- स्पीकर बिरला ने ली कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधिकारियों की बैठक
- मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में 25 करोड़ के विकास कार्यों को भी वित्तीय सहमति
कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा स्थित कैंप कार्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की। बैठक में कोटा मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट की स्थापना के लिए 149 करोड़ रुपए की वित्तीय सहमति मिलने की जानकारी दी गई।
कोटा में लंबे समय से कैंसर के इलाज के लिए अलग सुविधा की मांग की जा रही थी। अब इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। बिरला ने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए कोटा संभाग और आसपास के मरीजों को कई बार जयपुर या दिल्ली जाना पड़ता है। इससे इलाज के साथ आने-जाने का खर्च भी बढ़ जाता है। कोटा में कैंसर यूनिट शुरू होने से हाड़ौती और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अपने नजदीक उपचार की सुविधा मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी कैंसर यूनिट
कैंसर यूनिट पर 149 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 56.75 करोड़ रुपए सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर, 4 करोड़ रुपए आईटी हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग, 16.03 करोड़ रुपए एचवीएसी, सीसीटीवी, एलीवेटर, फायर फाइटिंग और प्रशासनिक फर्नीचर तथा 72.08 करोड़ रुपए चिकित्सा उपकरणों के लिए रखे गए हैं। यूनिट के संचालन के लिए आवश्यक शैक्षणिक पदों पर भी सहमति दी गई है। अन्य जरूरी चिकित्सा और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था एनएमसी के मानदंडों के अनुसार की जाएगी। बिरला ने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता भी जरूरी है। तंबाकू और अन्य ऐसे पदार्थों के सेवन से बचने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा, जिनसे कैंसर का खतरा बढ़ता है। बीमारी की रोकथाम के साथ मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलना भी जरूरी है।
कोटेज वार्ड के लिए 32.36 करोड़ पहले ही स्वीकृत
बजट घोषणा में कैंसर यूनिट और कोटेज वार्ड के लिए 195 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। इसमें से कोटेज वार्ड के निर्माण के लिए 32.36 करोड़ रुपए की वित्तीय सहमति पहले ही दी जा चुकी है। अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की जरूरतों का भी ध्यान रखते हुए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बिरला ने कहा कि न्यू मेडिकल कॉलेज को ऐसी स्वास्थ्य संस्था के रूप में विकसित करने का प्रयास है, जहां गंभीर बीमारियों के साथ सुपर स्पेशलिटी सेवाएं भी उपलब्ध हों और जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज कम खर्च में मिल सके।
अस्पतालों में 25 करोड़ के विकास कार्य
कोटा मेडिकल कॉलेज से जुड़े चिकित्सा संस्थानों में 25 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों को भी वित्तीय सहमति मिली है। इनमें नए अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के सामने सौंदर्यीकरण, गार्डन, शेड और टॉयलेट ब्लॉक के लिए 72.63 लाख रुपए, अस्पताल परिसर में निर्माण एवं मरम्मत के लिए 13.17 करोड़ रुपए, नए अस्पताल में इलेक्ट्रिक कार्य के लिए 4 करोड़ रुपए तथा एमबीएस चिकित्सालय में जी+2 सेंट्रल लैब के निर्माण के लिए 7.09 करोड़ रुपए शामिल हैं।
सीटी स्कैन और एमआरआई की नई मशीन लगाने के निर्देश
बिरला ने अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई की नई एवं आधुनिक मशीनें लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को जांच के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए जांच सुविधाओं की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।उन्होंने कहा कि कोटा में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार लगातार जारी है। प्रयास है कि सरकारी अस्पतालों के साथ निजी क्षेत्र में भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं विकसित हों, ताकि कोटा-बून्दी के साथ बारां, झालावाड़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।

