Friday, April 10, 2026
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Crude Oil: होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका और ईरान में तकरार बढ़ने से कच्चा तेल उछला

नई दिल्ली। Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में सीजफायर से बुधवार को कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट आई थी। लेकिन इसमें तेजी दिख रही है। इसकी वजह यह है कि पश्चिम एशिया से तेल की सप्लाई को लेकर अब भी चिंताएं बनी हुई हैं।

ईरान का कहना है कि वह होर्मुज स्टेट से रोजाना केवल 12 जहाजों को गुजरने देगा और उनसे टोल वसूलेगा। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। अमेरिका इसे पूरी तरह खोलने और टोल फ्री बनाने की बात कर रहा है जबकि ईरान इस पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाहता है। इसी कारण आज फिर तेल की कीमत में तेजी आई है।

ब्रेंट क्रूड 2.86 फीसदी की तेजी के साथ 97.46 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिकन बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3.56 फीसदी तेजी के साथ 97.77 डॉलर पर पहुंच गया।

दोनों बेंचमार्क की कीमत पिछले सत्र में 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई थी। डब्ल्यूटीआई में तो अप्रैल 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। सीजफायर के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल होने की उम्मीद जगी थी।

सबसे बड़ा तेल संकट
लेकिन होर्मुज स्ट्रेट से बुधवार को केवल 4 जहाज गुजरे। इससे निवेशकों की हताशा बढ़ गई है और कच्चा तेल एक फिर उछलने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट की ग्लोबल ऑयल सप्लाई में करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी है। यही वजह है कि इसे अब तक का सबसे बड़ा तेल संकट माना जा रहा है। इराक, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे देश इसी रास्ते अपना तेल भेजते हैं। इसके बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी जो 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर था।

‘धुरंधर’ के निर्माता आदित्य धर पर पाक में मुकदमे की तैयारी, जानिए क्या है मामला

मुंबई। चौधरी असलम की पत्नी नौरीन ने एक इंटरव्यू में धुरंधर फिल्म के निर्माता आदित्य धर के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है। उनका कहना है कि वह केस भी करेंगी। हालांकि धुरंधर’ फिल्म अपने कई किरदारों और असल जिंदगी में उनके व्यक्तित्व को लेकर भी सुर्खियों में है।

आदित्य धर की इस स्पाई थ्रिलर में संजय दत्त ने पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी चौधरी असलम का किरदार निभाया है। अब चौधरी असलम की पत्नी नौरीन असलम ने उनके बारे में कई सारी बातें की हैं। पहले तो उन्होंने फिल्म में उनके किरदार की खूब तारीफ की थी, लेकिन अब उनके बोल बदल गए हैं।

नौरीन के लिए, ‘धुरंधर 2’ देखना सिर्फ एक फिल्म देखने से कहीं अधिक था, यह उन्हें उनके पति की याद दिलाता था और संजय दत्त की एक्टिंग कमाल थी, लेकिन अब नौरीन ने कहा है कि फिल्म में कुछ बातों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया।

नौरीन ने बातचीत में बताया, ‘तीन-चार सीन ऐसे थे, जब मुझे लगा कि असलम मेरे सामने हैं। लेकिन फिल्म में एक शॉट में जब बम धमाका हुआ, तो मैं आगे नहीं देख सकी। फिल्म में एक सीन गलत है, जिसमें वह बलूच बच्चों को पीटते हैं। फिल्म में दिखाया गया कि असलम बलूचों के दुश्मन हैं, लेकिन असलियत में ऐसा नहीं था। वह सिर्फ अपराधियों के खिलाफ थे। उन्होंने कभी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया।’

रहमान डकैत से नहीं डरते थे असलम
असलम की मौत को लेकर नौरीन ने कहा, ‘वे कहते थे कि मैं गोली से नहीं, बम ब्लास्ट से मरूंगा और वही हुआ। उन्होंने तालिबान के खिलाफ कई ऑपरेशन किए थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने फोन करके कहा था कि चौधरी असलम हमारे रास्ते से हट जाओ। तालिबानियों को कराची में चौधरी से ही खतरा था। लेकिन मेरे पति ने उनकी बात नहीं मानी।’

