Thursday, July 9, 2026
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कोटा अनाज मंडी: चना, धनिया ढीला, लहसुन 400 रुपये उछला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को आवक की कमी से लहसुन 400 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा। लिवाली के अभाव में सोयाबीन 25 रुपये मंदी बिकी। चना 50 रुपये लुढ़क गया। वायदा कमजोर रहने से ग्वार 100 रुपये टूट गया। धनिया 150 रुपये प्रति क्विंटल ढीला रहा ।

गेहूं लस्टर 1850 से 1951 गेहूं मिल क्वालिटी 1775 से 1961एवरेज 1850 से 2000 लोकवान 1850 से 2000 पी डी 1850 से 2000 गेहूं टुकडी 1900 से 2051 मक्का 1900 से 2100 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2600पूसा 1 2500 से 2601 पूसा 4 (1121) 3000 से 3200 धान लाजवाब ( 1509 ) 2800 से 3005 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3200 से 3551 सरसों 3400 से 3601अलसी 4000 से 4501तिल्ली 7000 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 2800 से 4100 कलौजी 8500 से 10000धनिया बादामी 5400 से5600 ईगल 5800 से 6001 रंगदार 6000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 2000 से 8800 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

मूंग 5100 से 5600 उड़द 2000 से 4100 चना 3600 से 4000 चना कांटिया 3900 चना काबुली 3500से 4300 चना पेप्सी 3800 से 4000 चना मौसमी 3000 से 4000 मसूर 3800 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर तेल बाजार: कपास्या खली में गिरावट, सोया रिफाइंड तेल तेज

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में सोमवार को सोयाबीन रिफाइंड तीन रुपये और पाम तेल के भाव में आठ रुपये प्रति 10 किलोग्राम की तेजी हुई। पशुआहार कपास्या खली में 25 रुपये प्रति 60 किलोग्राम कम हुए।

तिलहन:सरसों 3500 से 3550रायडा 3400 से 3450सोयाबीन 3500 से 3550 रुपये प्रति क्विंटल। तेल:मूंगफली तेल इंदौर 1110 से 1120, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 740 से 743, सोयाबीन साल्वेंट 705 से 710, पाम तेल 635 से 640 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार:कपास्या खली इंदौर 2025, देवास 2025, उज्जैन 2025, खंडवा 2005, बुरहानपुर 2005, अकोला 3300 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी।कपास्या तेल:कपास्या तेल इंदौर 750 से 755, महाराष्ट्र 745 से 748 रुपये तथा गुजरात 755 से 760 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

इंदौर अनाज मंडी: कमजोर ग्राहकी से मूंग दाल- मूंग मोगर सस्ती

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में सोमवार को चना के भाव में 25 रुपये प्रति क्विंटल की कमी हुई। दालों में कमजोर ग्राहकी से मूंग दाल 100 रुपये और मूंग मोगर 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती होकर बिकी।

दलहन:चना (कांटा) 4225 से 4250, चना (देसी) 4100 से 4150, डबल डॉलर 4800 से 5200, मसूर 4100 से 4125, हल्की 3750 से 3800, मूंग 5600 से 5700, हल्की 5000 से 5200, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5200, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5750 से 5800, उड़द 4900 से 5000, हल्की 3400 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल:तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6900 से 7100, तुअर दाल फूल 7300 से 7500, तुअर दाल बोल्ड 7700 से 7900, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5550 से 5750, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5300 से 5400मूंग दाल 7400 से 7600, मूंग मोगर 8000 से 8200 उड़द दाल 7000 से 7200, उड़द मोगर 7000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज:गेहूं हल्का 1870 से 1900, गेहूं 147- 1950 से 2200, गेहूं लोकवन 1950 से 2250, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 2000 से 2100, ज्वार संकर 2150 से 2200, ज्वार देसी 2500 से 2800, मक्का पीली 2150 से 2200, मक्का गजर 2100 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल:बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर किराना:ग्राहकी निकलने से साबूदाना में सुधार

