Thursday, July 9, 2026
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MSME को 23 सितंबर तक मिल जाएंगे GST रिफंडः वित्त मंत्री

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नई दिल्ली। एमएसएमई के बड़ी राहत की खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को ऐलान किया कि अगले 30 दिनों के भीतर एमएसएमई के सभी जीएसटी रिफंड का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज से यानी कि 23 अगस्त से लेकर अगले 30 दिनों के भीतर मतलब 23 सितंबर तक जीएसटी के सभी बकाए का भुगतान कर दिया जाएगा। चाहे वह बकाया पिछले दो साल का हो या दो महीने का। इससे कोई मतलब नहीं है।

सरकार ने फैसला किया है कि जीएसटी से जुड़े हर बकाए का भुगतान अगले 30 दिनों में कर दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि उनके पास जीएसटी रिफंड मिलने में होने वाली देरी की शिकायत आ रही थी जिस पर अधिकारियों के साथ विचार कर अगले 30 दिनों में रिफंड देने के काम को पूरा करने का फैसला किया गया है।

जीएसटी से जुड़े सभी नए मामलों का निपटान 60 दिनों में
सीतारमण ने बताया कि जीएसटी से जुड़े सभी नए मामलों का निपटान अब 60 दिनों कर दिया जाएगा। अब जो भी मामले जीएसटीएन के सामने आएंगे उसे हर हाल में दो माह में निपटाना होगा। जीएसटी से जुड़ी समस्याओं को लेकर कारोबारियों को इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं होगी, निर्धारित समय सीमा में समस्या का समाधान किया जाएगा।

MSME के लिए एक परिभाषा
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि जल्द ही एमएसएमई की नई परिभाषा बन जाएगी। इसके लिए कैबिनेट नोट तैयार किया जा रहा है। एमएसएमई की एक परिभाषा होगी ताकि एमएसएमई की परिभाषा के आधार पर उनकी सहूलियतों में कोई दिक्कत नहीं हो। उन्होंने यह भी बताया कि एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए यू.के. सिन्हा की रिपोर्ट को भी लागू किया जाएगा। यह रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को पहले ही सौंपी जा चुकी है। वित्त मंत्री ने बताया कि जहां पर बैंक एमएसएमई को लोन नहीं दे पाता है या जहां बैंक की पहुंच नहीं है, वहां एनबीएफसी एमएसएमई लोन देगा।

इनकम टैक्स के सभी पुराने नोटिस अक्टूबर तक हो जाएंगे क्लीयर

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नई दिल्ली। सालों से इनकम टैक्स का समन या नोटिस झेल रहे लोगों को सरकार राहत देने जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को ऐलान किया कि इस साल एक अक्टूबर तक इनकम टैक्स के सभी पुराने नोटिस एवं समन का निपटान कर दिया जाएगा। 1 अक्टूबर से सेंट्रलाइज्ड कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से समन या नोटिस भेजे जाएंगे।

कोई भी इनकम टैक्स अधिकारी अपनी तरफ से कोई नोटिस या समन नहीं भेज सकेगा। अगर कोई ऐसा करता है तो वह समन या नोटिस वैध नहीं माना जाएगा। सभी समन या नोटिस पर एक डक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (डिन) होगा। इस नंबर के बगैर भेजे जाने वाले नोटिस या समन अवैध होंगे।

वित्त मंत्री ने बताया कि आगामी एक अक्टूबर तक अगर इनकम टैक्स के पुराने मामले बच जाते हैं तो उन्हें सेंट्रलाइज्ड सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा। नोटिस पाने वाला व्यक्ति उसे सिस्टम पर देख सकेगा कि उसके नोटिस का क्या स्टेटस है।

अगर कोई इनकम टैक्स अधिकारी किसी को तंग करता है या गलत नीयत से उसके साथ पेश आता है तो इस सिस्टम पर उस अधिकारी के खिलाफ शिकायत की जा सकेगी। सारा सिस्टम फेसलेस हो जाएगा। मतलब अधिकारी को आपको बुलाने की जरूरत नहीं है और आपको अधिकारी के पास जाने की जरूरत नहीं होगी।