उन्होंने फोन पर उन लोगों को 20 मिनट तक खरी-खोटी सुनाई थी। चौधरी असलम अपनी पूरी जिंदगी रहमान डकैत से नहीं डरे। अगर वे डरते तो मैं आज अमेरिका या इंग्लैंड में रह रही होती। मैं फिलहाल पाकिस्तान में ही हूं।

बलूचों वाले विवादित डायलॉग पर बोलीं
बलूचों वाले विवादित डायलॉग पर उनकी पत्नी ने कहा, ‘मेरे पति बलूचों के विरोधी नहीं थे। आज भी ल्यारी में कई लोग उनका सम्मान करते हैं। 200 बलूच महिलाएं उनकी पुण्यतिथि पर हमारे घर आई थीं। वे केवल अपराधियों के खिलाफ थे, उन्होंने कभी आम लोगों को परेशान नहीं किया। भले ही वे बलूच हों या नहीं।’

परिवार से नहीं ली गई इजाजत
आदित्य धर से नौरीन काफी नाराज हैं। उनका कहना ये भी है कि फिल्म बनाने से पहले उन्होंने असलम के किरदार को लेकर पत्नी से कोई बात नहीं की। हमसे इजाजत नहीं ली गई। टीजर आने के बाद हमें पता चला कि ऐसी कोई फिल्म बन रही है। उन्होंने चौधरी असलम की एंट्री वाले गाने पर 46 लाख रुपए खर्च किए। अब मैंने तय किया है कि इस मामले में मैं आदित्य धर को वकील के जरिए नोटिस भेजूंगी।
नौरीन, एसपी असलम की पत्नी

आदित्य धर को नोटिस भेजेंगी नौरीन
आदित्य धर को लेकर उन्होंने कहा, ‘मैं उनसे 25 करोड़ रुपये मुआवजा मांगूंगी। अगर फिल्म 1500 करोड़ रुपए कमा चुकी है, तो 25 करोड़ उसके मुकाबले बहुत छोटी रकम है। लोगों ने तो मुझे यह भी कहा है कि कुल कमाई का 40% लेना आपका हक है। आदित्य धर खुद मान जाते हैं तो ठीक है, नहीं तो मैं कोर्ट के जरिए कार्रवाई करूंगी।’

अमरीका-ईरान में सीजफायर से क्रिप्टो मार्केट में रौनक, बिटकॉइन 3 हफ्ते के हाई पर

नई दिल्ली। Bitcoin Price 9 April 2026 : ईरान-अमेरिका युद्ध में सीजफायर के बाद बिटकॉइन की कीमतें तीन हफ्ते के हाई पर पहुंच गई हैं। न्यूयॉर्क ट्रेडिंग में बिटकॉइन 5% चढ़कर 72,841 डॉलर तक पहुंच गया, जो 18 मार्च के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, बाद में इसमें हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

ईथर और अन्य क्रिप्टो में भी उछाल: तेजी सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं रही। ईथेरियम भी 7.5% उछलकर 2,273 डॉलर तक पहुंच गया। यानी पूरे क्रिप्टो मार्केट में निवेशकों का भरोसा लौटा है।

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले रोकने के फैसले ने ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव माहौल बना दिया। इसके बाद शेयर बाजारों में तेजी आई और कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 95 डॉलर से नीचे आ गईं। होर्मूज स्ट्रेट के फिर से खुलने की उम्मीद ने निवेशकों का डर कम किया, जिससे जोखिम वाले ऐसेट्स जैसे क्रिप्टो में खरीदारी बढ़ी।

टूट सकता है ट्रेंड
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह तेजी स्थायी नहीं भी हो सकती। अगर सीजफायर टूटता है, तो बिटकॉइन फिर से गिरकर 66,000 डॉलर तक जा सकता है। युद्ध शुरू होने के बाद से बिटकॉइन 60,000 से 75,000 डॉलर के बीच ही झूल रहा है।

शॉर्ट सेलर्स को झटका
तेजी ने उन ट्रेडर्स को नुकसान पहुंचाया, जो गिरावट पर दांव लगा रहे थे। डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा की शॉर्ट पोजीशन खत्म हो गईं। ब्लूमबर्ग ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि अगर कीमत 73,500 डॉलर के ऊपर टिकती है, तो बिटकॉइन 80,000 डॉलर तक जा सकता है। ब्लॉकचेन डेटा के अनुसार, अभी स्पॉट मार्केट में मांग उतनी मजबूत नहीं है।

