Wednesday, June 24, 2026
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छोटी कार बनाने वाली कोरियाई कंपनी KIA मोटर्स की भारत में दस्तक

नई दिल्ली। छोटी कार बनाने वाली कोरियाई कंपनी किया मोटर्स ने 1.1 अरब डॉलर (करीब 7,000 करोड़ रुपये) क निवेश के साथ भारतीय बाजार में उतरने का ऐलान किया है। कंपनी आंध्र प्रदेश में अपनी विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिसकी सालाना क्षमता 3 लाख वाहनों के विनिर्माण की होगी। किया की प्रवर्तक कंपनी हुंडई 17 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ भारत की दूसरी सबसे बड़ी कार विनिर्माता है।

किया की योजना खासतौर पर भारतीय बाजार के लिए कॉम्पैक्ट सिडैन और कॉम्पैक्ट एसयूवी के उत्पादन करने की है। कॉम्पैक्ट सिडैन और एसयूवी वाहनों की बाजार में खासी मांग है और इस पर बड़े आकार के सिडैन और एसयूवी की तुलना में कम उत्पाद शुल्क लगता है। किया भारतीय बाजार में मारुति सुजूकी, हुंडई, होंडा, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स को टक्कर दे सकती है।

मारुति सुजूकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा, ‘सभी तरह की प्रतिस्पर्धा के बावजूद हम बाजार की जरूरतों के बारे में निर्णय करने में सक्षम रहे हैं और अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।’ कंपनी ने कहा कि विनिर्माण संयंत्र का काम वर्ष 2017 की अंतिम तिमाही में चालू होगा और उत्पादन 2019 की दूसरी छमाही तक शुरू होने की उम्मीद है।

नया संयंत्र 563 एकड़ में फैला होगा

नया संयंत्र 563 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैला होगा और इसमें कंपनी के कई आपूर्तिकर्ताओं की इकाइयां भी होंगी।किया मोटर्स के अध्यक्ष हान-वू पार्क ने कहा, ‘आंध्र प्रदेश में कंपनी की नई विनिर्माण इकाई की घोषणा करते हुए हमें खुशी हो रही है।’ कंपनी ने गुरुवार को अनंतपुर में नई इकाई के लिए आंध्र प्रदेश सरकार के साथ समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किए।

हॉलमार्क के लिए पंजीकरण कराये बिना नहीं बेच सकेंगे आभूषण

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मुंबई। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने केवल हॉलमार्क वाले आभूषणों की बिक्री को अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नियमों का एक मसौदा जारी किया है। इसमें हॉलमार्क आभूषण बेचने वाले जौहरियों का बीआईएस के साथ पंजीकरण अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव है।

 एक बार जौहरियों के बीआईएस के साथ पंजीकरण कराने के बाद केवल हॉलमार्क वाले गहनों की ही बिक्री हो सकेगी। हालांकि इससे गहनों की ऑनलाइन बिक्री बंद हो जाएगी क्योंकि बीआईएस पंजीकरण केवल दुकानों को दिया जाता है। इस बारे में व्यापार और उद्योग से जुड़ी कई संस्थाओं ने सरकार को ज्ञापन दिया है जिनमें इंडियन एसोसिएशन ऑफ हॉलमार्किंग सेंटर्स भी शामिल है।

सरकार ने आश्वासन दिया है कि हॉलमार्क वाले आभूषणों की ऑनलाइन बिक्री की इजाजत देने के लिए कुछ रास्ता निकल आएगा। एक ज्ञापन में कहा गया है कि फिलहाल 25,000 जौहरियों के पास गहने बेचने के लिए बीआईएस का लाइसेंस है। अगर बीआईएस हॉलमार्किंग नियमों के मसौदे को लागू किया गया तो 300,000 से अधिक जौहरियों और दुकानों को व्यक्तिगत रूप से व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण कराना होगा और सालाना शुल्क चुकानी होगी।

इससे पहले बीआईएस ने हॉलमार्किंग केंद्रों से केवल कुछ श्रेणियों के गहनों पर ही मुहर लगाने को कहा था। सोने की छड़ों और सिक्कों पर गोल्ड रिफाइनरियों द्वारा ही हॉलमार्किंग किया जाता है। फिक्की की रत्न एवं आभूषण समिति के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने कहा, ‘अगर प्रस्तावित नियमों को लागू किया जाता है तो इससे अधिक से अधिक जौहरियों के हॉलमार्क वाले गहने बेचने का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकेगा। 
 

साल में एक ही बार होगी अब NET की परीक्षा!

