नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए जुलाई का महीना अच्छी खबर लेकर आया है। जुलाई में वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने ग्रॉस यानी सकल GST कलेक्शन सालाना आधार पर 15.4 फीसदी बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वहीं, रिफंड का पैसा लौटाने के बाद नेट GST कलेक्शन भी 15.8 फीसदी की बढ़त के साथ 1.81 लाख करोड़ रुपये रहा। अगर पिछले साल जुलाई से तुलना करें, तो तब सकल GST कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपये और नेट GST कलेक्शन 1.57 लाख करोड़ रुपये था।
दरअसल, जुलाई के GST आंकड़े जून महीने में हुए आर्थिक लेन-देन और कारोबारी गतिविधियों की स्थिति को दर्शाते हैं। अगर जून महीने के मुकाबले तुलना करें, तो जुलाई में GST कलेक्शन ने और तेज रफ्तार पकड़ी है।
जून में ग्रॉस GST कलेक्शन 1.95 लाख करोड़ रुपये था, जो जुलाई में 8.4 फीसदी बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, नेट GST कलेक्शन भी जून के 1.62 लाख करोड़ रुपये से 11.6 फीसदी की बढ़त के साथ 1.81 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
जुलाई में GST कलेक्शन को सबसे ज्यादा सहारा विदेश से आने वाले सामान यानी इम्पोर्ट से मिला। घरेलू कारोबार के मुकाबले आयात से मिलने वाले GST में कहीं ज्यादा तेज बढ़ोतरी देखने को मिली।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ग्रॉस डोमेस्टिक GST कलेक्शन सालाना आधार पर 10.1 फीसदी बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, इम्पोर्ट से मिलने वाला ग्रॉस GST कलेक्शन 28.8 फीसदी की बढ़त के साथ 66,511 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
अगर रिफंड के बाद के आंकड़ों पर नजर डालें, तो नेट डोमेस्टिक GST कलेक्शन 10.5 फीसदी बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। दूसरी ओर, कस्टम्स यानी इम्पोर्ट से मिलने वाला नेट GST कलेक्शन 30.3 फीसदी बढ़कर 54,223 करोड़ रुपये रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि विदेशी सामान के आयात और उससे मिलने वाले टैक्स में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।
GST रिफंड में भी इस बार इजाफा देखने को मिला। जुलाई के दौरान कुल GST रिफंड सालाना आधार पर 13.1 फीसदी बढ़कर 29,968 करोड़ रुपये हो गया। इसमें घरेलू रिफंड 7.3 फीसदी बढ़कर 17,680 करोड़ रुपये रहा, जबकि इम्पोर्ट पर चुकाए गए टैक्स का रिफंड 22.7 फीसदी बढ़कर 12,288 करोड़ रुपये पहुंच गया।
वहीं, चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों यानी अप्रैल से जुलाई की बात करें, तो इस दौरान ग्रॉस GST कलेक्शन 10.1 फीसदी बढ़कर 8.43 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में नेट GST कलेक्शन भी 9.2 फीसदी की बढ़त के साथ 7.21 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
टैक्स और अर्थव्यवस्था के जानकारों का मानना है कि घरेलू मांग में लगातार मजबूती, बढ़ते आयात और टैक्स नियमों के बेहतर पालन की वजह से जुलाई में GST कलेक्शन के इतने अच्छे आंकड़े सामने आए हैं।