गूगल का यह सबसे पॉपुलर फोन 23 हजार रुपये सस्ता हुआ, जानिए ऑफर्स और कीमत

नई दिल्ली। Google Pixel 8a फोन का टॉप वेरिएंट इस समय पूरे 23,000 रुपये सस्ता मिल रहा है। यह अपनी लॉन्च प्राइस से हजारों रुपये सस्ता मिल रहा है। ई-कॉमर्स लिस्टिंग के अनुसार, अब केवल दो ही यूनिट स्टॉक में बचे हैं, यानी अगर आपको यह फोन कम कीमत में चाहिए, तो जल्दी इस डील का फायदा उठाना पड़ेगा।

सबसे पहले यह जान लीजिए कि लॉन्च के समय, फोन के 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 52,999 रुपये और 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 59,999 रुपये थी। फोन को चार कलर्स – एलो, बे, ओब्सीडियन, और पोर्सिलेन में लॉन्च किया गया था। दोनों में मॉडल में स्टैंडर्ड 8GB रैम है।

इस समय, Amazon पर फोन का टॉप यानी 256GB वेरिएंट केवल 36,750 रुपये में मिल रहा है, यानी अपनी लॉन्च प्राइस से सीधे 23,249 रुपये सस्ता। इस कीमत में फोन का का ब्लैक (Obsidian) कलर वेरिएंट ही मिल रहा है।

बैंक और एक्सचेंज ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को और कम किया जा सकता है। अमेजन फोन पर 34,900 रुपये तक का एक्सचेंस बोनस ऑफर कर रहा है। ऑफर्स की डिटेल आप अमेजन पर जाकर चेक कर लें और आपको यह सलाह भी दी जाती है कि खरीदारी करने से पहले सभी ऑफर्स के बारे में अच्छे से जांच पड़ताल कर लें।

Google Pixel 8a के फीचर्स
गूगल पिक्सेल 8a में ग्लास (स्क्रीन), पॉलीकार्बोनेट (रियर पैनल) और एल्युमीनियम (फ्रेम) से बना डिजाइन दिया गया है। इसका डिजाइन, पिक्सेल 8 और पिक्सेल 8 प्रो से काफी मिलता-जुलता है। फोन धूल और पानी से सुरक्षित रहने के लिए IP67 सर्टिफिकेशन के साथ आता है। 188 ग्राम वजनी इस फोन की डाइमेंशन 152.1×72.7×8.9 एमएम यानी इसकी मोटाई 8.9 एमएम है।

फोन में 6.1 इंच का फ्लैट सुपर एक्टुआ डिस्प्ले है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह पहला ए-सीरीज फोन है जिसमें यह डिस्प्ले है। हालांकि, यह OLED पैनल 120 हर्ट्ज पर रिफ्रेश होता है। डिस्प्ले पर कॉर्निंग के गोरिल्ला ग्लास 3 का प्रोटेक्शन मिलता है।

गूगल ने Pixel 8a में टेंसर G3 (टाइटन M2 सिक्योरिटी कोप्रोसेसर के साथ) प्रोसेसर दिया है। यह कई AI फीचर्स का सपोर्ट मिलता है, जिसमें सर्किल टू सर्च, AI इमेज एडिटिंग (मैजिक एडिटर), ऑडियो मैजिक इरेजर, बेस्ट टेक और बहुत कुछ शामिल है। फोन में स्टैंडर्ड 8GB LPDDR5x रैम है।

फोटोग्राफी के लिए, फोन में पीछे की तरफ, 64-मेगापिक्सेल का मेन कैमरा और 13-मेगापिक्सेल का अल्ट्रावाइड कैमरा है। सेल्फी के लिए, फोन में 13-मेगापिक्सेल का फ्रंट फेसिंग कैमरा भी है। फोन में 18W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 4492mAh की बैटरी है। इसमें वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है।

फोन में वाई-फाई 6, ब्लूटूथ 5.3, एनएफसी, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट और सामान्य जीपीएस नेविगेशन सिस्टम का सपोर्ट मिलता है। फोन में केवल एक फिजिकल सिम कार्ड और एक वर्चुअल ई-सिम के लिए जगह है। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट रीडर या फेस अनलॉक मिलता है।

