Friday, July 10, 2026
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Realme लॉन्च करेगी क्वॉड कैमरा सेटअप वाले 3 नए फोन

नई दिल्ली।पॉप्युलर स्मार्टफोन कंपनी Realme ने वादा किया है कि वह भारत में जल्द ही अपना 64 मेगापिक्सल वाला पहला स्मार्टफोन लॉन्च करेगी और इस फोन के बैक में क्वॉड कैमरा होगा। खास बात यह है कि क्वॉड कैमरा सेटअप के साथ कंपनी सिर्फ एक नहीं, बल्कि तीन फोन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

इसकी जानकारी रियलमी ब्रैंड के सीईओ माधव सेठ ने आज एक इवेंट भी दी। उन्होंने बताया कि क्वॉड कैमरा सेटअप वाले तीन फोन पर काम चल रहा है और जल्द ही इनसे पर्दा उठाया जाएगा। नए फोन में कई टॉप स्पेसिफिकेशन्स दिए जाएंगे और इसे Realme 5 नाम से जाना जाएगा।

फोन में दुनिया का पहला 64MP सैमसंग ISOCELL Bright GW1 सेंसर होगा। इसके साथ ही माधव सेठ ने ट्विटर पर फोन के कैमरा सैंपल की कई शानदार तस्वीरें भी शेयर की हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने लॉन्च होने वाले तीनों फोन की एक झलक भी ट्विटर पर साझा की, जिसमें मेन रियलमी सीरीज, प्रो और एक्स वर्जन के फोन शामिल हैं। इन्हें दिवाली से पहले भारत में लॉन्च किया जाएगा।

क्वॉड कैमरा सेटअप में 2x टेलिफोटो लेंस, एक 119° अल्ट्रा-वाइड ऐंगल लेंस और एक डेडिकेटेड माइक्रो लेंस शामिल होगा। रियलमी के सीईओ ने ट्विटर पर फुल-फंक्शन क्वॉड कैमरा सिस्टम की तस्वीर भी शेयर की है, जिससे साफ है कि इस टेक्नॉलजी की खासियत क्या होगी।

जम्मू कश्मीर में हाइड्रो तो लद्दाख में लगेंगे सोलर प्रोजेक्ट

नई दिल्ली।भारत सरकार घरेलू सोलर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने कि लिए अगले कुछ वर्षों में सोलर उपकरणों पर आयात शुल्क बढ़ाने जा रही है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने ऐलान किया कि जल्द ही सरकार एक पॉलिसी लाएगी,जिसके तहत भारत में सोलर उपकरण बनाने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट देगी।

सोलर उपकरणों पर शेफगार्ड ड्यूरी लगा दी गई है, जिसे कुछ वर्षों पहले हटा दिया गया था। मंत्री ने कहा कि हम आने वाले वर्षों में सोलर उपकरणों पर टैरिफ को बढ़ाएंगें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सोलर उपकरणों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने का असर भारतीय सोलर एनर्जी बिडिंग प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा।

जम्मू कश्मीर के मामले में मंत्री ने कहा कि भारत जम्मू कश्मीर में हाइड्रो प्रोजेक्ट को बढ़ाएगा। सथ ही लद्दाख में सोलर प्रोजेक्ट को बढ़ावा दिया जाएगा। सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और एनटीपीसी ने ग्रीन एनर्जी पर लोवर टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है। भारत ने चीन और मलेशिया से आयात होने वाली सोलर सेल पर 25 प्रतिशत शेफगार्ड ड्यूटी लगा दी है।

जम्मू कश्मीर में जमीन खरीदने की लगी होड़, डीलर्स के पास आ रहीं कॉल

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श्रीनगर । अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए खत्म किए जाने के बाद देशभर के लोगों में जम्मू कश्मीर में जमीन खरीदने के लिए लोगों में होड़ मच गई है। हालात यह हैं कि जम्मू कश्मीर के हर डीलर के पास हर रोज पूरे देश से 20 से ज्यादा कॉल आ रही हैं। कॉल करने वाला हर व्यक्ति जम्मू और कश्मीर में जमीन के रेट पता कर रहा है।

अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए खत्म किए जाने से जम्मू कश्मीर के प्रॉपर्टी डीलर्स में खुशी का माहौल है। वहीं के प्रॉपर्टी डीलर लोकेश कुमार ने बताया कि उन्हें अब स्थिति सामान्य होने का इंतजार है। दिल्ली, बंबई, लखनऊ समेत देश के सभी बड़े शहरों से उनके पास रोजाना 15 से 20 कॉल्स आ रहे हैं। फोन करने वाले सभी लोग जम्मू और कश्मीर में जमीनों का भाव पता कर रहे हैं।

