Thursday, July 9, 2026
Home Blog Page 5752

चांदी 40,000 के पार, सोना 340 रुपये उछला

नई दिल्ली । दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीदारी के कारण गोल्ड 340 रुपये बढ़कर 29890 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। गोल्ड का यह स्तर दो महीनों का उच्चतम स्तर है। वहीं चांदी ने भी 40,000 का स्तर पार कर लिया है।

चांदी 570 रुपये बढ़कर 40,070 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। चांदी की कीमतों में यह तेजी इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान के चलते देखने को मिली है।

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच चल रहे भूराजनैतिक तनाव (जियो पॉलिटिकल टेंशन) के कारण सोने की मांग में तेजी देखने को मिली है। घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी मांग के चलते कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.09 फीसद बढ़कर 1278 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.44 फीसद बढ़कर 16.99 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है। देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद की शुद्धता वाला सोना 340 रुपये बढ़कर क्रमश: 29890 और 29740 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

सोने का यह स्तर आखिरी 7 जून को देखा गया था। जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्र में गोल्ड 200 रुपये चढ़ा था। गिन्नी हालांकि 24500 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रही है।

सोने की तरह चांदी तैयार भी 570 रुपये बढ़कर 40,070 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 1195 रुपये बढ़कर 38990 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। 

 

बैंक कर्मियों व अधिकारियों ने किया प्रदर्शन

कोटा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी आव्हान पर कोटा में बैंक कर्मी एवं अधिकारियों ने शाम 5.15 बजे ओरिएण्टल बैंक ऑफ कॉमर्स की घोड़ेवाला चौराहा मार्ग स्थित एरोड्राम सर्किल शाखा के समक्ष प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के जन विरोधी बैंकिंग सुधार, कॉर्पोरेट घरानों के एनपीए को बट्टे खाते में डालने, बैंक प्रभार बढ़ाने के विरोध में तथा एनपीए की वसूली हेतु कारगर कदम उठाने के लिए संसदीय समिति की रिपोर्ट लागू करने, सभी वर्गों में नई भर्ती करने, बैंक बोर्ड ब्यूरो भंग करने, बैंक कर्मियों अधिकारियों के मुद्दे तुरंत हल करने आदि मांगों के समर्थन में नारे लगाए गए।

इन्ही मुद्दों को लेकर 22 अगस्त को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आव्हान किया गया है। प्रदर्शनकारी बैंक कर्मी एवं अधिकारियों को पदम पाटोदी, विपिन चोरायवाल, सुशील मेहता,मोहम्मद अकरम, देवनारायण,संजीव झा, गजानंद मीणा, अनिल ऐरन,डी के गुप्ता, सुरेश खंडेलवाल, रमेश सिंह,रवि कांत शर्मा, मुनीश्वर पाइक, आर बी मालव, मिर्जा नफीस बेग, भारत भूषण गौतम आदि ने संबोधित किया

सुप्रीम कोर्ट का ऐंबी वैली की नीलामी रोकने से इनकार

0

नई दिल्ली। सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को सुप्रीम कोर्ट से फिर बड़ा झटका लगा है। पुणे के निकट अपने प्रीमियम प्रॉजेक्ट ऐंबी वैली की नीलामी रोकने के लिए सहारा ग्रुप ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई, लेकिन कोर्ट ने नीलामी रोकने से इनकार कर दिया।

मार्केट रेग्युलेटर सेबी को बकाया रकम न चुकाने की वजह से ऐंबी वैली की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप से लगभग 20,000 करोड़ रुपये चुकाने के लिए कहा था। यह रकम उन इनवेस्टर्स को दी जानी है जिन्होंने सेबी की ओर से अवैध घोषित की गई सहारा ग्रुप की दो स्कीमों में इनवेस्टमेंट किया था।

सेबी का दावा है कि यह रकम अब मूल और ब्याज को मिलाकर करीब 37,000 करोड़ रुपये हो गई है। सहारा ने अभी तक प्रिंसिपल अमाउंट के एक बड़े हिस्से का भुगतान नहीं किया है। कंपनी को अभी प्रिंसिपल अमाउंट के हिस्से के तौर पर 9,000 करोड़ रुपये और चुकाने हैं।

जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने सहारा ग्रुप पर दबाव बनाना जारी रखा है। बेंच ने कहा कि ब्याज की रकम चुकाने को लेकर सहारा ग्रुप की आपत्ति पर बेंच के सुनवाई करने से पहले ये भुगतान किया जाए।

25 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में सहारा ग्रुप ने रकम चुकाने के लिए और समय मांगा था। सहारा की ओर से कोर्ट में दिए गए प्रपोजल में बाकी की रकम देने के लिए 18 महीने का समय मांगा गया था। लेकिन बेंच इसके लिए अधिक समय नहीं देना चाहती।

बेंच ने कंपनी को प्रत्येक तीन महीने में 1,500 करोड़ रुपये की किस्त चुकाने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत रॉय को दोबारा जेल भेजा जा सकता है। रॉय को दो वर्ष तक दिल्ली की तिहाड़ जेल में रहने के बाद पिछले वर्ष मई में पैरोल पर रिहा किया गया था। इसके बाद से उनकी पैरोल कई बार कुछ महीनों के लिए बढ़ाई जा चुकी है।

कोर्ट ने इसके साथ ही बॉम्बे हाई कोर्ट के रिसीवर को ऐंबी वैली की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है। सहारा ग्रुप ने ऐंबी वैली की कीमत 39,000 करोड़ रुपये से अधिक लगाई है। बेंच ने पहले ही ऐंबी वैली की बिक्री से जुड़े नियम और शर्तों को मंजूरी दे दी है।

 

चौथे दिन भी गिरावट, सेंसेक्स 266 अंक टूटा

मुंबई। लगातार चौथे दिन शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। गुरुवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 266.51 अंक टूटकर 31,531.33 और निफ्टी 87.80 पॉइंट गिरकर 9820.25 पर बंद हुआ।

कमजोर वैश्विक संकेतों से घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआत ही नरमी के साथ हुई। सेंसेक्स शुरआती कारोबार में 160 अंक गिरावट में खुला और एनएसई का निफ्टी 9900 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। घरेलू शेयर बाजारों में खुदरा और विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी से धारणा कमजोर रही है।

30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स सुबह 160.05 अंक यानी 0.50 फीसदी टूट कर 31637.79 अंक पर खुला। ऑटो, पीएसयू, पावर, तेल और गैस, पूंजीगत वस्तुएं, बैंक और धातु समूह की कंपनियों के शेयर 1.40 फीसदी तक गिर गए। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 500 अंक से अधिक कमजोर हो चुका है।

ब्रोकरों ने बताया कि भू-राजनैतिक तनाव के कारण अमेरिका औप यूरोप में बिकवाली होने, एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिलने और विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी से घरेलू बाजार दबाव में रहे। इसके अलावा, टाटा मोटर्स और आयशर मोटर्स जैसी कंपनियों का तिमाही परिणाम उम्मीद से कमजोर रहने के कारण भी बिकवाली को बल मिला।

यूजीसी -नेट 2017 के लिए आज से आवेदन की प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने नैशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) 2017 के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। छात्र ऑफिशल वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया इस साल 11 अगस्त से शुरू होकर 11 सितंबर, 2017 तक चलेगी। यूजीसी नेट 2017 एग्जाम 5 नवंबर, रविवार को होगा। जनरल कैटिगरी के कैंडिडेट्स के लिए एग्जाम फीस 1000 रुपये, ओबीसी के लिए 500 रुपये और रिजर्व्ड कैटिगरी के लिए 250 रुपये है।

यूजीसी 5 नवंबर को तीन सेशन में एग्जाम आयोजित करेगा। पेपर को क्लियर करने और अगले राउंड्स में जाने के लिए कैंडिडेट्स को कम से कम 40 फीसदी (रिजर्व्ड कैटिगरी के लिए 35 फीसदी) स्कोर करना होगा।

पहला दो सेशन 1.15-1.15 मिनट का होगा और इसमें 100 मार्क्स के 50 सवाल होंगे। ये सेशन 9.30 बजे सुबह में शुरू होकर 10.45 बजे तक चलेंगे। तीसरा सेशन ढाई घंटे का होगा जो 2 बजे से 4.30 बजे तक चलेगा। इस सेशन में 150 मार्क्स के 75 सवाल होंगे।

