Wednesday, June 24, 2026
Home Blog Page 5838

मोदी ने शुरू की ‘उड़ान’ सेवा,  2500 में कर सकेंगे हवाई सफर

0

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने गुरुवार को शिमला एयरपोर्ट से उड़ान सेवा की शुरुआत की। इसके साथ ही महज ढाई हजार रुपए में आम आदमी हवाई सफर कर सकेगा। पीएम मोदी ने सुबह 11 बजे शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर पहुचे और यहां उड़ान सेवा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कडप्पा-हैदराबाद तथा नांदेड़-हैदराबाद के बीच होने वाली इसी स्कीम की दो अन्य उड़ानों को भी हरी झंडी दिखाई।

पीएम ने इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हवाई सेवा के लिए भारत में सबसे ज्यादा अवसर हैं। पहले हवाई यात्रा धनी लोग किया करते थे लेकिन अब हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई यात्रा कर सकेंगे। उड़ान योजना के तहत एक घंटे से कम की उड़ान के लिए 2500 रुपये ही देने होंगे।

पीएम बनने के बाद यह मोदी की पहली शिमला यात्रा है। मोदी शिमला के से सस्ती हवाई सेवा के लिए उड़ान स्कीम शुरू करेंगे।शिमला यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री रिज रोड पर एक रैली को भी संबोधित करेंगे। इससे पहले उन्होंने 2003 में उस वक्त शिमला का दौरा किया था जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।वैसे राज्य के हिसाब से यह हिमाचल प्रदेश का उनका दूसरा दौरा होगा।

पिछले साल उन्होंने मंडी में एक रैली को संबोधित किया था। भाजपा में मोदी आठ वर्ष तक हिमाचल मामलों के संगठनात्मक प्रभारी थे और उन्होंने 2002 तक यह भूमिका निभाई थी।यह है उड़ान सेवा उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) देश के छोटे व मझोले कस्बों को बड़े नगरों तथा परस्पर किफायती हवाई यातायात सुविधा से जोड़ने की स्कीम है।

इसके तहत 500 किमी की विमान यात्रा के लिए 2500 रुपये का किराया वसूला जाएगा। इसके तहत फिक्स विंग विमानों के मामले में यात्रा की अवधि अधिकतम एक घंटे तथा हेलीकॉप्टर के मामले में आधा घंटे मानी गई है।”उड़ान” की उड़ानें देश के 70 हवाई अड्डों से होंगी।इनमें 27 व्यस्त, 12 कम उपयोग में आने वाले तथा 31 अप्रयुक्त हवाई अड्डे शामिल हैं।

इसके लिए विभिन्न नई, पुरानी एयरलाइनों की तरफ से कुल 27 प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हुए हैं।इनमें 17 एयरपोर्ट उत्तर, 24 पश्चिम, 11 दक्षिण, 12 पूर्व, 6 पूर्वोत्तर भारत तथा 2 केंद्र शासित प्रदेशों में हैं। इससे 22 राज्य व दो केंद्रशासित प्रदेश सस्ती उड़ानों से जुड़ जाएंगे।16 प्रस्ताव एक-एक रूट पर उड़ान भरने से संबंधित हैं। जबकि 11 प्रस्तावों में एक से अधिक शहरों को जोड़ने की इच्छा जताई गई है।

छह प्रस्ताव ऐसे हैं जिनमें किसी तरह की सब्सिडी (वीजीएफ) की मांग नहीं की गई है।स्कीम के तहत एयरलाइनों को नुकसान की स्थिति में वायबिलटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के तहत सब्सिडी देने की व्यवस्था है। सरकार का अनुमान है कि स्कीम पर सालाना 6.5 लाख सीटों के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी की जरूरत पड़ेगी।

अक्षय तृतीया पर इस बार 6,500 करोड़ के सोने की बिक्री का अनुमान

0

नई दिल्ली। अक्षय तृतीया पर सोने की भारी मांग रहने वाली है। जेम्स और ज्वेलरी फेडरेशन के मुताबिक इस साल सोने की मांग में 20 से 30 फीसदी इजाफा होने की उम्मीद है।

एक अनुमान के मुताबिक पिछले साल अक्षय तृृतीया 17 टन सोने की बिक्री का अनुमान लगाया था। आज के बाजार भाव ये पिछले साल पांच हजार करोड़ का सोना बिका था।इस बार करीब 6500 करोड़ सोने की बिक्री का अनुमान है।

