Sunday, July 5, 2026
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कोटा, जयपुर और भीलवाड़ा में 38 बेनामी संपत्तियां जब्त

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  • बेनामी संपत्ति एक्ट के तहत अब तक 100 संपत्तियां अटैच

  • आयकर विभाग की कार्रवाई, राजस्थान देश के टॉप-5 राज्यों में शुमार

जयपुर/कोटा ।आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति एक्ट के तहत कोटा, भीलवाड़ा और जयपुर में 38 संपत्तियां और अटैच की हैं। नोटबंदी के बाद आयकर विभाग की ओर से राजस्थान में अब तक कुल 100 बेनामी संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। बेनामी संपत्तियों को अटैच करने का आंकड़ा 100 पर पहुंचते ही राजस्थान इस मामले में देश के टॉप-5 राज्यों में शुमार हो गया है।

राजस्थान के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार और बेंगलुरू में बड़े स्तर पर इस तरह के अटैचमेंट की कार्रवाई हुई है। बेनामी संपत्ति एक्ट लागू होने के बाद से देशभर में 400 बेनामी संपत्तियों के अटैचमेंट के केस बने हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बेनामी संपत्तियों को अटैच करने का कानून 1988 में बनाया था। इसके बाद इसमें कई संशोधन किए और 25 अक्टूबर 2016 को नोटिफाइड किया। यह कानून 1 नवंबर 2016 से लागू हो गया।

एक्ट लागू होने के बाद अब तक की बड़ी कार्रवाई
बेनामीसंपत्ति एक्ट के तहत सबसे पहली कार्रवाई जयपुर में जौहरी बाजार निवासी एक अग्रवाल फैमिली पर इसी साल जनवरी में हुई। इस केस में व्यापारी ने अपने एक पूर्व नौकर के नाम पर 9 संपत्तियां खरीदी थी।

इसी माह जयपुर के सबसे बड़े डेवलपरों में से एक ग्रुप की 38 संपत्तियां आमेर, सांगानेर और चाकसू तहसील में अटैच हुई।
दो माह पहले ही जयपुर में एक निजी मेडिकल यूनिवर्सिटी की वित्त निदेशिका के दिल्ली रोड स्थित गांवों में 12 खसरा नंबरों पर बेनामी संपत्तियों का खुलासा।
एक प्रतिष्ठित कॉलेज मालिक ने मानसरोवर में एक संस्था के नाम से भूमि की खरीद की थी।

बेनामी प्राॅपर्टी एक्ट : सात साल तक की सजा जुर्माना भी
-जबसंपत्ति खरीदने वाला अपने पैसे से किसी और के नाम पर प्राॅपर्टी खरीदता है तो यह बेनामी प्रॉपर्टी कहलाती है।
-खरीदार ने इसे परिवार के किसी व्यक्ति या किसी करीबी के नाम पर भी खरीदा है तो भी ये बेनामी प्रॉपर्टी ही कहलाती है।
-सीधे शब्दों में कहें तो संपत्ति खरीदने वाला व्यक्ति कानून मिल्कियत अपने नाम नहीं रखता, लेकिन प्रोपर्टी पर कब्जा रखता है।
-इस नियम में सरकार द्वारा प्रोपर्टी जब्त करने का प्रावधान है।
-इसमें सजा के तौर पर सात साल की कैद और प्रोपर्टी की बाजार कीमत के एक चौथाई के बराबर जुर्माना हो सकता है।

काेटा में एड एजेंसी संचालक की 4 संपत्तियां जब्त 
कोटामें एड एजेंसी संचालक की 4 संपत्तियों को जब्त किया गया है। उसने दो जगह पत्नी के नाम से नकद राशि का भुगतान करके खेत खरीदे थे। एक जमीन एससी-एसटी के नाम से खरीदी थी तथा एक मकान खरीदा हुआ था। वहीं, अटैचमेंट के अधिकांश मामलों में एसटी-एससी के लोगों के नाम से बिल्डर या व्यापारियों ने संपत्तियों की खरीद की है। इन मामलों में टिनेंसी एक्ट का वॉयलेशन हुआ है।

 

 

 

कोटा के दशहरे में इस दफा राजस्थानी धोती में दिखेगा दशानन

  • 29 सितम्बर को दशहरा मैदान के रावण चौक में कुनबे के साथ डटेगा रावण

  •  30 सितम्बर को मुहुर्त के हिसाब से होगा रावण दहन। नगर निगम प्रशासन की तैयारियां जोरो पर

