Thursday, July 2, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बन रहा है: बंसल

कोटा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारह वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बन रहा है। उन्होंने इसे देश उत्थान और विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वाभिमान के नवोदय का ऐतिहासिक कालखंड बताया।

बंसल मंगलवार को कोटा में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विश्वास, विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित किए हैं। भारत इस दौरान विश्व की नई आर्थिक एवं समरिक शक्ति बन कर उभरा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014, 2019 और 2024 में लगातार प्राप्त जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता ने भाजपा सरकार की नीतियों और नेतृत्व पर अपना अटूट विश्वास जताया है। सरकार ने किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर कार्य किया है, जिसका परिणाम आज देश के समग्र विकास के रूप में सामने है।

बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की पहली फाइल पर हस्ताक्षर से ही सरकार ने किसान कल्याण को अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी।श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर, पंचतीर्थ, जनजातीय गौरव दिवस, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, कर्तव्य पथ और नई संसद भवन जैसे प्रयासों ने देश की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊर्जा प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि जी-20 की सफल अध्यक्षता, वैक्सीन मैत्री, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तथा वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा ने विश्व में भारत की साख को अभूतपूर्व ऊंचाई प्रदान की है। 

उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्यवाहियों ने मजबूत नेतृत्व का परिचय दिया है, जबकि स्वच्छ भारत, हर घर तिरंगा, फिट इंडिया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों ने जनभागीदारी का नया अध्याय लिखा है।

विकास के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री बंसल ने कहा कि पिछले वर्षों में लगभग 4 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है तथा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 91 हजार किलोमीटर से बढ़कर लगभग 1.46 लाख किलोमीटर तक पहुंच गया है। चिनाब ब्रिज, अटल टनल और पंबन ब्रिज जैसी परियोजनाएं देश की नई विकास गाथा लिख रही हैं।

रेलवे के 99 प्रतिशत से अधिक ब्रॉडगेज नेटवर्क का विद्युतीकरण किया गया है तथा 1337 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया गया है। देश में 164 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं और मेट्रो नेटवर्क 1095 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। इसी प्रकार हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 164 से अधिक हो गई है।”

कृषि और ग्रामीण विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश खाद्यान्न उत्पादन में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन चुका है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 109 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाई गई है।

डिजिटल और आर्थिक क्षेत्र में परिवर्तन का उल्लेख करते हुए बंसल ने कहा कि डिजिटल साक्षरता अभियान से 6 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। जीएसटी संग्रह 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। डीबीटी के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई गई है।

यूपीआई लेनदेन में अभूतपूर्व वृद्धि के कारण भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी देश बना है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।”

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में छह गुना वृद्धि हुई है और भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन चुका है। रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि स्टार्टअप की संख्या 500 से बढ़कर 2.06 लाख से अधिक हो गई है।

जनकल्याण के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बंसल ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 4.31 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं तथा 81 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन के तहत 58 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं, जबकि मुद्रा योजना के तहत 57.79 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं। आयकर छूट सीमा बढ़ाकर 12.75 लाख रुपये तक की गई है।”

उन्होंने कहा कि किसान कल्याण के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 4.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित की गई है तथा किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से करोड़ों किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं। 23 नए एम्स एवं मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है तथा मिशन इंद्रधनुष के माध्यम से 5.4 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 11 करोड़ महिलाओं को लाभ मिला है, लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई हैं तथा सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.5 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं।

उन्होंने कहा कि आवास, जल और स्वच्छता के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाए गए हैं। जल जीवन मिशन के माध्यम से 16 करोड़ से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया गया है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है तथा सौभाग्य योजना के माध्यम से सभी घरों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया गया है।

वार्ता का संचालन अरविन्द सिसोदिया ने किया। पत्रकार वार्ता के प्रारंभ में भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने राष्ट्रीय  महामंत्री सुनील बंसल का स्वागत किया।

