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स्विस बैंक में भारतीय नेताओं का जमा धन 20 हजार करोड़ से अधिक हुआ

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नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीय नेताओं का जमा पैसा बढ़कर 20 हजार करोड़ के पार पहुंच गया है। स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक की तरफ से बृहस्पतिवार को जारी सालाना डाटा के मुताबिक, साल 2020 के दौरान स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों और संस्थानों व कंपनियों का जमा धन बढ़कर 2.55 अरब स्विस फ्रैंक (करीब 20,700 करोड़ रुपये) से अधिक हो गया।

एकतरफ जहां निजी बैंक खातों में जमा पैसे में कमी आई, वहीं सिक्योरिटीज व अन्य तरीकों में वित्तीय संस्थानों और कंपनियों की तरफ से जमकर पैसा जमा कराया गया है। स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के डाटा के मुताबिक, साल 2019 के अंत तक भारतीयों की जमा रकम का आंकड़ा 899 मिलियन स्विस फ्रैंक (6,625 करोड़ रुपये) था। 2019 का आंकड़ा दो साल की गिरावट के ट्रेंड के उलट था और पिछले 13 साल में बैंक में भारतीयों की जमा का सर्वोच्च स्तर था।

बैंक के मुताबिक, इससे पहले साल 2006 में लगभग 6.5 बिलियन स्विस फ्रैंक के साथ भारतीयों की जमा रकम ने रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था, लेकिन इसके बाद  2011, 2013 और 2017 को छोड़कर स्विस बैंक में पैसा जमा कराने में भारतीयों ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई थी। लेकिन 2020 ने जमा रकम के सारे आंकड़े पीछे छोड़ दिए। साल 2020 में भारतीय जमा राशि में जहां निजी कस्टमर खातों की हिस्सेदारी करीब 4000 करोड़ रुपये थी, वहीं 3100 करोड़ रुपये अन्य बैंकों के जरिये जमा कराए गए थे।

करीब 16.5 करोड़ रुपये ट्रस्ट आदि के थे और सबसे ज्यादा 13,500 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी भारतीयों को स्विस बैंकों की तरफ से बांड, सिक्योरिटीज व अन्य वित्तीय तरीकों के बदले मिलने वाली रकम की थी। वहीं 38.3 करोड़ स्विस फ्रैंक (3,100 करोड़ रुपये से अधिक) अन्य बैंकों के जरिये रखे गये हैं। न्यास के जरिये 20 लाख स्विस फ्रैंक (16.5 करोड़ रुपये) जबकि सर्वाधिक 166.48 करोड़ स्विस फ्रैंक (करीब 13,500 करोड़ रुपये) बांड, प्रतिभूति और अन्य वित्तीय उत्पादों के रूप में रखे गये हैं।

एसएनबी ने कहा कि ग्राहक खाता जमा के रूप में वर्गीकृत कोष वास्तव में 2019 की तुलना में कम हुआ है। वर्ष 2019 के अंत में यह 55 करोड़ स्विस फ्रैंक था। ट्रस्ट यानी न्यास के जरिये रखा गया धन भी 2019 में 74 लाख स्विस फ्रैंक के मुकाबले पिछले साल आधे से भी कम हो गया है। हालांकि, दूसरे बैंकों के माध्यम से रखा गया कोष 2019 के 8.8 करोड़ स्विस फ्रैंक के मुकाबले तेजी से बढ़ा है।

वर्ष 2019 में चारों मामलों में कोष में कमी आयी थी। ये आंकड़े बैंकों ने एसएनबी को दिये हैं और यह भारतीयों द्वारा स्विट्जरलैंड के बैंकों में रखे जाने वाले काले धन के बारे में कोई संकेत नहीं देता है। इन आंकड़ों में वह राशि भी शामिल नहीं है जो भारतीय, प्रवासी भारतीय या अन्य तीसरे देशों की इकाइयों के जरिये स्विस बैंकों में रख सकते हैं।