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) का साल में एक ही बार आयोजन का प्रस्ताव दिया है। बोर्ड ने पिछले साल नेट के आयोजन को लेकर अपनी असमर्थता जाहिर की थी। हालांकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बोर्ड को व्यवस्था को अभी जारी रखने के लिए कहा है।

सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव बहुत ही प्रारंभिक चरण में है और परीक्षा के आयोजन के लिए जरुरी संसाधनों और इसमें शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को ध्यान में रखकर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।

एक सूत्र ने बताया,‘साल में एक बार परीक्षा का आयोजन होगा तो उम्मीदवार इसको लेकर गंभीर होंगे और संसाधनों का भी विवेकपूर्ण इस्तेमाल किया जा सकेगा क्योंकि राष्ट्रस्तरीय परीक्षा का आयोजन एक बडी कवायद है। हालांकि विचार बहुत ही प्रारंभिक अवस्था में है।’

सूत्र के अनुसार,‘सीबीएसई ने यह विचार इस तथ्य पर गौर करने के बाद दिया है कि पंजीकृत उम्मीदवारों में से केवल 17 प्रतिशत ही परीक्षा देते हैं और उनमें से केवल चार प्रतिशत ही परीक्षा पास कर पाते हैं।’

आयकर विभाग ने 110 करोड़ रुपये के कालेधन का पता लगाया

नयी दिल्ली।  आयकर विभाग ने दो राज्यों में मुखौटा कंपनियों के माध्यम से सृजित 110 करोड़ रुपये  के कालेधन का पता लगाया है। संदेह है कि मुखौटा कंपनियों के इस्तेमाल से दो  सीए ने यह कालाधन सृजित किया।

आयकर विभाग ने मुखौटा कंपनियों व फर्जी एंट्री आपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई के तहत पिछले कुछ दिनों में राजस्थान के बीकानेर व हरियाणा के जींद में तलाशी ली हैं। संदेह है कि इन इकाइयों ने बैंकिंग चैनलों का दुरूपयोग करते हुए कालेधन को सफेद किया।

अधिकारियों के अनुसार पहले मामले में कर अधिकारियों ने पाया कि सूरत के ए सीए ने कम से कम चार कंपनियों के जरिए सात करोड़ रपये से अधिक मूल्य की फर्जी एंट्री की। अधिकारियों के अनुसार इस सीए ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने बीते पांच साल में अपने ग्राहकों के 90 करोड़ रपये के कालेधन को सफेद किया।

वहीं जींद में एक व्यक्ति ने सीए की मदद से दिल्ली स्थित मुखौटा कंपनियों के जरिए धन इध उधर करना स्वीकार किया है। यह मामला 20 करोड़ रपये से अधिक के कालेधन का है। इन दोनों सीए को आगे की पूछताछ के लिए समन भेजे जाने हैं।

सरकार ने गिराई कोटा के उद्योगों पर बिजली, जनप्रतिनिधि इस्तीफा दें

  •  सरकार की नीति और नीयत में खोट से हाडौती की जनता में आक्रोश
  • कोटा थर्मल की 34 वर्ष पुरानी 4 यूनिटें अवधि पार, तो देश में 50 वर्ष पुरानी कैसे चल रहीं
  • सरकार निजी उद्योगपतियों के लालच में जनता की रोजी-रोटी छीनने पर उतारू।

कोटा। उर्जा राज्यमंत्री पुष्पेंद्र सिंह ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि कोटा थर्मल की 4 पुरानी यूनिटें अवधि पार हो गई इसलिए यहां का कोयला छबड़ा भेजकर यूनिट-6 को चालू किया जाएगा। उन्होंने कालीसिंध थर्मल को घाटे में बताकर निजी हाथों में बेचने की बात कही। राज्य मंत्री के इस बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ी आपत्ति जताई।

प्रदेश महासचिव पंकज मेहता ने कहा कि यह कदम जनता एवं मजदूरों के साथ सरासर धोखा है। कोटा थर्मल की पहली यूनिट 34 वर्ष, दूसरी यूनिट 33 वर्ष, तीसरी 28 वर्ष तथा चैथी यूनिट 27 वर्ष 2 माह पुरानी होने के बावजूद पूरी क्षमता से सस्ती बिजली पैदा करने में सक्षम है। यदि इनकी कार्यक्षमता पर भरोसा नहीं है, तो पूरे देश में 50 वर्ष पुराने बिजलीघर कैसे चल रहे हैं?

