अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 0.25 फीसदी बढ़ाईं ब्याज दरें, जानिए क्या होगा असर

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वाशिंगटन। US Fed Rate: अमेरिका में महंगाई कम नहीं होने के कारण फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बुधवार को ब्याज दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की। इसके बाद ब्याज दर 3.75 से 4 फीसदी के दायरे में पहुंच गई है। फेड ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में ब्याज दरें फिर बढ़ सकती हैं।

केविन वार्श के फेड चेयरमैन बनने के बाद ब्याज दरों में यह पहली बढ़ोतरी है। उन्होंने मई के आखिर में पद संभाला था। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने उन्हें फेड चेयरमैन चुना था। ट्रंप लंबे समय से अमेरिका में ब्याज दरें कम करने की बात करते रहे हैं। लेकिन महंगाई ज्यादा होने के कारण फेड ने ब्याज दर घटाने के बजाय बढ़ाने का फैसला किया है।

फेड के नए अनुमान बताते हैं कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी यहीं नहीं रुक सकती। फेड के 18 में से 16 अधिकारियों का मानना है कि इस साल के आखिर तक ब्याज दर कम से कम एक बार और 0.25 फीसदी बढ़ सकती है। केवल दो अधिकारियों का मानना है कि अब ब्याज दरों में बदलाव नहीं होगा।

फेड के अनुमान के मुताबिक इस साल के आखिर तक ब्याज दर 4 से 4.25 फीसदी के दायरे में पहुंच सकती है। 2027 के आखिर में भी ब्याज दर इसी स्तर के आसपास रह सकती है। फेड का कहना है कि ब्याज दर बढ़ाने से महंगाई को 2 फीसदी के लक्ष्य तक लाने में मदद मिलेगी।

महंगाई अभी भी बड़ी चिंता
अमेरिका में महंगाई अभी भी ज्यादा बनी हुई है। फेड का अनुमान है कि 2026 में महंगाई 3.7 फीसदी रह सकती है। जून में इसके 3.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था। फेड को अब उम्मीद है कि महंगाई 2029 में जाकर 2 फीसदी के लक्ष्य तक आ सकती है। पहले इसके 2028 तक इस स्तर पर आने की उम्मीद थी। अमेरिका में महंगाई बढ़ने के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। इनमें ट्रंप सरकार के लगाए आयात शुल्क, पश्चिम एशिया में लड़ाई के कारण महंगा हुआ तेल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े कारोबार में हो रहा भारी निवेश शामिल है।

अर्थव्यवस्था को लेकर अनुमान बेहतर
फेड ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वृद्धि का अनुमान थोड़ा बढ़ाया है। अब 2026 में अर्थव्यवस्था के 2.3 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है। जून में 2.2 फीसदी की वृद्धि का अनुमान था। वहीं इस साल के आखिर तक बेरोजगारी दर 4.1 फीसदी रहने का अनुमान है। जून में इसके 4.3 फीसदी रहने की उम्मीद थी।