एसएनबी के अनुसार, उसका आंकड़ा भारतीय ग्राहकों के प्रति स्विस बैंकों की ‘कुल देनदारी’ को बताता है। इसके लिये स्विस बैंकों में भारतीय ग्राहकों के सभी प्रकार के कोषों को ध्यान में रखा गया है। इसमें व्यक्तिगत रूप से, बैंकों और कंपनियों से प्राप्त जमा शामिल हैं। इसमें भारत में स्विस बैंकों की शाखाओं से प्राप्त आंकड़े ‘गैर-जमा देनदारी’ के रूप में शामिल हैं।

कुल मिलाकर स्विस बैंकों में विभिन्न देशों के ग्राहकों की जमा राशि 2020 में बढ़कर करीब 2,000 अरब स्विस फ्रैंक पहुंच गयी। इसमें से 600 अरब स्विस फ्रैंक विदेशी ग्राहकों की जमा राशि है। सूची में ब्रिटेन अव्वल है। उसके नागरिकों के स्विस बैंकों में 377 अरब स्विस फ्रैंक जमा हैं। उसके बाद अमेरिका के (152 अरब स्विस फ्रैंक) का स्थान है।

शीर्ष 10 में अन्य वेस्ट इंडीज, फ्रांस, हांगकांग, जर्मनी, सिंगापुर, लक्जमबर्ग, केमैन आईलैंड और बहामास हैं। भारत इस सूची में 51वें स्थान पर है और न्यूजीलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, हंगरी, मॉरीशस, पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा श्रीलंका जैसे देशों से आगे है। ब्रिक्स देशों में भारत, चीन और रूस से नीचे लेकिन दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील से आगे है।

आंकड़े के अनुसार स्विस बैंकों में ब्रिटेन, अमेरिका के ग्राहकों का धन कम हुआ। बांग्लादेश के भी ग्राहकों का धन घटा लेकिन पाकिस्तानी ग्राहकों का कोष दोगुना होकर 64.20 करोड़ सीएचएफ (स्विस फ्रैंक) हो गया। इस बीच, बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट (बीआईएस) के आंकड़े के अनुसार 2020 में इस प्रकार का कोष करीब 39 प्रतिशत बढ़कर 12.59 करोड़ डॉलर (932 करोड़ रुपये) पहुंच गया। एक समय भारतीय और स्विस अधिकारी भारतीय के स्विस बैंकों में जमा के बारे में बीआईएस के आंकड़े को ज्यादा भरोसेमंद मानते थे।

स्विस प्राधिकरण ने हमेशा कहा है कि भारतीयों की स्विट्जरलैंड में जमा संपत्ति को काला धन नहीं माना जा सकता है और वे कर धोखाधड़ी तथा कर चोरी के खिलाफ हमेशा भारत का समर्थन करते रहे हैं। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच कर मामलों में सूचना के स्वत: आदान-प्रदान की व्यवस्था 2018 से है। इस व्यवस्था के तहत 2018 से स्विस वित्तीय संस्थानों में रखने वाले सभी भारतीय निवासियों की विस्तृत वित्तीय जानकारी पहली बार सितंबर 2019 में भारतीय कर अधिकारियों को प्रदान की गई थी। व्यवस्था के तहत इसका हर साल पालन किया जाना है।

सोशल मीडिया पर सख्ती, ट्विटर की कानूनी सुरक्षा खत्म

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नई दिल्ली। भारत सरकार ने ट्विटर को आखिरी चेतावनी दी लेकिन उसके बाद भी ट्विटर ने अपना रवैया नहीं बदला। उसके बाद भारत सरकार ने ट्विटर से कानूनी सुरक्षा वापस ले ली है।

फर्जी न्यूज को अपने प्लेटफॉर्म पर रोकने से नाकाम रहने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एफआईआर दर्ज की है। देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी सोशल मीडिया कंपनी पर किसी राज्य ने FIR की है। भारत सरकार के नए आईटी नियमों को ट्विटर ने काफी हल्के में लिया और आखिरी तारीख खत्म होने के बाद भी नियमों को अपने प्लेटफॉर्म पर लागू नहीं किया।

आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत कंपनियों को मिलती है सुरक्षा
केवल ट्विटर ही नहीं बल्कि फेसबुक, गूगल और व्हाट्सएप जैसे तमाम कंपनियों को भारत में आईटी एक्ट की धारा 79 के अंतर्गत कानूनी सुरक्षा मिलती है जो कि अब ट्विटर के लिए खत्म हो गई है। आईटी नियम 2021 के नियम 7 के मुताबिक यदि कोई कंपनी भारतीय आईटी एक्ट के नियमों का पालन नहीं करती है तो उससे कानूनी सुरक्षा छिन ली जाती है।