लोग सोने को महंगाई से लड़ने के लिए खरीदते हैं। अक्षय तृतीया को देखते हुए स्टॉक एक्सचेंज बीएसई ने 28 अप्रैल को सोने के ईटीएफ में ट्रेडिंग का समय भी बढ़ाकर सात बजे कर दिया है। इस समय में सोवेरन गोल्ड बांड की ट्रेडिंग भी हो सकेगी।

बीएसई के मुताबिक 28 अप्रैल को 9.15 से ट्रेडिंग शुरू होकर 3.30 बजे तक चलेगी। एक घंटे के ब्रेक के बाद ईटीएफ में 4.30 बजे फिर ट्रेडिंग शुरू होगी जो सात बजे तक चलेगी।

GST विधेयक को मंज़ूरी देने वाला राजस्थान तीसरा राज्य

राज्य जीएसटी कानून में क्या खास

  •  साल में कर्मचारी को 50 हजार रुपए से अधिक की गिफ्ट दी तो कंपनी को देना होगा कर
  •  किसी वस्तु का मालिकाना हक बदलना भी माना जाएगा वस्तुओं का आदान-प्रदान
  • मनोरंजन व विज्ञापन पर कर सम्बन्धी 1957 के कानून सहित सात कानून राज्य जीएसटी कानून में समायोजित
  • राज्य में सृजित होगा कर के प्रमुख आयुक्त या मुख्य आयुक्त का पद
  • वैट के लिए नियुक्त अधिकारी इस कर के लिए कार्य करेंगे।
  • अपीलों पर सुनवाई केन्द्रीय जीएसटी कानून के तहत गठित अपीलीय ट्रिब्यूनल की बेंच करेगी
  • हाईकोर्ट में सीधे अपील नहीं हो सकेगी।
  • कर निर्धारण को लेकर कोई विवाद होने पर ट्रिब्यूनल में ही जाना होगा। 

जयपुर। राज्य का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक बुधवार को विधानसभा से पारित हो गया। इसके साथ ही राजस्थान यह विधेयक पारित करने वाले तीसरा राज्य बन गया है। 

विधानसभा में नया इतिहास रचते हुए उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने भी विधेयक पर विचार रखे। उन्होंने कहा, यह दिन एेतिहासिक है सदन करों को लेकर राष्ट्रहित में अपनी शक्तियां छोड़ रहा है। स्वायत्त इकाइयों को भी विधानसभा के लिए एेसा त्याग करना चाहिए, लेकिन उनके तो लेखे ही सदन में 20-20 साल नहीं आते हैं।

उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए कहा कि राजस्थान की जीडीपी में सेवा क्षेत्र का 48 प्रतिशत योगदान होने से जीएसटी से प्रदेश को फायदा होगा। पेट्रोलियम पदार्थ व एक्साइज से जुडे कर इससे अलग रहेंगे। यह देश की अर्थव्यवस्था की दिशा बदलने वाला होगा।

शेखावत ने कहा कि विधानसभा ने करों पर अपनी शक्तियां छोड़ी हैं, तो केन्द्र के करों पर राज्य को अधिकार भी मिला है। अब करों पर जीएसटी कौंसिल निर्णय करेगी। न केन्द्र मनमानी कर पाएगा और न ही राज्य। 

विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने पुरानी परम्पराओं को तोड़ते हुए विचार रखने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल से बोलने की अनुमति ली। उन्होंने कहा कि जीएसटी पारित होने का दिन उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना रियासतों ने अपने अधिकार राज्य को सौंप दिए थे।

संसदीय कार्य के जानकारों के अनुसार विधानसभा में इससे पहले शायद ही किसी उपाध्यक्ष ने विधेयक पर सदन में विचार रखे होंगे। सिंह ने कहा कि जीएसटी राष्ट्रहित में अच्छा कानून है। उन्होंने कहा कि विधेयक में कुछ अच्छा है तो कुछ बुरा भी है, अच्छा बोलने के बाद उपाध्यक्ष कुछ बोलते उससे पहले ही भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी व प्रहलाद गुंजल ने कहा, अप्रिय सत्य नहीं बोलें। 

उद्योग मंत्री राजपा​ल सिंह शेखावत ने कहा, अब तक व्यवसायी रिटर्न को लेकर परेशान रहते थे। केन्द्रीय करों पर राज्यों का हक नहीं था। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधेयक को पारित कर देश में करों की जटिलता समाप्त कर विकास दर को बढ़ाने में सहयोग देने का एेतिहासिक कार्य कर रहा है।

