कारोबारियों का रिफंड में फंसा पैसा 60 दिन नहीं, सिर्फ 17 दिन में मिलेगा
कोटा। भारत मंडपम में गुरुवार को संपन्न जीएसटी काउंसिल की बैठक खत्म में व्यापारियों के हित में 5 बड़े फैसले लेने के लिए कोटा व्यापार महासंघ ने वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया है। महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन और महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि 57वीं GST काउंसिल की बैठक में बड़े सुधारों का ऐलान किया गया जो कि GST 2.0 की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के तहत अब कारोबारियों का रिफंड में फंसा पैसा 60 दिन नहीं, सिर्फ 17 दिन में मिलेगा। 10 दिन में आवेदन स्वीकार, 7 दिन में पैसा खाते में आ जाएगा जिससे बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल ‘विचित्र’ ने कहा कि अब नये नियम के अंतर्गत जीएसटी अधिकारी बिना कोर्ट की मंजूरी के व्यापारी को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी तथा धारा 69 खत्म होगी। साथ ही अब 1 करोड़ नहीं, 5 करोड़ से ऊपर की टैक्स चोरी पर ही आपराधिक केस दर्ज होगा। पेनेल्टी की राशि में भी कटौती की गई है। इससे छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
विचित्र ने बताया कि अब अगर सप्लायर टैक्स जमा नहीं करता है तो भी ईमानदार खरीदार का इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं रुकेगा और ई-वे बिल में कारोबारियों को राहत देने से व्यापार को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन पूरे देश में लागू होगा।

