Thursday, July 9, 2026
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मंजू बिरला फिर नागरिक सहकारी बैंक की अध्यक्ष, 12 डायरेक्टर भी निर्वाचित

कोटा| मंजू बिरला फिर महिला नागरिक सहकारी बैंक की अध्यक्ष होंगी। मंगलवार को डायरेक्टर के निर्विरोध निर्वाचन के बाद लगभग यह तय हो गया। मंगलवार को नाम वापसी का अंतिम दिन था और 20 महिलाओं में से 8 ने नाम वापस ले लिए। इसके बाद 12 डायरेक्टरों का निर्वाचन निर्विरोध हो गया। यह सभी बिरला गुट की ही हैं।

अब 1 अगस्त को चेयरमैन का चुनाव होगा। इसमें वर्तमान अध्यक्ष मंजू बिरला का बनना तय है। सोमवार को नामांकन भरने वालों में सुमन खंडेलवाल, कामिनी परमानी , मंजू बिरला, ऊषा न्याती, लता गर्ग, सुनीता कोहली, सुनीता नायक, श्वेता जैन, मोनिका तंवर, चेतना जादौन, उर्मिला कुमारी सोनी,निलिमा मीणा, प्रियंका, गीता शर्मा, ममता माहेश्वरी, खुशबू, राजकुमारी, संजय बिरला और खुशबू बिरला शामिल थीं।

नाम वापसी सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक हुई। 2.30 बजे चुनाव अधिकारी चौबदार ने निर्वाचित सदस्यों को प्रमाण देकर शपथ दिलाई। इस मौके पर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश बिरला ने निर्वाचित संचालन मंडल को बधाई दी।

 

 

पहली तिमाही में भारती एयरटेल के शुद्ध लाभ में 75 % की गिरावट

नयी दिल्ली। भारती एयरटेल का शुद्ध लाभ जून में समाप्त पहली तिमाही में 74.89 % की गिरावट के साथ 367 करोड़ रुपये रह गया। नयी कंपनी रिलायंस जियो के दूरसंचार सेवाओं के क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा शुरू करने और नुकसानदेह मूल्य निर्धारण ने एयरटेल के कामकाज पर बुरा असर डाला।

भारती एयरटेल ने पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 1,462 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में एयरटेल की कुल आय 14 % गिरकर 21,958 करोड़ रुपये रह गयी। पिछले साल इसी अवधि में उसने 25,546 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था।

भारती एयरेटल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (भारत और दक्षिण एशिया) गोपाल विट्ठल ने कहा, नयी कंपनी के आने से भारतीय दूरसंचार बाजार में मूल्य निर्धारण को लेकरा बाधा जारी रही और इस उद्योग में राजस्व साल दर साल के हिसाब से 15 % गिरा। इससे क्षेत्र के लाभ, नकद प्रवाह आदि पर दबाव पड़ा।

वैसे जान पड़ता है कि कंपनी ने सितंबर, 2016 में जियो के बाजार में उतरने के बाद तिमाही आधार पर हो रही गिरावट पर नियंत्रण पा लिया है। भारती एयरटेल का शुद्ध लाभ मार्च में समाप्त तिमाही की तुलना में आंशिक रुप से गिरा है। मार्च में समाप्त तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 373.4 करोड़ रहा था।

 

 

रिकॉर्ड हाई छूने के बाद सेंसेक्स लुढ़का, 32228.27 पर बंद

नई दिल्ली। दिनभर के उतार चढ़ाव के बाद शेयर बाजार सपाट बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 17.60 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 32228.27 के स्तर पर और निफ्टी 1.30 अंक की कमजोरी के साथ 9965 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

सुबह के कारोबार में निफ्टी 10,000 के पार खुला था। इसने 10,011 का रिकॉर्ड हाई छुआ। मंगलवार के कारोबार में मिडकैप शेयर्स 0.40 फीसद की तेजी के साथ रिकॉर्ड क्लोजिंग देखने को मिली है। वहीं, स्मॉलकैप में 0.11 फीसद की बढ़त देखने को मिली है।

निफ्टी बैंक की रिकॉर्ड क्लोजिंग
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, एफएमसीजी, आईटी और फार्मा के शेयर्स में गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार के कारोबार में निफ्टी बैंक की रिकॉर्ड क्लोजिंग देखने को मिली है।

यह 24520.70 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। वहीं, फाइनेंशियल सर्विस (0.32 फीसद), मेटल (1.26 फीसद) और रियल्टी (0.38 फीसद) की बढ़त देखने को मिली है।