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में सोमवार को शक्कर, खोपरा गोला में उपभोक्ता मांग बढ़ी रही। साबूदाना की खेरची ग्राहकी में सुधार दर्ज किया गया। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में सोमवार को 14 गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर-गोला:शक्कर 3350 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 168 से 183 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2100 से 3400 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी:हल्दी खड़ी सांगली 130 से 132, निजामाबाद 90 से 100, पिसी 140 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना:साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल।आटा-मैदा:गेहूं आटा 1200 से 1210, मैदा 1260 से 1270, रवा 1270 से 1280, चना बेसन 2950 से 2975 तथा बटला बेसन 2750 से 2775 रुपये प्रति क्विंटल।

कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाई, कोटा सर्राफा बाजार में बंटी मिठाई

कोटा। कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के मोदी सरकार के ऐतिहासिक फ़ैसले से आज शहर में जश्न का माहौल है। कई जगह आतिशबाजी कर मिठाई बांटकर ख़ुशी व्यक्त की गई। न्यू सर्राफा मार्केट में भी इस मौके पर व्यापारियों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर ख़ुशी का इजहार किया गया।

श्री सर्राफा बोर्ड के अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल विचित्र ने बताया कि बाजार में पदाधिकारियों ने तिरंगा झंडा हाथ में लेकर सभी दुकानों पर जाकर व्यापारियों और ग्राहकों का मुंह मीठा करवाया।
विचित्र ने कहा कि देश हित में यह ऐतिहासिक फैसला है।

इससे सबका साथ, सबका विकास होने के साथ ही देश में सुरक्षा का माहौल बनेगा और देश की प्रगति होगी। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष आनंद राठी, पुरुषोत्तम पुरोहित, रामस्वरुप गोयल, सचिव विवेक कुमार जैन, उपाध्यक्ष सुशील लोहिया आदि साथ थे।

मोदी सरकार के इन चार फैसलों ने हर किसी को किया हैरान

नई दिल्ली। अपने फैसलों से लगातार चौंकाती रही नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर पर आज के अपने फैसले से विपक्षी दलों समेत हर किसी को हैरान कर दिया। कश्मीर में जिस तरह की हलचल पिछले कुछ दिनों से जारी थी, उससे ये अंदाजा तो सबको जरूर था कि सरकार कुछ बड़ा करने वाली है, लेकिन कश्मीर पर एकसाथ सरकार चार बहुत बड़े फैसले करेगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।

खुद विपक्ष के नेता भी स्वीकार कर रहे हैं कि उन्होंने इस ‘चौके’ की उम्मीद तो कतई नहीं की थी। सरकार के फैसले से पहले माना जा रहा था कि शायद कश्मीर से आर्टिकल 35A को हटाने का फैसला किया जा सकता है, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर पर एकसाथ चार बड़े फैसले लेकर सभी अनुमानों को ध्वस्त करते हुए ऐतिहासिक कदम से पूरे देश को अवगत करा दिया।

चार फैसले और बदल गया जम्मू-कश्मीर का रूप
शाह ने राज्यसभा में एकसाथ चार फैसले से जम्मू-कश्मीर पर मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। फैसला नंबर 1- जम्मू कश्मीर राज्य से संविधान के अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंडों को हटाने और राज्य का विभाजन करने का प्रस्ताव, फैसला नंबर 2- जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव, फैसला नंबर 3-जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित क्षेत्र की अपनी विधायिका के बारे में प्रस्ताव, फैसला नंबर 4-लद्दाख बिना विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र होने के बारे में प्रस्ताव रखा।

नरेंद्र मोदी सरकार ने फिर चौंकाया
नरेंद्र मोदी सरकार कई मौकों पर अपने फैसले से सबको चौंकाती रही है। सरकार के आज के फैसले ने भी विपक्ष को हिलाकर रख दिया। कश्मीर में जारी हलचल के बीच पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती, नैशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि केंद्र सरकार राज्य में कुछ ‘बड़ा’ प्लान कर रही है। हालांकि, इन नेताओं में से किसी को भी यह अंदाजा नहीं रहा होगा कि जम्मू-कश्मीर राज्य का ही विभाजन हो जाएगा और लद्दाख एक स्वायत्त क्षेत्र बन जाएगा।

