Sunday, July 5, 2026
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जीएसटी में दिक्कतों पर मोदी सख्त, कहा- जल्द से जल्द दूर करें परेशानी

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नई दिल्ली।  गुड्स एंड सर्विस टैक्स से छोटे कारोबारियों को हो रही परेशानियों पर किसी तरह की कोई सुनवाई नहीं होने पर पीएम मोदी ने अधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि वो जल्द से जल्द उनकी परेशानियों को दूर करें। 

बुधवार को मासिक समीक्षा करते हुए मोदी ने ने राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा कि वो जिले के अधिकारियों के जरिए छोटे ट्रेडर्स के पास जाएं और उन्हें जीएसटी के तहत नए सिस्टम में ढालने का प्रयास करें। 

पीएम ने कहा कि छोटे कारोबारी जीएसटी के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें इसे अपनाने में कई तरह की दिक्कतें और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इनकी सुनवाई जल्दी हो इसके लिए जिले के अधिकारी अपनी तरफ से कार्रवाई करें। 

मोदी ने कहा कि छोटे कारोबारी जीएसटी नेटवर्क से जुड़े, जिससे उन्हें आगे चलकर फायदा मिलेगा। आम आदमी और कारोबारियों को इस नए टैक्स सिस्टम से फायदा लेना चाहिए।

जीएसटी के लागू होने के बाद से सरकार की हर तरफ आलोचना हो रही है, क्योंकि इसको समझने में कारोबारियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सक्रिय शासन एवं समयबद्ध क्रियान्वयन (प्रगति) बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। राज्यों के शीर्ष अधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए यह बैठक हर महीने की जाती है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि कारोबारी अवसरों का लाभ उठाने के लिए छोटे व्यापारियों को जीएसटी नेटवर्क में पंजीकरण कराना चाहिए।

शुरुआत अच्छी, परन्तु सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में निवेशकों का सकारात्मक रुख देखते हुए गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार भी सामान्य स्तर पर खुला। 30 शेयरों का बीएसई सेंसेक्स 31,202 जबकि 50 शेयरों का एनएसई निफ्टी ने 9,728 अंकों से शुरुआत की, लेकिन कुछ ही देर में दोनों सूचकांकों पर दबाव दिखने लगा।

देखते ही देखते दबाव इतना बढ़ गया कि एक वक्त निफ्टी 9700 और सेंसेक्स 31100 के नीचे फिसल गया। निफ्टी का यह स्तर 11 अगस्त के बाद पहली बार देखने को मिला। 9:39 बजे सेंसेक्स 58.68 अंक जबकि निफ्टी 37.90 अंक की कमजोरी के साथ क्रमशः 31,101 और 9,697 पर ट्रेड कर रहा था।

गुरुवार को मार्केट में गिरावट का असर निफ्टी की मिडकैप कंपनियों के शेयरों पर देखा गया और यह 0.14 प्रतिशत टूट गया। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में ओएनजीसी, ऑरबिंदो फार्मा, भारती इन्फ्राटेल और डॉ. रेड्डीज लैब्स के शेयर कमजोर पड़े जबकि टेक महिंद्रा, विप्रो, टीसीएस, एचसीएल टेक्नॉलजीज और ऐक्सिस बैंक के शेयरों ने थोड़ी तेजी पकड़ी।

इधर, इप्का लैब्स, डीएचएफएल, रिलायंस होम फाइनैंस, आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल और टाइटन कंपनी के शेयरों पर भी दबाव देखा गया। उधर, गोवा कार्बन, डिविस लैब्स, इंडो काउंट, एडलवाइस फाइनैंशल और सिएंट के शेयरों में 1 से 3 प्रतिशत की तेजी देखी गई।

वोल्वो एक्ससी40 से उठा पर्दा, अगले साल भारत में पेश

नई दिल्ली।  वोल्वो ने इटली में आयोजित एक इवेंट के दौरान एंट्री-लेवल प्रीमियम एसयूवी एक्ससी40 से पर्दा उठाया है। भारत में इसे अगले साल पेश किया जाएगा।

इसका मुकाबला बीएमडब्ल्यू एक्स1, मर्सिडीज़-बेंज जीएलए और ऑडी क्यू3 से होगा। एक्ससी40 कंपनी का पहला मॉडल होगा, जिसे वोल्वो के नए कॉम्पैक्ट मॉड्यूलर आर्किटेक्चर (सीएमए) प्लेटफार्म पर तैयार किया जाएगा।

