Thursday, July 9, 2026
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Stock Market: सेंसेक्स 165 अंक गिरकर 77103 पर खुला, निफ्टी 24060 से नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Opened, May 5, 2026 : चुनाव नतीजों के बाद आज मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 165 अंकों की गिरावट के साथ 77103 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 66 अंक नीचे 24052 पर खुला।

सुबह के कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 152 अंकों की गिरावट के साथ 77,117 के आसपास ट्रेड करता दिखा। वहीं NSE Nifty50 भी करीब 52 अंक फिसलकर 24,067 के स्तर पर पहुंच गया। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

अगर व्यापक बाजार की बात करें तो यहां मिला-जुला रुख देखने को मिला। Nifty Midcap 100 में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nifty Smallcap 100 मामूली बढ़त के साथ ट्रेड करता नजर आया। इसका मतलब है कि छोटे शेयरों में कुछ खरीदारी जरूर बनी हुई है, लेकिन मिडकैप शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में रहे। Auto, Bank, Financial Services, Metal, Pharma, PSU Bank, Realty, Consumer Durables और Oil & Gas सेक्टर में गिरावट देखने को मिली। इन सेक्टरों में बिकवाली के चलते बाजार का मूड कमजोर बना रहा।

वहीं दूसरी ओर कुछ सेक्टरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। FMCG, IT और Media सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

Wheat: बेमौसम बारिश से गेहूं का उत्पादन नियत लक्ष्य से कम होने का अनुमान

मुम्बई। Wheat Production: इस वर्ष गेहूं के घरेलू उत्पादन के परिदृश्य में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। पहले बिजाई क्षेत्र में 6 लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी होने तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से गेहूं का उत्पादन तेजी से उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन मार्च-अप्रैल की आंधी-वर्षा एवं ओलावृष्टि से उत्पादन का समीकरण बदल गया है।

इसे देखते हुए अब गेहूं का घरेलू उत्पादन या तो पिछले सीजन के लगभग बराबर या उससे कुछ कम होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कई क्षेत्रों में गेहूं की क्वालिटी भी प्रभावित हुई है और इसका दाना बदरंग तथा चमकहीन हो गया है।

कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं का प्रकोप अभी समाप्त नहीं हुआ है और खतरा बरकरार है। बेमौसमी वर्षा तथा आंधी-तूफान से फसल क्षतिग्रस्त हो रही है। मंडियों (क्रय केन्द्रों) में रखा गेहूं भी बर्बाद हो सकता है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में फसल के लिए जोखिम बरकरार है।

आगामी महीनों में अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में वर्षा की कमी महसूस हो सकती है और किसानों को उर्वरकों के अभाव का सामना करना पड़ सकता है।

खरीफ उत्पादन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। यदि अल नीनो का प्रभाव सितम्बर के बाद भी जारी रहा तो अगले रबी सीजन में गेहूं की बिजाई प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल सरकार के पास चावल और गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है इसलिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं है। सरकार ने 50 लाख टन गेहूं एवं 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी है।

मंडियों में गेहूं की अच्छी आवक हो रही है और कीमतों में भी सीमित उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिरता बनी हुई है। कमजोर क्वालिटी के गेहूं की आपूर्ति सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से की जानी है जबकि सामान्य औसत क्वालिटी वाले अनाज का भंडारण अधिक समय तक हो सकेगा। निर्यातक भी इसी क्वालिटी के गेहूं का निर्यात कर सकेंगे।

भारत का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.12 प्रतिशत बढ़ा, जानिए कितना हुआ

नई दिल्ली। Direct Tax Collection: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह यानी नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में स्थिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.12 प्रतिशत बढ़कर 23,40,406 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, इस वित्त वर्ष में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह यानी ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 28,11,936 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 27,03,107 करोड़ रुपए के मुकाबले 4.03 प्रतिशत ज्यादा है।

यह बढ़ोतरी कॉरपोरेट और नॉन-कॉरपोरेट टैक्स सेगमेंट दोनों से आए बेहतर कलेक्शन के कारण संभव हुई है, जो अर्थव्यवस्था में स्थिर गतिविधियों और बेहतर टैक्स अनुपालन को दर्शाता है। कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई, जो बढ़कर 13,81,606 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 12,72,542 करोड़ रुपए था। नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन, जिसमें व्यक्तिगत करदाता, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), फर्म और अन्य संस्थाएं शामिल हैं, 13,72,474 करोड़ रुपए रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 13,73,905 करोड़ रुपए के मुकाबले थोड़ा कम है।

