Friday, July 10, 2026
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इंदौर बाजार: कपास्या तेल एवं खली में गिरावट

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में गुरुवार को मूंगफली तेल 10 रुपये और सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव तीन रुपये प्रति 10 किलोग्राम (बुधवार की तुलना में) की कमी लिए रहे। कपास्या तेल में 10 रुपये प्रति 10 किलोग्राम कम हुए। पशु आहार कपास्या खली के भाव में 50 रुपये प्रति 60 किलोग्राम की (बुधवार की तुलना में) कमी दर्ज की गई।

तिलहन सरसों 3500 से 3550रायडा 3400 से 3450सोयाबीन 3500 से 3550 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूंगफली तेल इंदौर 1100 से 1110, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 740 से 742, सोयाबीन साल्वेंट 705 से 710, पाम तेल 635 से 638 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 2025, देवास 2025, उज्जैन 2025, खंडवा 2005, बुरहानपुर 2005, अकोला 3200 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 745 से 750, महाराष्ट्र 740 से 745 रुपये , तथा गुजरात 750 से 755 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

23 घंटे के बैटरी बैकअप के साथ सैमसंग गैलेक्सी Book S लैपटॉप लॉन्च

नई दिल्ली। दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग ने सैमसंग गैलेक्सी बुक S लैपटॉप लॉन्च कर दिया है। यह एक अल्ट्रा थिन, लाइटवेट, ऑलवेज ऑन कनेक्टेड लैपटॉप है। यह लैपटॉप क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8cx प्रोसेसर से लैस है। लैपटॉप में प्रीमियम मेटैलिक बॉडी दी गई है। कंपनी का दावा है लैपटॉप 23 घंटे का बैटरी बैकअप देता है। लैपटॉप गैलेक्सी बुक 2 पर आधारित है। कंपनी का दावा है कि लैपटॉप 40 फीसदी बेहतर परफॉर्मेंस और 80 फीसदी बेहतर ग्राफिक्स देता है।

लैपटॉप की शुरुआती कीमत $ 999 यानी लगभग 71,000 रुपये है। अभी यह लैपटॉप सिलेक्टेड मार्केट्स में अवेलेबल होगा। भारत में इस लैपटॉप की लॉन्चिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। कलर ऑप्शंस की बात करें तो यह लैपटॉप अर्थी गोल्ड और मर्करी ग्रे शेड में अवेलेबल है।

सैमसंग गैलेक्सी बुक स्पेसिफिकेशंस
सैमसंग गैलेक्सी बुक S में 13.3 इंच फुल एचडी डिस्प्ले दिया गया है। लैपटॉप में 10 पॉइंट मल्टि टच सपॉर्ट और 16:9 आस्पेक्ट रेशियो है। लैपटॉप में 7nm स्नैपड्रैगन 8cx प्रोसेसर दिया गया है। डिवाइस में 8GB रैम और 512GB इंटरनल स्टोरेज दी गई है।

डिवाइस में 42W बटैरी दी गई है जो 23 घंटे के बैटरी बैकअप के साथ आती है। कनेक्टिविटी की बात करें तो लैपटॉप में एक नैनो सिम कार्ड LTE Cat.18 बैंडविड्थ, Wi-Fi 802.11 a/ b/ g/ n/ ac और ब्लूटूथ 5.0 मौजूद है।

लैपटॉप में फिंगरप्रिंट सेंसर भी दिया गया है। कंपनी का दावा है कि यूजर के टच करते ही डिवाइस ऑन हो जाती है। ऑडियो की बात करें तो लैपटॉप में AKG ट्यून्ड स्पीकर और डॉल्बी एटमॉस सपॉर्ट दिया गया है। यह एक ईजी टु कैरी लैपटॉप है जिसकी वजन 0.96 किग्रा है।