इस दौरान मंच पर भाजपा कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, शिक्षा एवं पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी,  मीडिया विभाग की कोटा संभाग प्रभारी ज्योति खंडेलवाल, भाजपा जिला प्रभारी अजीत मेहता, पूर्व विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल, कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक रघुनाथ नरेडी अग्रवाल, कोटा शहर सह प्रभारी स्नेहा कंबोज मौजूद रहे।

ऑर्गेनिक फ़ूड जैसे नाम से बिकने वाले 14 खाद्य ब्रांडों को नोटिस जारी

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) भ्रामक ब्रांड नाम एवं उत्पाद के दावे की शिकायत को देखते हुए 14 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को नोटिस जारी किया है।

इनमें से कुछ ब्रांडों के नाम अटपटे हैं तो कुछ नाम में ऑर्गेनिक शब्द जुड़े हुए हैं जबकि वे ब्रांड सामान्य किस्म के खाद्य उत्पादों के हैं। एक ब्रांड नाम लोटा वाटर का है।

समझा जाता है कि खाद्य व्यावसाय से जुडी कुछ फर्में आम उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए अपने उत्पादों का ब्रांड नाम ऐसा रखती हैं जो कई बार भ्रामक प्रतीत होता है।

स्वास्थ्य एवं स्वाद के लिए हेल्दी या टेस्टी शब्द का उपयोग तो ब्रांड नाम में अक्सर होता है जो सैद्धांतिक रूप से गलत नहीं है लेकिन कठिनाई तब होती है जब ये ब्रांड अपने नाम के अनुरूप गुण या विशेषता की कसौटी पर खरा नहीं उतरते हैं।

खाद्य उत्पादों के कारोबार में असंख्य कंपनियां संलग्न हैं और मार्केट में इनके ब्रांडों की भरमार है। फिलहाल 14 ब्रांडों की पहचान करके उसकी संचालन कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है जबकि आगे इस सूची में कुछ और नाम भी जुड़ने की संभावना है।

क्या E20 पेट्रोल से आपकी कार का भी घट गया माइलेज, इन तरीकों से फिर से बढ़ाएं

नई दिल्ली। नितिन गडकरी ने देश के अंदर 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर फ्यूल इस्तेमाल करने के प्रस्ताव की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अभी मिल रहे E20 फ्यूल से ही गाड़ियों के माइलेज में समस्या आने लगी है।

ऐसे में जैसे-जैसे पेट्रोल में इथेनॉल का प्रतिशत बढ़ेगा ये समस्या और भी बड़ी हो सकती है। दरअसल, इथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी सामान्य पेट्रोल से कम होती है। जिससे इंजन को परफॉर्मेंस देने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फ्यूल एफिशिएंसी पर असर पड़ता है। आपकी कार भी E20 फ्यूल के चलते कम माइलेज देने लगी है, तब कुछ बेसिक टिप्स फॉलो करके माइलेज को बूस्ट किया जा सकता है।

कार को एक रफ्तार में चलाएंगे: अक्सर कार की जिग-जैग स्पीड उसका माइलेज बिगाड़ देती है। इतना ही नहीं, अचानक स्पीड बढ़ाना और जोर से ब्रेक लगाना भी माइलेज को बिगाड़ते हैं। गाड़ी की फ्यूल इकॉनमी को हाईवे पर 33% तक और शहर में 5% तक कम कर सकता है। ऐसे अचानक से गाड़ी तेजी से भगाना और अचानक स्पीड बढ़ाना बंद करें। एक्सीलरेटर और ब्रेक का इस्तेमाल आराम से करें। धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाएं और धीरे-धीरे ही ब्रेक लगाएं। हाईवे पर एक जैसी और स्पीड बनाए रखने के लिए क्रूज कंट्रोल का इस्तेमाल करें।