राज्यसभा में आजाद भी हैरान नजर आए
मोदी सरकार के इस अप्रत्याशित मूव से कांग्रेस भी हैरान नजर आई। राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर पर सरकार एक साथ चार फैसले लेगी, इसका अंदाजा दुनिया के बड़े से बड़े अक्लमंद को भी नहीं रहा होगा। उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर क्या, भारत क्या दुनिया क्या.. किसी भी कोने में कितना भी अक्लमंद आदमी रहा हो… कश्मीर का कितना भी बड़ा एक्सपर्ट हो, उसने भी यह अंदाजा नहीं लगाया होगा कि एक साथ चार चीजें गृह मंत्री सदन में लाएंगे, उस पर चर्चा होगी और उसी दिन पास भी करेंगे। यह 57 पन्नाों का बिल है। एक-एक पन्ने का बिल भी आता है। दो दिन पहले उसकी जानकारी दी जाती है और चर्चा होती है। यहां एक राज्य को खत्म किया जा रहा है। 29 में से एक राज्य को खत्म कर 28 किया जा रहा है।’

आर्टिकल 370 पर शाह ने दिया हर जवाब
शाह ने कहा कि 1950 और 1960 के दशकों में तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने इसी तरीके से अनुच्छेद 370 में संशोधन किया था। ‘हमने भी यही तरीका अपनाया है।’ गृह मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद स्वयं भी जम्मू-कश्मीर से आते हैं, उन्हें चर्चा में भाग लेकर राज्य के लोगों की समस्याओं को उजागर करना चाहिए।

गृह मंत्री ने लद्दाख के लिये केंद्र शासित प्रदेश के गठन की घोषणा की जहां चंडीगढ़ की तरह विधानसभा नहीं होगी। शाह ने राज्यसभा में घोषणा की कि कश्मीर और जम्मू डिवीजन विधानसभा के साथ एक अलग केंद्र शासित प्रदेश होगा जहां दिल्ली और पुडुचेरी की तरह विधानसभा होगी। विपक्षी सदस्यों के विरोध और हंगामे के बीच गृह मंत्री ने कहा, ‘राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद अनुच्छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे। ’

जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का बिल राज्यसभा में पास : जानिए क्या बदल जाएगा

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों के तौर पर पुनर्गठित करने के प्रस्ताव वाले विधेयक को राज्यसभा से मंजूरी मिल गई है। उच्च सदन ने इस विधेयक को पारित कर दिया। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 पर्सेंट आरक्षण वाला विधेयक भी पास हो गया है।पुनर्गठन विधेयक को मंजूरी से पहले होम मिनिस्टर अमित शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में यदि हालात सुधरते हैं तो सूबे को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जा सकता है।

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर का दो राज्यों में बंटवारा भी किया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से जम्मू-कश्मीर के भूगोल के साथ ही सियासत भी बदल गई है। आइए जानते हैं आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में क्या-क्या बदल गया है…

कोई भी खरीद सकेगा संपत्तिः अनुच्छेद 370 राज्य से बाहरी अब देश का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीद पाएगा।

अब अलग झंडा नहींः जम्मू-कश्मीर का अपना अलग झंडा भी था। वहां सरकारी दफ्तरों में भारत के झंडे के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर का झंडा भी लगा रहता था। अब जम्मू-कश्मीर में अलग झंडा नहीं रहेगा। यानी राष्ट्रध्वज तिरंगा रहेगा।

बाकी देश की तरह जम्मू-कश्मीर में लागू होगा हर कानूनः आर्टिकल 370 के कारण देश की संसद को जम्मू-कश्मीर के लिए रक्षा, विदेश मामले और संचार के सिवा अन्य किसी विषय में कानून बनाने का अधिकार नहीं था। साथ ही, जम्मू-कश्मीर को अपना अलग संविधान बनाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन अब यह सब बदल गया है।