सोने ने तोड़े तेजी के रिकॉर्ड, चांदी 44,000 पार

नई दिल्ली। सोने के भाव हर रोज एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। आज गुरुवार को सोना फिर सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में आज सोने का भाव 38,000 पार चला गया है। सोने में आज 550 रुपये की तेजी आई, जिससे इसका भाव 38,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।

कारोबारियों के अनुसार, घरेलू आर्थिक परिस्थितियों और यूएस-चाइना ट्रेड वार को देखते हुए निवेशक एक सेफ-हैवन के तौर पर लगातार सोने में निवेश कर रहे हैं। सोने के साथ ही चांदी में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। चांदी का भाव 44,000 पार चला गया है।

चांदी में आज 630 रुपये की तेजी आई जिससे इसके भाव 44,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का कारोबारियों की लिवाली बढ़ने से दाम में यह तेजी आई है। वैश्विक स्तर की बात करें, तो आज सोना गिरावट के साथ 1,497.40 डॉलर प्रति औंस पर रहा। वहीं चांदी 17.16 डॉलर प्रति औंस पर रही।

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में आज 99.9 फीसद शुद्धता वाला सोना 550 रुपये की बढ़त के साथ 38,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना भी 550 रुपये की ही बढ़त के साथ 38,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, गिन्नी सोने की कीमत में आज 700 रुपये की तेजी आई और इसके भाव 28,500 रुपये प्रति 8 ग्राम पर आ गए।

चांदी के भाव में आज गुरुवार को 630 रुपये की तेजी दिखाई दी, जिससे इसका भाव 44,300 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। वहीं, साप्ताहिक डिलिवरी वाली चांदी में 745 रुपये की तेजी आई, जिससे इसका भाव 43,730 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। उधर चांदी के सिक्कों की लिवाली कीमत 1,000 रुपये बढ़कर 87,000 रुपये प्रति सैकड़ा और बिकवाली कीमत भी 1,000 रुपये बढ़कर 88,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर आ गई।

कोटा सर्राफा
चांदी 42000 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 36200 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 42220 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 36380 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 42430 रुपये प्रति तोला।

(जीएसटी एवं अन्य खर्चे अलग )

आर्थिक विकास बढ़ाने के लिए रेपो रेट में हो सकती है और भी कटौती

नई दिल्ली। आरबीआई ने मौद्रिक समिति की बैठक में लगातार चौथी बार रेपो रेट में कटौती करके यह संकेत दिए हैं कि अब बैंक की प्राथमिकता आर्थिक विकास बढ़ाने पर है। यही वजह है कि बैंक ने रेपो रेट में 0.25 बेसिस प्वाइंट नहीं, बल्कि 0.35 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। केंद्रीय बैंक आने वाले समय में रेपो रेट में और कटौती कर सकता है। चार बार में आरबीआई ने रेपो रेट 1.10 फीसदी कम किया है।

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास को भरोसा है कि इकोनॉमी जल्द ही फिर से ऊपर की ओर चढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इकोनॉमी को मजबूत बनाने के आरबीआई ने कई कदम उठाए हैं। इसमें रेपो रेट कम करना, रिस्क वेटेज कर करना और कंज्यूमर्स को राहत देने जैसे कदम शामिल हैं। आरबीआई ने इस बात का भी इंतजाम किया है कि एनबीएफसी को ज्यादा लोन मिले और छोटे उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर लोन दिया जाए।

सस्ते कर्ज से तेज होगी अर्थव्यवस्था
शक्तिकांत दास ने मौद्रिक समिति की समीक्षा बैठक के बाद बताया कि बैंक को उम्मीद है कि लोन सस्ता होने से इकोनॉमिक ग्रोथ में तेजी आएगी। साथ ही सरकार की तरफ से भी इकोनॉमी को दुरुस्त बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में इकोनॉमी के जल्द ही रफ्तार पकड़ लेने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था के जोर पकड़ने की उम्मीद है।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, आरबीआई की ओर से रेपो रेट में कटौती करने के बाद भी लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है क्योंकि बैंक अपने इंटरेस्ट रेट में कटौती नहीं करते हैं। हालांकि उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि बैंक अब ऐसा नहीं करेंगे और रेपो रेट में कटौती का फायदा ग्राहकों को मिलेगा।