इस दौरान सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से कलेक्शन बढ़कर 57,522 करोड़ रुपए हो गया। वित्त वर्ष के दौरान जारी किए गए टैक्स रिफंड में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई, जो 1.09 प्रतिशत घटकर 4,71,531 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले साल यह 4,76,732 करोड़ रुपए था। रिफंड में कमी आने से नेट टैक्स कलेक्शन की ग्रोथ को बढ़ावा मिला है, क्योंकि कुल कलेक्शन का बड़ा हिस्सा सरकार के पास बना रहा। यह आंकड़े एक संतुलित टैक्स संरचना की ओर इशारा करते हैं, जहां कॉरपोरेट और व्यक्तिगत करदाता दोनों ही राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, नेट टैक्स कलेक्शन में यह स्थिर बढ़ोतरी बेहतर टैक्स संग्रह क्षमता और कुशल प्रशासन को दर्शाती है, खासकर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच। हालांकि, नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में हल्की गिरावट व्यक्तिगत आय में उतार-चढ़ाव या टैक्स प्लानिंग के रुझानों को दर्शा सकती है, जबकि कॉरपोरेट टैक्स में बढ़ोतरी विभिन्न क्षेत्रों में स्थिर मुनाफे की ओर संकेत करती है। इस बीच, आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आंकड़े जारी करते हुए कहा कि ’31 मार्च 2026 तक वित्त वर्ष 2025-26 के ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन, रिफंड और नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं।’

बंगाल-असम और पुडुचेरी में जीती भाजपा, भवानीपुर में शुभेंदु ने ममता को हराया

नई दिल्ली। Election Result 2026: भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया और इतिहास रच दिया। बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है।

हालांकि, फाल्टा में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई। इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी।

निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने 206 सीटें जीत लीं हैं। तृणमूल कांग्रेस ने 80 सीट पर जीत दर्ज की है और 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। वर्ष 2011 में लगभग चार प्रतिशत के मामूली वोट शेयर से भाजपा 2019 में लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई और फिर 2021 के विधानसभा चुनावों में 77 सीटें हासिल करके वामपंथी और कांग्रेस को पछाड़ते हुए टीएमसी के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के साथ ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और उनके कई मंत्री चुनाव हार गए। ममता बनर्जी अपने गृह क्षेत्र भवानीपुर में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 15,105 मतों से हार गईं।

हालांकि, तृणमूल के वरिष्ठ मंत्री शोवनदेब चट्टोपाध्याय, फिरहाद हकीम और जावेद खान चुनाव जीत गए। खान ने दक्षिण कोलकाता के कस्बा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चौथी बार जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के संदीप मुखर्जी को 20,974 मतों से हराया।

दक्षिण कोलकाता के प्रतिष्ठित बॉलीगंज निर्वाचन क्षेत्र में शोवनदेब चट्टोपाध्याय ने भाजपा के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सतरूप को 61,476 मतों से हराया। कोलकाता के महापौर और निवर्तमान ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री रहे फिरहाद हकीम ने कोलकाता पोर्ट सीट पर भाजपा के राकेश सिंह को 56,000 से अधिक मतों से हराया। बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी हकीम ने लगातार चौथी बार यह सीट जीती है। तृणमूल सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की पत्नी नयना बंदोपाध्याय ने चौरंगी सीट पर भाजपा प्रत्याशी संतोष पाठक को 22,002 मतों से हराया।

तृणमूल के मंत्री उदय गुहा दिन्हाटा सीट पर भाजपा के अजय राय से 17,000 से अधिक मतों से हार गए। महिला एवं बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा को श्यामपुकुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 14,633 मतों से हरा दिया। तृणमूल के आसनसोल उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार और मंत्री मलय घटक भाजपा के कृष्णेंदु मुखर्जी से 11,615 मतों से हार गए। मलय ने तीन बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी।

