Friday, July 10, 2026
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JEE Advanced 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 2 मई तक कर सकते हैं आवेदन

नई दिल्ली। JEE Advanced 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा जेईई एडवांस 2026 की आवेदन प्रक्रिया आज यानी 23 अप्रैल से शुरू हो चुकी है।

आवेदन की अंतिम तिथि 2 मई निर्धारित की गई है, जबकि छात्र 4 मई तक अपना आवेदन शुल्क जमा कर सकेंगे। यह उन छात्रों के लिए है जिन्होंने जेईई मेन 2026 में सफलता दर्ज की है। आवेदन फॉर्म अब ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर उपलब्ध है।

रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए अभ्यर्थियों को अपने JEE Main एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करना होगा। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया के दौरान अपना वैध श्रेणी प्रमाण पत्र भी अपलोड करना आवश्यक होगा। JEE Advanced 2026 आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 2 मई, 2026 निर्धारित की गई है।

कैसे भरें आवेदन फॉर्म

  • सबसे पहले JEE Advanced 2026 की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • JEE Main 2026 के लिए उपलब्ध रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • JEE Main 2026 एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड की सहायता से लॉग इन करें।
  • सभी आवश्यक व्यक्तिगत, शैक्षणिक और संपर्क विवरण सावधानीपूर्वक भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज जैसे फोटोग्राफ, सिग्नेचर और (यदि लागू हो) कैटेगरी सर्टिफिकेट अपलोड करें।
  • उपलब्ध ऑनलाइन भुगतान विकल्प के माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें।

कौन कर सकता है आवेदन

  • जो उम्मीदवार JEE Main 2026 में टॉप 2.5 लाख रैंक के भीतर आते हैं या आधिकारिक कटऑफ से अधिक स्कोर करते हैं, वे आवेदन के पात्र होंगे।
  • अभ्यर्थी का जन्म 1 अक्टूबर, 2001 को या उसके बाद होना चाहिए। आरक्षित श्रेणी के लिए यह तिथि 1 अक्टूबर, 2006 तक शिथिल है।
  • उम्मीदवारों ने वर्ष 2025 या 2026 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित मुख्य विषयों के साथ कक्षा 12 (या समकक्ष) परीक्षा उत्तीर्ण की हो।

आवेदन शुल्क

  • सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 3200 रुपये है।
  • महिला उम्मीदवारों तथा SC/ST/PwD श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 1600 रुपये निर्धारित है।
  • शुल्क भुगतान की विंडो 4 मई, 2026 तक खुली रहेगी।

परीक्षा 17 मई, 2026 को
JEE Advanced 2026 परीक्षा 17 मई, 2026 को आयोजित की जाएगी।

घर पर दो से ज्यादा LPG गैस सिलेंडर रखे तो कटेगा कनेक्शन, जेल भी होगी

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में ईरान-इज़राइल युद्ध की वजह से ग्लोबल गैस सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। इससे LPG सिलेंडर की कमी हो गई, लंबा वेटिंग टाइम और सिलेंडर की डिमांड बढ़ने की वजह से लोग घर पर एक से ज्यादा सिलेंडर जमा करने लगे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर पर ज्यादा सिलेंडर स्टॉक करना आपको मुश्किल में डाल सकता है। सिर्फ उतने ही सिलेंडर रखें जितने की अनुमति है।

सरकार ने LPG सिलेंडर की हॉर्डिंग (जमा करने) पर सख्ती बढ़ा दी है। अब तय सीमा से ज्यादा सिलेंडर रखने वालों पर कार्रवाई हो सकती है, जिसमें कनेक्शन काटना, जुर्माना लगाना और गंभीर मामलों में जेल तक की सजा शामिल है। इसलिए जरूरी है कि आप LPG सिलेंडर से जुड़े कानून और लिमिट को अच्छे से समझ लें, ताकि किसी भी परेशानी से बचा जा सके।

आम तौर पर एक घरेलू उपभोक्ता को एक कनेक्शन पर 2 सिलेंडर (एक उपयोग में और एक बैकअप) रखने की अनुमति होती है। अगर आप इससे ज्यादा सिलेंडर रखते हैं, तो वह नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में विशेष अनुमति लेकर अतिरिक्त सिलेंडर रखा जा सकता है।