यह पेट्रोल और डीज़ल दोनों इंजनों में मिलेगी। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में इसका हाइब्रिड और प्योर इलेक्ट्रिक वर्जन भी उतारा जाएगा।

एक्ससी40 का डिजायन वोल्वो की नई एक्ससी60 और एक्ससी90 से मिलता-जुलता है। इसका बोनट नीचे की तरफ झुका हुआ है, जो इसे स्टाइलिश बनाता है। आज के ट्रैंड को ध्यान में रखते हुए इस में भी कॉन्ट्रास्टिंग रूफ दी गई है।

आगे की तरफ वोल्वो कारों की पहचान रही थोर की हमर वाली एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइटें दी गई हैं। वोल्वो एक्ससी40 में पीछे की तरफ क्लासिक वर्टिकल लैंप्स दिए गए हैं, इस वजह से यह पीछे से ज्यादा चौड़ी नज़र आती है।

केबिन में एक्ससी से मिलता-जुलता 12.3 इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 9 इंच टचस्क्रीन यूनिट दी गई है। आगे वाले दरवाजे पर डोर पॉकेट दी गई है, इस में लेपटॉप या दूसरा सामान रखा जा सकता है।

स्पीकर्स को डैशबोर्ड पर पोजिशन किया गया है। एक्ससी40 का प्रोडक्शन नवंबर महीने में शुरू होगा, इसे वोल्वो के बेल्जियम स्थित प्लांट में तैयार किया जाएगा। भारतीय बाजार में इसे अगले साल उतारा जाएगा, यहां इसे इंपोर्ट करके बेचा जा सकता है।

पतंजलि अगले 5 साल में 2 लाख करोड़ का ब्रांड होगा : रामदेव

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नई दिल्ली। पतंजलि आयुर्वेद अगले पांच वर्षों में 2 लाख करोड़ रुपए का ब्रांड बन जाएगा क्योंकि वो नए क्षेत्रों में प्रवेश करने, नए इंटीग्रेटेड फूड पार्क के गठन और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के निर्माण की योजना बना रहा है। यह बात खुद योग गुरू बाबा रामदेव ने कही है।

उन्होंने आगे कहा कि एफएमसीजी प्रमुख के पास अगले दो वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये की विनिर्माण क्षमता होगी। हरिद्वार स्थित फर्म अगले पांच सालों में एक लाख करोड़ के बिक्री कारोबार का लक्ष्य लेकर चल रही है क्योंकि वो अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विस्तार कर रही है।

वहीं पतंजलि अपनी तत्काल विस्तार योजनाओं के लिए 5000 करोड़ रुपये के लोन पर भी विचार कर रही है। रामदेव ने एक इवेंट के दौरान कहा, “हम उन वर्टिकल (क्षेत्रों) पर काम कर रहे हैं जिसका बाजार आकार 10 लाख करोड़ से ज्यादा का है और उसमें पतंजलि की हिस्सेदारी 10 से 20 फीसद की है।

अगले तीन से पांच सालों में पतंजलि एक लाख करोड़ से ऊपर का ब्रांड होगी।”कंपनी ने वित्त वर्ष 2016-17 में 10,561 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। कंपनी मौजूदा समय में नोएडा, नागपुर, इंदौर और आंध्रप्रदेश में बड़ी बड़ी यूनिट लगाने की योजना बना रही है।

रामदेव ने कहा कि साल 2018-19 तक पतंजलि एफएमसीजी क्षेत्र में कई प्रतिद्वंद्वियों से आगे होगी और देश में कई बहुराष्ट्रीय ब्रांडों को पीछे छोड़ देगी। उन्होंने कहा, “अगले दो वर्षों में हमारे पास 1 लाख करोड़ रुपये की उत्पादन क्षमता होगी।

सरकारी फसल बीमा कम्पनी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा  

कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि राज्य की 25 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ दिया गया है और शेष मंडियों को राजस्थानी इन्टीग्रेटेड मंडी मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा है

जयपुर। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि सरकारी फसल बीमा कम्पनी बनाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भिजवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकारी फसल बीमा कम्पनी बनने से इस योजना के क्रियान्वयन में आ रहीं तकनीकी दिक्कतों से निजात मिल सकेगा और प्रीमियम व क्लेम की राशि के आदान-प्रदान में भी आसानी होेगी।