तमिलनाडु में अभिनय जगत से राजनीति में आए जोसेफ विजय चंद्रशेखर की पार्टी टीवीके भारी उलट फेर करते हुए सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। वहां किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) के एक दशक के शासन को समाप्त करते हुए दो तिहाई बहुमत हासिल किया है। असम में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए भाजपा नीत गठबंधन की सत्ता को लगातार तीसरी बार बरकरार रखा है। वहीं, पुडुचेरी सत्तारूढ एनडीए गठबंघन को 30 में से 18 सीटों पर सफलता मिली है।

अप्रैल 2026 में खाद्य तेलों का आयात 10.4 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख टन के पार

मुम्बई। Edible Oil Import: अप्रैल 2026 में खाद्य तेलों का आयात 10.4 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख टन के पार पहुंच गया। इसमें सबसे ज्यादा योगदान सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का रहा।

निर्यातक देशों में ऊंचे भाव एवं घरेलू प्रभाग में कमजोर मांग के कारण भारत में अप्रैल 2026 के दौरान पाम तेल का आयात घटकर पिछले एक साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया। उद्योग-व्यापार क्षेत्र के समीक्षकों के अनुसार कुछ विशेष कारणों से भारत में संस्थागत खरीदारों की मांग कमजोर रही जबकि निर्यातक देशों में भाव तेज होने से सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल के सापेक्ष पाम तेल का मूल्यान्तर काफी घट गया।

उद्योग-व्यापार विश्लेषकों के अनुसार अप्रैल 2026 में देश के अंदर पाम तेल का आयात घटकर 5.05 लाख टन पर अटक गया जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे कम है। मार्च 2026 में 6,89,462 टन पाम तेल का आयात हुआ था। वार्षिक आधार पर पाम तेल के आयात में 27 प्रतिशत की भारी गिरावट आई।

दूसरी ओर मार्च की तुलना में अप्रैल के दौरान सोयाबीन तेल का आयात 24 प्रतिशत बढ़कर 3.55 लाख टन पर पहुंचा जो गत चार माह का सबसे ऊंचा स्तर रहा। इसी तरह सूरजमुखी तेल का आयात मासिक स्तर पर दोगुने से ज्यादा उछलकर 4.35 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले 22 महीनों में सबसे ऊंचा स्तर रहा। रूस, यूक्रेन एवं अर्जेन्टीना से इसे मंगाया गया।

विश्लेषकों के मुताबिक मार्च के मुकाबले अप्रैल 2026 में खाद्य तेलों का कुल आयात 10.4 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है जो जनवरी 2026 के बाद सबसे बड़ा आयात है। इसमें सूरजमुखी तेल एवं सोयाबीन तेल का विशेष योगदान है।

उल्लेखनीय है कि उपरोक्त अनुमान उद्योग- व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों / समीक्षकों का है जबकि मध्य मई में उद्योग संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) की मासिक रिपोर्ट सामने आएगी जिसमें अप्रैल 2026 के दौरान खाद्य तेलों के सम्पूर्ण आयात का विस्तृत विवरण दिया जाएगा और तब आयात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।

भारत की सर्वांगीण उन्नति के लिए स्वयंसेवक संघ अनेक क्षेत्रों में सक्रिय: निंबाराम

कोटा। भारत के स्वाधीनता के आंदोलन में संघ संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार का सक्रिय योगदान था। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने विद्या भारतीय राजस्थान द्वारा आयोजित प्रधानाचार्य वर्ग स्वामी विवेकानंद उच्च माध्यमिक विद्यालय, महावीर नगर तृतीय में मुख्य वक्ता के नाते रखे।

उन्होंने कहा कि 1920 भारत को पूर्ण स्वतंत्रता एवं वैश्विक पूंजीवाद से मुक्ति का वैचारिक प्रस्ताव डॉक्टर हेडगेवार ने तत्कालीन अधिवेशन में रखते रहे जंगल सत्याग्रह में बहुत बड़ी भूमिका रही। संघ के नाम से आंदोलन व प्रदर्शन हाथ में नहीं लेने का निर्णय लिया था। किंतु स्वयंसेवकों को राष्ट्र जीवन के सभी कार्य को करने की स्वतंत्रता थी।

भारत की सर्वांगीण उन्नति के भाव से संघ के स्वयंसेवक राष्ट्र जीवन के अनेक क्षेत्रों में सक्रिय है। भारत को ही भारत माता के रूप में सब स्वीकार करें यह स्वामी विवेकानंद की विचार थे। उन्हीं के विचार को डॉक्टर हेडगेवार ने आगे बढ़ाया। संगठित समाज श्रेष्ठ नागरिक और भारत भक्ति भाव के निर्माण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अहर्निश लगा हुआ है।

