Monday, June 22, 2026
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कंपोजिशन स्कीम में 10 लाख डीलर पंजीकृत

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  •  16 अगस्त तक 9,38,165 फर्मों ने कराया पंजीकरण
  • 21 जुलाई तक की आखिरी समय सीमा तक महज 1 लाख फर्मों ने कराया था पंजीकरण
  • जिन करदाताओं का सालाना कारोबार 75 लाख रुपये तक वे कर सकते हैं आवेदन
  • कंपोजिशन स्कीम के तहत पंजीकरण कराने में असफल रहे हैं उन्हें अगले साल ही मौका मिल पाएगा। 

नई दिल्ली। करीब 10 लाख करदाताओं ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत छोटे कारोबारों के लाभ के लिए सरकार की कंपोजिशन योजना का विकल्प चुना है जिसका पालन करना आसान है और इसकी कर की दर भी समान है।

शुरुआत में इस कंपोजिशन स्कीम में लोगों ने कम दिलचस्पी दिखाई लेकिन अब इसकी रफ्तार में तेजी आ रही है। इस योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 अगस्त तक 9,38,165 फर्मों ने पंजीकरण कराया है जबकि पहले की अंतिम तिथि 21 जुलाई तक महज एक लाख फर्मों ने पंजीकरण कराया था।

दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि कुल 11 फीसदी जीएसटी करदाताओं ने कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुना है। जिन करदाताओं का सालाना कारोबार 75 लाख रुपये तक है वे इस योजनाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के कारोबारी को एक फीसदी कर का भुगतान करने, विनिर्माणकर्ता को 2 फीसदी और रेस्तरां कारोबार वालों को 5 फीसदी कर भुगतान की अनुमति है।

एक सरकारी अधिकारी का कहना है, ‘जब हमने योजना के लिए आवेदन करने की समय सीमा बढ़ाई तब इसको लेकर प्रतिक्रिया में तेजी आई क्योंकि कारोबारियों को बेहतर योजना बनाने और फैसला करने के लिए समय दिया गया था। वैसे कारोबार जो इस कंपोजिशन स्कीम के तहत पंजीकरण कराने में असफल रहे हैं उन्हें अगले साल ही मौका मिल पाएगा। 

जीएसटी परिषद द्वारा जून में कंपोजिशन स्कीम की पात्रता शर्तें 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये सालाना कारोबार कर दी गईं। कंपोजिशन स्कीम के तहत पंजीकृत डीलर को सामान्य करदाता के मामले में विस्तृत रिकॉर्ड बनाए रखने की जरूरत नहीं है। 

वस्तुओं का कारोबार करने वाले कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुन सकते हैं लेकिन सेवा प्रदाताओं में रेस्तरां क्षेत्र को छोड़कर बाकी को बाहर ही रखा गया है। इसके अलावा कंपोजिशन डीलर को इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा लेने की अनुमति नहीं है।

ऐसे डीलर एक टैक्स इनवॉयस भी जारी नहीं कर सकते हैं। अगर कोई कंपोजिशन डीलर से खरीदारी कर रहा है तो वह इन वस्तुओं पर इनपुट टैक्स का दावा नहीं कर सकेगा, इससे योजना कम लोकप्रिय रही। इसके अलावा रिवर्स चार्ज प्रणाली को इस योजना में कवर नहीं किया जाएगा। 

 कंपोजिशन डीलर को केवल एक ही रिटर्न दाखिल करने की जरूरत होती है मसलन, जीएसटीआर-4 तिमाही आधार पर और सालाना रिटर्न के लिए फॉर्म जीएसटीआर-9ए की जरूरत होती है। 

JEE Avanced: अगले वर्ष से पूरी तरह ऑनलाइन होगी परीक्षा

अब जेएबी ने एडवांस एग्जाम पूरी तरह से ऑनलाइन कराने का फैसला लिया है, ताकि इवेल्यूएशन की प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सके।

नई दिल्ली। आईआईटी समेत देश के तमाम प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला दिलाने वाली प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस अगले वर्ष से पूरी तरह ऑनलाइन मोड से आयोजित होगी। जेईई एडवांस परीक्षा के लिए नीति व नियम निर्धारित करने वाले ज्वॉइंट एडमिशन बोर्ड (जेएबी) ने रविवार को यह फैसला लिया।

इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश चाह रहे स्टूडेंट्स को जेईई एडवांस परीक्षा में बैठने के लिए जेईई-मेन में पास होना होता है। जेईई-मेन परीक्षा ऑनलाइन मोड से देने का विकल्प पहले से ही उपलब्ध है।

यानी वर्तमान में जेईई मेन ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड से दिया जा सकता है। अब जेएबी ने एडवांस एग्जाम को पूरी तरह से ऑनलाइन कराने का फैसला लिया है ताकि इवेल्यूएशन की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सके। 

अमूमन 1.3 मिलियन से ज्यादा छात्र मेन परीक्षा में बैठते हैं। इनमें से 10 फीसदी से भी कम ऑनलाइन मोड से परीक्षा देते हैं। अब सभी विद्यार्थियों को एडवांस परीक्षा ऑनालइन मोड से देनी होगी। 

एचआरडी मिनिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस कदम से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और पेपर लीक की  घटनाओं से भी बचा जा सकेगा।’

ऑनलाइन परीक्षा में विद्यार्थियों को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए तीन दिन की ट्रेनिंग आयोजित करने की योजना है। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें सिस्टम पर मोक टेस्ट देने का मौका मिलेगा। 

बढ़त के साथ खुले शेयर बाजार, सेंसेक्स 31600 के पार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर  मेटल इंडेक्स 1 फीसद से ज्यादा की बढ़त के  साथ कारोबार कर रहा है।

नई दिल्ली । हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरूआत बढ़त के साथ हुई। शुरूआती मिनटों के कारोबार में ही सेंसेक्स 31600 के पार और निफ्टी 9900 के स्तर के करीब पहुंच गया। करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 77 अंकों की बढ़त के साथ 31602 के स्तर पर और निफ्टी 38 अंकों की बढ़त के साथ 9875 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

बाजार की तेजी चौतरफा है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी अच्छी बढ़त के साथ  कारोबार कर रहे हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर  मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों ही इंडेक्स आधा फीसद से ज्यादा की तेजी  के साथ  कारोबार कर रहे हैं।

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो सबसे ज्यादा तेजी मेटल इंडेक्स में देखने  को मिल रही  है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर  मेटल इंडेक्स 1 फीसद से ज्यादा की बढ़त के  साथ कारोबार कर रहा है। इसके अलावा रियल्टी, बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी इंडेक्स में भी तेजी देखने को मिल रही है। वहीं गिरावट आईटी और फार्मा शेयरों में है।

शेयरों की बात करें तो निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयरों में वेदांता, बीपीसीएल, हिंडाल्को, टाटा स्टील और ओेएनसीजी टॉप गेनर में शामिल है। इन सभी शेयरों 1.5 फीसद से ज्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है। वहीं गिरावट इंफोसिस, सिप्ला, एशियन पेंट्स, गेल और  एपयूएल के शेयर में है। 

सरकारी गेहूं खरीद में 3.90 करोड़ का घोटाला

  • किसानों से गेहूं खरीदने के बाद जो गेहूं एफसीआई के गोदाम में जमा करवाया दोनों के बीच 3.90 करोड़ रुपए की कीमत से ज्यादा के गेहूं का अंतर आ रहा है।
  • गेहूं खरीद से जुड़े सभी रिकॉर्ड भी टीम ने जब्त कर लिया है। गोदाम के साथ-साथ इस टीम ने क्षेत्रीय कार्यालय में भी जाकर जांच की।

कोटा / जयपुर। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों का गेहूं खरीदने के लिए भामाशाह मंडी में खुले एफसीआई के क्रय केंद्र पर तैनात कर्मचारियों ने गेहूं खरीद में 3.90 करोड़ रुपए का घोटाला कर डाला।

एफसीआई के एक कर्मचारी ने जब 81 लाख रुपए की रकम अपने खाते में जमा की तो घोटाले का खुलासा हुआ। बड़े घोटाले में खुद को फंसता देख एफसीआई रीजन ऑफिस के अधिकारी हरकत में आए और उन्होंने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

