Thursday, July 2, 2026
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Hormuz Strait Open: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलते ही सबसे पहले निकला भारतीय जहाज

नई दिल्ली। Hormuz Strait Openl: व्यापारिक जहाजों के लिए जंग का मैदान बना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब खुल गया है. अमेरिका और ईरान में डील ( Iran America Deal ) होते ही अमेरिकी नौसेना ( US Navy Hormuz Strait ) ने यहां से अपनी नाकेबंदी हटा ली है, जिसके बाद से अब दुनियाभर के देशों में तेल और गैस का संकट खत्म हो सकता है।

इस बीच अच्छी खबर ये है कि होर्मुज स्ट्रेट के खुलते ही यहां से सबसे पहले निकलने वाला जहाज भारतीय है। LNG लेकर आ रहे इस जहाज का नाम ‘दिशा’ ( Indian Ship Disha ) है, जो 18 जून को गुजरात पहुंचेगा।

Stock Market: सेंसेक्स 544 अंक चढ़कर 76800 के पार, निफ्टी 23989 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद में घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे सत्र में तेजी आई। बीएसई सेंसेक्स में 544.15 अंक यानी 0.71% की तेजी के साथ 76,808.48 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 135.25 अंक यानी 0.57% उछलकर 23,989.15 अंक पर पहुंच गया। इस बीच रुपया डॉलर के मुकाबले 0.2% तेजी के साथ 94.56 पर बंद हुआ। पिछले सत्र में रुपया 94.71 पर बंद हुआ था। एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही।

सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। एचसीएल टेक में 3.65 फीसदी तेजी आई। एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, रिलायंस, टीसीएस, आईटीसी और टाइटन में भी उल्लेखनीय तेजी रही। दूसरी ओर, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति, टाटा स्टील, बीईएल, एसबीआई, सन फार्मा, एक्सिस बैंक और ट्रेंट में गिरावट रही।

इन सेक्टरों में आई तेजी
निफ्टी पर एचसीएल टेक, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और बजाज फिनसर्व में सबसे ज्यादा तेजी आई। ब्रॉडर मार्केट्स में निफ्टी मिडकैप में 0.41 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.42 फीसदी तेजी के साथ बंद हुए। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मीडिया और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा तेजी रही। दूसरी ओर निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

निफ्टी-50 इंडेक्स शेयर
निफ्टी-50 इंडेक्स में HCLTech, Tata Consumer Products और Bajaj Finserv के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर
व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.41 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। इससे संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटे और मध्यम शेयरों में भी बनी हुई है।

रियल्टी और मीडिया सेक्टर
सेक्टर के आधार पर देखें तो Nifty Realty, Nifty Media और Nifty Consumer Durables ने बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, Nifty Metal में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

सोगरिया–धनबाद विशेष एक्सप्रेस की परिचालन अवधि सितम्बर तक बढ़ाई गई

कोटा। कोटा मंडल के यात्रियों की सुविधा के लिए संचालित की जा रही गाड़ी संख्या 09821/09822 सोगरिया–धनबाद–सोगरिया विशेष एक्सप्रेस की परिचालन अवधि को यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग एवं यात्रा आवश्यकताओं के मद्देनजर सितम्बर 2026 तक विस्तारित कर दिया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि उक्त विशेष गाड़ी के संचालन की पूर्व निर्धारित अवधि 16 अप्रैल 2026 से 9 जुलाई 2026 तक कुल 13-13 फेरों की थी। यात्रियों से प्राप्त सकारात्मक प्रतिसाद तथा इस रेल सेवा की निरंतर उपयोगिता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इसकी परिचालन अवधि को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

विस्तारित अवधि के दौरान गाड़ी के संचालन दिवस, ठहराव एवं समय-सारिणी में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है तथा यह पूर्ववत संचालित होगी। उन्होंने बताया कि यह विशेष रेल सेवा कोटा मंडल के सोगरिया, बारां, सालपुरा एवं छबड़ा गुगोर स्टेशनों से होकर संचालित होती है।

