वाशिंगटन। Elon Musk reveals Neuralink’s first product, Telepathy: एलन मस्क की कंपनी Neuralink ने ऐसे लोगों के जीवन में फिर से उम्मीद की किरण जगा दी है, जो चलने, बोलने और भावनाओं को व्यक्त करने में असमर्थ हैं। न्यूरालिंक लोगों की दिमाग में एक छोटी सी चिप फिट करती है, जो दिमाग को सीधे कंप्यूटर से जोड़ती है।
अब एलन मस्क ने आधिकारिक तौर पर न्यूरालिंक के पहले डिवाइस ‘Telepathy’ की घोषणा की है। यह डिवाइस यूजर्स को बिना कुछ बोले, टाइप किए या किसी डिवाइस को छुए, केवल अपने विचारों के जरिए कंप्यूटर से बातचीत करने की सुविधा देगा।
साफ शब्दों में कहें तो यह डिवाइस यूजर के विचारों से काम करेगा। मस्क का दावा है कि यह तकनीक भविष्य में इंसानों की तुलना में ज्यादा तेजी से जानकारी भेज सकेगी, और बोलकर या टाइप करके होने वाली बातचीत से भी तेज काम कर सकेगी।
मस्क ने एक एक्स पोस्ट में कहा, “न्यूरालिंक के पहले प्रोडक्ट का नाम ‘टेलीपैथी’ है। यह केवल सोचने भर से कंप्यूटर या इंसानों के साथ हाई-स्पीड कम्युनिकेशन (बातचीत) को संभव बनाता है। कुछ ही सालों में, इसका आउटपुट बैंडविड्थ इंसानों की सबसे तेज बोलने या टाइप करने की गति से कहीं ज्यादा हो जाएगा।”
मस्क ने एक अलग पोस्ट में यह भी बताया कि “हमारे दूसरे प्रोडक्ट का नाम ‘ब्लाइंडसाइट’ (Blindsight) है। जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, यह उन लोगों को भी देखने में सक्षम बनाएगा जो पूरी तरह से दृष्टिबाधित हैं या जिन्होंने कभी कुछ नहीं देखा है। इंजीनियरिंग के नजरिए से यह पूरी तरह तैयार है। बस रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार है।”
टेलीपैथी क्या है
टेलीपैथी डिवाइस, न्यूरालिंक के N1 ब्रेन इम्प्लांट का इस्तेमाल करता है, जिसमें 64 फ्लेक्सिबल थ्रेड्स पर कुल 1,024 इलेक्ट्रोड लगे होते हैं। ये इलेक्ट्रोड दिमाग से सिग्नल पकड़ते हैं। R1 नाम का सर्जिकल रोबोट इन थ्रेड्स को मोटर कॉर्टेक्स (मूवमेंट कंट्रोल वाले हिस्से) में लगाता है।
कंपनी का दावा है कि क्लिनिकल ट्रायल्स में इम्प्लांट लगवाने वाले लोग सिर्फ सोचकर कंप्यूटर कर्सर चला सकते हैं, माउस बिना हिलाए शतरंज खेल सकते हैं और मूवमेंट की कल्पना करके डिजाइन सॉफ्टवेयर चला सकते हैं। टेलीपैथी लकवाग्रस्त लोगों को ब्रेन सिग्नल से कर्सर और कीबोर्ड कंट्रोल करने देता है, जिससे कंप्यूटर से बहुत तेज कम्युनिकेशन संभव हो जाता है।
मस्क ने एक अलग पोस्ट में यह भी कहा, “उम्मीद है कि कुछ सालों में, हम मस्तिष्क के मोटर और सेंसरी एरिया के सिग्नल्स को सीधे अंगों तक पहुंचाने में सक्षम हो जाएंगे, जिससे लोग अपने हाथों का इस्तेमाल कर सकेंगे और फिर से चल सकेंगे।”
न्यूरालिंक क्या है?
Neuralink, एलन मस्क की कंपनी है जो ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) तकनीक विकसित करती है। यानी दिमाग और कंप्यूटर को सीधे जोड़ने वाला सिस्टम। दरसल, कंपनी लोगों के दिमाग में एक यह एक छोटी सी चिप (N1 इम्प्लांट) है फिट करती है, जो सिक्के के आकार की होती है। इसे सर्जरी से खोपड़ी के अंदर दिमाग के मोटर कॉर्टेक्स में लगाया जाता है। चिप से बहुत पतले थ्रेड्स (बाल से भी पतले) दिमाग में जाते हैं, जो न्यूरॉन्स के सिग्नल पढ़ते हैं। ये सिग्नल वायरलेस तरीके से कंप्यूटर या फोन तक पहुंचते हैं। इससे व्यक्ति सिर्फ सोचकर कर्सर चला सकता है, टाइप कर सकता है, गेम खेल सकता है या बात कर सकता है। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य, लकवाग्रस्त लोगों को कंप्यूटर चलाने में मदद करना, दृष्टिहीन लोगों को फिर से देखने में मदद करना और भविष्य में AI के साथ इंसान का बेहतर कनेक्शन बनाना है।