कॉपरेटिव फेडरेलिज्म को मिलेगा बढ़ावा

शेखावत ने कहा कि जीएसटी कौंसिल में सिर्फ केन्द्र या राज्य मनमानी नहीं कर सकते, क्योंकि निर्णय तीन चौथाई बहुमत से होगा। कौंसिल में एक तिहाई सदस्य केन्द्र के हैं और दो तिहाई राज्यों के सदस्य हैं। इससे कॉपरेटिव फेडरेलिज्म की भावना को बढ़ावा मिलेगा। सभी दल इसको लागू करने के लिए एकमत हैं और यह देश के लिए संजीवनी साबित होगा।

टैक्स से मिलेगी राहत: तिवाड़ी

भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि विश्व बैंक के मुताबिक भारत में करों की 20 फीसदी राशि रिश्वत में चली जाती है। लेकिन जीएसटी (माल एवं सेवाकर) के लागू होने के बाद इस पर लगाम कसी जा सकेगी। अब तक जीएसटी दुनिया के 160 देश लागू कर चुके हैं। वर्ष 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जीएसटी की तैयारी को लेकर कमेटी गठित की थी। आज हम 30 से 35 फीसदी तक टैक्स दे रहे हैं। लेकिन जीएसटी के लागू होने के बाद 20 से 25 फीसदी टैक्स देना होगा।

 

बिजली उत्पादन की विनिवेश प्रकिया पर पुनर्विचार का आग्रह करेंगे -कोठारी

कोटा। आरवीयूएन संयुक्त संघर्ष समिति की कोर कमेटी ने बुधवार को जयपुर में सीएमडी एनके कोठारी से वार्ता की। प्रबंध निदेशक ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में उत्पादन निगम लगातार लाभ की ओर बढ़ रहा है, इसलिए उत्पादन निगम की मौजूदा सुदृढ़ वित्तीय स्थिति को देखते हुए वे राज्य सरकार को अवगत कराएंगे कि लाभ की स्थिति में चल रहे निगम के पॉवर प्लांटां की विनिवेश प्रकिया पर पुनर्विचार किया जाए।

कोठारी ने कहा कि सभी पॉवर प्लांटों के परिचालन एवं परफॉर्मेंस में निर्धारित मापदंडों से लगातार सुधार किया जा रहा है, जिससे उत्पादन निगम भविष्य में और अधिक लाभ अर्जित करने की स्थिति में रहेगा। उन्होंने श्रेष्ठ बिजली उत्पादन की सराहना करते हुए निरंतर सुधार जारी रखने को कहा।  

कोर कमेटी के संरक्षक जीएस भदौरिया सह-संयोजक विनोद आडा, संजय जोशी, रविप्रकाश विजय एवं अजय विजयवर्गीय ने बताया कि जब तक निगम के पॉवर प्लांटों के विनिवेश के नाम पर निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई जाएगी, जब तक समिति द्वारा निजीकरण का विरोध जारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 में आरवीयूएन करीब 900 करोड़ रू के घाटे में था, जिसे परफॉर्मेंस के आधार पर अभियंताओं एवं कर्मचारियों ने परिचालन में सुधार करते हुए वित्त वर्ष 2016-17 में लाभ की स्थिति में कर दिया है।

सभी बिजलीघरों में दिया सांकेतिक धरना

इससे पूर्व राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरवीयूएन) संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा कोटा थर्मल, छबडा, कालीसिंध, सूरतगढ़, रामगढ़, गिरल लिग्नाइट, धौलपुर गैस प्लांट, माही हाइडल सहित निगम के सभी बिजलीघरों में बुधवार को निजीकरण के विरोध में अभियंताओं एवं कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। धरना स्थल पर बडी संख्या में एईएन, एक्सईएन, एसई सहित कई महिला इंजीनियर मौजूद रहीं।

कोटा थर्मल में मेन गेट से मुख्य अभियंता कार्यालय तक रैली निकालकर समिति ने सीएमडी के नाम मुख्य अभियंता एचबी गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। रैली में ‘निजीकरण बंद करो’, ‘एनटीपीसी तो बहाना है, अडानी को लाना है’ जैसे नारे गूंजते रहे।

समिति के प्रवक्ता आशीष जैन ने कहा कि आरवीयूएन के बिजलीघरों को बेचने की बजाय सभी सरकारी पॉवर प्लांटों को सही मूल्य पर अधिकतम बिजली पैदा करने का मौका दिया जाए। निजी क्षेत्र में दबाव में चालू यूनिटों को बार-बार बंद करवाने का खेल बंद हो। 