सेंसेक्स 636 अंक उछल कर 37,327 के पार बंद, निफ्टी 176 अंक सुधरा

नई दिल्ली। आम बजट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) पर लगाए गए अतिरिक्त उच्च टैक्स की वापसी की संभावना की खबरों के बाद छाई लिवाली के कारण घरेलू शेयर बाजार गुरुवार को तगड़ी बढ़त के साथ बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 636 अंकों की तेजी के साथ 37,327 अंकों के पार जाकर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 176 अंकों की तेजी के साथ 11 हजार के पार जाकर 11,032 अंकों पर बंद हुआ।

एफपीआई पर लगाए उच्च टैक्स को हटाने की संभावना के बाद सभी सेक्टरों में लिवाली का माहौल रहा। बैंकिंग सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा 429 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके अलावा ऑटो सेक्टर में 424 अंक, आईटी सेक्टर में 309 अंक, हेल्थकेयर सेक्टर में 131 अंक, ऑयल एंड गैस सेक्टर में 228 अंक, टेक सेक्टर में 148 अंकों की तेजी रही। निफ्टी में भी लिवाली के कारण सभी सेक्टरों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी में बैंकिंग में 408 अंक, ऑटो में 205 अंक, फिन सर्विसेज में 169 अंक, एफएमसीजी में 317 अंक, आईटी में 284 अंकों की तेजी दर्ज की गई।

हट सकता है एफपीआई पर लगाया अतिरिक्त टैक्स
एफपीआई पर लगाए गए अतिरिक्त उच्च टैक्स को केंद्र सरकार वापस ले सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय में इस पर विचार चल रहा है। घरेलू शेयर बाजारों में लगातार गिरावट को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है।

ये हैं टॉप गेनर
सेंसेक्स में नवकार कॉरपोरेशन 15.50 फीसदी, इंडियाबुल्स रियल एस्टेट 7.84 फीसदी, अरविंदो फार्मा 7.75 फीसदी, मैग्मा 7.69 फीसदी, मिंडा इंडस्ट्रीज 7.04 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे। निफ्टी में एचसीएल टेक्नोलॉजी 3.51 फीसदी, हीरो मोटोकॉर्प 2.64 फीसदी, भारती एयरटेल 2.43 फीसदी, इंफोसिस 1.74 फीसदी, यस बैंक 1.73 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे।

ये हैं टॉप लूजर
सेंसेक्स में एंड्यूरेंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड 20 फीसदी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 8.01 फीसदी, क्यूमिन्स इंडिया लिमिटेड 7.68 फीसदी, आईटीआई लिमिटेड 7.42 फीसदी, लेमनट्री 7.02 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे। निफ्टी में सिप्ला 3.16 फीसदी, टाटा स्टील 3.05 फीसदी, टाइटन 0.99 फीसदी, पावर ग्रिड 0.75 फीसदी, यूपीएल 0.75 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे।

कश्मीर का माहौल बिगाड़ने पहुंचे गुलाम नबी आजाद को श्रीनगर से लौटाया

श्रीनगर।जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने और राज्य को केंद्र शासित प्रदेश करने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध कर रहे कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद गुरुवार सुबह जम्मू-कश्मीर पहुंचे। माना जा रहा था कि आजाद राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया और बाद में वहीं से वापस लौटा दिया गया।

इस बीच श्रीनगर के डीसी शाहिद चौधरी ने कहा कि उनके कार्यालय में दो हेल्‍पलाइन नंबर 9419028242, 9419028251 शुरू किया गए हैं। स्‍थानीय लोग या बाहर के छात्र इन नंबरों से संपर्क कर सकते हैं।