Gold Price: MCX पर चांदी के भाव 2% टूटे, सोना भी फिसला, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: कमोडिटी मार्केट में गुरुवार को सोना और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर चांदी करीब 2% गिरकर ₹2,35,133 प्रति किलो पर आ गई, जबकि सोना 0.7% यानी ₹1,129 टूटकर ₹2,39,918 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

इंटरनेशनल मार्केट में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। स्पॉट सिल्वर 73.83 डॉलर प्रति औंस पर फिसल गई, जबकि सोना 4,715 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर, लेकिन दबाव में रहा।

सोने-चांदी में गिरावट के कारण

सीजफायर पर संशय
सोना-चांदी के भाव में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच घोषित युद्धविराम पर बढ़ती अनिश्चितता है। हालात, पूरी तरह शांत नहीं हैं। इजरायल द्वारा लेबनान में बड़े हमले और ईरान की चेतावनी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है, जिससे ग्लोबल सप्लाई को लेकर डर बना हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों $97 प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहे हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ता है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रख सकते हैं। यही वजह है कि सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले निवेश दबाव में आ जाते हैं।

डॉलर और फेड की नीति का असर
डॉलर इंडेक्स में स्थिरता भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रही है। मजबूत डॉलर से सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे उनकी मांग कम होती है। वहीं, फेडरल रिजर्व के संकेत भी बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो ब्याज दरों में कटौती टल सकती है या बढ़ोतरी भी हो सकती है।

निवेशकों की नजर अहम डेटा पर
बाजार अब अमेरिकी महंगाई (PCE) डेटा और जॉब्लेस क्लेम्स पर टिकी है। ये आंकड़े तय करेंगे कि आगे फेड की नीति क्या रहेगी और सोना-चांदी का रुख किस दिशा में जाएगा।

Stock Market: सेंसेक्स 916 अंक गिरकर 76646 पर, निफ्टी 23900 के नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Update 9 April 2026 : सीजफायर पर संशय के चलते आज घरेलू शेयर मार्केट में गिरावट है। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 900 अंक लुढ़क गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स 23,800 अंक से नीचे आ गया।

सुबह 10 बजे सेंसेक्स 916.69 अंक यानी 1.18% गिरावट के साथ 76,646.21 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी 234.35 अंक यानी 0.98% गिरावट के साथ 23,763.00 अंक पर आ गया।

सुबह बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स 243 अंकों की गिरावट के साथ 77319 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 88 अंक नीचे 23909 पर खुला।

सुबह 9.38 बजे सेंसेक्स 407.54 अंक यानी 0.53% गिरावट के साथ 77,155.36 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी 91.35 अंक यानी 0.38% की गिरावट के साथ 23,906 अंक पर आ गया। सेंसेक्स के 19 शेयर गिरावट के साथ खुले। 

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट्स, बीईएल, इन्फोसिस, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट आई। दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, ट्रेंट, एसबीआई, पावरग्रिड, टीसीएस और आईटीसी के शेयरों में तेजी रही।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियाई बाजारों में गिरावट
    एशियाई बाजारों में गुरुवार को गिरावट देखी गई। जापान का निक्केई और टॉपिक्स दोनों कमजोर रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी फिसला। निक्केई 225 0.59% और टॉपिक्स 0.42% गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.90% और कोस्डैक 0.74% गिर गया।
  • गिफ्ट निफ्टी
    गिफ्ट निफ्टी करीब 23,940 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले क्लोजिंग से करीब 117 अंक नीचे है। यह साफ संकेत है कि भारतीय बाजार गैप-डाउन ओपनिंग के साथ शुरुआत कर सकता है।
  • डॉऊ जोन्स
    अमेरिकी बाजारों में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,326.33 अंक या 2.85% बढ़कर 47,910.79 पर पहुंच गया, जबकि एसएंडपी 500 165.98 अंक या 2.51% बढ़कर 6,782.83 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 617.15 अंक या 2.80% बढ़कर 22,635.00 पर बंद हुआ।
  • युद्धविराम पर संकट
    अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बावजूद छिटपुट संघर्ष जारी है। हूर्मुज स्ट्रेट अब भी पूरी तरह खुला नहीं है, जिससे तेल सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ती कार्रवाई ने भी तनाव बढ़ाया है।
  • कच्चे तेल में फिर तेजी
    ब्रेंट क्रूड फिर चढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि WTI भी करीब 97 डॉलर के आसपास है। तेल की कीमतों में यह तेजी भारतीय बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है।