यूजीसी नेट 2017 के लिए आवेदन की प्रक्रिया

  • यूजीसी नेट की ऑफिशल वेबसाइट cbsenet.nic.in पर जाएं।
  • apply online के लिंक पर क्लिक करें।
  • प्रदत्त फील्ड्स में अपना विवरण भरें।
  • फॉर्म जमा कर दें और भविष्य में रेफरेंस के लिए एक कॉपी सेव कर लें।

रिफंड में गड़बड़ियां रोकने के लिए एक्ट बदला

0

नई दिल्ली । आयकर रिफंड में धांधली को रोकने के लिए विभाग ने रिफंड की प्रक्रिया में बदलाव किया है। कई नौकरीपेशा करदाता गलत दस्तावेज या जानकारी देकर फार्म 16 या 16ए प्राप्त कर लेते हैं, जबकि नियमानुसार उन्हें आय में कटौती का लाभ देय नहीं होता है। इसे रोकने लिए अधिनियम की धारा 143(1) ए में संशोधन किया गया है।

आयकर विभाग के संज्ञान में आया कि अधिकतर करदाता कम कर योग्य आय घोषित करके फार्म 16 या 16ए के माध्यम से रिफंड प्राप्त करते रहे हैं।

नौकरीपेशा गलत दस्तावेज देकर फार्म 16 या 16ए प्राप्त कर लेते हैं, नियमानुसार उन्हें आय में कटौती का लाभ देय नहीं होता है।

वेतनभोगी करदाता अधिकतर मकान किराया भत्ता, अवकाश यात्राभत्ता और धारा 80सी से लेकर 80यू तक तमाम सेक्शनों के तहत कटौती दस्तावेजों के बिना कटौती प्राप्त कर रहे हैं।

इसके लिए धारा 143(1)ए में संशोधन किया गया है। इस संशोधन के तहत करदाता को विभाग से सूचना दी जाएगी कि कंपनी द्वारा जारी फार्म 16 और धारा 26 एएस में प्राप्त जानकारी के आधार पर आय में अंतर है।

चार्टर्ड एकाउंटेंट मिलिंद विजयवर्गीय के मुताबिक आयकर विभाग ने कहा कि कई बार नौकरीपेशा लोग गलत दस्तावेज लगाकर सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

जुलाई-अगस्त का रिटर्न दाखिल करने को मिलेगा अतिरिक्त समय
सरकार ने जीएसटी तंत्र में जुलाई और अगस्त के फाइनल टैक्स रिटर्न भरने के लिए तारीखों की अधिसूचना जारी कर दी है। जीएसटी काउंसिल ने जुलाई और अगस्त के लिए जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 फार्म में फाइनल रिटर्न भरने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।

इस अंतरिम अवधि में कारोबारियों को जीएसटीआर-3बी में रिटर्न भरना है। इसमें उन्हें बिक्री और इनपुट क्रेडिट के विवरण के साथ कर देयता का स्वत: आंकलन करके विवरण देना होगा। केंद्रीय एक्साइज व कस्टम्स बोर्ड (सीबीईसी) ने रिटर्न फार्म भरने के लिए तारीखों की अधिसूचना जारी कर दी है।

अब शेयर और म्युचुअल फंड खरीदने के लिए जरूरी होगा आधार

नई दिल्ली। यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। सरकार जल्द ही इसके लिए भी आधार अनिवार्य कर सकती है। साथ ही म्युचुअल फंड खरीदते समय भी आधार डिटेल्स मुहैया कराना होगी।

सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ) इस संबंध में योजना बना रहा है। शेयर मार्केट में खानाधन खपाने पर लगाम लगाने के लिए ऐसाकिया जा रहा है। सरकार को यह आभास हो गया है कि टैक्स चोरी रोकने के लिए पैन पर नजर रखना काफी नहीं है।

पैन रखने वाले मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भी शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। इसलिए विचार चल रहा है कि शेयर बाजार को भी आधार से जोड़ा जाए। बहरहाल, शेयर मार्केट के मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पैन के स्थान पर आधार का इस्तेमाल होगा या दोनों की डिटेल्स जरूरी होंगी।

