Thursday, July 9, 2026
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अब ग्राहकों से फ्रॉड और मनमानी नहीं कर पाएंगी ई-कॉमर्स कंपनियां

नई दिल्ली। ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी रोकने और कार्यशैली में सुधार करने के लिए सरकार ने नई गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस ड्राफ्ट में ई-कॉमर्स कंपनियों पर शिकंजा कसते हुए उनके जवाबदेही तय कर दी है। सरकार ने इन गाइडलाइंस पर सभी स्टेकहोल्डर्स से 16 सितंबर तक राय मांगी है। सभी पक्षों की राय जानने के बाद अक्टूबर में फाइनल नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।

सरकार ने नई गाइडलाइंस में ग्राहकों के हितों का पूरा ध्यान रखा है। नई गाइडलाइंस में कहा गया है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को 14 दिनों में पूरा रिफंड करना होगा। साथ ही ग्राहकों की शिकायतों का 1 महीने में समाधान करना होगा। ड्राफ्ट में सरकार ने कहा है कि ग्राहकों की समस्याओं के समाधान के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों को एक ग्रीवेंस अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी और इसकी जानकारी वेबसाइट पर भी देनी होगी।

सामान की कीमत तय नहीं कर पाएंगी कंपनियां
ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कहा है कि अब कंपनियां सामान की कीमत तय नहीं कर पाएंगी। साथ ही वेबसाइट पर उपलब्ध सभी सामानों की जवाबदेही विक्रेता की होगी। कंपनियों सेल बढ़ाने के लिए फेक रिव्यू भी नहीं करा पाएंगी। कंपनियों को 90 दिन में भारत में रजिस्ट्रेशन भी कराना जरूरी होगा। कंपनियों को विक्रेताओं की पूरी जानकारी के साथ ग्राहकों का डाटा भी सुरक्षित रखना होगा।

अब धूप से होगा चार्ज स्मार्टफोन, शाओमी जल्द ही करेगी लॉन्च

नई दिल्ली। चीन की कंपनी शाओमी (Xiaomi) एक खास तरह का स्मार्टफोन लाने की तैयारी में है। शाओमी के इस स्मार्टफोन के पिछले हिस्से में सोलर पैनल लगा होगा। यानी, यह स्मार्टफोन धूप से भी चार्ज होगा। असल में, शाओमी ने ऐसा स्मार्टफोन डिजाइन पेटेंट कराया है, जिसके पीछे सोलर पैनल होगा।

शाओमी मोबाइल सॉफ्टवेयर ने पिछले साल जुलाई में वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस (WIPO) के पास एक ऐसे स्मार्टफोन के लिए पेटेंट एप्लीकेशन फाइल किया था, जिसमें सोलर सेल मॉड्यूल होगा।

फोन में हो सकता है इन-डिस्प्ले कैमरा
शाओमी के पेटेंट में फोन के डिजाइन के कुछ स्केच शामिल हैं, जिससे संकेत मिलता है कि शाओमी का यह स्मार्टफोन कैसा हो सकता है। स्केच से पता लगता है कि इस स्मार्टफोन में नो-नॉच डिस्प्ले होगा। हालांकि, अभी यह क्लीयर नहीं है कि इस फोन में फ्रंट-फेसिंग कैमरा कहां होगा। साथ ही, फ्रंट कैमरे के लिए पॉप-अप मॉड्यूल का भी कोई संकेत नहीं मिला है। शाओमी अपने इस स्मार्टफोन में इन-डिस्प्ले कैमरा टेक्नॉलजी का भी इस्तेमाल कर सकती है, जिसे कंपनी पहले ही शोकेस कर चुकी है।

सोलर पैनल होगा फोन का USP
अगर फोन के बैक साइड की बात करें तो इसमें ड्यूल कैमरा सेटअप होगा। स्मार्टफोन के पीछे लगे दोनों कैमरों के बीच में LED फ्लैश होगा। बैक पैनल में कोई फिंगरप्रिंट सेंसर नहीं दिया गया है, ऐसे में फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मॉड्यूल हो सकता है। बैक में लगा सोलर पैनल फोन का USP हो सकता है। यह फोन के बैक के बड़े हिस्से को कवर करेगा। अहम बात यह है कि सोलर पैनल फोन के कैमरा मॉड्यूल से भी पतला होगा।