नए नोटिस का निपटान 3 माह में
इनकम टैक्स संबंधी किसी भी नोटिस या समन का निपटान 3 माह के अंदर हर हाल में करना होगा। सीतारमण ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद जो जवाब दिया जाएगा, उस जवाब वाले दिन से 3 माह के भीतर नोटिस का या समन का निपटान करना होगा। अभी इनकम टैक्स का नोटिस आने पर नोटिस पाने वाले व्यक्ति को इनकम टैक्स विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

अधिकारी द्वारा उन्हें टाइम दिया जाता है। फिर वे उनसे मिलने जाते हैं। सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि इनकम टैक्स अधिकारी को यह पता नहीं होगा कि नोटिस किसे गया है और नोटिस पाने वालों को भी यह पता नहीं होगा कि किस अधिकारी के पास उनका केस है।

सीएसआर पर भी राहत
सीएसआर का पालन नहीं करने वालों को भी सरकार ने राहत दी। अब सीएसआर का पालन नहीं करने पर उसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा। अधिकतर मामलों का निपटान जुर्माने के माध्यम से करने की बात कही गई है।

सबसे बड़ी पेंटिंग ‘इवोल्यूशन ऑफ किचन’ जनता के लिए प्रदर्शित

कोटा। मुस्कान, उत्सुकता और उम्मीद से भरे 300 से अधिक निर्धन बच्चों ने शुक्रवार को कोटा में सबसे बड़ी पेंटिंग ‘इवोल्यूशन ऑफ किचन’ का आहलुवालियाज़ ग्रेट मॉल में अनावरण किया। इस बड़ी पेटिंग को जनता को प्रदर्शित करने के लिए कोटा के एल्बर्ट आइन्सटीन सोसाइटी अनाथालय से 300 से अधिक निर्धन बच्चों को पेटिंग के अनावरण के लिए मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया गया और उन्हें शहर के इस नए लैण्डमार्क को आधिकारिक रूप से उद्घाटन करने का अनूठा सम्मान दिया गया।

‘लाईव आर्ट एक्शन’ के तत्वावधान में बनी इस पेंटिंग में 7 मास्टर पीस शामिल हैं, जो लगभग 400 वर्गफीट क्षेत्रफल में रेखाकिंत किये गये हैं और इन सभी चित्रो में भारतीय रसोई के विकास की विभिन्न अवस्थाओं का चित्रण किया गया हैं। राजस्थानी कला में निपुण विशेषज्ञ कलाकारों ने रिकॉर्ड 10 दिन के अवधि में इस पेंटिंग को खूबसूरत तूलिकाओं से अंजाम दिया।

एक सप्ताह तक चले इस पेटिंग महोत्सव का आयोजन पारम्परिक राजस्थानी कला शैली में किया गया है। कोटा से कई लोगों ने इस पेटिंग में हिस्सा लिया। 200 प्रतिभागियों ने दिल्ली के ख्याति प्राप्त मास्टर आर्टिस्ट विवेक करमोकर के साथ पेंटिंग बनाने में अपना योगदान दिया और राजस्थानी कला के प्रति अपने तूलिकाओं से रंग-बिरगें रंगों से इस पेटिंग में रंग भरे।

पेंटिंग ‘इवोल्यूशन ऑफ किचन’ उन चीज़ों का चित्रण करती है जो भारतीय रसोई को खास बनाते हैं और बताती है कि हमारे सामाजिक एवं भौतिक जीवन में रसोई की क्या भूमिका रही है। इस अवधारणा को यूएस आधारित शोध एवं तकनीक कंपनी एमजीआरएम इंक द्वारा प्रस्तावित किया गया।

जीएमके के डायरेक्टर विकास आहलूवालिया ने बताया कि ‘‘संस्कृति जीवन का एक तरीका है जिसमें समाज के सभी सदस्य शामिल हैं। ‘लाईव आर्ट एक्शन’ का संचालन आम जनता द्वारा इस मॉल में किया गया और कोटा के इस नए लैण्डमार्क के अनावरण के लिए इस सोसायटी के बच्चों ने यहां आकर मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मानित महसूस किया।

बच्ची रेशमा निराला जिसे रिब्बन काटने का मौका मिला, वह बेहद खुश थी। उसने कहा, ‘‘अब तक हमने सिर्फ ऐसी जगहों के बारे में सुना था लेकिन हमें यहां आने का मौका कभी नहीं मिला। हम सभी को वीआईपी जैसा अहसास हो रहा है, यह हमारे लिए एकदम नया अनुभव है।’’