सोयाबीन उत्पादन के साथ इसके वैल्यू एडिशन पर ध्यान देना जरूरी: डॉ. नागर

डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ अभा सोयाबीन अनुसंधान समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत

कोटा। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ को उनकी कृषि अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता और सोयाबीन फसल पर उनके दशकों के अनुभव को देखते हुए ‘अखिल भारतीय सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास समिति’ का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुना गया है। डॉ. धाकड़ कोटा कृषि विवि में निदेशक अनुसन्धान के पद पर कार्यरत रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की घोषणा हैदराबाद में आयोजित 56वीं अखिल भारतीय सोयाबीन अनुसंधान समूह की वार्षिक बैठक के दौरान की गई। राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर के निदेशक डॉ. केएच सिंह ने बैठक के दौरान इस चयन की आधिकारिक घोषणा की।

इस अवसर पर पंडित जयशंकर प्रसाद तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. बलराम सहित देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक और नीति निर्धारक उपस्थित रहे।

डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ का सोयाबीन अनुसंधान से गहरा और पुराना नाता रहा है। उन्होंने एक लंबे समय तक कोटा रहते हुए सोयाबीन परियोजना में सस्य वैज्ञानिक (Agronomist) के रूप में कार्य किया है।

उनके शोध कार्यों ने राजस्थान में सोयाबीन की उन्नत खेती और फसल प्रबंधन की नई तकनीकों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी विशेषज्ञता का लाभ अब राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन उत्पादकों और शोधकर्ताओं को प्राप्त होगा।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में अपने विजन को साझा करते हुए डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में सोयाबीन के अनुसंधान के साथ-साथ इसके ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हाड़ौती समेत मालवा और राजस्थान में सोयाबीन प्रचुर मात्रा में होती है।

वहीं अन्य क्षेत्रों में भी सोयाबीन उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इन संभावनाओं को पूर्ण आर्थिक लाभ में बदलने के लिए प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना अनिवार्य है। यदि क्षेत्र में सोयाबीन प्रसंस्करण उद्योग विकसित होते हैं, तो स्थानीय किसानों की आय में क्रांतिकारी वृद्धि हो सकती है।

डॉ. धाकड़ ने सोयाबीन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह एक ऐसी तिलहनी फसल है। जिसका तेल ही नहीं, बल्कि तेल निकालने के बाद बचा हुआ भाग भी विदेशों में भारी मात्रा में निर्यात किया जा सकता है।

इसके उत्पाद प्रोटीन से भरपूर होते हैं। जो कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उनके नेतृत्व में समिति का मुख्य उद्देश्य उन्नत किस्मों का विकास करना और किसानों को बाजार से सीधे जोड़ना रहेगा। ताकि ‘खेत से बाजार’ तक की कड़ी मजबूत हो सके।

शिक्षा जागरूकता रैली के साथ हुआ ब्लॉक स्तरीय प्रवेशोत्सव का आगाज

कोटा। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा (696 आर) कोटा-बारां की अनूठी पहल पर बुधवार को रामगंजमंडी में स्काउट गाइड स्थानीय संघ द्वारा ब्लॉक स्तरीय ‘प्रवेशोत्सव’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस अवसर पर पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामगंजमंडी तथा हीराभाई पारीक राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय द्वारा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई।

रैली का औपचारिक शुभारंभ शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल, मंत्री जमनालाल गुर्जर, डायरेक्टर दिनेश कुमार मीणा, बीना सोनी एवं प्रधानाचार्य शिवनारायण धाकड़ द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया।

प्रकाश जायसवाल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि रैली का मुख्य उद्देश्य राजकीय विद्यालयों में नामांकन में वृद्धि करना और आमजन को साक्षरता के प्रति जागरूक करना है।

रैली में दोनों विद्यालयों के समस्त शैक्षणिक स्टाफ, स्काउट-गाइड, एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) के स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्काउट-गाइड और एनएसएस स्वयंसेवकों ने रैली के दौरान व्यवस्था संभालकर अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश किया।

