पर्यटन सचिव ने होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल को दिलाया भरोसा
कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष हुसैन खान एवं कोटा डिवीजन अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान पर्यटन विभाग की सचिव सूची त्यागी से मुलाकात कर हाड़ौती क्षेत्र के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार- प्रसार की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि देश-विदेश में आयोजित ट्रैवल मार्ट्स एवं राजस्थान के प्रमोशनल पंडालों में हाड़ौती के प्रमुख पर्यटन स्थलों को शामिल किया जाए, ताकि इस क्षेत्र को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
इस अवसर पर पर्यटन सचिव सूची त्यागी ने बताया कि “पधारो म्हारे देश” योजना के अंतर्गत उन संभागों पर विशेष फोकस किया जाएगा, जहां पर्यटन का पर्याप्त प्रचार नहीं हो पाया है। इसके तहत राजस्थान की झीलों, किलों और महलों सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का 25 देशों में व्यापक प्रचार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस बार प्रचार-प्रसार केवल पारंपरिक माध्यमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल एवं हाई-विजिबिलिटी प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता दी जाएगी। देश के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, बेंगलुरु, कोलकाता एवं हैदराबाद की मेट्रो ट्रेनों एवं लंबी दूरी की ट्रेनों को राजस्थान थीम में सजाया जाएगा।
साथ ही सोशल मीडिया, गूगल सर्च, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (जियो हॉटस्टार, अमेजन प्राइम, सोनी लिव) तथा अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल मैगजीन जैसे कोंडे नास्ट ट्रैवलर, ट्रैवल लीजर और आउटलुक ट्रैवलर में भी व्यापक प्रचार किया जाएगा।
शोक माहेश्वरी ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र में गडरिया महादेव, चंबल रिवर फ्रंट, गागरोन का किला, रामगढ़ केटर्स जैसे अनेक ऐतिहासिक, धार्मिक एवं आधुनिक पर्यटन स्थल मौजूद हैं। लेकिन प्रचार के अभाव में ये अभी तक वैश्विक पहचान नहीं बना सके हैं। इन स्थलों को भी राज्य की प्रचार योजनाओं में शामिल किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने आगे बताया कि जनवरी 2026 में आयोजित कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट की सफलता के बाद क्षेत्र में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस क्रम को जारी रखने के लिए 7 से 10 जनवरी 2027 तक कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट-2 के आयोजन की विस्तृत कार्ययोजना भी पर्यटन विभाग को प्रस्तुत की गई।
पर्यटन सचिव ने आश्वासन दिया कि राज्य के पर्यटन विकास में किसी भी क्षेत्र की अनदेखी नहीं की जाएगी। हाड़ौती को भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