प्रधानाचार्य महेश शर्मा ने बताया कि वर्ग में ( क्षेत्रीय उपाध्यक्ष) प्रोफेसर भरत राम कुम्हार, (क्षेत्र संगठन मंत्री) गोविंद कुमार, मनोहर शर्मा (अखिल भारतीय सह प्रशिक्षण संयोजक), मानेंग पटेल (प्रांत सचिव चित्तौड़), सतीश कुमार गौतम (कोटा जिला सचिव) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

संघ के शताब्दी वर्ष में समाज परिवर्तन में संघ की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए आगे के लिए उन्होंने सभी सज्जन शक्तियों मातृ शक्ति से आह्वान किया कि राष्ट्र निर्माण में हम सभी सहभागी बने। प्रारंभ में मां सरस्वती के समक्ष दीपक प्रज्वलन किया गया। कार्यक्रम का संचालन महेंद्र सिंह सिसोदिया ने किया तथा स्वागत नवीन कुमार झा (प्रांत निरीक्षक) ने किया।

Kota Mandi: मिलर्स की लिवाली से कोटा मंडी में सरसों 7000 रुपये के पार बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को मिलर्स की लिवाली निकलने से सरसों 7000 रुपये के पार बिकी। आवक की कमी से सोयाबीन और सरसों 100 रुपये उछल गई। लहसुन एवरेज 200 रुपये और चना 20 रुपये तेज बिका।

एनसीडीईएक्स पर वायदा मंदा रहने से धनिया 150 रुपए लुढ़क गया। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा दो लाख कट्टे और लहसुन की 16000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2470 से 2500, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2500 से 2550, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2670, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1850, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3601, धान (1509) 3400 से 3800, धान (1847) 3200 से 4001, धान (1718-1885) 4000 से 4400 धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5600 से 6400, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6000 से 6500, सरसों 6400 से 7101, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5250, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 13500, मैथी नयी 5800 से 6650, धनिया बादामी 11000 से 11200, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

आज से भयमुक्त हुआ बंगाल, डॉ. मुखर्जी की आत्मा को शांति मिली: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद सोमवार को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं। हमारा मंत्र है नागरिक देवो भवः। हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है।

जनता साफ देख रही है कि जहां भाजपा, वहां गुड गवर्नेंस। जहां भाजपा, वहां विकास। आप बीते दो साल के ट्रेंड को देखिए। हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनी। महाराष्ट्र में जबरदस्त जीत मिली। दिल्ली में अभूतपूर्व जीत मिली। बिहार में भी हमें बड़ी जीत हासिल हुई। यह जीत सिर्फ राज्यों में ही नहीं लोकल गवर्नेंस में भी दिख रही है।

मैं यह जीत बंगाल की जनता को समर्पित करता हूं’
प्रधानमंत्री ने आगे कहा- इस जीत के साथ-साथ वंदे मातरम के 150वें वर्ष में भारत माता को और उसी बंकिम जी को बंगाल के लोगों ने अपना सादर नमन प्रेषित किया है। श्री अरबिंदो को भी मतदाताओं ने ऐतिहासिक श्रद्धांजलि दी है। बंगाल में हमारे कितने भी कार्यकर्ताओं ने अपना जीवन इस जीत के लिए समर्पित किया है। भाजपा की कितनी महिला कार्यकर्ताओं को तमाम अत्याचार सहने पड़े। केरल में और बंगाल में भाजपा के हर कार्यकर्ता को कितनी मुसीबतें झेलनी पड़ीं। उन पर कितने जुल्म हुए हैं, कितने अत्याचार हुए हैं। मैं आज बंगाल में भाजपा की सफलता का श्रेय ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को और उनके परिवारों को देता हूं। मैं यह जीत बंगाल की जनता को समर्पित करता हूं।

आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा- गुजरात में इस बार भाजपा को स्थानीय चुनाव में सबसे बड़ा वोट शेयर मिला है। ये भाजपा की गुड गवर्नेंस का सबसे बड़ा उदाहरण है। आज भाजपा कार्यकर्ता के रूप में मेरे मन में एक और बात आ रही है। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को कितनी शांति मिली होगी। उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना कर के प्रत्येक कार्यकर्ता को संदेश दिया था कि देश के लिए जीना है और देश के लिए मरना है। उन्होंने अपने जीवन से साबित किया कि राष्ट्र सर्वोपरि का मंत्र लेकर चलने वाले अपना जीवन देने में एक पल का भी संकोच नहीं करते। डॉ. मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ी। उन्होंने जिस समृद्ध बंगाल का सपना देखा था, वह सपना कई दशकों से पूरा होने का इंतजार कर रहा था। आज 4 मई 2026 को बंगाल की जनता ने हम भाजपा कार्यकर्ताओं को अवसर दिया है। साथियों बंगाल के भाग्य में आज से एक नया अध्याय जुड़ गया है। आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है। विकास के भरोसे से युक्त हुआ है। बांग्लाए पोरिबोर्तन होए गए छे।

असम में भाजपा को अभूतपूर्व समर्थन मिला
इस दौरान असम की जीत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा- असम के टी-गार्डन वाले शहरों में भी भाजपा को अभूतपूर्व समर्थन मिला है। असम अब अपने विकास की रफ्तार और बढ़ाएगा। साल 2021 में हमने पुदुचेरी की जनता के सामने पुदुचेरी का विजन रखा था। पुदुचेरी की जनता ने हमें अपना आशीर्वाद दिया था। पुदुचेरी की जनता ने इस विजन को पूरा करने के लिए हम पर एक बार फिर अपना भरोसा कायम किया है। मैं पुदुचेरी के युवाओं, मछुआरों को भरोसा देना चाहता हूं कि एनडीए की सरकार आपके लिए काम करती रहेगी।

मां गंगा हमारे ऊपर अपनी कृपा बरसा रही हैं
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा- 2013 में जब भाजपा ने मुझे पीएम उम्मीदवार के रूप में भी काम दिया और जब मैं काशी में अपना नामांकन भरने गया और जब पत्रकारों ने मुझे भेजा तो मैंने कहा था कि ‘न मुझे किसी ने भेजा है, न मैं यहां आया हूं, मुझे यहां मां गंगा ने बुलाया है।’ आज मैं महसूस कर रहा हूं कि मां गंगा हमारे ऊपर अपनी कृपा बरसा रही हैं। गंगा के साथ ब्रह्मपुत्र का भी हम पर अहसान रहा है। असम की जनता ने लगातार तीसरी बार भाजपा-एनडीए पर भरोसा किया है। हैट्रिक- तीसरी बार।

गंगा से गंगासागर तक कमल ही कमल खिला
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा- पिछले साल 14 नवंबर को जब बिहार चुनाव के नतीजे आए थे, तब मैंने इसी जगह से, भाजपा मुख्यालय से आपसे कहा था कि गंगाजी बिहार से आगे बहते हुए गंगा सागर तक जाती हैं। आज बंगाल की जीत के साथ गंगोत्री से गंगासागर तक कमल ही कमल खिला हुआ है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल आज मां गंगा के इर्द-गिर्द बसे इन राज्यों में भाजपा-एनडीए सरकार है।

लोकतंत्र हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- जय-पराजय लोकतंत्र और चुनावी राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा होता है, लेकिन पांच राज्यों की जनता ने पूरे विश्व को दिखाया है कि ये हमारा भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों है। लोकतंत्र हमारे लिए सिर्फ एक तंत्र नहीं है। ये हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है। आज सिर्फ भारत का लोकतंत्र नहीं जीता है, आज भारत का संविधान भी जीता है। हमारी सांविधानिक संस्थाएं जीती हैं। हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं। बंगाल में करीब 93 फीसदी मतदान होना, अपने आप में ऐतिहासिक रहा है। भारत के लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने में आप सबका योगदान इतिहास हमेशा याद रखेगा।