कमल सिंह यदुवंशी
कोटा। नगर निगम कोटा की ओर से आयोजित राष्ट्रीय दशहरा मेला 2017 का रावण कुनबा इस दफा नए लुक में दिखेगा। रावण इस बार राजस्थानी धोती पहने आकर्षक परिधान में नजर आएगा। इस दफा रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के परिधान के रंगों में बदलाव किया है।

इतना ही नहीं रावण थोड़ा ऊंचा व कुंभकर्ण-मेघनाद पहले से ज्यादा मोटे दिखेंगे। सीएडी चौराहा स्थित अंबेडकर भवन में रावण कुनबा बनकर तैयार हो चुका है और इनको अब फाइनल टच दिया जा रहा है।

अतिरिक्त मेला अधिकारी व एसी प्रेमशंकर शर्मा ने बताया कि 30 सितम्बर की शाम को मुहुर्त के हिसाब से रंगीन आतिशबाजी के नजारों के साथ अहंकारी रावण का कुनबे सहित दहन होगा। दहन से पहले गढ़ पैलेसे से भगवान लक्ष्मीनाराणजी की सवारी निकलेगी।

29 सितम्बर को रावण अपने कुनबे के साथ अंबेडकर भवन से मैदान में आ डटेगा। रावण दहन के दिन सुरक्षा की दृष्टि से निगम प्रशासन ने रावण चौक के आसपास पुख्ता बंदोबस्त किए है।

अतिरिक्त मेला अधिकारी प्रेमशंकर शर्मा ने बताया कि इस साल रावण 72 फीट ऊंचा होगा। रावण की घघरी को धोती का लुक दिया है। कुंभकर्ण व मेघनाद 40-40 फीट के होंगे।

दहन के दौरान दर्शको को किसी तरह से कोई व्यवधान न पहुंचे इसके लिए रावण कुनबे के आसपास बेरिकेट्स लगेंगे व सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहेंगे। मुहुर्त के हिसाब से 30 सितम्बर की देर शाम रावण दहन होगा।

अट्टहास भी करेगा अहंकारी रावण
मेला अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला ने बताया कि फतेहपुर सीकरी के नईम अहमद अपने परिवार व टीम के साथ रावण-कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले तैयार कर रहे है। इस दफा रावण की ड्रेस का रंग भी बदला है।

जूतियां भी सुनहरी रंग की होगी। हमेषा की तरह रावण इस दफा भी तलवार चलाएंगा, आंखे टिमटिमाएंगा, गर्दन घुमाएगा और अट्टहास करेगा। कुंभकर्ण व मेघनाद भी तलवार घुमाएंगे। माइक सिस्टम के जरिए संचालनकर्ता दहन के दौरान रावण से जुड़ी बाते बताएंगे। बीच-बीच में माइक से रावण के अट्टहास की आवाजे भी सुनाई देगी।

रावण कुनबा तैयार कर रहे नईम अहमद ने बताया कि रावण का मुकुट सुंदर दिखे और गत सालों से कुछ हटकर दिखे इसलिए जरा सा बढ़ाया है। मेघनाद व कुंभकर्ण भी दुबले नजर न आए इसलिए इनकी मोटाई भी बढ़ाई है। उन्हांने बताया कि मेघनाद की घघरी का रंग भी बदला है।

7 कंपनियों की ट्रेडिंग 18 अक्टूबर से बंद होगी

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नोटिस में कहा गया, “दो लगातार तिमाहियों  के दौरान सेबी (डिपॉजिटरी एंड पार्टिसिपेंट्स) विनियमन, 1996 के नियमन 55ए के गैर-अनुपालन के चलते इन कंपनियों की प्रतिभूतियों में ट्रेडिंग 18 अक्टूबर 2017 से निलंबित कर दी जाएगी

नई दिल्ली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज प्रतिभूतियों में सात कंपनियों के कारोबार को 18 अक्टूबर से निलंबित कर देगा। एक्सचेंज ऐसा इन कंपनियों की ओर से लगातार दो तिमाहियों के दौरान कुछ मानदंडों के गैर-अनुपालन के लिए करेगा।

इन सात कंपनियों में बॉयो ग्रीन पेपर्स, गुजरात कॉर्बन एंड इंडस्ट्रीज, मालवा कॉटन स्पिनिंग मिल्स, सूर्यचक्र पावर कार्पोरेशन, यूनीमर इंडिया, वीकेएस प्रोजक्ट और विसू इंटरनेशनल हैं। आज एक्सचेंज की ओर से जारी किए गए नोटिस में यह बात कही गई है।