राज्यपाल का पद खत्म: राज्यपाल का पद खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य की पुलिस केंद्र के अधिकार क्षेत्र में रहेगी।

नहीं लागू होती थी धारा 356: जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती थी। इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य सरकार को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं था। यानी, वहां राष्ट्रपति शासन नहीं, बल्कि राज्यपाल शासन लगता था। लेकिन चूंकि जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित राज्य होगा, तो अब यह स्थिति भी बदल गई है।

दोहरी नागरिकता खत्म: जम्मू-कश्मीर में अब दोहरी नागरिकता नहीं होगी। आर्टिकल 370 के कारण जम्मू-कश्मीर में वोट का अधिकार सिर्फ वहां के स्थायी नागरिकों को ही था। दूसरे राज्य के लोग यहां वोट नहीं दे सकते और न चुनाव में उम्मीदवार बन सकते थे। अब नरेंद्र मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद भारत का कोई भी नागरिक वहां के वोटर और प्रत्याशी बन सकते हैं।

कश्मीर अब केंद्र शासित राज्यः जम्मू-कश्मीर में अभी तक विधानसभा की 87 सीटें थीं। लेकिन अब राज्य का बंटवारा किया गया है। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश होगा।

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर की होगी विधानसभाः कश्मीर विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा।विधानसभा का कार्यकाल 6 साल की जगह 5 साल होगा।

लद्दाख चंडीगढ़ जैसा केंद्र शासित प्रदेशः अभी तक जम्मू कश्मीर का हिस्सा रहे लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा। यहां जम्मू-कश्मीर की तरह विधानसभा नहीं होगी। इसका प्रशासन चंंडीगढ़ की तरह चलाया जाएगा।

कश्मीर का अलग से कोई संविधान नहीं: अनुच्छेद 370 के हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष अधिकार पूरी तरह से खत्म। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान पूरी तरह से लागू होगा। इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर का अपना अलग से कोई संविधान नहीं होगा। बता दें कि कश्मीर में 17 नवंबर 1956 को अपना संविधान लागू किया था। अब कश्मीर में आर्टिकल 356 का भी इस्तेमाल हो सकता है। यानी राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।

RTI कानून कश्मीर में भी चलेगाः जम्मू-कश्मीर में आरटीआई और सीएजी जैसे कानून भी यहां लागू होंगे।

बाहरी राज्य के लोगों को भी नौकरी मिल सकेगीः जम्मू-कश्मीर में देश का कोई भी नागरिक अब नौकरी पा सकता है।

वित्तीय आपातकाल भी लग सकेगाः भारतीय संविधान की धारा 360 जिसके अंतर्गत देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान है, वह धारा 370 के कारण जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जम्मू कश्मीर भी इसके दायरे में होगा।

जम्मू-कश्मीर की महिलाओं से भेदभाव होगा खत्म
आर्टिकल 370 के खत्म होने के बाद अब अगर जम्मू-कश्मीर की महिला किसी अस्थायी निवासी से शादी कर लेती तो भी उनको संपत्ति का अधिकार मिलेगा। पहले अस्थायी निवासी से शादी करने पर महिलाओं को तो संपत्ति में अधिकार दिया जाता था लेकिन इस तरह महिलाओं के बच्चे संपत्ति के अधिकार से वंचित हो जाते थे। आर्टिकल 370 को खत्म करने के फैसले के बाद अब ये सारी पाबंदियां खत्म हो गई हैं। अब कश्मीर की महिला को किसी अस्थायी निवासी से शादी करने पर भी उसे संपत्ति का अधिकार मिलेगा।