विद्यार्थी कतारबद्ध होकर हाथों में तख्तियां लिए रामगंजमंडी के मुख्य मार्गों से गुजरे। स्काउट गाइड स्थानीय संघ के सचिव दयाल सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य प्रमुख केंद्रों पर भी इसी प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के सघन प्रयास किए जाएंगे। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा और नामांकन से संबंधित प्रेरणादायक नारों का उद्घोष किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में स्काउट गाइड सचिव दयाल सिंह, बलतेज सिंह, श्याम सुंदर, देवकिशन नागर, शिवराज मीणा, उदय शंकर नावरिया, शीशराम सैनी, संगीता अहीर, मीनाक्षी योगेंद्र, राम कल्याण रेगर, प्रदीप धाकड़, बाबू चंद्रकांत मीणा, सतीश कुमार आचार्य, विशाल गुप्ता, दिलीप शर्मा, राकेश सांखला, विनोद कुमार, हंसराज मीणा, दिनेश कुमार नागर, भारती सोनी, उषा पांडे, संगीता गुप्ता, नीमा धारीवाल, राधा रानी मालव, रुचि महावर, चेलना जैन, अनुप्रभा चौहान, जगदीश प्रसाद शर्मा, नितेंद्र कुमार, वासुदेव प्रसाद शर्मा एवं शंभू दयाल सहित सभी शारीरिक शिक्षकों व व्याख्याताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

श्रीमन्मथुराधीश आंगन में महका गुलाब का अठखम्बा, विट्ठलनाथ जन्मोत्सव मनाया

कोटा। पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की प्रथम पीठ श्री प्रथम गृह निधि श्रीमन्मथुराधीश मंदिर में बुधवार को प्रथम पीठाधीश्वर गोस्वामी विट्ठलनाथ (लालमणी) महाराज का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में ‘गुलाब का अठखम्बा’ मनोरथ हुआ। जिससे संपूर्ण मंदिर प्रांगण हजारों ताजे गुलाबों की सुगंध से सराबोर रहा। जिसने वातावरण को अलौकिक और आध्यात्मिक आभा से भर दिया।

​जन्मोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार अलसुबह मंगला की झांकी के साथ हुआ। प्रथम पीठ युवराज मिलन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में मंदिर के मुखियाजी और सेवादारों ने प्रभु का विशेष श्रृंगार किया। जैसे ही मंगला के पट खुले, मंदिर परिसर ‘बधाई गान’ की मधुर गूँज से गुंजायमान हो उठा।

भक्तों ने अपने आराध्य के दर्शन कर मंगल कामनाएं कीं। उत्सव के उपलक्ष्य में प्रभु को विशेष केसरिया सामग्री और पारंपरिक व्यंजनों के भोग अर्पित किए गए। ​सायंकाल में ‘गुलाब का अठखम्बा’ मनोरथ हुआ।पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार, इस मनोरथ का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।

झांकी के लिए मंदिर के विशेष स्तंभों (अठखम्बा) को देश के विभिन्न हिस्सों से मंगवाए गए हजारों लाल और गुलाबी गुलाब के फूलों से सजाया गया। पुष्प बंगले और अठखम्बा की भव्यता के बीच विराजित प्रभु मथुराधीश जी का स्वरूप अत्यंत मनोहारी लग रहा था। इस दिव्य दृश्य के साक्षी बनने के लिए कोटा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वैष्णवजन उमड़ पड़े।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन द्वारा दर्शनों के समय में विशेष परिवर्तन किए गए थे। प्रातः ग्वाल और राजभोग दर्शनों के बाद सायंकाल उत्थापन और भोग के दर्शन नियमानुसार बंद रहे। जिसके पश्चात सीधे ‘अठखम्बा’ मनोरथ के दर्शन खुले।

जेईई मेन अप्रैल सत्र का लेखा-जोखा; मैथ्स ने उलझाया, केमिस्ट्री बनी स्कोर का सहारा