अगर कोई व्यक्ति तय लिमिट से ज्यादा LPG सिलेंडर स्टॉक करता है, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। सरकार इसे कालाबाजारी या गलत इस्तेमाल मान सकती है, खासकर तब जब गैस की कमी चल रही हो।

नियम तोड़ने पर जुर्माना लगाया जा सकता है, जिसकी राशि अलग-अलग मामलों में अलग हो सकती है। कुछ मामलों में गैस कनेक्शन भी रद्द किया जा सकता है और सिलेंडर जब्त किए जा सकते हैं।

अगर कोई व्यक्ति बड़ी मात्रा में LPG सिलेंडर जमा करता है और उसे बेचने या गलत तरीके से इस्तेमाल करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसमें पुलिस केस, भारी जुर्माना और यहां तक कि जेल की सजा भी शामिल हो सकती है।

LPG सिलेंडर की हॉर्डिंग के नियम
भारत में LPG सिलेंडर का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों के लिए किया जाता है और इसके लिए सरकार ने कुछ तय नियम बनाए हैं। इसका मकसद यह है कि सभी लोगों को समय पर गैस मिल सके और कोई व्यक्ति ज्यादा स्टॉक करके दूसरों की जरूरतों को प्रभावित न करे। LPG सिलेंडर flammable (आग पकड़ने वाली) होती है, इसलिए ज्यादा संख्या में इन्हें घर में रखना खतरनाक भी हो सकता है। सिलेंडर लीक हो जाए या कोई हादसा हो जाए, तो नुकसान काफी बड़ा हो सकता है।

तेल का खेल: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना अमेरिका और ईरान के बीच जंग का अखाड़ा

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जंग का अखाड़ा बना हुआ है। अमेरिकी नाकेबंदी के बाद ईरान ने भी यहां से जहाजों की आवाजाही को बंद कर दिया है और अब यह लड़ाई वर्चस्व की बन गई है। इस बीच अब अमेरिका से एक बड़ी खबर आई है।

अमेरिका ने अपने नेवी चीफ को आनन फानन में पद से हटा दिया है। अमेरिकी युद्ध विभाग ने गुरुवार को अचानक इसकी घोषणा की है कि नौसेना सचिव जॉन सी. फेलन तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही हंग काओ को कार्यवाहक नेवी चीफ बनाने की घोषणा की गई है।

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने फेलन को उनकी सेवा के लिए धन्यवाद दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पार्नेल ने लिखा, “नौसेना सचिव जॉन सी. फेलन प्रशासन छोड़ रहे हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू है।

वॉर सेक्रेटरी और डिप्टी वॉर सेक्रेटरी की ओर से, हम अमेरिकी नौसेना के प्रति उनकी सेवा के लिए सचिव फेलन के आभारी हैं।” मामले से परिचित एक सूत्र ने बुधवार को बताया कि नौसेना सचिव जॉन फेलन ने खुद इस्तीफा नहीं दिया है बल्कि उन्हें पद से हटा दिया गया है।

ईरान से चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग में इसे एक बड़े फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कुछ ही पहले ही सेना के टॉप जनरल को भी पद से हटा दिया था।

2 अप्रैल को, हेगसेथ ने बिना कोई कारण बताए अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ रैंडी जॉर्ज को पद से हटा दिया था। तब दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि यह फैसला हेगसेथ और सेना सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल के बीच चल रहे तनाव की वजह से लिया गया था। अब नेवी चीफ को पद से हटाए जाने के बाद पेंटागन में आंतरिक मतभेदों को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं।

पेंटागन ने नेवी चीफ को हटाने का यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब अमेरिकी नौसेना ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू किए हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने अब तक 29 जहाजों को वापस लौटाया है और कई जहाजों को रोका है जो इस प्रतिबंध को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

हालांकि इस नाकेबंदी से ईरान बौखलाया हुआ है और होर्मुज स्ट्रेट में आतंक मचा दिया है। ईरान ने बुधवार को होर्मुज में तीन जहाजों पर हमला कर दिया और उनमें से दो को अपने कब्जे में ले लिया।

ईरानी मीडिया ने कहा कि जहाजों पर इन हमलों को ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अंजाम दिया। ईरानी सरकारी टेलीविज़न के अनुसार ये जहाज अब रिवोल्यूशनरी गार्ड के कब्जे में हैं और उन्हें ईरान ले जाया जा रहा है।