दिल्ली में बदरपुर थर्मल 1971 से चल रहा है। कोटा बैराज 65 वर्ष पूरे करके अवधिपार हो चुका, लेकिन आज भी कोटा की शान है। इसलिए राज्य सरकार का यह तर्क केवल निजी क्षेत्र को फायदा पहुंचाने के लिए है।

कितने उद्योगों पर लगाएगी ताले

उन्होंने कहा कि विधानसभा में सवाल के जवाब में मंत्री ने बिजलीघरों को बेचने की घोषणा की तो कोटा के तीनों एमएलए सदन में चुप क्यों बैठे रहे। चुनाव घोषणा पत्र मे लाखों युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार रोजगार छीनने पर तुली है।

कोटा से पिछले तीन साल में उद्योगों पर निरंतर ताले लग रहे हैं, क्या जनहित में कोई सरकार ऐसे कदम उठाएगी। यह सिलसिला नहीं थमा तो कोटा की अर्थव्यवस्था चैपट हो सकती है। यह विकास का नहीं, विनाश का खेल है। निजी उद्योगपतियों ने मिलीभगत कर बिजली खरीदने की नियम व शर्तें बदलने की उच्चस्तरीय जांच हो।

हाडौती के तीन प्रमुख बिजलीघरों कोटा, छबड़ा तथा कालीसिंध सुपर थर्मल ने सस्ती दरों पर बिजली पैदा कर राज्य को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया। जब छबड़ा व कालीसिंध में सुपर क्रिटिकल यूनिटें चालू करने का समय आया तो एक वर्ष में अधिकतम लाभ कमाकर घाटे की भरपाई करने की जगह इन्हे निजी क्षेत्र को बेचने की नीति क्यों बनाई।

कांग्रेस जनांदोलन करेगी

पिछले 2 माह से कोटा, झालावाड़, छबड़ा, सूरतगढ़, रामगढ़, धौलपुर, गिरल एवं माही में निजीकरण के विरोध में हजारों इंजीनियर्स, कर्मचारी तथा ठेका श्रमिक धरना व प्रदर्शन, कैंडल मार्च कर जनांदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार की नीति और नीयत में खोट सामने आ जाने से 8 बिजलीघरों से इंजीनियर्स, कर्मचारियों तथा मजदूरों में गुस्सा है।

103 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई। वायदा बाजार की एक्सपायरी के दिन पूरे सत्र में उतार चढ़ाव के बाद शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 103 अंक की कमजोरी के साथ 30,029 के स्तर पर और निफ्टी 10 अंक की कमजोरी के साथ 9342 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 0.09 फीसद की कमजोरी और स्मॉलकैप 0.32 फीसद की तेजी के साथ बंद हुआ है।आज के कारोबार में शॉर्ट कवरिंग के चलते निजी बैंकिंग शेयरों में तेजी देखने को मिली। सेक्टोरियल इंडेक्स में बैंक निफ्टी, आईटी और रियल्टी बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं गिरावट ऑटो, फाइनेंशियल सर्विस, एफएमसीजी, मेटल और फार्मा इंडेक्स में दिखी।

एक्सिस बैंक और एचडीएफसी टॉप लूजर

दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 23 हरे निशान में और 28 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए है। सबसे ज्यादा तेजी यस बैंक, एसीसी, आईओसी, कोटक बैंक और अंबूजा सीमेंट के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट ऑरोफार्मा, ल्यूपिन, आईटीसी, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी के शेयर्स में हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी

अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे कमजोर संकेतों के कारण तमाम एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई 0.17 फीसद की कमजोरी के साथ 19255 के स्तर पर, चीन का शांघाई 0.40 की कमजोरी के साथ 3128 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.08 फीसद की कमजोरी के साथ 24563 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी चौथाई फीसद की कमजोरी के साथ 2202 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, अमेरिकी बाजार के सूचकांक डाओ जोंस 0.10 फीसद की गिरावट के साथ 20975 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.05 फीसद की गिरावट के साथ 2387 के स्तर पर और नैस्डैक सपाट होकर 6025 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुए हैं।

बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो और आईटी को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली बैंकिंग सेक्टर में देखने को मिल रही है। फाइनेंशियल सर्विस (0.38 फीसद), एफएमसीजी (0.28 फीसद), मेटल (0.34 फीसद), फार्मा (0.02 फीसद) और रियल्टी (0.06 फीसद) की कमजोरी देखने को मिल रही है।

एक्सिस बैंक और एचडीएफसी टॉप लूजर

दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में 26 हरे निशान में, 23 गिरावट के साथ और 2 बिना परिवर्तन के कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी अदानीपोर्टस, टाटा मोटर्स, टाटा मोटर्स डीवीआर, कोटक बैंक और गेल के शेयर्स में देखने को मिल रही हैं। वहीं, गिरावट एक्सिस बैंक, एचडीएफसी, बीपीसीएल, इंफ्राटेल और टेक महिंद्रा के शेयर्स में है।

जेईई मेन्स में उदयपुर के कल्पित देश भर में टॉपर,  विश्वजीत 5वें स्थान पर

 -अरविंद

कोटा। सीबीएसई ने ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन 2017 का रिजल्ट घोषित कर दिया है । इंजीनियरिंग की सबसे बडी प्रवेश परीक्षा जेईई मेन-2017 में रेजोनेंस के उदयपुर सेंटर के क्लासरूम छात्र कल्पित वीरवाल 100 प्रतिशत मार्क्स  अर्जित कर आॅल इंडिया टाॅपर बने। 5वीं जेईई-मेन के इतिहास में पहली बार किसी छात्र ने 360 में से 360 अंक हासिल करने का कीर्तिमान बनाया।

इतना ही नहीं, उसने एससी केटेगरी के बावजूद सामान्य वर्ग में भी बाजी मारी। इसी संस्थान के विश्वजीत अग्रवाल को एआईआर-5 रैंक मिली। इस वर्ष देश के 1781 सेंटर्स पर 10.20 लाख परीक्षार्थियों ने पेपर दिया, जबकि गत वर्ष 11.94 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 2.20 लाख सफल परीक्षार्थी 21 मई को जेईई-एडवांस के लिए क्वालिफाई हुए। 

इसी के आधार पर जेईई (एडवांस्ड) में शामिल होने वाले 2,20,000 अभ्यर्थियों की सूची और पेपर वन की ऑल इंडिया रैंक भी जारी की जाएगी।  इस बार जेईई (मेन्स) के पैटर्न में बदलाव किया गया है। 12वीं के बोर्ड परीक्षा के अंक फाइनल रैकिंग में नहीं जोड़े जाएंगे। जेईई (मेन) की रैंकिंग ही फाइनल होगी।

पांच साल पहले जेईई (मेन) की रैंक जारी होने के बाद 12वीं के रिजल्ट का इंतजार किया जाता था। रिजल्ट आने के बाद नंबर जोड़कर फाइनल रैंक जारी होता। इसमें काफी उलटफेर हो जाता था। यह आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, डीम्ड विश्वविद्यालयों और अन्य केंद्रीय  तकनीकी संस्थानों में दाखिले के लिए अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है।

जेईई-एडवांस के लिए 28 से  रजिस्ट्रेशन

देश की 23 आईआईटी में लगभग 11 हजार सीटों के लिए 21 मई को जेईई-एडवांस परीक्षा होगी। जिसमे जेईई-मेन में क्वालिफाई विद्यार्थी 28 अप्रैल से 2 मई तक वेबसाइट www.jeeadv.ac.in  पर आॅनलाइन आवेदन कर सकेंगे। कुल 2.20 लाख परीक्षार्थियों में सामान्य वर्ग के 1,11,100 (50.5 प्रतिशत) विद्यार्थी, ओबीसी वर्ग के 59,400, एससी वर्ग के 33,000 तथा एसटी वर्ग के 16,500 विद्यार्थी जेईई-एडवांस देंगे। केंद्र सरकार ने गल्र्स केेटेगरी में इस वर्ष 14 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का निर्णय किया है, जिससे गर्ल्स  को ज्यादा अवसर मिलेंगे। गत वर्ष की तुलना में इस बार जेईई एडवांस्ड में 73000 परीक्षार्थी ज्यादा होंगे। 2016 में 1.47,678 नेे यह परीक्षा दी थी। इस वर्ष आईआईटी में एडमिशन के लिए 12वीं साइंस में सामान्य व ओबीसी वर्ग के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत तथा एससी,एसटी वर्ग के लिए 65 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे।