एयरपोर्ट पर रोका गया
आजाद के साथ जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर भी मौजूद थे। दोनों नेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आशंका जताई गई है कि सरकार के विरोध में विपक्ष के नेता राज्य में विरोध प्रदर्शनों के लिए लोगों को उकसा सकते हैं। इसे देखते हुए उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी गई और अगली ही फ्लाइट से वापस भेज दिया गया।

विवादस्पद बयान
बता दें कि आजाद ने केंद्र सरकार के इस दावे का खंडन किया है कि राज्य में हालात शांत हैं। यहां तक कि इस मुद्दे पर आजाद ने एक विवादस्पद बयान भी दे दिया है। दरअसल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने बुधवार को शोपियां में आम लोगों से मुलाकात की थी। इस पर आजाद ने ‘पैसे देकर लोगों को साथ लेने’ का आरोप लगा दिया।

कश्मीर के पूर्व राजा हरि सिंह के बेटे ने भी किया आर्टिकल 370 हटाने का समर्थन

नई दिल्ली।जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 के कई प्रावधानों को खत्म करने के फैसले पर कांग्रेस के नेता एकमत नजर नहीं आ रहे। अब जम्मू-कश्मीर के पूर्व राजा हरि सिंह के बेटे कर्ण सिंह भी सरकार के फैसले का समर्थन करते नजर आए। उन्होंने कहा कि इस फैसले के लिए सरकार की पूरी तरह से आलोचना करना ठीक नहीं होगा।

पूर्व सांसद कर्ण सिंह ने राज्य को 2 केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के सरकार के फैसले पर कहा कि इसकी पूर्ण रूप से निंदा करना सही नहीं होगा। इसमें कई सकारात्मक बिंदु भी हैं। कांग्रेस के आधिकारिक रुख से अलग राय जाहिर करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व सदर-ए-रियासत सिंह ने एक बयान में कहा, ‘मुझे यह स्वीकार करना होगा कि संसद में तेजी से लिए गए निर्णयों से हम सभी हैरान रह गए।’

फैसले की निंदा से सहमत नहीं
फैसले पर देश भर से मिल रही प्रतिक्रिया पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि इस बहुत बड़े कदम को जम्मू और लद्दाख सहित पूरे देश में भरपूर समर्थन मिला है। मैंने इस हालात को लेकर बहुत सोच-विचार किया है। निजी तौर पर मैं इस घटनाक्रम की पूरी तरह निंदा किए जाने से सहमत नहीं हूं। इसमें कई सकारात्मक बिंदु हैं। लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाने का निर्णय स्वागत योग्य है। दरअसल, सदर-ए-रियासत रहते हुए मैंने 1965 में इसका सुझाव दिया था।’

बता दें कि संसद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा संबंधी अनुच्छेद 370 के कई प्रावधानों को समाप्त कर दिया है। इस प्रस्ताव संबंधी संकल्प और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने की बुधवार को घोषणा की। सरकार के इस फैसले का कांग्रेस के ही कई नेताओं ने समर्थन भी किया है।

महिंद्रा की 3 नई इलेक्ट्रिक कारें जल्द ही, जानिए कब तक होंगी लॉन्च

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नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को देश में तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक वीइकल्स पर जीएसटी रेट 12 पर्सेंट से 5 पर्सेंट होने के बाद इसके इस्तेमाल को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनियों के अलावा नई स्टार्टअप कंपनियां भी इलेक्ट्रिक वीइकल्स लेकर आ रही है। अब देश की दिग्गज कार कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने 3 नई इलेक्ट्रिक कारें लाने की घोषणा की है।

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के एमडी पवन गोयनका ने पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित करने के दौरान 3 नई इलेक्ट्रिक कारें लाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा है कि कंपनी अपनी माइक्रो-एसयूवी KUV100 का इलेक्ट्रिक वर्जन eKUV100 इस साल के अंत तक लॉन्च करेगी।