ट्विटर का विवाद
हाल ही में ट्विटर ने दिल्ली हाई कोर्ट में बताया था कि उसने आईटी एक्ट 2021 को लागू कर लिया है, जबकि सरकार का कहना था कि उसने आईटी एक्ट को लागू नहीं किया है और नोडल ऑफिसर की जानकारी सरकार को नहीं दी है।

5 जून को भारत सरकार ने ट्विटर इंडिया को आखिरी नोटिस भेजा जिसमें तत्काल प्रभाव से एक स्थानीय शिकायत अधिकारी और एक नोडल संपर्क व्यक्ति को नियुक्त करने और उसकी जानकारी सरकार के साथ साझा करने की बात कही गई। 15 जून को ट्विटर ने नए आईटी नियमों के तहत अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त करने  की जानकारी सरकार को दी।

16 जून को नए आईटी नियमों का समय पर पालन ना करने के कारण भारत सरकार ने ट्विटर से कानूनी सुरक्षा हटा ली। इसका मतलब यह है कि अब यदि ट्विटर पर किसी यूजर की ओर से कोई गैरकानूनी या भड़काऊ पोस्ट की जाती है तो उस संबंध में भारत में कंपनी के प्रबंध निदेशक समेत शीर्ष अधिकारियों से अब पुलिस पूछताछ कर सकेगी।

मोदी के खिलाफ ट्वीट को लेकर हुआ था विवाद
वैसे तो ट्विटर और भारत सरकार का विवाद पुराना है लेकिन इसी साल फरवरी में किसान आंदोलन के दौरान पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक हैसटैग ट्रेंड कराए गए थे जिसे बाद सरकार ने ट्विटर से उस कंटेंट को ब्लॉक करने के लिए कहा था, लेकिन ट्विटर ने इस आदेश का पालन भी सख्ती से नहीं किया। 

अब टीवी चैनलों की शिकायतों का भी होगा निस्तारण, अधिसूचना जारी

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नई दिल्ली। केंद्र ने केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाली सामग्री से संबंधित शिकायतों के निस्तारण को पारदर्शी वैधानिक तंत्र प्रदान करना है, जिसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम-2021 की अधिसूचना जारी की है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने ट्वीट किया, ‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम-1994 में संशोधन करके टीवी चैनलों पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों के संबंध में लोगों की शिकायतों का निस्तारण करने के लिए वैधानिक तंत्र विकसित किया है। मंत्रालय ने सीटीएन नियमों के तहत टीवी चैनलों की वैधानिक संस्था को भी मान्यता देने का निर्णय लिया है।’

वर्तमान में नियमों के तहत कार्यक्रम और विज्ञापनों के लिए संहिताओं के उल्लंघन से संबंधित नागरिकों की शिकायतों को दूर करने के लिए एक अंतर मंत्रालयी समिति के माध्यम से एक संस्थागत तंत्र है। इसी तरह विभिन्न प्रसारकों ने भी शिकायतों के समाधान के लिए अपने आंतरिक स्व नियामक तंत्र को विकसित किया है। इसके बाद भी शिकायतों के निवारण ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए एक वैधानिक तंत्र बनाने की आवश्यकता महसूस की गई। कुछ प्रसारकों ने अपने संघों और निकायों को कानूनी मान्यता देने का भी अनुरोध किया था।

सर्वोच्च न्यायालय ने एक मामले में दिए गए आदेश में केंद्र सरकार द्वारा स्थापित शिकायत निवारण के मौजूदा तंत्र पर संतोष व्यक्त करते हुए शिकायत निवारण तंत्र को औपचारिक रूप देने के लिए उचित नियम बनाने की सलाह दी थी। उपरोक्त पृष्ठभूमि में इस वैधानिक तंत्र को प्रदान करने के लिए केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों में संशोधन किया गया है, जो पारदर्शी होगा और नागरिकों को लाभान्वित करेगा। वहीं, प्रसारकों के स्व-नियामक निकाय केंद्र सरकार के पास पंजीकृत होंगे।