कोटा–इटावा जंक्शन एक्सप्रेस में अतिरिक्त शयनयान कोच
रेल प्रशासन द्वारा गाड़ी संख्या 19811 कोटा–इटावा जंक्शन एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त शयनयान श्रेणी (स्लीपर) कोच अस्थायी रूप से जोड़ा जा रहा है। इस व्यवस्था से गाड़ी में उपलब्ध बर्थों की संख्या में वृद्धि होगी तथा यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त सुविधा प्राप्त होगी। यह अतिरिक्त शयनयान कोच 17 जून से 22 जून तक संलग्न रहेगा।

अनुव्रत एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों पर विलंब से चलेगी
उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर–मेड़ता रोड खंड में नागौर, बदवासी एवं अलाइ स्टेशनों के मध्य सीटीआर कार्य के कारण गाड़ी संख्या 22632 बीकानेर–मदुरई एक्सप्रेस के संचालन में अस्थायी परिवर्तन किया गया है। 21 जून, 28 जून, 5 जुलाई एवं 12 जुलाई 2026 को यह गाड़ी बीकानेर से 90 मिनट विलंब से प्रस्थान करेगी। इसके परिणामस्वरूप कोटा मंडल सहित मार्ग के अन्य स्टेशनों पर भी गाड़ी के विलंब से पहुँचने की संभावना है।

सोयाबीन का आयात 9 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान

इंदौर। भारत में 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान सोयाबीन का कुल आयात तेजी से बढ़कर 9 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है जबकि 2024-25 के सीजन में मात्र 2 हजार टन का ही आयात हुआ था। दरअसल मांग एवं आपूर्ति के बीच भारी अंतर रहने तथा भाव ऊंचा होने से क्रशर्स-प्रोसेसर्स को विदेशों से विशाल मात्रा में सोयाबीन का आयात करना पड़ रहा है।

इंदौर स्थित एक अग्रणी संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अनुसार मौजूदा मार्केटिंग सीजन में मई 2026 के अंत तक देश में सोयाबीन का आयात बढ़कर 6.50 लाख टन पर पहुंच गया। इसमें से अधिकांश मात्रा का आयात पिछले चार माह के दौरान किया गया।

सोपा के अनुसार यदि यही रुख बना रहा तो सितम्बर 2026 के अंत तक सोयाबीन का कुल आयात 9 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच सकता है। सोपा ने पहले 2025-26 सीजन में कुल 6 लाख टन सोयाबीन के आयात की संभावना व्यक्त की थी।

सोपा के कार्यकारी निदेशक का कहना है कि इससे पूर्व दो वर्ष पहले सोयाबीन का आयात 6.10 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था जबकि इस बार का आयात उसमें 30-35 प्रतिशत ज्यादा हो सकता है। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल बनी हुई है।

सोपा ने सोयाबीन की क्रशिंग का अनुमान 102 लाख टन से बढ़ाकर 104 लाख टन तथा सोयामील के निर्यात का अनुमान 10 लाख टन से बढ़ाकर 11 लाख टन निर्धारित कर दिया है।

भारत में सोयाबीन का आयात मुख्यतः अफ्रीका महाद्वीप के उप सहारा क्षेत्र में अवस्थित अल्प विकसित देशों जैसे- नाइजर, टोगो एवं नाइजीरिया आदि से किया जाता है क्योंकि वहां गैर जीएम सोयाबीन का उत्पादन होता है।

स्टॉकिस्ट चना की घबराहट पूर्ण लिवाली अथवा भारी स्टॉक करने से बचें

नई दिल्ली। कॉन फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पल्सेस एंड बीन्स ग्रेन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रदीप जिंदल के अथक प्रयास तथा प्रवीण खंडेलवाल सहित उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव एवं अन्य सम्बद्ध लोगों के सहयोग से देसी चना, बंगाल ग्राम एवं चिक पी के बारे में गलतफहमी का बादल छंटने के बाद चना कारोबारियों एवं आयातकों ने राहत की सांस ली है।

दरअसल देसी चना, चिकपी तथा बंगाल ग्राम एक ही है और काबुली चना इससे अलग होता है। लेकिन सरकार ने इसकी एक तीसरी श्रेणी बना दी जबकि उसका कोई अस्तित्व नहीं होता है। बाद में सरकार की गलतफहमी को दूर किया गया।