साल 2020 में इलेक्ट्रिक एक्सयूवी300 बाजार में उतारी जाएगी। इसके बाद फॉर्ड अस्पायर के इलेक्ट्रिक वर्जन को महिंद्रा के बैज (कार का महिंद्रा वेरियंट) के साथ लॉन्च किया जाएगा। इलेक्ट्रिक महिंद्रा अस्पायर 2021 में बाजार में उतारी जाएगी।

कंपनी के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने 73वीं सालाना आम बैठक में कहा कि इंडस्ट्री में ‘बड़ा बुनियादी बदलाव’ हो रहा है और यह उस बदलाव का लाभ उठाने का समय है। महिंद्रा ने कहा कि इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलाने का जो लक्ष्य है, वह हासिल किए जाने योग्य है और भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का केंद्र बनने की क्षमता है।

मैं भारत को इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए वैश्विक केंद्र बनाने के लक्ष्य को हासिल होता हुआ देख सकता हूं। उन्होंने कहा कि महिंद्रा ऐंड महिंद्रा अगले तीन साल में कुल 18,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

बता दें कि महिंद्रा फिलहाल e-Verito इलेक्ट्रिक कार बेचती है। ये तीनों नई इलेक्ट्रिक कारें ई-वेरिटो के साथ कंपनी की इलेक्ट्रिक लाइनअप को बढ़ाएंगी। वहीं, महिंद्रा की एक अन्य इलेक्ट्रिक कार E20 को नए सेफ्टी नॉर्म्स के अनुरूप न होने के चलते बंद कर दिया गया है।

अचल संपत्ति पर 12 वर्ष से जिसका अवैध कब्जा, वही कानूनी मालिक: सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली।अगर आपकी किसी अचल संपत्ति पर किसी ने कब्जा जमा लिया है तो उसे वहां से हटाने में लेट लतीफी नहीं करें। अपनी संपत्ति पर दूसरे के अवैध कब्जे को चुनौती देने में देर की तो संभव है कि वह आपके हाथ से हमेशा के लिए निकल जाए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में एक बड़ा फैसला दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, अगर वास्तविक या वैध मालिक अपनी अचल संपत्ति को दूसरे के कब्जे से वापस पाने के लिए समयसीमा के अंदर कदम नहीं उठा पाएंगे तो उनका मालिकाना हक समाप्त हो जाएगा और उस अचल संपत्ति पर जिसने कब्जा कर रखा है, उसी को कानूनी तौर पर मालिकाना हक दे दिया जाएगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट कर दिया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को इस दायरे में नहीं रखा जाएगा। यानी, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को कभी भी कानूनी मान्यता नहीं मिल सकती है।

तीन जजों की बेंच ने की कानून की व्याख्या
लिमिटेशन ऐक्ट 1963 के तहत निजी अचल संपत्ति पर लिमिटेशन (परिसीमन) की वैधानिक अवधि 12 साल जबकि सरकारी अचल संपत्ति के मामले में 30 वर्ष है। यह मियाद कब्जे के दिन से शुरू होती है। सुप्रीम कोर्ट के जजों जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने इस कानून के प्रावधानों की व्याख्या करते हुए कहा कि कानून उस व्यक्ति के साथ है जिसने अचल संपत्ति पर 12 वर्षों से अधिक से कब्जा कर रखा है। अगर 12 वर्ष बाद उसे वहां से हटाया गया तो उसके पास संपत्ति पर दोबारा अधिकार पाने के लिए कानून की शरण में जाने का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
बेंच ने कहा, ‘हमारा फैसला है कि संपत्ति पर जिसका कब्जा है, उसे कोई दूसरा व्यक्ति बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के वहां से हटा नहीं सकता है। अगर किसी ने 12 साल से अवैध कब्जा कर रखा है तो कानूनी मालिक के पास भी उसे हटाने का अधिकार भी नहीं रह जाएगा। ऐसी स्थिति में अवैध कब्जे वाले को ही कानूनी अधिकार, मालिकाना हक मिल जाएगा। हमारे विचार से इसका परिणाम यह होगा कि एक बार अधिकार (राइट), मालिकाना हक (टाइटल) या हिस्सा (इंट्रेस्ट) मिल जाने पर उसे वादी कानून के अनुच्छेद 65 के दायरे में तलवार की तरह इस्तेमाल कर सकता है, वहीं प्रतिवादी के लिए यह एक सुरक्षा कवच होगा। अगर किसी व्यक्ति ने कानून के तहत अवैध कब्जे को भी कानूनी कब्जे में तब्दील कर लिया तो जबर्दस्ती हटाए जाने पर वह कानून की मदद ले सकता है।’