गोदाम में जमा ही नहीं किया खरीदा गया गेहूं 
एफसीआई ने वर्ष 2017-18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद के लिए भामाशाहमंडी में खरीद केन्द्र खोला था। खरीद कार्य के लिए एफसीआई ने दो अधिकारियों व आठ कर्मचारियों को इस केंद्र पर तैनात किया था। सभी कर्मचारी क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर रामावतार मीणा, पेमेंट ऑफीसर राजेश गुर्जर के अधीन तैनात किए गए थे।

इन लोगों ने किसानों से गेहूं खरीदने के बाद जो गेहूं एफसीआई के गोदाम में जमा करवाया दोनों के बीच 3.90 करोड़ रुपए की कीमत से ज्यादा के गेहूं का अंतर आ रहा है। इतना ज्यादा गेहूं गायब होने की बात जब सामने आई तो एफसीआई में हड़कंप मच गया और बड़े घोटाले की आशंका के चलते मामले की हाई प्रोफाइल जांच कराई गई।

गोदाम सीज, रिकॉर्ड जब्त
जयपुर स्थित एफसीआई के महाप्रबंधक कार्यालय को जब घोटाले की जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत आला अधिकारियों के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित कर दी। इस टीम ने शनिवार को जयपुर से कोटा आकर एफसीआई के गोदामों में जमा स्टॉक का सत्यापन किया।

जहां उन्हें स्टॉक में गेहूं कम मिला तो गोदाम सीज कर दिए गए। इसके साथ ही गेहूं खरीद से जुड़े सभी रिकॉर्ड भी टीम ने जब्त कर लिया है। गोदाम के साथ-साथ इस टीम ने क्षेत्रीय कार्यालय में भी जाकर जांच की और वहां मिले दस्तावेज भी जब्त कर लिए। क्षेत्रीय कार्यालय के खरीद और लेखा अनुभाग के अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

खाते में रकम डलवाने वाला कर्मचारी निलंबित
जांच में सामने आया कि सहायक श्रेणी द्वितीय कर्मचारी नरेश मीणा गेहूं खरीद केंद्र पर किसानों के भुगतान का काम देखता था। वह एफसीआई के खाते से किसानों के खातों में रुपए डलवाता था।

नरेश ने एफसीआई के खाते से आरटीजीएस के माध्यम से करीब 81 लाख रुपए की मोटी रकम अपने खाते में डलवा ली है। जांच के बाद मीणा को निलम्बित कर दिया है। अन्य कर्मचारियों की जांच की जा रही है। क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से पुलिस में भी रिपोर्ट दी है।

GSTR से संबधी सवालों के जवाब, देखिए वीडियो

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कोटा। जीएसटीआर को लेकर करदाता डीलर्स को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालाँकि जीएसटीआर 3 B की रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 से बढाकर सरकार ने 25 अगस्त कर दी है। आपके मन में उठने वाले उन सवालों का जवाब हमारे सीनियर टैक्स कंसल्टेंट अनिल काला दे रहे हैं।

जैसे कि आप जानना चाहते होंगे कि ट्रांस -1 क्या है। बिल के हिसाब से टैक्स लाइबिलिटी कब आएगी, रिवर्स चार्ज का केलकुलेशन कैसे करें, जीएसटी का केलकुलेशन कैसे करें और अगस्त में रजिस्ट्रेशन कराया तो वह 3B दे सकता है या नहीं। इन्हीं सब सवालों को उत्तर जानने के लिए हमारे you tube चैनल LEN DEN NEWS का यह वीडियो जरूर देखिये। सबसे पहले आप हमें सब्स्क्राइब करें। ताकि लेटेस्ट अपडेट हम लगातार आप तक पहुंचा सकें। आप हमें www.youtube.com, Tweeter, Facebook पर भी फॉलो कर सकते हैं। 

JEE MENS : कल्पित का रिकॉर्ड लिम्का बुक में

  • कल्पित कोटा कोचिंग जेईई मेन्स देने वाले पहले स्टूडेंट हैं, जिनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकाॅर्ड्स में शामिल किया है।