19 प्वाइंट कटऑफ गिरी
 इस साल जेईई एडवांस क्वालीफाई की कटऑफ गिरी है। पिछले साल 100 नंबर पर जनरल कैटेगिरी के छात्रों ने एडवांस के लिए क्वालीफाई किया था। इस साल यह कट ऑफ 81 पर आ गई है। कट ऑफ स्कोर के मुताबिक, फिजिकली हैंडिकैप्ड कैटेगिरी का कट ऑफ स्कोर एक प्वाइंट रहा है। दूसरी केटेगिरी की कट ऑफ में भी गिरावट हुई है।

शीर्ष रैंक पर कोटा का दबदबा कायम

शिक्षा नगरी के कोचिंग विद्यार्थियों को जेईई-मेन में शीर्ष रैंक पर सफलता मिलने से एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट, रेजोनेंस, वायब्रेंट आईआईटी एकेडमी, बंसल क्लासेस, कॅरिअर पाॅइंट, मोशन आईआईटी तथा राव आईआईटी में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर धूूमधाम के साथ जश्न मनाया। एलन के 22 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची की टाॅप-100 रैंक पर बाजी मारी। जबकि 64 से अधिक विद्यार्थियों ने 360 में से 300 से अधिक माक्र्स अर्जित करने का कीतिॅमान रचा। वायब्रेन्ट एकेडमी,  से आॅल इंडिया रैंक-26 तथा 72 पर दो विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की। सीबीएसई का सर्वर ओवरलोड होने से सभी संस्थानों में रिजल्ट विश्लेषण देर रात तक जारी रहा। 

पांच साल की कटऑफ

साल  जनरल ओबीसी एससी  एसटी
2017 81           49  32 27
2016 100  70  52  48
2015  105  70 50 44
2014 115 74 53 47
2013 113 70 50 45

 

यहां देखें रिजल्ट 

सीबीएसई ही कराएगा NET, जुलाई में होगा टेस्ट

नई दिल्ली। स्टूडेंट्स की टेंशन दूर करते हुए यूजीसी ने कहा है कि नैशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) जुलाई में ही होगा और इसे सीबीएसई ही करवाएगा। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (यूजीसी) की ओर से कहा गया है कि अगले महीने तक इसे लेकर नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। बोर्ड का कहना है कि एग्जाम जुलाई में ही होगा।

सोमवार को यूजीसी के आगे स्टूडेंट्स ने नेट को लेकर प्रोटेस्ट भी किया था, जिसके बाद यूजीसी अधिकारियों ने कहा था कि इसे लेकर दो-तीन दिन में स्थिति साफ की जाएगी। सीबीएसई को भी इस बारे में जल्द जानकारी दे दी जाएगी।यूनिवर्सिटी और कॉलेज के लिए लेक्चरर पोस्ट और जेआरएफ फेलोशिप के लिए नेट एलिजिबिलिटी टेस्ट होता है।

हर साल करीब 5 लाख स्टूडेंट्स यह टेस्ट देते हैं। सीबीएसई इसे ऑर्गनाइज करवाता है, मगर कुछ महीने पहले बोर्ड ने यूजीसी से कहा था कि वो अब नेट नहीं करवा पाएगा। इसके बाद नेट की रद्द होने की खबर भी फैली, जिससे स्टूडेंट्स काफी परेशान थे। प्रोटेस्ट के बाद यूजीसी ने इसे लेकर एचआरडी मिनिस्ट्री से बातचीत की है।

यूजीसी के एक अधिकारी का कहना है कि मिनिस्ट्री का कहना है कि जब तक अकैडमिक एग्जाम ऑर्गनाइज करवाने के लिए जब तक नैशनल टेस्ट एजेंसी नहीं बनती, तब तक सीबीएसई को ही यह टेस्ट करवाना होगा। नेट को लेकर कागजी कार्रवाई भी जल्द हो जाएगी।अधिकारी का कहना है कि एग्जाम जुलाई में ही होगा। स्टूडेंट्स को फिक्र करने की जरूरत नहीं है, अगर लेट हुआ भी तो यह तय समय से दस दिन से ज्यादा आगे नहीं होगा। 