वर्तमान में 900 से अधिक टेलीविजन चैनल हैं, जिन्हें सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा अनुमति दी गई है। सभी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों के तहत निर्धारित कार्यक्रम और विज्ञापन कोड का पालन करना आवश्यक है। उपरोक्त अधिसूचना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रसारकों और उनके स्व-नियामक निकायों पर जवाबदेही और जिम्मेदारी रखते हुए शिकायतों के निवारण के लिए एक मजबूत संस्थागत प्रणाली का रास्ता आगे बढ़ाती है।

ट्राई ने की टीवी चैनल सेलेक्टर वेबसाइट की शुरुआत
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बुधवार को टीवी चैनल सेलेक्टर वेबसाइट की शुरुआत की। यह सुविधा उन उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है जो स्मार्ट फोन के अभाव में मोबाइल एप का उपयोग नहीं कर पा रहे थे।

स्मार्ट फोन के लिए टीवी चैनल सेलेक्टर एप पिछले साल 25 जून को लांच किया गया था। इसके जरिये उपभोक्ता अपना सब्सक्रिप्शन देख सकते हैं और उसमें बदलाव भी कर सकते हैं। इसकी शुरुआत दिसंबर 2018 में अधिसूचित एक नियम के तहत की गई थी। यह देखा जा रहा था कि उपभोक्ता अपने आपरेटरों की वेबसाइट और मोबाइल एप पर अपनी पसंद के टीवी चैनल चुनने में परेशानियों का सामना कर रहा था।

प्राधिकरण ने अधिसूचना में कहा, ‘ट्राई ने अब टीवी सेलेक्टर वेबसाइट भी विकसित की है। इससे उन उपभोक्ताओं को सुविधा होगी जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हैैं या जो वेबसाइट ब्राउजर का इस्तेमाल करना चाहते हैं। एप व वेबसाइट की खासियत है कि डीटीएच या केबल आपरेटर को भेजने से पहले सब्सक्रिप्शन में बदलाव किया जा सकता है। पोर्टल में एप की सभी विशेषताएं हैं और डाउनलोड की सुविधा भी दी गई है।’

एक ही वाहन के लिए देश में अलग-अलग पीयूसी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं

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नई दिल्ली। मिनिस्ट्री ऑफ़ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज ने देश भर में चल रहे सभी वाहनों के लिए एक ही पीयूसी (Pollution Under Control) प्रमाण पत्र के उपयोग को मंजूरी दे दी है। दरअसल मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में, सरकार ने एक ही वाहन के लिए देश में अलग-अलग स्थानों पर नया पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है। आपको दूसरे राज्य में तब तक पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं बनवाना पड़ेगा जब तक आपके मौजूदा पीयूसी की वैधता समाप्त ना हो गई हो।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने यह भी कहा है कि पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) प्रमाणपत्र को भी राष्ट्रीय रजिस्टर के साथ पीयूसी डेटाबेस से जोड़ा जाएगा। सड़क मंत्रालय द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में बदलाव के बाद अब पीयूसी फॉर्म पर एक क्यूआर कोड छपा होगा और इसमें वाहन, मालिक और उत्सर्जन की स्थिति का विवरण होगा। नये पीयूसी में वाहन मालिक का मोबाइल नंबर, नाम व पता, इंजन नंबर और चेसिस नंबर भी होगा। इससे किसी को भी डेटाबेस से किसी विशेष वाहन के बारे में विवरण प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया है, “सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत देश भर में जारी किए जाने वाले पीयूसी प्रमाणपत्र के एक सामान्य प्रारूप के लिए 14 जून, 2021 को एक अधिसूचना जारी की है।” इसमें कहा गया है, ‘मालिक का मोबाइल नंबर अनिवार्य कर दिया गया है, जिस पर सत्यापन और शुल्क के लिए एक एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा।

पीयूसी सर्टिफिकेट नियमों में नए बदलाव के साथ ही सरकार ने पहली बार रिजेक्शन स्लिप का कॉन्सेप्ट भी पेश किया है। बयान में कहा गया है, “अस्वीकृति पर्ची का एक सामान्य प्रारूप वाहन मालिक को दिया जाना है, यदि परीक्षा परिणाम का मूल्य अधिकतम अनुमेय मूल्य से अधिक है, जैसा कि संबंधित उत्सर्जन मानदंडों में अनिवार्य है।”