टायरों में हवा सही रखना: टायरों में हवा का सही दबाव बनाए रखना, सबसे अच्छी फ्यूल इकॉनमी पक्का करने का एक अहम कदम है। जिन टायरों में हवा कम होती है, वे सड़क पर ज्यादा रुकावट पैदा करते हैं। इसका मतलब है कि गाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को काफी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे आखिरकार फ्यूल बर्बाद होता है। हफ्ते में एक बार टायरों में हवा का दबाव जरूर जांचें। हमेशा अपने टायरों में उतनी ही हवा भरवाएं जितनी गाड़ी बनाने वाली कंपनी (OEM) ने बताई है। यह जानकारी अक्सर ड्राइवर की तरफ वाले डोर के फ्रेम पर लगे एक स्टिकर पर लिखी होती है।

इंजन को बेवजह चालू ना रखें: गाड़ी को बेवजह चालू रखने से भी फ्यूल बर्बाद होता है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है। अगर आप ट्रैफिक जाम में या लाल बत्ती पर ज्यादा देर तक इंतजार कर रहे हैं, तो इंजन बंद कर दें। आजकल की कई गाड़ियों में ऑटोमैटिक स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी लगी होती है, जो ड्राइवर के लिए यह काम अपने आप कर देती है। इससे आखिरकार फ्यूल की बचत होती है। हालांकि, पुराने मॉडलों में जिनमें ऑटोमैटिक स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी नहीं होती, ऊपर बताई गई स्थिति में इंजन बंद करने के लिए चाबी को हाथ से घुमाना बहुत असरदार होता है।

अनावश्यक वजन कम करें: कार पर से वजन कम करने से लंबे समय में ईंधन की बचत बढ़ सकती है। कार में हर 45 किलो अतिरिक्त वजन होने से उसकी ईंधन की बचत लगभग 1-2% कम हो जाती है। इसलिए, ट्रंक और पिछली सीट से अनावश्यक चीजें हटा दें। अगर आप बाहरी रूफ रैक या कार्गो कैरियर का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो उन्हें हटा दें, क्योंकि वे हवा का प्रतिरोध पैदा करते हैं और कार पर अतिरिक्त वजन डालते हैं। इसके कारण कार का इंजन ज्यादा फ्यूल खर्च करता है। कार पर अनावश्यक और भारी एक्सेसरीज लगवाने से भी बचें।

सर्विस और मेंटेनेंस भी जरूरी: कई लोग कार के मेंटेनेंस को लेकर भी लापरवाही दिखाते हैं, समय पर सर्विस नहीं करवाने से इंजन की कैपेसिटी घट जाती है। गंदे एयर फिल्टर, पुराना इंजन ऑयल या जमे हुए फ्यूल इंजेक्टर माइलेज पर बुरा असर डालते हैं। गाड़ी की सर्विस शेड्यूल को फॉलो करें, फिल्टर समय पर बदलें और केवल ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर ट्यूनिंग करवाएं। ऐसा करने से इंजन बेहतर बर्निंग करता है और फ्यूल की बचत होगी। खासकर जो कार E20 फ्यूल पर चल रही हैं, उनका माइलेज बेहतर होगा।

Hormuz Strait Open: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलते ही सबसे पहले निकला भारतीय जहाज

नई दिल्ली। Hormuz Strait Openl: व्यापारिक जहाजों के लिए जंग का मैदान बना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब खुल गया है. अमेरिका और ईरान में डील ( Iran America Deal ) होते ही अमेरिकी नौसेना ( US Navy Hormuz Strait ) ने यहां से अपनी नाकेबंदी हटा ली है, जिसके बाद से अब दुनियाभर के देशों में तेल और गैस का संकट खत्म हो सकता है।

इस बीच अच्छी खबर ये है कि होर्मुज स्ट्रेट के खुलते ही यहां से सबसे पहले निकलने वाला जहाज भारतीय है। LNG लेकर आ रहे इस जहाज का नाम ‘दिशा’ ( Indian Ship Disha ) है, जो 18 जून को गुजरात पहुंचेगा।