सोलर एनर्जी से चार्ज कर पाएंगे फोन
फोन के बैक में लगे सोलर पैनल के कारण सोलर एनर्जी के जरिए भी यह चार्ज होगा। कई और कंपनियों ने भी सोलर पावर्ड स्मार्टफोन के आइडिया को एक्सप्लोर किया है। हालांकि, अभी यह क्लीयर नहीं है कि यह स्मार्टफोन कब लॉन्च होगा।

स्विमसूट में इंटरनेट पर छाईं प्रियंका चोपड़ा, देखिए बोल्ड तस्वीरें

प्रियंका चोपड़ा इन दिनों बॉलिवुड से दूर चल रही हैं, लेकिन अपनी तस्वीरों की वजह से वह अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। इस बार प्रियंका अपने स्विमवेयर की वजह से चर्चा में हैं।ये तस्वीरें मायामी बीच की हैं, जहां पिछले दिनों प्रियंका अपनी फैमिली के साथ पहुंची थीं।

प्रियंका मरून कलर के इस स्विमसूट में काफी हॉट नजर आ रही हैं।इन तस्वीरों में स्विमिंग ड्रेस के साथ प्रियंका ने काफी फैशनेबल शेड्स भी लगा रखे हैं। इस आउटफिट में प्रियंका बिल्कुल फिट नजर आ रही थीं।

बता दें कि प्रियंका बहुत जल्द बॉलिवुड में कमबैक करने वाली हैं। फिल्म ‘द स्काई इज पिंक’ में नजर आएंगी प्रियंका, जिसमें उनके साथ दिखेंगे फरहान अख्तर। आखिरी बार प्रियंका प्रकाश झा की फिल्म ‘जय गंगाजल’ में नजर आई थीं।

‘द स्काई इज पिंक’ अपनी शुरुआत से ही चर्चा में है। इस फिल्म में प्रियंका के अलावा फरहान अख्तर, रोहित सराफ, ज़ायरा वसीम भी लीड रोल में नजर आनेवाली हैं।

बाजार की तेज शुरुआत, सेंसेक्स 135 अंक उछला, निफ्टी 10,900 के पार

नई दिल्ली। कई दिन से चल रहा मंदी को दरकिनार करते हुए घरेलू शेयर बाजार मंगलवार 6 अगस्त 2019 को बढ़त के साथ हरे निशान में खुले। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 41 अंकों की तेजी के साथ 36,741 अंकों पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 18 अंकों की तेजी के साथ 10,881 अंकों पर खुला।

सुबह 9.28 बजे सेंसेक्स 135 अंकों की तेजी के साथ 36,835 अंकों पर और निफ्टी 45 अंकों की तेजी के साथ 10,908 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स में बैंकिंग, ऑटो सेक्टर के शेयरों में लिवाली का माहौल बना हुआ है।

इन शेयरों में तेजी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में बॉम्बे डाइंग, एचसीसी, जागरण प्रकाशन लिमिटेड, एसआरएफ के शेयरों में तेजी का माहौल है। निफ्टी में इंडियाबुल्स हाउंसिंग फाइनेंस, गेल, इंड्सइंड बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक के शेयरों में तेजी का माहौल है।

इन शेयरों में मंदी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में एसकेएफ इंडिया, भारत फोर्ज, कॉक्स एंड किंग्स, इंडियाबुल्स इंटिग्रेटिड सर्विसेज, लक्ष्मी विलास बैंक के शेयरों में मंदी का माहौल है। निफ्टी में जी एंटरटेनमेंट, टाइटन, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, पावरग्रिड, टीसीएस के शेयरों में मंदी का माहौल है।

