कोटा के 300 वर्ष पुराने प्राचीन नरसिंह मंदिर में चार दिवसीय प्राकट्य महोत्सव 27 से

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कोटा। किशोरपुरा दरवाजे पर स्थित शहर के एकमात्र और लगभग 300 वर्ष प्राचीन नरसिंह मंदिर में इस वर्ष नरसिंह प्राकट्य उत्सव 30 अप्रैल को मनाया जाएगा। मंदिर के पुजारी मयंक शर्मा ने बताया कि श्री गिरधर गोपाल राजमल सर्राफ चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा महोत्सव के पोस्टर का विमोचन किया गया।

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र गोयल विचित्र, सचिव संजय गोयल, ट्रस्टी नरेंद्र गोयल, विनय गोयल, आदित्य गोयल, देवांग गोयल तथा समाजसेवी भुवनेश गहलोत उपस्थित रहे।

उन्होंने बताया कि चार दिवसीय महोत्सव का विधिवत शुभारंभ 27 अप्रैल को महिलाओं के संकीर्तन और भजनों के साथ होगा। जहाँ श्रद्धालु भक्ति गीतों के माध्यम से प्रभु की आराधना करेंगे।

महोत्सव के दूसरे दिन, 28 अप्रैल को मंदिर में विशेष ध्वजा पूजन किया जाएगा और भक्तों को मोर पंख के दुर्लभ दर्शन कराए जाएंगे। 29 अप्रैल को भगवान का पंचामृत स्नान कराया जाएगा और मंदिर परिसर में रामायण पाठ का आयोजन होगा। मुख्य उत्सव के दिन, यानी 30 अप्रैल को सुबह 7 बजे भगवान का पंचामृत से महाअभिषेक किया जाएगा, जिसके पश्चात सुबह 8 बजे से प्रभु का मनमोहक श्रृंगार होगा।

इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान का दिव्य ‘फूल बंगला’ दर्शन और मुखौटा दर्शन रहेगा। जो सुबह 11 बजे से भक्तों के लिए उपलब्ध होगा। दोपहर 12 बजे विशेष आरती की जाएगी, जिसके उपरांत मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं को विशेष ‘रक्षा कवच’ वितरित किए जाएंगे।

उत्सव का भव्य समापन शाम 7 बजे होगा, जिसमें 101 बत्तियों से भगवान की महाआरती उतारी जाएगी। इस दौरान भगवान को छप्पन भोग अर्पित कर महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।