बिजनेस सर्कल मेगा बिजनेस कॉन्क्लेव 17 मई को कोटा में होगा

कोटा। शहर में व्यापारिक नेटवर्किंग को नई दिशा देने के उद्देश्य से दी एसएसआई एसोसिएशन कोटा द्वारा आयोजित किए जा रहे बिजनेस सर्कल मेगा बिजनेस कॉन्क्लेव” के पोस्टर का भव्य विमोचन आज एसएसआई भवन, कोटा में किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष दीपक मेहता, जीतो चेयरमैन पंकज सेठी, आरएमबी चेयरमैन अक्षय गुप्ता, जेकॉम चेयरमैन पियूष विजय सहित सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रोजेक्ट चेयरमैन कौशल बंसल ने कॉन्क्लेव की विशेषताओं एवं इसके व्यापक स्तर की जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन शहर के 200 से अधिक गंभीर व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर उन्हें नए अवसर, सहयोग एवं व्यापार विस्तार के लिए प्रेरित करेगा।

वहीं प्रोजेक्ट वाइस चेयरमैन विभोर लोढ़ा ने कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कॉन्क्लेव में संरचित नेटवर्किंग के माध्यम से प्रतिभागियों को एक-दूसरे से प्रभावी तरीके से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से कोटा ही नहीं, बल्कि बूंदी, बारां एवं झालावाड़ सहित आसपास के शहरों के उद्यमियों को भी नेटवर्किंग की इस नई अवधारणा को समझने और अपनाने का अवसर मिलेगा।

एसएसआई एसोसिएशन के सचिव समीर सूद ने बताया कि इस आयोजन में एसएसआई एसोसिएशन कोटा मुख्य आयोजक की भूमिका निभा रहा है। जबकि जीतो, आरएमबी एवं जेसीओएम सहयोगी संस्थाओं के रूप में इसमें सहभागिता कर रहे हैं।

कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने जानकारी दी कि यह मेगा बिजनेस कॉन्क्लेव 17 मई को आयोजित किया जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में उद्यमियों के शामिल होने की संभावना है।

हाड़ौती को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के प्रयास होंगे

पर्यटन सचिव ने होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल को दिलाया भरोसा

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष हुसैन खान एवं कोटा डिवीजन अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान पर्यटन विभाग की सचिव सूची त्यागी से मुलाकात कर हाड़ौती क्षेत्र के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार- प्रसार की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि देश-विदेश में आयोजित ट्रैवल मार्ट्स एवं राजस्थान के प्रमोशनल पंडालों में हाड़ौती के प्रमुख पर्यटन स्थलों को शामिल किया जाए, ताकि इस क्षेत्र को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

इस अवसर पर पर्यटन सचिव सूची त्यागी ने बताया कि “पधारो म्हारे देश” योजना के अंतर्गत उन संभागों पर विशेष फोकस किया जाएगा, जहां पर्यटन का पर्याप्त प्रचार नहीं हो पाया है। इसके तहत राजस्थान की झीलों, किलों और महलों सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का 25 देशों में व्यापक प्रचार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस बार प्रचार-प्रसार केवल पारंपरिक माध्यमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल एवं हाई-विजिबिलिटी प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता दी जाएगी। देश के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, बेंगलुरु, कोलकाता एवं हैदराबाद की मेट्रो ट्रेनों एवं लंबी दूरी की ट्रेनों को राजस्थान थीम में सजाया जाएगा।

साथ ही सोशल मीडिया, गूगल सर्च, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (जियो हॉटस्टार, अमेजन प्राइम, सोनी लिव) तथा अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल मैगजीन जैसे कोंडे नास्ट ट्रैवलर, ट्रैवल लीजर और आउटलुक ट्रैवलर में भी व्यापक प्रचार किया जाएगा।

शोक माहेश्वरी ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र में गडरिया महादेव, चंबल रिवर फ्रंट, गागरोन का किला, रामगढ़ केटर्स जैसे अनेक ऐतिहासिक, धार्मिक एवं आधुनिक पर्यटन स्थल मौजूद हैं। लेकिन प्रचार के अभाव में ये अभी तक वैश्विक पहचान नहीं बना सके हैं। इन स्थलों को भी राज्य की प्रचार योजनाओं में शामिल किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने आगे बताया कि जनवरी 2026 में आयोजित कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट की सफलता के बाद क्षेत्र में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस क्रम को जारी रखने के लिए 7 से 10 जनवरी 2027 तक कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट-2 के आयोजन की विस्तृत कार्ययोजना भी पर्यटन विभाग को प्रस्तुत की गई।

पर्यटन सचिव ने आश्वासन दिया कि राज्य के पर्यटन विकास में किसी भी क्षेत्र की अनदेखी नहीं की जाएगी। हाड़ौती को भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।