शहर को हरा-भरा बनाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं: माहेश्वरी

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि व्यापार महासंघ शहर को हरा-भरा बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। व्यापारिक एवं औद्योगिक संस्थाएं निरंतर पौधरोपण के कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं, जो एक सराहनीय प्रयास है।

वह शुक्रवार को औद्योगिक क्षेत्र में हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने व्यापारियों एवं उद्यमियों से आह्वान किया कि वह अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधरोपण करें। इस मौके पर एसोसिएशन की ओर से ओद्योगिक क्षेत्र और डंपिंग यार्ड में 300 ट्री गार्ड और 300 पौधे लगाए। प्रत्येक पौधा उद्यमी के नाम से लगवाकर उसे देखरेख की जिम्मेदारी दी गई।

हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष आर एन गर्ग, महासचिव रोहित सूद, संस्थापक अध्यक्ष राजेश गुप्ता, सलाहकार बोर्ड चेयरमेन विकास जोशी,संरक्षक छुट्टन लाल शर्मा एवं कोषाध्यक्ष हरीश प्रजापति ने बताया कि हर उद्यमी के नाम का एक ट्री गार्ड बनाया गया है। साथ ही उद्यमियों को सिंचित करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि रीको के सीनियर रीजनल मैनेजर एस के गर्ग ने कहा कि हरित क्रांति के तहत पूरे औद्योगिक क्षेत्र को हरा भरा बनाने के लिए पौधरोपण कार्यक्रम किया जायेगा। कार्यक्रम के दौरान पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र जैन, गणपतलाल शर्मा, निर्वाचित अध्यक्ष सुरेश मित्तल, महावीर जैन और एसएसआई एसोसिएशन के निर्वाचित अध्यक्ष मुकेश गुप्ता समेत कई कई उद्यमी मौजूद थे।

वल्लभ सम्प्रदाय के आराध्य कोटा के भगवान मथुराधीश, देखिए वीडियो

-दिनेश माहेश्वरी
कोटा।
वल्लभ के सप्त उपपीठों में प्रथम स्थान कोटा के मथुरेश जी का है। कोटा के पाटनपोल में भगवान मथुराधीश जी का मंदिर है। भगवान कृष्ण का स्वरूप है। इसी कारण यह नगर वैष्णव सम्प्रदाय का प्रमुख तीर्थ है। प्रधानपीठ मथुरेश जी कोटा में होने के कारण वल्लभ सम्प्रदाय के लोगों के इसके प्रति नाथद्वारा के समान ही श्रद्धा है।

वल्लभ के सप्त उपपीठों में प्रथम स्थान कोटा के मथुरेश जी का है। कोटा के पाटनपोल में भगवान मथुराधीश जी का मंदिर है। भगवान कृष्ण का स्वरूप है। इसी कारण यह नगर वैष्णव सम्प्रदाय का प्रमुख तीर्थ है। प्रधानपीठ मथुरेश जी कोटा में होने के कारण वल्लभ सम्प्रदाय के लोगों के इसके प्रति नाथद्वारा के समान ही श्रद्धा है।

इतिहासविद फिरोज अहमद के अनुसार मथुराधीश प्रभु का प्राकट्य मथुरा जिले के ग्राम करणावल में फाल्गुन शुक्ल एकादशी संवत 1559 विक्रमी के दिन संध्या के समय हुआ था। महाप्रभु वल्लभाचार्य यमुना नदी के किनारे उस दिन संध्या समय संध्योवासन कर रहे थे। तभी यमुना का एक किनारा टूटा और उसमें से सात ताड़ के वृक्षों की लम्बाई का एक चतुर्भुज स्वरुप प्रकट हुआ।

महाप्रभु जी ने उस स्वरुप के दर्शन कर विनती की कि इतने बड़े स्वरुप की सेवा कैसे होगी । इतने में 27 अंगुल मात्र के होकर श्री महाप्रभु, वल्लभाचार्य की गोद में विराज गये। इसके पश्चात् महाप्रभु के उस स्वरुप को वल्लभाचार्य ने एक शिष्य पद्यनाभ दास को सेवा करने हेतु दे दिया ।