टीसीएस टॉप गेनर
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 24 हरे निशान और 27 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी वेदांता लिमिटेड, इंडिया बुल्स हाउसिंग लिमिटेड, हिंडाल्को, एक्सिस बैंक और टीसीएस के शेयर्स में देखने को मिली है। वहीं, गिरावट जील, अल्ट्रा सीमेंट, टेक महिंद्रा, ल्यूपिन और टाटा मोटर्स के शेयर्स में हुई है।

यूपीएसी : सीएमएस EXAM-2017 का एडमिट कार्ड जारी

नई दिल्ली। यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन (UPSC) ने CMS EXAM-2017 का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। कैंडिडेट्स अपना एडमिट कार्ड UPSC की ऑफिशल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं।

 कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज एग्जामिनेशन-2017 (CMS EXAM-2017) की ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन 13 अगस्त, 2017 को होगा। इस परीक्षा के माध्यम से करीब 710 पदों पर नियुक्तियां होंगी।

एडमिट कार्ड यहां से करें डाउनलोड

GSTN पर बिल अपलोड शुरू, लेकिन करदाता तैयार नहीं

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यह अनिवार्य नहीं है कि तत्काल बिलों को अपलोड किया जाए और कंपनियां जब भी चाहें बिक्री के बाद बिल अपलोड कर सकती हैं। 

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की आईटी प्रणाली की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनी जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ने सभी बिलों को अपलोड करने के लिए आज से अपने सिस्टम को शुरू कर दिया है।

करदाताओं का कहना है कि उन्हें चीजों को समझने और बिलों की अपलोडिंग करने में अभी कुछ दिन और लगेंगे। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है कि तत्काल बिलों को अपलोड किया जाए और कंपनियां जब भी चाहें बिक्री के बाद बिल अपलोड कर सकती हैं। 

जीएसटीएन के मुख्य कार्याधिकारी प्रकाश कुमार ने कहा, ‘सिस्टम लाइव हो गया है।’ इससे पहले भी जीएसटीएन ने बिलों को अपलोड करने की अनुमति दी थी, लेकिन यह सुविधा प्रदाताओं, कर सलाहकारों और कुछ कर अधिकारियों तक ही सीमित थी।

कुमार ने कहा कि बिलों को सुविधा प्रदाताओं के माध्यम से अपलोड कराया जा सकता है और साथ करदाता खुद भी बिल अपलोड कर सकते हैं। इसके लिए जीएसटीएन ने 30 जून को एक्सेल प्रारूप और ऑफलाइन टूल जारी किया था।

हालांकि क्लियरटैक्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी अर्चित गुप्ता, जो सुविधा प्रदाता भी हैं, ने कहा कि करदाताओं को उस पेज को तलाशने में कठिनाई हो सकती है, जहां उन्हें बिलों को अपलोड करना है।

उन्होंने कहा, ‘हमने देखा है कि फिलहाल केवल जेएसओएन फाइल ही इसे सपोर्ट कर रहा है। ऐसे में बिलों के लिए एक्सेल शीट को जेएसओएन प्रारूप में बदलना होगा।’

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि कारोबारियों को इसके प्रारूप को समझने में अभी कुछ दिन लगेंगे।

30 हजार खाताधारकों पर IT विभाग हुआ सख्त, नोटबंदी के बाद बदली ITR

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद से ही कालेधन को खत्म करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए आयकर विभाग नोटबंदी के बाद ITR में बदलाव करने वालों की जांच करने के लिए उनकी पहचान करने में जुटा हुआ है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने सोमवार को यह जानकारी दी कि विभाग ने 30 हजार ऐसे लोगों की लिस्ट बनाई है जो कर चोरी जैसे कामों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं, देश में करदाताओं का संख्या बढ़कर सवा छह करोड़ हो चुकी है। 

सीबीडीटी के चेयरमैन ने एक कार्यक्रम में मीडिया को बताया कि 8 नवंबर 2016 में नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला लिया गया था। लेकिन नोटबंदी के बाद दाखिल ITR की तुलना जब पहले के रिकॉर्ड्स के साथ की गई तो ये मामले सामने आए। उन्होंने बताया कि इन मामलों में कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन क्लीन मनी के पहले चरण के बाद ये सामने आया है कि कुछ करदाताओं ने अपने बैंक खातों की जानकारी देने में लेटलतीफी की है और कई खाताधारकों ने अधिकारियों को अकाउंट की कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई है। इसलिए विभाग उन खाताधारकों की तलाश कर रहा है कि जिन्होंने नोटबंदी के बाद संदिग्ध रूप से अपने बैंक अकाउंट में पैसा जमा करवाया है। 