सोने में रिकॉर्ड तेजी, 37000 रुपये बिका, चांदी 1,000 रुपये उछली

नयी दिल्ली/ कोटा। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव बढ़ने के साथ निवेशकों का सोना की खरीदारी में रुझान बढ़ने से पीली धातु का भाव सोमवार को 800 रुपये उछलकर 37,000 रुपये के करीब रिकार्ड 36,970 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का विनिर्माताओं की मजबूत मांग से चांदी की कीमत भी 1,000 रुपये बढ़कर 43,100 रुपये किलो पर पहुंच गयी।

विशेषज्ञों ने कहा कि मई 2013 के बाद सोने का यह सर्वोच्च स्तर है। मूल्यवान धातु के रिकार्ड स्तर पर पहुंचने का कारण अमेरिका-चीन के बीच बढ़ता तनाव और स्थानीय जौहरियों की बढ़ती मांग है। अमेरिका ने पिछले सप्ताह घोषणा की कि वह चीन से आयातित 300 अरब डॉलर मूल्य के सामान पर एक सितंबर से 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की।

उसने यह भी कहा कि अगर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग व्यापार समझौते पर तेजी से बढ़ने में विफल रहते हैं तो शुल्क और बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट से भी पीली धातु के दाम चढ़े। अमेरिकी करेंसी के मुकाबले रुपया शुरूआती कारोबार में 99 पैसे टूटकर 70.59 पर पहुंच गया। इससे आयात महंगा होगा। शुक्रवार को रुपया 69.60 पर बंद हुआ था।

आल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र जैन ने कहा, ‘‘सोने का भाव 36,970 रुपये प्रति 10 ग्राम है जो घरेलू बाजार में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।’’ जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख (जिंस शोध) हरीश वी पे कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर बाजार में सोना 1,459.46 डालर पर पहुंच गया जो मई 2013 का उच्चतम स्तर है।

कमजोर वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के बीच व्यापार तनाव बढ़ने …से सुरक्षित निवेश के रूप में निवेशकों की तरफ से सोने की मांग बढ़ी।’’ राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोने का भाव प्रत्येक 800 रुपये बढ़कर क्रमश: 36,970 रुपये और 36,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। शनिवार को सोना 540 रुपये बढ़कर 36,170 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया था।

गिन्नी का भाव भी 100 रुपये बढ़कर 27,600 रुपये प्रति इकाई (आठ ग्राम) रहा। चांदी तैयार का मूल्य 1,000 रुपये बढ़कर 43,100 रुपये किलो जबकि साप्ताहिक आधार पर डिलिवरी की कीमत 1,039 रुपये बढ़कर 42,403 रुपये किलो पर पहुंच गयी। चांदी सिक्का कीमत लिवाल 85,000 रुपये ओर बिकवाल 86,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिर रहा।

कोटा सर्राफा
चांदी 41000 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 35250 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 41110 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 35430 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 41320 रुपये प्रति तोला।

कश्मीर घटनाक्रम से सेंसेक्स 418 अंक टूटकर 36,700 पर बंद

मुंबई। कमजोर वैश्विक रुख और कश्मीर के ताजा घटनाक्रम को देखते हुये सोमवार को सेंसेक्स 418 अंक टूटकर 36,699.84 अंक पर आ गया। बैंकिंग, वित्तीय और धातु कंपनियों के शेयरों में गिरावट से बाजार नीचे आया।

बंबई शेयर बाजार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 700 अंक तक नीचे चला गया था। हालांकि, बाद में इसने कुछ नुकसान की कुछ भरपाई की और अंत में सेंसेक्स 418.38 अंक या 1.13 प्रतिशत के नुकसान से 36,699.84 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 36,416.79 अंक का निचला और 36,844.05 अंक के ऊंचे स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 134.75 अंक या 1.23 प्रतिशत के नुकसान से 10,862.60 अंक पर बंद हुआ।

सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त करने और राज्य को दो संघ शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने के लिए अलग विधेयक पेश किया। इस दौरान राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ।