सरकार ने कस्टम्स के 1607 से 1738 तक के सभी कंसलटेटिव लेटर को वापस लेकर सभी संशय को समाप्त कर दिया। पुराने नोटिस पर 70 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगाने का प्रावधान था जबकि चना पर महज 10 प्रतिशत का शुल्क लागू है।

एक अग्रणी व्यापार विश्लेषक का कहना है कि बेशक इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव से मानसून की वर्षा प्रभावित होने की आशंका है जिससे मौजूदा खरीफ सीजन के साथ-साथ आगामी रबी सीजन में भी दलहनों की बिजाई एवं पैदावार पर असर पड़ सकता है लेकिन फिलहाल घबराने या चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

सरकारी एजेंसियों- नैफेड एनसीसीएफ के पास दलहनों का रिकॉर्ड स्टॉक मौजूद है। पिछले साल 3.00-3.50 लाख टन चना की सरकारी खरीद हुई थी जो इस बार 700 प्रतिशत बढ़कर 21 लाख टन पर पहुंच गई। उधर ऑस्ट्रेलिया में उत्पादन जरूर घटने की संभावना है लेकिन वहां जो भी उत्पादन होगा उसका अधिकांश भाग भारत में मंगाया जा सकता है।

इसके अलावा तंजानिया-इथोपिया जैसे अफ्रीकी देशों से भी चना का आयात जारी रहेगा। घरेलू उत्पादन भी बेहतर हुआ है। विशाल सरकारी खरीद के कारण चना के दाम में कुछ सुधार आया है लेकिन फिर भी यह एमएसपी से कुछ पीछे है। ऐसी हालत में व्यापारियों / स्टॉकिस्टों एवं मिलर्स को चना की घबराहटपूर्ण लिवाली करने अथवा भारी-भरकम स्टॉक करने से अभी बचना चाहिए।

Stress Management: व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन जरूरी

कोटा। Stress Management Seminar: जेसीआई कोटा अचीवर्स द्वारा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के अधिकारियों एवं जवानों के लिए तनाव प्रबंधन (स्ट्रेस मैनेजमेंट) एवं कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ बैलेंस) विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कोटा थर्मल पावर प्लांट स्थित सीआईएसएफ CISF इकाई में सीआईएसएफ प्रमुख डी.सी. हाओकिप की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

जेसीआई कोटा अचीवर्स के अध्यक्ष जेसी अक्षत बाबरिया जैन ने बताया कि सम्मेलन कक्ष में आयोजित डेढ़ घंटे के इस प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों एवं जवानों को मानसिक तनाव से निपटने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षक एचजीएफ मेघना ने तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता तथा कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को सीआईएसएफ मुख्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों पर भी सराहना एवं मान्यता प्राप्त हुई है।

प्रशिक्षण में उपस्थित सीआईएसएफ अधिकारियों एवं जवानों ने सत्र को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताते हुए ऐसी पहल को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के माध्यम से सुरक्षा बलों के कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यकुशलता को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।

पेट्रोल पंपों पर केन में डीजल नहीं मिलने से कारोबार प्रभावित: कोटा व्यापार महासंघ

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद शहर के लगभग सभी पेट्रोल पंपों द्वारा केन (डिब्बों) में डीजल देना बंद कर दिया गया है, जिससे यहां के अनेक व्यवसायों के समक्ष गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं।

जैन व माहेश्वरी ने बताया कि वर्तमान में डीजल का उपयोग केवल वाहनों तक सीमित नहीं है। शहर कई होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं अन्य संस्थानों में लगे जनरेटर डीजल से संचालित होते हैं। केन में डीजल उपलब्ध नहीं देने के कारण इन संस्थानों को आवश्यकतानुसार डीजल नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

जैन एवं माहेश्वरी ने कहा कि कोटा शिक्षा नगरी है और यहां हजारों विद्यार्थी विभिन्न हॉस्टलों में निवास करते हैं। अधिकांश हॉस्टलों में बिजली कटौती की स्थिति में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जनरेटर लगाए गए हैं। आगामी नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को देखते हुए यदि जनरेटर संचालित नहीं हो पाए तो विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि पहले से ही गैस एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की बढ़ती लागत के कारण व्यापार एवं सेवा क्षेत्र आर्थिक दबाव झेल रहा है। ऐसे में डीजल की उपलब्धता में आई यह बाधा व्यवसायों के लिए अतिरिक्त संकट खड़ा कर रही है।