प्रॉपर्टी डीलर लोकेश ने बताया कि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए खत्म होने से यहां प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने का कार्य करने वाले लोगों में खुशी का माहौल है। सभी लोगों का मानना है कि अब दूसरे राज्यों के लोग भी यहां पर जमीन खरीद सकेंगे और उनके कारोबार में बढ़ोतरी होगी। कुणाल का कहना है कि अधिकांश लोग कश्मीर में जमीन खरीदने के बारे में जानकारी ले रहे हैं, लेकिन वहां यह कारोबार अभी पूरी तरह से बंद पड़ा है। हालात सामान्य होने के बाद वहां पर जमीनों के रेट नए सिरे से तय होंगे।

जम्मू में प्रॉपर्टी डीलिंग का कारोबार करने वाले शम्मी कुमार ने कहा कि जम्मू शहर में खाली प्लॉट बड़ी मुश्किल से मिल पाते हैं। हां, यहां आप 1 बीएचके से लेकर 4 बीएचके का मकान आसानी से खरीद सकते हैं। शाह के अनुसार, शहर में 2बीएचके का घर 45 से 60 लाख रुपए में मिल जाता है। हालांकि, घर की बनावट, इंटीरियर, जमीन की उपलब्धता के आधार पर यह कीमत ज्यादा भी हो सकती है। 4 बीएचके के घर की कीमत औसतन 1 करोड़ रुपए से ज्यादा है। आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में भी आप 45 से 60 लाख रुपए में 2बीएचके का घर खरीद सकते हैं।

1 मरला में होती है 272 वर्ग फुट जमीन
मरला जमीन का एक मापक होता है जो भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े राज्यों में प्रचलित है। कश्मीर में 1 मरला में 272.25 वर्ग फुट या 30.25 वर्गगज जमीन होती है। यानी 100 गज जमीन में करीब 3.3 मरला जमीन होती है। शम्मी कुमार का कहना है कि लोकेशन और सुविधाओं के आधार पर जम्मू के विभिन्न इलाकों में जमीन के रेट में काफी अंतर है। ऐसे में किसी भी प्रकार का सौदा करने से पहले आसपास के लोगों से पूछताछ अवश्य कर लें।

बीटी बीज जीएम सरसों के नाम पर हो रही किसानों से धोखाधड़ी

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कोटा। एचबीपीटी कपास, बीटी बैंगन और जीएम सरसों के बीज के नाम पर किसानों के साथ धोखाधड़ी हो रही है। इन बीजों के नाम पर मुनाफाखोर कंपनियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण से अन्नदाता किसान की आत्महत्या में वृद्धि हुई है। जबकि जीएम फसल में कोई अधिक उपजाऊ वाला जीन नहीं डाला गया है।

इस मामले की शिकायत भारतीय किसान संघ कोटा संभाग की ओर से देशव्यापी अभियान के तहत गुरूवार को सभी तहसील मुख्यालयों पर प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री, पर्यावरण मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर की। ज्ञापन में बताया कि बीज के मूल स्वरूप की ताकत व किसानों के रखरखाव के कारण से फसल की उपज मिल पा रही है। एचडीबीटी कपास, बीटी बैंगन, जीएम सरसों को अभी तक अनुमति प्राप्त नहीं है।

यह तीनों बीज अपने प्रस्तुतकर्ताओं के पास सुरक्षित मौजूद है। यह बीज किस प्रकार उनके यहां से किसानों तक पहुंचा यह बड़ा और मुख्य प्रश्न है। इन बीजों की बिक्री कानूनन अपराध है। इन बीजों की अवैधानिक विक्रय करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।

ज्ञापन में कहा गया कि सहकारी ऋण वितरण किसान की स्वीकृत साख के अनुसार वितरित किया जाए। जिन किसानों को अभी तक सहकारी ऋण का लाभ नहीं मिला, उनको भी नई पत्रावली स्वीकृत कर उपलब्ध कराया जाए।

भारतीय किसान संघ के संभागीय मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने बताया कि कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड की सभी तहसीलों में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बीटी बीज बेचने पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है। कोटा महानगर और लाड़पुरा तहसील की ओर से जिला कलैक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम आरडी मीणा को ज्ञापन सौंपा गया।