इन जहाजों की पहचान ‘एमएससी फ्रांन्सेस्का’ और ‘एपामिनोड्स’ के रूप में की गई है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ‘यूफोरिया’ नाम के तीसरे जहाज पर भी हमला किया, जिससे तनाव बढ़ सकता है।

MCX पर सोना-चांदी में गिरावट, जानिए क्या रहे आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price, 23 April 2026: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज 23 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में सोना आधा प्रतिशत से ज्यादा टूट गया, जबकि चांदी में 2% से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर सोना करीब ₹1,51,947 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी ₹2,43,856 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई।

गिरावट के कारण

डॉलर की मजबूती ने बिगाड़ा खेल: सोने की कीमतों पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिकी डॉलर की मजबूती से आया। डॉलर इंडेक्स में करीब 0.15% की बढ़त दर्ज की गई, जिससे गोल्ड पर दबाव बढ़ गया। दरअसल, जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है और कीमतें नीचे आती हैं।

  • कच्चे तेल में उछाल: ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 2% की तेजी के साथ यह $103 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। तेल की कीमत बढ़ने से डॉलर की मांग बढ़ती है, क्योंकि ग्लोबल ट्रेड ज्यादातर डॉलर में होता है। इसका सीधा असर सोने पर पड़ा और कीमतों में गिरावट आई।
  • अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: सोने-चांदी की कीमतों पर असर के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी है, जो अभी खत्म नहीं हुआ है। जहां एक तरफ सीजफायर बढ़ाया गया है, वहीं दूसरी ओर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को लेकर टकराव की खबरें सामने आई हैं। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित बातचीत भी नहीं हो पाई, जिससे अनिश्चितता और बढ़ गई है।
  • रेट कट की उम्मीद कम: तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण महंगाई बढ़ने का खतरा है। ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है। रॉयटर्स सर्वे के अनुसार, अब अगले 6 महीनों तक रेट कट टल सकता है, जो सोने के लिए नकारात्मक संकेत है।
  • युद्ध के बाद से सोना दबाव में
    28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईरान तनाव के बाद से घरेलू बाजार में सोने की कीमतें 4% से ज्यादा गिर चुकी हैं। हालांकि, इसके बावजूद सोना इस साल के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले एसेट्स में बना हुआ है।
  • शॉर्ट टर्म दबाव, लॉन्ग टर्म मजबूती: इस साल अब तक सोने ने करीब 14% का रिटर्न दिया है, जबकि पिछले साल इसमें 75% की शानदार तेजी आई थी।इसके मुकाबले निफ्टी 50 इस साल अब तक करीब 7% गिर चुका है, जिससे सोना निवेशकों के लिए अभी भी सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। कुल मिलाकर, फिलहाल सोने पर डॉलर और तेल की वजह से दबाव है, लेकिन अनिश्चित वैश्विक माहौल इसे लंबी अवधि में सहारा देता रहेगा।

विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी संभव, जानिए क्यों

नई दिल्ली। ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई है। यह पिछले महीने 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था जो चार साल में इसका उच्चतम स्तर था। फिलहाल यह 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है।

लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं आया है। इससे कंपनियों का नुकसान बढ़ता जा रहा है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 25 से 28 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। तमिलनाडु में आज सभी सीटों के लिए मतदान हो रहा है जबकि पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है।

ईरान यु्द्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बंद है। इससे दुनिया में तेल का बड़ा संकट पैदा हो गया है। इसकी वजह यह है कि दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल इसी रास्ते गुजरता है।

सप्लाई बाधित होने से कच्चे तेल की कीमत में तेजी आई है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ गया है क्योंकि मार्च और अप्रैल में भारतीय क्रूड बास्केट में काफी तेजी आई है। आयात में 13 से 15 फीसदी गिरावट के बावजूद हमारा रोजाना का क्रूड इम्पोर्ट बिल 190 से 210 मिलियन डॉलर बढ़ गया है।

अभी क्या है भाव
लेकिन देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कोटक के मुताबिक इससे रिफाइनिंग कंपनियों का नुकसान बढ़ रहा है। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। लेकिन इससे कंपनियों को मामूली राहत मिली है। यही कारण है कि विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है। विधानसभा चुनावों में अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है। उसके बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा किया जा सकता है।