कोटा व्यापार महासंघ ने केंद्र सरकार एवं संबंधित अधिकारियों से होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, अस्पताल, संस्थान एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को पहचान एवं उपयोग का प्रमाण प्रस्तुत करने पर केन में डीजल उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि उनके कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

भूमि विकास बैंक ने स्वीकृत किया 2026-27 का बजट, 30.15 लाख के कृषि ऋण मंजूर

कोटा। कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक सोमवार को प्रधान कार्यालय में बैंक अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई तथा मुख्यमंत्री विशेष एकमुश्त समझौता योजना 2026-27 को लागू करने का निर्णय लिया गया।

साथ ही नौ नए सदस्यों को बैंक से जोड़ा गया और 12 किसानों को कुल 30.15 लाख रुपये के कृषि ऋण स्वीकृत किए गए। बैठक में सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार राजेश कुमार मीणा, बैंक उपाध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा, संचालक निहाल सिंह राठौड़, डॉ. प्राची दीक्षित, राधाकिशन मीणा, मुकेश मीणा, जगदीश प्रसाद मीणा, बाबूलाल बैरवा, मांगीलाल मेहरा तथा बैंक सचिव ऋतु सपरा सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में 11 फरवरी 2026 की पिछली बैठक की कार्यवाही तथा उसके बाद लिए गए अध्यक्षीय प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। शाखा इटावा के आठ एवं शाखा रामगंजमंडी के एक सदस्य सहित कुल नौ नए सदस्यों को स्वीकृति दी गई।

ऋण स्वीकृति के तहत सुल्तानपुर शाखा के एक किसान को 2 लाख रुपये, लाडपुरा शाखा के दो किसानों को 6.30 लाख रुपये, रामगंजमंडी शाखा के एक किसान को 6 लाख रुपये तथा इटावा शाखा के आठ किसानों को 15.85 लाख रुपये के ऋण मंजूर किए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत 395 किसानों को राज्य सरकार द्वारा 10.25 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई।

किसानों से 4.62 करोड़ रुपये की नकद वसूली कर कुल 14.87 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई। इस उपलब्धि पर बैंक अध्यक्ष ने बैंक प्रशासन, शाखा प्रबंधकों एवं फील्ड स्टाफ की सराहना करते हुए कोटा जोन के प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें बधाई दी।

संचालक मंडल ने राज्य सरकार द्वारा 30 जून 2026 तक लागू की गई मुख्यमंत्री विशेष एकमुश्त समझौता योजना 2026-27 का स्वागत किया तथा इस पहल के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओमबिरला और राजस्थान के सहकारिता मंत्री गोतम कुमार दक के प्रति आभार व्यक्त किया।

बैठक में बताया गया कि 31 मार्च 2026 की स्थिति में बैंक को 68.33 लाख रुपये का लाभ हुआ है तथा बैंक के एनपीए में 26.62 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। बैंक अध्यक्ष ने इसके लिए जिले के किसानों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

बैंक सचिव ऋतु सपरा ने कहा कि राज्य सरकार की 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत वितरित अवधिपार दीर्घकालीन कृषि ऋणों के निस्तारण का यह किसानों के लिए अंतिम अवसर है।

उन्होंने चेतावनी दी कि योजना का लाभ नहीं लेने वाले ऋणियों के विरुद्ध सहकारी अधिनियम एवं नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी तथा उन्हें भविष्य की अनुदान एवं राहत योजनाओं से वंचित रखा जा सकता है। ऐसे ऋणियों को ‘विलफुल डिफॉल्टर’ की श्रेणी में चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

णमोकार जाप से मिलती है मानसिक शांति और आत्मिक सुख: आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण

कोटा। रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को णमोकार महामंत्र जाप अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। 15 से 19 जून तक आयोजित होने वाले इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में लाखों णमोकार महामंत्र जाप के माध्यम से विश्व शांति, जीव कल्याण एवं धर्म प्रभावना का संदेश दिया जाएगा।

भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न श्री स्वस्ति भूषण माताजी (ससंघ) के पावन सान्निध्य में आयोजित इस अनुष्ठान के प्रथम दिवस मंगल कलश स्थापना एवं यज्ञनायक सौधर्म इन्द्र की विधिवत स्थापना संपन्न हुई। इसके बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप प्रारंभ किया।

मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा, 7:30 बजे जाप अनुष्ठान, 8:30 बजे मंगल प्रवचन तथा सायं 7 बजे गुरु भक्ति एवं आनंद यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। प्रातः 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक निरंतर णमोकार महामंत्र का जाप चला।

इस अवसर पर आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी ने प्रवचन देते हुए कहा कि मन की स्थिरता ही आत्मिक शांति का आधार है। अत्यधिक विचार व्यक्ति के मन को चंचल बनाकर उसे तनाव एवं अवसाद की ओर ले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भौतिक वस्तुओं के अनावश्यक संग्रह से मानसिक बोझ बढ़ता है, जबकि णमोकार महामंत्र का ध्यानपूर्वक जाप मन को शांत, निर्मल एवं एकाग्र बनाता है। महामंत्र के भावपूर्ण स्मरण से असंख्य पापों का क्षय होता है तथा आत्मा को वास्तविक सुख की अनुभूति प्राप्त होती है।

उन्होंने कहा कि णमोकार महामंत्र में अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय एवं समस्त साधु-संतों को नमस्कार किया गया है। सच्चे भाव से किया गया नमस्कार जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और चमत्कारिक परिणाम प्रदान करता है।

माताजी ने कहा कि इतिहास में णमोकार महामंत्र के जाप से अनेक प्रेरणादायी एवं चमत्कारिक घटनाएं घटित हुई हैं, जो इसकी आध्यात्मिक शक्ति को प्रमाणित करती हैं।

इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के महामंत्री पदम बड़ला, कार्यध्यक्ष पारस बज आदित्य, कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला एवं संजय लुहाड़िया, सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Mahesh Jayanti: खेल प्रतियोगिताओं के साथ महेश जयंती महोत्सव का शुभारंभ

कोटा। Mahesh Jayanti Mahotsav: माहेश्वरी समाज के तत्वावधान में आयोजित महेश जयंती महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को माहेश्वरी पब्लिक स्कूल एवं श्रीनाथपुरम स्टेडियम में उत्साह और उमंग के साथ हुआ। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा (पश्चिमांचल) के उपसभापति राजेश कृष्ण बिरला ने दीप प्रज्वलित कर किया।

प्रातःकाल से ही बड़ी संख्या में माहेश्वरी समाज के महिला-पुरुष एवं युवा श्रीनाथपुरम स्टेडियम में एकत्रित हुए, जहां विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर समाज के मंत्री बिट्ठलदास मूंदड़ा, पूर्वी राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष महेशचंद अजमेरा, सहमंत्री एवं खेल समन्वयक घनश्याम मूंदड़ा, उपाध्यक्ष नंदकिशोर काल्या, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार शारदा, जिला अध्यक्ष सुरेशचंद्र काबरा सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए राजेश बिरला ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में संघर्ष, अनुशासन, आत्मसंयम, नेतृत्व क्षमता, आपसी समन्वय एवं टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं।

मुख्य समन्वयक महेशचंद अजमेरा ने बताया कि महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत 14 से 21 जून तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात 21 जून को सांस्कृतिक संध्या, 22 जून को नवसृजन कार्यक्रम तथा 23 जून को महाअभिषेक एवं भव्य शोभायात्रा आयोजित की जाएगी।

खेल समन्वयक घनश्याम मूंदड़ा एवं अविनाश अजमेरा ने बताया कि सोमवार को 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए बैडमिंटन एवं तैराकी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके अलावा 100 मीटर दौड़, रिले दौड़, तीन टांग दौड़ तथा विभिन्न आयु वर्गों के लिए 100 से 400 मीटर तक की दौड़ प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।