Stock Market: सेंसेक्स 544 अंक चढ़कर 76800 के पार, निफ्टी 23989 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद में घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे सत्र में तेजी आई। बीएसई सेंसेक्स में 544.15 अंक यानी 0.71% की तेजी के साथ 76,808.48 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 135.25 अंक यानी 0.57% उछलकर 23,989.15 अंक पर पहुंच गया। इस बीच रुपया डॉलर के मुकाबले 0.2% तेजी के साथ 94.56 पर बंद हुआ। पिछले सत्र में रुपया 94.71 पर बंद हुआ था। एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही।

सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। एचसीएल टेक में 3.65 फीसदी तेजी आई। एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, रिलायंस, टीसीएस, आईटीसी और टाइटन में भी उल्लेखनीय तेजी रही। दूसरी ओर, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति, टाटा स्टील, बीईएल, एसबीआई, सन फार्मा, एक्सिस बैंक और ट्रेंट में गिरावट रही।

इन सेक्टरों में आई तेजी
निफ्टी पर एचसीएल टेक, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और बजाज फिनसर्व में सबसे ज्यादा तेजी आई। ब्रॉडर मार्केट्स में निफ्टी मिडकैप में 0.41 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.42 फीसदी तेजी के साथ बंद हुए। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मीडिया और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा तेजी रही। दूसरी ओर निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

निफ्टी-50 इंडेक्स शेयर
निफ्टी-50 इंडेक्स में HCLTech, Tata Consumer Products और Bajaj Finserv के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर
व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.41 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। इससे संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटे और मध्यम शेयरों में भी बनी हुई है।

रियल्टी और मीडिया सेक्टर
सेक्टर के आधार पर देखें तो Nifty Realty, Nifty Media और Nifty Consumer Durables ने बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, Nifty Metal में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

सोगरिया–धनबाद विशेष एक्सप्रेस की परिचालन अवधि सितम्बर तक बढ़ाई गई

कोटा। कोटा मंडल के यात्रियों की सुविधा के लिए संचालित की जा रही गाड़ी संख्या 09821/09822 सोगरिया–धनबाद–सोगरिया विशेष एक्सप्रेस की परिचालन अवधि को यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग एवं यात्रा आवश्यकताओं के मद्देनजर सितम्बर 2026 तक विस्तारित कर दिया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि उक्त विशेष गाड़ी के संचालन की पूर्व निर्धारित अवधि 16 अप्रैल 2026 से 9 जुलाई 2026 तक कुल 13-13 फेरों की थी। यात्रियों से प्राप्त सकारात्मक प्रतिसाद तथा इस रेल सेवा की निरंतर उपयोगिता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इसकी परिचालन अवधि को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

विस्तारित अवधि के दौरान गाड़ी के संचालन दिवस, ठहराव एवं समय-सारिणी में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है तथा यह पूर्ववत संचालित होगी। उन्होंने बताया कि यह विशेष रेल सेवा कोटा मंडल के सोगरिया, बारां, सालपुरा एवं छबड़ा गुगोर स्टेशनों से होकर संचालित होती है।

कोटा–इटावा जंक्शन एक्सप्रेस में अतिरिक्त शयनयान कोच
रेल प्रशासन द्वारा गाड़ी संख्या 19811 कोटा–इटावा जंक्शन एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त शयनयान श्रेणी (स्लीपर) कोच अस्थायी रूप से जोड़ा जा रहा है। इस व्यवस्था से गाड़ी में उपलब्ध बर्थों की संख्या में वृद्धि होगी तथा यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त सुविधा प्राप्त होगी। यह अतिरिक्त शयनयान कोच 17 जून से 22 जून तक संलग्न रहेगा।

अनुव्रत एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों पर विलंब से चलेगी
उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर–मेड़ता रोड खंड में नागौर, बदवासी एवं अलाइ स्टेशनों के मध्य सीटीआर कार्य के कारण गाड़ी संख्या 22632 बीकानेर–मदुरई एक्सप्रेस के संचालन में अस्थायी परिवर्तन किया गया है। 21 जून, 28 जून, 5 जुलाई एवं 12 जुलाई 2026 को यह गाड़ी बीकानेर से 90 मिनट विलंब से प्रस्थान करेगी। इसके परिणामस्वरूप कोटा मंडल सहित मार्ग के अन्य स्टेशनों पर भी गाड़ी के विलंब से पहुँचने की संभावना है।