सबसे सस्ता Realme Narzo 30 5G स्मार्टफोन 24 जून को होगा लॉन्च

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नई दिल्ली। Realme Narzo 30 5G और Realme Narzo 30 4G स्मार्टफोन की लॉन्चिंग डेट कंफर्म हो गई है। दोनों स्मार्टफोन को 24 जून की दोपहर 12.30 बजे लॉन्च किया जाएगा। फोन के लॉन्चिंग इवेंट को ऑफिशियल YouTube चैनल के अलावा लॉन्चिंग इवेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook और Twitter पर देखा जा सकेगा। कंपनी के दावे के मुताबिक Realme Narzo 30 4G मोस्ट पावरफुल स्मार्टफोन होगा, जिसे Mediatek Helio G95 प्रोसेसर सपोर्ट के साथ पेश किया जाएगा। जबकि Realme Narzo 5G, 6GB रैम के साथ आने वाला सबसे सस्ता स्मार्टफोन होगा।

स्पेसिफिकेशन्स: Realme Narzo 30 सीरीज के दोनों 4G और 5G मॉडल की ग्लोबल लॉन्चिंग हो चुकी है, जिसके मुताबिक Realme Narzo 30 सीरीज के दोनों स्मार्टफोन स्पेसिफिकेशन्स में समान होंगे। हालांकि प्रोसेसर के मामले में दोनों में अंतर देखने को मिलेगा। जहां Realme Narzo 30 के 4G मॉडल में Mediatek Helio G95 प्रोसेसर दिया जाएगा। वही 5G वेरिएंट में MediaTek Helio में MediaTek Dimensity 700 का सपोर्ट दिया जाएगा। Realme Narzo 30 स्मार्टफोन में 6.5 इंच की फुल HD+ डिस्प्ले दी गई है जिसकी रिफ्रेश रेट 90Hz होगी। स्क्रीन पर एक पंच-होल नॉच डिस्प्ले दिया गया है। फोन एंड्राइड 11 बेस्ड Realme UI 2.0 पर काम करता है।

कैमरा और बैटरी: Realme Narzo 30 5G और Narzo 4G में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका प्राइमरी कैमरा 48MP है। इसके अलावा 2MP डेप्थ सेंसर और 2MP मैक्रो लेंस का सपोर्ट दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 16MP का कैमरा दिया गया है। पावर बैकअप के लिए फोन में 5,000mAh की बैटरी दी गई है, जिसे 18W फास्ट चार्जर की मदद से चार्ज किया जा सकेगा। जबकि Realme Narzo 30 4G में 30W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा।

दिल्ली बाजार/ विदेशी बाजारों में मंदी से तेल-तिलहनों में गिरावट

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नयी दिल्ली। विदेशी बाजारों में भारी गिरावट के बीच स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को लगभग सभी तेल तिलहनों के भाव हानि दर्शाते बंद हुए। बाजार सूत्रों का कहना है कि विदेशों में भाव टूटने से स्थानीय कारोबार प्रभावित हुआ।

मलेशिया एक्सचेंज में एक प्रतिशत ओर शिकागो एक्सचेंज में छह प्रतिशत की गिरावट रही। इस गिरावट का असर स्थानीय तेल तिलहन कारोबार पर हुआ और लगभग सभी तेल तिलहनों के दाम हानि दर्शाते बंद हुए।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सरकार को सोयाबीन के बेहतर दाने का इंतजाम करना चाहिये ताकि सोयाबीन की अगली पैदावार पहले से कहीं ज्यादा हो तथा तिलहन किसान देश को आत्मनिर्भर बनाने की राह पर मजबूती से कदम आगे बढ़ा सकें। बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन – 7,025 – 7,075 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये। मूंगफली दाना – 5,745 – 5,890 रुपये। मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,200 रुपये। मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,180 – 2,310 रुपये प्रति टिन। सरसों तेल दादरी- 14,050 रुपये प्रति क्विंटल। सरसों पक्की घानी- 2,265 -2,315 रुपये प्रति टिन। सरसों कच्ची घानी- 2,365 – 2,465 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 15,000 – 17,500 रुपये। सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,600 रुपये। सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,500 रुपये। सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,200 रुपये। सीपीओ एक्स-कांडला- 10,200 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,300 रुपये। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,000 रुपये। पामोलिन एक्स- कांडला- 11,000 (बिना जीएसटी के) सोयाबीन दाना 7,150 – 7,200, सोयाबीन लूज 7,100 – 7,150 रुपये मक्का खल 3,800 रुपये प्रति क्विंटल।