UGC रद्द किए चार साल के ग्रैजुएशन कोर्स पर लौटा

नई दिल्ली। विवादास्पद ‘चार साल के ग्रैजुएशन प्रोग्राम’ (FYUP) को रद्द किए जाने के पांच साल बाद यूजीसी ने इसे शुरू करने का सुझाव दिया है। यूजीसी की समिति ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बेहतर अनुसंधान के लिए इसे शुरू किए जाने का सुझाव दिया है। साथ ही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर काम करने वाले एचआरडी मंत्रालय के पैनल ने भी ग्रैजुएशन पाठ्यक्रमों में सुधार के लिए कार्यक्रम की सिफारिश की है।

भारतीय विज्ञान संस्थान (बेंगलुरु) के पूर्व निदेशक प्रो. पी. बालाराम ने इस समिति की अध्यक्षता की। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस व्यवस्था से डॉक्टरेट के लिए अच्छे छात्र मिल सकेंगे। गौरतलब है कि पूर्व कुलपति दिनेश सिंह के कार्यकाल के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय ने FYUP पेश किया गया था, जिसे पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने खारिज कर दिया था।

यूजीसी की चार सदस्यीय कमिटी के अलावा एचआरडी मिनिस्ट्री की एक कमिटी ने भी इसका सुझाव दिया था। एचआरडी मिनिस्टी की वह कमिटी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर काम कर रही थी। उस कमिटी की अध्यक्षता इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु के पूर्व निदेशक प्रफेसर पी.बालाराम कर रहे थे। कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था, ‘चार साल का अंडरग्रैजुएट प्रोग्राम ऑफ करने वाली यूनिवर्सिटियों की संख्या बढ़ाई जाए। कोर्स में रिसर्च पर जोर दिया जाए ताकि डॉक्टोरेट प्रोग्राम के लिए सक्षम छात्र मुहैया हो सके।’

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था, ‘मौजूदा दो साल के एमए और एमएससी प्रोग्रामों में भी 6-10 क्रेडट का रिसर्च प्रॉजेक्ट शामिल किया जाएगा। ऐसे अंडरग्रैजुएट कार्यक्रमों को बंद करना जरूरी है जिनकी गुंजाइश काफी सीमित है क्योंके उन कोर्सों में किसी खास विषयों में ही प्रशिक्षण दिया जाता है।’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सभी फुल टाइम अंडरग्रैजुएट प्रोग्रामों के बेस को बढ़ाया जाए। ऐसे प्रफेशनल और वोकेशनल कोर्सों को डिप्लोमा कोर्स के तौर पर अलग से चलाया जाना चाहिए जिससे जॉब आसानी से मिलती है।’

रियल एस्टेट कंपनियां कश्मीर में निवेश के लिए तैयार

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35A के हटने के बाद रियल एस्टेट कंपनियां अपने लिए निवेश की बड़ी संभावनाएं देख रही हैं। यही वजह है कि रियल एस्टेट सेक्टर में केंद्र के इस फैसले को लेकर खुशी का माहौल है। NAREDCO के नेशनल चेयरमैन डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया।

हीरानंदानी के मुताबिक अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर और लेह लद्दाख में विकास की नई संभावनाएं विकसित होंगी, जिससे वहां इकोनॉमिक ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी। साथ ही सरकार के इस कदम से देश के अन्य हिस्सों की बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां निवेश कर सकेंगी। इससे न सिर्फ देश इकोनॉमिक तौर पर आगे बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों आर्थिक तौर पर फायदा होगा। वहीं बड़ी तादाद में लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे देश के जीडीपी ग्रोथ में इजाफा होगा।

जम्मू कश्मीर को हासिल थे विशेष अधिकार
बता दें कि अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर राज्य को कुछ विशेष अधिकार प्राप्त थे। इसके तहत जम्मू कश्मीर के बाहर को कोई भी व्यक्ति वहां निवेश नहीं कर सकता था और न ही उसे व्यापार करने का अधिकार हासिल था। इसकी वजह से जम्मू कश्मीर का एक बड़ा हिस्सा विकास की गतिविधियों से महरुम था। हालांकि अब निवेश के दरवाजे खुलने के बाद कारोबारी जगत में नई उम्मीद जगी है।

