क्या E20 पेट्रोल से आपकी कार का भी घट गया माइलेज, इन तरीकों से फिर से बढ़ाएं

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नई दिल्ली। नितिन गडकरी ने देश के अंदर 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर फ्यूल इस्तेमाल करने के प्रस्ताव की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अभी मिल रहे E20 फ्यूल से ही गाड़ियों के माइलेज में समस्या आने लगी है।

ऐसे में जैसे-जैसे पेट्रोल में इथेनॉल का प्रतिशत बढ़ेगा ये समस्या और भी बड़ी हो सकती है। दरअसल, इथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी सामान्य पेट्रोल से कम होती है। जिससे इंजन को परफॉर्मेंस देने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फ्यूल एफिशिएंसी पर असर पड़ता है। आपकी कार भी E20 फ्यूल के चलते कम माइलेज देने लगी है, तब कुछ बेसिक टिप्स फॉलो करके माइलेज को बूस्ट किया जा सकता है।

कार को एक रफ्तार में चलाएंगे: अक्सर कार की जिग-जैग स्पीड उसका माइलेज बिगाड़ देती है। इतना ही नहीं, अचानक स्पीड बढ़ाना और जोर से ब्रेक लगाना भी माइलेज को बिगाड़ते हैं। गाड़ी की फ्यूल इकॉनमी को हाईवे पर 33% तक और शहर में 5% तक कम कर सकता है। ऐसे अचानक से गाड़ी तेजी से भगाना और अचानक स्पीड बढ़ाना बंद करें। एक्सीलरेटर और ब्रेक का इस्तेमाल आराम से करें। धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाएं और धीरे-धीरे ही ब्रेक लगाएं। हाईवे पर एक जैसी और स्पीड बनाए रखने के लिए क्रूज कंट्रोल का इस्तेमाल करें।

टायरों में हवा सही रखना: टायरों में हवा का सही दबाव बनाए रखना, सबसे अच्छी फ्यूल इकॉनमी पक्का करने का एक अहम कदम है। जिन टायरों में हवा कम होती है, वे सड़क पर ज्यादा रुकावट पैदा करते हैं। इसका मतलब है कि गाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को काफी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे आखिरकार फ्यूल बर्बाद होता है। हफ्ते में एक बार टायरों में हवा का दबाव जरूर जांचें। हमेशा अपने टायरों में उतनी ही हवा भरवाएं जितनी गाड़ी बनाने वाली कंपनी (OEM) ने बताई है। यह जानकारी अक्सर ड्राइवर की तरफ वाले डोर के फ्रेम पर लगे एक स्टिकर पर लिखी होती है।

इंजन को बेवजह चालू ना रखें: गाड़ी को बेवजह चालू रखने से भी फ्यूल बर्बाद होता है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है। अगर आप ट्रैफिक जाम में या लाल बत्ती पर ज्यादा देर तक इंतजार कर रहे हैं, तो इंजन बंद कर दें। आजकल की कई गाड़ियों में ऑटोमैटिक स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी लगी होती है, जो ड्राइवर के लिए यह काम अपने आप कर देती है। इससे आखिरकार फ्यूल की बचत होती है। हालांकि, पुराने मॉडलों में जिनमें ऑटोमैटिक स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी नहीं होती, ऊपर बताई गई स्थिति में इंजन बंद करने के लिए चाबी को हाथ से घुमाना बहुत असरदार होता है।

अनावश्यक वजन कम करें: कार पर से वजन कम करने से लंबे समय में ईंधन की बचत बढ़ सकती है। कार में हर 45 किलो अतिरिक्त वजन होने से उसकी ईंधन की बचत लगभग 1-2% कम हो जाती है। इसलिए, ट्रंक और पिछली सीट से अनावश्यक चीजें हटा दें। अगर आप बाहरी रूफ रैक या कार्गो कैरियर का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो उन्हें हटा दें, क्योंकि वे हवा का प्रतिरोध पैदा करते हैं और कार पर अतिरिक्त वजन डालते हैं। इसके कारण कार का इंजन ज्यादा फ्यूल खर्च करता है। कार पर अनावश्यक और भारी एक्सेसरीज लगवाने से भी बचें।

सर्विस और मेंटेनेंस भी जरूरी: कई लोग कार के मेंटेनेंस को लेकर भी लापरवाही दिखाते हैं, समय पर सर्विस नहीं करवाने से इंजन की कैपेसिटी घट जाती है। गंदे एयर फिल्टर, पुराना इंजन ऑयल या जमे हुए फ्यूल इंजेक्टर माइलेज पर बुरा असर डालते हैं। गाड़ी की सर्विस शेड्यूल को फॉलो करें, फिल्टर समय पर बदलें और केवल ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर ट्यूनिंग करवाएं। ऐसा करने से इंजन बेहतर बर्निंग करता है और फ्यूल की बचत होगी। खासकर जो कार E20 फ्यूल पर चल रही हैं, उनका माइलेज बेहतर होगा।