लिवाली के अभाव में रामगंजमंडी में धनिया का भाव गिरा

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रामगंजमंडी। स्थानीय कृषि उपज मंडी में गुरुवार को धनिया की आवक 4400 बोरी की आवक रही। लिवाली के अभाव में धनिया के भाव 50 रुपये प्रति क्विंटल मंदे रहे। कारोबारी सूत्रों के अनुसार बाजार हल्की कमजोरी के साथ खुले थे, जो बाद में भी मिलेजुले भावों पर बने रहे।

चालू क्वालिटी के मालों के साथ-साथ बढ़िया ईगल टाइप के मालों में भी कमजोरी दिखाई दी। ऑल ऑवर बाजार आज कुछ पर्टिकुलर मालों को छोड़कर लगभग सभी क्वालिटी के मालों में कही समान तो कहीं 50 रुपये की मामूली मंदी के साथ हल्की कमजोरी पर बने हुए दिखाई दिए। भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

धनिया बादामी 5800 से 6100 रुपये, ईगल 6200 से 6550 रुपये, स्कूटर 6700 से 7000 रुपये, रंगदार 7300 से 8500 रुपये, बेस्ट ग्रीन 9000 से 10000 रुपये, पुराना 5600 से 6300 रुपये प्रति क्विंटल।

2021 Mercedes-Benz S-Class भारत में लॉन्च, जानें कीमत और खासियत

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नई दिल्ली। मर्सिडीज बेंज (Mercedes-Benz) ने अपनी नई जेनरेशन वाली S-Class को भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने भारतीय बाजार में इसकी 2.17 करोड़ रुपये एक्स-शोरूम कीमत रखी है। बता दें कि जर्मनी की दिग्गज कार निर्माता ने इस साल भारत में अपनी 15 कारों को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में 2021 Mercedes-Benz S-Class भी शामिल है।

कंपनी ने इसकी सर्विस पैकेज को भी पेश किया है, जिसकी कीमत 82,900 रुपये से शुरू होती है।मर्सिडीज ने अपनी इस प्रीमियम सेडान को एक साल पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश किया था। कोरोना वायरस महामारी के कारण हुई देरी के बाद यह कार अब जाकर भारत में लॉन्च हुई है। नई Mercedes-Benz S-Class कंपनी की सबसे शानदार कारों में से एक है, जिसे 2021 वर्ल्ड कार अवार्ड्स (World Car Awards) में वर्ल्ड लग्जरी कार ऑफर द ईयर (World Luxury Car Of The Year) का खिताब दिया गया।

कीमत: 2021 Mercedes-Benz S-Class को कंपनी ने दो वर्जन में उतारा है। इनमें 400d और 450 4Matic शामिल हैं। 2021 Mercedes-Benz S-Class 400d की एक्स-शोरूम कीमत 2.17 करोड़ रुपये है। वहीं, 2021 Mercedes-Benz S-Class 450 4Matic की एक्स-शोरूम कीमत 2.19 करोड़ रुपये है।

परफॉर्मेंस: 2021 Mercedes-Benz S-Class 400d के पावर परफॉर्मेंस की बात करें, तो इसमें पावर के लिए 3.0-लीटर (2925 सीसी) का इन-लाइन 6 सिलिंडर वाला इंजन दिया गया है। इसका इंजन 3600 से 4200 आरपीएम पर 325 bhp की मैक्सिमम पावर और 1200 से 3200 आरपीएम पर 700 Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इसमें 250 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड मिलती है। वहीं, यह कार महज 5.4 सेकंड में 0-100 किलोमीटर की रफ्तार हासिल कर सकती है।