वैश्विक मुद्रा बाजारों में उथलपुथल के बीच दोपहर के कारोबार में रुपया 90 पैसे के नुकसान से 70.50 रुपये प्रति डॉलर पर चल रहा था। अन्य एशियाई बाजारों में चीन के शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग में हैंगसेंग, जापान के निक्की और दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में गिरावट दर्ज हुई। ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.74 प्रतिशत के नुकसान से 61.43 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।

हितकारी विद्यालय सहकारी समिति के सदस्यों को मिलेगा 25 % लाभांश

कोटा। श्री हितकारी विद्यालय सहकारी शिक्षा समिति लि. कोटा की आम सभा माहेश्वरी भवन झालावाड रोड पर सम्पन्न हुई। सभा में वार्षिक लेखों का अवलोकन प्रस्तुत करने के साथ सदस्यों को 25 प्रतिशत लाभांश देने की घोषणा की गई। साथ ही 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि कर्मचारी सभा नंबर 108 के अध्यक्ष श्रीकृष्ण बिरला ने देश के विकास का आधार सहकारिता को बताते हुए कहा कि यदि देश को विकास के पथ पर आगे बढाना है, तो सहकारिता को अपनाने की जरूरत है। सहकारिता एक मिशन है और छोटे समूह बनाकर हम बड़े से बड़े कामों को अंजाम दे सकते हैं।

हितकारी का 285 करोड़ का टर्नओवर
नागरिक सहकारी बैंक अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने हितकारी समिति के कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां मकान ऋण से लेकर गोल्ड लोन तक की सुविधा उपलब्घ है और संस्था अपने सदस्यों के साथ मिलकर नये कीर्तिमान बना रही है। सहकारिता के क्षेत्र में महिला बी.एड.काॅलेज एवं आंगनबाड़ी प्रशिक्षण केन्द्र संचालित करने वाली राजस्थान की एक मात्र यह स्वायत्तशाषी संस्था है । जिसे गत 24 वर्षों की भांति इस वर्ष भी ‘अ’ श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। बिरला ने कहा कि संस्था का टर्नओवर 285 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जो संस्था के प्रगति का घोतक है।

विधायक कल्पना देवी ने संस्था को सर्वजन हितार्थ बताते हुए कहा कि इसका मेम्बर कोई भी सदस्य बन सकता है। संस्था शिक्षा का कार्य कर रही है। शिक्षा हमारे जीवन में अंधेरे को समाप्त कर उजाला लाती है। ऐसे में यह समिति प्रशंसा की पात्र है और अध्यक्ष सूरज बिरला का नेतृत्व में आगे बढ़ती जा रही है।

अध्यक्ष सूरज बिरला ने कहा कि संस्था अपने सदस्यों को सोने के जेवर, एन.एस.सी./ किसान विकास पत्र/ एल.आई.सी. पाॅलिसी एवं मकान की जमानत पर 10 प्रतिशत की दर से एवं मकान निर्माण पर 9 प्रतिशत की दर से ऋण उपलब्ध कराती है। जमाओं पर 7 प्रतिशत ब्याज देती है। संस्था की कार्यशील पूंजी 142 करोड है।

वार्षिक टर्नओवर 285 करोड कुल ऋण 47.07 करोड एवं विभिन्न बैंको में 69.70 करोड की राशि विनियोजित कर रखी है आगामी वर्ष में 10 करोड रूपये का अतिरिक्त ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया हैं। संस्था ने वर्ष 2018-2019 में 28 करोड का ऋण वितरण किया है। संचालन मंत्री चंद्र मोहन शर्मा ने किया।

उन्होंने सभा में वार्षिक प्रतिवेदन पढकर सुनाया, जिसे सभा ने अनुमोदित किया। प्रोत्साहन राशि 16 प्रतिशत एवं लाभांश 9 प्रतिशत वितरण की स्वीकृति को सभा से अनुमोदित करवाया।कार्यक्रम में कोटा उपभोक्ता भण्डार के अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला, महापौर महेश विजय, अतिरिक्त रजिस्ट्रार श्याम लाल मीणा सहित समिति के सैंकड़ों सदस्य एवं शहर के गणमान्य उपस्थित रहे।