कच्चे तेल की कीमत
ब्रोकरेज के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की कीमत में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अभी 94.77 रुपये प्रति लीटर है जबकि डीजल 87.67 रुपये लीटर मिल रहा है। इस बीच कच्चे तेल की कीमत में आज मामूली तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 0.47 फीसदी यानी करीब 48 सेंट की तेजी के साथ 102.4 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह अमेरिकन बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.65 फीसदी तेजी के साथ 93.56 डॉलर प्रति बैरल पर है।

Stock Market: सेंसेक्स 631 अंक गिरकर 77900 के नीचे; निफ्टी 24210 पर

नई दिल्ली। Stock Market Update, April 23, 2026: वैश्विक बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (23 अप्रैल) को लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट लेकर खुले। शेयर मार्केट में गिरावट के बीच सेंसेक्स पर केवल पावर ग्रिड, सन फार्मा, टीसीएस, ट्रेंट और बीईएल ही हरे निशान पर हैं। सेंसेक्स 631 अंक नीचे 77884 पर ट्रैंड का रहा है. निफ्टी 167 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 24210 पर है।

होरमुज़ स्ट्रेट में समुद्री यातायात बाधित होने की खबरों का निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ। साथ ही आईसीआईसीआई, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे हैवीवेट शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार को नीचे खींचा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 77,983 अंक पर खुला। बुधवार को यह 78,516 पर बंद हुआ था। सुबह 9:22 बजे यह 604.76 अंक या 0.77 फीसदी की गिरावट लेकर 77,911.73 पर ट्रेड कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) करीब 150 अंक की गिरावट लेकर 24,202 पर खुला। बुधवार को यह 24,378 अंक पर बंद हुआ था। सुबह 9:23 बजे यह 167.05 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,210 पर कारोबार कर रहा था।

ग्लोबल मार्केट के संकेत
ज्यादातर एशियाई बाजारों ने शुरुआती बढ़त गंवा दी। ट्रेडर पश्चिम एशिया की स्थिति का आकलन कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी नए उच्च स्तर पर पहुंचे। हालांकि, निक्केई 225 अपनी बढ़त खोकर 0.47 प्रतिशत गिरावट में रहा, जबकि कोस्पी 1.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

अमेरिका के स्टॉक फ्यूचर्स गुरुवार की शुरुआती ट्रेडिंग में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। ईरान की तरफ से होरमुज़ स्ट्रेट में जहाजों पर फायरिंग करने और दो जहाजों को कब्जे में लेने के बाद तनाव बढ़ गया। वहीं अमेरिका की नाकेबंदी भी जारी रही।

एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स के फ्यूचर्स क्रमशः 0.49 प्रतिशत और 0.64 प्रतिशत की गिरावट में कारोबार कर रहे थे। वहीं, एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट नए हाई लेवल पर छूने के बाद बढ़त के साथ बंद हुए। ये इंडेक्स क्रमशः 0.69 प्रतिशत और 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

राष्ट्रीय गतका प्रतियोगिता: 32 विश्वविद्यालयों की 212 महिला खिलाड़ियों ने दिखाया दम

कोटा। All India Inter-University Gatka Competition: भारतीय विश्वविद्यालय संघ एवं खेल और युवा मामले विभाग भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में कोटा विश्वविद्यालय में बुधवार को अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय गतका प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ।

कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत के निर्देशन में आयोजित इस प्रतिष्ठित स्पर्धा की मेजबानी इस वर्ष पहली बार कोटा विश्वविद्यालय को सौंपी गई है। 22 से 26 अप्रैल तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ सहित देशभर के 32 विश्वविद्यालयों की 212 महिला खिलाड़ियाँ तथा 30 कोच व मैनेजर भाग ले रहे हैं।

पंजाब के विश्वविद्यालयों का रहा दबदबा
आयोजन सचिव डा. विजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के पहले दिन फुल स्ट्राइक फटी सोटी टीम इवेंट में गुरु काशी यूनिवर्सिटी, पंजाब ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब यूनिवर्सिटी को रजत पदक प्राप्त हुआ।

पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला एवं डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर संयुक्त रूप से कांस्य पदक विजेता रहीं। हाफ स्ट्राइक सिंगल सोटी स्पर्धा में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला ने स्वर्ण पदक जीता।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब यूनिवर्सिटी रजत तथा डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी एवं देवगढ़ यूनिवर्सिटी, गोबिंदगढ़ संयुक्त रूप से कांस्य पदक पर रहीं। आयोजन सचिव डॉ. विजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता गतका की चार प्रमुख श्रेणियों में आयोजित हो रही है, जिसका संचालन गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के 30 तकनीकी अधिकारियों एवं रेफरी के पर्यवेक्षण में किया जा रहा है।

युवाओं को खेलों से जोड़ना आवश्यक
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित्त रंजन चौधरी ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए खेल अपरिहार्य हैं और प्रत्येक युवा को किसी न किसी खेल से अवश्य जुड़ना चाहिए। समारोह में वीर खालसा गतका दल, कोटा द्वारा पारंपरिक गतका का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा। गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव बलजिंदर सिंह तूर ने कहा कि कोटा में इस स्तर की प्रतियोगिता का यह ऐतिहासिक प्रथम आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। कार्यक्रम का संचालन विजयलक्ष्मी जैन ने किया तथा डॉ. विजय सिंह ने आभार व्यक्त किया।

वीर खालसा गतका दल की आकर्षक प्रस्तुति
उद्घाटन समारोह के दौरान वीर खालसा गतका दल, कोटा द्वारा पारंपरिक गतका का शानदार प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर सिख समाज के प्रतिनिधि तरुमीत सिंह बेदी एवं समाजसेवी हरमीत सिंह भी मौजूद रहे।

ये रहे मंचासीन
कार्यक्रम में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के कुलगुरु प्रो. निमित्त रंजन चौधरी के साथ भारत माता कॉलेज के निदेशक डॉ. मजीद मलिक ‘कमांडो’, प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल जोशी, समाजसेवी प्रेम जे. भाटिया, सर्वोदय कॉलेज के निदेशक ए.जी. मिर्जा, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर अध्ययन प्रो. घनश्याम शर्मा, प्रो. बी.एस. राठौड़ तथा कार्यवाहक कुलसचिव एवं वित्त नियंत्रक भगवान करमचंदानी मंचासीन रहे ।

सनातन संस्कृति रक्षार्थ स्वामी सच्चिदानंद का व्याख्यान कोटा में आज

कोटा। सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं जन-जागरण के उद्देश्य से गुरुवार को कोटा में सायं 3:45 बजे से 5:30 बजे तक पुरुषार्थ भवन, गोबरिया बावड़ी चौराहा पर अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी संत स्वामी सच्चिदानंद महाराज का व्याख्यान कार्यक्रम होगा।

स्वामी सच्चिदानंद महाराज वैदिक संस्कृति के संवाहक, प्रखर ओजस्वी वक्ता एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जन-जागरण अभियानों के लिए प्रसिद्ध हैं। कोटा में उनका यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित हो रहा है।

कार्यक्रम का आयोजन महर्षि दयानंद सरस्वती वेद प्रचार समिति, कोटा संभाग द्वारा किया जा रहा है, जबकि द एसएसआई एसोसिएशन कोटा सहयोगी संस्था के रूप में सहभागी है। आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

शेरगढ़ सेंचुरी को तीसरे अभ्यारण्य के रूप में विकसित करने के प्रयास होंगे: माहेश्वरी

कोटा। Shergarh Wildlife Sanctuary: होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान की बारां इकाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी से मुलाकात कर बारां जिले के पर्यटन विकास एवं हाड़ोती टूर पैकेज में कोटा बूंदी झालावाड़ के साथ-साथ बारां को भी एक दिन के टूर पैकेज में शामिल करने पर चर्चा की।

अग्रवाल ने बताया कि बारां जिले के वन क्षेत्र रणथंभौर टाइगर रिजर्व, कूनो नेशनल पार्क तथा माधव टाइगर रिजर्व से जुड़े हुए हैं, जिससे यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर बनता है। उन्होंने जानकारी दी कि चीता ‘पी-3’ की मूवमेंट शेरगढ़ क्षेत्र में देखी गई है, जो यहां अपना टेरिटरी विकसित कर रहा है। जो यहां पर खरगोश और जंगली सूअर का शिकार कर चुका है। परवन नदी के आसपास इसका मूवमेंट है।