12 वर्ष के बाद हाथ से निकल जाएगी संपत्ति
फैसले में स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी ने 12 वर्ष तक अवैध कब्जा जारी रखा और उसके बाद उसने कानून के तहत मालिकाना हक प्राप्त कर लिया तो उसे असली मालिक भी नहीं हटा सकता है। अगर उससे जबर्दस्ती कब्जा हटवाया गया तो वह असली मालिक के खिलाफ भी केस कर सकता है और उसे वापस पाने का दावा कर सकता है क्योंकि असली मालिक 12 वर्ष के बाद अपना मालिकाना हक खो चुका होता है।

भारत के साथ ट्रेड बंद कर टमाटर, प्याज तक के लिए तरसेगा पाकिस्तान

नई दिल्ली। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने और सूबे के पुनर्गठन के विरोध में भारत से कारोबार को सस्पेंड करने का फैसला लिया है। भले ही पाकिस्तान ने इसके जरिए विरोध जताने का फैसला लिया है, लेकिन यह कदम भारत की बजाय उसे ही ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला है। इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान पर भारत की निर्भरता खासी कम है, जबकि पड़ोसी मुल्क रोजमर्रा की जरूरत की तमाम चीजें भारत से मंगाता है।

पाकिस्तान प्याज और टमाटर जैसी खाद्य वस्तुओं के अलावा केमिकल्स के लिए भारत पर निर्भर है। एक्सपर्ट्स और ट्रेडर्स की मानें तो इससे पाकिस्तान को ही झटका लगेगा। फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय के मुताबिक, ‘कारोबार का निलंबन भारत की बजाय पाकिस्तान को अधिक प्रभावित करेगा क्योंकि वह हमारे ऊपर अधिक निर्भरता रखता है।’

टमाटर और प्याज तक के लिए भारत के भरोसे पाक
पाकिस्तान की ओर से भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा नहीं दिया गया था, इसके चलते सीमित चीजों का एक्सपोर्ट ही भारत कर पाता था। ऐसे में पाकिस्तान के ही यह फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है क्योंकि वह तमाम कृषि उत्पादों के लिए भी भारत पर निर्भर रहा है। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड के प्रफेसर राकेश मोहन जोशी के मुताबिक पाकिस्तान का बिजनस कारोबार को प्रभावित करने वाला है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रफेसर बिस्वजीत धर कहते हैं कि लॉन्ग टर्म की बात हो या फिर शॉर्ट टर्म की इस फैसले से पाकिस्तान ही ज्यादा प्रभावित होगा। इसकी वजह यह है कि वह टमाटर और प्याज तक के लिए भारत पर निर्भरता रखता है।

पाक से भारत का आयात 92 पर्सेंट पहले ही कम
इसी साल 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच कारोबार निचले स्तर पर थे। भारत ने अटैक के बाद पाकिस्तान से आने वाली चीजों पर 200 पर्सेंट कस्टम ड्यूटी कर दी थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री के डेटा के मुताबिक इस फैसले के चलते पाक से होने वाले आयात में 92 पर्सेंट की गिरावट आई थी और यह इस साल मार्च में महज 2.84 मिलियन डॉलर ही रह गया था, जबकि मार्च 2018 में यह 34.61 अमेरिकी डॉलर था। पाकिस्तान से भारत कपास, फल, सीमेंट, पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स का आयात करता है।