सैनी बुधवार को पंत कृषि भवन में भारतीय किसान संघ और मंत्री मंडलीय उप समूह के साथ हुई वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से अनुमति मिलते ही मूंग और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने इस सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को भेजे गए प्रस्ताव को जल्द अनुमति प्रदान करने के लिए केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह से दूरभाष पर भी वार्ता की। कृषि मंत्री सैनी ने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।

यह समिति प्रदेश में संचालित इस योजना के गुणावगुण का अध्ययन कर इसके बेहतर क्रियान्वयन के सुझाव सरकार को देगी। उन्होंने बताया कि राज्य की 25 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ दिया गया है और शेष मंडियों को राजस्थानी इन्टीग्रेटेड मंडी मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा है।

राज्य की ज्यादातर मंडियों में अतिक्रमियों से ऑक्शन प्लेटफार्म खाली करवा लिए गए हैं, ताकि किसानों को उनकी उपज बेचने में आसानी हो सकेगी। इसके साथ ही मंडियों में इलेक्ट्रोनिक कांटे और डिस्प्ले बोर्ड भी लगवाए गए हैं।  

सैनी ने बताया कि राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन में किसान संघों के 2 प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही रबी सीजन से पूर्व  कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित किए जाएंगे।  

बैठक में गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया, जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप, सहकारिता मंत्री  अजयसिंह किलक, राजस्व राज्य मंत्री अमराराम, कृषि विभाग के आयुक्त श्री विकास सीताराम भाले, कृषि विपणन विभाग के निदेशक नन्नूमल पहाड़िया, राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा सहित भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधि मौजूद थे।  

समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 2 अक्टूबर से ऑनलाइन पंजीयन होगा

  • राज्य में पहली बार लागू हुई व्यवस्था, पंजीकरण के दौरान भामाशाह कार्ड नम्बर एवं खसरा गिरदावरी देनी होगी

  • पंजीकरण होते ही किसान को एसएमएस द्वारा मोबाइल पर उपज की मात्रा एवं खरीद दिवस की सूचना दी जाएगी

जयपुर। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने बताया कि प्रदेश में अक्टूबर माह से समर्थन मूल्य पर खरीद प्रारम्भ हो जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण 2 अक्टूबर से शुरू कर दिया जाएगा। किलक बुधवार को राजफैड परिसर में राजफैड की 61वीं आमसभा को संबोधित कर रहे थे।

किलक ने बताया कि मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की खरीद समर्थन मूल्य पर की जा रही है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए प्रदेश में पहली बार ऑनलाईन पंजीकरण की व्यवस्था ई-मित्र एवं खरीद केन्द्रों(केवीएसएस) पर की गई है।

ई-मित्र से पंजीकरण कराने पर किसान को 21 रुपये तथा क्रय-विक्रय सहकारी समिति के खरीद केन्द्र पर पंजीकरण कराने के लिए किसान को 10 रुपये का भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के दौरान भामाशाह कार्ड नम्बर एवं खसरा गिरदावरी देनी होगी।

भामाशाह कार्ड नहीं होने की स्थिति में ई-मित्र पर तत्काल ही भामाशाह के लिए एनरोलमेंट किया जाएगा एवं एनरोलमेंट नम्बर से ऑनलाईन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि पंजीकरण होते ही किसान को एसएमएस द्वारा मोबाइल पर उपज की मात्रा एवं खरीद दिवस की सूचना दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि किसान को तत्काल भुगतान हो इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए गए हैं और मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के निर्देश पर प्रारम्भिक तौर पर भुगतान हेतु फण्ड की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है ताकि किसानों को भुगतान करने में विलम्ब नहीं हो। किसान को उपज का भुगतान सीधे ही उसके खाते में किया जाएगा।

सहकारिता मंत्री ने बताया कि खरीद के दौरान कई बार पंजीकरण से जुड़ी अव्यवस्थाओं की वजह से किसान को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसमें सुधार करते हुए पहली बार ऑनलाईन पंजीकरण की व्यवस्था प्रारम्भ की है।

जिससे किसान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मूंग के लिए 76, उड़द के लिए 28, मूंगफली के लिए 29 तथा सोयाबीन के लिए 21 खरीद केन्द्र चिह्वित किए गए हैं।

