परिवर्तन से ही होगा सशक्त एवं संस्कारित समाज का निर्माण: झा

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कोटा। विद्या भारती शिक्षा संस्थान, कोटा द्वारा आयोजित आठ दिवसीय पूर्ण आवासीय नवीन आचार्य एवं आधारभूत विषय प्रशिक्षण वर्ग के पांचवें दिन मुख्य वक्ता प्रांत निरीक्षक, चित्तौड़ प्रांत विद्या भारती नवीन कुमार झा ने “पंच परिवर्तन” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को सकारात्मक दिशा देने के लिए पंच परिवर्तन की अवधारणा अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली तथा नागरिक कर्तव्यों के पालन को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि प्रत्येक आचार्य को इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात कर विद्यार्थियों एवं समाज तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कारवान एवं राष्ट्रभक्त नागरिकों के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

श्री झा ने भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति एवं जीवन मूल्यों की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को भारतीयता से जोड़ना समय की आवश्यकता है। प्रशिक्षण वर्ग में शिक्षकों को भारतीय शिक्षा पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षण तथा संगठनात्मक कार्यों के विभिन्न आयामों की जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य नवीन आचार्यों को विद्या भारती की कार्यपद्धति, शैक्षिक दर्शन एवं राष्ट्रीय दृष्टिकोण से परिचित कराना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भारती शिक्षा संस्थान, कोटा के जिला अध्यक्ष महावीर प्रसाद गौतम ने की।

जिला सचिव सतीश कुमार गौतम ने बताया कि इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित व्यवसायी अरविंद भाई पटेल एवं हंसमुख भाई पटेल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश शर्मा, जिला विद्या भारती मंत्री देवेंद्र कुमार जैन, चित्तौड़ प्रांत सहमंत्री विमल कुमार जैन सहित वर्ग के आचार्य एवं प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।