नोटिस में कहा गया, “दो लगातार तिमाहियों (मार्च और जून 2017) के दौरान सेबी (डिपॉजिटरी एंड पार्टिसिपेंट्स) विनियमन, 1996 के नियमन 55ए के गैर-अनुपालन के चलते इन कंपनियों की प्रतिभूतियों में ट्रेडिंग 18 अक्टूबर 2017 से निलंबित कर दी जाएगी।

कोई भी कंपनी 12 अक्तूबर, 2017 को या उससे पहले सेबी (डिपॉजिटरी और प्रतिभागियों) के प्रावधानों का (एक्सचेंज की संतुष्टि के लिए) अनुपालन करती पाई जाती है तो इस कंपनी के लिए सिक्योरिटी (प्रतिभूतियों) में ट्रेडिंग को निलंबित नहीं किया जाएगा।”

वहीं एक्सचेंज ने आज इस नोटिस के साथ ही इन कंपनियों के प्रमोटर्स की शेयरहोल्डिंग को अगली नोटिस तक के लिए फ्रीज कर दिया है।
ARSS इंफ्रा के खिलाफ सेबी ने दिया फोरेंसिक ऑडिट का आदेश
बाजार नियामक सेबी ने एआरएसएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजक्ट्स के खिलाफ फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है। यह कंपनी उन 331 कंपनियों में शामिल है जो शेल कंपनी के शक के दायरे में थी। हालांकि नियामक ने इस पर लगाए गए ट्रेडिंग बैन को हटा दिया है।

नियामक ने स्टॉक एक्सचेंज को स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिटर नियुक्त करने का आदेश दिया है ताकि कई कारकों का प्रमाणिकता जैसे कि वित्तीय जानकारी में गड़बड़ी और कंपनी के फंड्स के गलत इस्तेमाल की जांच की जा सके।

मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के इन 331 कंपनियों के शेल कंपनी होने के शक के चलते, सेबी ने इनमें 7 अगस्त, 2017 को ट्रेडिंग बैन कर दी थी। इसमें एआरएसएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लिमिटेड शामिल थी।

जीएसटी से अगस्त में आए 90,669 करोड़ रुपये

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नई दिल्ली। जीएसटी को लागू करने में जीएसटीएन पोर्टल में कारोबारियों को आ रही कठिनाइयों के बीच सरकार के लिए राहत की खबर है। अगस्त में जीएसटी संग्रह 90,669 करोड़ रुपये रहा है।जीएसटी संग्रह का यह आंकड़ा 25 सितंबर का है। जुलाई में जीएसटी से 94,063 करोड़ रुपये राजस्व एकत्रित हुआ था।

हालांकि चिंताजनक बात यह है कि जीएसटी के आइटी तंत्र जीएसटीएन में खामियों के चलते बहुत से कारोबारी निर्धारित समय सीमा के भीतर जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं। इसकी पुष्टि सरकार के आंकड़ों से ही होती है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार अगस्त में 68.20 लाख व्यापारियों को जीएसटीआर-3बी दाखिल करना था जिसमें से मात्र 37.63 लाख करदाताओं ने 25 सितंबर तक रिटर्न दाखिल किए हैं। इसका मतलब है कि 45 प्रतिशत असेसी 25 सितंबर तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं।

अगस्त का जीएसटी भुगतान करने और जीएसटीआर-3बी फाइल करने की अंतिम तिथि 20 सितंबर थी। मंत्रालय के अनुसार 20 सितंबर तक जीएसटी से कुल 90,669 करोड रुपये आए हैं।

जिसमें सीजीएसटी से 14,402 करोड़ रुपये, एसजीएसटी से 21,067 करोड़ रुपये और आइजीएसटी से 47,377 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

आइजीएसटी से जो राशि प्राप्त हुई है उसमें 23,180 करोड़ रुपये आयात पर जीएसटी से मिली है। इसके अलावा क्षतिपूर्ति सेस से 7,823 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

वित्त मंत्रालय का कहना है कि जीएसटी से प्राप्त हुई इस धनराशि में कंपोजीशन स्कीम का विकल्प चुनने वाले 10.24 लाख करदाताओं से मिलने वाली जीएसटी राशि का आंकड़ा शामिल नहीं है।

