मुंबई। Tata Sons Listing: टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की दिशा में बड़ा फैसला हुआ है। कंपनी के बोर्ड ने लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही एन चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए टाटा संस का चेयरमैन बनाए रखने पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी है।
गुरुवार को हुई टाटा संस की बोर्ड बैठक करीब तीन घंटे तक चली। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब कंपनी की लिस्टिंग और चेयरमैन पद को लेकर टाटा समूह के भीतर अलग-अलग राय सामने आ रही थीं। एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना है।
नोएल टाटा की राय को नहीं मिला बहुमत
सूत्रों के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा इन दोनों मुद्दों पर बोर्ड के बाकी सदस्यों से अलग राय रखते थे। नोएल टाटा टाटा संस को निजी कंपनी बनाए रखने के पक्ष में रहे हैं। वह चंद्रशेखरन के एक और पांच साल के कार्यकाल को लेकर भी सहमत नहीं थे। हालांकि, बोर्ड के दूसरे सदस्यों का समर्थन दूसरी तरफ होने से उनकी राय बहुमत में नहीं रही।
लिस्टिंग का मुद्दा क्यों अहम?
टाटा संस की लिस्टिंग का मामला लंबे समय से चर्चा में है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के फैसले के बाद कंपनी पर शेयर बाजार में लिस्ट होने का दबाव बढ़ा है। RBI ने टाटा संस की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के तौर पर रजिस्ट्रेशन खत्म करने की मांग स्वीकार नहीं की थी। इसके बाद लिस्टिंग का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया।
टाटा संस की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह टाटा समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी है। टाटा समूह की कई बड़ी कंपनियों में इसकी हिस्सेदारी है। ऐसे में अगर टाटा संस शेयर बाजार में आती है तो यह भारतीय बाजार की बड़ी लिस्टिंग में शामिल हो सकती है।
चंद्रशेखरन को पांच साल और कमान
बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को पांच साल का नया कार्यकाल देने को भी मंजूरी दी है। उनका मौजूदा पांच साल का कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होना है। इससे पहले चंद्रशेखरन ने अगला कार्यकाल नहीं लेने की बात कही थी, लेकिन कंपनी की नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमेटी ने उनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा था। अब बोर्ड के फैसले के बाद टाटा संस की लिस्टिंग की तैयारी और चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल से जुड़े आगे के कदमों पर नजर रहेगी।

