दो कोचिंग छात्रों की संदिग्ध मौत, एक नीट की तैयारी कर रहा था, दूसरा जेईई की

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कोटा। शहर में एक दिन में दो स्टूडेंट की मौत हो गई। जवाहर नगर थाना इलाके में रविवार रात 10 बजे जेईई की तैयारी कर रहा 16 साल का स्टूडेंट पीजी के कमरे में फंदे से लटका मिला। वह मध्य प्रदेश के शिवपुरी का रहने वाला था। 6 महीने पहले ही कोटा आया था।

इससे पहले, रविवार सुबह नीट की तैयारी कर रहा 19 साल का स्टूडेंट हॉस्टल के बाथरूम में बेहोश मिला। उसे MBS हॉस्पिटल लेकर गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। वह बिहार के दरभंगा का रहने वाला था।

चचेरे भाई का आरोप है कि स्टूडेंट 17-18 घंटे से रूम से बाहर नहीं आया। उसके बाद भी हॉस्टल संचालक ने स्टूडेंट के बारे में पता करने की कोशिश नहीं की। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

टेस्ट देकर कोचिंग से लौटा था स्टूडेंट
डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया- जवाहर नगर थाना इलाके में 16 साल का स्टूडेंट पीजी में रहता था। वह जेईई की तैयारी कर रहा था। जवाहर नगर थाना ASI महेंद्र सिंह ने बताया कि स्टूडेंट रविवार को टेस्ट देकर कोचिंग से लौटा था। पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स रात को खाना खाकर टहलने जाते हैं।

ऐसे में रात करीब 10 बजे उसके सामने वाले कमरे में रहने वाले छात्र ने आवाज लगाई। स्टूडेंट का रूम अंदर से बंद था। खटखटाने पर भी गेट नहीं खोला। तब साथी स्टूडेंट्स ने पीजी संचालक को बताया। पीजी संचालक ने खिड़की से झांककर देखा तो स्टूडेंट फंदे से लटका दिखा।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतारकर एमबीएस हॉस्पिटल लेकर गए। रात को ही परिवार को सूचना दे दी गई थी। परिजन कोटा पहुंच गए हैं। फिलहाल सुसाइड का कारण सामने नहीं आया है।

बाथरूम में बेहोश मिला नीट स्टूडेंट
कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में नीट स्टूडेंट गौतम कुमार (19) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ASI धनराज ने बताया कि स्टूडेंट पिछले डेढ़-दो साल से कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था।

लैंडमार्क इलाके में श्रीजी रेजिडेंसी में रह रहा था। 24 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे करीब खाना लेकर हॉस्टल पहुंचा था। शाम को अन्य स्टूडेंट ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसने गेट नहीं खोला।

अगले दिन 25 अक्टूबर को सुबह पास की बिल्डिंग में रहने वाले उसके भाई ने जाकर दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खोलने पर हॉस्टल संचालक को सूचना दी। इसके बाद गेट तोड़कर अंदर घुसे।

वह बाथरूम में अचेत पड़ा मिला। उसे तुरंत एमबीएस हॉस्पिटल लेकर गए, जहां कुछ घंटे में ही उसकी मौत हो गई। स्टूडेंट के कान पर हल्की चोट के निशान थे, जो संभवत: बाथरूम में फिसलने से लगी थी।

स्टूडेंट के परिजनों ने मौत पर संदेह जताया है। परिजनों की शिकायत पर सुसाइड के लिए उकसाने की धारा 306 में मामला दर्ज किया है।

चचेरा भाई बोला- मौत के कारण की जांच हो
चचेरे भाई सोनू कुमार ने बताया कि गौतम (मृतक) और उसका भाई कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। हॉस्टल में रूम खाली नहीं होने के कारण गौतम का भाई पास वाली बिल्डिंग में रह रहा है। हॉस्टल संचालक की जिम्मेदारी बनती है कि स्टूडेंट के बारे में पता करे। वह बाहर क्यों नहीं आ रहा, खाना क्यों नहीं खा रहा? कम से कम चाय-पानी पीने तो बाहर आता।

जब उसका भाई हॉस्टल पहुंचा, तब घटना का पता चला। हॉस्टल वाले बाथरूम में गिरने से अचेत होना बता रहे हैं। जबकि अभी तक हमको यह पता नहीं चला कि गौतम की मौत कैसे हुई? कैसे गिरा? किसी डॉक्टर ने उसे देखा या नहीं देखा?

यह हम लोगों को जानना जरूरी है। हमारी मांग है कि पुलिस इस मामले में ठीक से जांच करे। परिजन पैसा लगाकर बच्चों को पढ़ने के लिए कोटा भेजते हैं। इसके बावजूद कोटा में कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।