उन्होंने बताया कि शेरगढ़ वाइल्ड लाइफ अभ्यारण्य में बाउंड्री वॉल का कार्य लगभग 75% पूरा हो चुका है, जबकि शेष 25% कार्य बजट के अभाव में लंबित है। उन्होंने संभागीय अध्यक्ष से इस कार्य को शीघ्र पूर्ण करवाने के लिए सरकार तक बात पहुंचाने में सहयोग करने का आग्रह किया जिससे यह क्षेत्र भविष्य में चीता सेंचुरी के रूप में विकसित हो सके।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि बारां जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद यहां पर्यटन विभाग का स्थायी कार्यालय नहीं है, जिससे विकास, संरक्षण और प्रचार-प्रसार में बाधाएं आती हैं। यदि यहां पर्यटन कार्यालय स्थापित किया जाता है तो क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

इस अवसर पर कोटा डिवीजन के अशोक माहेश्वरी ने कहा कि बारां जिले में पुरातत्व ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की भरपूर संभावनाएं हैं। शेरगढ़ वाइल्डलाइफ अभ्यारण्य, सोरसन वन क्षेत्र तथा अन्य स्थलों को विकसित कर हाड़ोती क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि यहां चीता पुनर्वास की योजना लागू होती है, तो यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

माहेश्वरी ने आगे कहा कि हाड़ोती के चारों जिलों कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए फेडरेशन लगातार प्रयासरत है। शीघ्र ही बारां में एक संभागीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें हाड़ोती के साथ साथ बारां के पर्यटन विकास पर विस्तृत मंथन होगा।

बैठक के दौरान शेरगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में देखे गए चीता ‘पी-3’ के फोटो पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में जितेंद्र शर्मा (INTACH), मृत्युंजय पंकज एवं मोहम्मद अशफाक सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

ईरान का बड़ा एक्शन, घुसपैठ कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों को किया ढेर

तेहरान। ईरानी सेना ने पाकिस्तान से घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों को सीमा पर ही मार गिराया है। यह घुसपैठ तब हुई है, जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। ईरानी सेना ने बताया है कि ये आतंकवादी रास्क बॉर्डर से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।

इनका इरादा ईरान में आतंकी घटनाओं को अंजाम देना और लोगों में दहशत फैलाना था। ईरान ने सीमा पर और अधिक चौकसी बरतने और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि ईरानी सिक्योरिटी फोर्स ने जैश अल-ज़ुल्म टेररिस्ट ग्रुप की एक ऑपरेशनल टीम को तबाह कर दिया, जब वे पाकिस्तान बॉर्डर से रास्क इलाके में घुसे थे, जिसमें कई मिलिटेंट मारे गए।

एजेंसी ने इन आतंकवादियों की राष्ट्रीयता नहीं बताई है, लेकिन इतना जरूर कहा है कि ये सभी पाकिस्तान से होकर ईरान में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद से ईरान ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी को और ज्यादा बढ़ा दिया है।

ईरान और पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी समूहों का मुद्दा काफी जटिल है। इन आतंकवादी गुट दोनों देशों की सुरक्षा और कूटनीतिक रिश्तों के लिए एक बड़ी चुनौती रहे हैं। इस कारण ईरान और पाकिस्तान में कई बार सैन्य संघर्ष भी हो चुका है।

ये आतंकवादी गुट ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान और पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक्टिव हैं। ये आतंकवादी गुट ईरान में कई बड़े हमलों को भी अंजाम दे चुके हैं। इनमें जैश-अल-अदल और अंसार अल-फुरकान प्रमुख हैं।

हाल के रिपोर्टों के अनुसार, जैश अल-अदल ने 2025 के अंत में अन्य बलूच सशस्त्र संगठनों के साथ मिलकर पीपुल्स फाइटर्स फ्रंट का गठन किया है। यह समूह ईरानी सीमा रक्षकों पर हमलों, आत्मघाती धमाकों और अपहरण की घटनाओं को अंजाम देता है।

अंसार अल-फुरकान एक सुन्नी जिहादी समूह है जो ईरान के भीतर सक्रिय है। यह हरकत अल-अंसार और हिज्ब अल-फुरकान के विलय से बना था। यह समूह अल-कायदा जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से वैचारिक रूप से प्रेरित माना जाता है।