वहीं कोटा जिले में दीगोद, पीपल्दा, रामगंजमंडी और सांगोद में भी ज्ञापन दिए गए। इसके अलावा बारां जिले में अन्ता, अटरू, बारां नगर, छबड़ा, छीपाबड़ौद, किशनगंज, मांगरोल और शाहाबाद में एसडीएम और तहसीलदार को ज्ञापन दिए गए। झालावाड़ में भी अकलेरा, गंगधार, झालरापाटन, खानपुर, मनोहरथाना, पचपहाड़ और पिड़ावा तथा बूंदी जिले में नगर, हिण्डोली, इन्द्रगढ, केशवरायपाटन, नैनवां में ज्ञापन देकर अपनी मांग रखी।

अहिंसा का भाव मन को शांत रखता है: आर्यिका सौम्यनन्दिनी

कोटा। महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर परिसर में चल रहे आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी संघ के पावन वर्षायोग के अवसर पर गुरूवार को माताजी ने प्रवचन करते हुए अहिंसा के सिद्धांत के बारे में विस्तार से बताया। आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी ने कहा कि मन-वचन-कर्म से किसी जीव को दुखी करना या उसके प्राणों का हरण कर लेना हिंसा है। यदि मन में लगातार हिंसा के विचार आ रहे हैं, तो व्यक्ति तनावग्रस्त हो जाता है। अहिंसा का भाव मन को शांत रखता है।

उन्होंने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने दुखों का मूल कारण परिग्रह को बताया है। आसक्ति को परिग्रह कहा गया है। आवश्यकता से ज्यादा अचेतन पदार्थों का संग्रह मनुष्य को तनाव में डाल देता है। जो मनुष्य जितना कम परिग्रह रखता है, उतना ही तनावमुक्त रहता है। यदि किसी व्यक्ति को किसी पदार्थ के प्रति अधिक आसक्ति है, तो उस पदार्थ का वियोग होने पर वह दुखी होता है।

जैन दर्शन के अनुसार, समय आने पर सभी जीव अपने कर्मों का फल अनुकूल या प्रतिकूल रूप में भोगते हैं। व्यक्ति अपने कर्मों के लिए स्वयं उत्तरदायी होता है। सुख और दुख स्वयं के कर्मों का फल है। दूसरे लोग मुझे सुख या दुख देते हैं-ऐसे विचार तत्वज्ञान से शून्य व्यक्ति ही करते हैं। इससे जीवन में दूसरों को दोष देने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगता है। उन्हें यह बात समझ में आ जाती है कि दूसरे लोग निमित्त मात्र हैं। ऐसा चिंतन करने से मनुष्य व्यर्थ ही तनावग्रस्त नहीं होता है।

श्रावणी तीज मेला: राजस्थानी गीत और नृत्य पर झूमे दर्शक

कोटा। श्रावणी तीज मेला महोत्सव के अंतर्गत कोटा जंक्शन हाट बाजार शहीद अजय आहूजा पार्क के पास स्थित मंच पर आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला में राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा राजस्थानी लोक नृत्यों का रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस दौरान लोक कलाकार नीतू सिंह, रेशमा रंगीली द्वारा एक से बढकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।

कलाकारों के द्वारा ‘‘एजी हां सा म्हारी रुनक झुनक पायल बाजे सा…नैना रा लोभी कीकर आऊ सा…’’ राजस्थानी गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी गई। लोक कलाकार रेशमा रंगीली द्वारा भवई नृत्य तलवार, कांच और कीलों पर नंगे पैर नृत्य करके जबरदस्त प्रदर्शन किया।

भारत म्यूजिकल ग्रुप एंड इवेंट द्वारा राजस्थानी लोकगीतों की भीलवाड़ा से आई रेशमा रंगीली, नीतू सिंह अहमदाबाद से छोटे सलमान द्वारा ‘‘बालम छोटो सो…’’ पर रोचक प्रस्तुति दी गई।छोटे सलमान, छोटू उस्ताद, मास्टर रॉकी द्वारा ‘‘अमर अकबर एंथोनी…’’ गीत की शानदार प्रस्तुति दी। वहीं, ‘‘बनी म्हारो बनो दीवानो रे गाड़ी फॉर्चूनर लायो, म्हारी घूमर छे नखराली ए मां…’’ गीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी गई।

