तेल का खेल: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना अमेरिका और ईरान के बीच जंग का अखाड़ा

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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जंग का अखाड़ा बना हुआ है। अमेरिकी नाकेबंदी के बाद ईरान ने भी यहां से जहाजों की आवाजाही को बंद कर दिया है और अब यह लड़ाई वर्चस्व की बन गई है। इस बीच अब अमेरिका से एक बड़ी खबर आई है।

अमेरिका ने अपने नेवी चीफ को आनन फानन में पद से हटा दिया है। अमेरिकी युद्ध विभाग ने गुरुवार को अचानक इसकी घोषणा की है कि नौसेना सचिव जॉन सी. फेलन तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही हंग काओ को कार्यवाहक नेवी चीफ बनाने की घोषणा की गई है।

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने फेलन को उनकी सेवा के लिए धन्यवाद दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पार्नेल ने लिखा, “नौसेना सचिव जॉन सी. फेलन प्रशासन छोड़ रहे हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू है।

वॉर सेक्रेटरी और डिप्टी वॉर सेक्रेटरी की ओर से, हम अमेरिकी नौसेना के प्रति उनकी सेवा के लिए सचिव फेलन के आभारी हैं।” मामले से परिचित एक सूत्र ने बुधवार को बताया कि नौसेना सचिव जॉन फेलन ने खुद इस्तीफा नहीं दिया है बल्कि उन्हें पद से हटा दिया गया है।

ईरान से चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग में इसे एक बड़े फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कुछ ही पहले ही सेना के टॉप जनरल को भी पद से हटा दिया था।

2 अप्रैल को, हेगसेथ ने बिना कोई कारण बताए अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ रैंडी जॉर्ज को पद से हटा दिया था। तब दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि यह फैसला हेगसेथ और सेना सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल के बीच चल रहे तनाव की वजह से लिया गया था। अब नेवी चीफ को पद से हटाए जाने के बाद पेंटागन में आंतरिक मतभेदों को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं।

पेंटागन ने नेवी चीफ को हटाने का यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब अमेरिकी नौसेना ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू किए हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने अब तक 29 जहाजों को वापस लौटाया है और कई जहाजों को रोका है जो इस प्रतिबंध को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

हालांकि इस नाकेबंदी से ईरान बौखलाया हुआ है और होर्मुज स्ट्रेट में आतंक मचा दिया है। ईरान ने बुधवार को होर्मुज में तीन जहाजों पर हमला कर दिया और उनमें से दो को अपने कब्जे में ले लिया।

ईरानी मीडिया ने कहा कि जहाजों पर इन हमलों को ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अंजाम दिया। ईरानी सरकारी टेलीविज़न के अनुसार ये जहाज अब रिवोल्यूशनरी गार्ड के कब्जे में हैं और उन्हें ईरान ले जाया जा रहा है।

इन जहाजों की पहचान ‘एमएससी फ्रांन्सेस्का’ और ‘एपामिनोड्स’ के रूप में की गई है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ‘यूफोरिया’ नाम के तीसरे जहाज पर भी हमला किया, जिससे तनाव बढ़ सकता है।