यूनिटें बंद होने से 60 फीसदी उत्पादन घटा

एनर्जी पोर्टल पर जारी आंकडों के अनुसार, 25 अप्रैल को 5995 मेगावाट क्षमता के 6 सरकारी बिजलीघरों में अधिकांश यूनिटें बंद करवाने से केवल 2450 मेगावाट (40.8 प्रतिशत) बिजली पैदा हो सकी। निजी क्षेत्र के दबाव में एसएलडीसी, जयपुर द्वारा सरकारी बिजलीघरों के 60 प्रतिशत बिजली उत्पादन को जबरन बंद करवाया।

इनमें अधिकांश यूनिटें बंद करवाने से सूरतगढ़ सुपर थर्मल की 1500 मेगावाट से मात्र 206, कोटा सुपर थर्मल के 1240 मेगावाट से 689, छबड़ा सुपर थर्मल के 1000 मेगावाट से 831,कालीसिंध सुपर थर्मल के 1200 मेगावाट से मात्र 448 मेगावाट की यूनिटों से बिजली उत्पादन हुआ।

विनिवेश एवं निजीकरण के षडयंत्र में मे चालू वित्तवर्ष 2017-18 में सभी सरकारी बिजलीघरों में बिजली उत्पादन के रिकार्ड आंकडे़ नीचे गिरने से इंजीनियर्स व कर्मचारी चिंतित हैं। राज्य में 720 मेगावाट क्षमता के धौलपुर गैस प्लांट, गिरल लिग्नाइट तथा माही हाइडल प्लांट पहले से बंद हैं।

RBI दस व पांच रुपये के नये सिक्के जारी करेगा

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक जल्दी ही दस और पांच रुपये के नये सिक्के जारी करेगा। ये सिक्के भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार के 125 वर्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 वर्ष पूरे होने पर जारी होंगे। आरबीआइ ने राष्ट्रीय अभिलेखागार की स्थापना के 125 वर्ष पूरे होने की याद में दस रुपये का सिक्का जारी करेगा।

उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 वर्ष पूरे होने पर पांच रुपये का सिक्का जारी करने का फैसला किया है। रिजर्व बैंक के अनुसार दस रुपये के नये सिक्के पर राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत का फोटो होगा और इसके साथ ‘125 वर्ष’ अंकित होगा। सिक्के पर 125वीं वर्षगांठ के समारोह का लोगो भी होगा।

सिक्के पर 1891 और 2016 अंग्र्रेजी में अंकित होगा। पांच रुपये के सिक्के पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की इमारत का फोटो होगा। इस पर अंग्र्रेजी में 1866-016 अंकित होगा। रिजर्व बैंक के अनुसार दस और पांच रुपये के मौजूदा सिक्के भी पूर्ववत चलन में रहेंगे।

गूगल और वूट ने वेब ऐप के लिए किया करार

मुंबई। गूगल और वायाकॉम18 के ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म वूट ने पहले वीडियो ऑन डिमांड (वीओडी) प्रोग्रेसिव वेब ऐप (पीडब्ल्यूए) के लॉन्च के लिए करार किया है। गूगल पहले भी फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स पोर्टलों के लिए पीडब्ल्यूए विकसित कर चुकी है, लेकिन यह पहली बार है कि उसने एक ऐसा मीडिया ऐप लॉन्च किया है जो खासकर दुनिया में कहीं भी वीडियो स्ट्रीमिंग में सक्षम ऐप है।

आसान भाषा में कहें तो पीडब्ल्यूए एक ऐसा वेब पेज होता है जो ऐप की तरह काम करता है और इसलिए ‘प्रोग्रेसिव वेब ऐप’ कहा गया है। खासकर सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म मोबाइल के जरिये खपत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, लेकिन इसमें बदलाव लाना या ओटीटी ऐप के लिए अनइंसटॉल की संख्या में कमी लाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

अक्सर यह देखा जाता है कि उपयोगकर्ता ऐसे कंटेंट का इस्तेमाल करता है जिसमें वह दिलचस्पी रखता हो और उसके फोन में सीमित स्पेस/मेमोरी होने की वजह से वह गैर-जरूरी ऐप को अनइंसटॉल कर देता है। यह ओटीटी प्लेटफॉर्मों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। वायाकॉम18 की वूट का परिचालन करने वाली इकाई वायाकॉम18 डिजिटल वेंचर्स के सीओओ गौरव गांधी ने कहा, ‘भारत में मोबाइल वेबसाइटें बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं हैं और खासकर देश में डेटा स्पीड की समस्या की वजह से वे ज्यादा अच्छा अनुभव मुहैया नहीं कराती हैं।