चेयमैन ने आगे बताया कि भारत में एंट्री रेट टैक्स 5 प्रतिशत है जो कि पूरी दुनिया में सबसे कम में से एक है। हाल ही में लागू किए गए बेनामी लेनदेन (निषेध) कानून पर बात करते हुए बताया कि 233 मामलों में 840 करोड़ रुपये मूल्य के अटैचमेंट किए जा चुके हैं।

उन्होंने कई शेल कंपनियों के पास बेनामी संपत्ति होने की भी बात कही जिन पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी से पहले आयकरदाताओं संख्या 4 करोड़ थी जो नोटबंदी के बाद से सवा छह करोड़ हो गई है।

एसबीआई पर कंज्यूमर पैनल ने लगाया एक लाख का जुर्माना

आयोग ने कहा कि बैंक चोरी किए जा चुके एटीएम कार्ड को ब्लॉक करने में असफल रहा है, जो कि सेवा में त्रुटि का स्पष्ट मामला है।

नई दिल्ली । दिल्ली स्टेट कंज्यूमर पैनल (दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को एक ग्राहक को 1.29 लाख रुपये वापस करने के निर्देश दिए हैं।

पैनल ने एसबीआई के खिलाफ यह फैसला इसलिए सुनाया है। क्योंकि साल 2006 में चोरी हुए ग्राहक के एटीएम कार्ड को ब्लॉक करने के लिए बैंक ने कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए थे।

इसके अलावा आयोग ने मामले को गंभीरता से न लेने और उसके खिलाफ अपील दायर करने पर बैंक पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जिला फोरम के खिलाफ एसबीआई की ओर से दायर की गई याचिका को खारिज करते हुए आयोग ने कहा कि बैंक को ग्राहक को पैसे देने होंगे।

आयोग ने कहा कि बैंक चोरी किए जा चुके एटीएम कार्ड को ब्लॉक करने में असफल रहा है, जो कि सेवा में त्रुटि का स्पष्ट मामला है। राज्य आयोग के न्यायिक सदस्य एन पी कौशिक ने कहा, “यह वो बैंक है जो कि एटीएम कार्ड को ब्लॉक करने के प्रभावी प्रयासों को उठाने में असफल रहा है। 

इसलिए ये सेवा में स्पष्ट तौर पर त्रुटि का मामला है। यह मामाला साल 2006 का है, लेकिन शिकायत कर्ता को 11 साल बीत जाने के बाद भी एक पैसा नहीं दिया गया।” इसमें कहा गया कि बैंक ने शिकायतकर्ता को कोई भी भुगतान करने के बजाए फाल्स एंड फ्रीवल्स अपील दायर की थी। आयोग ने कहा कि इसे खारिज कर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

कोविंद बने देश के नए राष्ट्रपति, प्रणव दा विदा

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कोविंद ने कहा कि खेतों में काम करने वाली महिलाएं, किसान, वैज्ञानिक, स्टार्टअप कारोबारी से लेकर सुरक्षाबलों तक राष्ट्र निर्माता हैं।

नई दिल्ली। रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को देश के 14वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण किया। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कोविंद को शपथ दिलाई। शपथ के बाद प्रणव और कोविंद ने कुर्सियां बदलीं। इसके बाद, 21 तोपों की सलामी दी गई।

शपथ ग्रहण में पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां मौजूद थीं। शपथ ग्रहण के वक्त मंच पर कोविंद और प्रणव के अलावा खेहर, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, स्पीकर सुमित्रा महाजन भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी मंच के सामने सांसदों और अन्य मेहमानों के साथ सामने की कतार में बैठे थे। मोदी के साथ पूर्व पीएम देवगौड़ा, मनमोहन सिंह के अलावा सोनिया गांधी, नितिन गडकरी बैठे थे।

शपथ ग्रहण के बाद सेंट्रल हॉल में नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भाषण हुआ। कोविंद ने अपनी स्पीच हिंदी में दी। कोविंद ने राष्ट्रपति पद का दायित्व सौंपे जाने के लिए सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सेंट्रल हॉल में आने के बाद उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं।

कोविंद ने अपनी शुरुआती जिंदगी और चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह मिट्टी के घरों में पले हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में आम लोगों के सहयोग की भी जरूरत है। कोविंद ने कहा कि खेतों में काम करने वाली महिलाएं, किसान, वैज्ञानिक, स्टार्टअप कारोबारी से लेकर सुरक्षाबलों तक राष्ट्र निर्माता हैं।