2021 Mercedes-Benz S-Class 450 4Matic के पावर परफॉर्मेंस की बात करें, तो इसमें पावर के लिए 3.0-लीटर (2999 सीसी) का इन-लाइन 6 सिलिंडर वाला इंजन दिया गया है। इसका इंजन 5500 से 6100 आरपीएम पर 362 bhp की मैक्सिमम पावर और 1600 से 4500 आरपीएम पर 500 Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इसमें 250 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड मिलती है। वहीं, यह कार महज 5.1 सेकंड में 0-100 किलोमीटर की रफ्तार हासिल कर सकती है।

डायमेंशन: 2021 Mercedes-Benz S-Class की लंबाई 5289 मिलीमीटर, चौड़ाई 1954 मिलीमीटर और ऊंचाई 1503 मिलीमीटर है। इसका व्हीलबेस 3216 मिलीमीटर है।

इंदौर बाजार/ सोयाबीन रिफाइंड के भाव में गिरावट, गुड़ में तेजी

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इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन रिफाइंड के भाव में 15 रुपये प्रति 10 किलोग्राम की गिरावट आयी। तिलहन में सोयाबीन 100 रुपये प्रति क्विंटल महंगा बिका। सियागंज किराना बाजार में गुड़ के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आयी। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक शक्कर में आठ गाड़ी की आवक हुई।

तिलहन; सोयाबीन 6400 से 6500, (प्लांट) 6800 से 6900, सरसों (निमाड़ी) 5800 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल। तेल : मूंगफली तेल इंदौर 1420 से 1440, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 1280 से 1290, सोयाबीन साल्वेंट 1215 से 1220, पाम तेल 1185 से 1190 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

कपास्या खली : कपास्या खली इंदौर 2125, कपास्या खली देवास 2125, कपास्या खली उज्जैन 2125, कपास्या खली खंडवा 2100, कपास्या खली बुरहानपुर 2100 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या खली अकोला 3025 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर किराना बाजार : शक्कर- गुड़ शक्कर 3380 से 3420 रुपये प्रति क्विंटल। गुड़ भेली 3500 से 3550, गुड़ कटोरा 3800 से 3850, गुड़ लड्डू 3900 से 3950, गुड मालवी 4000 से 4050 रुपये प्रति क्विंटल। खोपरा गोला : खोपरा गोला 194 से 206 रुपये प्रति किलोग्राम खोपरा बूरा 2500 से 3700 रुपये प्रति 15 किलोग्राम।

हल्दी: हल्दी (खड़ी) सांगली 155 से 160, हल्दी (खड़ी) निजामाबाद 110 से 130, पिसी हल्दी 175 से 195 रुपये प्रति किलोग्राम। साबूदाना: साबूदाना 4600 से 5200, पैकिंग में 5600 से 5700 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा: गेहूं आटा 1120, मैदा 1100, रवा 1300, चना बेसन 3400 से 3450 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर मंडी/ कमजोर उठाव से चना कांटा, मसूर के भाव में कमी

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इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में बृहस्पतिवार को कमजोर उठाव से चना कांटा 50 रुपये और मसूर के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आयी। मूंग दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल महंगी एवं तुअर (अरहर) की दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकी।

दलहन: चना (कांटा) 4950 से 5000, मसूर 6050 से 6100, तुअर (अरहर) नई निमाड़ी 6000 से 6300, तुअर सफेद (महाराष्ट्र) 6500 से 6600, तुअर (कर्नाटक) 6700 से 6800, मूंग 6350 से 6400, मूंग हल्की 5800 से 6100, उड़द 7000 से 7200, हल्की 6000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल: तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 8800 से 8900, तुअर दाल फूल 9000 से 9200, तुअर दाल बोल्ड 9500 से 9700, आयातित तुअर दाल 8600 से 8700, चना दाल 6600 से 6900, मसूर दाल 7000 से 7100, मूंग दाल 8000 से 8300, मूंग मोगर 8400 से 8900, उड़द दाल 8800 से 9100, उड़द मोगर 10100 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल: बासमती (921) 9000 से 9500, तिबार 7500 से 8000, दुबार 6500 से 7000, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5500, बासमती सैला 5000 से 7000, कालीमूंछ 6800 से 7000, राजभोग 5800 से 6000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2700 से 2850, हंसा सैला 2600 से 2750, हंसा सफेद 2400 से 2500, पोहा 3200 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।