इसलिए लोग अपने फोन पर सीमित मेमोरी होने की वजह से या इन मोबाइल वेबसाइटों का अनुभव खास नहीं होने से कुछ ही कंटेंट को देखना पसंद कर सकते हैं। पीडब्ल्यूए की पेशकश कर हमने न सिर्फ ऐप प्रेमी उपयोगकर्ताओं पर ध्यान दिया है बल्कि उन्हें मोबाइल वेबसाइटों के इस्तेमाल के जरिये भी अब वूट कंटेंट आसानी से देखने में सक्षम बनाया है।’

कृषि आय पर किसी प्रकार का कर लगाने की कोई योजना नहीं : जेटली

नई दिल्‍ली । वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि सरकार की कृषि आय पर किसी तरह का कर लगाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने नीति आयोग के सदस्य विवेक देबराय के इस बारे में दिए गए सुझाव को खारिज कर दिया।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ‘मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि केंद्र सरकार की कृषि आय पर कर लगाने की कोई योजना नहीं है।’ मंत्री ने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत दी गई शक्तियों के तहत कृषि आय पर कर लगाना केंद्र के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। देबराय ने कल कहा था कि कर आधार बढ़ाने के लिए निश्चित सीमा से अधिक कृषि आय पर कर लगाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘व्यक्तिगत आयकर का दायरा बढ़ाने के लिए छूटों को समाप्त करने के अलावा एक निश्चित सीमा से अधिक कृषि आय समेत ग्रामीण क्षेत्र में कर लगाया जाना चाहिए।’ कृषि आय पर कर राजनीतिक रूप से संवेदशील मुद्दा है और विभिन्न सरकारें इससे बचती रही हैं। इससे पहले, वित्त मंत्री ने 22 मार्च को संसद को आश्वस्त किया था कि कृषि आय पर कर नहीं लगा है और न ही लगाया जाएगा।

बाजार में आ रहे चीन और मलेशिया के स्टेंट

नई दिल्ली। कीमतों पर नियंत्रण लगाए जाने के बाद अमेरिकी विनिर्माताओं द्वारा भारत के बाजारों से उन्नत कॉरोनेरी स्टेंट वापस लेने के बाद चीन और मलेशिया के स्टेंट विनिर्माता आक्रामक रूप से अपने उत्पाद उतार रहे हैं। स्टेंट को लेकर बहुत ज्यादा चर्चा के बाद इसका अवैध बाजार तैयार हो सकता है।

कंज्यूमर ऑनलाइन फाउंडेशन के संस्थापक बेजन मिश्रा ने कहा, ‘चिकित्सक इसका ज्यादा दाम लगा सकते हैं और बिल में स्टेंट के दाम दिखाने के बजाय उसे अन्य खर्च में अतिरिक्त शुल्क के रूप में दिखा सकते हैं।’ सरकार ने फरवरी में स्टेंट की कीमतों की सीमा तय की थी। सरकार ने बेयर मेटल स्टेंट के दाम 7,260 रुपये और ड्रग इलूटिंग स्टेंट का दाम 29,600 रुपये तय किए थे, जिनका इस्तेमाल 90 प्रतिशत एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया में होता है।

बहुत उन्नत बायोडिग्रेडेबल स्टेंट भारत में पिछले 2 साल के दौरान पेश किए गए हैं, जिनके मूल्य की सीमा भी 29,600 रुपये तय की गई है। इसमें ऐबट का पूरी तरह से घुलनशील स्टेंट भी शामिल है, मूल्य तय होने के पहले इसका मूल्य 2 लाख रुपये के करीब था। अमेरिका ने स्टेंट की कीमतों पर नियंत्रण लगाए जाने के फैसले की आलोचना की है।  

नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में कार्यकारी उप प्रमुख जॉर्ज सिब्ले ने पिछले महीने कहा था, ‘आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में स्टेंट को शामिल किए जाने का फैसला अंतरराष्ट्रीय नियामकीय मानकों के विपरीत है।’ अमेरिकी कंपनी ऐबट ने राष्ट्रीय दवा मूल्य प्राधिकरण के पास आवेदन कर कहा है कि वह पूरी तरह से घुलनशील स्टेंट बाजार से वापस लेना चाहती है।