मंत्रालय का मानना है कि अब भी बहुत से ऐसे करदाता हैं जिन्होंने जुलाई या अगस्त का रिटर्न दाखिल नहीं किया है। मंत्रालय को भरोसा है कि ऐसे लोगों के रिटर्न दाखिल होने पर राजस्व में वृद्धि हो सकती है। देश में एक जुलाई से जीएसटी लागू हुआ।

जुलाई में जीएसटी से कुल 94,063 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। यह आंकड़ा 31 अगस्त तक का है क्योंकि बहुत से कारोबारियों ने विलंब से जुलाई का जीएसटी दाखिल किया।

अगस्त में जीएसटी से राजस्व (करोड़ रुपये में)
सीजीएसटी    : 14,402
एसजीएसटी   : 21,067
आइजीएसटी  : 47,377
क्षतिपूर्ति सेस  : 7,823
कुल जीएसटी : 90,669
(नोट- 25 सितंबर 2017 तक के आंकड़े)

बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट में भागीदारी करेगा रिलायंस इंफ्रा: अंबानी

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मुंबई। इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने मंगलवार को कहा कि वह भारतीय रेल की एक लाख करोड़ रुपये की अति महत्वाकांक्षी परियोजना में भागीदारी करेगा।

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने कंपनी के शेयरधारकों की 88वीं वार्षिक आम बैठक में संबोधित करते हुए कहा, ‘हम कई जापानी कंपनियों से संयुक्त उपक्रम के माध्यम से जुड़े हुए हैं और हम 1 लाख करोड़ रुपये की इस अति महत्वाकांक्षी परियोजना में भागीदारी करेंगे।’

अंबानी के अनुसार, ‘कंपनी ईपीसी (इंजिनियरिंग, खरीदी, निर्माण) खंड पर ध्यान दे रही है। अंबानी ने कहा, ‘मुंबई में बांद्रा-वर्सोवा सी लिंग के लिए बोलीदाता के रूप में हमें चुना गया है और मेट्रो ठेकों के लिए भी हमें आशय पत्र प्राप्त हुए हैं।’

उन्होंने कहा, ‘इसके अतिरिक्त हमने मुंबई-नागपुर राजमार्ग परियोजना के लिए भी निविदा हासिल कर ली है।’ अंबानी ने आगे कहा कि सरकार जल्द ही 50,000 करोड़ रुपये कीमत की 6 पनडुब्बियों के मैन्युफैक्चरिंग का ठेका भी दे सकती है।

उन्होंने कहा, ‘पीपावाव के अधिग्रहण के बाद भारत में मात्र हम दो कंपनियां हैं, जो पनडुब्बियों के निर्माण के लिए सरकार की रणनीतिक साझेदारी कार्यक्रम में भागीदारी करने की स्थिति में हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम मानते हैं कि रक्षा क्षेत्र एक उदयकाल वाला क्षेत्र है। देश की 90 प्रतिशत रक्षा उपकरणों का आयात किया जाता है।’

रिपब्लिक ऑफ कोरिया ने औद्योगिक निवेश में दिखाई रूचि

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शेखावत ने कहा कि राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट की दृष्टि से नेचूरल कंफर्ट जोन है, ऎसे में कोरियाई कंपनियां निवेश के ठोस प्रस्ताव लाती है तो स्वागत किया जाएगा

जयपुर । उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री राजपाल सिंह शेखावत से मंगलवार को उद्योग भवन में रिपब्लिक ऑफ कोरिया के कार्यवाहक राजदूत ली हे वांग के नेतृत्व में 11 सदस्यीय दल ने मिलकर राजस्थान में औद्योगिक निवेश में रुचि दिखाई है।

 उद्योग मंत्री ने कहा कि औद्योगिक निवेश के लिए राजस्थान में अनुकूल वातावरण बना है। राजस्थान शांतिपूर्ण और कानून व व्यवस्था की दृष्टि से बेहतर प्रदेश है।

उन्होंने बताया कि राज्य में निवेश के बेहतर माहौल से ही नीमराणा में जापानी कंपनी हीरो के साथ ही प्रदेश में जापानी औद्योगिक जोन में 40 से अधिक कंपनियां काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि कोरियाई कंपनियां प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के ठोस प्रस्ताव लेकर आती है तो उन्हें भूमि व अन्य आवश्यक देय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने रिप्स में उपलब्ध सुविधाओं के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर कस्टमाईज पैकेज पर भी विचार करने का विश्वास दिलाया। शेखावत ने कहा कि राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट की दृष्टि से नेचूरल कंफर्ट जोन है। ऎसे में कोरियाई कंपनियां निवेश के ठोस प्रस्ताव लाती है तो स्वागत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में औद्योगिक निवेश के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दे रही है ताकि निवेश, रोजगार के साथ ही राजस्व भी बढ़ सके।