मौजूदा व्यवस्था
फायनेंशियल मार्केट ट्रांजेक्शन्स के लिए फिलहाल आधार अनिवार्य नहीं है। वहीं म्युचुअल फंड में निवेश के लिए ऑनलाइन केवायसी अनिवार्य है। मालूम हो, आधार 2009 में लांच किया गया था। अब कई सेवाओं के लिए सरकार से अनिवार्य कर चुकी हैं।

इनमें पैन, बैंक खाते और मोबाइल नंबर से लिंक करना जरूरी है। आधार के जरिए पासपोर्ट भी आसानी से बन जाएगा। यदि आप आधार की कॉपी के साथ आवेदन कर रहे हैं तो आपको बर्थ सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी। साथ ही 10 दिन में ही पासपोर्ट बन जाएगा।

 

एंबी वैली की नीलामी रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट

0

नई दिल्ली। पुणे के निकट अपने प्रीमियम प्रॉजेक्ट ऐंबी वैली की नीलामी रोकने के लिए सहारा ग्रुप ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई। मार्केट रेग्युलेटर सेबी को बकाया रकम न चुकाने की वजह से ऐंबी वैली की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप से लगभग 20,000 करोड़ रुपये चुकाने के लिए कहा था। यह रकम उन इनवेस्टर्स को दी जानी है जिन्होंने सेबी की ओर से अवैध घोषित की गई सहारा ग्रुप की दो स्कीमों में इनवेस्टमेंट किया था।

सेबी का दावा है कि यह रकम अब मूल और ब्याज को मिलाकर करीब 37,000 करोड़ रुपये हो गई है। सहारा ने अभी तक प्रिंसिपल अमाउंट के एक बड़े हिस्से का भुगतान नहीं किया है।

कंपनी को अभी प्रिंसिपल अमाउंट के हिस्से के तौर पर 9,000 करोड़ रुपये और चुकाने हैं। जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने सहारा ग्रुप पर दबाव बनाना जारी रखा है।

बेंच ने कहा कि ब्याज की रकम चुकाने को लेकर सहारा ग्रुप की आपत्ति पर बेंच के सुनवाई करने से पहले ये भुगतान किया जाए। 25 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में सहारा ग्रुप ने रकम चुकाने के लिए और समय मांगा था।

सहारा की ओर से कोर्ट में दिए गए प्रपोजल में बाकी की रकम देने के लिए 18 महीने का समय मांगा गया था। लेकिन बेंच इसके लिए अधिक समय नहीं देना चाहती।

बेंच ने कंपनी को प्रत्येक तीन महीने में 1,500 करोड़ रुपये की किस्त चुकाने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत रॉय को दोबारा जेल भेजा जा सकता है।

रॉय को दो वर्ष तक दिल्ली की तिहाड़ जेल में रहने के बाद पिछले वर्ष मई में पैरोल पर रिहा किया गया था। इसके बाद से उनकी पैरोल कई बार कुछ महीनों के लिए बढ़ाई जा चुकी है।

कोर्ट ने इसके साथ ही बॉम्बे हाई कोर्ट के रिसीवर को ऐंबी वैली की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है। सहारा ग्रुप ने ऐंबी वैली की कीमत 39,000 करोड़ रुपये से अधिक लगाई है।

मुखौटा कंपनियां कहने पर सेबी को दी चुनौती

0

नई दिल्ली । बाजार नियामक सेबी की मुखौटा कंपनियों पर कार्रवाई की जद में आईं कई फर्मो ने प्रतिभूति अपीलीय ट्रिब्यूनल (सैट) का दरवाजा खटखटाया है। इनमें पार्श्वनाथ डेवलपर्स, जे कुमार इंफ्रा और प्रकाश इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों ने सैट से नियामक के आदेश पर स्टे मांगा है।

उनकी अर्जी पर सुनवाई गुरुवार को होगी। सेबी ने भी अपने कदम को सही ठहराते हुए कहा कि उसने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय से सूची मिलने के बाद कार्रवाई की है।

बीते दिन नियामक ने 331 कंपनियों को मुखौटा (शेल) कंपनी मानते हुए उनके शेयरों में कारोबार पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कई विभागों से जानकारी मिलने के बाद इन कंपनियों को संदिग्ध मुखौटा कंपनी माना गया है।