सोयाबीन का आयात 9 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान

इंदौर। भारत में 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान सोयाबीन का कुल आयात तेजी से बढ़कर 9 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है जबकि 2024-25 के सीजन में मात्र 2 हजार टन का ही आयात हुआ था। दरअसल मांग एवं आपूर्ति के बीच भारी अंतर रहने तथा भाव ऊंचा होने से क्रशर्स-प्रोसेसर्स को विदेशों से विशाल मात्रा में सोयाबीन का आयात करना पड़ रहा है।

इंदौर स्थित एक अग्रणी संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अनुसार मौजूदा मार्केटिंग सीजन में मई 2026 के अंत तक देश में सोयाबीन का आयात बढ़कर 6.50 लाख टन पर पहुंच गया। इसमें से अधिकांश मात्रा का आयात पिछले चार माह के दौरान किया गया।

सोपा के अनुसार यदि यही रुख बना रहा तो सितम्बर 2026 के अंत तक सोयाबीन का कुल आयात 9 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच सकता है। सोपा ने पहले 2025-26 सीजन में कुल 6 लाख टन सोयाबीन के आयात की संभावना व्यक्त की थी।

सोपा के कार्यकारी निदेशक का कहना है कि इससे पूर्व दो वर्ष पहले सोयाबीन का आयात 6.10 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था जबकि इस बार का आयात उसमें 30-35 प्रतिशत ज्यादा हो सकता है। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल बनी हुई है।

सोपा ने सोयाबीन की क्रशिंग का अनुमान 102 लाख टन से बढ़ाकर 104 लाख टन तथा सोयामील के निर्यात का अनुमान 10 लाख टन से बढ़ाकर 11 लाख टन निर्धारित कर दिया है।

भारत में सोयाबीन का आयात मुख्यतः अफ्रीका महाद्वीप के उप सहारा क्षेत्र में अवस्थित अल्प विकसित देशों जैसे- नाइजर, टोगो एवं नाइजीरिया आदि से किया जाता है क्योंकि वहां गैर जीएम सोयाबीन का उत्पादन होता है।

स्टॉकिस्ट चना की घबराहट पूर्ण लिवाली अथवा भारी स्टॉक करने से बचें

नई दिल्ली। कॉन फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पल्सेस एंड बीन्स ग्रेन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रदीप जिंदल के अथक प्रयास तथा प्रवीण खंडेलवाल सहित उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव एवं अन्य सम्बद्ध लोगों के सहयोग से देसी चना, बंगाल ग्राम एवं चिक पी के बारे में गलतफहमी का बादल छंटने के बाद चना कारोबारियों एवं आयातकों ने राहत की सांस ली है।

दरअसल देसी चना, चिकपी तथा बंगाल ग्राम एक ही है और काबुली चना इससे अलग होता है। लेकिन सरकार ने इसकी एक तीसरी श्रेणी बना दी जबकि उसका कोई अस्तित्व नहीं होता है। बाद में सरकार की गलतफहमी को दूर किया गया।

सरकार ने कस्टम्स के 1607 से 1738 तक के सभी कंसलटेटिव लेटर को वापस लेकर सभी संशय को समाप्त कर दिया। पुराने नोटिस पर 70 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगाने का प्रावधान था जबकि चना पर महज 10 प्रतिशत का शुल्क लागू है।

एक अग्रणी व्यापार विश्लेषक का कहना है कि बेशक इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव से मानसून की वर्षा प्रभावित होने की आशंका है जिससे मौजूदा खरीफ सीजन के साथ-साथ आगामी रबी सीजन में भी दलहनों की बिजाई एवं पैदावार पर असर पड़ सकता है लेकिन फिलहाल घबराने या चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