कोटा। JEE Main 2026 April session: इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए देश की सबसे बड़ी परीक्षा जेईई मेन 2026 का अप्रैल सत्र बुधवार को संपन्न हो गया। इस बार पेपर कुल मिलाकर मॉडरेट स्तर का रहा, लेकिन तीनों विषयों के बीच कठिनाई का संतुलन साफ दिखाई दिया। जहां मैथ्स ने छात्रों को सबसे ज्यादा उलझाया, वहीं केमिस्ट्री ने राहत दी और फिजिक्स ने संतुलन बनाए रखा।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय के अनुसार जेईई मेन का अप्रैल अटेम्प्ट सिर्फ ज्ञान की ही नहीं, बल्कि धैर्य और रणनीति की भी परीक्षा साबित हुआ। जिन छात्रों ने सही समय प्रबंधन, प्रश्न चयन और सटीकता पर ध्यान दिया, वही बेहतर प्रदर्शन कर पाए। परीक्षा ने यह स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि परीक्षा के दौरान निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

मैथ्स: सबसे ज्यादा चर्चा मैथ्स सेक्शन की रही। 2, 4 और 6 अप्रैल की शिफ्ट्स में मैथ्स ने छात्रों को सबसे ज्यादा चुनौती दी। सवाल न केवल कठिन थे बल्कि काफी लंबे भी थे। कैलकुलस, वेक्टर और 3डी ज्योमेट्री से अधिक प्रश्न पूछे गए, जिनमें कई सवाल ऐसे थे जिन्हें हल करने में 5 से 7 मिनट तक लग गए। इसका सीधा असर छात्रों के टाइम मैनेजमेंट पर पड़ा। हालांकि स्टेटिस्टिक्स और प्रॉबेबिलिटी जैसे टॉपिक्स ने थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन कुल मिलाकर मैथ्स ने स्कोर को सीमित करने का काम किया।

फिजिक्स: फिजिक्स सेक्शन अपेक्षाकृत संतुलित और स्कोरिंग रहा। 5 और 6 अप्रैल की शिफ्ट्स में कुछ सवालों में कॉन्सेप्ट की गहराई जरूर देखने को मिली, लेकिन अधिकांश प्रश्न सीधे फॉर्मूला आधारित थे। मॉडर्न फिजिक्स, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक्स और थर्मोडायनामिक्स से प्रमुख सवाल आए। जिन छात्रों ने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास किया था, उनके लिए यह सेक्शन आसान साबित हुआ। लगभग 80 प्रतिशत सवाल ऐसे थे जिन्हें अच्छी प्रैक्टिस के आधार पर तेजी से हल किया जा सकता था।

केमिस्ट्री: केमिस्ट्री ने एक बार फिर छात्रों को संभालने का काम किया। यह सेक्शन सबसे आसान और समय बचाने वाला रहा। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में मैकेनिज्म आधारित सवाल थे, जबकि इनऑर्गेनिक में केमिकल बॉन्डिंग और एनसीईआरटी आधारित सीधे प्रश्न पूछे गए। फिजिकल केमिस्ट्री के सवाल सीमित रहे और मुख्य रूप से इंटीजर टाइप में आए। एनसीईआरटी की लाइन-बाय-लाइन तैयारी करने वाले छात्रों ने इस सेक्शन को बेहद कम समय में पूरा कर लिया, जिससे उन्हें अन्य विषयों के लिए अतिरिक्त समय मिला।

अगर जनवरी और अप्रैल सत्र की तुलना करें तो प्रतिस्पर्धा का स्तर इस बार अधिक ऊंचा नजर आया। फिजिक्स और केमिस्ट्री का पैटर्न लगभग समान रहा, लेकिन मैथ्स में सवालों को अधिक घुमाकर और कॉन्सेप्ट आधारित तरीके से पूछा गया। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि केवल रटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता जरूरी हो गई है।

इस परीक्षा से छात्रों के लिए तीन बड़े सबक निकलकर सामने आए हैं। पहला, स्मार्ट सिलेक्शन-मैथ्स के लंबे सवालों को शुरुआत में हल करने के बजाय अंत के लिए छोड़ना अधिक फायदेमंद है। दूसरा, केमिस्ट्री में सफलता का सीधा रास्ता एनसीईआरटी से होकर जाता है, जहां से लगभग 90 प्रतिशत प्रश्न पूछे गए। और तीसरा, नियमित अभ्यास-यदि छात्र 70 से 80 प्रतिशत सिलेबस को गहराई से समझकर समय प्रबंधन के साथ तैयारी करते हैं, तो 98 से 99 परसेंटाइल हासिल करना पूरी तरह संभव है।