जिंस ऑप्शन में कारोबार को सेबी की मंजूरी

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मुंबई । भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने  जिंस ऑप्शन में कारोबार को मंजूरी दे दी। ऑप्शन में वास्तविक कारोबार शुरू होने में कुछ समय लगेगा क्योंकि सबसे पहले वित्त मंत्रालय को संबंधित नियम संशोधित करने होंगे। ऐसा एक अधिसूचना जारी करके किया जा सकता है। वहीं नियामक ने एक रास्ता निकाला है, जिसमें संसद की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।

वर्तमान प्रतिभूति संविदा नियमन (एससीआर) अधिनियम सेबी को ऑप्शन की मंजूरी देने की सभी शक्तियां देता है। हालांकि ऑप्शन में निपटान इक्विटी ऑप्शन की तुलना में ज्यादा जटिल होगा क्योंकि जिंसों में ऑप्शन वायदा में स्थानांतरित या एक्सपायर होगा। सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा, ‘ऑप्शन की एक्सपायरी उसी जिंस के वायदा में होगी और इसमें इक्विटी की तरह नकद निपटान की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी।’

हालांकि उन्होंने कहा है कि ऑप्शन के विस्तृत दिशानिर्देश तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि ऑप्शन के वायदा में एक्सपायर होने के बाद वायदा पर लागू मार्जिन ऑप्शन पर भी लगेंगे। एक्सपायरी पर अगर ऑप्शन का खरीदार अपनी पॉजिशन को बनाए रखना चाहता है तो उसे वायदा पर लगने वाला मार्जिन चुकाना होगा। किसी कॉल ऑप्शन का खरीदार वायदा का खरीदार बन जाएगा और पुट ऑप्शन का खरीदार वायदा में विक्रेता बन जाएगा। हालांकि एक्सचेंज इसे लेकर आशावादी हैं।

ऑप्शन जोखिम प्रबंधन का बेहतर औजार

‘ एनसीडीईएक्स के एमडी और सीईओ समीर शाह ने कहा, ‘किसानों सहित बहुत से भागीदारों के लिए ऑप्शन जोखिम प्रबंधन का बेहतर औजार हैं। किसानों ने भी सक्रियता से वायदा का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। ऑप्शन एवं वायदा का संयोग बाजार भागीदारों को ऑप्शन की सुरक्षा के साथ वायदा का लाभ उठाने का मौका दे सकता है। ऑप्शन के जरिये तरलता में इजाफा होने से लेनदेन लागत, बाजार स्थिरता में सुधार और कीमत निर्धारण आदि में पारदर्शिता जैसे अन्य लाभ भी मिलेंगे।’ हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि जिंस ऑप्शन की निपटान प्रक्रिया शुरुआत में काफी जटिल रहेगी।

 

बॉलिवुड ऐक्टर विनोद खन्ना का निधन

मुंबई। मशहूर बॉलिवुड ऐक्टर विनोद खन्ना का निधन हो गया है। 70 वर्षीय खन्ना कैंसर से पीड़ित थे। हाल ही में उनकी एक तस्वीर भी वायरल हुई थी, जिसमें वे बेहद कमजोर नजर आ रहे थे। गुरुदासपुर से सांसद रहे विनोद खन्ना ने मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में अंतिम सांस ली।

खन्ना को बीते 31 मार्च को मुंबई स्थित सर एच एन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, अस्पताल की ओर से यही कहा गया था कि खन्ना के शरीर में पानी की कमी हो गई है। विनोद खन्ना के दो बेटे अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना हैं, जो बॉलिवुड में सक्रिय हैं।

खन्ना ने अभिनय की शुरुआज 1968 में फिल्म ‘मन का मीत’ से की। उन्होंने इसके साथ ही उन्होंने ‘मेरे अपने’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘इम्तिहान’, ‘इनकार’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘लहू के दो रंग’, ‘कुर्बानी’, ‘दयावान’ और ‘जुर्म’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय के लिए जाना जाता है। वह आखिरी बार 2015 में शाहरुख खान की फिल्म ‘दिलवाले’ में नजर आए थे।