इनमें से कई कंपनियों में नामी-गिरामी घरेलू व विदेशी निवेशकों ने पैसा लगाया है। सेबी ने एक्सचेंजों को यह प्रतिबंध तत्काल लागू करने का निर्देश दिया था।

कथित कर चोरी और दूसरे तरह की धोखधड़ी के लिए जांच का सामना कर रही इन कंपनियों पर कार्रवाई के लिए सरकार ने सेबी को कहा था।

आयकर विभाग और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआइओ) की जांचों के निष्कर्ष सामने आने के बाद इन कंपनियों पर सेबी और स्टॉक एक्सचेंज और भी कड़े प्रतिबंध लगा सकते हैं।

कर चोरी के आरोपों में घिरी 175 कंपनियों में से कम से कम 124 कंपनियों के खिलाफ एसएफआइओ द्वारा जांच की जा रही है। सेबी ने बीएसई और एनएसई को इन संदिग्ध कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।

पत्र में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा चिह्नित 331 मुखौटा कंपनियों की सूची है। एक्सचेंजों को ऐसी कंपनियों के ऑडिट के लिए स्वतंत्र ऑडिटर नियुक्त करने के लिए भी कहा गया है।

कर चोरी में पकड़ी गई थीं 37,000 फर्मे
पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पिछले साल नवंबर में नोटबंदी की घोषणा के बाद 37,000 मुखौटा कंपनियां कर चोरी में पकड़ी गई हैं।

सेबी के आदेश के बाद कई कंपनियों ने अपनी सालाना रिपोर्ट को टैग करने के अलावा अन्य दस्तावेज दिखाते हुए कहा है कि वे सभी नियमों का पालन कर रही हैं। इन फर्मो का कहना है कि वे मुखौटा कंपनी नहीं हैं।

एक्सचेंजों ने शुरू की कार्रवाई
सेबी के आदेश पर अमल करते हुए बीएसई ने बुधवार को सूची में शामिल बाकी पांच कंपनियों के शेयरों में कारोबार पर अधिकतम पाबंदी लगा दी। इसके साथ अब 167 शेयर प्रतिबंध के दायरे में आ गए हैं।

इसी तरह एनएसई ने भी कहा है कि उसने सूची में शामिल अपने यहां लिस्टेड 48 कंपनियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

139 अंक की गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार

नई दिल्ली । गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 139 अंक की कमजोरी के साथ 31654 के स्तर पर और निफ्टी 37 अंक की कमजोरी के साथ 9871 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। नेशनल सटॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में 0.69 फीसद और स्मॉलकैप में 0.75 फीसद की कमजोरी देखने को मिल रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बीच तमाम एशियाई बाजार कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। जापान का निक्केई 0.01 फीसद की कमजोरी के साथ 19736 के सतर पर, चीन का शांघाई 1.06 फीसद की कमजोरी के साथ 3240 के स्तर पर, हैंगसैंग 1.68 फीसद की कमजोरी के साथ 27290 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 1.09 फीसद की कमजोरी के साथ 2342 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

बुधवार के सत्र में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच चल रहे भूराजनैतिक तनाव से बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.17 फीसद की कमजोरी के साथ 22048 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.04 फीसद की कमजोरी के साथ 2474 के स्तर पर और नैस्डैक 0.28 फीसद की कमजोरी के साथ 6352 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

ऑटो सेक्टर में बिकवाली
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और फार्मा को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली ऑटो सेक्टर में देखने को मिल रही है। बैंक (0.32 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.25 फीसद), एफएमसीजी (0.32 फीसद), मेटल (0.58 फीसद) और रियल्टी (0.11 फीसद) की कमजोरी देखने को मिल रही है।

टाटा मोटर्स टॉप लूज
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 15 हरे निशान में और 36 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी ऑरोफार्मा, डॉ रेड्डी, सनफार्मा, टेक महिंद्रा और टाटा पावर के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट टाटा मोटर डीवीआर, टाटा मोटर्स, एसीसी, वेदांता लिमिटेड और आईशर मोटर्स के शेयर्स में देखने को मिल रही है।