मेला अध्यक्ष बसंत भरावा, संयोजक श्याम भरावा, स्वागत व्यवस्था संयोजक अनिल कुमार शर्मा द्वारा आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक राजाराम जैन कर्म योगी द्वारा कलाकारों का सम्मान किया गया।

कश्मीर के हालात सुधरते ही मिलेगा पूर्ण राज्य का दर्जा: पीएम मोदी

नई दिल्ली । पीएम मोदी ने आर्टिकल 370 हटने के बाद पहली बार देश को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने ऐलान किया कि जम्मू कश्मीर में हालात सुधरने के बाद उसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा। हालांकि इससे पहले जम्मू कश्मीर में कई तरह से विकास कार्यों किया जाएगा, जिससे प्रदेश के आम नागरिकों तक बाकी राज्यों की तरह फायदा पहुंचाया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि हमने जम्मू कश्मीर में पारदर्शी तरीके से चुनाव कराएं।

नए युग की हुई शुरुआत
पीएम मोदी ने कहा कि आर्टिकल 370 हटने की वजह से जम्मू कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई बहन जो अनेक अधिकारों से वंचित थे, वो हम सबके प्रयास से दूर हो गई। बाबा साहब अंबेडकर, श्यामा प्रसाद और अटल जी का सपना पूरा हुआ। जम्मू कश्मीर और लद्दाख में एक नए युग की शुरुआत हुई। ऐसे में आने वाले दिनों में जम्मू कश्मीर के युवाओं को रोजगार मिलेगा। पीएम मोदी ने बताया कि अब समय आ गया है कि प्रदेश के युवा स्पोर्ट में आगे आएं और कश्मीरी सेब समेत कई तरह की जरूरी समानों को विदेशों तक पहुंचाया जाएं, जिससे उन्हें एक नई पहचान मिल सके।

जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को दी बधाई
पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर, लद्दाख और प्रत्येक देशवासी को हृदय पूर्वक बहुत बधाई देता हूं। साथियों समाज में कुछ बातें समय के साथ इतनी घुलमिल जाती हैं। एक प्रकार से मन में स्थाई भाव बन जाता है। ऐसा लगता है कुछ नहीं बदलेगा। अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा हुआ। उसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख के बच्चों और भाई बहनों की जो हानि हो रही थी। उसकी चर्चा नहीं हो रही थी। किसी से बात करों, तो कोई नहीं बता पाता था कि जम्मू कश्मीर के लोगों को क्या लाभ हुआ।

आर्टिकल 370 और 35 ए ने जम्मू कश्मीर को अलगाव वाद, आतंकवाद, परिवारवाद और व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। इन दोनों अनुच्छेद का देश के खिलाफ कुछ लोगों की भावनाओं को भड़काने के लिए के शस्त्र के तौर पर इस्तेमाल किया जाता थी। इसकी वजह से 42 हजार निर्दोष लोगों को जान गंवानी पड़ी। जम्मू कश्मीर और लद्दाख का विकास उस रफ्तार से नहीं हो पाया। अब इनका वर्तमान तो सुधरेगा। उनका भविष्य भी सुधरेगा।

अब देश में एक कानून होगा
साथियों हमारे देश में कोई भी सरकार हो। वो संसद में कानून बनाकर देश की भलाई के लिए काम करती हैं। यह कार्य निरंतर चलता रहता। इस दौरान संसद और बाहर काफी चर्चा होती है। उसकी आवश्यकता और प्रभाव को लेकर कई पक्ष रखे जाते हैं। इसके बाद बनने वाला कानून लोगों का भला करती है। लेकिन कोई भरोसा करेगा संसद एक कानून बनाए और देश के एक हिस्से में लागू ही न हो। यहां तक कि पहले की एक सरकार पहले एक कानून बनाकर वाहवाही लूटती थी। वो नहीं बता पाते थे कि उनका कानून जम्मू कश्मीर में भी लागू होगा। इन कानूनों को जम्मू कश्मीर के 1.5 करोड़ लोग वंचित रह जाते थे।

इन अधिकारों से वंचित रहे कश्मीरी
जम्मू कश्मीर के बच्चे शिक्षा से वंचित थे।
जम्मू कश्मीरियों की बच्चियों को बराबरी के अधिकार नहीं मिले
जम्मू कश्मीर के सफाई कर्मचारी सफाई एक्ट से वंचित थे।
जम्मू कश्मीर में दलितों के लिए कोई कानून नहीं
अल्पसंख्यक लोगों की रक्षा के लिए कोई कानून जम्मू कश्मीर में नहीं लागू था।
मजदूरों की रक्षा के लिए राज्य में न्यूनतम वेतन का अधिकार नहीं था।
देश के अन्य राज्यों में चुनाव लड़ते वक्त sc और ST को यह लाभ नहीं था।