कुछ वर्षों तक सेवा करने के पश्चात् वृद्धावस्था होने के कारण मथुराधीश जी को पद्यनाभ दास ने महाप्रभु जी के पुत्र गोस्वामी विट्ठलनाथ जी को पधरा दिया । विट्ठलनाथ के सात पुत्र थे। उनमें ज्येष्ठ पुत्र गिरधर को मथुराधीश प्रभु को बंटवारे में दे दिया।

सन 1729 विक्रमी के समय मुग़ल शासक औरंगजेब के मंदिर तोड़ों अभियान के कारण बज्रभूमि के सभी स्वरुप रवाना होकर हिन्दू राजाओं के राज्य में चले आये। अतः मथुराधीश के प्रभु संवत 1727 में हाड़ा राजाओं के राज्य बूंदी शहर में पधारे और बूंदी शहर के बालचंद पाडा मोहल्ले में करीब 65 वर्ष विराजे।

संवत 1795 में कोटा के महाराज दुर्जनशाल जी ने प्रभु को कोटा पधराया, कोटा नगर में पाटन पोल द्वार के पास प्रभु का रथ रुक गया तो तत्कालीन आचार्य गोस्वामी गोपीनाथ ने आज्ञा दी कि प्रभु की यहीं विराजने की इच्छा है।

तब कोटा राज्य के दीवान द्वारकादास ने अपनी हवेली को गोस्वामी जी के सुपुर्द कर दी। गोस्वामी ने उसी हवेली में कुछ फेर बदल कराकर प्रभु को विराजमान किया । तब से अभी तक इसी हवेली में विराजमान है। यहाँ वल्लभ कुल सम्प्रदाय की रीत के अनुसार सेवा होती है।

मथुराधीश जी का इतिहास श्रद्धालुओं तक पहुंचे। इसलिए वीडियो के माध्यम से आप तक पहुँचाने का प्रयास किया है। इस वीडियो के प्लेबैक में वरिष्ठ पत्रकार दिनेश माहेश्वरी की आवाज है । (देखिए वीडियो)

https://youtu.be/FX0BkFFTOv0

कोटा की नंदिका सिंह ने 25 मीटर पिस्टल शूटिंग में रजत पदक जीता

कोटा। एसआर पब्लिक स्कूल की नंदिका सिंह ने 25 मीटर पिस्टल शूटिंग में रजत पदक प्राप्त कर कोटा का नाम रोशन किया है। इसके अलावा स्कूल के 7 प्रतिभागी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं।

जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज में 18वीं राज्य शूटिंग प्रतियोगिता का 16 से 21 अगस्त तक आयोजन किया गया था। इसमें राजस्थान से 3000 से अधिक प्रतियोगियों ने भाग लिया था। कोटा के टेन एक्स शूटिंग अकादमी के निदेशक अशोक पाल सिंह ने बताया कि कोटा से 68 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें नंदिका सिंह ने 25 मीटर पिस्टल शूटिंग में रजत पदक प्राप्त कर कोटा को गौरांवित किया। अन्य 59 शूटर्स राष्ट्रीय स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं।

सिंह ने बताया कि एसआर पब्लिक स्कूल के सातों प्रतिभागी राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता के लिए चुने गए हैं । यह सभी प्रतियोगी अक्टूबर में दिल्ली में आयोजित प्री-नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लेंगे ।

सोना नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर, 38,995 रुपये बिका

नयी दिल्ली/ कोटा सोने में लगातार चौथे दिन रिकॉर्ड बनता दिखा। रुपये के कमजोर होने के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 25 रुपये की तेजी के साथ 38,995 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार मंगलवार के बाद से सोना नित नयी रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने में लगा है।

इस बीच, चांदी की कीमत 45,100 रुपये प्रति किलो के स्तर पर स्थिर बनी रही। बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में कमजोर रुख के बावजूद स्थानीय आभूषण कारोबारियों की सतत लिवाली समर्थन से मुख्यत: सोने की कीमतों में तेजी आई। इसके अलावा रुपये के कमजोर होने से भी सोने की तेजी को समर्थन मिला।

अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में डालर के मुकाबले रुपया आरंभिक कारोबार में 22 पैसे टूटकर कमजोर रहा। न्यूयॉर्क में हाजिर सोने का भाव कम यानी 1,496.30 डॉलर प्रति औंस रह गया था जबकि चांदी की कीमत 17.11 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर बनी रही। राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 25 रुपये की तेजी के साथ 38,995 रुपये तथा 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव पांच रुपये की मजबूती के साथ 38,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

गिन्नी की कीमत 28,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर पूर्ववत बंद हुई। इस बीच, हाजिर चांदी का भाव 45,100 रुपये किलो पर लगभग स्थिर रहा जबकि चांदी साप्ताहिक डिलीवरी का भाव 99 रुपये की हानि के साथ 43,666 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। चांदी सिक्का की कीमत लिवाल 91,000 रुपये और बिकवाल 92,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर पूर्ववत बंद हुई।

कोटा सर्राफा
चांदी 43200 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना कैडबरी 37500 रुपये प्रति दस ग्राम,सोना 43740 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 37690 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 43960रुपये प्रति तोला।

इंदौर किराना बाजार: त्योहारी मांग में कमी से शक्कर में नरमी

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को त्योहारी मांग में कमी आने से शक्कर के भाव 10 रुपये प्रति क्विंटल की कमी लिए रहे। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को 10 गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर-गोला: शक्कर 3400 से 3440 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 163 से 179 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2275 से 3500 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी:हल्दी खड़ी सांगली 130 से 132, निजामाबाद 90 से 100, पिसी 140 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना:साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा:गेहूं आटा 1200 से 1210, मैदा 1260 से 1270, रवा 1270 से 1280, चना बेसन 2950 से 2975 तथा बटला बेसन 2750 से 2775 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर बाजार: स्टॉक तंगी से मूंगफली एवं कपास्या तेल तेज

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शुक्रवार को मूंगफली तेल 20 रुपये और सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव में तीन रुपये प्रति 10 किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। पाम तेल पांच रुपये और कपास्या तेल के भाव पांच रुपये प्रति 10 किलोग्राम की तेजी लिए रहे।

तिलहन:सरसों 3650 से 3700रायडा 3450 से 3500सोयाबीन 3600 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल। तेल:मूंगफली तेल इंदौर 1120 से 1140, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 756 से 758, सोयाबीन साल्वेंट 720 से 725, पाम तेल 660 से 665 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार:कपास्या खली इंदौर 2025, देवास 2025, उज्जैन 2025, खंडवा 2005, बुरहानपुर 2005, अकोला 3200 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल:कपास्या तेल इंदौर 750 से 755, महाराष्ट्र 745 से 750 रुपये तथा गुजरात 755 से 760 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

इंदौर मंडी: ग्राहकी के अभाव में चना और तुअर दाल 100 रुपये सस्ती

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को चना कांटा 75 रुपये, मसूर 50 रुपये, मूंग 100 रुपये और तुअर (अरहर) के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी हुई। चना दाल 50 रुपये और तुअर दाल के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए। दिसावरी मांग कमी से गेहूं 40 रुपये प्रति क्विंटल सस्ता बिका वहीं मक्का में तेजी दर्ज की गई। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को तीन हजार बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन:चना (कांटा) 4150 से 4175, चना (देसी) 4025 से 4050, डबल डॉलर 4800 से 5200, मसूर 4050 से 4075, हल्की 3650 से 3700, मूंग 5800 से 5900, हल्की 5200 से 5500, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5300, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5750 से 5800, उड़द 5000 से 5200, हल्की 4000 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल:तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6850 से 7050, तुअर दाल फूल 7250 से 7450, तुअर दाल बोल्ड 7650 से 7850, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5450 से 5650, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5350 से 5450मूंग दाल 7400 से 7600, मूंग मोगर 8000 से 8200 उड़द दाल 7000 से 7200, उड़द मोगर 7000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज:गेहूं हल्का 1870 से 1900, गेहूं 147- 1950 से 2200, गेहूं लोकवन 1950 से 2250, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 2000 से 2100, ज्वार संकर 2150 से 2200, ज्वार देसी 2500 से 2800, मक्का पीली 2350 से 2400, मक्का गजर 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल:बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।