अब WhatsApp Web पर शेयर कर पाएंगे थर्ड पार्टी स्टिकर

नई दिल्ली। यूजर्स अपने परिवार और दोस्तों के साथ व्हाट्सएप वेब का उपयोग करके व्हाट्सएप के मूल रूप से पेश किए गए स्टिकर तो शेयर कर सकते हैं, वे कंपनी के वेब आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग करके थर्ड पार्ट के स्टिकर शेयर नहीं कर सकते हैं।

इसका मतलब है कि यदि आपने थर्ड पार्टी के स्टिकर का उपयोग करके विशेष व्हाट्सएप स्टिकर बनाया है, तो आप उन्हें न तो देख सकते हैं और न ही व्हाट्सएप वेब पर उपयोग कर सकते हैं। लेकिन जल्द ही इसमें बदलाव हो सकता है।

WABetaInfo की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाट्सएप के डेवलपमेंट्स को ट्रैक करने वाले ब्लॉग, व्हाट्सएप, व्हाट्सएप वेब पर एक नई फंक्शनेलिटी शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे यूजर्स व्हाट्सएप वेब पर थर्ड पार्टी एप्लिकेशन का उपयोग करके बनाए गए स्टिकर शेयर कर सकेंगे, जिससे यूजर्स सीजनल ग्रीटिंग्स और अन्य मैसेजेस शेयर कर सकेंगे।

इसके अलावा, व्हाट्सएप अपने ऐप आधारित प्लेटफॉर्म में कई नई सुविधाओं को जोड़ने पर भी काम कर रहा है। ब्लॉग की एक अलग रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मैसेजिंग ऐप अपने iOS आधारित प्लेटफॉर्म पर फीचर के मुद्दों के लिए पिन्ड अलर्ट जोड़ने की योजना बना रहा है। जब भी कोई मीडिया फाइल डाउनलोड करता है तो यह सुविधा यूजर्स को नोटिफाई करेगी।

नोटिफिकेशन को व्यक्तिगत चैट विंडो के टॉप पर पिन किया जाएगा और इस मुद्दे और कारण को स्पष्ट करने वाले मैसेज के साथ एक विशेष रंग में हाइलाइट किया जाएगा।इसके अलावा, लोकप्रिय सोशल मैसेजिंग ऐप से मीडिया एडिट फीचर को जोड़ने की योजना है जो यूजर्स को मीडिया फाइल्स जैसे कि एक इमेज या डूडल को एडिट करने की अनुमति देगा, जिससे वे अपने स्मार्टफ़ोन पर डाउनलोड किए बिना अपनी चैट में फिर पा सकें।

यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को अपने व्हाट्सएप कॉन्टेक्ट के साथ शेयर करने से पहले ऐप के भीतर मीडिया फाइलों को एडिट करने की अनुमति देती है।हालांकि, सबसे उल्लेखनीय विशेषता जिस पर कंपनी काम कर रही है, वह कई डिवाइसेस से एक ही व्हाट्सएप अकाउंट का उपयोग करने की क्षमता है।

IIFL फाईनेंस बॉन्ड्स के पब्लिक इश्यू जारी

कोटा। देश की सबसे बड़ी नॉन-बैंकिंग फाईनेंशल कंपनियों में से एक आईआईएफएल फाईनेंस 6 अगस्त को बॉन्ड्स के पब्लिक इश्यू जारी किया। जिसके तहत यह अत्यधिक सुरक्षा के साथ 10.5 प्रतिशत की ब्याज दर प्रस्तुत करेगा। 6 प्रतिशत प्रतिवर्ष से कम के बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट्स की तुलना में आईआईएफएल बॉन्ड रिटेल निवेशकों को कम से कम 4 प्रतिशत प्वाईंट ज्यादा रिटर्न देते हैं।