बता दें कि प्रणव मुखर्जी कोविंद को काली लिमो कार में लेकर संसद भवन पहुंचे थे। कोविंद के सेंट्रल हॉल की ओर जाते हुए चीफ जस्टिस खेहर, स्पीकर सुमित्रा महाजन और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी साथ थे। शपथग्रहण के बाद सुरक्षाबलों के काफिले के साथ प्रणव और कोविंद उसी कार से राष्ट्रपति भवन वापस लौटे।

यहां कोविंद को सलामी दी गई। इसके साथ ही रामनाथ कोविंद को कार्यभार सौंपने के बाद प्रणव मुखर्जी 340 कमरों वाले राष्ट्रपति भवन से हटकर 10 राजाजी मार्ग स्थित एक बंगले में रहने के लिए चले गए।

महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी
शपथ ग्रहण से पहले कोविंद ने मुखर्जी से राष्ट्रपति भवन के स्टडी रूम में जाकर मुलाकात की। मुखर्जी ने गुलदस्ता देकर कोविंद की अगवानी की। राष्ट्रपति भवन पहुंचने से पहले कोविंद राजघाट गए। वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

काले रंग का सफारी सूट पहने कोविंद के साथ उनकी पत्नी भी थीं। कोविंद को गांधीजी का एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। वहीं, राष्ट्रपति पद के शपथ के लिए खास तैयारियां की गई थीं।

कोविंद के परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए संसद भवन पहुंचे थे। वहीं, राष्ट्रपति की शपथ के मद्देनजर लोकसभा और सुप्रीम कोर्ट का कामकाज दोपहर बाद तक के लिए टाल दिया गया था।

पहली बार सुप्रीम कोर्ट के सभी जस्टिस शामिल
राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में संभवत: पहली बार सुप्रीम कोर्ट के सभी जस्टिस शामिल हुए। अब तक चार राष्ट्रपतियों- के.आर. नारायणन, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल और प्रणव मुखर्जी को नामांकन दाखिल करने में सहयोग दे चुके वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एच. पारेख ने कहा, ‘मैं बहुत दावे के साथ तो नहीं कह सकता, पर जहां तक मुझे याद है, इससे पहले ऐसा नहीं हुआ है।’

इनपुट टैक्स क्रेडिट मैन्युफेक्चरर्स को मिलती है, ट्रेडर्स को नहीं-देखिए वीडियो ..

कोटा। जीएसटी लागू होने के बाद से ऑटोमोबाइल ट्रेडर्स परेशान हैं। उनका कहना है वाहनों की सेल पर इनपुट टैक्स क्रेडिट मैन्युफेक्चरर्स को मिलती है, ट्रेडर्स को नहीं। अपनी परेशानी को लेकर वह उच्च अधिकारियों से मिल चुके हैं। वाहनों के पुर्जों पर टैक्स क्रेडिट नहीं मिलती है।

 उनका कहना हैहमारी वेट की क्रेडिट पड़ी हैं, क्या वह जीएसटी में समायोजित होगी। इसका किसी अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं मिल रहा है। तो आइये देखिए Federation of Automobile Dealers Associations के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष देशनिधि कासलीवाल से हमारे चैनल LEN-DEN NEWS के साथ बातचीत——-

UGC NET 2017: 30 अगस्त से पहले करें आवेदन, नोटिफिकेशन जारी

नई दिल्ली। यूजीसी NET की नवंबर में होने वाली परीक्षा के लिए सोमवार को नोटिफिकेशन जारी की दिया गया। यह नोटिफिकेशन सीबीएसई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://cbsenet.nic.in पर जारी कर किया।

नोटिफिकेशन के अनुसार, नेट की परीक्षा 5 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इससे पहले भी एक नोटिफिकेशन आया था था में 5 नवंबर को ही परीक्षा कराए जाने की बात कही गई थी। परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 30 अगस्त तक जारी रहेगी। वहीं फीस जमा कराने की आखिरी तारीक 31 अगस्त होगी।

अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे रजिस्ट्रेशन कराने से पहले ध्यान से पढ़ लें, इसमें दी गई सूचनाएं जैसे फीस जमा कराने की प्रक्रिया, शैक्षिक योग्यता और उम्र की सीमा आदि चेक लें। नेट की परीक्षा देशभर के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए आयोजित कराई जाती है।

हालांकि इस बार जुलाई में आयोजित कराई जाने वाली परीक्षा को टाल दिया गया था। नेट की परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को उनके चयनित विषय में परास्नातकीय शोध करने का मौका मिलेगा। वहीं जो पहले से मास्टर डिग्री होल्डर हैं उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्त का अवसर मिलेगा।

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