किलक ने बताया कि वर्ष 2017-18 के लिए मूंग के लिए 5575 रुपये, उड़द के लिए 5400 रुपये, मूंगफली के लिए 4450 रुपये तथा सोयाबीन के लिए 3050 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य बोनस के साथ घोषित किया है।

उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए खरीद केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार कांटों की संख्या बढ़ाई जाएगी एवं पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा।

इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता अभय कुमार, राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान सहित क्रय विक्रय सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

रंगबाड़ी में निराश्रित बच्चों ने बनाया 25 फीट ऊँचा रावण

दशहरे पर रंगबाड़ी के मधु स्मृति संस्थान में बच्चे मनाएंगे दशहरा पर्व

कोटा। इस वर्ष शहर के रंगबाड़ी क्षेत्र में 42 निराश्रित बच्चे 30 सितंबर को सायं 7 बजे बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन करेंगे।

छात्र अभिषेक के नेतृत्व मे निराश्रित सोनू, मुकेश, दिनेश, सूरज, योगेंद्र, धर्मेंद्र, दीपक व पंकज की टीम ने बताया कि वे नवरात्र के पहले दिन से रावण का पुतला बनाने में उत्साह से जुटे हैं।

नौनिहालों ने अपने हाथों से बांस व छोटी-छोटी लकडियों से 25 फीट ऊँचा पुतले का ढांचा बनाकर तैयार किया, इसे कागज व गत्तों से ढककर रावण बनाया। वे इसमें पटाखे भी लगा रहे हैं।

अपनी रूचि के अनुसार, कक्षा-7 के बिट्टू सिंह, गोलू, ओम, राधिका व सायबीन आदि ने वाटरकलर से दशानन के 10 चेहरों को बनाया।

कोई तलवार बना रहा है तो कोई ढाल। पिछले कुछ वर्षों से वे मिलकर दशहरा पर्व पर रावण का पुतला जलाते हैं।
रंगबाडी स्थित मधु स्मृति महिला व बाल कल्याण संस्थान की निदेशिका डॉ.अंजलि निर्भीक ने बताया कि रंगबाड़ी क्षेत्र में 30 वर्षों से रावण दहन की परंपरा चली आ रही है।

राधिका ने बताया कि रामनवमी पर हम निराश्रित बच्चे सामूहिक डांडिया नृत्य करेंगे। तलवंडी क्षेत्र की एक महिला ने 5 डांडिया परिधान उन्हें निशुल्क भेंट किए।

दशहरा पर्व पर आसपास की बस्तियों के सैकडों महिला-पुरूष व बच्चे रावण दहन देखने के लिए यहां इकट्ठा होते है। छात्र विशाल, पंकज व शिवा ने कहा कि इस दिन हम एक बुराई को छोड़ने का संकल्प करेंगे।

सोयाबीन मन्दा, लहसुन मीडियम 200 रुपए क्विंटल तेज रहा

-महेश खंडेलवाल
कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को माल की आवक 45 हजार बोरी की रही । लहसुन की आवक 7000 हजार कट्टे की रही । सोयाबीन 50 रुपए क्विंटल मन्दा रहा । लहसुन मीडियम 200 रुपए क्विंटल तेज रहा । नई सोयाबीन की लगभग 4000 बोरी की रहीं।

गेहूं मिल 1500से 1531 लोकवान 1600से 1700पी डी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1700 । धान सुगंधा 2000 से 2200पूसा 1 2000 से 2200 पूसा4 (1121) 2000 से 2400धान (1509) 2000 से 2200 सोयाबीन 2500 से 2800 नई सोयाबीन 2400 से 2800 सरसो 3200 से 3500 तिल्ली 5000 से 6200 रुपए क्विंटल

मैथी 2000 से 2500 धनिया बादामी 3400 से 3800 ईगल 3800 से 4000 रंगदार 4500 से 5000 रुपए क्विंटल।मूंग 3500 से 4100 उडद नया 3000 से 4200 उडद पुराने 3600से 4000 रुपए क्विंटल ।

चना 5000से 5500 चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4800 से 5800 चना मौसमी 4800 से 5800 मसूर 3500 से 4000 रुपए क्विंटल । ग्वार 2500से 3450 मक्का 1200 से 1300 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000रुपए क्विंटल । लहसुन 800 से 4000 रुपए क्विंटल ।