तीस हजार के जादुई आंकड़े को छूकर बंद हुआ सेंसेक्स

मुंबई। बुधवार को शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए है। बाजार बंद होने से आधे घंटे पहले निचले स्तर पर हुई खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 190 अंक की बढ़त के साथ 30,133 के स्तर पर और निफ्टी 45 अंक की तेजी के साथ 9351 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

बुधवार को निफ्टी लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ है। वहीं, सेंसेक्स भी 30,000 के पार बंद हुआ है।बीएसई में 0.63 फीसद और एनएसई आधे फीसद की तेजी के साथ बंद हुए हैं। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर छोटे और मझौले शेयरो में बिकवाली देखी गई है। मिडकैप 0.22 फीसद और स्मॉलकैप 1.36 फीसद की कमजोरी के साथ बंद हुए है।

एफएमसीजी सेक्टर में खरीदारी

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आईटी, फार्मा और रियल्टी को छोड़ सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। निफ्टी बैंक (0.85 फीसद), ऑटो (0.98 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.85 फीसद), एफएमसीजी (2.27 फीसद), मेटल (0.41 फीसद), पीएसयू बैंक (0.52 फीसद) औऱ प्राइवेट बैंक (0.89 फीसद) की तेजी के साथ बंद हुआ है।

एमएंडएम और आईटीसी टॉप गेनर

दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 21 हरे निशान में और 30 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए है। सबसे ज्यादा तेजी एमएंडएम, आईटीसी, हिंडाल्को, हिंदुस्तान यूनिलिवर और एचडीएफसी के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट टेक महिंद्रा, इंफाटेल, अदानीपोर्ट्स, एचसीएलटेक और इंफोसिस के शेयर्स में हुई है।

करीब 2.45 बजे भारतीय शेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बीच सेंसेक्स ने आज 30000 के जादुई आंकड़े को पार कर 30071 का नया शिखर बनाया। वहीं निफ्टी ने भी मंगलवार की तेजी को जारी रखते हुए शुरूआती मिनटों में ही 9344 का नया हाई बना। बाजारी की तेजी के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत संकेत और अनुमान से बेहतर तिमाही नतीजों के बाद दिग्गज कंपनियों के शेयरों में आया उछाल है।

सेंसेक्स तीसरी बार बना 30 हजारी

बुधवार के कारोबार में सेंसेक्स 30000 के जादुई आकड़े को पार किया। इससे पहले अपने 31 वर्ष के सफर में सेंसेक्स ने 2 बार 30000 के स्तर को पार किया है। इससे पहले मार्च 2015 और 5 अप्रैल 2017 को सेंसेक्स ने 30 हजार के स्तर को पार किया था।

ग्लोबल मार्केट से मजबूत संकेत

भारतीय शेयर बाजार की तेजी के पीछे मुख्य वजह ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मजबूत संकेत हैं। मंगलवार के सत्र में अमेरिकी बाजारों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स नैस्डेक ने मंगलवार को पहली बार 6000 का स्तर छुआ। बीते सत्र में नैस्डेक 41 अंक की बढ़त के साथ 6025 के स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजार में आई तेजी का असर आज भारत समेत तमाम एशियाई बाजारों में पर देखने को मिला।

NCDEX पर 9 बजे बाद नहीं होगी ट्रेडिंग

0

मुंबई। एग्री कमोडिटीज के वायदा कारोबार के लिए देश के सबसे बड़े एक्सचेंज NCDEX ने सर्कुलर जारी किया है कि उसके प्लेटफॉर्म पर गैर एग्री कमोडिटीज में रात 9 बजे के बाद कारोबार नहीं होगा, फिलहाल एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म पर गैर एग्री कमोडिटीज में रात को 11.30 बजे तक कारोबार होता है लेकिन 2 मई से एक्सचेंज 9 बजे के बाद ट्रेडिंग बंद कर देगा।

NCDEX ने सिर्फ गैर एग्री कमोडिटीज के लिए ट्रेडिंग के समय में बदलाव किया है, एग्री कमोडिटीज के लिए ट्रेडिंग के समय मे बदलाव नहीं है, अंतरराष्ट्रीय महत्व वाली एग्री कमोडिटीज यानि क्रूड पाम ऑयल, कॉटन, कपास, सोयामील, सोया तेल और चीनी में सुबह 10 बजे से लेकर रात को 9 बजे तक कारोबार होता रहेगा जबकि अन्य सभी एग्री कमोडिटीज में सुबह 10 बजे से शाम को 5 बजे तक कारोबार होता रहेगा।