परियोजना कोटा के औद्योगिक निवेश को एक नई गति देगी और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी।

निदेशक पवन मूंदड़ा ने बताया कि अर्बना टेक्नोपार्क NH-52 पर मंडाना टोल प्लाजा के समीप, कोटा झालावाड़ हाईवे पर शहर से लगभग 22 किमी की दूरी पर है। यह प्रोजेक्ट रेडी-टू-यूज़ इंडस्ट्रियल लैंड है, जहां क्षेत्र में पहली बार विकसित और अनुमोदित औद्योगिक भूमि उपलब्ध है। यहा 500 से 20,000 वर्गमीटर तक के प्लॉट, MSME से लेकर बड़े उद्योगों तक के लिए उपयुक्त है।

नए उद्यमियों को उद्योग स्थापना से संचालन सहित राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) के अंतर्गत लाभ मिलेगा। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बिजली, पानी, आवश्यक सुविधाएं विकसित भी है। इसके शुभारंभ समारोह में कोटा के साथ-साथ जयपुर और राज्य के कई शहरों के व्यापारी उद्यमी शामिल हुए जिन्होंने इस औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर देखा।

इस अवसर पर जयपुर में आए विशेषज्ञों ने उपस्थित उद्यमियों को नए उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं और औपचारिकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उद्योग की स्थापना से जुड़ी तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधकीय जानकारी देकर उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी उद्योगों से संबंधित कसल्टेंसी और मार्गदर्शन की सेवाएं निरंतर जारी रहेंगी।

समारोह में कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, मोशन के निदेशक नितिन विजय, बिल्डर दीपक राजवंशी, भाजपा के वरिष्ठ नेता पंकज मेहता सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक प्रमुख रूप से शामिल हुए। सभी ने इसे कोटा के भविष्य के लिए निर्णायक पहल बताया। इस दौरान विशेषज्ञों ने उद्यमियों का मार्ग दर्शन भी किया। परियोजना के सेल्स एवं मार्केटिंग पार्टनर भारत लैंडमार्क रियल्टी एलएलपी के संचालन एवं निष्पादन का कार्य कुणाल गुप्ता एवं सहज पोद्वार के निर्देशन में किया जा रहा है।

कोटा एक बार फिर औद्योगिक नगरी का ताज पहनेगा: अनिल मूंदड़ा

इस दौरान पत्रकार वार्ता में अर्बना टेक्नोपार्क के निदेशक अनिल मूंदड़ा ने कहा कि अर्बना टेक्नोंपार्क केवल एक औद्योगिक पार्क नहीं है। “कोटा एक बार फिर औद्योगिक नगरी का ताज पहनेगा और अर्बना टेक्नोपार्क उस ताज की पहली कडी है।

उन्होंने कहा कि वे युवा उद्यमियों को केवल जमीन नहीं बेच रहे, बल्कि एक उद्यमी का सपना खड़ा करने में भागीदार बन रहे हैं। भारत एलएलपी के कुणाल गुप्ता एवं सहज पोद्वार ने पत्रकारों को बताया कि प्रथम चरण में 2,29,000 वर्गमीटर का आद्योगिक एवं वाणिज्यिक भूमि उपलब्ध है।

500 से 20,000 वर्गमीटर तक के भूखंड यानी कि नया उद्यमी हो या स्थापित उद्योगपति, दोनों के लिए द्वार खुले हैं। सबसे बड़ी बात है शुभारंभ से पहले ही 70,000 वर्गमीटर से अधिक भूमि की बिक्री हो चुकी है। यह आंकड़ा इस प्रोजेक्ट की खूबियों, आवश्यकता व उपयोगिता के प्रति उद्यमियों का रुझान बताता है।

उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी तरह रेरा में पंजीकृत है। कलेक्टर, कोटा द्वारा ले आउट प्लान अनुमोदित है। इसमें राजस्थान निर्देश प्रोत्साहन योजना (HIPS) के तहत निवेशकों को विशेष सरकारी लाभ भी मिलेगा।

Kota Mandi: वायदा तेज रहने से कोटा मंडी में धनिया 100 रुपये उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडीईएक्स पर वायदा में 4 फीसदी तेजी का सर्किट लगने से भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को धनिया 100 रुपये उछल गया। लहसुन बेस्ट 300 ऊंचा बिका। चना 50 रुपये तेज बिका। कमजोर उठाव से सोयाबीन एवं सरसों 50 रुपये मंदी बिकी।

एनसीडीईएक्स पर धनिया का अप्रैल वायदा 498 रुपये यानी 4 फीसदी तेजी के सर्किट के साथ बढ़कर 12984 रुपए, मई वायदा 418 रुपये तेज होकर 13226 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब दो लाख कट्टे और लहसुन की 14000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2250 से 2300, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2350 से 2450, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2650, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1700, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3801, धान (1509) 3400 से 4400, धान (1847) 3200 से 4401, धान (1718-1885) 4000 से 4750, धान (पूसा-1) 3000 से 4300, धान (1401-1886) 4100 से 4550, धान दागी 1500 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4500 से 5600, सोयाबीन बीज क्वालिटी 5600 से 5700, सरसों 6200 से 6701, अलसी 6800 से 7600, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5350, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5351, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 13500, मैथी नयी 5800 से 6250, धनिया बादामी 10800 से 11800, धनिया ईगल 11500 से 12500,धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तीन दिवसीय कोटा-बून्दी प्रवास पर

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रविवार से अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बून्दी के तीन दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

रविवार प्रातः 8.30 बजे वे बालाजी नगर स्थित परशुराम वाटिका में आयोजित परशुराम जयंती महोत्सव में भाग लेंगे। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे गणेश नगर स्थित श्री देवनारायण बड़ा मंदिर में श्री वीर गुर्जर समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित होंगे।

दोपहर 12.30 बजे दशहरा मैदान में यादव समाज द्वारा आयोजित अनाथ एवं विधवा महिलाओं की पुत्रियों के निःशुल्क विवाह सम्मेलन में भाग लेंगे।

दोपहर 3 बजे वे बून्दी जिले के कापरेन में सत्ताईसा मेघवाल समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होंगे। शाम 5:30 बजे बून्दी स्थित परशुराम वाटिका में सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।