एक ही कम्पनी के 200 सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स ने ITR में किया घोटाला

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  • इन इंजीनियर्स ने अपने आईटीआर में परिवार के सदस्यों की फर्जी तरीके से बीमारी और दिव्यांगता दिखाकर रिफंड के लिए क्लेम किया था

  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर एम मोहन बाबू ने सेंट्रल क्राइम स्टेशन में इन सभी के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है

नई दिल्ली। एक ही कंपनी के 200 सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स द्वारा आईटीआर में घपला करने के कारण इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने केस दर्ज कर लिया है। ये सभी इंजीनियर्स हैदराबाद स्थित पोलारिस कंपनी में काम करते हैं। 

इन इंजीनियर्स ने अपने आईटीआर में परिवार के सदस्यों की फर्जी तरीके से बीमारी और दिव्यांगता दिखाकर रिफंड के लिए क्लेम किया था।

मामले के संज्ञान में आने के बाद हैदराबाद सर्किल के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर एम मोहन बाबू ने सेंट्रल क्राइम स्टेशन में इन सभी के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।   

पुलिस ने जांच के बाद इन सभी आरोपियों के अलावा दो चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी हिरासत में लिया है, जिन्होंने इस तरह के आईटीआर भरे थे। पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी फाइल कर दी है।

सेंट्रल क्राइम स्टेशन के असिसटेंट कमिश्नर आर रामकुमार ने कहा कि दोनों अभियुक्त एन श्रीकांत गौड़ और मोहम्मद खलील नाम के इन दो सीए ने पहले दिलसुख नगर की वेकंटशवर कॉलोनी में अपने ऑफिस का सेटअप किया और फिर बाद में पोलारिस के कर्मचारियों से इनकम टैक्स रिफंड पाने में मदद करने का भरोसा दिलाया। 

इस तरह से किया घोटाला
इस केस की जांच करने वाले राम कुमार ने बताया कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80डी और 80डीडी के तहत कोई भी व्यक्ति मेडीकल ग्राउंड पर रिफंड के लिए क्लेम कर सकता है।

इन दोनों सीए ने पोलारिस के कर्मचारियों से मिलकर के उनके आईटीआर इस शर्त पर प्रोसेस करने के लिए कहा कि वो अपने परिवार के सदस्यों को गंभीर बीमारी से पीड़ित दिखाएंगे तो उन्हें क्लेम मिल जाएगा।

रिफंड दाखिल करने के बाद प्रत्येक कर्मचारी को 50 हजार से लेकर के 1 लाख रुपये तक का आईटीआर में रिबेट मिल गई। इसके लिए दोनों सीए ने प्रत्येक कर्मी से 10 फीसदी कमीशन के तौर पर लिया। 

ऐसा करने से आईटी डिपार्टमेंट को करीब 1.36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। डिपार्टमेंट ने कहा है कि वो शहर में मौजूद ऐसे सीए के खिलाफ अभियान चलाकर के कार्रवाई करेगी, जो रिटर्न फाइल करने में गड़बड़ी करके अपना फायदा कर रहे हैं।

त्योहारी सीजन में सोना फिर 31000 रुपये बिका

इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर खरीदारी के कारण चांदी 470 रुपये गिरकर 40,800 रुपये प्रति किलोग्राम

नई दिल्ली । दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीदारी के चलते सोना 220 रुपये चढ़कर 31000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। हालांकि, चांदी 470 रुपये कमजोर होकर 40,800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

कीमतों में गिरावट इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर खरीदारी के कारण देखने को मिली है।
व्यापारियों का मानना है कि सोने की कीमतों में तेजी स्थानीय ज्वैलर्स, रिटेलर्स और त्यौहारी सीजन के चलते देखने को मिली है।

इसके अलावा डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया छह महीने के निचले स्तर (65.75) पर आ गया है। इस कारण आयात महंगा हो गया है। कीमतों में तेजी का एक कारण यह भी है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.12 फीसद की कमजोरी के साथ 1292 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है। देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 220 रुपये चढ़कर क्रमश: 31000 रुपये और 30850 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्र में सोने की कीमतों में 80 रुपये की तेजी दर्ज की गई थी। गिन्नी के भाव हालांकि 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर चांदी तैयार 470 रुपये की गिरावट के साथ 40800 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 570 रुपये की कमजोरी के साथ 39940 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।