आईआईएफएल बॉन्ड्स रिटेल निवेशकों को ऐसे समय ज्यादा आकर्षक रिटर्न दे रहे हैं, जब आरबीआई ब्याज दरों में कटौती करने वाली है और स्टॉक बाजार नकारात्मक रिटर्न दे रहे हैं। आईआईएफएल बॉन्ड्स 69 महीनों की अवधि के लिए 10.50 प्रतिशत की सर्वोच्च ब्याज दर प्रस्तुत कर रहे हैं। यह 15 महीनों की छोटी अवधि के लिए सिक्योर्ड श्रेणी में 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष का ब्याज भी दे रहे हैं।

इन बॉन्ड्स में भुगतान की अवधि मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक है, तथा कूपन बॉन्ड ज़ीरो हैं। सिक्योर्ड श्रेणी में प्रस्तुत अन्य अवधि 39 माह की है। कॉर्पोरेट एवं ट्रस्ट जो केवल मैट अदा कर रहे हैं, वो इन बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं।

शॉर्ट टर्म लिक्विडिटी टाईटनिंग के चलते15 महीनों के बॉन्ड्स का मूल्य अच्छा है। इन इकाईयों का 10 प्रतिशत की ब्याज दर टैक्स समायोजित करने पर बहुत आकर्षक हो जाता है। क्राईसिल ने इसे एए/स्टेबल की रेटिंग दी है, जो प्रदर्शित करती है कि ये निवेश वित्तीय दायित्व पूरे करने के लिए समय पर सर्विस देने के मामले में बहुत सुरक्षित हैं और इनमें क्रेडिट रिस्क कम है।

आईआईएफएल बॉन्ड 1000 रु. की फेस वैल्यू पर जारी किए जाएंगे और सभी श्रेणियों में आवेदन का न्यूनतम आकार 10,000 रु. होगा। इसके पब्लिक इश्यू 6 अगस्त को शुरू होंगे और 30 अगस्त को बंद होंगे। इनमें अर्ली क्लोज़र का विकल्प भी है। आवंटन ‘पहले आएं, पहले पाएं’ के आधार पर किया जाएगा।

आईआईएफएल फाईनेंस के सीईओ, सुमित बाली ने कहा, एकत्रित किए गए इस फंड से हमको ऐसे अनेक क्षेत्रों में अपने काम का विस्तार करने में मदद मिलेगी।’’यूके स्थित सीडीसी ग्रुप द्वारा सहयोग प्राप्त आईआईएफएल फाईनेंस 100 करोड़ रु. के बॉन्ड्स जारी करेगा और उसके पास 900 करोड़ रु. के ओवरसब्सक्रिप्शन रिटेन करने का ग्रीन-शू विकल्प होगा।

क्षमा धारण करने से होती है स्वयं की जीत: आर्यिका सौम्यनन्दिनी

कोटा। महावीर नगर विस्तार योजना दिगम्बर जैन मंदिर में चल रहे आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी ससंघ के पावन वर्षायोग के दौरान प्रवचन करते हुए माताजी ने कहा कि वर्तमान में खान पान के प्रभाव से क्रोध में लगातार वृद्धि हो रही है और सम्पूर्ण कलह, विवाद, वैमनस्यता, मनमुटाव का प्रमुख कारण क्रोध ही है।

क्रोध पर नियंत्रण करना अति आवश्यक ही नही शान्ति पूर्ण जीवनयापन के लिए बहुत जरूरी भी है। उन्होंने कहा कि कुछ समय का तूफान सब कुछ तहस-नहस कर देता है। जबकि, अधिकतर समय शांति ही रहती है। इसी प्रकार कुछ समय का क्रोध सम्पूर्ण जीवन को नष्ट कर देता है।

क्रोध को पाप का मूल भी कहा गया है। माताजी ने कहा कि ‘क्षमा’ मात्र दो अक्षर हैं। मान का क्षय करने से क्षमा का गुण प्रकट होता है। क्षमा का गुण प्रकट हो जाने से समस्त अवगुण नष्ट हो जाते हैं। क्षमा भाव को धारण करने एवं शांत रहने से स्वयं की जीत होती है।