सरकारी एजेंसियों- नैफेड एनसीसीएफ के पास दलहनों का रिकॉर्ड स्टॉक मौजूद है। पिछले साल 3.00-3.50 लाख टन चना की सरकारी खरीद हुई थी जो इस बार 700 प्रतिशत बढ़कर 21 लाख टन पर पहुंच गई। उधर ऑस्ट्रेलिया में उत्पादन जरूर घटने की संभावना है लेकिन वहां जो भी उत्पादन होगा उसका अधिकांश भाग भारत में मंगाया जा सकता है।

इसके अलावा तंजानिया-इथोपिया जैसे अफ्रीकी देशों से भी चना का आयात जारी रहेगा। घरेलू उत्पादन भी बेहतर हुआ है। विशाल सरकारी खरीद के कारण चना के दाम में कुछ सुधार आया है लेकिन फिर भी यह एमएसपी से कुछ पीछे है। ऐसी हालत में व्यापारियों / स्टॉकिस्टों एवं मिलर्स को चना की घबराहटपूर्ण लिवाली करने अथवा भारी-भरकम स्टॉक करने से अभी बचना चाहिए।

Stress Management: व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन जरूरी

कोटा। Stress Management Seminar: जेसीआई कोटा अचीवर्स द्वारा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के अधिकारियों एवं जवानों के लिए तनाव प्रबंधन (स्ट्रेस मैनेजमेंट) एवं कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ बैलेंस) विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कोटा थर्मल पावर प्लांट स्थित सीआईएसएफ CISF इकाई में सीआईएसएफ प्रमुख डी.सी. हाओकिप की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

जेसीआई कोटा अचीवर्स के अध्यक्ष जेसी अक्षत बाबरिया जैन ने बताया कि सम्मेलन कक्ष में आयोजित डेढ़ घंटे के इस प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों एवं जवानों को मानसिक तनाव से निपटने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षक एचजीएफ मेघना ने तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता तथा कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को सीआईएसएफ मुख्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों पर भी सराहना एवं मान्यता प्राप्त हुई है।

प्रशिक्षण में उपस्थित सीआईएसएफ अधिकारियों एवं जवानों ने सत्र को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताते हुए ऐसी पहल को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के माध्यम से सुरक्षा बलों के कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यकुशलता को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।

पेट्रोल पंपों पर केन में डीजल नहीं मिलने से कारोबार प्रभावित: कोटा व्यापार महासंघ

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद शहर के लगभग सभी पेट्रोल पंपों द्वारा केन (डिब्बों) में डीजल देना बंद कर दिया गया है, जिससे यहां के अनेक व्यवसायों के समक्ष गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं।

जैन व माहेश्वरी ने बताया कि वर्तमान में डीजल का उपयोग केवल वाहनों तक सीमित नहीं है। शहर कई होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं अन्य संस्थानों में लगे जनरेटर डीजल से संचालित होते हैं। केन में डीजल उपलब्ध नहीं देने के कारण इन संस्थानों को आवश्यकतानुसार डीजल नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

जैन एवं माहेश्वरी ने कहा कि कोटा शिक्षा नगरी है और यहां हजारों विद्यार्थी विभिन्न हॉस्टलों में निवास करते हैं। अधिकांश हॉस्टलों में बिजली कटौती की स्थिति में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जनरेटर लगाए गए हैं। आगामी नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को देखते हुए यदि जनरेटर संचालित नहीं हो पाए तो विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि पहले से ही गैस एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की बढ़ती लागत के कारण व्यापार एवं सेवा क्षेत्र आर्थिक दबाव झेल रहा है। ऐसे में डीजल की उपलब्धता में आई यह बाधा व्यवसायों के लिए अतिरिक्त संकट खड़ा कर रही है।

कोटा व्यापार महासंघ ने केंद्र सरकार एवं संबंधित अधिकारियों से होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, अस्पताल, संस्थान एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को पहचान एवं उपयोग का प्रमाण प्रस्तुत करने पर केन में डीजल उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि उनके कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।