  •  कल्पित पहले स्टूडेंट है, जिन्होंने इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी परीक्षा जेईई मेन्स में 360 में से 360 अंक हासिल किए हैं।

कोटा। जेईईमेन्स 2017 में 360 में से 360 अंक हासिल करने वाले कल्पित वीरवाल ने अब अपना नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड्स में दर्ज करवा लिया है। लिम्का बुक की ओर से ही कल्पित का नाम शामिल करने की पहल की गई थी।

जेईई मेन्स का रिजल्ट आने के बाद लिम्का बुक के प्रतिनिधियों ने कल्पित से संपर्क किया और एक प्रारूप में सभी जानकारियां मांगी। इसके बाद साल 2018 के एडिशन में उनका नाम एजुकेशन अचीवमेंट में शामिल कर लिया गया। कल्पित वर्तमान में आईआईटी मुंबई की सीएस ब्रांच में पढ़ रहे हैं।

संभवत: कल्पित कोटा कोचिंग जेईई मेन्स देने वाले पहले स्टूडेंट हैं, जिनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकाॅर्ड्स में शामिल किया है। वहीं, कल्पित पहले स्टूडेंट है, जिन्होंने इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी परीक्षा जेईई मेन्स में 360 में से 360 अंक हासिल किए हैं।

लिम्का बुक में नाम आने के बाद कल्पित के दोस्तों ने बधाई दी। वहीं उदयपुर में उनके निवास पर भी बधाई देने वालों का तांता बंधा रहा। कल्पित के पिता पुष्करलाल वीरवाल उदयपुर के महाराणा भूपाल गवर्नमेंट हास्पिटल में नर्सिंग कर्मचारी हैं।

साढ़े तीन माह का प्रोसेस : लिम्का बुक का प्रारूप भरने के बाद फाइनल सलेक्शन में करीब साढ़े तीन माह का समय लग गया। मेन्स का रिजल्ट अप्रैल अंत में आया था इसके बाद लिम्का बुक की प्रक्रिया शुरू हुई। रिजल्ट अगस्त मध्य तक ही घोषित किया गया। इससे पहले स्क्रीनिंग, अचीवमेंट एनालिसिस आदि पर काम हुआ।

कल्पित की सफलता कल्पना से परे
कल्पित ने बताया कि पहले 360 में से 360 अंक आने की उम्मीद नहीं थी, इसके बाद लिम्का बुक से जब फोन आया तक भी यह कल्पना नहीं की थी इस बुक में नाम शामिल हो जाएगा।

कल्पित ने बताया कि जिस तरह इंजीनियरिंग एंट्रेंस की तैयारी की थी, उसी सहजता से आईआईटी में पढ़ रहा हूं। किसी भी परीक्षा में स्टूडेंट्स को रिलैक्स होकर परिणाम के दबाव के बिना पढ़ना चाहिए। सफलता अपने आप हासिल हो जाएगी।

बैंकों में 22 अगस्त को हड़ताल, कल प्रदर्शन

नई दिल्ली/ कोटा। । 22 अगस्त को देशभर के करीब 10 लाख बैंक कर्मी हड़ताल पर रहेंगे। बैंक कर्मियों ने बैंकिंग सेक्टर में सुधार के विरोध में हड़ताल पर जाने का आह्वान किया है।

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए), चीफ लेबर कमिश्नर और डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियन सर्विस (डीएफएस) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के बीच शुक्रवार को बातचीत असफल होने के बाद 22 अगस्त को हड़ताल पर जाने का फैसला किया गया है। 

यूएफबीयू, भारतीय बैंकिंग सेक्टर के नौ यूनियनों की मुख्य शाखा है। यूएफबीयू ने 22 अगस्त को  देशव्यापी हड़ताल का फैसला किया है। बैंकिंग सेक्टर में सुधार और दूसरे मुद्दों की वजह से यह हड़ताल हो रही है। जिसमें करीब 10 लाख बैंक कर्मी जो कि देशभर में करीब 132,000 शाखाओं में काम कर रहे हैं, वह 22 अगस्त को हड़ताल पर रहेंगे। 

युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक पदम कुमार पाटोदी ने बताया कि सोमवार को हड़ताल के समर्थन में झालावाड़ रोड स्थित बैंक ऑफ़ बड़ोदा की शाखा के समक्ष प्रदर्शन करेंगे।  

 

सरकारी बैंकों के कुल एनपीए का 27 फीसद हिस्सा SBI का

2016-17 के अंत तक जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का 92,376 करोड़ रुपये का बकाया था

नई दिल्ली । सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक और देश के सबसे बड़े कर्जदाता बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को अकेले सरकारी बैंकों के कुल एनपीए का 27 फीसद हिस्सा विलफुल डिफॉल्टर्स से वसूलना है।

आंकड़ों के मुताबिक एसबीआई को विलफुल डिफॉल्टर (जानबूझकर कर्ज न चुकाने वाले) घोषित 1,762 कर्जदारों से 25,104 करोड़ रुपये वसूलने हैं। इन लोगों ने एसबीआई की बैलेंस सीट पर दबाव डाला है। ये आंकड़े इस साल 31 मार्च तक के हैं।

अगला नंबर पीएनबी का: कर्जदारों से बकाया वसूलने की जद्दोजहद में लगे सरकारी बैंकों में एसबीआई के बाद दूसरा नंबर पीएनबी का आता है। पीएनबी के 1,120 घोषित डिफॉल्टर्स के पास बैंक का 12,278 करोड़ रुपये फंसा है। इस तरह ऐसे बकाएदारों के पास सरकारी बैंकों के फंसे कर्ज का 40 फीसद यानी 37,382 करोड़ रुपये इन्हीं दोनों बैंकों के हिस्से का है।

क्या कहता है वित्त मंत्रालय का आंकड़ा: वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 के अंत तक जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का 92,376 करोड़ रुपये का बकाया था। जबकि बीते वित्त वर्ष 2015-16 के अंत तक यह आंकड़ा 76,685 करोड़ रुपये का था।

क्या होता है एनपीए?
एनपीए यानी गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों का मतलब फंसे कर्ज से है जिससे बैंक को अब कोई आय नहीं हो रही है। दरअसल जब बैंक के किसी लोन खाते में 90 दिन तक ब्याज या मूलधन की किश्त का भुगतान नहीं होता है तो उसे एनपीए करार दे दिया जाता है।

हालांकि फसली ऋण के मामले में यह सीमा दो फसलों की अवधि के बराबर है। अगर फसल दीर्घावधि की है तो यह सीमा एक फसल अवधि के बराबर है।

कर विवादों में अग्रिम भुगतान 20 प्रतिशत बढ़ाया

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विवादित कर राशि के 20 प्रतिशत भुगतान पर ही पहली अपील के निपटान तक स्थगन प्रदान किया जा सकता है।

नयी दिल्ली। कर विशेषग्यों का कहना है कि कर विवाद के मामले में अपील के निपटान से पहले अग्रिम भुगतान की राशि को बढाकर कर मांग राशि का 20 प्रतिशत करने का फैसला कठोर है। हालांकि इससे गैर गंभीर मामलों में कमी आएगी।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने हाल ही में इस बारे में परिपत्र जारी किया है। इसके तहत आयकर अपीलीय आयुक्त या सीआईटी ए के समक्ष चुनौती देने वाली अपील पर विवादित कर राशि के 20 प्रतिशत भुगतान पर ही पहली अपील के निपटान तक स्थगन प्रदान किया जा सकता है। इससे इसके लिए इस तरह की अपील के लिए 15 प्रतिशत राशि जमा करवानी होती थी।

शार्दुल मंगलादास एंड कंपनी में पार्टनर अमित सिंघानिया ने कहा है कर मांग को लेकर विचाराधीन अपील पर स्थगन हासिल करने के लिए अग्रिम भुगतान राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाना राजस्व विभाग का थोड़ा आश्चर्यजनक फैसला है।

सीबीडीटी का कहना है कि समीक्षा में उसने पाया कि अग्रिम राशि की 15 प्रतिशत की उक्त सीमा निम्न स्तर पर है इसलिए इसके बढ़ाकर विवादास्पद राशि का 20 प्रतिशत कने का फैसला किया गया है।