नफरत फैलाने वाले शो दिखाने पर आजतक, न्यूज18 इंडिया, टाइम्स नाउ नवभारत पर जुर्माना

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नई दिल्ली। न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) ने “नफरत और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाले” कार्यक्रमों के लिए कुछ टीवी चैनलों पर जुर्माना लगाकर इन्हें अपनी वेबसाइट से हटाने का निर्देश दिया है। एनबीडीएसए ने कहा कि ये कार्यक्रम ठीक नहीं हैं।

एनबीडीएसए ने कार्यकर्ता इंद्रजीत घोरपड़े की शिकायतों के आधार पर “लव जिहाद” पर आधारित समाचार कार्यक्रमों के लिए ‘टाइम्सनाउ नवभारत’ पर एक लाख रुपये और ‘न्यूज18 इंडिया’ पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

दक्षिणपंथी कार्यकर्ता मुस्लिम पुरुषों पर, हिंदू महिलाओं को शादी का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की साजिश का आरोप लगाने के लिए ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं। रामनवमी पर एक खास समुदाय को निशाना बनाकर की गई हिंसा की कवरेज को लेकर एनबीडीएसए ने आजतक चैनल को चेतावनी दी है।

एनबीडीएसए के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ए. के. सीकरी द्वारा जारी आदेशों में तीनों चैनलों को सात दिन में कार्यक्रमों के ऑनलाइन संस्करण हटाने को कहा गया है। एनबीडीएसए ने एक बयान में कहा कि “लव जिहाद” शब्द का इस्तेमाल “व्यापक आत्मनिरीक्षण” के साथ किया जाना चाहिए।

क्योंकि धार्मिक रूढ़िवादिता आचार संहिता का उल्लंघन है और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को खराब कर सकती है। बयान में कहा गया है कि इस तरह की खबरें “किसी समुदाय को अपूरणीय क्षति पहुंचाती हैं और धार्मिक असहिष्णुता या वैमनस्य पैदा करती हैं।”

युवा कांग्रेस के प्रमुख श्रीनिवास बीवी की शिकायत पर एक अलग आदेश देते हुए एनबीडीएसए ने “मोदी उपनाम” मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा से संबंधित मामले में एक लुटेरे को चित्रित करने वाला “काल्पनिक वीडियो” प्रसारित करने के लिए आजतक को चेतावनी दी।

एनबीडीएसए ने आजतक को ऐसे वीडियो प्रसारित करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी और अपनी वेबसाइट व यूट्यूब चैनल से गांधी की सजा से संबंधित कार्यक्रम से उक्त वीडियो को हटाने का निर्देश दिया।

एक अन्य आदेश में, एनबीडीएसए ने भारत में अल्पसंख्यकों के बारे में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के एक बयान से संबंधित कार्यक्रम के लिए आजतक पर 75,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

एनबीडीएसए ने कहा कि ओबामा के बयान को खालिस्तानी अलगाववादियों से जोड़ना घोर गलत बयानी है और इसने निष्पक्षता व तटस्थता के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।