शेखावत ने राजस्थान ब्यूरो ऑफ इंवेस्टमेंट प्रमोशन के अधिकरियों को भी निर्देश दिए कि विदेशी दूतावासाें से संपर्क व समन्वय बनाते हुए प्रदेश में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करे।

 रिपब्लिक ऑफ कोरिया के कार्यवाहक राजदूत ली हे वांग ने कहा कि उनका देश राजस्थान में औद्योगिक निवेश करना चाहता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में किसी कारण विशेष से निवेश को मूर्त रुप नहीं दिया जा सका पर अब प्रदेश सरकार के साथ समन्वय बनाते हुए ठोस प्रयास किए जाएंगे।

 अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरुप ने कहा कि कोरियाई कंपनियों को निवेश के ठोस प्रस्ताव लेकर आना होगा। उन्होंने पूर्व में कोरियाई ट्रेैड प्रमोशन ओरगनाइजेशन द्वारा धरातलीय प्रयास नहीं किए जाने की भी चर्चा की।

 बैठक में उद्योग आयुक्त कुंजी लाल मीणा, आयुक्त बीआईपी टीना कुमार, संयुक्त सचिव उद्योग नीतू बारुपाल व कोरियाई दल के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

लहसुन 200 रुपए क्विंटल तेज रहा, नई सोयाबीन की आवक बढ़ी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को माल की आवक 45 हजार बोरी की रही । लहसुन की आवक 10000 हजार कट्टे की रही । सोयाबीन 50 उड़द 200 रुपए मन्दा रहा । लहसुन मीडियम 200 रुपए क्विंटल तेज रहा । नई सोयाबीन की लगभग 5000 बोरी की रहीं।

गेहूं मिल 1500से 1550 लोकवान 1600से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1700 । धान सुगंधा 2000 से 2200पूसा 1 2000 से 2200 पूसा4 (1121) 2000 से 2400धान (1509) 2000 से 2200 सोयाबीन 2500 से 2850 नई सोयाबीन 2400 से 2860 सरसो 3200 से 3500 तिल्ली 5000 से 6200 रुपए क्विंटल।

मैथी 2000 से 2500 धनिया बादामी 3400 से3800 ईगल 3800 से 4000 रंग दार 4500 से 5000 मूंग 3500 से 3800 उडद नया 3000 से 4000 उडद पुराने 3600से 3800 चना 5000 से 5500 चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4800 से 5800 चना मौसमी 4800 से 5800 मसूर 3500 से 4000 ग्वार 2500से 3450 मक्का 1200 से 1300 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000, लहसुन 800 से 3700 रुपए क्विंटल ।

त्योहारी मांग के चलते सोने-चांदी में तेजी

नई दिल्ली । दिल्ली के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। फेस्टिव सीजन की मांग और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से खरीदारी के चलते सोने की कीमतें 80 रुपये चढ़कर 30780 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। इसी तरह चांदी की कीमतें भी 41000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार हो गई है।

चांदी इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से बढ़े उठान के चलते 520 रुपये चढ़कर 41270 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से की गई हालिया खरीदारी के चलते कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.35 फीसद की कमजोरी के साथ 1305.70 डॉलर प्रति औंस के स्तर और चांदी 0.41 फीसद की कमजोरी के साथ 17.09 फीसद डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई हैं। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में कमजोरी के चलते आयात महंगे हो गये हैं, इस वजह से सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 80 रुपये बढ़कर क्रमश: 30780 रुपये और 30630 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। बीते दो सत्रों में सोने की किमतों में 150 रुपये की कमजोरी दर्ज की गई है। हालांकि, सोना 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहा है।

दूसरी ओर चांदी तैयार 520 रुपये बढ़कर 41270 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 860 रुपये बढ़कर 40510 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्कों के भाव 74000 लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर स्थिर हैं।

5G सेवा के लिए समिति गठित की, 2020 तक चालू करने का लक्ष्य

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नई दिल्ली। सरकार ने आज उच्च स्तरीय 5G समिति गठित की। समिति को 2020 तक टेक्नोलॉजी क्रियान्वित करने के लिए रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा, ‘हमने उच्च स्तरीय 5जी कमेटी गठित की है जो 5G के बारे में दृष्टिकोण, मिशन और लक्ष्यों को लेकर काम करेगी। दुनिया में 2020 में जब 5G टेक्नॉलजी लागू होगी, मुझे भरोसा है कि भारत उनके साथ खड़ा रहेगा।’अधिकारियों के अनुसार सरकार 5G से जुड़ी गतिविधियों के लिए 500 करोड़ रुपये का कोष बनाने पर काम हो रहा है।