आधुनिकता में स्त्रियों को अपने शिशु को स्तनपान बंद नहीं करना चाहिए

कोटा। आधुनिकता की आड़ में स्त्रियों को अपने शिशु को स्तनपान बंद नहीं करना चाहिए। मातृत्व की शक्ति और शिशु के मानसिक विकास के लिए यह जरुरी है। यह विचार राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में सोमवार को शिक्षिकाओं और छात्राओं के मध्य “ब्रेस्ट फीडिंग एंड इन्फेंट हेल्थ” पर अवेयरनेस प्रशिक्षण कार्यशाला में विशेषज्ञों ने व्यक्त किये।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि RTU के कुलपति डॉ. आरए गुप्ता ने कहा कि भविष्य के लिए तैयारी हमें आज से प्रारंभ करनी चाहिए। अत: ब्रैस्ट फीडिंग जागरूकता के लिए कार्यशाला का आयोजन एक अच्छा प्रयास है। भावी अभिभावकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि प्रो. बीपी सुनेजा ने कहा की आज की पीढी अभी भी अपने दादा दादी , नाना-नानी, से एन विषयों पर बात करने से कतराते हैं। आज की पीढ़ी शर्म महसूस करती है, जबकि समाज में इसको इन सभी को प्रमोशन करना चाहिए।

ISTD की अध्यक्षा अनीता चौहान ने कहा की हमें भारतीय परंपरा का पालन करना होगा जहां महिला को महिला शक्ति के रूप में माना जाता है। मातृत्व उसे शक्तिशाली बनाता है। स्तनपान महिलाओं का गुण है। इसे आधुनिकता के नाम पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए|

डॉ. नवनीत बागला ने कहा कि माँ को शिशुओं को स्तनपान करवाने का उचित समय देने के लिए परिवार सहयोग करें और यह भी निश्चित करे की माता तनावमुक्त रहे। तनावमुक्त वातावरण में स्तनपान करवाना ही शिशु के विकास में मदद करेगा।

डॉ अविनाश बंसल ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कहा की स्तनपान राष्ट्र के टिकाऊ विकास की कुंजी है । माँ का दूध शिशु के मस्तिष्क विकास में सहायक है | इस दौरान सोशल मीडिया साक्षरता के लिए शपथ दिलवाई ।

डॉ. सी बी दासगुप्ता ने स्तनपान से संबंधित मुख्य तथ्यों से अवगत करवाते हुए कहा की यूनिवर्सिटी की छात्राएं अपनी भाभी , सहेली , चाची आदि मददगार हो सकती है। भावनात्मक सहयोग के साथ जन्म के पहले घंटे में शिशु को स्तनपान करवाने को प्रेरित कर सकती हैं ।

हर्षिता सोशल डेवलपमेंट सोसाइटी की शीला वर्मा ने बताया की यदि प्रसूता को उचित संतुलित आहार दिया जाता है तो दूध की गुणवत्ता बढ़ती है। स्तनपान करवाते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए, शिशु को पकड़ने का तरीका आदि प्रेक्टिकल करके समझया। डॉ. एकात्म गुप्ता ने बताया की जन्म के पहले घंटे में माँ का दूध अमृत समान होता है।

राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी की डीन डॉ.अन्नपूर्णा भार्गव ने धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए कहा कि आई एस टी डी द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से छात्राओं को स्वयं के भविष्य में अपनी मातृत्व भूमिका के निर्वहन में सहयोग मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन यूनिवर्सिटी की छात्रा द्वारा किया गया ।

कार्यशाला का आयोजन इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट कोटा चैप्टर, बीपीएनआई, राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी कोटा, ज्ञान्द्वार एजुकेशन सोसाइटी और हर्षिता सोशल डेवलपमेंट के सयुंक्त तत्वाधान में किया गया था।