कोटा मंडी: कमजोर उठाव से लहसुन 300 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार क सभी जिंसों का मिलाकर 8000 बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 6500 कट्टे की रही। आवक की कमी से सोयाबीन 25 रुपये प्रति क्विंटल तेज बिकी। कमजोर उठाव से लहसुन 300 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा ।

गेहूं लस्टर 1850 से 1961 गेहूं मिल क्वालिटी 1775 से 1961एवरेज 1850 से 2000 लोकवान 1850 से 2000 पी डी 1850 से 2000 गेहूं टुकडी 1900 से 2051 मक्का 1900 से 2100 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2600पूसा 1 2500 से 2601 पूसा 4 (1121) 3000 से 3200 धान लाजवाब (1509) 2800 से 3005 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3200 से 3571सरसों 3400 से 3601अलसी 4000 से 4501तिल्ली 7000 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 2800 से 4100 कलौजी 8500 से 10000 धनिया बादामी 5000 से 5500 ईगल 5400 से 5801 रंगदार 6000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 2000से 8200 रुपये प्रति क्विंटल रहा ।

मूंग 5100 से 5600 उड़द 2000 से 4200 चना 3600 से 3950 चना कांटिया 3800 चना काबुली 3500से 4300 चना पेप्सी 3800 से 4000 चना मौसमी 3000 से 4000 मसूर 3800 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

कमजोर मांग से धनिया वायदा कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली। कमजोर निर्यात मांग के बीच कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को कम किया जिससे वायदा कारोबार में बृहस्पतिवार को धनिया की कीमत 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,890 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई।

इसके अलावा प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से आवक बढ़ने तथा ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली के कारण कारोबारी धारणा प्रभावित हुई। एनसीडीईएक्स में धनिया के अगस्त महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 39 रुपये अथवा 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,890 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई जिसमें 5,520 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार धनिया के सितंबर महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 20 रुपये अथवा 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,967 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई जिसमें 13,710 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को भारत रत्न

नई दिल्ली।पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। उनके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता और जाने-माने समाजसेवी रहे नानाजी देशमुख और असम के महान गायक भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। नानाजी देशमुख की तरफ से दीनदयाल उपाध्याय रिसर्च इंस्टिट्यूट के चेयरमैन वीरेंद्रजीत सिंह और भूपेन हजारिका की तरफ से उनके बेटे तेज हजारिका ने भारत रत्न लिया।

इसी साल जनवरी में इन तीनों हस्तियों को भारत रत्न देने का ऐलान हुआ था। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और मोदी सरकार के तमाम बड़े मंत्री शामिल हुए। भारत रत्न के तौर पर उससे सम्मानित होने वाली हस्ती को एक ताम्र पदक दिया जाता है। पीपल के पत्ते के आकार के ताम्र पदक पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बना होता है जिसके नीचे चांदी से ‘भारत रत्न’ लिखा रहता है।

भारत रत्न पाने वाले पांचवें राष्ट्रपति
83 साल के प्रणब मुखर्जी यह सम्मान पाने वाले पांचवें ऐसे शख्स हैं, जो देश के राष्ट्रपति भी रह चुके हैं। उनसे पहले डॉ. एस. राधाकृष्णन, राजेंद्र प्रसाद, जाकिर हुसैन और वीवी गिरी भी भारत रत्न से सम्मानित हो चुके हैं।

उपलब्धियों से भरा रहा है प्रणब मुखर्जी का राजनीतिक करियर
प्रणब मुखर्जी का राजनीतिक करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। राष्ट्रपति बनने से पहले प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे और यूपीए सरकार के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। पश्चिम बंगाल के बीरभूम में जन्मे प्रणब के सक्रिय राजनीतिक करियर की शुरुआत 1969 में उनके राज्यसभा निर्वाचन के साथ हुई थी। उसके बाद अलग-अलग कांग्रेस सरकारों में उन्होंने वित्त, रक्षा, विदेश जैसे अहम मंत्रालयों का पदभार संभाला। प्रणब मुखर्जी की छवि एक निर्विवाद नेता की रही है।