यह काम मुख्य रूप से शोध और उत्पाद विकास का होगा। 5G टेक्नॉलजी के तहत सरकार का शहरी क्षेत्रों में 10,000 मेगाबाइट प्रति सेकेंड (एमबीपीएस) और ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 एमबीपीएस की गति उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इस समिति में दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव शामिल हैं।

एनसीडीईएक्स के नैशनल ई रिपोजिटरी लिमिटेड का शुभारम्भ 

इन्वेंट्री वित्तपोषण को सक्षम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक निगोशियेबल गोदाम रसीद बनाने के लिए एक मजबूत विनियमित संस्थागत ढांचा प्रदान करेगा

नई दिल्ली।  खाद्य और सार्वजनिक वितरण, उपभोक्ता मामले के मंत्री,राम विलास पासवान ने मंगलवार को  इलेक्ट्रॉनिक निगोशिएबल वेयरहाउसिंग रसीद (eNWR) के शुभारंभ के साथ ही  कमोडिटी और वेयरहाउसिंग उद्योग में एक ऐतिहासिक दिन चिन्हित किया। 

कमोडिटीज (वस्तुओं) के व्यापार में शामिल लोगों, जैसे कि किसान, व्यापारियों, प्रोसेसर और एग्रीगेटर,की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नैशनल ई रिपोजिटरी लिमिटेड (NERL) के तहत उत्पन्न पहली ईएनडब्ल्यूआरआर, इलेक्ट्रॉनिक गोदाम रसीद ऋण देने के लिए एक मजबूत विनियमित संस्थागत ढांचा प्रदान करेगी।

इस पहले ईएनडब्ल्यूआर (eNWR) के साथ, एनईआरएल को आज औपचारिक रूप से आरम्भ किया गया जो कि वेयरहाऊसिंग (गोदाम) विकास और विनियामक प्राधिकरण (WDRA) के तत्वावधान में काम करेगा।

ई-रिपोजिटरी के लिए सेवाएं प्रदान करने वाले प्रमुख प्रतिभागियों में से एक एनईआरएल को कृषि कमोडिटी एक्सचेंज,नैशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्ज एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स), नैशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवेलपमेंट (नाबार्ड), आईसीआईसीआई और एसबीआई ने स्थापित किया है।  

एनसीडीईएक्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ, समीर शाह ने कहा, कि इसका उद्देश्य बकाया रसीदों को बैंकों के लिए विश्वसनीय और बाज़ार योग्य उधार देने वाले साधन बनने में मदद करना है और इस प्रकार से कमोडिटी की मूल्य-श्रृंखला में पूंजी के प्रवाह में सुधार करना है। 

इलेक्ट्रॉनिक निगोशिएबल गोदाम रसीदों के माध्यम से, एनईआरएल गोदाम आधारित कमोडिटी व्यवहार के  लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगी।

नईआरएल के सीईओ, केदार देशपांडे ने कहा, “एनईआरएल सभी इलेक्ट्रॉनिक निगोशिएबल गोदाम रसीदों (ईएनडब्ल्यूआर) के निर्माण, भंडारण, सुरक्षा, प्रामाणिकता और हस्तांतरण के लिए, भंडार के उपयोगकर्ताओं, जैसे गोदाम सेवा प्रदाताओं, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, किसानों, व्यापारियों और मूल्य-श्रृंखला प्रतिभागियों के बीच एक विनियमित रूपरेखा के भीतर उत्तरदायी होगा।”

इआरएल सिस्टम एक्सचेंज इकोसिस्टम के बाहर कमोडिटी ट्रेडिंग के लिए व्यापक दृश्यता, ट्रैसबिलिटी और ऑफ-मार्केट ट्रांसफर पेश करेंगे।

यह निजी और सरकारी स्वामित्व वाले, छोटे और मध्यम सहित सभी प्रकार के गोदाम सेवा प्रदाताओं का समावेश करेगी.बैंकों ने बड़े पैमाने पर गोदाम रसीदों की बंधक के सामने कर्ज देना शुरू कर दिया है।

वेयरहाउस रसीद बाजार का वर्तमान आकार लगभग 40,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है और निगोशियेबल गोदाम रसीदों का आकार 5000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।